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मुख्यमंत्री साय बोले – जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा स्व. दिलीप सिंह जूदेव का जीवन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दीर्घ सामाजिक-राजनीतिक जीवन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और विशेष रूप से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जूदेव जी के विचार, उनके आदर्श और सेवा का भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने में स्वर्गीय जूदेव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में आत्मगौरव की भावना सशक्त हुई और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार हुआ। इस अवसर पर विधायक गोमती साय, विधायक  रायमुनि भगत, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

ममता बनर्जी बोलीं—बंगाल को टारगेट किया जा रहा, प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप खारिज

कोलकाता पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं है। कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी निजी आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की थी। इसलिए अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को शनिवार को होने वाले राष्ट्रपति के कार्यक्रम की पूरी जानकारी भी नहीं दी गई थी और न ही सरकार को इस आयोजन में शामिल किया गया था। उनके मुताबिक, जब राज्य सरकार को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी ही नहीं थी, तो उस पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाना सही नहीं है। सीएम ममता ने यह भी कहा कि गंदगी, ग्रीन रूम की समस्या और महिलाओं के टॉयलेट की कमी जैसी शिकायतें भी आयोजकों और एएआई की जिम्मेदारी हैं। पीएम मोदी के आरोपों पर पलटवार मुख्यमंत्री ने कोलकाता के केंद्रीय धरना स्थल से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाया, जबकि वास्तविकता अलग है। उन्होंने प्रधानमंत्री की एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि तस्वीर में प्रधानमंत्री बैठे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हैं। सीएम ममता ने कहा कि हम कभी ऐसा नहीं करते। यह भाजपा की संस्कृति है, हम कभी राष्ट्रपति का अपमान नहीं करते। संविधान का पूरा सम्मान करती हैं बंगाल सरकार- ममता ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार राष्ट्रपति के पद और संविधान का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और राज्य सरकार हमेशा उसकी गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। राष्ट्रपति का सम्मान हर सरकारी की जिम्मेदारी- ममता उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं ताकि राज्य सरकार की छवि खराब की जा सके। ममता बनर्जी ने दोहराया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अपनी तरफ से सभी जरूरी सहयोग दिया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और संविधान का सम्मान करना हर सरकार और नागरिक की जिम्मेदारी है, और पश्चिम बंगाल सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाती है। लोगों के अधिकार के लिए धरना पर बैठी हूं- ममता ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए राष्ट्रपति का बैगडोगरा हवाई अड्डे पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं धरना पर बैठी हूं ताकि लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें। मैं इसे कैसे छोड़ सकती हूं? उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और सरकार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने दोहराया कि राज्य सरकार हमेशा राष्ट्रपति और संविधान का सम्मान करती है और कार्यक्रम में किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए इसे जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। क्या है पूरा मामला, समझिए गौरतलब है कि बंगाल की राजनीति में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों के मामले में सियासत सातवें आसमान पर पहुंच गई है। इसकी शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को दार्जिलिंग में 9वें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन के आयोजन को लेकर असंतोष व्यक्त किया था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति पर टिप्पणी की थी। इसके बाद क्या था, भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप लगाया और खूब बयानबाजी की। दूसरी ओर जबकि टीएमसी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप को खारिज किया है।

