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नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर गरमाई राजनीति, अमित शाह ने विपक्ष पर साधा निशाना

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'यह कोई आम बात नहीं है। करीब 4 दशक बाद, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाया गया है। यह पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स और इस सदन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।'   विपक्ष इमानदारी पर उठा रही सवाल शुरूआती दिनों को याद करते हुए गृह मंत्री बोले, 'मैं पूरे सदन को बताना चाहता हूं कि विद्यमान स्पीकर की नियुक्ति जब हुई, तब दोनों दलों के नेता ने एक साथ उन्हें आसन पर बैठाने का काम किया। इसका मतलब है कि स्पीकर को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने एक प्रकार से मुक्त माहौल भी देना है और दायित्वों के निर्वहन के लिए उनका समर्थन भी करना है। मगर आज स्पीकर के निर्णय पर कोई असहमति तो व्यक्त हो सकती है, लेकिन लोकसभा के नियमों में स्पीकर के निर्णयों को अंतिम माना गया है। इसके विपरित विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवालिया निशान खड़ा किया। ये लोकसभा भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत है, और न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर में हमारी लोकतंत्र की साख बनी है, गरिमा बनी है… और पूरी दुनिया लोकतंत्र की इस प्रतिष्ठा को स्वीकार करती है।लेकिन जब इस पंचायत के मुखिया पर, उसकी निष्ठा पर सवालिया निशान लगता है तो केवल देश में नहीं, पूरी दुनिया में हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा होता है। लेकिन यहां उनपर शंका के सवाल उठा दिए। सदन आपसी विश्वास पर चलता है: शाह अमित शाह बोले, 'मैं बताना चाहता हूं कि 75 साल से इन दोनों सदनों ने हमारे लोकतंत्र की नींव को पाताल से भी गहरा किया है, लेकिन आज विपक्ष ने इस साख पर एक प्रकार से सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। सदन आपसी विश्वास से चलता है। पक्ष और विपक्ष—दोनों के लिए सदन के जो स्पीकर होते हैं, वे कस्टोडियन होते हैं। इसलिए नियम बनाए गए हैं। यह सदन कोई मेला नहीं है; यहां नियमों के अनुसार चलना पड़ता है। जो बातें सदन के नियम परमिट नहीं करते, उस तरह से बोलने का किसी को अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।'  

सुगम संपर्कता परियोजना अंतर्गत मजरे-टोले और सांदीपनि स्कूलों तक बनेगी नई सड़कें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल शुरू की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा "सुगम संपर्कता परियोजना की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से गांव, ग्राम पंचायत और 100 से अधिक आबादी वाले मजरा-टोला तथा मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना अंतर्गत चिन्हित बस्तियों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। मनरेगा के तहत होगा सड़क निर्माण परियोजना अंतर्गत सड़कों का निर्माण मनरेगा यानी (VB-G RAM G) योजना के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक जनपद पंचायत को रू. 3 करोड़ तक की स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार दिया गया है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा सभी जनपद पंचायतों को राशि भी आवंटित कर दी गई है। सिपरी सॉफ्टवेयर से स्थान का होगा चयन परियोजना के तहत मजरे-टोले और सांदीपनि विद्यालयों तक बनने वाली सड़कों के लिए स्थान का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही सड़कों की डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने के लिए सिपरी सॉफ्टवेयर और आरआईएमएस का उपयोग किया जाएगा। ड्रोन से होगी निगरानी परियोजना अंतर्गत बनने वाली सड़कों की निगरानी ड्रोन तकनीक से की जाएगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 28 मार्च तक डीपीआर तैयार करने के निर्देश आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद श्री अवि प्रसाद ने बताया कि परियोजना के तहत 28 मार्च 2026 तक डीपीआर तैयार कर उसकी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस परियोजना के माध्यम से 100 से अधिक आबादी वाले मजरे-टोले तथा सांदीपनि विद्यालयों तक सड़क निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। 

