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पहले चरण में मथुरा, वाराणसी और लखनऊ में शुरू होगी इको टूरिज्म वैन सेवा, पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव

लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) जल्द ही पर्यटन को नई दिशा देने वाली अनूठी पहल शुरू करने जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए इको टूरिज्म वैन सेवा शुरू की जाएगी। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इस क्रम में पहले चरण में मथुरा, वाराणसी और लखनऊ में इस सेवा की शुरुआत होगी। इन शहरों के फीडबैक के आधार पर इको टूरिज्म वैन सेवा को राज्य के अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा। यूपीएसटीडीसी की इको टूरिज्म वैन सेवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत पर्यटन की अवधारणा को साकार करेगी। इससे एक ओर पर्यटकों को अनोखा अनुभव मिलेगा, तो वहीं दूसरी ओर यह सेवा कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में भी सार्थक कदम साबित होगी। मिलेगा ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता का वर्चुअल अनुभव यूपीएसटीडीसी पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इको टूरिज्म वैन सेवा की शुरुआत कर रहा है। यह पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के साथ पर्यटन यात्रा का अनोखा अनुभव भी प्रदान करेगी। इको वैन में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनके माध्यम से पर्यटक यात्रा के दौरान ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता का वर्चुअल अनुभव ले सकेंगे। साथ ही इको टूरिज्म वैन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह पर्यटकों की सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगा। वहीं टिकट बुकिंग के लिए डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी दी जाएगी। वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना के साथ ग्रामीण पर्यटन स्थलों से भी जोड़ेगी यूपीएसटीडीसी इको-टूरिज्म वैन सेवा के साथ मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना को भी जोड़ेगा। इसके माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन क्षेत्र के स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन बनाने वाले रेस्टोरेंट्स और रसोइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह वैन पर्यटकों को इको फ्रेंडली तरीके से विभिन्न जिलों के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाएंगी। इससे रास्ते में पड़ने वाले ग्रामीण और कम ज्ञात पर्यटन स्थलों में भी पर्यटन गतिविधियों का विकास होगा। यूपीएसटीडीसी की यह पहल न केवल पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगी। योगी सरकार की इस नई रणनीति से उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।

टीआई मेडिकल्स 215 करोड़ रुपये का निवेश कर स्थापित करेगी चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई स्थापित करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत टीआई मेडिकल्स प्रा लि को भूमि सब्सिडी प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। कंपनी द्वारा गौतमबुद्ध नगर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के मेडिकल डिवाइस पार्क क्षेत्र में 4.48 हेक्टेयर भूमि पर करीब 215.20 करोड़ रुपये के निवेश से चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई और फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्रस्तावित है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कंपनी को अनुमन्य सब्सिडी के तहत 14.77 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी। यह राशि केंद्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के अंतर्गत पहले से प्राप्त सब्सिडी को समायोजित करने के बाद दी जाएगी। इस निवेश से प्रदेश में मेडिकल डिवाइस निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल राज्य को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी। इस परियोजना से संबंधित प्रस्ताव पर पहले विभिन्न स्तरों पर विचार किया गया था। उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई एवं फॉर्च्यून ग्लोबल 500/फॉर्च्यून इंडिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्राधिकृत समिति की 5 जुलाई 2024 को हुई बैठक में परियोजना को मंजूरी दी गई थी और कंपनी को 22 जुलाई 2024 को पात्रता प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। बाद में 15 मई 2025 को हुई इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में सब्सिडी से जुड़े बिंदुओं पर विचार किया गया। मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के अंतर्गत कंपनी को पहले से केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी प्राप्त हो चुकी है। इसी आधार पर एफडीआई नीति के तहत अनुमन्य कुल सब्सिडी ₹41.52 करोड़ में से पहले प्राप्त सब्सिडी घटाकर शेष ₹14.77 करोड़ की राशि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा कंपनी को प्रतिपूर्ति के रूप में देने का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे अब मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है।

दिल की बीमारी से जूझ रही पीहू को मिला नया जीवन, ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन रायपुर की पहल प्रोजेक्ट धड़कन से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर एक बच्ची के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय पीहू कारके, जो हृदय संबंधी समस्या से जूझ रही थी, अब सफल उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही है। पीहू के हृदय में समस्या होने के कारण उसे खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती थी। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए आयोजित ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इस शिविर में ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की विशेषज्ञ टीम ने पीहू के हृदय की जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद पीहू को आगे के उपचार के लिए सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा गया। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के बाद एक सप्ताह के भीतर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद पीहू को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज पीहू पूरी तरह स्वस्थ है और पहले की तरह पढ़ाई-लिखाई में मन लगा रही है। साथ ही वह अपनी बहनों और दादी के साथ कैरम जैसे खेल भी आनंदपूर्वक खेल रही है। पीहू की माता मती इंद्राणी कारके ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन रायपुर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की मदद से उनकी बेटी का समय पर इलाज संभव हो सका और अब वह स्वस्थ जीवन जी पा रही है। यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी नई उम्मीद और विश्वास का संचार कर रही है।

बांदा में 20 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके तहत बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत जनपद बांदा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के नए डेयरी प्लांट की स्थापना और झांसी में पहले से स्थापित 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी प्लांट का विस्तार कर उसे 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन परियोजनाओं के सिविल और मैकेनिकल कार्य टर्न-की आधार पर कराने के लिए इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी लि. को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कैबिनेट ने इस कंपनी को नियमानुसार सेंटेज चार्ज देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसका व्यय राज्य सरकार अपने स्रोतों से वहन करेगी। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और प्रदेश में दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बुंदेलखंड क्षेत्र में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का बेहतर और बाजार आधारित मूल्य मिल सकेगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में दूध के खराब होने की समस्या कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और बुंदेलखंड में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही यह पहल प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में भी सहायक मानी जा रही है।

उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली, 1975 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। माननीय उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा (अठारहवां संशोधन) नियमावली, 2026 लागू की जाएगी। इसके तहत भर्ती, कोटा और चयन प्रक्रिया से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। संशोधन के अनुसार भर्ती के स्रोत से जुड़े नियम-5, कोटा से संबंधित नियम-6, चयन प्रक्रिया से जुड़े नियम-18, पदोन्नति से संबंधित नियम-20, नियुक्ति से जुड़े नियम-22 और परिशिष्ट-1 में बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत सिविल जज (सीनियर डिवीजन) से पदोन्नति का कोटा 65 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह पदोन्नति श्रेष्ठता और वरिष्ठता के आधार पर तथा उपयुक्तता परीक्षा पास करने वाले अधिकारियों को दी जाएगी। वहीं सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के जरिए पदोन्नति का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इसमें वही सिविल जज शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने उस पद पर कम से कम तीन साल की सेवा और उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में कम से कम सात साल की सेवा पूरी की हो। इसके अलावा अधिवक्ताओं (बार) से सीधी भर्ती का कोटा पहले की तरह 25 प्रतिशत ही रहेगा।

चुनाव में डर का माहौल नहीं बनने देंगे, जिम्मेदारों पर सख्त एक्शन होगा: ज्ञानेश कुमार

कोलकाता मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की। इसके बाद मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर सहित चुनाव से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल के सभी मतदाताओं को आश्वासन दिलाता है कि आगामी चुनाव हिंसा और भय से मुक्त वातावरण में संपन्न होंगे। सभी मतदाता निश्चित रूप से मतदान करने के लिए बाहर आएं।" ज्ञानेश कुमार ने कहा, "मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आधारशिला है। कोई भी पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए, लेकिन किसी भी अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 7 करोड़ 8 लाख नाम हैं।" मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया, "गणना प्रपत्र प्राप्त होने के बाद यह पाया गया कि जब पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया था तो लगभग 4-5 फीसदी मतदाताओं का मिलान 2002 की मतदाता सूचियों से नहीं हो पाया था। इन्हें 'अमान्य मामले' के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 7-8 फीसदी मतदाताओं ने अपना मिलान स्वयं किया था, लेकिन या तो गलत तरीके से या संदिग्ध त्रुटियों के साथ, जो जानबूझकर या अनजाने में हो सकती हैं।" ज्ञानेश कुमार ने कहा, "चुनाव कर्मचारियों की सख्ती के संबंध में चुनाव आयोग मीडिया के माध्यम से प्रत्येक मतदाता, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी स्तरों पर प्रत्येक अधिकारी चुनाव आयोग के कानूनों, नियमों और निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।" मुख्य चुनाव ने कहा "विचाराधीन नामों के संबंध माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार और पश्चिम बंगाल के मुख्य न्यायाधीश की देखरेख में चल रही है। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और वे अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाताओं की पात्रता पर निर्णय ले रहे हैं। जहां तक ​​मतदाता सूची का संबंध है, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और विशेष गहन पुनरीक्षण के आदेशों के अनुसार अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।" मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "पिछले दो दिनों में हमने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर की सभी राजनीतिक पार्टियों, मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार, सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और सभी एसपी ने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से, हिंसा और धमकी से मुक्त होकर संपन्न किए जाएंगे।"

फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  साय को 14 अप्रैल को महासमुंद जिले के बसना में आयोजित होने वाले फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर बसना विधायक  सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और LPG सप्लाई पर सरकार की पैनी नजर, तीन मंत्रियों को बनाया प्रभारी

भोपाल मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रभार के जिलों में स्थिति की समीक्षा करें। कहीं पर भी पैनिक नहीं होना चाहिए। पेट्रोल डीजल रसोई गैस की स्थिति पर नजर रखने और केंद्र सरकार व आयल कंपनियों से समन्वय के लिए तीन मंत्रियों की समिति बनाई। उच्च स्तरीय समिति का गठन उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को समिति में रखा। कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में निरंतरता बनी हुई है।   ईंधन और गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। कमर्शियल गैस का स्टॉक रिटेलर के पास दो दिन और तेल कंपनियों के पास सात दिन का है। विभाग ने कलेक्टर कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि वह कमर्शियल गैस के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए उपभोक्ताओं से संवाद करें।

शाहजहांपुर और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा, जालौन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि शाहजहांपुर और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो जालौन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा आईजीआरएस हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी करता है। आईजीआरएस प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा करता है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 में पूरे 140 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।  रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि रामपुर ने आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में पहला स्थान प्राप्त किया है।   टॉप टेन जिलों में जालौन, बरेली, श्रावस्ती और हाथरस ने बनाई जगह शाहजहांपुर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टिपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट में शाहजहांपुर पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।  इसी तरह शाहजहांपुर ने 137 अंक और बाराबंकी ने भी 137 अंक हासिल कर दूसरा, जालौन ने 136 अंक प्राप्त कर तीसरा और बरेली के साथ श्रावस्ती और हाथरस ने बराबर-बराबर 135 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं बलिया, आजमगढ़ और भदोही बराबर-बराबर 134 अंक हासिल कर पांचवें पायदान पर हैं। वहीं टॉप टेन जिलों में अंबेडकरनगर, प्रयागराज, कन्नौज, पीलीभीत और हमीरपुर ने जगह बनाई है।