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कूनो नेशनल पार्क में ज्वाला चीता ने दिया पांच शावकों को जन्म

श्योपुर. मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का लगातार सफलता मिल रही है, सोमवार को ज्वाला चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इसी के साथ मध्य प्रदेश में कुल चीतों की संख्या 50 के पार पहुंच गई है। ज्वाला तीसरी बार मां बनी है। देश में जन्में चीतों की संख्या 33 पहुंच गई है। वहीं इन चीतों के जन्म के साथ कुल चीतों की संख्या 53 हो गई है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए ज्वाला चीता और उसके शावकों का वीडियो शेयर कर यह खुशखबरी दी है। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था। गामिनी दूसरी बार मां बनी। इससे पहले उसने 10 मार्च 2024 को छह शावकों को जन्म दिया था जिसमें से पांच शावक जिंदा हैं। इन नए शावकों के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि देश में कुल चीता आबादी अब 38 तक पहुंच गई है। वन विभाग के अनुसार, सभी नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम उनकी सतत निगरानी कर रही है। प्रोजेक्ट चीता को मिल रही मजबूती अधिकारियों का कहना है कि लगातार मिल रही प्रजनन सफलताएं प्रोजेक्ट चीता की प्रभावशीलता को साबित कर रही हैं। फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की समर्पित निगरानी के कारण कूनो में चीतों का अनुकूलन और प्रजनन दोनों सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं। हर नया जन्म इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नई ऊर्जा दे रहा है।

ई-मेल से मिली बम धमकी: बालोद-बेमेतरा कोर्ट में हाई अलर्ट

बालोद/बेमेतरा छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट और विभिन्न जिला कोर्टों को लगातार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही है। इसी बीच आज बालोद कोर्ट और बेमेतरा जिला न्यायालय परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह धमकी ईमेल के जरिए मिली है। धमकी मिलने के बाद कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं पुलिस ने कोर्ट परिसर से सभी मजिस्ट्रेटों को सुरक्षित सर्किट हाउस लेकर पहुंची और सभी अधिवक्ताओं को भी बाहर निकाला गया है। फिलहाल, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बम स्क्वॉड की टीम जांच में जुट गई है। बता दें कि 25 फरवरी को छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। इसके अलावा, इससे पहले प्रदेश के अन्य जिलों जैसे राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के न्यायालयों को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, जांच में यह बात सिर्फ अफवाह निकली थी।

टी20 वर्ल्ड कप जीतते ही शोएब अख्तर का अजीब रिएक्शन, ‘अमीर बच्चा-गरीब बच्चा’ बयान से मचा बवाल

नई दिल्ली जली न, तेरी जली न। ये मीम अक्सर सोशल मीडिया पर चलता है। भारत के लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने पर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की जलन पर ये मीम बहुत ही सटीक बैठता है। शायद इससे ज्यादा सटीक कोई मौका हो ही नहीं सकता। टीम इंडिया की जीत से शोएब अख्तर जल भी गए और शायद कन्फ्यूज भी हो गए। एक तरफ वह अमीर बच्चा-गरीब बच्चा वाली कहानी सुनाकर भारत की कामयाबी को कमतर जताने की कोशिश करने लगे। अब्बा डब्बा जब्बा करने लगे। दूसरी तरफ भारतीय टीम की जमकर तारीफ भी की। टीम इंडिया ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से शिकस्त दे दी। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने टी20 विश्व कप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन ठोक डाले। फिर प्लेयर ऑफ द मैच जसप्रीत बुमराह और लोकल बॉय अक्षर पटेल की कातिल गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड की टीम को 19 ओवर में 159 रन पर समेट दिया। पूरे विश्व कप में भारत ने सिर्फ एक मैच हारा। सुपर 8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ। लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसरी बार टी20 विश्व चैंपियन बनकर टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया लेकिन रावलपिंडी एक्सप्रेस को सूर्यकुमार यादव ब्रिगेड की ये कामयाबी शायद ठीक से नहीं पची।   शोएब अख्तर ने टैपमैड शो 'गेम ऑन है' पर भारत की इस ऐतिहासिक जीत पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली लेकिन अंदाज ऐसा रहा जैसे टीम इंडिया की कामयाबी को कमतर जताने की कोशिश कर रहे हों। शोएब अख्तर ने कहा, ‘इंडिया ने कोशिश की, जैसे अमीर बच्चा नहीं होता मोहल्ले में, जो सारे गरीब बच्चों को बुला लेता है कि आओ क्रिकेट खेले। जीतना सिर्फ मैंने है। इंडिया भी वही कर रहा है हमारे साथ। 8 टीम में से 4 रह गई हैं, उनको हराकर कहता है, लो मैं जीत गया। क्रिकेट भी खत्म कर दिया गया।’ अख्तर ने जब ये बात कहते हैं तब शो पर मौजूद दूसरे पैनलिस्ट सना मीर, मोहम्मद हफीज, उमर गुल और सकलैन मुश्ताक हंसने लगते हैं। शोएब अख्तर एक तरफ तो भारत की ऐतिहासिक कामयाबी को हल्के-फुल्के अंदाज में कमतर जताने की कोशिश की लेकिन उसी शो पर दूसरी तरफ चैंपियन टीम की तारीफों के पुल भी बांधे। शोएब अख्तर ने कहा, ‘ये उनकी नीतियों, सिस्टम और मेरिट का सबूत है। ये भी हो सकता था कि पैसे का सही जगह पर इस्तेमाल नहीं होता। गौतम गंभीर ने जोखिम लिया और संजू सैमसन को बीच में लाए। अभिषेक शर्मा युवा है और अक्खड़ है, उसे बहुत कुछ सीखने की जरूरत है लेकिन सैमसन बहुत ही परिपक्व है।’ अख्तर ने भारतीय टीम की तारीफ करते हुए कहा, 'भारत ने दिखाया कि कैसे सही खिलाड़ियों को मौके दिए जाते हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने संन्यास ले लिया था और अब भारत ने विश्व कप जीत लिया।'

