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उत्तरप्रदेश में कामर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रुकी

लखनऊ. मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और युद्ध की परिस्थितियों ने एलपीजी (LPG) गैस की उपलब्धता पर संकट के बादल गहरा दिए हैं। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने बड़े फैसले लिए हैं। ताजा निर्देशों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) के कोटे में भी 20 से 25 फीसदी तक की कटौती का निर्देश दिया गया है। कामर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक के कारण शादी विवाह वाले घरों में संकट गहरा गया है। सोमवार को पेट्रोलियम कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में इन बंदिशों की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि युद्ध के चलते बिगड़ रहे वैश्विक हालातों को देखते हुए गैस की राशनिंग अनिवार्य हो गई है। अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और पटरी कारोबारियों को 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर आसानी से नहीं मिल सकेगा। इसकी आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है। हालांकि, मानवीय आधार पर केवल अस्पतालों और छात्रावासों (Hostels) को ही विशेष अनुमति के साथ कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से होटल और खान-पान के कारोबार से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है। घरेलू गैस के लिए '12 सिलेंडर' का सख्त नियम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी अब सिलेंडर पाना आसान नहीं होगा। पेट्रोलियम कंपनियों ने 'एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलेंडर' के पुराने नियम को अब कड़ाई से लागू कर दिया है। जिन उपभोक्ताओं ने चालू वित्तीय वर्ष में अपने कोटे के 12 सिलेंडर ले लिए हैं, उनकी नई बुकिंग पर सिस्टम ने ऑटोमेटिक रोक लगा दी है। इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब केवल टोल-फ्री नंबर और आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए ही बुकिंग स्वीकार की जा रही है। सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी (OTP) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ओटीपी वेरिफिकेशन के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी। अधिकारियों का पक्ष और आगामी समीक्षा इस संकट पर स्थानीय अधिकारी फिलहाल संभलकर बयान दे रहे हैं। गोरखपुर के जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर पर रोक की लिखित पुष्ट सूचना अभी कंपनियों से प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन मंगलवार को पेट्रोलियम कंपनियों और एजेंसी संचालकों की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गैस के स्टॉक, राशनिंग और आपूर्ति की खामियों की समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो।

यूपी में अब सर्किट हाउस की अब होटल की तरह ऑनलाइन बुकिंग शुरू

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पर्यटन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब प्रदेश का कोई भी नागरिक होटल की तर्ज पर राज्य के 21 सर्किट हाउसों और 334 गेस्ट हाउसों (निरीक्षण भवनों) में ठहरने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकेगा। यह व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी बनाई गई है, जिससे बिचौलियों और सिफारिशी संस्कृति पर लगाम लगेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी नई नियमावली के अनुसार, इन सरकारी आवासों में कुछ कमरों को वीआईपी दौरों और आपातकालीन सरकारी कार्यों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। हालांकि, शेष कमरे आम नागरिकों के लिए 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Served) के आधार पर खुले रहेंगे। इससे उन यात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी जो सुरक्षित और सरकारी मानकों वाली जगह पर ठहरना चाहते हैं। बुकिंग प्रक्रिया: एक क्लिक पर कमरा उपलब्ध इच्छुक आवेदक आधिकारिक वेबसाइट https://www.guesthouse.uppwd.gov.in पर जाकर अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर सकते हैं। सरकार ने एक 'एकीकृत वेब-आधारित सर्किट हाउस सूचना प्रणाली' विकसित की है। यहाँ लोग रियल टाइम उपलब्धता डैशबोर्ड देख सकेंगे, जिससे उन्हें तुरंत पता चल जाएगा कि किस जिले के गेस्ट हाउस में कितने कमरे खाली हैं। विशेष परिस्थितियों में, प्रशासन की अनुमति से 'ऑन-द-स्पॉट' (तुरंत) बुकिंग भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। भुगतान और सुरक्षा मानक ऑनलाइन बुकिंग के समय आवेदक को अपना सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) अपलोड करना अनिवार्य होगा। बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने और ऑनलाइन भुगतान के बाद आवेदक को उनके रजिस्टर्ड ई-मेल और मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के जरिए रसीद प्राप्त होगी। राजस्व की निगरानी के लिए एक 'डिजिटल लेजर' बनाया गया है, जहाँ हर लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। जिलाधिकारी के पास होगा विशेष अधिकार चूंकि ये भवन मुख्य रूप से सरकारी कार्यों के लिए हैं, इसलिए नियमों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी जिले में अचानक वीआईपी दौरा या प्रशासनिक आवश्यकता पड़ती है, तो संबंधित जिलाधिकारी (DM) के पास पूर्व की बुकिंग रद्द करने का अधिकार होगा। हालांकि, सामान्य दिनों में यह सुविधा आम जनता के लिए सुचारू रूप से चलती रहेगी। इस पहल से सरकार को न केवल अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, बल्कि सरकारी संपत्तियों का बेहतर रखरखाव भी सुनिश्चित हो सकेगा।

