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DA हाइक अपडेट: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4% इजाफा, मिलेगी आर्थिक राहत

नई दिल्ली  बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने आखिरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दे दी है। सरकार ने महंगाई भत्ता यानी DA और महंगाई राहत यानी DR में 4% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले से करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा मिलेगा। ऐसे समय में जब रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने यह फैसला उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI-IW के ताजा आंकड़ों के आधार पर लिया है। महंगाई के कारण कर्मचारियों की जेब पर जो असर पड़ रहा था, उसे संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। आसान शब्दों में कहें तो यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करेगी। DA और DR का महत्व: आपकी सैलरी पर सीधा असर महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के बेसिक वेतन का एक तय प्रतिशत होता है। वहीं पेंशनभोगियों को इसी तरह की सहायता महंगाई राहत (DR) के रूप में दी जाती है। जब महंगाई बढ़ती है तो सरकार समय-समय पर DA और DR में संशोधन करती है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय का वास्तविक मूल्य बना रहे। मान लीजिए किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 30,000 रुपये है। अगर पहले 50% DA मिल रहा था, तो उसे 15,000 रुपये महंगाई भत्ता मिलता था। अब 4% की बढ़ोतरी के बाद DA 54% हो जाएगा, यानी 16,200 रुपये। इस तरह हर महीने 1,200 रुपये की अतिरिक्त रकम सीधे सैलरी में जुड़ जाएगी। हालांकि यह सिर्फ एक उदाहरण है। असल बढ़ोतरी आपके पे-मैट्रिक्स और बेसिक पे पर निर्भर करेगी। एरियर और भुगतान की तारीख सरकार ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी पिछली तारीख से लागू मानी जाएगी, जो आमतौर पर 1 जनवरी से प्रभावी होती है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया यानी एरियर भी मिलेगा। यह एरियर एकमुश्त उनके बैंक खाते में जमा किया जाएगा। त्योहारों या घरेलू खर्चों के समय यह अतिरिक्त राशि काफी काम आएगी। पेंशनभोगियों को भी एरियर का लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें मेडिकल खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत होगी। आमतौर पर बढ़ोतरी की घोषणा के बाद 1-2 महीनों के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। अर्थव्यवस्था और समाज पर असर DA में बढ़ोतरी का असर सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे बाजार पर पड़ता है। जब लाखों लोगों की आय बढ़ती है, तो उनकी खर्च करने की क्षमता भी बढ़ती है। इससे बाजार में मांग बढ़ती है और स्थानीय व्यापार को फायदा होता है। पेंशनभोगियों के लिए यह बढ़ोतरी खास मायने रखती है। कई बुजुर्ग पूरी तरह पेंशन पर निर्भर होते हैं। दवाइयों, इलाज और रोजमर्रा के खर्चों के बीच यह अतिरिक्त रकम उन्हें आर्थिक सहारा देती है। इसी वजह से DA और DR में संशोधन को सामाजिक सुरक्षा का अहम हिस्सा माना जाता है। क्या आगे और बढ़ सकता है DA? कर्मचारी संगठनों की मांग है कि भविष्य में DA को और बढ़ाया जाए और 8वें वेतन आयोग के गठन पर भी जल्द फैसला लिया जाए। हालांकि फिलहाल 4% की बढ़ोतरी को तात्कालिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। महंगाई के आंकड़ों के आधार पर साल में दो बार DA की समीक्षा की जाती है, इसलिए आगे भी बदलाव संभव है। सरकार का कहना है कि वह आर्थिक संतुलन बनाए रखते हुए कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेगी। फिलहाल यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है और इससे उनकी मासिक आय में साफ फर्क दिखाई देगा। कुल मिलाकर 4% DA बढ़ोतरी का फैसला केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह अतिरिक्त रकम घर के बजट को संभालने में मदद करेगी। एरियर के साथ मिलने वाली राशि त्योहारों और जरूरी खर्चों में सहारा बनेगी। आने वाले समय में अगर महंगाई के आंकड़े इसी तरह बढ़ते रहे, तो DA में और संशोधन की संभावना भी बनी रहेगी। फिलहाल यह घोषणा लाखों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए काफी है।

टी20 वर्ल्ड कप: वरुण चक्रवर्ती के पास नंबर वन बनने का मौका, इंग्लैंड के आदिल रशीद भी रेस में

