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ताजमहल देखा मगर घर नहीं लौटे: ईरानी नाविकों की भारत में दर्दनाक आखिरी यात्रा

विशाखापट्टनम ईरानी युद्धपोत 'देना' के चालक दल के कई सदस्यों को शायद इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि विशाखापत्तनम में बिताई गई उनकी खूबसूरत यादें उनकी जिंदगी की आखिरी यादें बन जाएंगी। चाहे रुशिकोंडा बीच पर लंबी सैर हो या फिर मनोहारी कैलासगिरी पर्वत की यात्रा, ईरानी चालक दल ने भारत में अपने समय का भरपूर लुत्फ उठाया था। लेकिन बहुराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास 'मिलन 2026' में हिस्सा लेने भारत आए इन ईरानी नौसैनिकों का सफर एक बेहद खौफनाक त्रासदी में तब्दील हो गया, जब वापसी के दौरान एक अमेरिकी पनडुब्बी ने उनके युद्धपोत को हमेशा के लिए समंदर की गहराइयों में दफन कर दिया। ये नाविक अभ्यास 'मिलान 2026' के दौरान विशाखापत्तनम में 15 से 25 फरवरी के बीच रहे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और तटीय शहर के कई प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण किया। अपने प्रवास के दौरान नाविकों ने 'अतुल्य भारत' कार्यक्रम के तहत आयोजित सांस्कृतिक दौरों में भी भाग लिया। उनमें से कुछ नाविक आगरा भी गए, जहां उन्होंने विश्व के सात अचंभों में शामिल ताज महल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया और भारत की समृद्ध विरासत का अनुभव किया। सोशल मीडिया पर नाविकों के मुस्कुराते हुए, समुद्र तटों पर टहलते हुए और शहर के लोगों से बातचीत करते हुए कई वीडियो और तस्वीरें साझा की गईं। उनसे बातचीत करने वाले एक स्थानीय निवासी सोहन हतंगड़ी ने याद करते हुए कहा, 'वे (ईरानी) दोस्ताना स्वभाव के युवा नाविक थे, जो स्थानीय लोगों के साथ सेल्फी ले रहे थे और विशाखापत्तनम की मेहमाननवाजी का आनंद ले रहे थे।' नाविकों ने यहां स्थित युद्ध स्मारक, पनडुब्बी संग्रहालय और अन्य स्थानों का भी दौरा किया। कुछ ईरानी नाविक शहर के बाहरी इलाके में स्थित संकल्प आर्ट विलेज भी गए और मिलान मंडप में नौसैनिक कर्मियों और आगंतुकों के साथ चाय-नाश्ते का आनंद लेते हुए बातचीत करते देखे गए। कई नाविकों को पारंपरिक भारतीय वस्त्रों की खरीदारी करते भी देखा गया। युद्धपोत 'आईआरआईएस देना' पर चालक दल के लगभग 180 सदस्य सवार थे। एक रक्षा अधिकारी के अनुसार, ईरानी नौसैनिक प्रतिनिधिमंडल में ईरान की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी और आईआरआईएस देना के कमांडिंग ऑफिसर अबुजार जर्री भी शामिल थे। अधिकारी ने बताया, ‘मिलान 2026 अभ्यास के दौरान एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच संवाद के तहत रियर एडमिरल शहरम ईरानी से मुलाकात की।’ अधिकारी ने बताया कि मिलान 2026 अभ्यास में बंगाल की खाड़ी में दुनिया भर की कई नौसेनाओं ने पेशेवर सहयोग और समुद्री सुरक्षा अभ्यास के लिए भाग लिया था। हालांकि, ईरानी नाविकों की वापसी की यात्रा त्रासदी में बदल गई। अभ्यास में भाग लेने के बाद लौटते समय बुधवार को अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला कर उसे डुबो दिया, जिसमें कई नाविकों की समुद्र में ही मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में बड़ा हादसा, ट्रक की टक्कर से 5 की जान गई; 17 गंभीर