यूपी के किसानों से ₹1500 प्रति क्विंटल में होगी आलू खरीदी!

आगरा. जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर मंजू भदौरिया ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आलू किसानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि आगरा में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है। वर्तमान में बाजार में मूल्य लागत से भी कम है। मंजू भदौरिया ने आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, बाजार में हस्तक्षेप योजना लागू करने, निर्यात और परिवहन पर सब्सिडी देने के अलावा कोल्ड स्टोरेज के बिजली बिल में राहत देने की मांग की। जिले की विभिन्न जनसमस्याओं, जल संकट, किसानों की परेशानियों और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को लेकर डॉ. मंजू भदौरिया और पूर्व विधायक डॉक्टर राजेंद्र सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखते हुए जनहित में शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया। जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल जीवन मिशन योजना अभी पूरी तरह संचालित नहीं हो पाई है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने मांग की, जब तक योजना सुचारु रूप से लागू नहीं होती, तब तक जिला पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ग्राम स्तर पर सबमर्सिबल पंप, टंकी और पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने तथा सोलर सिस्टम युक्त जल मीनार स्थापित करने की अनुमति दी जाए। बांध बनाए जाने की मांग भी उठाई डॉक्टर भदौरिया ने आगरा की प्रमुख उटंगन नदी में जल संचयन के लिए फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव के पास स्लूस गेट युक्त बांध बनाए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने बताया कि राजस्थान के करौली क्षेत्र से आने वाली इस नदी में पर्याप्त जलराशि रहती है, जिसे बांध बनाकर संचित किया जा सकता है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और बाह व फतेहाबाद क्षेत्र के गांवों को सिंचाई तथा पेयजल के लिए लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टर मंजू भदौरिया द्वारा उठाए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