फाइनल में संजू सैमसन का कमाल, विराट कोहली और शाहिद अफरीदी के क्लब में एंट्री

अहमदाबाद  संजू सैमसन रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में अर्धशतक लगाकर विराट कोहली और शाहिद अफरीदी के क्लब में शामिल हो गए हैं। वह टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल और फाइनल में अर्धशतक लगाने वाले तीसरे बैटर बन गए हैं। संजू सैमसन ने फाइनल में कर दिखाया कमाल, कोहली-अफरीदी के क्लब में मारी एंट्री भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के फाइनल में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। संजू सैमसन ने जारी टी20 विश्व कप में लगातार मैचों में तीन अर्धशतकीय पारी खेली। संजू ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 33 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। इसकेसाथ ही वह टी20 विश्व कप के एक संस्करण में सेमीफाइनल और फाइनल में अर्धशतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी और भारत के महान बल्लेबाज विराट कोहली ये कारनामा चुके हैं। कोहली-अफरीदी के क्लब में एंट्री संजू सैमसन टी20 विश्व कप में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंद में 89 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 8 चौके और सात छक्के लगाए। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी संजू के बल्ले से खूब रन निकले हैं। संजू सैमसन 33 गेंद में अर्धशतक पूरा करने के साथ ही टी20 विश्व कप में सेमीफाइल और फाइनल में 50 से अधिक स्कोर बनाने वाले तीसरे बैटर बने हैं। इससे पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने 2009 में सेमीफाइनल और फाइनल में अर्धशतकीय पारी खेली थी। वहीं भारत के दिग्गज विराट कोहली ने 2016 में खेले गए टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल और फिर फाइनल में अर्धशतक बनाया था।  

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कवर्धा में जिलास्तरीय महतारी वंदन कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा कवर्धा में जिलास्तरीय महतारी वंदन कार्यक्रम में हुए शामिल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना की 25 वीं किश्त की राशि बस्तर में आयोजित कार्यक्रम से जारी की। इस अवसर पर कवर्धा के वीर सावरकर भवन में महतारी वंदन सम्मेलन का आयोजन किया। इस आयोजन में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं सांसद  संतोष पाण्डेय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।            सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी,  जनपद पंचायत अध्यक्ष मती सुषमा बघेल, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, सभापति मती सुष्मिता पटेल,  नितेश अग्रवाल,  विजय पटेल,  मनीराम, मती मधु तिवारी, मती सुषमा चंद्रवंशी, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी  आनंद तिवारी, पार्षदगण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।      उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने विश्व महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सिर्फ आज ही नहीं हर दिन महिला दिवस है। समाज में जब भी कुछ सकारात्मक बदलाव लाना होता है इसकी शुरुआत महिलाओं से होती है। पुरातन काल और हजारों वर्षों से यह हमारी परम्परा है, जहां माताओं का स्थान समाज में सर्वोच्च है। हमारे देश में माताएं देवियों के रूप में पूजित हैं। आदि शंकराचार्य ने जब मंडन मिश्रा से शास्त्रार्थ किया था तो निर्णायक की भूमिका भी एक विदुषी महिला उभय भारती जो कि मंडन मिश्रा की पत्नी थी, उन्होंने निभाई थी।        भारत में परिवर्तन के लिए महिला शक्ति को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को स्व रोजगार, उद्यमिता और सहकारिता से जोड़ते हुए लखपति दीदी के रूप आगे बढ़ाया जा रहा है। महतारी वंदन पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी योजना है। महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हर माह 1 हजार रुपए की राशि महिलाओं को मिल रही है। आज योजना की 25 वीं किश्त जारी हो रही है। यह राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। महिलाएं स्व रोजगार और उद्यमिता को अपनाकर आय अर्जित कर रही हैं। जिससे वे अपने बच्चों और घर परिवार से जुड़े आर्थिक जरूरतों की पूर्ति खुद करने में सक्षम हो रही हैं।      उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के हाथ में योजना की राशि मिले और वे स्वयं अपने खाते से राशि निकाल सकें, इसके लिए हर पंचायत में अटल डिजिटल केंद्र खोल जा रहे हैं। जिससे महिलाओं को दूर शहरों में बैंक या सोसायटी तक जाना न पड़े। महिला स्व सहायता समूहों के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, यह विशेष रूप से महिलाओं के लिए ही होगा। इसका निर्माण क्लस्टर लेवल फेडरेशन स्तर पर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सदन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह नीति निर्धारण में महिलाओं की सहभागिता को बढ़ाएगा। राजनांदगांव सांसद  संतोष पांडे ने अपने सम्बोधन में कहा कि महिला एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज और देश की नींव तैयार करती है। माँ के रूप में महिला शक्ति अपने संतान को जो शिक्षा और सीख देती है वैसा ही उसका विकास होता है।     जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक जीवन स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। महतारी वंदन की राशि देने का वायदा किया था। सरकार बनने के बाद यह राशि जारी करने की शुरुआत की गईं अब तक 25 किश्त जारी की जा चुकी है।  उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले की 2.48 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना से अब तक 24 किश्तों में 563.49 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।  ये हुए सम्मानित उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में मती गंगोत्री, मती यशोधरा मानिकपुरी, मती प्रीति सिंह परिहार, मती श्वेता शर्मा, मती पायल वास्तव, मती सरस्वती निषाद, मती चंद्र कुमारी, मती रंजना भट्ट, मती सुकून चंद्रवंशी, मती अनीता पाली, मती खुशबू, अनीता केसरवानी, रीना शर्मा, अश्वनी वास्तव, विवेका हैरिस, मती सरोज शर्मा, निकिता डड़सेना एवं संगीता साहू शामिल हैं। इसके साथ ही सामाजिक संस्था नई सोच नई राह नारी शक्ति टीम को भी समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