मुंबई भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार को शाम 7 बजे से खेला जाना है। भारतीय टीम के रहस्यमयी लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के लिए यह मैच खास हो सकता है। वरुण चक्रवर्ती अगर इंग्लैंड के खिलाफ अपनी प्रतिष्ठा के अनरुप प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं, तो इस विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन सकते हैं। वरुण विश्व कप के 7 मैचों में 12 विकेट ले चुके हैं। अगर वरुण सेमीफाइनल में 2 विकेट लेने में कामयाब रहते हैं तो उनके 14 विकेट हो जाएंगे और वह इस विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे। वरुण का सुपर-8 में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। सुपर-8 के तीन मैचों में वह 3 विकेट ही ले सके हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। वह इस टीम के खिलाफ 5 मैचों में 14 विकेट ले चुके हैं, जिसमें एक फाइफर भी शामिल है। इस आंकड़े को देखते हुए भारतीय टीम वरुण से इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। इस विश्व कप में शीर्ष गेंदबाज बनने का मौका इंग्लैंड के स्पिनर आदिल रशीद के पास भी है। रशीद ने 7 मैचों में 11 विकेट लिए हैं। भारत के खिलाफ रशीद ने 18 मैचों में 14 विकेट लिए हैं। टी20 विश्व कप 2026 में पहले सेमीफाइनल के बाद शीर्ष 5 गेंदबाजों की सूची पर गौर करें तो पहले स्थान पर अमेरिका के एससी वैन शाल्कविक हैं। उनके 4 मैचों में 13 विकेट हैं। दूसरे स्थान पर जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी हैं। मुजरबानी ने 6 मैचों में 13 विकेट लिए थे। तीसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के लुंगी एंगिडी हैं। एंगिडी ने 7 मैचों में 12 विकेट लिए थे। ये तीनों टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। इसलिए इन गेंदबाजों के विकेटों की संख्या नहीं बढ़ेगी। चौथे स्थान पर भारत के वरुण हैं। वरुण के 7 मैचों में 12 विकेट हैं। न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र 8 मैचों में 11 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर हैं। आदिल रशीद भी संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर हैं।  

दुनियाभर में TVS का दबदबा, टू-व्हीलर मार्केट में यामाहा को पछाड़ा और बनाई तीसरी पोजीशन

मुंबई  भारतीय कंपनियों की वैश्विक रफ्तार भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां अब सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में TVS Motor Company ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिक्री के आंकड़ों के आधार पर कंपनी ने जापान की दिग्गज Yamaha Motor Company को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। सेल्स के आंकड़ों में TVS की बड़ी छलांग साल 2025 में TVS मोटर ने कुल 54.6 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जबकि यामाहा की वैश्विक बिक्री करीब 50 लाख यूनिट्स पर सिमट गई। TVS के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2024 के मुकाबले कंपनी की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं यामाहा की ग्रोथ इस अवधि में बेहद सीमित रही, जिससे रैंकिंग में बड़ा बदलाव हुआ। हीरो और होंडा के बीच TVS की मजबूत मौजूदगी TVS मोटर अब Hero MotoCorp के बाद टॉप-3 में जगह बनाने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गई है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर सबसे आगे अब भी Honda Motor Company बनी हुई है, जिसने 2025 में 1.64 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की। इस तुलना से साफ है कि होंडा की पकड़ इतनी मजबूत है कि उसे चुनौती देने के लिए बाकी कंपनियों को सामूहिक रूप से भी कड़ी मेहनत करनी होगी। EV सेगमेंट से मिली रफ्तार TVS की तेजी के पीछे उसका व्यापक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में मजबूत पकड़ अहम कारण रही है। कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर ने बाजार में भरोसा बनाया है, वहीं पारंपरिक सेगमेंट में भी इसके मोटरसाइकिल मॉडल लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खास तौर पर अपाचे सीरीज ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बिक्री को मजबूती दी है। स्कूटर सेगमेंट में भी TVS की मौजूदगी लगातार मजबूत होती जा रही है। एक्सपोर्ट मार्केट में बढ़ता प्रभाव TVS मोटर का निर्यात कारोबार भी तेजी से बढ़ा है। अफ्रीकी बाजारों में कंपनी पहले से ही मजबूत स्थिति में है और अब उसका फोकस लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों पर भी बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में अब तक Bajaj Auto की मजबूत पकड़ रही है, लेकिन TVS अपनी स्पोर्ट्स बाइक रेंज के दम पर वहां विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। TVS और यामाहा के लिए आगे की चुनौती आने वाले समय में यामाहा के लिए तीसरा स्थान वापस पाना आसान नहीं होगा। इसके लिए उसे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे हाई-वॉल्यूम बाजारों में बिक्री बढ़ानी होगी, साथ ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भी मजबूत उपस्थिति बनानी होगी। दूसरी ओर, TVS की रणनीति घरेलू बाजार को और मजबूत करने के साथ-साथ निर्यात बढ़ाकर अपनी तीसरी पोजिशन को सुरक्षित रखने की है। TVS मोटर की यह उपलब्धि भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ा संकेत है कि देसी कंपनियां अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ी हैं। बढ़ती बिक्री, मजबूत EV रणनीति और एक्सपोर्ट पर फोकस ने TVS को दुनिया के टॉप टू-व्हीलर निर्माताओं की कतार में मजबूती से ला खड़ा किया है।