राज्यसभा चुनाव में फूलो देवी नेताम और लक्ष्मी वर्मा सहित कई निर्विरोध निर्वाचित

रायपुर. देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान है। हालांकि न उससे पहले ही राजनीतिक तस्वीर साफ हो चुकी है। 37 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में सात राज्यों के 26 उम्मीदवार बिना मुकाबले के ही निर्वाचित हो गए हैं। इनमें एनसीपी (शरद) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar), कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Singhvi ), केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Athawale Ramdas Bandu), फूलो देवी नेताम (phoolo devi netam) और लक्ष्मी वर्मा (lakshmi verma) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। कई राज्यों में विपक्षी दलों ने उम्मीदवार नहीं उतारे, जिसके कारण ये नेता बिना मतदान के ही राज्यसभा पहुंच गए हैं। वहीं बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला होना तय है। इन राज्यों में अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में होने के कारण चुनाव कराया जाएगा। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर चुनाव 16 मार्च को होंगे। इन चुनावों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। कुल 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके कारण बिहार, ओडिशा और हरियाणा में एक-एक सीट पर मुकाबला होगा। बीजेपी ने हरियाणा, ओडिशा और बिहार के राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया बीजेपी ने हरियाणा, ओडिशा और बिहार के राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार के लिए दो जबकि ओडिशा और हरियाणा के लिए एक-एक नेताओं की नियुक्ति की है। इससे साफ है कि इन तीनों राज्यों में राज्यसभा चुनाव के लिए सियासी मुकाबला होगा। वहीं, सात राज्यों के 26 सीटों पर शाम तीन बजे तक राज्यसभा के निर्विरोध सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। बिहार की पांचवी सीट पर होगा मुकाबला बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए 6 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। बीजेपी की तरफ से नितिन नबीन और शिवेश कुमार मैदान में है तो जेडीयू से रामनाथ ठाकुर और नीतीश कुमार किस्मत आजमा रहे हैं। एनडीए की तरफ से पांचवें उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा हैं। आरजेडी ने अमरेंद्र धारी सिंह को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। बिहार में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों की जरूरत है. एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं जबकि विपक्ष के पास 35 विधायक हैं। इसके अलावा छह विधायक अन्य हैं। बीजेपी और जेडीयू के दो-दो उम्मीदवार आसानी से जीत जाएंगे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा को अपनी जीत के लिए आरजेडी से दो-दो हाथ करना होगा। कुशवाह को तीन अतरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए तो आरजेडी के अमरेंद्र सिंह को 6 विधायकों का समर्थन चाहिए। आरजेडी ने ओवैसी की पार्टी का समर्थन मांगा है। अब देखना है कि कौन सियासी बाजी मारता है?  हरियाणा में रोचक हुआ राज्यसभा का मुकाबला हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। बीजेपी से संजय भाटिया और कांग्रेस से कर्मवीर बौद्ध मैदान में है। सतीश नांदल ने निर्दलीय पर्चा भरकर मुकाबले को रोचक बना दिया है, जिन्हें बीजेपी का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में एक सीट पर बीजेपी की जीत तय है, लेकिन दूसरी सीट के लिए कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच मुकाबला होगा। हरियाणा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 31 विधायकों का समर्थन चाहिए। राज्य की विधानसभा में 90 सदस्य हैं, जिनमें से बीजेपी के 48 विधायक हैं तो कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। इसके अलावा दो विधायक इनेलो और तीन निर्दलीय विधायक हैं। इस लिहाज से बीजेपी और कांग्रेस के लिए एक-एक राज्यसभा सीट जीत सकती हैं। बीजेपी की एक सीट तय मानी जा रही है, लेकिन पहले देखा गया है कि कांग्रेस के पास संख्याबल होने के बावजूद उसके प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। यही वजह है कि दूसरी सीट पर सियासी संग्राम होगा। ओडिशा में चौथी सीट के लिए होगी फाइट ओडिशा की चार राज्यसभा सीट के लिए 5 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। बीजेपी से दो प्रत्याशी- मनमहोन सामल और सुजीत कुमार उतार रखे हैं तो दिलीप रे को पार्टी ने अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा बीजेडी से संतृप्त मिश्रा और कांग्रेस ने डॉ दत्तेश्वर मिश्रा को अपना समर्थन दे रखा है। बीजेपी के दोनों और बीजेडी के एक उम्मीदवार की जीत तय है, लेकिन चौथी सीट के लिए बीजेपी समर्पित दिलीप रे और कांग्रेस के समर्पित दत्तेश्वर मिश्र के बीच फाइट होगी। छत्तीसगढ़ के निर्विरोध निर्वाचित होने वाले नेताओं की सूची – लक्ष्मी वर्मा (भाजपा) – फूलो देवी नेताम (कांग्रेस)

तेजस MK-2 बनेगा भारत का ‘मिनी राफेल’… बंकर फाड़ने वाली मिसाइलों से दुश्मनों में खौफ

