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मार्च में ही गर्मी का कहर: अलीगढ़ में पारा 35° पार, लू जैसा महसूस हुआ मौसम

अलीगढ़ मार्च की शुरुआत के साथ ही अलीगढ़ शहर में गर्मी के तेवर तेज होने लगे हैं। स्थिति यह है कि बीते दो दिन से अलीगढ़ पूरे प्रदेश में तीसरा सबसे गर्म जिला बना हुआ है। रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन तेज धूप और मौसम में नमी कम होने के कारण लोगों को 37 डिग्री जैसा तापमान महसूस हुआ। दरअसल पिछले कुछ दिनों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। दोपहर के समय तेज धूप के कारण सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही भी कम नजर आई। खासकर दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच गर्मी का असर अधिक रहा। लोग धूप से बचने के लिए छाता, गमछा और पानी की बोतल साथ लेकर निकलते दिखाई दिए। झांसी में सबसे ज्यादा गर्मी, दूसरे स्थान पर आगरा मौसम विभाग की जिलेवार रिपोर्ट के अनुसार, बीते 7 मार्च को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सबसे ज्यादा तापमान झांसी, आगरा और अलीगढ़ में दर्ज किया गया। इन जिलों में क्रमश : 36.6, 36.4 और 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। नई दिल्ली स्थित मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. एम राजकुमार बताते हैं कि बुंदेलखंड में ज्यादा गर्मी सामान्य मानी जाती है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ परिस्थितियों में तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इसलिए गर्म हो रहा अलीगढ़     प्रो. एम राजकुमार ने बताया कि जब उत्तर भारत से पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाता है तो उसके बाद आसमान साफ हो जाता है। बादल और नमी कम होने से सूर्य की सीधी किरणें जमीन को ज्यादा गर्म करती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ जाता है। अगर हवा की गति कम हो जाए तो गर्मी ज्यादा महसूस होती है। हवा न चलने पर जमीन की गर्मी आसपास ही बनी रहती है, जिससे तापमान और हीट इंडेक्स दोनों बढ़ जाते हैं।     राजस्थान और बुंदेलखंड की तरफ से आने वाली शुष्क गर्म हवा पश्चिम यूपी के हिस्सों तक पहुंच जाती है। इससे दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा हो सकता है।     अलीगढ़ में कंक्रीट, सड़कें और इमारतें ज्यादा होने से जमीन तेजी से गर्म होती है और गर्मी ज्यादा देर तक बनी रहती है। इसे शहरी हीट आइलैंड प्रभाव कहते हैं। अगले दो दिन में 37 डिग्री पार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले दो दिन में अलीगढ़ का तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। सर्वाधिक बुधवार को दोपहर के वक्त 37 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है।  

टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान: 5 भारतीय खिलाड़ियों की एंट्री, सूर्या और हार्दिक पांड्या को नहीं मिली जगह