बेटियों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता, सरकार उठा रही सभी कदम लाड़ली लक्ष्मी योजना से लिंगानुपात में हो रहा सुधार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं, वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अपना मध्यप्रदेश ही है। नारी सदैव पूजनीय हैं। हम अपने देश को भी जननी मानकर भारत माता की जय कहकर पूजते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार की योजनाएं महिलाओं के जीवन में हर कदम पर पक्की सहेली बनकर उनके साथ खड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन सह शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के कारण प्रदेश के लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है। साथ ही बेटियों के प्रति समाज की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों की प्रगति और आशीर्वाद से ही प्रदेश में समृद्धि आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से दमोह जिले के लिए 405 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें लगभग 232 करोड़ रूपए की लागत से हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग (एसएच-55) के 73 किमी मार्ग के टू-लेन रोड के रूप में उन्नयन एवं चौड़ीकरण, 74 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से मडियादो से बर्धा किशनगढ़ सड़क निर्माण और 48 करोड़ 89 लाख रूपये की लागत से मड़ियादो से रजपुरा मार्ग के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत से विकास के मूल मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। विगत वर्ष बुंदेलखंड क्षेत्र के वैश्विक पर्यटन स्थल खजुराहो में स्टेट कैबिनेट की मीटिंग कर सरकार ने 27 हजार 500 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल में ही सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हुआ है। उन्होंने सभी माताओं-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अपनी 14 वर्ष से अधिक उम्र कीबेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं और दूसरे लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, इससे हमारी बेटियों का भविष्य आजीवन सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी वैक्सीन का टीका लगवाने वाली हटा की 8 बेटियों को मंच से प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। हटा अ‍ब बनेगा शिवकाशी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए हटा का नाम बदलकर इसे शिवकाशी नाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हटा   1008 देव गौरीशंकर की नगरी है, इसलिए अब इसे शिवकाशी के रूप में ही जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों को और भी कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि हटा में नवीन आईटीआई भवन बनाया जाएगा। हटा में सर्वसुविधायुक्त नवीन नगर पालिका भवन एवं भव्य गीता भवन भी निर्मित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में कार्य का दायदा बहुत विस्तृत है, इसलिए हटा के महाविद्यालय में अब कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय/विषय भी पढ़ाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विनती-मड़ियादौ-चौरईया मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा। हटा के शासकीय पीएम महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में इंडोर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटेरा में नया महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करते हुए कहा कि मड़ियादो एवं देवरी फतेहपुर में नया हायर सेकेण्डरी भवन बनाया जाएगा। इसी प्रकार नगर परिषद तेंदूखेड़ा में तारादेही तिराहे से चौरई तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे। नगर परिषद तेंदूखेड़ा में वार्ड क्रमांक 3 में सी.सी. रोड निर्माण कराया जाएगा। गहरा से चौपरा-सिमरी तक मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना के जरिए बुंदेलखंड के हर खेत को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। खेतों में फसलें लहलहाएंगी, अब हटा से कोई रोजगार की तलाश में बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा अब 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है। इसमें 10 लाख हैक्टेयर रकबा तो पिछले 2 साल में ही बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। महिलाओं की खुशहाली में ही प्रदेश की खुशहाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 2 दिन पहले महिला दिवस मनाया है। अब आगे नवरात्रि आ रही है। राज्य सरकार नारी कल्याण के लिए समर्पित है। प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह सम्मानपूर्वक 1500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द लोकसभा और विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य में नगरीय निकायों में यह आरक्षण 50 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटा विधायिका मती उमादेवी खटीक को जन्मदिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे हटावासियों की दीर्घकाल तक सेवा करती रहें। हटा विधायिका मती खटीक ने स्वागत संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहली बार हटा विधानसभा क्षेत्र आए हैं। साथ में 405 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगातें भी लाये हैं। उन्होंने कहा कि नारी पूरे समाज के विकास की प्रमुख आधारशिला होती है। आज हमारी महिलाएं शिक्षा, सेना और हर क्षेत्र में देश को गौरव दिला रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मजबूती से काम हो रहा है। प्रदेश में हर बेटी का सम्मान और हर महिला को रोजगार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आज दमोह जिले के लिए अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन पूरा हुआ है। इससे इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं दमोह जिले के प्रभारी मंत्री  इंदर सिंह परमार, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र … Read more