नई दिल्ली भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को पानी पिलाने वाले राफेल लड़ाकू विमान जैसा ही तेजस MK-2 को बनाने का प्लान किया है। भारत के स्वदेशी और अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान तेजस एमके-2 को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) बना रहा है, जिसने तेजस एमके-2 को और उन्नत ओर ताकतवर बनाने का फैसला किया है। इसमें SCALP‑EG और Crystal Maze जैसी मिसाइलें लगाई जाएंगी। HAL के तेजस फैमिली के सबसे ताकतवर एडवांस संस्करण के रूप में डिजाइन किया गया यह विमान आने वाले दशक में भारतीय वायु सेना की रीढ़ बनने की उम्मीद है। दुश्मन के भीतरी इलाकों तक सटीक मार करेगा तेजस एमके-2     मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसे-जैसे भारत अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता का विस्तार कर रहा है, तेजस एमके2 को एडवांस स्टैंडऑफ मिसाइलों को एकीकृत करने के लिए पहले से ही लैस किया जा रहा है।     इसका मकसद यह है कि भारी सुरक्षा वाले हवाई क्षेत्र से बाहर रहते हुए दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक स्थित रणनीतिक लक्ष्यों को भेदने में तेजस एमके-2 सक्षम होगा। इससे वायुसेना की सटीक मारक क्षमता भी बढ़ेगी। तेजस MK-2 वायुसेना के MK-1 से ज्यादा ताकतवर     रिपोर्टों के अनुसार, तेजस एमके-2 को एक मध्यम-वजन बहु-भूमिका लड़ाकू विमान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो वर्तमान में सेवा में मौजूद एचएएल तेजस एमके-1 संस्करणों की तुलना में बड़ा और कहीं अधिक ताकतवर है।     इस विमान का विकास वैमानिकी विकास एजेंसी द्वारा किया जा रहा है और इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। तेजस MK-2 की ये हैं खूबियां, जो बनाती हैं मारक     तेजस MK-2 का बड़ा एयरफ्रेम होगा।     तेजस MK-2 में अधिक पेलोड क्षमता होगी।     बेहतर एवियोनिक्स और सेंसर से लैस होगा।     इसकी दुश्मन के इलाके में अधिक युद्धक रेंज होगी।     GE F414-GE-INS6 टर्बोफैन इंजन से शक्ति मिलेगी।     Mk1 सीरीज में इस्तेमाल इंजन की तुलना में अधिक थ्रस्ट देता है।     लंबी दूरी के मिशनों के दौरान भारी हथियार भी ले जा सकेगा। लंबी दूरी की मारक मिसाइलों से लैस होगा तेजस एमके-2     तेजस Mk2 के लिए नियोजित सबसे महत्वपूर्ण अपग्रेड में से एक लंबी दूरी की सटीक मारक हथियारों का एकीकरण है। इसमें सबसे पहले SCALP-EG क्रूज मिसाइल और इजरायली मूल की क्रिस्टल मेज मिसाइलें लगाई जाएंगी।     ये दोनों हथियार पहले से ही भारतीय वायु सेना के हथियार भंडार का हिस्सा हैं और वर्तमान में डसॉल्ट राफेल और उन्नत डसॉल्ट मिराज 2000 लड़ाकू विमानों जैसे विमानों पर तैनात हैं। SCALP-EG क्रूज मिसाइल की खूबी जान लीजिए     SCALP-EG एक लंबी दूरी की वायु-प्रवेशित क्रूज मिसाइल है जिसे अत्यधिक सुरक्षित लक्ष्यों पर सटीक हमले करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह बंकरों और सैन्य ठिकानों पर तेजी से वार करती है।     यह रडार से बचते हुए कम ऊंचाई पर चुपके से उड़ान भरने में सक्षम है। ऊंचाई वाले लक्ष्यों के लिए सटीक मार्गदर्शन प्रणाली से लैस होगी। सैकड़ों किलोमीटर दूर के लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता है। यह दुश्मन की सीमा में जाए बिना ही टारगेट्स तबाह कर सकती है। क्रिस्टल मेज से कोई बच नहीं सकता है क्रिस्टल मेज मिसाइल वायु से सतह तक सटीक मारक हथियार के रूप में भी जाना जाता है। यह दुश्मन के रडार स्टेशनों, कमांड केंद्रों और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों जैसे ज्यादा अहम टारगेट्स पर हमला करने के लिए डिजाइन की गई है। इसकी मारक क्षमता करीब 250 किमी तक है। इन चीजों से भी लैस होंगे तेजस विमान एस्ट्रा एमके-1 बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइल, एस्ट्रा एमके-2 एक्सटेंडेड-रेंज बीवीआर मिसाइल और एस्ट्रा एमके-3 का भविष्य में एकीकरण। निकटवर्ती हवाई लड़ाइयों के लिए लड़ाकू विमान इन्फ्रारेड-गाइडेड एएसराम मिसाइल ले जाएगा, जिसका उपयोग भारतीय वायु सेना पहले से ही तेजस एमके1ए सहित कई प्लेटफार्मों पर कर रही है।