घर में डस्टबिन कहाँ रखें? वास्तु शास्त्र बताता है सही दिशा और जगह

घर की सजावट और सुख-शांति के लिए हम अक्सर घर के हर सामान पर ध्यान देते हैं। लेकिन, अक्सर डस्टबिन (कूड़ेदान) को नजरअंदाज़ कर देते हैं। शायद इसलिए क्योंकि हम इस बात से वाकिफ नहीं होते कि इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर चीज अपनी एक ऊर्जा छोड़ती है। कूड़ेदान, जो गंदगी और विसर्जन का प्रतीक है, अगर गलत दिशा में रखा हो तो यह घर में नकारात्मकता , बीमारी और आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है। किस दिशा में रखें घर का डस्टबिन? वास्तु नियमों के अनुसार, कूड़ेदान का काम 'विसर्जन'  करना है। इसलिए इसे हमेशा ऐसी दिशा में होना चाहिए जो चीजों को बाहर निकालने या नष्ट करने के लिए जानी जाती है। वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण  या दक्षिण-पश्चिम दिशा डस्टबिन रखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। यह वीडियो भी देखें इन दिशाओं में कूड़ा रखने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और परिवार में अनावश्यक तनाव नहीं रहता। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम दिशा को भी एक विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन जगहों पर भूलकर भी न रखें डस्टबिन      ईशान कोण : यह देवताओं का स्थान है। यहां कूड़ा रखने से मानसिक शांति भंग होती है और परिवार में गंभीर बीमारियां आने का खतरा रहता है।     पूर्व दिशा : यह दिशा मान-सम्मान और सामाजिक संबंधों की है। यहां डस्टबिन रखने से आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा कम हो सकती है और लोगों से रिश्ते खराब हो सकते हैं।     दक्षिण-पूर्व : इसे 'अग्नि कोण' कहा जाता है। यहां कचरा रखने से घर की महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और फिजूलखर्ची (बेवजह के खर्चे) बढ़ती है। रखरखाव का जादुई असर सिर्फ दिशा ही काफी नहीं है, कूड़ेदान कैसा होना चाहिए यह भी बहुत मायने रखता है। वास्तु शास्त्र बताते हैं हमेशा ढक्कन वाला डस्टबिन ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि खुला कचरा सीधे तौर पर नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। इसके अलावा, कूड़ेदान को कभी भी घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने या मंदिर के पास न रखें। इसे नियमित रूप से साफ करें और सुनिश्चित करें कि इसके आसपास गंदगी न फैले।

दिल्ली हाईकोर्ट में CBI की अपील पर सुनवाई, केजरीवाल और सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को नोटिस