जल प्रबंधन में मध्यप्रदेश का बढ़ा गौरव

भोपाल  केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल ने भोपाल जिले की ग्राम पंचायत मुगलिया हाट के सरपंच  धर्मेन्द्र मारण को जल जीवन अभियान अंतर्गत नल जल योजना के सफल क्रियान्वयन, बेहतर संचालन और संधारण में उत्कृष्ट कार्य के लिए नई दिल्ली मे 'उत्कृष्ट जल नेतृत्व सरपंच सम्मान' प्रदान किया। सरपंच  मारण के नेतृत्व में नल जल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सुव्यवस्थित संचालन तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयासों की समारोह में सराहना के साथ प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ योजनाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुगलिया हाट के सरपंच  धर्मेन्द्र मारण को मिला यह सम्मान मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह उपलब्धि प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। ग्राम स्तर पर जनभागीदारी के साथ योजनाओं का संचालन जल प्रबंधन को स्थायी रूप से सुदृढ़ बना रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके ने इस उपलब्धि पर ग्रामीणों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नल जल योजनाओं के सफल संचालन और संधारण के लिए ग्राम पंचायतों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता आधारित प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का दीर्घकालिक और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके। भारत सरकार द्वारा राज्यों से जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों एवं महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों को विभिन्न श्रेणियों में गए चयन के मापदंडों के आधार पर राज्यों से नामांकित सदस्यों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय एवं रेल मंत्रालय के राज्य मंत्री  वी. सोमन्ना, जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री  राज भूषण चौधरी तथा केन्द्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव  अशोक के के मीणा भी उपस्थित रहे। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से जल जीवन अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों और महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों को चयनित कर सम्मानित किया गया।  

