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SGPC का बजट सत्र 28 मार्च को, वित्तीय योजनाओं पर लगेगी मुहर

अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) का वार्षिक बजट सत्र 28 मार्च को दोपहर 12 बजे तेजा सिंह समुद्री हॉल में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने अमृतसर स्थित मुख्य कार्यालय में अंतरिंग कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। धामी ने बताया कि इस सत्र में सेक्शन 85 के अंतर्गत आने वाले गुरुद्वारों, ट्रस्टों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ सेक्शन 87 के गुरुद्वारों के बजट पेश किए जाएंगे। इसके अलावा धर्म प्रचार कमेटी, सिख इतिहास बोर्ड, प्रिंटिंग प्रेस और अन्य संस्थाओं की आय-व्यय का विवरण भी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों को रोकने के लिए सख्त और अलग कानून बनाना जरूरी है। धामी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब को गुरता गद्दी प्राप्त है और इसकी बेअदबी के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को इस मुद्दे पर गंभीर कदम उठाने चाहिए। एसजीपीसी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कई परीक्षा केंद्रों पर सिख विद्यार्थियों को ककार उतारने के लिए मजबूर किया जाता है, जो धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकारों को सिखों के धार्मिक प्रतीकों का पूरा सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।  उन्होंने बताया कि सिख इतिहास के महान शहीद भाई तारा सिंह की 300वीं शहादत को समर्पित कार्यक्रम 11 से 14 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे। 11 मार्च को नगर कीर्तन और 12 से 14 मार्च तक गुरमत समागम होंगे। पीटीसी के साथ समझौते के सवाल पर धामी ने कहा कि एसजीपीसी ने अब अपना यूट्यूब चैनल शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले विभिन्न सैटेलाइट चैनलों से बातचीत हुई थी, लेकिन धार्मिक चैनल चलाने के लिए भारी खर्च मांगा जा रहा था, इसलिए एसजीपीसी ने अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने का फैसला लिया।  

