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उमेश कुशवाहा फिर बने जदयू के बिहार अध्यक्ष, नीतीश कुमार का भरोसा लगातार तीसरी बार कायम

पटना उमेश सिंह कुशवाहा जनता दल यूनाइटेड के तीसरी बार बिहार अध्यक्ष बन गए हैं। कुशवाहा ने शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन किया। जदयू प्रदेश अध्यक्ष के लिए अन्य कोई नामांकन नहीं आने के बाद उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया। शाम 4 बजे इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) में संगठनात्मक चुनाव चल रहे हैं। वैशाली जिले के महनार से विधायक उमेश सिंह कुशवाहा बीते 5 सालों से बिहार में जदयू की कमान संभाल रहे हैं। वह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं। पहली बार वह 2021 में जदयू प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे। उन्होंने वशिष्ठ नारायण सिंह की जगह ली थी। इसके बाद वे लगातार इस पद पर चुने जा रहे हैं।   नीतीश को उमेश पर क्यों इतना भरोसा? नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की राजनीति का मुख्य आधार 'लव-कुश' (कुर्मी-कोइरी) वोट बैंक है। कोइरी समाज से आने वाले उमेश कुशवाहा इस समीकरण के 'कुश' पक्ष को मजबूती देते हैं, जो बिहार की राजनीति में एक अहम वोट बैंक माना जाता है। वहीं, उमेश कुशवाहा वे जेडीयू संगठन की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं और पार्टी की राजनीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम करते रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा जैसे बड़े कोइरी नेताओं के पार्टी छोड़ने के बावजूद वे नीतीश कुमार के साथ मजबूती से टिके रहे, जिसने उनके प्रति विश्वास को और बढ़ाया। नीतीश कुमार को पार्टी में एक ऐसे युवा चेहरे की जरूरत थी जो ऊर्जावान हो और कैडर के साथ संवाद कर सके। इसी कारण उन्हें 2021 में जेडीयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और हाल ही में वे तीसरी बार इस पद के लिए चुने गए हैं। उमेश कुशवाहा वैशाली जिले के महनार से विधायक हैं। वे 2015 और 2025 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि, 2020 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2020 का विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद नीतीश ने उन्हें जदयू प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्तमान में, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद बिहार में राजनीतिक परिस्थिति बदल रही है। ऐसे में उमेश कुशवाहा को फिर से जदयू प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना, नीतीश की लंबी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उमेश कुशवाहा बोले- निशांत राजनीति में आएं तीसरी बार जदयू प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद उमेश कुशवाहा ने सीएम नीतीश के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि निशांत सक्रिय राजनीति में आएं। वे पार्टी में शामिल हों और राज्य की सेवा करें।  

रायपुर: प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जमुना पाण्डे का घर सौर ऊर्जा से हो रहा रोशन

रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: जमुना पाण्डे का घर सौर ऊर्जा से हो रहा रोशन बिजली बिल से मिली राहत रायपुर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रत्येक घरों में छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर आमजनों को ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से  मुंगेली जिले के अनेक घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं और लोग बिजली खर्च से मुक्त होकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह योजना न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है।          नगर पंचायत सरगॉव की जमुना पाण्डे ने अपने आवास पर 02 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कराया है। सोलर संयंत्र के चालू होते ही उनका घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा है। जमुना पाण्डे ने बताया कि सोलर पैनल स्थापना होने से बिजली बिल से राहत मिली है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सरल प्रक्रिया और सब्सिडी सुविधा ने उन्हें सोलर सिस्टम अपनाने के लिए प्रेरित किया। 02 किलोवाट सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद न केवल उनके घर के बिजली बिल में कमी आई है, बल्कि वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इस योजना को आम आदमी के लिए राहत और भविष्य के लिए निवेश बताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल आर्थिक लाभ प्राप्त करें, बल्कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में सहभागी बनें।            उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापना पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट क्षमता पर 45 हजार रुपये, 02 किलोवाट पर 90 हजार रुपये तथा 03 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। यह प्रावधान सोलर ऊर्जा को आम नागरिकों के लिए सुलभ और किफायती बना रहा है। आमजनों को योजना के लिए प्रोत्साहित करने शासन के निर्देशानुसार बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे आमजनों को योजना का लाभ लेना आसान हो गया है।

दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच, नारायणपुर में 107 ग्रामीणों का इलाज

रायपुर नारायणपुर के सुदूर गांवों में पहुंच रही हैं स्वास्थ्य सेवाएं नारायणपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्राम पंचायत घमंडी के आश्रित ग्राम जटवर में सुशासन एक्सप्रेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लगाए गए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।            शिविर में ग्राम पंचायत घमंडी के अंतर्गत आने वाले जटवर, घमंडी, कोगालीं, ओरछापार, कारकाबेड़ा, हिकोनार, गोडेलेमाका और वाडापेंदा जैसे गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। दो दिनों तक चले इस शिविर में कुल 107 मरीजों का उपचार किया गया और उन्हें आवश्यक दवाइयों के साथ स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।       स्वास्थ्य जांच के दौरान 84 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिनमें 15 मरीज पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा टीबी स्क्रीनिंग, रक्तचाप, शुगर, हीमोग्लोबिन और नेत्र जांच भी की गई। गर्भवती महिलाओं की विशेष एएनसी जांच कर उन्हें आवश्यक सलाह दी गई, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।            शिविर में मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी, बुखार, खुजली, दस्त, कमजोरी और दर्द से पीड़ित मरीजों को भी उपचार और आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी गई और उन्हें अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर 80 ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत् आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।              इस स्वास्थ्य शिविर में 10 सदस्यीय स्वास्थ्य टीम ने सेवाएं दीं, जिसमें डॉ. बृजनंदन बनपुरिया, राजीव सिंह, डॉ. हेमेंद्र जुरी, प्रदीप देवांगन, सूरज साहू, रामनाथ उसेंडी, जयसिंह मांझी, नकुल पोटाई, कमलेश कुमार नाग और कु. चंद्रिका गोटा शामिल थे। शिविर का संचालन उप स्वास्थ्य केंद्र वाडापेंदा के माध्यम से किया गया।              दो दिवसीय सुशासन एक्सप्रेस कार्यक्रम के सफल आयोजन से ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हुईं। इससे न केवल लोगों को समय पर उपचार मिला, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी। यह पहल दूरस्थ गांवों तक शासन की सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

बजट सत्र में नहीं चला सदन, पंजाब विधानसभा की कार्यवाही 8 मार्च तक टली

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा का बजट सेशन रविवार, 8 मार्च को सुबह 10 बजे तक के लिए टाल दिया गया है। सुबह बजट सेशन शुरू होते ही कांग्रेस ने भारी हंगामा किया और अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरा। कांग्रेसियों ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और फिर विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस ने AAP के मंत्रियों और विधायकों पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने और विधानसभा परिसर में शिष्टाचार भंग करने के गंभीर आरोप लगाए। प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब में बेअदबी और एनकाउंटर की घटनाओं पर सरकार को घेरा और नारे लगाए। इसके बाद विपक्ष ने पंजाब में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामा किया और प्रदर्शन के बाद कांग्रेस विधानसभा से वॉकआउट कर गई।

गोल्डन टेंपल में सोने की धुलाई सेवा, बर्मिंघम के सेवादार को जिम्मेदारी, केमिकल का प्रयोग नहीं होगा