आईटी निर्यात में रिकॉर्ड की ओर कर्नाटक, 5.50 लाख करोड़ का आंकड़ा पार होने की उम्मीद: प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य का आईटी निर्यात इस वर्ष 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है। भाजपा विधायक वेदव्यास कामत के सवाल का जवाब देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा, “कर्नाटक में आईटी-बीटी की संभावनाओं की बात करें तो 2022-23 में हमारा आईटी-बीटी निर्यात 3.55 लाख करोड़ रुपये था। 2023-24 में यह बढ़कर 4.09 लाख करोड़ रुपये हो गया और पिछले वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 4.58 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस वर्ष 31 मार्च को समापन तिथि है। मुझे 100 प्रतिशत भरोसा है कि इस साल हम 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएंगे।” उन्होंने कहा, “इस 5.50 लाख करोड़ रुपये में से मैसूरु शहर से लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईटी निर्यात होता है, जबकि मैंगलुरु और तटीय क्षेत्र से लगभग 3,500 करोड़ रुपये का योगदान है। बेलगावी और हुब्बली मिलकर 2,000 करोड़ से 2,500 करोड़ रुपये के बीच आईटी निर्यात करते हैं। बाकी हिस्सा बेंगलुरु शहर से आता है।” खड़गे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मैंगलुरु में संभावनाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। अगर स्थानीय नेता अनुकूल माहौल बनाते हैं तो हम स्थानीय अर्थव्यवस्था को तेज कर सकते हैं। मैं विधायक के ध्यान में लाना चाहता हूं कि बेंगलुरु जिले का जीडीपी लगभग 39.9 प्रतिशत, यानी करीब 40 प्रतिशत है। इसके बाद मैंगलुरु 5.4 प्रतिशत के साथ है और तीसरा 3.4 प्रतिशत है। अंतर साफ देखा जा सकता है।” उन्होंने कहा, “कहां 40 प्रतिशत और कहां 5.4 प्रतिशत? मैं ईमानदारी से कहता हूं कि अगर उस क्षेत्र में पूंजी निवेश के लिए उपयुक्त माहौल बनाया जाए तो अगले तीन वर्षों में यह लगभग तीन प्रतिशत वृद्धि हासिल कर सकता है। मैंने यही कहा था और मैं अपनी बात पर कायम हूं।” मैंगलुरु क्षेत्र को अक्सर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना जाता है और अतीत में यहां सांप्रदायिक झड़पों, विरोध प्रदर्शनों और बदले की हत्याओं की घटनाएं हुई हैं। खड़गे ने ऐसे मुद्दों पर अक्सर सांप्रदायिक ताकतों और भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “विकास सुनिश्चित करना केवल आपकी जिम्मेदारी नहीं है, यह मेरी भी जिम्मेदारी है।” खड़गे ने कहा, “राज्यभर में हमने आईटी और संबंधित कंपनियों के साथ 380 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। तटीय क्षेत्र में हम मणिपाल, उडुपी और मैंगलुरु को एक क्लस्टर के रूप में लेकर उन्हें इकोनॉमिक एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के तहत ला रहे हैं। हमारी ओर से एक टेक्नोलॉजी कन्वेंशन आयोजित किया जा रहा है और बियॉन्ड बेंगलुरु क्लस्टर पहल के तहत 25 करोड़ रुपये का सीड फंड जारी किया गया है। कर्नाटक एक्सेलेरेशन प्रोग्राम के तहत शाइन प्रोग्राम के माध्यम से गठजोड़ बनाए गए हैं और स्टार्टअप्स को सहायता दी जा रही है।” खड़गे ने कहा कि तटीय क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापित करने के मानदंडों को सरल बनाने की मांग भी उठी है। उन्होंने कहा, “एक सप्ताह के भीतर स्थानीय विधायकों की मांग के अनुसार मानदंडों को सरल बनाया जाएगा। हम ओशन फार्मिंग नीति लाने की भी कोशिश कर रहे हैं। डेटा सेंटरों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह क्लस्टर केवल राज्य ही नहीं बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। संभावनाएं बहुत हैं, लेकिन हमें अनुकूल माहौल बनाना होगा।” भाजपा के कामत ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद तटीय क्षेत्र विकास के मामले में बेंगलुरु के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने मंत्री से कम जीडीपी वाले जिलों जैसे कलबुर्गी के लिए योजनाओं को स्पष्ट करने को कहा। बता दें कि प्रियांक खड़गे स्वयं कलबुर्गी से आते हैं, जिसे राज्य के सबसे पिछड़े जिलों में से एक माना जाता है। जवाब में खड़गे ने कहा कि विकास भौगोलिक और जनसांख्यिकीय लाभों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “तटीय कर्नाटक को जो लाभ उपलब्ध हैं, वे कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में नहीं हैं। जो फायदे हमारे पास हैं, वे आपके पास नहीं हैं। आपके पास समुद्र है, जिससे समुद्री खेती की संभावना है, जबकि हम तूर दाल उगाते हैं। जीडीपी योगदान के मामले में कलाबुरगी 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बेंगलुरु ग्रामीण भी जीडीपी में 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। हम इन क्षेत्रों में विकास तेज करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। राज्य विकास को केवल मैंगलुरु या बेंगलुरु तक सीमित नहीं रख रहा है। जहां भी राज्य में संभावनाएं हैं, वहां जीडीपी सुधारने के लिए हम हस्तक्षेप कर रहे हैं।”

ईरान संकट: भारतीय छात्रों की वापसी का प्लान तैयार, कल रवाना होगा पहला बैच, तय किए गए दो रूट