उज्जैन की प्रियांशी ने वर्ल्ड रैंकिंग रेसलिंग टूर्नामेंट में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन की बेटी प्रियांशी प्रजापत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग रेसलिंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। प्रियांशी की इस उपलब्धि से देश के साथ उज्जैन भी गौरवान्वित हुआ है।  जानकारी के अनुसार प्रियांशी को 26 तारीख को यह पदक मिला था। खिलाड़ियों की भारत वापसी 1 तारीख को तय थी, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण फ्लाइट रद्द हो गई, जिससे टीम की वापसी में परेशानी आ गई थी। प्रियांशी के पिता मुकेश प्रजापत ने बताया कि जैसे ही यह जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंची, उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास शुरू किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं परिवार से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार से समन्वय कर खिलाड़ियों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराई। मुकेश प्रजापत के अनुसार उनकी बेटी अब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुकी है और जल्द ही उज्जैन आएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री भी दिल्ली में पूरी टीम से मुलाकात करेंगे। प्रियांशी के पिता ने बताया कि यह उनका पहला सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट था। इसमें उन्होंने ओलंपियन पहलवानों को कड़ी टक्कर देते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और रजत पदक अपने नाम किया। इससे पहले भी प्रियांशी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने वियतनाम में आयोजित अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था।       अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज़ में शामिल सभी भारतीय खिलाड़ी सुरक्षित वापस आ रहे हैं। मध्यप्रदेश की बेटी प्रियांशी प्रजापत भी आज सुरक्षित स्वदेश लौट रही हैं। बिटिया ने चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है।  मुकेश प्रजापत ने कहा कि उनकी बेटी की इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत और त्याग है। खेल के कारण वह कई त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों से दूर रही, लेकिन देश के लिए पदक जीतना ही उसका लक्ष्य रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही बेटी और अन्य खिलाड़ी सुरक्षित स्वदेश लौट सके हैं। प्रियांशी की इस उपलब्धि से उज्जैन में खुशी का माहौल है और लोग इसे शहर के लिए गर्व का क्षण मान रहे हैं।  