सिमगा बलौदाबाजार जिले के भाटापारा-सिमगा क्षेत्र में रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर ग्राम दरचुरा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार आरबीएस कंपनी की बस (क्रमांक सीजी 07 सीआर 7112) रायपुर से बिलासपुर जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बस दरचुरा चौक के पास यात्रियों को बैठाने के लिए रुकी थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक (क्रमांक एमएच 37 टी 1821) के चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और सिमगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। कुल 29 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा लाया गया, जहां से 17 गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान हादसे में जान गंवाने वालों में त्रिवेणी साहू (62), दशरथ साहू (80) और खुशी साहू (2 वर्ष) निवासी ग्राम बाबा मोहतरा, राधिका निर्मलकर (24) निवासी बेमेतरा तथा एक अन्य युवती शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मर्ग कायम कर लिया है। प्रार्थी की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है।  

ईरान का ट्रंप पर बड़ा तंज: ‘अपने देश में मेयर नहीं चुन पाते, हमारे सुप्रीम लीडर की बात करते हैं’

नई दिल्ली भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित 'रायसीना डायलॉग 2026' के वैश्विक मंच से ईरान ने अमेरिका और विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा और व्यंग्यात्मक प्रहार किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग न्यूयॉर्क का मेयर तक चुन नहीं सकते, वे ईरान के अगले सुप्रीम लीडर का फैसला करेंगे? ईरानी मंत्री का ये बयान तब आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के अगले सर्वोच्चा नेता के चयन की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के स्थान पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के तौर पर चयन 'अस्वीकार्य' होगा। इसके जवाब में ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में लीडरशिप (सुप्रीम लीडर) बदलने की मांग कर रहे हैं, जबकि वह खुद न्यूयॉर्क के मेयर तक को अपॉइंट नहीं कर सकते…क्या आप इस कॉलोनियल अप्रोच की कल्पना कर सकते हैं? वह अपने देश में डेमोक्रेसी देखना चाहते हैं, लेकिन ईरान के डेमोक्रेटिक तरीके से चुने गए प्रेसिडेंट को हटाना चाहते हैं।' खतीबजादेह ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर बेहद आक्रामक और स्पष्ट बयान दिए हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों को 'कोरा झूठ' और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए फारस की खाड़ी से अमेरिकी मौजूदगी को खत्म करने की खुली चेतावनी दी है। हमलों का आधार 'कोरे झूठ' और 'ग्रेटर इजरायल' का भ्रम ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के पीछे की असली वजहों को उजागर करते हुए उनके दावों को सिरे से खारिज कर दिया। डॉ. खतीबजादेह ने कहा- मेरे देश पर उन कोरे झूठों के आधार पर हमला किया जा रहा है कि ईरान कोई खतरा पैदा कर रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका और इजरायल ने आक्रामकता क्यों शुरू की? उनका दावा है कि इसके पीछे सिर्फ 'सत्ता की राजनीति' और 'ग्रेटर इजरायल' बनाने का भ्रम है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही सवाल अमेरिकी प्रशासन से पूछा जाए, तो अलग-अलग दर्शकों और बाजारों के हिसाब से उनके जवाब भी अलग-अलग होंगे। डॉ. खतीबज़ादेह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान संघर्ष ईरान को खत्म करने की एक साजिश है और ईरान इसका माकूल जवाब देगा। उन्होंने कहा- अमेरिका ने ईरान के अस्तित्व को खत्म करने का फैसला किया है। 'ग्रेटर इजरायल' के अपने भ्रम के कारण इजरायल कई दशकों से इसका वादा कर रहा है। एक बेहद सख्त चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा- हमारे पास फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी उपस्थिति के अस्तित्व को खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने इस लड़ाई को 'वीरतापूर्ण और राष्ट्रवादी युद्ध' बताते हुए साफ किया कि जहां से भी अमेरिकी हमलों की शुरुआत होगी, ईरान सीधे उन ठिकानों पर पलटवार करेगा। ईरानी मंत्री ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमने युद्ध की शुरुआत नहीं की है। उप विदेश मंत्री ने कहा- आज अमेरिका और इजरायल द्वारा जो कुछ भी किया जा रहा है, वह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे विवाद में ईरान की ओर से कोई उकसावा नहीं था। मोसाद के 'फॉल्स-फ्लैग' ऑपरेशंस और क्षेत्रीय विस्तार का डर ईरान ने युद्ध को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोकने की अपनी मंशा जाहिर की, लेकिन इजरायल पर साजिश रचने का आरोप लगाया। डॉ. खतीबजादेह ने दावा किया कि इजरायली खुफिया एजेंसी 'मोसाद' रिफाइनरियों या यहां तक कि साइप्रस में भी 'फॉल्स-फ्लैग' (धोखे से किए गए) ऑपरेशन कर रही है ताकि ईरान को बदनाम किया जा सके। उन्होंने टकर कार्लसन के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि सऊदी अरब और कतर में मोसाद के कई समूह ऐसे ही 'फॉल्स-फ्लैग' ऑपरेशन करते हुए पकड़े गए हैं। उन्होंने अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की हत्या को अभूतपूर्व और एक बेहद खतरनाक नई परंपरा बताया। डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा और व्यंग्यात्मक हमला उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'औपनिवेशिक मानसिकता' की कड़ी आलोचना की। ट्रंप द्वारा ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर पलटवार करते हुए डॉ. खतीबज़ादेह ने कहा- वह (ट्रंप) ईरान में सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे हैं, जबकि वह न्यूयॉर्क का एक मेयर तक नियुक्त नहीं कर सकते। उन्होंने इसे 'औपनिवेशिक दृष्टिकोण' बताते हुए कहा कि ट्रंप अपने देश में तो लोकतंत्र देखना चाहते हैं, लेकिन ईरान के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति को सत्ता से बेदखल करना चाहते हैं। कूटनीति ही एकमात्र विकल्प अंत में, ईरान के उप विदेश मंत्री ने गेंद को वापस अमेरिका और इजरायल के पाले में डालते हुए कूटनीति की वकालत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर हमलावर आज अपनी आक्रामकता रोक देते हैं, तो ईरान भी रुक जाएगा क्योंकि वे सिर्फ अपना बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कूटनीति ही हर देश के पास एकमात्र विकल्प है, लेकिन उन्हें इस बात पर गहरा संदेह है कि क्या वर्तमान अमेरिकी प्रशासन वास्तव में कूटनीति और संवाद के सार को समझता है।  