ईरान पश्चिमी एशियाई देश ईरान पर इजरायल और अमेरिकी हमले के बाद पूरा मध्य-पूर्व क्षेत्र संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। हालांकि, इस जंग के बीच ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को वहां से निकालने का इंतजाम पूरा कर लिया गया है। युद्ध के तेरहवें दिन यानी गुरुवार को भारतीय छात्रों का पहला जत्था ईरान से आर्मेनिया के रास्ते निकलेगा। उम्मीद है कि पहला बैच गुरुवार को आर्मेनिया बॉर्डर के लिए रवाना होगा क्योंकि वहां से निकलने की योजना धीरे-धीरे बन रही है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच समन्वय के बाद उन्हें सुरक्षित निकासी के लिए आर्मेनिया या अजरबैजान होकर दो मार्गों के विकल्प दिए गए हैं। ताकि ईरान से बाहर निकाले जा सकें। इनमें अधिकांश मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। उनमें भी अधिकांश जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के साथ शेयर की गई जानकारी के अनुसार, तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (TUMS), ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (IUMS), और शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (SBUMS) में एनरोल्ड स्टूडेंट्स को निकलने के दो रास्ते दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि या तो आर्मेनिया या अज़रबैजान के रास्ते बाहर निकलिए। अधिकारी और स्टूडेंट ग्रुप यह पक्का करने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं कि जो लोग जाने को तैयार हैं, वे तय एग्जिट पॉइंट तक सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें। छात्र संगठनों और स्थानीय अधिकारियों की मदद से उन्हें सीमा तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। कुछ छात्र फ्लाइट से लौटना चाहते हैं हालांकि, कुछ छात्रों ने जमीनी रास्ते से निकलने के बजाय हवाई मार्ग से भारत लौटने का फैसला किया है। उनमें से बहुत से लोगों ने 15 मार्च, 16 मार्च और उसके बाद के दिनों के लिए फ़्लाईदुबई फ़्लाइट बुक की हैं, ताकि नजदीकी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों तक पहुंचकर सीधे भारत लौट सकें। दूसरी तरफ, शिराज यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में, जहाँ 86 भारतीय मेडिकल छात्र अभी अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, लोकल अधिकारियों ने उनके आने-जाने को आसान बनाने के लिए एक अलग इवैक्युएशन रूट का सुझाव दिया है। इस प्लान के तहत, छात्र अज़रबैजान के बाकू में शिराज – क़ोम – बाकू एयरपोर्ट से जा सकते हैं, जहाँ से वे भारत के लिए इंटरनेशनल फ़्लाइट ले सकते हैं। छात्रों में बढ़ रही चिंता ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) जम्मू-कश्मीर के प्रेसिडेंट मोहम्मद मोमिन खान ने कहा कि उन्हें गोलेस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़, केरमान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ और इस्फ़हान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ में एनरोल्ड भारतीय छात्रों से परेशानी भरे कॉल आ रहे हैं। उनके अनुसार, कई छात्र अधिकारियों से इवैक्युएशन का इंतज़ाम करने की गुज़ारिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि पूरे देश में हालात सुरक्षित नहीं हो सकते हैं। खान ने कहा, "स्टूडेंट्स लगातार फोन कर रहे हैं और इवैक्युएशन की रिक्वेस्ट कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ईरान का कोई भी हिस्सा अभी सेफ नहीं है," उन्होंने स्टूडेंट्स और उनके परिवारों की चिंताओं को भी बताया। राजनीतिक प्रतिनिधियों से भी सहयोग उन्होंने उन पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेटिव्स की कोशिशों को भी माना जो स्टूडेंट्स के टच में हैं और मदद को कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। खान ने सपोर्ट देने और इंडियन स्टूडेंट्स की चिंताओं को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाने में मदद करने के लिए मेंबर ऑफ पार्लियामेंट आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी का शुक्रिया अदा किया। बयान में कहा गया, "डॉ. खान ने मेंबर ऑफ पार्लियामेंट आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इंडियन स्टूडेंट्स की चिंताओं को दूर करने और उनकी सेफ वापसी की कोशिशों में मदद करने के लिए लगातार सपोर्ट और कोऑर्डिनेशन दिया।" परिवारों की बढ़ी चिंता जैसे-जैसे अलग-अलग बैच देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं, भारत में मौजूद उनके परिवार सुरक्षित निकासी की उम्मीद कर रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि आने वाले दिनों में और अधिक छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की जा सकती है।  