बिहार में ड्रग्स पर लगाम लगाने हर जिले में खुलेगा नारकोटिक्स थाना

पटना. बिहार सरकार ने हाल ही में आर्थिक अपराध इकाई और सीआईडी से अलग कर मद्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का गठन किया है. अब इस नवगठित ब्यूरो को जिला स्तर तक मजबूत करने की तैयारी चल रही है. साइबर थानों की तर्ज पर राज्य के हर जिले में नारकोटिक्स थाना खोला जाए, ताकि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच तेज हो और अभियुक्तों को जल्द सजा दिलाई जा सके. राज्य से जिले तक- एक नई कमांड स्ट्रक्चर हाल ही में राज्य सरकार ने आर्थिक अपराध इकाई से नारकोटिक्स और सीआईडी से मद्य निषेध इकाई को अलग कर एक नई संरचना तैयार की है. यह नवगठित ब्यूरो शराब और सूखे नशे दोनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा. राज्यस्तरीय थाने को मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि अधिसूचना की प्रक्रिया जारी है. इसी वजह से फिलहाल नारकोटिक्स से जुड़े केस आर्थिक अपराध इकाई में ही दर्ज हो रहे हैं. लेकिन अब फोकस जिला स्तर पर है. हर जिले में अलग नारकोटिक्स थाना खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे जांच की रफ्तार और निगरानी दोनों को धार मिलेगी. एडीजी की सीधी निगरानी, 218 टास्क फोर्स एक कमांड में नया ब्यूरो एडीजी (मद्य निषेध) के नेतृत्व में मिशन मोड पर काम कर रहा है. राज्यभर में जिला और अनुमंडल स्तर पर काम कर रही 218 एंटी लीकर टास्क फोर्स (ALTF) अब इसी ब्यूरो के नियंत्रण में होंगी. यानी शराब और ड्रग्स के खिलाफ अभियान का पूरा रिमोट कंट्रोल एक ही कमांड के पास रहेगा. सरकार ने इस मिशन को मजबूत करने के लिए 88 नए पद सृजित किए हैं. इसके अलावा 229 पुराने पदों का हस्तांतरण तेजी से किया जा रहा है. संविदा के आधार पर विशेषज्ञों की भर्ती की भी तैयारी है, ताकि तकनीकी और खुफिया स्तर पर ड्रग नेटवर्क को तोड़ा जा सके. तकनीकी अड़चनें जल्द दूर, कार्रवाई होगी सीधी फिलहाल राज्यस्तरीय थाने की अधिसूचना लंबित होने के कारण केस दर्ज करने में तकनीकी बाधा है. लेकिन जैसे ही जिला स्तर पर थाने सक्रिय होंगे, बिहार पुलिस को ड्रग पेडलर्स और बड़े सिंडिकेट के खिलाफ सीधी और त्वरित कार्रवाई का अधिकार मिल जाएगा. जल्द ही जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संरचना और कार्यप्रणाली को लेकर नए आदेश जारी होंगे. माना जा रहा है कि यह कदम बिहार में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई साबित हो सकता है.

कलबुर्गी टूर्नामेंट में चमकी भारतीय जोड़ी, अंकिता-जील दूसरे दौर में पहुंचीं

कलबुर्गी भारतीय स्टार अंकिता रैना और जील देसाई बुधवार को आईटीएफ डब्ल्यू 35 कलबुर्गी में अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में जगह बना ली है। आज यहां चंद्रशेखर पाटिल स्टेडियम में आठवीं सीड अंकिता रैना ने शांत प्रदर्शन करते हुए साथी भारतीय सोनल पाटिल को 6-1, 6-3 से हराया। पाटिल ने शुरुआती गेम में सर्व बनाए रखते हुए शुरुआत की, लेकिन रैना ने जल्द ही कंट्रोल बना लिया और अगले छह गेम जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही रही, जिसमें रैना ने 3-0 की बढ़त बना ली थी। पाटिल ने पक्के इरादे के साथ जवाब दिया और लगातार दो बार सर्व बनाए रखते हुए जीत की दूरी बनाए रखी। रैना के 5-2 से आगे होने और मैच को आराम से खत्म करने के बाद भी, पाटिल ने वापसी करते हुए स्कोर 5-3 कर दिया। हालांकि, रैना ने अगले गेम में अपना संयम बनाए रखा और मैच को पूरे दम के साथ खत्म करके अगले राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली। पांचवीं सीड जील देसाई भी साथी भारतीय जेनिफर लुइखम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद आगे बढ़ीं। देसाई ने लगातार बेसलाइन प्ले के साथ पहला सेट 6-2 से जीता और दूसरे सेट में भी रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा। हल्के ड्रॉप शॉट्स और दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स को मिलाकर, उन्होंने 2-1 की बढ़त बना ली और आखिरकार मैच जीतकर दूसरे राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली। दिन की शुरुआत में, कर्नाटक की सोहा सादिक ने सिंगापुर की ईवा मैरी डेसविग्नेस के खिलाफ शानदार शुरुआत करके घरेलू दर्शकों को खुश कर दिया, और पहले सेट में 4-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, पासा पलट गया जब डेसविग्नेस ने मुकाबले में वापसी की और आखिरकार 7-5, 6-0 से जीत हासिल की, जिससे युवा खिलाड़ी की अच्छी शुरुआत के बावजूद सादिक का सफर खत्म हो गया। एक और भारतीय कंटेंडर को निराशा हुई क्योंकि श्रीवल्ली भामिदिपति को मेडिकल कंडीशन की वजह से एलेना बर्डिना के खिलाफ अपने मैच से रिटायर होना पड़ा। टॉप सीड जैस्मिन गिम्ब्रेरे ने ऐश्वर्या जाधव पर 6-2, 6-1 से जीत के साथ आराम से आगे बढ़ीं, जबकि छठी सीड थासापोर्न नाकलो ने भी वेलेरिया सविनिख पर 6-3, 6-2 से जीत हासिल की। दूसरी तरफ, पोलिना कुहारेंको ने आकांक्षा दिलीप निट्टूरे को 6-2, 6-1 से हराया, एना सेद्याशेवा ने संदीप्ति सिंह राव को 6-2, 6-4 से हराया और एलिना नेप्लि ने कशिश भाटिया को 6-0, 6-4 से हराया। युगल ड्रॉ में, भारत की श्रव्या शिवानी चिलकलापुडी ने जापान की मिचिका ओज़ेकी के साथ मिलकर मायन लारोन और मारिया मिखाइलोवा की जोड़ी पर 6-2, 6-3 से आसान जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तीसरी वरीयता प्राप्त ज़ील देसाई और एलिना नेप्लि भी अन्ना सेद्याशेवा और सोफिया सुसलोवा के खिलाफ 6-3, 6-4 की मजबूत जीत के साथ आगे बढ़ीं। दूसरे राउंड में वैष्णवी अडकर के साथ दो और भारतीयों के शामिल होने से, ITF W35 कलबुर्गी में मुकाबला और कड़ा होने वाला है।  