2000 से अधिक महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी, रायपुर में गूंजा राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति का संदेश

रायपुर 2000 से अधिक महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी, रायपुर में गूंजा राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति का संदेश2000 से अधिक महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी, रायपुर में गूंजा राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति का संदेश अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में “मैं भारत हूं” थीम पर भव्य बाइक-स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। मातृशक्ति की ऐतिहासिक भागीदारी से सजी इस रैली में 2000 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया और राष्ट्रभक्ति, अनुशासन तथा महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। यह रैली अपनी विशिष्टता और व्यापक सहभागिता के कारण गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज की गई।        रैली का शुभारंभ माँ काली मंदिर से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ हुई। इसके बाद अखिल भारतीय धर्मजागरण समन्वय कार्यसमिति सदस्य  राजेंद्र प्रसाद वास्तव और  विभा अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली का नेतृत्व महिला पुलिस कर्मियों के अनुशासित दस्ते ने किया, जिसके पीछे हजारों महिलाएं हाथों में तिरंगा लिए उत्साहपूर्वक आगे बढ़ीं। यह रैली माँ काली मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए राम मंदिर, वीआईपी चौक पर संपन्न हुई। रास्ते भर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव और सह-संयोजिका तथा नगर निगम पार्षद डॉ. अनामिका सिंह के नेतृत्व में पूरे आयोजन का सफल संचालन किया गया।          समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज में यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देने के लिए आज महिलाओं ने जो स्कूटी रैली निकाली वह गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गयी है यह हमारे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपने जीवन में अपनी बुआ अपनी मां अपनी पत्नी जैसी सशक्त महिलाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं पुरुषों से अधिक सहनशील और ज्यादा मजबूत होती हैं।  उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंग को याद करते हुए कहा कि यदि आज भारत की संस्कृति शाश्वत है, इस अविरल संस्कृति और सभ्यता को कोई आगे लेकर जाने वाला है तो वह भारत की महिलाएं हैं। अगर जीजा बाई ना होती तो शिवाजी का अस्तित्व नहीं होता और कौशल्या माता के संस्कार से ही तो भगवान  राम का अस्तित्व है। हर कामियाब व्यक्ति के पीछे महिला का हाथ होता है।          उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शासन की योजनाओं का लाभ लेकर लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक का सफर तय कर रहीं हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का भी कार्य कर रही हैं। महिलाओं के संकल्प के आगे कोई टिक नहीं सकता आज नक्सलावाद के नासूर को जड़ से मिटाने के लिए दिन रात पहाड़ों में रहकर कार्य करने वाली पुलिस विभाग की महिलाओं का भी उन्होंने अभिनंदन किया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकृत उद्घोषक सोनल शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक संदेश देने और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह स्कूटी रैली गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल की गई है, जो रायपुर और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।           अखिल भारतीय धर्मजागरण विभाग के प्रमुख  राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संगठित मातृशक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति और संस्कृति की संरक्षक है। वहीं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में अग्रणी है और यह आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है। आयोजन की संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव ने कहा कि रायपुर की सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का यह जनसैलाब भारतीय नारी के राष्ट्रप्रेम और समर्पण का प्रमाण है। वहीं डॉ. अनामिका सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी पूर्ण है जब नारी मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।          इस अवसर पर विभिन्न महिला संगठनों ने इस आयोजन में सहभागिता की और सभी प्रतिभागियों को हेलमेट भी प्रदान किया गया। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और आदर्श नागरिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प लिया। हाथों में तिरंगा और “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ संपन्न हुई यह रैली महिला शक्ति, संस्कार और आत्मविश्वास का प्रेरक उदाहरण बन गई।