Xiaomi 17 सीरीज की भारत में एंट्री, 89,999 रुपये कीमत… फीचर्स कर देंगे हैरान

नई दिल्ली शाओमी 17 सीरीज को भारत में लॉन्‍च कर द‍िया गया है। कई द‍िनों से ये स्‍मार्टफोन्‍स चर्चा में थे। इनका ग्‍लोबल लॉन्‍च फरवरी महीने के आखिर में हुआ था। चीन में इन्‍हें पिछले साल ही पेश कर दिया गया था। अब ये भारत में भी आ गए हैं। Xiaomi 17 की शुरुआती कीमत 89999 रुपये रखी गई है, जबक‍ि अल्‍ट्रा मॉडल को खरीदने के लिए 1,29,999 रुपये चुकाने होंगे। सवाल है कि शाओमी की इस प्रीमियम सीरीज को खरीदा जाना चाहिए या नहीं। इसमें क्‍या खास है और क्‍या एवरेज, आइए जानते हैं। Xiaomi 17 Series प्राइस इन इंडिया Xiaomi 17 सीरीज के दाम 89,999 रुपये से शुरू होते हैं। अर्ली बर्ड पीरियड के तहत कंपनी 512 जीबी मॉडल को भी 256 जीबी वेरिएंट वाली कीमत में यानी 89,999 रुपये में ऑफर कर रही है। Xiaomi 17 Ultra की कीमत 1,29,999 रुपये है। एसबीआई क्रेड‍िट कार्ड्स पर 10 हजार रुपये का इंस्‍टेंट डिस्‍काउंट लिया जा सकता है। इस फोन के साथ कंपनी फोटोग्राफी किट भी लेकर आई है जिसकी कीमत 19,999 रुपये है। इन डिवाइसेज को खरीदने पर कंपनी स्‍पॉटिफाई का 4 महीने का प्रीमियम प्‍लान दे रही है। 3 महीने के लिए Google AI Pro और 3 महीने के लिए यूट्यूब प्रीमियम दिया जा रहा है। Xiaomi 17 सीरीज की सेल एमेजॉन, mi.com और Xiaomi रिटेल स्‍टोर्स पर 18 मार्च से शुरू होगी। Xiaomi 17 फीचर्स, स्‍पेसिफि‍केशंस     डिस्‍प्‍ले: 6.3 इंच क्र‍िस्‍टलरेस OLED डिस्‍प्‍ले, 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट, 3,500 निट्स पीक ब्राइटनैस, HDR10+ के साथ डॉल्‍बी विजन सपोर्ट     चिपसेट: Snapdragon 8 Elite Gen 5     रैम : 12 जीबी     स्‍टोरेज : 256 जीबी और 512 जीबी     ओएस: एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड शाओमी हाइपर ओएस 3     कैमरा: 50 मेगापिक्‍सल का मेन सेंसर, 50 मेगापिक्‍सल टेलिफोटो कैमरा, 50 मेगापिक्‍सल अल्‍ट्रावाइड कैमरा     फ्रंट कैमरा: 50 मेगा‍प‍िक्‍सल     बैटरी: 6330 एमएएच, 100 वॉट चार्जिंग सपोर्ट     वजन: 191 ग्राम Xiaomi 17 अल्‍ट्रा फीचर्स, स्‍पेसिफि‍केशंस     डिस्‍प्‍ले: 6.9 इंच शाओमी हाइपर आरजीबी OLED डिस्‍प्‍ले, 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट, 3,500 निट्स पीक ब्राइटनैस, HDR10+ के साथ डॉल्‍बी विजन सपोर्ट     चिपसेट: Snapdragon 8 Elite Gen 5     रैम : 16 जीबी     स्‍टोरेज : 512 जीबी     ओएस: एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड शाओमी हाइपर ओएस 3     कैमरा: 50 मेगापिक्‍सल का मेन सेंसर, 200 मेगापिक्‍सल टेलिफोटो कैमरा, 50 मेगापिक्‍सल अल्‍ट्रावाइड कैमरा     फ्रंट कैमरा: 50 मेगा‍प‍िक्‍सल     बैटरी: 6000 एमएएच, 90 वॉट चार्जिंग सपोर्ट     वजन: 219 ग्राम Xiaomi 17 और Xiaomi 17 अल्‍ट्रा में मुख्‍य फर्क Xiaomi 17 के मुकाबले अल्‍ट्रा मॉडल में बड़ा डिस्‍प्‍ले दिया गया है। परफॉर्मेंस में दोनों फोन्‍स एक जैसे हैं। कैमरों का मुख्‍य फर्क है। अल्‍ट्रा मॉडल में दिए गए 200 मेगापिक्‍सल के टेल‍िफोटो कैमरा की जूम‍िंग क्षमता काफी अधिक है बेस मॉडल से। Xiaomi 17 और Xiaomi 17 अल्‍ट्रा काे खरीदें या नहीं दोनों ही फोन में फ्लैगशि‍प फीचर्स दिए गए हैं, लेकिन कीमत बहुत ज्‍यादा महसूस हुई मुझे। इस कीमत में सैमसंग और ऐपल का मुकाबला करना बहुत मुश्किल है। इसमें कोई दो-राय नहीं कि शाओमी ने अच्‍छे फीचर्स ऑफर किए हैं। आपको अच्‍छा डिस्‍प्‍ले, परफॉर्मेंस और शानदार कैमरा चाहिए तो ये फोन न‍िराश नहीं करेंगे। लेकिन इतनी कीमत में आईफोन 17 और सैमसंग की S सीरीज के नए मॉडल भी मिल रहे हैं जो ब्रैंड के आधार पर आकर्षित ज्‍यादा करते हैं।

कौन हैं Mojtaba Khamenei और क्यों हैं रहस्य के घेरे में? Iran पर हमलों के बीच बढ़ी अटकलें