नई दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 लोगों को शराब घोटाले में बरी कर दिया था। सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने सभी 23 पक्षों को नोटिस जारी कर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।   दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रखा।   केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 को नोटिस, ED केस में सुनवाई पर रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े केस की सुनवाई से रोक दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। वहीं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के स्टेटमेंट पर भी रोक लगाई। मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल मनीष सिसोदिया या अन्य किसी भी आरोपी के तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ था। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। एसजी तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है, इस मामले में आरोपियों द्वारा कुल 170 फोन नष्ट किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जिस समय पूरा देश लॉकडाउन में था और आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंध था उस समय रिश्वत लेने देने के लिए प्राइवेट जेट तक का इस्तेमाल किया गया। ट्रायल कोर्ट के आदेश में अप्रूवर दिनेश अरोड़ा के बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। दिनेश अरोड़ा इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह है। उन्होंने बताया है कि मीटिंग्स में क्या हुआ। दिनेश अरोड़ा के बयानों को आरोप तय करने के स्टेज पर स्वीकार किए जाने चाहिए। सीबीआई ने अपनी 974 पेज की लंबी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच में सामने आए तथ्यों पर सही से विचार नहीं किया। याचिका में दावा किया गया है कि आबकारी नीति में साजिश रचकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामला स्पष्ट था, लेकिन निचली अदालत ने इसे नजरअंदाज कर दिया। मामला 2021-22 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़ा है, जिसे आप सरकार ने लागू किया था, लेकिन भ्रष्टाचार, रिश्वत और कार्टेलाइजेशन के आरोपों के बीच जुलाई 2022 में ही रद्द कर दिया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नीति को जानबूझकर इस तरह तैयार किया गया, ताकि शराब कारोबार में कुछ लोगों को एकाधिकार मिले और करोड़ों रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ। 27 फरवरी 2026 को स्पेशल जज जितेंद्र सिंह की अदालत ने 598 पेज के आदेश में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि सीबीआई का केस पूर्व नियोजित और बनावटी है। केवल बयानों पर केस बनाया गया। अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए थे। सीबीआई की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च यानी आज सुनवाई हुई। यह मामला हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

e-PAN डाउनलोड करने का ईमेल? सरकार ने जारी की चेतावनी, भूलकर भी न करें ये गलती

नई दिल्ली क्या आपको भी e-PAN कार्ड डाउनलोड करने को लेकर कोई ईमेल आया है? अगर हां, तो चौकन्ने हो जाएं क्योंकि ये साइबर ठगी करने वालों का नया हथकंडा है। दरअसल साइबर अपराधी लोगों को ईमेल भेजकर e-PAN कार्ड डाउनलोड करने का झांसा दे रहे हैं। PIBFactCheck ने X पर पोस्ट कर ठगी के इस नए जाल से बचकर रहने की सलाह दी है। ठग अपने इस नकली ईमेल में फर्जी लिंक पर लोगों को क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। साइबर अपराधी नकली लिंक से लोगों का निजी डेटा जैसे कि आधार या बैंक की डिटेल्स चुराकर झूठे लोन और बैंक के साथ धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं। PIBFactCheck ने साफ लिखा है कि ये ईमेल नकली है और इस तरह के किसी भी ईमेल पर मौजूद लिंक पर आपको क्लिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा इसकी शिकायत करने के बारे में भी सरकारी फैक्ट चेक संस्था ने पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है। क्या है e-PAN कार्ड स्कैन e-PAN कार्ड स्कैम साइबर अपराधियों का ठगी करने का नया हथियार है। इसमें लोगों को e-PAN कार्ड डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। यह मेल इस तरह से लिखा जाता है कि जैसे इनकम टैक्स विभाग की ओर से भेजा गया हो। e-PAN कार्ड डाउनलोड करने के लिए ईमेल में मौजूद लिंक फर्जी होता है। जिसका मकसद यूजर की निजी डिटेल्स चुराकर लोगों का बैंक अकाउंट खाली करना होता है। आपको आए ईमेल तो क्या करें?     अगर आपको ऐसा ईमेल आए, तो PIBFactCheck के अनुसार ईमेल का जवाब न दे। भले कोई भी खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर संपर्क करे लेकिन उसका जवाब न दें।     इसके अलावा ईमेल मौजूद किसी भी अटैचमेंट को न खोलें। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें वायरस या मैलवेयर हो सकते हैं जो आपके कंप्यूटर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।     ईमेल में मौजूद लिंक पर क्लिक न करें। अगर गलती से क्लिक हो भी जाए, तो वहां अपनी बैंक डिटेल्स या क्रेडिट कार्ड जैसी निजी जानकारी बिल्कुल न भरें।     ईमेल में मौजूद मैसेज में दिए गए लिंक को कॉपी करके अपने ब्राउजर में पेस्ट न करें। हैकर्स ऐसे लिंक बनाते हैं जो दिखने में असली लगते हैं, लेकिन वे आपको फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं।     अपने कंप्यूटर में हमेशा अपडेटेड एंटी-वायरस, एंटी-स्पाइवेयर और फायरवॉल का इस्तेमाल करें। ये आपको अनचाही फाइलों और इंटरनेट पर आपकी जासूसी करने वाले सॉफ्टवेयर से बचाते हैं। ईमेल आए तो ऐसे करें शिकायत अगर आपको भी e-PAN कार्ड जैसा कोई फर्जी ईमेल आता है, तो आप इसकी शिकायत आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए आप     संदिग्ध ईमेल या ईमेल में आए वेबसाइट के लिंक को webmanager@incometax.gov.in पर भेज दें।     इसके अलावा CERT-In को सूचना दें। इसकी एक कॉपी incident@cert-in.org.in पर भी भेजें।     इसके तुरंत बाद उस फर्जी ईमेल को अपने इनबॉक्स से डिलीट कर दें।