सेन समाज ने शादी के रीति-रिवाजों में बदलाव किया, प्री-वेडिंग शूट के बाद जूता चोरी और सगाई के फोन कॉल पर लगी रोक

 बालोद/रायपुर छत्तीसगढ़ में सामाजिक संस्थाएं अब शादियों में बढ़ते खर्च और पारिवारिक विवादों को रोकने के लिए 'रेगुलेटर' की भूमिका में आ गई हैं. साहू समाज द्वारा प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध लगाने के बाद, अब राज्य के सेन समुदाय ने बालोद में कई सख्त नियमों का ऐलान किया है। सेन समुदाय ने शादियों में पारंपरिक 'जूता चुराई' रस्म पर रोक और सगाई के बाद दूल्हा-दुल्हन के बीच निजी बातचीत पर प्रतिबंध शामिल है. ये फैसले बालोद जिले में सेन समुदाय की जिला स्तरीय बैठक में लिए गए, जहां नेताओं ने शादी के बढ़ते खर्च, पारिवारिक विवादों और सगाई टूटने के मामलों पर चिंता जताई। सबसे चर्चित फैसला ‘जूता चुराई’ रस्म पर रोक है. यह रस्म उत्तर भारत की कई शादियों में आम है, जिसमें दुल्हन की बहनें या रिश्तेदार दूल्हे के जूते छिपाकर पैसे मांगते हैं. समुदाय के नेताओं के अनुसार, यह रस्म कभी-कभी दोनों परिवारों के बीच बहस या असहज बातचीत का कारण बन जाती है. इसलिए समुदाय ने इसे हतोत्साहित कर प्रभावी रूप से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। एक अन्य महत्वपूर्ण नियम सगाई के बाद दूल्हा-दुल्हन के बीच फोन पर निजी बातचीत पर रोक है. समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि हाल के कई मामलों में बार-बार फोन पर बातचीत से गलतफहमियां हुईं और सगाई टूट गई. नए नियम के तहत यदि बातचीत जरूरी हो तो परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में ही बात हो सकती है। बैठक में प्री-वेडिंग समारोहों को सीमित करने पर भी जोर दिया गया. दिशानिर्देशों के अनुसार, सगाई में दूल्हे पक्ष से सिर्फ 15-20 लोग ही शामिल होंगे. इससे समारोह सरल रहेंगे और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। समुदाय ने यह भी जोर दिया कि शादियां सही मुहूर्त में ही होनी चाहिए. साथ ही पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा दिया गया है. शादी के भोज में प्लास्टिक के बजाय पारंपरिक पत्तल पर भोजन परोसने की सलाह दी गई है। एक अन्य फैसले में कहा गया कि यदि कोई परिवार किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करता है, तो समुदाय में सामाजिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं, जिसमें सामाजिक बहिष्कार और वैवाहिक संबंधों पर रोक शामिल है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि ये फैसले बुजुर्गों और सामाजिक नेताओं के बीच चर्चा के बाद लिए गए हैं, ताकि पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखा जा सके और शादियों के दौरान परिवारों के बीच विवाद न हों. इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य शादियों में अनुशासन, सादगी और सद्भाव को बढ़ावा देना है। कुछ सदस्यों ने इन फैसलों का स्वागत किया है, लेकिन युवाओं में बहस छिड़ गई है. कई का मानना है कि शादी से पहले बातचीत से एक-दूसरे को बेहतर समझने में मदद मिलती है, जबकि अन्य मानते हैं कि ये नियम गलतफहमियां रोकेंगे और सामाजिक मूल्यों को बचाएंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सेन समाज की आबादी लगभग 2.25 लाख है और यह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आता है. फिलहाल ये नियम बालोद जिले के लिए हैं, लेकिन जल्द ही इन्हें पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।