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) के गुंबदों पर लगे सोने की धुलाई के कार्य शुक्रवार को प्रारंभ हो गया। शिरोमणि कमेटी ने इस कार्य का जिम्मा बर्मिंघम स्थित गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था के प्रमुख भाई साहब भाई मोहिंदर सिंह को सौंपा है।इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह और निष्काम सेवक जत्था के प्रमुख भाई साहब भाई मोहिंदर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।   एसजीपीसी अध्यक्ष धामी ने कहा कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में स्थापित सोने की स्वच्छता और रखरखाव को ध्यान में रखते हुए, इसकी समय-समय पर धुलाई की जाती है, जो गुरु नानक निष्काम सेवा जत्था बर्मिंघम के प्रमुख भाई साहब भाई महिंदर सिंह द्वारा संगत के सहयोग से की जाती है। उन्होंने कहा कि निष्काम सेवक जत्था यह सेवा नि:शुल्क प्रदान करता है। वे सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब और घंटा घर ड्योढ़ी के गुंबदों पर स्थापित सोने की परत की भी धुलाई करेंगे। उन्होंने कहा कि निष्काम सेवक जत्था आवश्यकतानुसार सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के आंतरिक भाग में सोने की परत और तामचीनी की मरम्मत भी निरंतर करता रहता है। सफाई में केमिकल का प्रयोग नहीं भाई साहिब भाई महिंदर सिंह ने जानकारी दी कि यह सेवा अगले 10 से 12 दिनों तक चलेगी। उन्होंने बताया कि सोने की सफाई के लिए किसी भी प्रकार के रसायन (केमिकल) का प्रयोग नहीं किया जाता। इसके बजाय, रीठे को उबालकर उसके पानी और नींबू के रस जैसे प्राकृतिक तरीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे सोने की शुद्धता और चमक बनी रहे। इस अवसर पर अंतरिम सदस्य स. गुरप्रीत सिंह झब्बर, सदस्य भाई राजेंद्र सिंह मेहता, स. फुम्मन सिंह, बाबा सतनाम सिंह किला आनंदगढ़, सिख विद्वान भाई गुरबख्श सिंह गुलशन, सचिव स. बलविंदर सिंह काहलवां, निजी सचिव स. शाहबाज सिंह, श्री दरबार साहिब के मैनेजर स. भगवंत सिंह धंगेड़ा और निष्काम सेवक जत्थे के अन्य सेवादार व संगत भी उपस्थित थे। समय-समय पर की जाती है गोल्डन टेंपल के सोने की सफाई शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्री हरमंदिर साहिब के सोने की चमक और उसकी देखभाल के लिए समय-समय पर धुलाई की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सेवा निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम द्वारा संगत के सहयोग से पूरी तरह निःस्वार्थ भाव से की जा रही है। इस सेवा के तहत श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य गुंबद के अलावा श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब और घंटा घर ड्योढ़ी के गुंबदों पर लगे सुनहरे पत्तरों की भी सफाई की जाएगी। दरबार साहिब के अंदरूनी हिस्से में सुनहरे पत्तरों और मीनाकारी की मरम्मत का कार्य भी लगातार जारी है।  इसी बीच, गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम के प्रमुख ने बताया कि गुरु साहब की कृपा से, शिरोमणि समिति के सहयोग से जत्था प्रतिवर्ष सोने की धुलाई का कार्य करता है। इसी क्रम में, इस बार भी संगत विशेष रूप से सोने की धुलाई के लिए आई है। उन्होंने बताया कि यह सेवा लगभग 10-12 दिनों तक चलेगी, जिसके दौरान पवित्र स्थान के बाहरी हिस्से पर लगे सोने की धुलाई प्राकृतिक तरीके से की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सोने की धुलाई के लिए रीठा उबालकर पानी और नींबू के रस का उपयोग किया जाता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक विधि है और इसमें किसी भी रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है। 