ईरान ईरान युद्ध के 12वें दिन मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज हो गया है। एक तरफ ईरान तो दूसरी तरफ इजरायल और अमेरिका ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक सवाल भी तेजी से कौंध रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहां हैं? ताजपोशी के कई दिनों बाद भी सार्वजनिक तौर पर मोजतबा की अनुपस्थिति ने कई बड़े सवालों और अटकलों को जन्म दिया है। कुछ रिपोर्टों में उनके घायल होने की बात कही गई है। इन अटकलों के बीच ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वह “सुरक्षित और स्वस्थ” हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बेटे और सरकारी सलाहकार यूसुफ पेज़ेशकियन ने टेलीग्राम पर एक संदेश में कहा कि उन्होंने मोजतबा खामेनेई के घायल होने की अफवाहों की पुष्टि करने की कोशिश की थी। उन्होंने लिखा कि उनसे जुड़े लोगों ने बताया है कि “खामेनेई सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।” इस बीच, इजरायल के खुफिया अधिकारियों ने दावा किया है कि मोजतबा घायल हैं। सार्वजनिक रूप से नहीं आए सामने रविवार को ईरान का सर्वोच्च नेता बनने के बाद से मोजतबा खामेनेई ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान या भाषण जारी नहीं किया है। उनकी इस अनुपस्थिति से देश और विदेश में उनकी सेहत और लोकेशन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि हालिया हमलों में मोजतबा खामेनेई के पैरों में चोट आई थी। रिपोर्ट के अनुसार वह फिलहाल एक अत्यंत सुरक्षित स्थान पर रह रहे हैं और सीमित संपर्क में हैं। युद्ध के बीच बढ़ती अनिश्चितता खामेनेई की हालत को लेकर अनिश्चितता ऐसे समय में है जब मिडिल ईस्ट में लड़ाई लगातार बढ़ रही है। यह लड़ाई ईरान पर US-इजरायली हमलों से शुरू हुई थी और तब से इसमें कई रीजनल एक्टर्स शामिल हो गए हैं, जिसमें मिसाइल हमले, ड्रोन इंटरसेप्शन और खाड़ी में नेवी की घटनाओं की खबरें शामिल हैं। मोजतबा खामेनेई के पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों में मौत हो गई थी। इसके बाद क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया। क्षेत्रीय संकट गहराने की आशंका इस युद्ध के दौरान ईरान और इज़रायल के बीच मिसाइल हमले जारी हैं। वहीं सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों ने अपनी सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने का दावा किया है। इसके अलावा ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने यह भी कहा है कि उसने कुवैत में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर मिसाइल दागी है, हालांकि कुवैत ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर युद्ध इसी तरह जारी रहा तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं ईरान के नए सर्वोच्च नेता की स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता इस संकट को और जटिल बना रही है।  

चैंपियंस लीग में एटलेटिको मैड्रिड का दमदार प्रदर्शन, टोटेनहम को दी करारी शिकस्त

मैड्रिड एटलेटिको मैड्रिड ने मेट्रोपोलिटानो स्टेडियम में अपने अंतिम-16 मुकाबले के पहले लेग में टोटेनहम हॉटस्पर को 5-2 से हराकर चैंपियंस लीग क्वार्टर फाइनल की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया। टोटेनहम के 22 साल के एंटोनिन किंस्की की एक गलती ने छठे मिनट में एटलेटिको को बढ़त दिला दी जब वह पीछे से गेंद को बाहर खेलने की कोशिश में फिसल गए। इससे मार्कोस लोरेंटे को आसानी से गोल करने का मौका मिल गया। मिकी वैन डे वेन की एक और गलती से एंटोनी ग्रीजमैन 14वें मिनट में गोल करने के लिए आसानी से आगे निकल गए। इससे एटलेटिको की बढ़त दोगुना हो गई। किंस्की की तरफ से एक और गलती हुई जिसका फायदा जूलियन अल्वारेज ने उठाया। 17वें मिनट में टोटेनहम के कोच ट्यूडर ने किंस्की की जगह गुग्लिल्मो विकारियो को उतारा। 22वें मिनट में जब ग्रीजमैन की फ्री किक को फ्लिक किया गया तो विकारियो ने तुरंत रिएक्ट किया, लेकिन रॉबिन ले नॉर्मैंड ने रिबाउंड पर हेडर मारकर स्कोर 4-0 कर दिया। चार मिनट बाद पाब्लो पोरो ने टोटेनहम के लिए एक गोल वापस कर दिया। एटलेटिको के गोलकीपर जान ओब्लाक ने 55वें मिनट में रिचर्डसन को रोकने के लिए एक सेव किया और स्कोर 4-2 कर दिया। इसके बाद एटलेटिको ने चार गोल की बढ़त वापस पा ली, जब ग्रीजमैन ने अल्वारेज को रिलीज किया, जो टोटेनहम के डिफेंस को भेदकर 5-1 से आगे निकल गया। डोमिनिक सोलांके ने टोटेनहम के लिए दूसरा गोल कर दिया। एटलेटिको ने मैच 5-2 से जीता। टोटेनहम के कोच इगोर ट्यूडर ने मैच से पहले कहा था कि वह यूरोपियन प्रोग्रेस से ज्यादा प्रीमियर लीग में बने रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनकी टीम की शुरुआत बहुत खराब रही क्योंकि एटलेटिको 22 मिनट के बाद 4-0 से आगे था।  

ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को एक ही परिसर में मिलेगी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक) के निर्माण के लिए शासकीय एवं वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद, बहराइच, चंदौली, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, कौशांबी, फर्रुखाबाद, अमेठी तथा उन्नाव सहित कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए शासनादेश जारी किए गए हैं। इन विद्यालयों के निर्माण पर प्रत्येक परियोजना के लिए लगभग 23 से 28 करोड़ रुपये तक की लागत स्वीकृत की गई है और प्रथम किस्त के रूप में संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि भी जारी कर दी गई है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। इन विद्यालयों का निर्माण विभिन्न नामित कार्यदायी संस्थाओं जैसे उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कंसल्टेंसी एंड डिजाइन सर्विसेज (उ.प्र. जल निगम), उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम तथा आवास एवं विकास परिषद के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता, मानकों और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

ज्ञानवीर विश्वविद्यालय युवाओं के सामर्थ्य और सपनों को देगा नई ऊंचाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में मातृ सत्ता प्रधान संस्कृति है। भारत की छवि विश्व गुरू की रही है। दुनिया में केवल भारतीय संस्कृति है, जिसने अपने मूल्यों के आधार पर ज्ञान की धारा को तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों के माध्यम से विश्व के कोने-कोने में पहुंचाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समय बदला है। अब हमारा देश आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। भारत अपने कौशल के बल पर आधुनिक तकनीक में विश्व में नंबर वन बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान शिक्षाविद् डॉ. हरि सिंह गौर ने अपनी जमा पूंजी लगाकर बुंदेलखंड के सागर में शिक्षा का नया सूर्योदय किया। श्री गौर के प्रयासों से बुंदेलखंड को केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात मिली है। यहां विभिन्न कोर्स की पढ़ाई कर निकले विद्यार्थियों ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहतगढ़ और जेसीनगर में श्रमिकों के बच्चों के लिए लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्रम में आज सागर में मां सरस्वती की कृपा से शिक्षा का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा के आधुनिक मंदिर बुंदेलखंड के युवाओं के सामर्थ्य और संकल्पों को नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानवीर के केवल विश्वविद्यालय का नाम नहीं बल्कि एक बेटे का अपने माता-पिता के चरणों में श्रृद्धा सुमन है। मंत्री श्री राजपूत ने इस संस्थान को अपनी पूज्य माता ज्ञानबाई जी के नाम से ज्ञान और अपने श्रद्धेय पिता वीर सिंह के नाम से वीर शब्द लेकर उन्हें समर्पित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के युवाओं के लिए सपनों के नए द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के साथ चलने के लिए युवाओं से कौशल और तकनीक में पारंगत होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने बुंदेलखंड के चहुंमुखी विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्ष 2003 के बाद हुए कार्यों से बुंदेलखंड क्षेत्र का कायाकल्प हो गया है। उसके पहले की सरकारों के कार्यकाल में विकास धरातल पर कहीं नजर नहीं आया। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती, श्रद्धेय श्री बाबूलाल गौर और पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी राज्य सरकार के लिए बुंदेलखंड सर्वोच्च प्राथमिकता का क्षेत्र रहा है। हमारी सरकार ने पिछले दिनों खजुराहो में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड के विकास के लिए 27 हजार करोड़ रूपये के विशेष पैकेज की मंजूरी दी। इससे क्षेत्र में करोड़ों का निवेश आएगा और बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रदेश में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड वीरों और महावीरों की धरती है। बुंदेलखंड की पहचान महाराजा छत्रसाल से भी है। उन्होंने अपने कालखंड में कई लड़ाइयां लड़ीं और बुंदेलखंड की पावन धरा पर सनातन संस्कृति की ध्वजा फहराई। यहां के आल्हा और ऊदल की वीरता की कहानियां आज भी जीवंत हैं। बुंदेलखंड के वीरों ने अपने शौर्य से मातृभूमि की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय टीम के क्रिकेट में विश्व विजेता बनने और होली पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित देश के खिलाड़ी, अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दुनिया में भारत का परचम लहरा रहे हैं। आज विश्व के कई संस्थानों के शीर्ष पदों पर भारतवंशी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, यह देश की श्रेष्ठतम शिक्षा व्यवस्था का ही परिणाम है। सागर के विकास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का योगदान अविस्मरणीयः मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस दिन को सागर के लिए ऐतिहासिक बताते हुए विकास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को रेखांकित किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि आज का दिन बेहद सौभाग्यशाली है। उन्होंने याद दिलाया कि ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की फाइल पर डॉ. मोहन यादव ने तभी हस्ताक्षर कर इसकी शुरुआत कराई थी, जब वे प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री थे। सागर अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल है जहाँ केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय (स्टेट यूनिवर्सिटी) और मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष धन्यवाद किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री आदित्य सिंह राजपूत ने स्वागत उदबोधन में विश्वविद्यालय के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव, खुरई एवं पूर्व मंत्री विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, देवरी विधायक श्री ब्रज बिहारी पटेरिया, बण्डा विधायक श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक श्रीमति निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, महापौर नगर निगम सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने परखी भविष्य के वकीलों की तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन करशैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया, जिसमें विशेष रूप से विधि (Law) के छात्र-छात्राओं के लिए तैयार की गई मूट कोर्ट (Moot Court) आकर्षण का केंद्र रही। मूट कोर्ट एक प्रकार की कृत्रिम या नकली न्यायिक कार्यवाही होती है। इसमें कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र एक काल्पनिक कानूनी मामले पर वास्तविक अदालत की तरह बहस करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को वास्तविक अदालती कार्यवाही और प्रोटोकॉल की बारीकियां सिखाना, न्यायिक तर्क और पैरवी की कला में निपुण बनाना, मुकदमेबाजी और कानूनी दस्तावेजीकरण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने बढ़ाया छात्र-छात्राओं का उत्साह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूट कोर्ट का अवलोकन करते हुए वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान … Read more