महिलाओं को क्यों चाहिए पुरुषों से ज्यादा नींद? वैज्ञानिक कारण जानकर चौंक जाएंगे

अक्सर घरों में देखा जाता है कि दिनभर की भागदौड़ के बाद महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा थकान महसूस करती हैं। यह सच भी है और साइंस इस बात की पुष्टि भी करती है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा नींद की जरूरत होती है। यह केवल आलस या आराम का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई अहम कारण छिपे हैं। आइए समझते हैं कि क्यों महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा नींद की जरूरत होती है।    मल्टीटास्किंग और दिमाग की जटिलता नींद के दौरान सबसे जरूरी फंक्शन दिमाग को रिपेयर करने और रिजुविनेट करने का अवसर देना है। रिसर्च बताते हैं कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में मल्टीटास्किंग ज्यादा करती हैं। वे एक ही समय में घर, बच्चों, ऑफिस और भविष्य की योजनाओं के बारे में सोचती हैं। जब दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा जटिल तरीके से और लंबे समय तक किया जाता है, तो उसे रिकवरी के लिए ज्यादा समय की जरूरत होती है। महिलाओं का दिमाग दिन भर में अधिक ऊर्जा खर्च करता है, इसलिए उन्हें गहरी नींद की ज्यादा जरूरत होती है। हार्मोनल बदलाव महिलाओं का शरीर जीवन के अलग-अलग स्टेज में बड़े हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स का स्तर ऊपर-नीचे होता रहता है।     प्रेग्नेंसी- इस दौरान शरीर का वजन बढ़ना और शारीरिक बदलाव थकान को बढ़ा देते हैं।     मेनोपॉज- इस अवस्था में हॉट फ्लैशेस और पसीना आने जैसी समस्याओं के कारण नींद बार-बार टूटती है, जिससे शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता है। नींद की खराब गुणवत्ता महिलाओं की नींद पुरुषों की तुलना में ज्यादा कच्ची होती है। वे घर की आहटों, बच्चों के रोने या किसी भी छोटी हलचल पर जल्दी जाग जाती हैं। इसके अलावा, महिलाएं इनसोम्निया और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम जैसी समस्याओं से ज्यादा प्रभावित होती हैं। बार-बार नींद टूटने के कारण उन्हें उस डीप स्लीप का फायदा नहीं मिल पाता, जो शरीर की मरम्मत के लिए जरूरी है। इसीलिए, वे सुबह उठकर भी थकान महसूस करती हैं और उन्हें ज्यादा समय तक सोने की जरूरत महसूस होती है। मानसिक स्वास्थ्य और तनाव सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते महिलाएं अक्सर मानसिक स्ट्रेस और एंग्जायटी का ज्यादा अनुभव करती हैं। तनाव सीधे तौर पर नींद को प्रभावित करता है। जब दिमाग शांत नहीं होता, तो शरीर को रिलैक्स होने में ज्यादा समय लगता है। पूरी नींद न मिलने पर यह तनाव और बढ़ जाता है, जो एक साइकिल की तरह चलता रहता है। बेहतर नींद के लिए क्या करें? महिलाओं के लिए नींद की कमी केवल थकान तक सीमित नहीं है, यह दिल की बीमारियां, एंग्जायटी और डिप्रेशन के खतरे को भी बढ़ा सकती है। इसलिए-     सोने और जागने का एक समय फिक्स करें।     सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें।     चाय या कॉफी दोपहर के बाद न पिएं।  