महिलाओं को अधिकार और न्याय मिलना जरूरी, तभी होगा सशक्तिकरण : भूरिया

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, न्याय की सुनिश्चितता और ठोस कार्यवाही ही महिला सशक्तिकरण की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने महिला दिवस, होली और रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। कार्यक्रम में न्याय चौपाल, मानसिक स्वास्थ्य तथा साइबर वेलबीइंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। सत्र में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री  भूरिया ने महिला आयोग और सहयोगी संस्थाओं द्वारा “महिलाओं और बालिकाओं के लिए अधिकार, न्याय और कार्यवाही” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि समाज की अशासकीय संस्थाएं और जागरूक नागरिक छोटे-छोटे प्रयासों से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत बनाते हैं। मंत्री  भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियान ने बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।मंत्री  भूरिया ने कहा कि पंचायती राज और शहरी निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मिशन शक्ति के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, महिला पुलिस यूनिट और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रयास महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत बना रहे हैं। मंत्री  भूरिया ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का विषय नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। समाज के सभी वर्ग जब मिलकर समानता और न्याय के लिए प्रयास करेंगे, तभी सशक्त और समतामूलक समाज का निर्माण संभव होगा। स्पेशल डीजी, पुलिस श्री अनिल कुमार ने कहा की घरेलू हिंसा एक ऐसी समस्या है जिसका निदान भी ख़ुद उस महिला के पास है। उन्होंने कहा कि अगर हर महिला यह समझ ले कि “सास भी कभी बहू “थी तो सास और बहू के बीच की हिंसा भी रुक जाएगी। डीजी, सामुदायिक पुलिसिंग श्री विनीत कपूर ने कहा कि महिलाओं के लिए हेल्प-डेस्क हर थाने में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध हिंसा को रोकने के लिए कम्युनिटी आउटरीच होना बहुत जरूरी है। श्री कपूर ने कहा कि महिलाएं जागरूक होंगी तो अपने अधिकार से न्याय के लिए उचित कार्यवाही करने के लिए आवाज उठाएगी। कार्यक्रम में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं ने पॉवर वॉक कर दर्शाया कि कठिनाइयों के बाद भी अगर सही काउंसलिंग और सकारात्मक सोच से महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। महिला आयोग और अहान फाउंडेशन के मध्य सायबर वेलबीइंग पर एमओयू हुआ।  