Women’s Day 2026: महिलाओं के लिए वित्तीय सहारा, SBI का ₹4500 करोड़ प्रोजेक्ट

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4500 करोड़) की सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन सुविधा शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यवसाय, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी मजबूत हो सके। SBI की यह वित्तीय पहल वैश्विक स्तर पर अपनी तरह की बड़ी जेंडर-थीम आधारित लोन योजनाओं में से एक मानी जा रही है। बैंक के अनुसार यह फंड महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने पर केंद्रित है। इस वित्तीय व्यवस्था में ‘ग्रीनशू ऑप्शन’ भी शामिल किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर लोन की राशि बढ़ाई जा सकती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में मौजूद लैंगिक असमानता को कम करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। बैंक का कहना है कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-5 यानी लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान देगी। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय सहयोग मिलने की संभावना है। SBI के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सतत विकास की आधारशिला है और बैंक इस दिशा में मजबूत भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक वृद्धि से नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं को अवसर प्रदान करने से संभव है। यह पहल इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल केवल बैंकिंग क्षेत्र का कदम नहीं बल्कि सस्टेनेबल फाइनेंस की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस प्रकार के सामाजिक निवेश से समावेशी आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है और महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर, महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह पहल महिलाओं को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और समाज में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

₹1,085 करोड़ फ्रॉड केस में अनिल अंबानी घिरे, PNB की शिकायत पर CBI ने दर्ज की नई FIR

 मुंबई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कारोबारी अनिल अंबानी (Anil Ambani) के खिलाफ आईपीसी की धारा-420 और 120बी के तहत एक नया मामला दर्ज किया है. यह एफआईआर पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर संतोषकृष्ण अन्नावरपू की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. इस एफआईआर के मुताबिक, 2013 से 2017 के बीच अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्‍युनिकेशंस (Reliance Communications) के अन्य तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलकर पीएनबी के साथ 1085 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. बैंक ने क्या लगाया आरोप ? पंजाब नेशनल बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 1085 करोड़ रुपये का लोन इस मंशा से लिया कि उसे वापस नहीं किया जाएगा. पीएनबी ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने बैंक से लिए गए फंड को जानबूझकर दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया. आरोप है कि अनिल कंपनी ने बैंक के पैसों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) किया. एफआईआर में रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और मझारी काकर समेत कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR में कहा गया है कि आरोपियों ने PNB को 621.39 करोड़ रुपए और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जिसका अब PNB में विलय हो चुका है) को 463.80 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है. रिलायंस पावर कंपनी के 12 ठिकानों पर मारी ताबड़तोड़ रेड बता दें कि, इससे पहले शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापेमारी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई. गौरतलब है कि इससे पहले 25 फरवरी ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी की मुंबई के पाली हिल स्थित आवासीय संपत्ति ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था, जिसकी अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही इस समूह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है.