मिलेट्स की खेती से बढ़ रही किसानों की आय

रायपुर दंतेवाड़ा में रागी उत्पादन की नई पहल मिलेट्स (मोटा अनाज) की खेती कम लागत, कम पानी और बिना रसायनों के होने वाली एक अत्यधिक लाभदायक व पौष्टिक खेती है, जो 80-90 दिनों (जून-जुलाई से) में तैयार होती है। ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी जैसे मिलेट्स बंजर या कम उपजाऊ भूमि के लिए भी उपयुक्त हैं। दंतेवाड़ा जिला अब मिलेट्स उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा आधुनिक तकनीक मददगार         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से अब किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती में नए प्रयोग कर रहे हैं। इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद मिल रही है। दांतेवाड़ा जिले के प्रगतिशील किसान उन्नत ‘ विधि’ से रागी (मडिया) की कर रहे हैं खेती         दंतेवाड़ा जिले के कृषि इतिहास में पहली बार लगभग 300 प्रगतिशील किसान उन्नत ‘ विधि’ से रागी (मडिया) की खेती कर रहे हैं। इस नई पद्धति से रागी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पोषक अनाजों की खेती को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। रागी को पोषण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने किसानों में उत्साह        इस पहल को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग और भूमगादी की टीम गांव-गांव जाकर किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रही है। किसानों को बुवाई की सही विधि, पौधों के बीच उचित दूरी, जैविक खाद का उपयोग और फसल प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। इससे किसानों में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह बढ़ रहा है। जैविक और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने किसानों को बहुफसली प्रणाली अपनाने किया जा रहा है प्रेरित        विधि’ से रागी की खेती कई तरह से लाभदायक मानी जाती है। इस पद्धति में बीज कम लगता है, जिससे लागत घटती है। साथ ही पारंपरिक खेती की तुलना में पानी की आवश्यकता भी कम होती है, जो वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए काफी उपयोगी है। पौधों को पर्याप्त जगह मिलने से उनका बेहतर विकास होता है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। यह पद्धति जैविक और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। दंतेवाड़ा जिले में रागी के साथ-साथ कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी अन्य फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को बहुफसली प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें और खेती अधिक टिकाऊ बन सके।       इस पहल से दंतेवाड़ा के किसान पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संतुलित उपयोग करते हुए कृषि में नई पहचान बना रहे हैं। मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा मिलने से न केवल किसानों की आय बढ़ने की संभावना है, बल्कि पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