रिहाना के घर पर ताबड़तोड़ 10 गोलियां चलीं, पॉप स्टार सुरक्षित; शूटर पर कानूनी शिकंजा

कैलिफोर्निया पॉपुलर सिंगर रिहाना ने अपने म्यूजिक से दुनिया भर में एक अलग पहचान बनाई है, जिसके चलते हर देश में उनके हजारों फैंस मौजूद हैं. लेकिन आज इस पॉप-स्टार को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, सिंगर के कैलिफोर्निया के बेवर्ली हिल्स में मौजूद घर के बाहर फायरिंग हुई है. खबरों के मुताबिक इस घटना को एक 30 साल की महिला शूटर ने अंजाम दिया है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. एक महिला ने रिहाना के घर की ओर 10 राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली घर की दीवार पर लगी है। सूत्रों के मुताबिक हमले के वक्त रिहाना घर पर मौजूद थीं, लेकिन इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई है। यह घटना लॉस एंजिलिस के ब्रेबरी हिल्स में हुई। हमले की जानकारी मिलते ही लास एंजिलिस पुलिस मौके पर पहुंची और 30 साल की एक महिला को हिरासत में लिया। कैलिफोर्निया के बेवर्ली हिल्स में मौजूद पॉपुलर पॉप-स्टार रिहाना के घर के बाहर फायरिंग हुई है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. वहीं पुलिस ने सिंगर के घर की तरफ बार-बार गोली चलाने वाली महिला शूटर को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है.   रिहाना के घर के बाहर हुई इस घटना को लेकर लॉस एंजिल्स पुलिस डिपार्टमेंट ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार, 8 मार्च को सिंगर के घर के पास करीब दोपहर 1:21 पर गोलीबारी की घटना हुई. इस दौरान 5 से 7 गोलियां चलाई गईं, जो उनके घर के गेट पर लगीं. लेकिन इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है. पॉप-स्टार रिहाना के घर के बाहर हुई इस घटना को लेकर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिसमें इस हादसे के पीछे की वजह को बताया गया हो. साथ में, अभी ये भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि उस समय सिंगर के पति एएसएपी रॉकी और उनके बच्चे आरजेडए, रायट रोज और रोज घर पर मौजूद थे या नहीं. पुलिस अधिकारी फिलहाल गोलीबारी के पीछे के मकसद की जांच में जुटे हुए हैं.

दुर्ग में अफीम की खेती पर सदन में हंगामा, विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव; ‘धान का कटोरा’ पर उठे सवाल