बिजुरी पुलिस की पहल से गुम हुए 14 मोबाइल बरामद

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के आदेशानुसार थाना बिजुरी पुलिस द्वारा गुम हुए मोबाइलों की तलाश हेतु विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान थाना बिजुरी पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए 14 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए, जिससे मोबाइल मालिकों के चेहरे पर खुशी लौट आई। बरामद मोबाइलों का विवरण इस प्रकार है —     1.    अजय कुमार द्विवेदी पिता संतोष कुमार द्विवेदी निवासी माइनस— मोबाइल कीमत ₹22,999     2.    संस्कार मिश्रा पिता अजय मिश्रा, निवासी माइनस — मोबाइल कीमत ₹10,000     3.    रामखेलावन जायसवाल पिता रामसजीवन जायसवाल, निवासी कपिलधारा कॉलोनी — मोबाइल कीमत ₹8000     4.    अब्दुल हक सिद्दीकी पिता अब्दुल गफ्फार सिद्दीकी  निवासी भालूमाड़ा— मोबाइल Vivo कीमत ₹11000     5.    राकेश सेन  निवासी मोहड़ा दफ़ाई— मोबाइल redmi कीमत ₹6000     6.    पीयूष शुक्ला  पिता रामकुमार शुक्ला, निवासी कपिलधारा— मोबाइल iphone X कीमत ₹97000     7.    बृहस्पति सिंह   , निवासी डोला — मोबाइल Oppo कीमत ₹13499     8.    सागर मिश्रा  पिता जमुना मिश्रा  — मोबाइल  OPPO कीमत ₹12000     9.    संदीप कुशवाह पिता शंकर कुशवाह, निवासी बिजुरी  — मोबाइल realme c 35, कीमत ₹12800     10.    महेंद्र जायसवाल पिता स्व चंदीराम जायसवाल, निवासी थानगांव — मोबाइल vivo y 100a कीमत ₹21,999     11.    सुनीता अगरिया पति  सूरज अगरिया — मोबाइल Redmi 9 कीमत ₹10,000 12. अमित यादव पिता खेमराज यादव नि. लोहसरा मोबाइल.Redmi 12  कीमत 12,999 13. भोला प्रसाद केवट निवासी- नगाराबांध        मोबाइल oppo a 17   कीमत 8,000 14.डिंपल सिंह पिता जय सिंह नि. बेलियाछोट मोबाइल realme कीमत 11,000 बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 257,200/ रु है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी बिजुरी विकास सिंह आरक्षक आनंद कुमार ,रवि सिंह ,सुशील यादव  लक्ष्मण डांगी एवं साइबर सेल से पंकज मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा।

मुक्तिधाम में अनहोनी: एक ही नंबर का टोकन मिलने से दूसरा परिवार ले गया अस्थियां

इंदौर शनिवार को पंचकुइया मुक्तिधाम पर अस्थियां गायब होने को लेकर हंगामा हो गया। मुक्तिधाम से एक ही नंबर के टोकन तीन मृतकों के स्वजन को दे दिया गया, उसके चलते यह स्थिति बनी। मदनलाल विश्वकर्मा (55) निवासी गौरी शंकर नगर का शुक्रवार को निधन हुआ था। शनिवार को स्वजन अस्थियां संग्रह के लिए पहुंचे तो उन्हें अस्थियां नहीं मिलीं। मुक्तिधाम में तैनात कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने रजिस्टर खंगाला। इससे पता चला कि 13 नवंबर वाला टोकन तीन अलग-अलग मृतकों के स्वजन को दे दिया गया था। ऐसे में दूसरा परिवार स्व. विश्वकर्मा की अस्थियां लेकर चला गया। बाद में उस परिवार को फोन लगाया तो वे भी पशोपेश में पड़ गए। उन्होंने बताया कि टोकन नंबर देखकर वे अस्थि ले गए थे। करीब तीन घंटे बाद वे अस्थियां लेकर लौटे और विश्वकर्मा परिवार को सौंपी। बताया कि वे अस्थि विसर्जन करने निकल गए थे। फोन आने के बाद रास्ते से पलटे और वापस मुक्तिधाम आए। बिना सोचे उस जगह से अस्थियां लेकर चले गए सुनील चौबे (65) निवासी नगीन नगर का पांच मार्च को निधन हो गया था। पंचकुइया मुक्तिधाम पर उनका भी अंतिम संस्कार किया था। उनका भी शनिवार को अस्थि संचय था। सुबह बेटे अजय परिवार के साथ मुक्तिधाम पहुंचे और 13 नंबर टोकन दिया तो निगमकर्मियों ने उन्हें संबंधित स्थान से अस्थियां संग्रह करने के लिए कहा। नंबर के अनुसार वे भी बिना सोचे उस जगह से अस्थियां लेकर चले गए। कर्मचारी से गलती हो गई परिवार ने कहा कि निगमकर्मियों ने जिस जगह का कहा था, वहीं से अस्थियां संचय की गई हैं। मामले में पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने कहा कि जिस कर्मचारी से गलती हुई है, वह 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है। कोरोना जैसे संक्रमण में उसका सबसे अहम योगदान रहा। उसने भूलवश 12 की बजाय 13 नंबर के टोकन दे दिए, जिससे गड़बड़ी हुई। इसके साथ ही कर्मचारी को समझाइश के साथ चेतावनी भी दी है कि आगे ऐसी गलती न हो।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम योगी ने नारी शक्ति को सम्मान देकर सुनी उनकी सफलता की कहानी