श्रद्धालु ध्यान दें: मैहर मां शारदा मंदिर का रोपवे 10 दिनों के लिए बंद, दर्शन का नया तरीका अपनाएं

मैहर मध्य प्रदेश के मैहर जिले में त्रिकुट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में हाजिरी लगाने की योजना बना रहे भक्तों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी है। आगामी चैत्र नवरात्रि के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने बड़ा निर्णय लेते हुए रोपवे सेवा को 10 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। आज 5 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक रोपवे का संचालन जरूरी मेंटेनेंस कार्य के चलते पूर्णतः स्थगित रहेगा। प्री-नवरात्रि मेंटेनेंस किया जा रहा दरअसल, इस साल चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च (गुरुवार) से प्रारंभ होकर 27 मार्च (शुक्रवार) तक चलेगा। मैहर की एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में देशभर से लाखों की तादाद में दर्शनार्थी मैहर पहुंचते हैं। इस भारी भीड़ के कारण रोपवे पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई भी चूक न हो, इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्री-नवरात्रि मेंटेनेंस किया जा रहा है। सीढ़ियों से चढ़कर करने होंगे दर्शन रोपवे बंद रहने के इन 10 दिनों के दौरान माता रानी के दर्शन के लिए भक्तों को 1063 सीढ़ियों का सफर तय करना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शारदा एक्सप्रेस वैन सेवा लगातार उपलब्ध रहेगी। लेकिन, भक्तों को यह ध्यान रखना होगा कि वैन से जाने के बाद भी अंतिम हिस्से की कुछ दूरी उन्हें पैदल ही तय करनी पड़ेगी। NDRF की हरी झंडी के बाद शुरू होगी सेवा एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि 10 दिन के इस व्यापक मरम्मत कार्य के बाद सुरक्षा मानकों की कड़ी टेस्टिंग होगी। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेष टीम रोपवे की बारीकी से जांच करेगी। टीम द्वारा सभी मानकों को सुरक्षित पाए जाने और क्लीयरेंस (हरी झंडी) मिलने के बाद ही 15 मार्च 2026 से रोपवे सेवा श्रद्धालुओं के लिए पुनः बहाल कर दी जाएगी। दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील मंदिर प्रबंधन ने सभी दर्शनार्थियों से अपील की है कि वे अपनी मैहर यात्रा की रूपरेखा इसी जानकारी को ध्यान में रखकर तय करें। किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

हैदराबाद में जुटेंगी दुनिया की टीमें, एफआईएच 2026 क्वालिफायर के लिए इटली महिला हॉकी दल भारत पहुंचा

हैदराबाद इटली की राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम आगामी एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालिफायर के लिए हैदराबाद, तेलंगाना पहुंच गयी है। आठ से 14 मार्च तक होने वाले इस टूर्नामेंट में आठ देश मुकाबला करेंगे। इटली को पूल ए में रखा गया है। जहां उनका सामना इंग्लैंड, कोरिया और ऑस्ट्रिया से होगा। यूरोपियन टीम पहले दो बार एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी है, पहली बार 1976 में और हाल ही में 2018 में, जहाँ उन्होंने नौवें स्थान पर रहकर अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इटली अपने अभियान की शुरुआत आठ मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ मैच से करेगी। इसके बाद नौ और 11 मार्च को ऑस्ट्रिया और कोरिया के खिलाफ मैच होंगे। इस अवसर पर इटली की महिला हॉकी टीम की कप्तान, सारा पुग्लिसी ने कहा, “हम टीम के साथ अच्छी तैयारी के बाद अभी हैदराबाद पहुंचे हैं। हम एफआईएच हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफ़ाई मुकाबालों के लिए तैयार हैं।”