नई दिल्ली भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी है। इसी के साथ भारत घर पर और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला भी पहला देश बना है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से रौंदकर यह उपलब्धि हासिल की। ऐसे में लाइवहिंदुस्तान आपके लिए टीम ऑफ द टूर्नामेंट लेकर आया है। 11 खिलाड़ियों की इस टीम में 5 भारतीयों को शामिल किया गया है, जिसमें संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह जैसे मैच विजेता खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली है। आईए एक नजर टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम ऑफ द टूर्नामेंट पर डालते हैं। संजू सैमसन और साहिबजादा फरहान (ओपनर्स) लाइवहिंदुस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट के ओपनर्स के रूप में भारत के संजू सैमसन और पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ियों को प्रदर्शन इस वर्ल्ड कप में लाजवाब रहा। संजू सैमसन ने मात्र 5 मैचों में 321 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं साहिबजादा फरहान ने सबसे अधिक 383 रन बनाकर इतिहास रचा, वह एक टी20 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। साहिबजादा फरहान ने इस वर्ल्ड कप में 2 शतक जड़े। टिम साइफर्ट भी एक ऑप्शन थे, मगर साहिबजादा फरहान उनसे एक कदम आगे रहे। एडन मारक्रम, ईशान किशन और शिवम दुबे (मिडिल ऑर्डर) साउथ अफ्रीका के कप्तान एडन मारक्रम को इस टीम में नंबर-3 पर रखा गया है, साथ ही उन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया है। SA ने मारक्रम की अगुवाई में ही बिना हारे सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, हालांकि न्यूजीलैंड ने एकतरफा मैच में उन्हें हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया। मारक्रम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 286 रन बनाए। वहीं सूर्यकुमार यादव 242 रनों के साथ उनसे पीछे रहे। ईशान किशन और शिवम दुबे का भी चयन इस टीम में हुआ है। किशन ने इस वर्ल्ड कप में 317 रन बनाए, जो संजू सैमसन के बाद किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक है। उनकी पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतकीय पारी भी हर किसी को याद रहेगी। वहीं शिवम दुबे ने इस टूर्नामेंट में 235 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट भी चटकाए। इस वर्ल्ड कप में उनका इंपैक्ट हार्दिक पांड्या से काफी अधिक था। विल जैक्स और सिकंदर रजा (ऑलराउंडर्स) इंग्लैंड के विल जैक्स और जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा को लाइवहिंदुस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में बतौर ऑलराउडर्स चुना गया है। विल जैक्स ने 4 प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतकर इंग्लैंड को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने बल्ले से 226 रन बनाने के साथ-साथ 9 विकेट भी चटकाए थे। वहीं सिकंदर राज की अगुवाई में ही जिम्बाब्वे ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों को हराने में कामयाब रहा। रजा ने इस टूर्नामेंट में 206 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट भी चटकाए। जसप्रीत बुमराह, शैडली वैन शाल्कविक, लुंगी एनगिडी और वरुण चक्रवर्ती जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती संयुक्त रूप से टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज रहे। दोनों को 14-14 विकेट मिले। जसप्रीत बुमराह का इंपैक्ट काफी अलग था, उन्होंने यह 14 विकेट 12.42 की औसत और 6.21 की इकॉमी से रन खर्च करके लिए। वरुण अंत में आते-आते थोड़े महंगे जरूर साबित हुए, मगर विकेट का कॉलम उनका भरा रहा। इसके अलावा अमेरिका के शैडली वैन शाल्कविक और साउथ अफ्रीका के लुंगी एनगिडी को भी टीम में रखा गया है। अमेरिका की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी, मगर शैडली वैन शाल्कविक ने 4 मैचों में ही 13 विकेट चटकाकर हर किसी को हैरान कर दिया था। बुमराह-चक्रवर्ती आखिरी मैच में उनसे आगे निकले में कामयाब रहे। वहीं लुंगी एनगिडी के खाते में 12 विकेट आए, उनका इकॉनमी 7.19 का रहा। टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट- संजू सैमसन, साहिबजादा फरहान, एडन मारक्रम, ईशान किशन, शिवम दुबे, विल जैक्स, सिकंदर रजा, जसप्रीत बुमराह, शैडली वैन शाल्कविक, लुंगी एनगिडी, वरुण चक्रवर्ती