लखनऊ "नारी, तुम केवल श्रद्धा हो…" सुप्रसिद्ध कवि जयशंकर प्रसाद की इन प्रेरणादायक पंक्तियों को चरितार्थ करता नजारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रविवार को देखने को मिला। यह अवसर था राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह तथा 'पिंक रोजगार महाकुंभ-2026' के आयोजन का, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान सीएम योगी का संवेदनशील और आत्मीय रूप सामने आया, जिसने पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण का एक नया और सकारात्मक माहौल बनाया है। कार्यक्रम में जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर सभी को समान अवसर देने की योगी सरकार की नीति स्पष्ट नजर आई। प्रदेश के कोने-कोने से आई बेटियां अपनी सफलता का पुरस्कार सीएम योगी के हाथों पाकर भावुक और उत्साहित नजर आईं। समारोह का सबसे दिल छू लेने वाला पल तब आया जब जौनपुर से 'ड्रोन दीदी' दुर्गा मौर्या सीएम से बात करने के लिए खड़ी हुईं। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आदरपूर्वक कुर्सी पर बैठने का आग्रह किया और उन्हें बैठाकर ही उनकी पूरी बात सुनी। सीएम ने दुर्गा से बड़ी आत्मीयता से पूछा, "एक सीजन में कितनी कमाई हो जाती है आपकी?" दुर्गा ने गर्व से बताया कि सरकार के सहयोग से एक सीजन में 50 से 60 हजार रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है और अब तो उन्होंने नमकीन की फैक्ट्री भी लगा ली है। इस पर सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "हम तो अब तक जानते थे कि जौनपुर में सिर्फ इमरती फेमस है, लेकिन आज आपने बताया कि अब आपकी नमकीन भी आ गई है। मैं जब भी जौनपुर आऊंगा तो इमरती के साथ आपकी नमकीन जरूर खाऊंगा।” जब सायरा बानो को मिला सम्मान तो एक स्वर में सभी बोले, सौभाग्य की बात है कि हमारे सीएम योगी हैं मंच पर एक अलग ही माहौल तब बना, जब मुख्यमंत्री ने कन्या सुमंगला योजना की नन्ही लाभार्थी शानवी गुप्ता को दुलारा। सीएम ने शानवी को एक प्यारा सा सफेद टेडी बियर देते हुए कहा, "ये सफेद टेडी बियर तुम्हारे लिए लाया हूं।" जैसे ही मुख्यमंत्री ने बच्ची को प्यार से अपनी गोद में उठाया, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा और हर तरफ एक ही आवाज थी- "बेटियां सुरक्षित हाथों में हैं।" सीएम योगी ने वहां मौजूद प्रत्येक बच्ची से व्यक्तिगत बात की और विशेष स्नेह जताया। उन्होंने बच्चियों से पूछा, "इस पैसे से क्या करोगी? कपड़े खरीदोगी?" एक बच्ची की मां से सीएम ने बड़े ही भाव से पूछा, "बच्ची सो रही है क्या? "कार्यक्रम में जब 9वीं कक्षा की छात्रा सायरा बानो को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया, तो वहां मौजूद महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि यह हम सबके लिए परम सौभाग्य की बात है कि हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। इसी तरह मेधावी छात्रा दुर्गा यादव का भी सीएम योगी ने उत्साहवर्धन किया। सीएम ने दुर्गा से पूछा, "आपने क्या किया है?" दुर्गा ने बताया कि उन्होंने बीसीए किया है। जिसके बाद सीएम ने उनकी आगे की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।  