पापों से मुक्ति दिलाने वाली पापमोचनी एकादशी: जानें 15 मार्च के व्रत की पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. हर महीने में दो एकादशी पड़ती हैं और इन दिनों भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने का विशेष फल बताया गया है. माना जाता है कि एकादशी का व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. यह एकादशी विशेष रूप से पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के जाने-अनजाने पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. ऐसे करें भगवान श्रीहरि की पूजा पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है. पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखें. सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. फिर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित करें. इस दिन भगवान विष्णु को पंचामृत या दूध से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें फिर विष्णु सहस्रनाम या श्रीहरि की आरती का पाठ करें. दिनभर व्रत रखकर भगवान का ध्यान करें और जरूरतमंद लोगों को दान दें. व्रत के दिन इन बातों का रखें ध्यान पापमोचनी एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है.     इस दिन सात्विक भोजन करें या फलाहार करें.     क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें.     लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन का सेवन न करें.     जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें. पापमोचनी एकादशी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप मिट जाते हैं. पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि इस व्रत के प्रभाव से ब्रह्महत्या जैसे घोर पापों से भी मुक्ति मिल सकती है. जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें मानसिक शांति और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.

प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण से 57 गांवों के लगभग 4405 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रहा है सिंचाई सुविधा का विस्तार

लखनऊ सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। इस क्रम में सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रेशर सिंचाई प्रणाली की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में आधुनिक प्रेशर तकनीक का उपयोग करते हुए कम जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में भी सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जा सके। सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में हो रहा है 7 प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत विकास के विजन को साकार करने के उद्देश्य से यूपी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में लगभग 111.62 करोड़ की लागत से 7 प्रमुख प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का विकास कर रहा है। इन परियोजनाओं के निर्माण से 4405 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे इन जनपदों के लगभग 57 गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इस क्रम में जनपद सिद्धार्थनगर में पड़रिया प्रेशर सिंचाई प्रणाली परियोजना का निर्माण किया गया है, जिसके तहत 3.6 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली का निर्माण किया गया है। इससे जनपद के 454 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का विस्तार हुआ है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर एवं महाराजगंज जनपद की कैम्पियरगंज शाखा पर भी प्रेशर सिंचाई परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में लगभग 600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। साथ ही क्षेत्र के लगभग 09 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। मैहनवा, बृजमनगंज, फरेंदा और बैकुंठपुर रजवाहा पर विकसित हो रही हैं सिंचाई परियोजनाएं महाराजगंज जनपद में मैहनवा, बृजमनगंज और फरेंदा रजवाहा पर भी प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश परियोजनाओं का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसी क्रम में गोरखपुर जनपद में बैकुंठपुर रजवाहा पर 4.6 किलोमीटर लंबी प्रेशर सिंचाई वितरण प्रणाली विकसित की जा रही है। इस परियोजना के निर्माण से गोरखपुर के लगभग 10 गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे और 690 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रेशर सिंचाई प्रणाली पानी के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करती है, जिसका लाभ क्षेत्र के किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के दौरान मिलेगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होने के साथ कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में बढ़ोतरी लाने में सहायक सिद्ध होगी।

पोल निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बनीं सेमरिहा की फूलमती सिंह मेहनत और आत्मविश्वास से बदली तकदीर

रायपुर महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अपनी तकदीर स्वयं लिख सकती हैं। एम सी बी जिला के  ग्राम सेमरिहा निवासी श्रीमती फूलमती सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर जीवन की दिशा बदलते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली फूलमती सिंह आज अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया है l  स्व-सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का अवसर       फूलमती सिंह प्रार्थना महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। समूह के माध्यम से उन्हें नियमित बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। इसी क्रम में उन्हें लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली, जिससे उन्हें अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर प्राप्त हुआ। सीमेंट कंक्रीट पोल निर्माण कार्य से शुरू किया स्व-रोजगार          प्राप्त आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए फूलमती सिंह ने सीमेंट कंक्रीट पोल (खंभा) निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने पूरी मेहनत और लगन के साथ इस कार्य को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे उनके कार्य की पहचान बढ़ने लगी और आज यह उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। हर वर्ष बढ़ रही आय, परिवार को मिला आर्थिक संबल         अपने इस व्यवसाय के माध्यम से फूलमती सिंह को प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। फूलमती सिंह की यह सफलता की कहानी आज गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता को देखकर गांव की कई महिलाएं भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।