घर में आग से फटे सिलेंडर व एसी कंप्रेसर से महिला की मौत

ग्वालियर. ग्वालियर के दौलतगंज स्थित बालाबाई के बाजार की संकरी गली में रविवार दोपहर एक मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद परिवार के लोग बाहर नहीं निकल पाए और लपटों के बीच फंस गए। फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से खिड़कियां व कांच तोड़कर पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन परिवार की बहू अंकिता अग्रवाल की दम घुटने से मौत हो गई। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की 40 से अधिक गाड़ियों से पानी डाला गया, इसके बावजूद देर रात तक मकान में आग धधकती रही। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक बालाबाई के बाजार में कुंजबिहारी प्लाइवुड से जुड़े दिनेश अग्रवाल, गिर्राज अग्रवाल और हरिओम अग्रवाल का पुराना मकान है। तीनों भाइयों का परिवार इसी मकान में एक साथ रहता है। रविवार दोपहर अचानक घर में लगे विंडो एसी में शॉर्ट सर्किट हो गया और आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने ऊपरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के समय घर में परिवार के छह से अधिक सदस्य मौजूद थे। अचानक फैली आग और धुएं के कारण सभी लोग घबरा गए और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सभी लोग घर के अंदर ही फंस गए। बाथरूम में बंद हो गई थी महिला परिवार के अधिकांश सदस्य किसी तरह छत की ओर पहुंच गए, लेकिन घर की बहू अंकिता अग्रवाल पत्नी सचिन अग्रवाल आग और धुएं से बचने के लिए बाथरूम में जाकर बंद हो गईं। आग और धुएं के कारण उनका दम घुट गया। इस दौरान फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने खिड़कियां और कांच तोड़कर घर में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि अंकिता को गंभीर हालत में बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिलिंडर और एसी कंप्रेसर फटने से भड़की आग स्थानीय लोगों के मुताबिक आग लगने के दौरान घर में रखे सिलिंडर और एसी के कंप्रेसर भी फट गए। इन धमाकों के कारण आग और तेजी से फैल गई। इससे आसपास के लोगों में भी भय का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक सतीश सिकरवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह और नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। संकरी गली के कारण राहत कार्य में आई परेशानी दौलतगंज के बालाबाई बाजार की गलियां बेहद संकरी हैं। यहां अधिकांश जगहों पर गोदाम और दुकानें हैं और सड़कों पर दोपहिया वाहनों की भीड़ रहती है। ऐसे में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां एक बार में एक या दो की संख्या में ही अंदर पहुंच सकीं। आग पर काबू पाने में देरी होने पर प्रशासन को एयरफोर्स, बीएसएफ, एसडीआरएफ और मुरैना से भी दमकल वाहन बुलाने पड़े। आधुनिक उपकरणों की कमी भी आई सामने इस घटना के दौरान फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के पास आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की कमी भी सामने आई। कर्मचारियों को केवल पानी, रस्सी और सीढ़ियों जैसे पारंपरिक साधनों के सहारे राहत कार्य करते देखा गया। कई कर्मचारियों के पास हेलमेट, दस्ताने और मास्क तक नहीं थे। जानकारी के अनुसार विभाग के पास चार फायर सेफ्टी सूट मौजूद हैं, लेकिन उनका उपयोग नियमित रूप से नहीं किया जाता। इन्हें अधिकतर मॉक ड्रिल के समय इस्तेमाल कर बाद में अलमारी में बंद कर दिया जाता है। संकरे बाजारों में बढ़ा खतरा ग्वालियर शहर के कई प्रमुख बाजार संकरी गलियों में बसे हुए हैं, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आसानी से नहीं पहुंच पातीं। इनमें महाराज बाड़ा, टोपी बाजार, नजरबाग मार्केट, दही मंडी और माधौगंज जैसे इलाके शामिल हैं। मुरार क्षेत्र में भी कई ऐसे बाजार हैं जहां दमकल वाहन पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे क्षेत्रों में हाइड्रेंट की व्यवस्था जरूरी मानी जाती है, ताकि आग लगने की स्थिति में तेज प्रेशर से पानी लेकर तुरंत राहत कार्य किया जा सके। हालांकि नगर निगम की ओर से बजट में इसकी घोषणा की गई है, लेकिन इसे जमीन पर लागू करना अभी बाकी है। पहले भी हो चुकी हैं बड़ी आग की घटनाएं ग्वालियर में पिछले डेढ़ दशक में कई बड़ी आग की घटनाएं हो चुकी हैं। वर्ष 2010 में महाराज बाड़ा स्थित विक्टोरिया मार्केट में आग लगने से पूरा बाजार तहस-नहस हो गया था। 2015 में मुरार क्षेत्र में एक मकान में आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 2020 में मोची ओली में आग लगने से बुजुर्ग दंपत्ति की मौत हुई। उसी वर्ष रोशनीघर मार्ग पर गोयल पेंट हाउस में लगी आग में परिवार के सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके अलावा 2022 में कांचमिल क्षेत्र की जूता फैक्ट्री में आग लगने से कर्मचारी जान बचाने के लिए इमारत से कूदने पर मजबूर हो गए थे। 2024 में संगम वाटिका और रंगलमहल गार्डन में आग लगने से पूरा परिसर जलकर खाक हो गया था। दौलतगंज की यह घटना एक बार फिर शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और संकरी गलियों में आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

मिडिल ईस्ट संकट का असर, रुपया टूटा — डॉलर के मुकाबले 92.5 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर

नई दिल्ली भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 92.20 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन जल्दी ही गिरकर 92.528 तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 25% से ज्यादा उछलकर 118 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों में डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आयातकों और तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के मुताबिक, डॉलर-रुपया जोड़ी फिलहाल अपने नए ऑल-टाइम हाई के आसपास 92.30-92.32 के दायरे में कारोबार कर रही है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल और मजबूत डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। तकनीकी चार्ट के आधार पर फिलहाल ट्रेंड अमेरिकी डॉलर के पक्ष में मजबूत दिखाई दे रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और शेयर बाजार में भारी गिरावट ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ाया है। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 18 पैसे गिरकर 91.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। घेरलू शेयर बाजार में दिखी बड़ी गिरावट इधर डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.66% बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया। वहीं घरेलू शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2,400 से ज्यादा अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 708.75 अंक टूटकर 24,000 के नीचे पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि इस बीच एक सकारात्मक संकेत यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.885 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया।  