मंत्री कुशवाह की अध्यक्षता में एमपी एग्रो संचालक मंडल की 202वीं बैठक

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड राज्य शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के लिये कार्य करने वाली महत्वपूर्ण एजेन्सी है। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों के लिये अनेक योजनाएँ एमपी एग्रो के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। मंत्री  कुशवाह शुक्रवार को पंचानन भवन में एमपी एग्रो स्टेट एग्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के संचालक मंडल की 202वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की विस्तृत कार्य-योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज और तकनीकी मुहैया कराने में द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में संचालक मण्डल की सदस्य कु. सिम्मी गुर्जर, उद्यानिकी सचिव  जॉन किंग्सली, आयुक्त एवं प्रबंध संचालक एमपी स्टेट एग्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन  अरविंद दुबे, उप सचिव  दिनेश सुहाने, निदेशक केन्द्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण संस्थान, बुधनी डॉ. बी.एम. नंदेडे सहित संचालक मण्डल के अन्य सदस्य और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे

क्रिकेट के मैदान से बिजनेस पिच तक: राहुल द्रविड़ और आर अश्विन की यूरोपियन टी20 लीग में बड़ी प्लानिंग

नई दिल्ली दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और रविचंद्रन अश्विन उस भारतीय समूह का हिस्सा हैं जो यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) में एक फ्रेंचाइजी खरीदने जा रहा है। गर्मियों में होने वाले छह टीमों के टूर्नामेंट में ग्लासगो स्थित फ्रेंचाइजी को खरीदने के लिए इस समूह ने एक समझौते पर सहमति जताई है। दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और रविचंद्रन अश्विन उस भारतीय समूह का हिस्सा हैं जो यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) में एक फ्रेंचाइजी खरीदने जा रहा है।  रिपोर्ट के अनुसार गर्मियों में होने वाले छह टीमों के टूर्नामेंट में ग्लासगो स्थित फ्रेंचाइजी को खरीदने के लिए इस समूह ने एक समझौते पर सहमति जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईटीपीएल नीदरलैंड के रॉटरडैम स्थित अपनी फ्रेंचाइजी को भी दक्षिण अफ्रीका के निवेशकों के एक समूह को बेचने की तैयारी में है। इस समूह में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी फाफ डुप्लेसी, हेनरिक क्लासेन और जोंटी रोड्स भी शामिल हैं। संभावना है कि इस महीने के आखिर में एक कार्यक्रम में दोनों फ्रेंचाइजी की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। एम्स्टर्डम, बेलफास्ट और एडिनबर्ग में स्थित ईटीपीएल फ्रेंचाइजी को जनवरी में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के निवेशकों को बेच दिया गया था। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि अश्विन ईटीपीएल में खेलेंगे या नहीं। इस 39 वर्षीय खिलाड़ी ने दिसंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग से संन्यास ले लिया था। अब वह वैश्विक फ्रेंचाइजी लीग में खेलने के लिए स्वतंत्र हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अश्विन की भागीदारी बेहद दिलचस्प है। इससे उनके ईटीपीएल में खेलने की संभावना बन गई है, जो आयोजकों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।’ अश्विन ने भारत के लिए 106 टेस्ट, 116 वनडे और 65 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और कुल 765 विकेट लिए। द्रविड़ पूर्व में स्कॉटलैंड की क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और माना जा रहा है कि यही कारण है कि उन्होंने ग्लासगो स्थित फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ने का फैसला किया। स्कॉटलैंड जब इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में भाग लेता था तब द्रविड़ 2003 में उसके लिए खेले थे। भारत के दिग्गज बल्लेबाज द्रविड़ ने नेशनल क्रिकेट लीग में 11 मैच खेले, जिसमें उन्होंने तीन शतकों सहित 600 रन बनाए। द्रविड़ ने भारत के लिए 164 टेस्ट और 344 वनडे मैच खेले। उन्होंने इनमें 48 शतकों सहित 24,000 से अधिक रन बनाए। वह नवंबर 2021 से जून 2024 तक भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच भी रहे।  