योगी ने दिए आमदनी बढ़ाने के टिप्स समारोह में महिला लाभार्थियों के साथ सीएम का सीधा संवाद बेहद प्रेरक रहा। फूलों की खेती करने वाली चंदौली की सोनी से सीएम ने पूछा कि वह कितने का फूल बेच लेती हैं? सोनी ने 17 हजार रुपये की कमाई की बात बताई। इस पर सीएम ने कहा कि सूखे फूलों से अगरबत्ती और इत्र बनाने का काम करके वे अपनी आमदनी और बढ़ा सकती हैं। इस पर सोनी ने बताया कि हमने ट्रेनिंग ली है। ड्रोन दीदी की कमाई प्रतिदिन 3000 रुपये तक हो रही है। महिला होकर ई-रिक्शा चलाती हैं, डर नहीं लगता? वाराणसी की सीता देवी से सीएम को बताया कि उनकी आमदनी 20 हजार रुपये है और उनके सहयोग से 250 अन्य महिलाओं ने ई-रिक्शा चलाना सीखा है। सीएम योगी ने हैरानी और प्रशंसा के भाव से पूछा, "महिला होकर ई-रिक्शा चलाती हैं, डर नहीं लगता, पहले घर-परिवार नाराज रहता होगा?" सीता के जवाब से पहले ही सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा, "अब जब पैसा आता है तो घर-परिवार जरूर खुश रहता होगा। इस पर सीता ने कहा कि मुझे कोई डर नहीं लगता। अब जब पैसे आ रहे हैं तो घर परिवार के साथ पड़ोसी भी खुश रहते हैं। 5 सरकारी योजनाओं का लाभ गाजीपुर की प्रमिला जब बोलने के लिए खड़ी हुईं, तो सीएम ने उन्हें भी आदरपूर्वक बैठकर बोलने को कहा। प्रमिला ने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन और कन्या सुमंगला समेत 5 सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला चाहे तो अपने दम पर आत्मनिर्भर बन सकती है। "शोहदों का टिकट काटने के लिए अगले चौराहे पर यमदूत बैठे हैं" महिला सुरक्षा पर सीएम योगी ने बेहद कड़े शब्दों में हुंकार भरी। उन्होंने कहा, "आज दो बातें गौरव की अनुभूति कराती हैं। एक तो यूपी की हर बेटी अब खुद को सुरक्षित महसूस करती है। बेटी स्कूल जा रही है, मन में कोई डर नहीं है। इसकी पूरी जिम्मेदारी अब सरकार पर है। सीएम ने कहा, दूसरी बात यह कि अगर कोई शोहदा दुस्साहस करता है, तो अगले चौराहे पर उसका टिकट काटने के लिए यमराज के दूत बैठे हैं। इतना सुनते ही पूरा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।  योगी सरकार चट्टान की तरह साथ है कार्यक्रम में एक लघु फिल्म के जरिए दिखाया गया कि कैसे पिछले 9 वर्षों में बेटियां अपने सपनों को साकार कर रही हैं। महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा, "यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री महिलाओं की हमेशा चिंता करते हैं। आज बेटियां घर संभालने के साथ ही देश-प्रदेश के विकास में योगदान दे रही हैं। राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कविता के माध्यम से नारी शक्ति को नमन किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं बोल रही हैं कि योगी जी की सरकार में अब हम सुरक्षित महसूस करते हैं। आज महिलाएं सशक्त हैं। हमारी बेटियां हर जगह सुरक्षित हैं। संवेदनशील मुख्यमंत्री को धन्यवाद। 2017 से पहले महिला सशक्तीकरण सिर्फ टीवी और अखबार की डिबेट तक सीमित था: अनिल राजभर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा … Read more