नवरात्रि मेले में स्वास्थ्य सेवा: निजी अस्पताल लगाएगा फ्री मेडिकल कैंप, तुरंत इलाज की सुविधा

डोंगरगढ़ चैत्र नवरात्रि के दौरान मां बम्लेश्वरी मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विशेष पहल की है। पहली बार मेले में निजी चिकित्सालयों की सहभागिता से नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पदयात्रियों को तत्काल प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में निजी अस्पतालों के संचालकों और प्रतिनिधियों के साथ मेला अवधि के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि 19 मार्च 2026 से प्रारंभ होने वाले चैत्र नवरात्रि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं, ऐसे में शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों के साथ निजी चिकित्सालयों की सक्रिय भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। बैठक में तय किया गया कि प्रमुख सेवा पंडालों और मार्गों पर अस्थायी मेडिकल कैम्प स्थापित किए जाएंगे, जहां निजी चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ रोटेशन के आधार पर ड्यूटी देंगे। इन शिविरों में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क प्राथमिक उपचार और दवाई वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस सेवाएं भी मेला क्षेत्र के आसपास तैनात रहेंगी। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में त्वरित सहायता के लिए बाईक एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा। बताया गया कि इस व्यवस्था में करीब 48 चिकित्सा संस्थान अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरूचि सिंह, संयुक्त कलेक्टर शीतल बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न, जिला आरसीएच नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

फाइनल से दूर रहे अमिताभ बच्चन, शाहरुख-रश्मिका समेत सितारों ने जीत का जश्न मनाया

मुंबई भारत ने टी20 वर्ल्डकप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को शिकस्त दी है। पूरा देश जीत की खुशी मना रहा है। ऐसे में सिनेमा जगत की हस्तियां खुश हैं। कई सेलेब्स ने अपनी खुशी सोशल मीडिया पर जाहिर की है। आइए जानते हैं सेलेब्स किस तरह भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं? अमिताभ बच्चन टी20 वर्ल्डकप में भारत की जीत पर अमिताभ बच्चन ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने एक्स पर भारतीय टीम की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है 'कहा था नहीं देखूंगा तो जीत जाएंगे। हो गया।' अमिताभ बच्चन के कैप्शन से लगता है कि उन्होंने टी20 वर्ल्डकप का फाइनल मैच नहीं देखा है। इसलिए भारत जीत गया है। शाहरुख खान शाहरुख खान ने भारत की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने एक्स पर लिखा है 'बहुत बड़ी जीत। भारत की टीम ने बहुत अच्छा किया। आप लोग चैंपियन हैं। आप लोगों को मैदान पर देखकर गर्व महसूस होता है। आपको सलाम। जय हिंद।' आमिर खान आमिर खान ने अलग तरह से भारत की जीत का जश्न मनाया है। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है 'आज एक अरब दिल जश्न मना रहे हैं।'   संजय दत्त संजय दत्त ने भारतीय टीम की तस्वीर शेयर की है और खिलाड़ियों को चैंपियंस बताया है। सारा अली खान टी20 वर्ल्डकप में भारत की जीत पर सारा अली खान उत्साहित हुई हैं। उन्होंने इंस्टास्टोरी पर क्रिकेट टीम की तस्वीर लगा कर कैप्शन में लिखा है 'बार बार भारतीय टीम चैंपियन बनी है।' सोनल चौहान सोनल चौहान ने भारत का झंडा लहराते हुए इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। उन्होंने इसके कैप्शन में लिखा है 'कप हमारा है। अच्छा एहसास है।'   सुहाना खान शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान ने अपनी इंस्टास्टोरी पर भारतीय क्रिकेट टीम की तस्वीर लगाई है। तस्वीर पर चैंपियंस लिखा है। तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने नीले दिल वाले इमोजी बनाए हैं। रश्मिका मंदाना रश्मिका मंदाना ने भारतीय टीम की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है 'भारतीय टीम को शुभकामनाएं।' अनन्या पांडे अनन्या पांडे ने इंस्टास्टोरी पर एक वीडियो शेयर करके लिखा है 'हम चैंपियंस हैं।' राजपाल यादव राजपाल यादव ने भारतीय टीम की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है 'वर्ल्ड कप घर आ गया।' तीसरी बार विजेता बना भारत ख्याल रहे कि भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 255 रन बनाए। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में सिर्फ 159 रन ही बना सकी और भारत ने 96 रन से मैच जीत लिया।