इजरायल ने 90 दिन पहले खामेनेई को मारने की बनाई थी योजना

तेहरान  इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने 5 मार्च 2026 को एक टीवी इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है कि देश ने पिछले साल नवंबर में ही अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का फैसला कर लिया था. यह फैसला प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक बहुत छोटी और गोपनीय बैठक में लिया गया था। शुरू में योजना थी कि यह काम छह महीने बाद यानी मध्य 2026 में किया जाएगा लेकिन बाद में हालात इतने तेजी से बदल गए. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर फरवरी के अंत में ही हमला शुरू कर दिया. इस हमले के पहले ही घंटों में खामेनेई की मौत हो गई, जो दुनिया के इतिहास में किसी देश के सबसे बड़े नेता को हवाई हमले से मारने का पहला मामला बन गया है. अब यह संयुक्त हवाई अभियान एक हफ्ते से ज्यादा चल चुका है. पूरे क्षेत्र में युद्ध की आग फैल गई है। नवंबर 2025 में क्या हुआ और नेतन्याहू ने क्यों लिया यह फैसला रक्षा मंत्री काट्ज ने इजरायल के चैनल 12 टीवी को बताया कि नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक बहुत छोटे समूह के साथ बैठक बुलाई थी. इसमें सिर्फ चुनिंदा लोग थे. उस बैठक में नेतन्याहू ने साफ कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को खत्म करना हमारा लक्ष्य है।  उस समय योजना बनाई गई कि यह ऑपरेशन मध्य 2026 में किया जाएगा क्योंकि इजरायल को लगता था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल के लिए अस्तित्व का खतरा बन चुकी हैं. इजरायल का मानना है कि ईरान हथियार बना रहा है जो इजरायल को पूरी तरह नष्ट कर सकता है. इसलिए इस खतरे को जड़ से खत्म करने का फैसला किया गया। जनवरी 2026 में योजना क्यों बदली गई और US को कब बताया गया काट्ज ने आगे बताया कि दिसंबर के बाद जनवरी 2026 में ईरान में बड़े-बड़े विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. ईरान के लोग अपने नेता और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे. इजरायल को डर था कि यह दबाव झेल रहे शासक किसी भी समय इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर सकते हैं। इसलिए योजना को तेज कर दिया गया. इजरायल ने इस पूरे प्लान को अमेरिका को बताया. दोनों देशों ने मिलकर तैयारी शुरू कर दी. रक्षा मंत्री ने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि ईरान पहले हमला कर दे इसलिए प्लान को बदला गया। 28 फरवरी 2026 को शनिवार के दिन अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हवाई अभियान शुरू किया. पहले ही कुछ घंटों में खामेनेई को उनके घर और दफ्तर वाले इलाके में मार दिया गया. यह हमला इतना सटीक था कि ईरान के कई बड़े सैन्य नेता भी उसी में मारे गए। हमले ने पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक दिया अब यह अमेरिका-इजरायल का संयुक्त हवाई हमला एक हफ्ते से ज्यादा चल रहा है. शुरू के दिनों में ही ईरान के कई बड़े नेता मारे गए जिससे ईरान का शासन हिल गया है. ईरान ने जवाब में इजरायल पर मिसाइलें दागीं गल्फ देशों और इराक में भी हमले किए। इजरायल ने ईरान के करीबी सहयोगी हिजबुल्लाह पर लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं. पूरा मध्य पूर्व अब युद्ध की आग में जल रहा है. ईरान की सरकार ने कहा है कि वह लड़ाई जारी रखेगी. लेकिन इजरायल का कहना है कि हमारा मकसद सिर्फ खतरा खत्म करना है। इजरायल के असली लक्ष्य क्या हैं – परमाणु कार्यक्रम और शासन बदलना इजरायल ने साफ कहा है कि उसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट को पूरी तरह खत्म करना है. इजरायल को लगता है कि ईरान ये हथियार बना लेगा तो इजरायल के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बचेगी। इसके अलावा इजरायल चाहता है कि ईरान में शासन बदल जाए यानी वहां मौजूदा सरकार गिर जाए और एक नई सरकार आए जो शांतिप्रिय हो. रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि अगर ईरान नया नेता चुनता है तो वह भी इजरायल का निशाना बनेगा क्योंकि इजरायल किसी भी ऐसे नेता को बर्दाश्त नहीं करेगा जो इजरायल को नष्ट करने की सोचे। ईरान की स्थिति और भविष्य में क्या हो सकता है ईरान ने अब तक कोई संकेत नहीं दिया है कि वह सत्ता छोड़ेगा या बातचीत करेगा. उल्टे ईरान ने इजरायल और अमेरिका पर कई जगहों पर हमले किए हैं जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है. गल्फ के देश डर में हैं. इजरायल और अमेरिका का कहना है कि अभियान तब तक चलेगा जब तक ईरान का परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म न हो जाए. यह पूरा मामला दशकों पुरानी इजरायल-ईरान दुश्मनी का सबसे बड़ा मोड़ है।  