अफीम की खेती वाले ‘दाऊजी’ से शमशान जाने की भी लेते थे परमिशन

भिलाई नगर. निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकर के समोदा गांव के 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में 8 करोड़ कीमत के अफीम के पौधे जब्त मामले में कई नए खुलासे हो रहे हैं. अब ग्रामीण अलग-अलग तरह के आरोप लगा रहे हैं. गांव की महिलाएं बताती है कि विनायक का इतना दहशत है कि गांव में अगर किसी की मौत हो जाती है तो श्मशान ले जाने के लिए भी दाऊजी (विनायक ताम्रकर) की परमिशन लेनी पड़ती है. जब तक वे नहीं कहते, तब तक लाश को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाया जाता. यहां तक कि गांव के सरकारी शौचालय पर भी उनका कब्जा है, बिना उनकी मर्जी के हम वहां तक नहीं जा सकते. निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकार पिछले 5 वर्षों से अफीम की खेती कर रहे थे. लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी. एक दिन गांव के बच्चों के हाथ अजीब सा कुछ पौधा लगा. गूगल में सर्च करने पर पता चला कि यह अफीम है. बस फिर यही से पूरे गांव में हल्ला मच गया और 6 मार्च को मामला सामने आया. बताते हैं कि फार्म हाउस के चारों ओर गेट लगाए गए थे, जिससे आम लोगों का अंदर जाना लगभग असंभव था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 8 करोड़ कीमत के पौधे जब्त किए हैं. इसके बाद गांव का माहौल पूरी तरह बदला हुआ था. महिलाएं समूह बनाकर विनायक ताम्रकर के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध के लिए निकल पड़ी थी. ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ कुआं ही नहीं, बल्कि आसपास के तालाब और वहां तक जाने वाली सड़क पर भी ताम्रकार का दबदबा रहा. गांव वालों का कहना है कि इन जगहों का इस्तेमाल करने में भी उन्हें धमकाकर रोक दिया जाता था. वहीं दूसरा दिलचस्प मामला यह है कि अफीम के पौधों की सिंचाई के लिए शिवनाथ नदी से पानी चोरी करने की बात सामने आई है. मौके पर निरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम को शिवनाथ नदी पर मोटर पंप लगाए जाने का प्रमाण मिला है. जिस जगह पर पंप लगाया गया है, वहां विनायक ताम्रकार के खेत तक पाइप लाइन का विस्तार किया गया है . इसके लिए किसी तरह की अनुमति नहीं लिए जाने की बात सामने आ रही है. लिहाजा इसे पानी की चोरी करार दिया जा रहा है.

16 लाख किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण: मंत्री बघेल

रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने सवालों का जवाब दिया. धान खरीदी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया है कि 16 लाख 55 हजार से अधिक किसानों ने दो लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है. इस संबंध में कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने सवाल पूछा था. दिलीप लहरिया ने सवाल पूछा था कि खरीफ विपणन वर्ष2025–26 में प्रदेश में तकनीकी कारणों, एग्रीस्टेक पोर्टल और खरीदी की समय सीमा समाप्त होने के कारण अनेक किसान पंजीयन एवं टोकन होने के बावजूद धान नहीं बेच पाए हैं? यदि हां तो ऐसे किसानों की संख्या कितनी है. एग्रीस्टेक पोर्टल में रकबा/ शून्य कम अथवा त्रुटिपूर्ण दर्शाए जाने के कारण धान विक्रय से वंचित किसानों की आर्थिक क्षति का आकलन किया गया है या नहीं? यदि हां तो क्षतिपूर्ति के लिए शासन ने क्या किया है. इसके अलावा यह भी पूछा गया था कि किसानों से रकबा समर्पण किन परिस्थितियों में तथा शासन की किस नीति या आदेश के तहत कराया गया है ? अब तक कितने किसानों ने रकबा खसरा समर्पित किया है. ऋण वसूली के संबंध में भी सवाल पूछते हुए कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने पूछा कि जिन ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा जा सकता है. उनके अल्पकालीन कृषि ऋण के संबंध में शासन की क्या नीति है? खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने जवाब में बताया है कि धान खरीदी अवधि के दौरान किसानों द्वारा लाये गये मानक धान का पूर्ण खरीदी किया गया है. जिन किसानों के द्वारा धान विक्रय का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, उनसे रकबा समर्पण कराया जा सकता है. संबंधी निर्देश थे. खरीफ वर्ष 2025-26 में 1655149 किसानों ने 2.16 लाख हेक्टेयर रकबा का समर्पण किया. मंत्री ने बताया है कि जिन ऋणी कृषकों के द्वारा धान उपार्जन अवधि के दौरान अपना धान उपार्जन केन्द्रों विक्रय के लिए नहीं लाया गया है. उनके शेष ऋणों की वसूली देय तिथि के पूर्व कृषकों से व्यक्तिगत संपर्क कर नगद राशि वसूली की कार्यवाही की जाती है.