शासकीय स्कूलों के बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही विष्णु देव सरकार

रायपुर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन शासकीय स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे  कोरबा नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने  आज शुक्रवार को 32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय निर्माण और 21 विद्यालयों में किचन शेड निर्माण कार्य समेत 3.08 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन के शासकीय स्कूल अगारखार के पास आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर ंमती संजू देवी राजपूत समेत अन्य अतिथि गणों ने विधिवत भूमिपुजन एवं शिलान्यास किया।      भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शैक्षणिक संस्थाओं में अधोसंरचना को उन्नत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, किचन शेड, सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेजी से कराए जा रहे हैं। इसी तरह इसी तरह  कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा  कि सुशासन की सरकार में आज कोरबा नगर समेत जिले का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जनता की अपेक्षा में खरा उतारते हुए उनकी हर मांग और जरूर को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, बच्चों के अंदर भारत और भारतीयता के प्रति, एक नागरिक के रूप में उन कर्तव्यों का बोध कराने, सुयोग्य नागरिक बनाने हेतु अपने राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन कर रहा है। शिक्षा के साथ संस्कार भी आज बच्चों को दिए जा रहे हैं। यहां से निकले हुए छात्र आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समाज को नेतृत्व देकर 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ जुड़कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान दे रहे हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे विकास कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।    इस अवसर पर मध्य क्षेत्र विद्या भारती के उपाध्यक्ष  जुडावान सिंह ठाकुर,   अशोक तिवारी,  कैलाश नाहक, नगर   मृगेश यादव,  अमृतलाल,  नागेंद्र सिंह,  धीरेंद्र सिंह, स्कूल के व्यवस्थापक  जोगेश लांबा, पार्षद  अशोक चावलानी,  पंकज देवांगन,  नरेंद्र देवांगन,  हीतानंद अग्रवाल,  राकेश वर्मा,  चंद्रलोक सिंह, मती ममता यादव,  राम कुमार साहू, स्कूल के प्राचार्य  राजकुमार देवांगन, अध्यक्ष  नानजी भाई पटेल,  सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद  विन्रम तिवारी,  मुकुंद सिंह कंवर,  सरोज शांडिल्य ,  फिरत साहू,  रतन कंवर,  अजय चंद्रा, सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे. विकास के हर पैमाने पर 100 फीसदी खरा उतर रही सरकार: महापौर मती संजू देवी राजपूत इस अवसर पर महापौर ंमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि विष्णुदेव सरकार आज विकास के हर पैमाने पर 100 फीसदी खरा उतरते हुए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी के कुशल नेतृत्व और उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन  के मार्गदर्शन में मूलभूत सुविधाओं सीसी रोड, नाली, पेयजल, सफाई, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन के निर्माण तेजी से हो रहे हैं। शहर के 10 नालों को जोड़कर एसटीपी प्लांट से पानी को ट्रीटमेंट करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।  क्षेत्र वासियों ने की विष्णु सरकार के प्रयासों की  सराहना भूमि पूजन कार्यक्रम में स्थाईजनों ने भी विष्णुदेव सरकार एवं मंत्री  देवांगन के इस पहल को लेकर आभार व्यक्त किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों ने कहा कि शौचालय नहीं होने से स्कूली बच्चों को बहुत परेशानी हो रही थी।  लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की योजनाओं को लेकर सरकार के प्रयासों की सराहना की। क्षेत्र के बच्चों को सर्व सुविधा स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उनका भविष्य उज्जवल होगा। इन कार्यों का भूमि पूजन नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत दर्री जोन के 32 शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय निर्माण (लागत 1 करोड़ 60 लाख रुपए) तथा दर्री जोन अंतर्गत 21 शासकीय स्कूलों में किचन शेड निर्माण कार्य (लागत 73 लाख रुपए), कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य वार्ड क्रमांक 19 में सीएसईबी के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अथिति स्वरूप भवन निर्माण कार्य (लगभग 25 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 22 में रोड निर्माण एवं शेड निर्माण कार्य ( 10 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 24 नेहरू नगर के मुख्य मार्ग में ग्रीनवेल्ट निर्माण कार्य ( 30 लाख रुपए) तथा वार्ड क्रमांक 21 (पूर्व वार्ड क्रमांक 19) गायत्री यज्ञपीठ सीएसईबी कॉलोनी कोरबा में अतिरिक्त भवन निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य (लगभग 10 लाख रुपए) शामिल है। शासकीय स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे  कोरबा नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने  आज शुक्रवार को 32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय निर्माण और 21 विद्यालयों में किचन शेड निर्माण कार्य समेत 3.08 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन के शासकीय स्कूल अगारखार के पास आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर ंमती संजू देवी राजपूत समेत अन्य अतिथि गणों ने विधिवत भूमिपुजन एवं शिलान्यास किया।      भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शैक्षणिक संस्थाओं में अधोसंरचना को उन्नत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, किचन शेड, सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेजी से कराए जा रहे हैं। इसी तरह इसी तरह  कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा  कि सुशासन की सरकार में आज कोरबा नगर समेत जिले का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जनता की अपेक्षा में खरा उतारते हुए उनकी हर मांग और जरूर को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, बच्चों के अंदर भारत … Read more