कविंद्र गुप्ता बने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, 13 साल में RSS से जुड़कर जेल गए, शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का गवर्नर नियुक्त किया गया

शिमला  लद्दाख के उप-राज्यपाल कविंद्र गुप्ता हिमाचल प्रदेश के नए गवर्नर नियुक्त किए गए। हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का गवर्नर बनाया गया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने गुरुवार देर रात इस बाबत आदेश जारी किए। लद्दाख और हिमाचल समेत 9 राज्यों में गवर्नर बदले गए। यह फेरबदल पश्चिम बंगाल के गवर्नर डॉ. सीवी आनंद बोस के इस्तीफा देने के बाद किया गया। हिमाचल के नए गवर्नर कविंद्र गुप्ता जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर और जम्मू के मेयर रह चुके हैं। इसके बाद उन्हें जुलाई 2025 में लद्दाख का उप-राज्यपाल बनाया गया। उन्होंने पिछले साल 18 जुलाई को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के तीसरे उप राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने करीब 9 महीने तक इस पद सेवाएं दी और बीते कल अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश के गवर्नर की जिम्मेदारी दी गई है। 3 बार मेयर रह चुके जम्मू शहर के जानीपुर निवासी 66 वर्षीय कुलविंद्र गुप्ता निरंतर 3 बार जम्मू के महापौर भी रह चुके हैं। उन्होंने BJP की राज्य इकाई के महासचिव के तौर पर भी काम किया था।इसके अलावा 1993 से 1998 तक वह लगातार दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष भी रहे। कविंद्र गुप्ता साल 2014 के विधानसभा चुनाव में गांधी नगर सीट से पहली बार MLA चुने गए थे। इसके बाद, उन्हें विधानसभा स्पीकर चुना गया। उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद के सेक्रेटरी के तौर पर काम करते हुए हुई थी और इमरजेंसी के दौरान करीब 13 महीने वह जेल में भी रहे थे। अब तेलंगाना गवर्नर का जिम्मा संभालेंगे शुक्ल वहीं, हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुल्क को तेलंगाना गवर्नर का जिम्मा दिया है। शुल्क ने 18 फरवरी 2023 को हिमाचल के राज्यपाल के तौर पर शपथ ली थी। उन्होंने लगभग 3 साल तक हिमाचल गवर्नर के तौर पर सेवाएं दी। इन प्रदेशों में भी बदले गवर्नर राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार- तरनजीत सिंह संधु को दिल्ली का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। तेलंगाना के राज्यपाल जिश्नु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। नंद किशोर यादव को नगालैंड और लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया। तमिलनाडू के राज्यपाल आरएन रवि अब से पश्चिम बंगाल और केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर तमिलनाडु के राज्यपाल का काम संभालेंगे, जबकि दिल्ली के राज्यपाल वीके सक्सेना को लद्दाख का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