रायपुर विधानसभा बजट सत्र के दौरान सोमवार को शून्य काल के दौरान विपक्ष ने दुर्ग में सामने आई भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती का मुद्दा उठाया. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मामले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर दोषियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही कांग्रेस ने सरकार पर ‘धान के कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की बात कही. पूरे मामले पर सदन में सत्ता पक्ष ओर विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ. इसके साथ सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि राजधानी से 50 किलोमीटर की दूरी पर विनायक ताम्रकार नाम का व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर अफीम की खेती करने में लगा हुआ है. पूरा छत्तीसगढ़ सुलझे नशे से बर्बाद हो रहा है, और जिस ट्रैक से दूसरे तरफ किसानों के धान की खरीदी नहीं की जा रही ऐसे में हमे यह लगता है कि शायद आप लोग यही चाहते हैं कि पूरे छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती हो. छत्तीसगढ़ जो धान का कटोरा है. उसे आप लोग अफीम का कटोरा बनान चाहते है. इसमें पूरे शासन के लोग शामिल हैं. यह सामूहिक संरक्षण में किया जा रहा है. इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मै तो यही कहूंगा कि इसमें कांग्रेस शामिल है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री का नाम लिया. इसका असली तथ्य कहां है? यह खेती आज से नहीं चालू है. यह खेती 4 साल से हो रही है. वहां की दूरी पाटन से 40 किलोमीटर है. भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह होली के ठीक पहले की घटना है. गांव के लोग लकड़ी इकट्ठा करने गये थे, वहां चने के खेत से होते हुए उन लोगों ने यह खेती देखी. कलेक्टर का कहना है कि विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती हो रही है, पर एफआईआर में नौकर को मुख्य आरोपी बताया गया है. जो मुख्य आरोपी है, उसका नाम तीसरे नंबर पर है. इसे सबका संरक्षण है, इसलिए दूसरी बात इसमें रकबा नहीं है. कुल मिलाकर लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है. एफआईआर आखिर इतना लाचार क्यों बनाया गया है. इसे ग्राहय कर इसमें चर्चा कराएं. पहले तो पंजाब जैसे जगहों से केवल नशे के पदार्थ का आना-जाना चलता था, पर अब तो अफीम की यानी नशे की खेती हो रही है. उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने जवाब में कहा कि दुर्ग पुलिस को 6 मार्च को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी. किसी सरपंच से ऐसी सूचना नहीं मिली थी. सूचना मिली थी कि अवैध रूप से समोद गांव के फॉर्म हाउस में अफीम की खेती की जा रही है. तत्काल वाहन टीम पहुंची. एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाई की गई. दूसरे दिन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में जप्ती की कार्रवाई की गई. दोषियों को मौके से ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. 6 हज़ार 242 किलोग्राम अफीम जप्त की गई थी. उन्होंने कहा कि बीते दो साल में दो हज़ार से ज़्यादा प्रकरण में से पाँच हज़ार से ज़्यादा आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है. शासन ने सभी जिलों में टास्क फ़ोर्स का गठन किया है. आरोपी और सप्लायरों के ख़िलाफ़ फाइनेशियल इन्वेस्टिगेशन अलग से किया जा रहा है. आरोपियों की 16 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जप्त की गई है. 2024-25 में ड्रग्स डिपॉस्जल कमेटी का गठन कर बड़े पैमाने पर ड्रग्स डिस्पोज किया गया है. मानस पोर्टल नम्बर 1933 का व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि गृहमंत्री ने कहा कि मुखबिर ने इसकी सूचना दी थी. अजय चंद्राकर ने कहा कि 4 साल से खेती हो रही थी. राज्य के कई हिस्सों में अफ़ीम की खेती की सूचना आती रही है. मैं 1993 में इस विभाग का मंत्री रहा हूँ. कैसे अफ़ीम बनता है ये सब मुझे पता है. अफ़ीम की खेती जो शुरू हुई है, ये बड़ा ख़तरनाक हो सकता है. छत्तीसगढ़ के गांवों में यदि इस तरह का नशा पैदा करेंगे, तो हमारे बच्चों का क्या होगा.