कर्नाटक में CM पद की अटकलों के बीच दिल्ली निकले शिवकुमार

नई दिल्ली. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नई दिल्ली दौरे ने विधानसभा के बजट सत्र के बाद राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिर से हवा दे दी है। सरकारी और पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कलबुर्गी से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। इससे पहले दिन में, दोनों नेताओं ने जिले के चित्तपुर में 1,069 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी। मीडिया के साथ साझा किए गए शिवकुमार के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली गये हैं और सोमवार सुबह बेंगलुरु लौटेंगे। सिद्धारमैया क्या बोले मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कहा जा रहा है कि शिवकुमार के समर्थक कुछ विधायक दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान के सामने अपने नेता को विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा व्यक्त चुके हैं। यह बजट सत्र 27 मार्च को समाप्त होगा। इस बीच, शिवकुमार 10 मार्च को सभी मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे होने का जश्न होगा। पहले भी दे चुके संकेत शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह 'अत्यंत धैर्य' रखे हुए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्रांति में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास है और उम्मीद है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि उन्हें न तो स्वार्थ के लिए किसी भी तरह की 'ब्लैकमेलिंग' में दिलचस्पी है और न ही कांग्रेस के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा करने में। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह मैदान में उतरकर लड़ने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन उनकी लड़ाई कभी भी पार्टी के भीतर नहीं होती। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा था, 'आज तक मैंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा है। हमारे बीच के मुद्दे, मेरे, मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक ही सीमित हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो फैसला हुआ है उसमें हम शामिल हैं, इसके अलावा मैंने कभी कुछ नहीं कहा।' उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा, दलितों को यह पद मिलना चाहिए, दूसरों को मिलना चाहिए। ये वही लोग हैं जो मुख्यमंत्री का पद खाली करवाना चाहते हैं, चाहते हैं कि यह पद दलितों और अन्य लोगों को दिया जाए। मैंने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा।'

विधानसभा में लखमा का सवाल- ‘जिन किसानों का धान नहीं खरीदा, कौन पटाएगा उनका कर्ज?

रायपुर. धान खरीदी के विषय पर कांग्रेस विधायकों ने मंत्री दयालदास बघेल को घेरा. विपक्ष ने कहा कि सरकार धान खरीदी के लिए सिर्फ दिखावा करती है. इसके साथ ही विपक्ष ने मंत्री से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया. विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने वर्ष 2025-26 में हुई धान खरीदी और उसके उठाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि धान खरीदी के संबंध में जो जानकारी दी है, उसमें धान खरीदी कब शुरू हुई और किस्त का भी उल्लेख करेंगे? इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में कुल 46846.86, बीजापुर में 21888.59, दंतेवाड़ा में 9757, कांकेर में 147528.3, कोंडागांव में 58911.78, नारायणपुर में 17383.06 और सुकमा में 16608.14 मीट्रिक टन धान का कुल उठाव हुआ है. विधायक बघेल लखेश्वर ने कहा कि किसान लगातार एसडीएम कार्यालय और हर जगह चक्कर काटता रहा. सबसे बड़ा घोटाला धान खरीदी में हो रहा है, कोई पानी डाल रहा है, तो कोई ईंट खरीद रहा है. इसे गंभीरता से लेना जरूरी है. कितने किसानों को वनाधिकार संख्या जारी है, और कितने ऋणधारी है? इस पर मंत्री ने बताया कि जितना धान अभी बिका है, वह किसी भी वर्ष नहीं बिका है. पूर्व सीएम ने भूपेश बघेल ने सवाल किया कि बस्तर के कितने किसान हैं, जिनका दूसरा टोकन कटा लेकिन धान नहीं बेच सके? ऐसे कितनी ऋणी किसान हैं, जिनका टोकन कटा फिर भी धान नहीं बेच सके? जो किसान ऋणी है उनका धान खरीदेंगे क्या या उनका कर्जा माफ करेंगे? धान खरीदी के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवालों के जवाब में मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार में भी ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा गया था. पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बजट सत्र के दौरान पहला प्रश्न खाद्य मंत्री से पूछा कि बस्तर संभाग के आदिवासी 32200 से ज्यादा किसानों से धान खरीदी क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि किसानों का धान खरीदा जाएगा या किसानों का कर्जा चुकाया जाएगा. खाद्य मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि जो किसानों धान खरीदी केंद्र तक धान लेकर पहुंचे थे, उनका धान हमने खरीदा है, जो नहीं पहुंचे उनका धान नहीं खरीदा गया. इस पर कवासी लखमा ने कहा कि किसानों का पंजीयन हुआ, टोकन कटा, लेकिन उसके बाद भी किसान से धान नहीं खरीदा गया. बस्तर के किसानों को धान का 206 करोड़ रुपया मिलना था, उन किसानों का अब क्या होगा? किसानों ने कर्जा लिया है, उसको कौन पटाएगा. खाद्य मंत्री ने कहा कि जो भी किसान ऋण लेता है, उसका धान खरीदा जाता है. लेकिन धान खरीदा उनका जाता है, जो खरीदी केंद्र तक आते है. इस पर लखमा ने कहा कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया है, उनका कर्जा कौन पटाएगा?