पंजाब में 10वीं की अब ऑनलाइन चेक होंगी Answer Sheets

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 10वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा 2026 को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अनुसार इस बार 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। जारी आदेशों के मुताबिक संबंधित अध्यापक अपने Registered E-mail ID और Registered Phone Number के जरिए लॉगिन करके Answer Sheets की मार्किंग करेंगे। यदि किसी शिक्षक के पास लॉगिन आईडी या पासवर्ड नहीं है तो वे बोर्ड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड की ओर से जानकारी दी गई है कि 11 मार्च 2026 को सुबह 5 बजे से शिक्षकों की Login ID में 5 Dummy Answer Sheets अपलोड की जाएंगी, जिनकी जांच करके उन्हें Evaluation के लिए अपलोड करना होगा। इसके बाद उसी दिन सुबह 4 बजे तक उनकी स्क्रीन पर परिणाम दिखाई देगा और सही जांच करने वाले अध्यापकों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना जाएगा। इसके बाद चयनित शिक्षकों को पेन-पेपर टेस्ट और अन्य चरणों से भी गुजरना होगा। यह प्रक्रिया 12 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस दौरान तकनीकी टीम भी मौजूद रहेगी, ताकि अध्यापक अपनी किसी भी प्रकार की Doubts या Query का समाधान कर सकें। बोर्ड ने कहा है कि इस नई प्रणाली का उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।

लुधियाना में तीन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी

लुधियाना. महानगर के 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

टोल से राहत देने वाला NHAI का एनुअल पास अब पड़ेगा भारी, बढ़ सकती है फीस

नई दिल्ली आप अक्सर सड़कों पर मोटर गाड़ी (Car/Jeep/Van) लेकर निकल पड़ते हैं। राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर हर कुछ किलोमीटर पर बने टोल प्लाजा पर फीस भरते-भरते आप परेशान हैं। तो आपके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एनुअल पास जारी कर दिया है। अब यही पास महंगा होने वाला है। जी हां, एनएचएआई का एनुअल पास अगले एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। कितना महंगा होगा एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनएचएआई का एनुअल पास आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन मतलब कि एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। जब पूछा गया कि कितना महंगा होगा तो उन्होंने बताया कि इसमें 75 रुपये से 100 रुपये के बीच बढ़ोतरी हो सकती है। यह पास अभी 3,000 रुपये में मिलता है। क्यों महंगा होगा एनएचएआई का टोल जिस तरह से हर साल एक अप्रैल से बढ़ता है, उसी तरह से एनुअल पास में भी यही व्यवस्था है। टोल के दर में या एनुअल पास के रेट में बढ़ोतरी मुद्रास्फीति के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित है। साल भर में डब्ल्यूपीआई इंडेक्स में जितनी बढ़ोतरी होती है, उसी हिसाब से एनएच के टोल भी बढ़ जाते हैं। उसी तरह से इस साल एनुअल पास का रेट करीब 100 रुपये बढ़ जाएगा। क्या है एनुअल पास जो व्यक्ति एनएच पर बराबर यात्रा करते हैं, उनकी सहूलियत के लिए पिछले साल 15 अगस्त से एनुअल पास की स्कीम लाई गई है। इसके तहत अभी 3,000 रुपये में एक पास जारी किया जाता है जो कि देश के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) या राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के टोल प्लाजा पर वैलिड है। इस पास को खरीद लेने के बाद मोटर वाहन के मालिक एक साल या 200 टोल प्लाजा बिना शुल्क दिए पास कर सकते हैं। यदि आपने एक साल पूरा होने से पहले ही 200 टोल प्लाजा पार कर लिए तो उससे पहले ही पास खत्म हो जाएगा। कौन खरीद सकते हैं एनुअल पास एनएचएआई के एनुअल पास को कोई भी प्राइवेट या निजी कार, जीप या वैन के मालिक खरीद सकते हैं। कोई भी कॉमर्शियल व्हीकल या भाड़ा कमाने वाली गाड़ी के मालिक इसे नहीं खरीद सकते हैं। इस पास को राजमार्ग यात्रा ऐप और एनएचएआई पोर्टल से खरीदा जा सकता है।