कांग्रेस का विरोध अब देश के खिलाफ दिखने लगा : संजय सरावगी का हमला

पटना,  बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एसआईआर को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार में जिस तरह चुनाव प्रचार कर रहे थे और बार-बार उन्हीं मुद्दों को उठा रहे थे लेकिन आम जनता ने इसे नकार दिया और कांग्रेस का सफाया कर दिया। उनके पास विधायकों की संख्या नाममात्र की है। संजय सरावगी ने कहा कि पूरे देश में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। बिहार में भी एसआईआर हुआ और एक भी व्यक्ति न्यायालय में नहीं गया। इन बातों का जनता पर असर नहीं होता। मुद्दों को भटकाने वाली बातों को आम जनता नकार चुकी है। कांग्रेस का तो चाल, चरित्र और चेहरा उजागर हो चुका है। कांग्रेस भाजपा का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगी है। देश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। बता दें कि देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है और विपक्ष एसआईआर का विरोध कर रहा है। बंगाल में ममता बनर्जी एसआईआर के बाद मतदाताओं के नाम कटने का आरोप लगा रही हैं और धरना प्रदर्शन कर रही हैं। 10 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में एसआईआर को धोखाधड़ी करार दिया था। मल्लिकार्जुन खड़गे ने एसआईआर को लेकर राज्यसभा में कहा था कि एसआईआर के नाम पर हर जगह धोखाधड़ी हो रही है। यह सबसे बुरा है और सारी कवायद चुनाव जीतने के लिए हो रही है। इस तरह की कवायद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और कर्नाटक में हो रही है। हर जगह और हर राज्य में धोखाधड़ी ही धोखाधड़ी है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 मार्च को आरोप लगाया था कि राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में बदलाव का मकसद आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाना है। ममता बनर्जी ने धरनास्थल से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर चुनौती देते हुए कहा था कि अगर भाजपा को चुनाव आयोग का समर्थन भी मिल जाए, तो भी वह चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अपने अधिकार छीनने वालों को करारा जवाब देगी।  

निर्माणाधीन कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों: मंत्री तुलसी सिलावट

भोपाल  जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ नियत समय अवधि में पूर्ण करें, जिससे जनता को इन कार्यों का समय से पूरा लाभ मिल सके. विभागीय अधिकारी समय-समय पर कार्यों का निरीक्षण करें एवं निरंतर निरीक्षण प्रतिवेदन दें. कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता,  विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट द्वारा प्रमुख रूप से नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर, जल संसाधन विभाग उज्जैन एवं नमामि क्षिप्रे परियोजना इकाई उज्जैन में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की गई. उन्होंने आगामी सिंहस्थ- 2028 से संबंधित विभागीय कार्यों कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, क्षिप्रा नदी के दोनो तटो पर घाट निर्माण की विस्तृत समीक्षा कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और इन सभी कार्यों को समय-सीमा में आगामी सिंहस्थ के पूर्व पूरी गुणवत्ता एवं विभागीय मापदण्ड अनुसार पूर्ण करने के निर्देश दिये। मंत्री  सिलावट द्वारा उज्जैन एवं इंदौर कछार के अंतर्गत निर्माणाधीन 14 वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। परियोजनाओं के पूर्ण होने पर उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, झाबुआ, बुरहानपुर एवं धार जिले को लगभग 5 लाख 44 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किये जाने, गुणवत्ता पूर्ण कार्य किये जाने के निर्देश दिये साथ ही विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को इन परियोजनाओं को स्वीकृत समय सीमा में पूर्ण करने के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक 15 दिन में इससे संबंधित समीक्षा किये जाने के भी निर्देश दिए। मंत्री  सिलावट द्वारा चितावद, समाकोटा बैराज, डुंगरिया बैराज, बनीहरवाखेडी बैराज, मॉं रेवा उदवहन सिंचाई परियोजना, हाट पिपलिया सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कयामपुर सीतामऊ सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, मल्हारगढ़ दाब युक्त सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, रामपुरा मनासा सूक्ष्म वृहर सिंचाई परियोजना, कबूलपुर मध्यम, आहू सिंचाई परियोजना, तलवाड़ा बांध परियोजना, पांगारी, कारम मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई किये जाने के लिये सार्थक प्रयास करने के निर्देश भी दिये गये।    