राहु, मंगल और बुध की युति से बन रहा खतरनाक योग, 3 राशियों के लिए चेतावनी

इंदौर आसमान में ग्रहों की स्थिति में बड़ा उलटफेर हुआ है. कुंभ राशि में राहु, बुध और मंगल का एक साथ आना ज्योतिष शास्त्र में अशुभ संयोग माना जा रहा है. 11 अप्रैल तक का यह समय कई लोगों के लिए परीक्षा की घड़ी जैसा है. ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि जब भ्रम के कारक राहु के साथ ऊर्जा और आवेश के प्रतीक मंगल और बुद्धि के स्वामी बुध मिलते हैं, तो इंसान का सही-गलत का फैसला लेने का विवेक डगमगाने लगता है. इस दौरान आपको अपनी वाणी और फैसलों पर बहुत सोच-समझकर काम करने की जरूरत है।  क्यों है यह समय चुनौतीपूर्ण? कुंभ राशि में इन ग्रहों की मौजूदगी मानसिक तनाव और गलत निर्णयों को बढ़ावा दे रही है. मंगल के प्रभाव से जहां गुस्सा बढ़ सकता है, वहीं बुध की युति बुद्धि को भ्रमित कर सकती है. नतीजतन, आप जो भी योजनाएं बनाएंगे, उनमें रुकावटें आ सकती हैं.  उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने से निराशा हो सकती है।  राशियों पर असर  कर्क राशि: आपके लिए यह समय उतार-चढ़ाव भरा रहेगा. किसी भी कागजी काम या निवेश में सावधानी बरतें. पुराने दोस्तों से विवाद हो सकता है।  कन्या राशि: करियर के मोर्चे पर अचानक रुकावटें आ सकती हैं. ऑफिस में सीनियर के साथ तालमेल बिठाकर चलें. अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।  धनु राशि: इस दौरान बिना सोचे-समझे किसी को उधार न दें, न ही कोई बड़ा फैसला लें. वाद-विवाद से दूर रहना ही आपकी भलाई में है।  मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन: इन राशियों के लिए भी यह समय मिला-जुला रहेगा. किसी को भी अपनी बात कहने से पहले दो बार सोचें. खासकर घर के बड़े-बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखें।  बचाव के लिए क्या करें? इस दौरान मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं. इससे बचने के लिए  किसी से भी बहस करने से बचें.कोई भी नया काम शुरू करने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह जरूर लें. रोजाना सुबह भगवान गणेश की पूजा करें और पक्षियों को दाना डालें. इससे मानसिक स्पष्टता बनी रहेगी। 

कियारा की बिकिनी तस्वीर पर राम गोपाल वर्मा के अश्लील कमेंट्स, अभिनेत्री ने दी प्रतिक्रिया