पति नहीं दे रहा था खर्च, सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को दिया निर्देश: सैलरी से 25,000 पत्नी के खाते में डालो

नई दिल्ली आदेशों के बाद भी पत्नी और बच्ची को गुजारा नहीं दे रहे व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। खबर है कि अदालत ने व्यक्ति के एम्पलॉयर को ही उसकी सैलरी काटने और सीधे महिला के खाते में रकम डालने के निर्देश दिए हैं। शीर्ष न्यायालय ने पाया कि कपल करीब 4 सालों से अलग रह रहा है और पत्नी अकेली ही बच्चे का भरण पोषण कर रही है। बच्ची से मिलने तक नहीं आया पिता जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। लाइव लॉ के अनुसार, अदालत ने पाया कि व्यक्ति ने पूर्व में जारी आदेशों का पालन नहीं किया है। कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया है कि 4 साल की बच्ची का ध्यान महिला ही अकेली रख रही है। इतना ही नहीं बच्ची का पति बीते चार सालों से उससे मिलने तक नहीं आया है। कोर्ट की कोई बात नहीं मानी रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने इससे पहले दोनों को शादी खत्म करने के लिए रकम की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा था। अंतरिम राहत के तौर पर पति को 25 हजार रुपये पत्नी को देने के आदेश दिए गए थे। ये रकम मध्यस्थता प्रक्रिया में महिला और उनके बच्चे आने-जाने के खर्च के लिए थी। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश का भी पालन नहीं हुआ। बेंच को सूचित किया गया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट की तरफ से जारी एक अंतरिम आदेश 2024 में जारी किया गया था। साथ ही बताया गया कि पति पर करीब 1.38 लाख रुपये का बकाया हो गया था। पति ने किया परेशानी का दावा सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पति की तरफ से दिए गए हलफनामे की भी जांच की, जिसमें उसने सैलरी 50 हजार रुपये बताई थी। साथ ही कहा था कि वह आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है। जज ने उससे पूछा कि क्या वह 2.5 लाख रुपये जमा कराना चाहता है, जिसमें अंतरिम गुजारे का एरियर भी शामिल है। इसपर उसने भुगतान से इनकार कर दिया। कोर्ट का फैसला कोर्ट ने कहा, 'ऐसी परिस्थितियों में, हमारे पास प्रतिवादी-पति के नियोक्ता को यह निर्देश देने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है कि पति के वेतन से 25,000 रुपये प्रति माह काटे जाएं। यह राशि सीधे RTGS के माध्यम से उसकी पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।' बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि वह खासतौर से बच्चे की चिंता है। कोर्ट ने पाया कि महिला अपने रिश्तेदार के पास रहकर बच्ची को खुद ही पाल रही हैं।

अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म टीम इंडिया पर भारी? फाइनल में प्लेइंग-XI से कट सकता है पत्ता

मुंबई अभिषेक शर्मा की खराब फार्म को लेकर जताई जा रही चिंता अब खुलकर आलोचना में बदल गई है। इसके बावजूद पूरी संभावना है कि वह टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को होने वाले फाइनल में अंतिम एकादश बने रहेंगे क्योंकि भारत जीत हासिल करने वाली अपनी टीम में बदलाव नहीं करना चाहता है। इस टूर्नामेंट में भारत के दो सलामी बल्लेबाजों की किस्मत एकदम से विपरीत रही। जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो अभिषेक को शीर्ष क्रम में मजबूत आधार माना जा रहा था जबकि संजू सैमसन के स्थान को लेकर सवाल बने हुए थे और कहा जा रहा था कि यह प्रतियोगिता उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर आठ के करो या मरो वाले मुकाबले ने परिस्थितियों में काफी बदलाव कर दिया है। सैमसन ने पिछले दो मैच में शानदार प्रदर्शन किया जिससे अब सभी का ध्यान अभिषेक की फॉर्म पर केंद्रित हो गया है। इस बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को पूरे टूर्नामेंट में लय हासिल करने में काफी संघर्ष करना पड़ा है। अपने पिछले छह मैचों में उन्होंने क्रमशः 0, 0, 0, 15, 10 और 9 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक को छोड़कर उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन फाइनल मुकाबले के लिए शीर्ष क्रम में कोई बदलाव नहीं करना चाहता है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद अभिषेक के सलामी जोड़ीदार सैमसन ने कहा, ‘हम अपने सभी खिलाड़ियों का ध्यान रख रहे हैं। जीजी (मुख्य कोच गौतम गंभीर) भाई और सूर्या (कप्तान सूर्यकुमार यादव) को अभिषेक पर पूरा भरोसा है।’ मुंबई में पहले लीग मैच के बाद अभिषेक के पेट में संक्रमण हो गया था जिसके लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। इससे उनका वजन कम हो गया और प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण चरण के दौरान उनकी लय बिगड़ गई। यही नहीं विरोधी टीमों ने उसे शांत रखने का स्पष्ट तरीका ढूंढ लिया है। कप्तानों ने बार-बार उनके खिलाफ शुरुआती ओवरों में धीमी गति के गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है, विशेषकर ऑफ स्पिनरों और बाएं हाथ के स्पिनरों का। इससे उन्हें पारी की शुरुआत में वह गति नहीं मिल पाती जिसके साथ वे खेलना पसंद करते हैं। इस कारण वह जल्द ही पवेलियन लौटते रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ पावरप्ले में उन्होंने ऑफ स्पिनर पर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को हवा में लहरा दिया। नीदरलैंड के खिलाफ ऑफ स्पिनर ने उन्हें कोण लेती गेंद पर आउट किया। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी धीमी गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश में वह फिर से जल्दबाजी कर बैठे और मनचाहा शॉट नहीं लगा पाए। एक और तकनीकी पहलू उनके बल्ले के डाउनस्विंग की गति है। जब गेंद तेजी ये आती है तो तेज डाउनस्विंग के कारण उन्हें धीमी गेंदों से तालमेल बिठाने में मुश्किल हो सकती है। भारत के पास रिंकू सिंह को टीम में शामिल करने का विकल्प है लेकिन इससे बल्लेबाजी संयोजन पर असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में रिंकू को सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है और तब वह अच्छा प्रभाव छोड़ पाएंगे इसकी संभावना कम है। फिलहाल भारतीय टीम प्रबंधन उस भी संयोजन को बरकरार रखने के लिए तैयार दिख रहा है जिसने उसे फाइनल में पहुंचाया।  

ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला: राज्यपाल के इस्तीफे को बताया ‘अमित शाह की राजनीतिक चाल’

कोलकाता पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यपाल सीवी आनंदबोस के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह सब गृह मंत्री अमित शाह के दबाव की वजह से हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस तरह का फैसला अमित शाह ही ले सकते हैं। बनर्जी ने कहा कि सीवी आनंदबोस ने किसलिए इस्तीफा दिया इसको लेकर कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा कता लेकिन इतना साफ है कि राजनीतिक फायदे को देखते हुए ही इस तरह का परिवर्तन किया जा रहा है। नवंबर 2027 तक था कार्यकाल सीएम बनर्जी ने कहा कि उन्हें शाह से पता चला है कि बोस के जाने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल एवं पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) आरएन रवि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। बोस ने दिल्ली से बताया, ''हां, मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैं साढ़े तीन साल तक बंगाल का राज्यपाल रहा हूं; यह मेरे लिए पर्याप्त है।' उन्होंने हालांकि अचानक इस्तीफा देने के कारणों का खुलासा नहीं किया, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं क्योंकि उनका कार्यकाल नवंबर 2027 तक था। बनर्जी ने कहा कि शाह ने थोड़ी देर पहले ही उन्हें इस फैसले के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरा हैं। इस तरह से एकतरफा फैसले किसी राज्य के हित में नहीं हैं बल्कि पार्टी विशेष के हित में हैं। 'लोक भवन' के अधिकारियों ने पुष्टि की कि त्यागपत्र राष्ट्रपति भवन भेजा जा चुका है। बोस ने 17 नवंबर, 2022 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने अपने कार्यकाल की समाप्ति से लगभग 20 महीने पहले ही पद छोड़ दिया। इसके साथ ही वह पश्चिम बंगाल के लगातार दूसरे ऐसे राज्यपाल बन गए जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही पद छोड़ दिया। बनर्जी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वह अचानक हुए इस घटनाक्रम से ''स्तब्ध और बेहद चिंतित'' हैं और दावा किया कि उन्हें इसके कारणों का पता नहीं है। उन्होंने कहा, ''हालांकि, यदि बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्यपाल बोस पर केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से राजनीतिक कारणों से दबाव डाला गया हो तो मुझे हैरानी नहीं होगी।' टीएमसी चीफ बनर्जी ने कहा, ''मुझे केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) से पता चला है कि आरएन रवि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में सीवी आनंद बोस का स्थान लेंगे।' लोकतांत्रिक ढांचे पर प्रहार मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शाह ने उन्हें बोस की जगह रवि के आने की जानकारी दी, लेकिन इस मामले में उनसे परामर्श नहीं किया गया। उन्होंने कहा, "केंद्र को सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा फैसले लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हों।' इस बीच बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने संघीय भावना पर हमले के बारे में बनर्जी की टिप्पणियों को ''बेबुनियाद'' करार दिया। उन्होंने कहा, ''राजभवन में बदलाव होना आम बात है। मैंने सुना है कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया है। इस बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है। तृणमूल कांग्रेस सिर्फ इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है।'' यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर सामने आया है, क्योंकि निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित किये जाने की उम्मीद है। अपने कार्यकाल के दौरान, बोस ने कई बार राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के साथ उनका अक्सर टकराव होता रहता था। गुरुवार शाम को दिल्ली से उनके अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक विश्लेषकों और राज्य प्रशासन दोनों को आश्चर्यचकित कर दिया। लोक भवन के अधिकारियों ने बताया कि बोस दिन में पहले दिल्ली गये थे और वहीं से उन्होंने राष्ट्रपति भवन को अपना त्यागपत्र भेजा था। इस घटनाक्रम ने बोस के पूर्ववर्ती जगदीप धनखड़ के पद से इस्तीफा देने की यादें ताजा कर दीं, जिन्होंने राज्यपाल के रूप में अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया था, क्योंकि वह 2022 में उपराष्ट्रपति चुने गए थे। धनखड़ ने पिछले साल अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।