जनता दर्शन में अनोखा संवाद: सीएम ने बच्चे से की पढ़ाई पर बात, दी सलाह- मोबाइल नहीं, किताबों पर दो ध्यान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में लोगों की समस्याओं को सुना और जल्द से जल्द निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एक बच्चे को चॉकलेट दी और उसकी पढ़ाई के बारे में पूछताछ की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए पीड़ितों मुख्यमंत्री ने मुलाकात की और उनका प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार सभी की उचित समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। निश्चिंत होकर घर जाइए, आपकी समस्याओं का निस्तारण होगा। मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रशासनिक व पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समय सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए।   ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। एक बच्चे के पास पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें पढ़ो। सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही करो, जितनी आवश्यकता है। इसका अत्यधिक प्रयोग घातक है। सीएम ने मोबाइल आदि का प्रयोग भी कम करने की सलाह दी। निवेश और उद्योग विकास में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दो उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेषकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) व जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतरीन इकोसिस्टम तैयार किया गया है। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। उद्यमियों की परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निवेश और उद्योग विकास में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।   अवैध कब्जे के मामले पर सीएम हुए सख्त कासगंज से आए पीड़ित ने सीएम के समक्ष पुलिस से जुड़ी शिकायत रखी। पीड़ित ने अपने प्रकरण में कार्रवाई पर देरी की शिकायत की। इस पर सीएम योगी ने पुलिस अधीक्षक को मामले का संज्ञान लेते हुए समस्या के समयबद्ध निराकरण का निर्देश दिया। वहीं एक प्रकरण पारिवारिक विवाद से भी जुड़ा आया। अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत पर सीएम सख्त हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने पीड़ित को आश्वस्त किया कि नियमानुसार तत्काल कार्रवाई होगी।

MP में स्टापेंड संशोधन लागू न होने पर मेडिकल कॉलेजों में 8 हजार डॉक्टर्स हड़ताल पर

भोपाल. मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल शुरू कर दी है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी और ऑपरेशन थिएटर में केवल गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। हड़ताल का असर प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है, क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टर अस्पतालों के अधिकांश काम का भार संभालते हैं। ओपीडी सेवाएं बंद डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी सेवाएं बंद रहने से मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सिर्फ गंभीर मरीजों का ऑपरेशन जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन थिएटर में भी केवल अति गंभीर मरीजों का ही ऑपरेशन किया जाएगा। सामान्य और इलेक्टिव सर्जरी जैसे हर्निया, रॉड इंप्लांट और अन्य तय ऑपरेशन फिलहाल टल सकते हैं। इसका सीधा असर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर पड़ेगा। अप्रैल 2025 से लागू होना था संशोधित स्टाइपेंड JDA के अनुसार शासन के आदेश के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित स्टाइपेंड संशोधन एक अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। साथ ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान भी नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदेशभर के 8 हजार डॉक्टर आंदोलन में शामिल JDA के नेतृत्व में प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब आठ हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न इस आंदोलन में शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में इलाज और मरीजों की मॉनिटरिंग का लगभग 70 प्रतिशत काम यही डॉक्टर संभालते हैं, इसलिए उनके आंदोलन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। तीन दिन से काली पट्टी बांधकर कर रहे थे विरोध डॉक्टरों ने शुक्रवार से ही शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था और पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे। इसके बावजूद मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण अब उन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा, अन्यथा विरोध को और तेज किया जाएगा।