मुंबई  फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा आखिरकार सोशल मीडिया पर हो रहे उस गुस्से पर बात की, जिसका उन्हें कुछ समय पहले सामना करना पड़ा था. उन्होंने 'वॉर 2' के टीजर से कियारा आडवाणी की बिकिनी वाली तस्वीरें शेयर की थीं. इस पर एक कमेंट किया गया था, जिसे कई लोगों ने गलत माना था. अब इस मुद्दे पर फिल्ममेकर ने बात की है। विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में जब राम गोपाल वर्मा ने बताया कि वह हमेशा खूबसूरत महिलाओं के बारे में अपने कमेंट्स को लेकर ओपन रहे हैं और उन्होंने जो कहा उसे आसानी से 'पीछे से की गई तारीफ' माना जा सकता है। राम गोपाल वर्मा ने क्या कहा? बातचीत के दौरान, जब फिल्ममेकर से कियारा पर उनके ट्वीट और उसे डिलीट करने की वजह के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'मुझे सच में याद नहीं है कि मैंने ट्वीट में क्या लिखा था या क्या कहा था क्योंकि मैंने बहुत सारे ट्वीट किए थे, और यह बहुत पहले की बात है. मेरा पूरा मतलब यह है कि अगर आप ट्रेलर के हिसाब से ऐसी इमेज डाल रहे हैं – तो बिकिनी में एक खूबसूरत लड़की, जो कुछ भड़काने वाली हो। उन्होंने आगे कहा, 'मैं इसे एक बैकहैंडेड कॉम्प्लिमेंट मानूंगा, इस कॉन्टेक्स्ट में कि मैं इसके बारे में कैसा महसूस करता हूं. रंगीला के दिनों से भी, मैंने खूबसूरत महिलाओं के बारे में अपने कमेंट्स को कभी भी छिपाकर नहीं रखा. मैं हमेशा इस बारे में ओपन रहा हूं, यहां तक ​​कि जब मैंने श्रीदेवी के बारे में बात की थी… मैं सब कुछ वैसा ही करूंगा जैसा मैं हूं. मैं खुद को एक्सप्रेस करने के तरीके, अपने विचारों और इन सब चीजों में खुद को एक इंसान के तौर पर नहीं बदलने वाला हूं, लेकिन मेरा सिनेमा अलग होगा.' जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ट्वीट क्यों डिलीट किया, तो उन्होंने माना कि उन्हें याद नहीं है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। RGV ने क्या पोस्ट किया था? जो लोग नहीं जानते उनके लिए फिल्ममेकर ने एक अब डिलीट हो चुकी पोस्ट में कहा था, 'हमारे देशों और समाजों के बजाय, अगर ऋतिक और जूनियर NTR के बीच लड़ाई इस बात पर है कि किसे ये b**k मिलेगी, तो वॉर 2 एक बैकबस्टर होगी.' कई लोगों को यह कमेंट एक्टर के लिए अभद्र और अपमानजनक लगा, और फिल्ममेकर को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।  वॉर 2 के बारे में अयान मुखर्जी की डायरेक्ट की हुई यह फिल्म YRF स्पाई यूनिवर्स की छठी फिल्म है. इससे पहले 'एक था टाइगर', 'टाइगर जिंदा है', 'वॉर', 'पठान' और 'टाइगर 3' आ चुकी हैं. कियारा के अलावा, फिल्म में आशुतोष राणा के साथ ऋतिक रोशन और जूनियर NTR लीड रोल में थे. फिल्म को क्रिटिक्स से मिले-जुले से लेकर नेगेटिव रिव्यू मिले, कई लोगों ने इसकी डल राइटिंग और खराब VFX की बुराई की, और बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं किया और बुरी तरह फ्लॉप हुई।  

किसानों की खुशहाली को मिला बल, अंतर राशि से शिक्षा और आवास कार्य को सहारा

रायपुर : कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता किसानों की खुशहाली को मिला बल, अंतर राशि से शिक्षा और आवास कार्य को सहारा रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी प्रभावी नीतियों को अमल में लाया है, जिनसे अन्नदाताओं के जीवन में स्थायी और व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। इन पहलों ने न केवल किसानों की आय और आत्मविश्वास को सुदृढ़ किया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति और मजबूती प्रदान की है। सुशासन की प्रतिबद्धता को साकार करते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया है।     मुख्यमंत्री  साय की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया गया कि होली पर्व से पूर्व किसानों के खातों में राशि अंतरित की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ त्यौहार हर्षोल्लास और सम्मान के साथ मना सकें। शासन के इस संवेदनशील निर्णय से कोरबा जिले के किसानों में विशेष उत्साह का माहौल है।     कोरबा जिले के ग्राम दादरखुर्द निवासी कृषक श्री शैलेन्द्र कुमार थवाईत ने इस वर्ष लगभग 32 क्विंटल धान का विक्रय किया, जिसके एवज में उन्हें 23 हजार 392 रुपये की अंतर राशि प्राप्त हुई। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय किसानों के हित में है और सही समय पर मिली राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली है। वे इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा तथा उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने में करेंगे, जिससे उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि होगी।     इसी प्रकार ग्राम कल्दामार के कृषक जिमी राठिया ने कहा कि होली से पूर्व राशि प्राप्त होना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा प्रधानमंत्री आवास के निर्माण कार्य में किया जाएगा। शासन द्वारा समयबद्ध भुगतान किए जाने को उन्होंने किसानों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।     कृषकों ने उन्होंने मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के इस संवेदनशील और समयबद्ध निर्णय से किसानों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा की भावना बढ़ी है।  सरकार का यह प्रयास किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की समग्र प्रगति का आधार है।