ईरान के तेल डिपो पर इजरायली हमलों के बाद हवा जहरीली और आसमान काला

तेहरान. इजरायल की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इस बीच रविवार को उसने ईरान के तेल डिपो पर भी हमले किए हैं, जिसके कारण वहां की हवा खराब होने की भी शिकायतें हैं। हालात ऐसे हैं कि तेल डिपो पर हमले होने से इतना धुआं उठा कि आसमान काला हो गया है। इसके अलावा हवा में तेल के कण पाए जा रहे हैं। हवा एक तरह से जहरीली हो गई है और ईरान के लोगों को सलाह दी गई है कि मास्क लगाकर निकलें। तेहरान से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें दिखता है कि आसमान एकदम काला है। इसके अलावा सड़कों, इमारतों और वाहनों पर भी तेल के धब्बे ही दिख रहे हैं, जिन्हें साफ करना भी मुश्किल है। शहर के गवर्नर ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क लगाकर निकलें क्योंकि शहर की हवा प्रदूषित हो गई है और लोग बीमार हो सकते हैं। ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि देश के कई ऑइल डिपो पर हमले हुए हैं। इनमें शहर के पूर्वोत्तर इलाके में स्थित अघदासेह ऑइल डिपो और शाहरान के ऑइल डिपो शामिल हैं। यही नहीं एक ऑइल रिफाइनरी भी इजरायल के हमले का निशाना बनी है। इजरायल की सेना ने भी पुष्टि की है कि उसने ईरान के तेल डिपो पर हमले किए हैं। उसका कहना है कि ये हमले इसलिए हुए हैं क्योंकि ईरानी सेना इनका इस्तेमाल कर रही थी। यहीं से ईरान की सेना से जुड़े लोगों को तेल सप्लाई हो रही थी। ईरान की FARS न्यूज एजेंसी के अनुसार तेहरान में कुल 4 तेल डिपो और एक ऑइल ट्रांसफर सेंटर पर हमला हुआ है। इसके अलावा तेल टैंकरों के 4 चालक भी एक डिपो पर हमले के दौरान मारे गए हैं। इन तेल डिपो में हुए हमलों के चलते आग भड़क गई, जो घंटों तक जलती रही। इसी के चलते खूब धुआं उठा और आसमान काला नजर आ रहा है। आसपास की इमारतें और इलाके में काली परत जम गई है। हालात ऐसे हैं कि आसमान में तेल से निकला धुआं जम गया और अब वही पिघलकर नीचे गिर रहा है। तेहरान और उसके आसपास की आबादी 1 करोड़ के करीब है। इस तरह इन हमलों ने एक बड़ी आबादी के लिए संकट बढ़ा दिया है। आसमान से टपक रहा तेल, लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा ईरान की रेड क्रेसेंट सोसायटी का कहना है कि इन हमलों के चलते जो तेल की परत धुएं के रूप में आसमान में जम गई है। वह अब धीरे-धीरे नीचे आ रही है। इसके चलते खतरनाक कण हवा में घुल गए हैं और ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। यहां तक कि स्किन एलर्जी लोगों को हो रही है और उन्हें सांस लेने तक में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। तेहरान के लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। लेबनान में भी हमले, मारे गए 394 लोग इसके अलावा किसी जरूरी काम से निकलने पर मास्क लगाने को कहा गया है। बता दें कि इजरायल ने ईरान के अलावा लेबनान पर भी हमले किए हैं। इन हमलों में 394 लोग मारे गए हैं। इनमें 83 बच्चे भी शामिल हैं। यह हमले तब हो रहे हैं, जबकि लेबनान के साथ इजरायल ने नवंबर 2024 में ही सीजफायर कर लिया था।

पंजाब में सड़क हादसे में मारे गए टीचरों के परिवार को मिलेंगे 1 करोड़: शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़. पंजाब सरकार सड़क हादसों में जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए नई योजना बनाने पर विचार कर रही है। पंजाब विधानसभा में इस विषय पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि सरकार ऐसी रणनीति तैयार कर रही है, जिसके तहत दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों को करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सके। विधानसभा में यह मुद्दा शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने उठाया। उन्होंने ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान सड़क हादसों में मारे गए दो शिक्षकों का मामला सदन में रखा और सरकार से उनके परिवारों के लिए विशेष सहायता की मांग की। शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान जिन दो शिक्षकों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई थी, उस मामले में विभाग की ओर से जो भी आर्थिक सहायता दी जानी है, वह नियमों के अनुसार दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी ओर से दोनों परिवारों को दस-दस लाख रुपये की सहायता पहले ही प्रदान की है। उन्होंने कहा कि मृतक शिक्षकों के परिवार के सदस्यों को नौकरी देने का मामला भी सरकार के विचाराधीन है। यह नियुक्ति पर्सोनल विभाग की गाइडलाइन के अनुसार की जाएगी। इस पर विधायक मनप्रीत अयाली ने कहा कि जिन शिक्षकों की मौत हुई है, उनके परिवार की स्थिति बेहद कठिन है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे मामलों में परिवारों को दो करोड़ रुपये तक की सहायता देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार के पास ऐसी कोई योजना है जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में बेहतर आर्थिक सहायता दी जा सके। सरकार आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कर रही काम इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग बहुत बड़ा है और बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं। ऐसे में सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बैंकों के साथ बातचीत कर रही है, ताकि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा सके जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में राज्य का बजट पेश किया गया है और सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा तथा उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।