कुलदीप यादव की वेडिंग सेलिब्रेशन मसूरी में, विराट कोहली-जय शाह सहित कई खास मेहमान पहुंचेंगे

मसूरी उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों में बसा मसूरी एक हाई-प्रोफाइल शादी के कारण चर्चा में है। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन जादूगर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ मसूरी में 14 मार्च को शादी करने जा रहे हैं। मेहंदी और शादी की सभी रस्में मसूरी के ऐतिहासिक सेवॉय होटल में होंगे। इस शादी को लेकर होटल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। शादी में विराट कोहली, आईसीसी अध्यक्ष जय शाह समेत कई राजनीतिक, फिल्मी और खेल जगह की हस्तियां पहुंच सकती हैं। सेवॉय होटल में कर्मचारियों से होटल की तैयारियों को लेकर बातचीत की। कर्मचारियों ने हालांकि कार्यक्रम गोपनीय रखने का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन बताया कि वे इस हाई प्रोफाइल शादी को लेकर काफी उत्साहित हैं। मसूरी में स्थानीय लोग भी अपने चहेते क्रिकेटरों को देखने के लिए उत्सुक हैं। सूत्रों का कहना है कि समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं। मेहमानों की लंबी फेहरिस्त मेहमानों की सूची में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और टीम इंडिया के कई क्रिकेटर्स आ सकते हैं। होटल के एक स्टाफ ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि शादी में शरीक होने के लिए आईसीसी अध्यक्ष जय शाह भी पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कई राजनीतिक हस्तियां मेहमान के तौर पर नव दंपत्ति को आशीर्वाद देने पहुंच सकते हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, 13 को मेहंदी और 14 को शादी के सभी कार्यक्रम सेवॉय होटल में ही होंगे। शादी समारोह के लिए मसूरी में खास इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक कई वीआईपी मेहमानों को कैंम्प्टी फॉल रोड स्थित जेडी ब्लू मेरिट होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षा, खानपान और आवागमन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो। ब्रिटिश वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध सेवॉय होटल वहीं, शादी समारोह के मुख्य कार्यक्रम ऐतिहासिक सेवॉय होटल में आयोजित होंगे। ब्रिटिशकालीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध यह होटल पहले भी कई राजघरानों, राजनेताओं और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी कर चुका है। अब कुलदीप यादव की शादी के कारण एक बार फिर यह होटल सुर्खियों में है। मसूरी में उत्साह शादी को लेकर मसूरी के पर्यटन कारोबार में भी हलचल बढ़ गई है। होटल, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि इस हाई-प्रोफाइल समारोह से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है, क्योंकि समारोह में बड़ी संख्या में वीआईपी मेहमानों के आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था एवं चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि मेले में देवीपाटन शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आमगन होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवरात्रि पर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी ली।  सीएम का सख्त निर्देश- छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे सीएम योगी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि हर थाना क्षेत्र में संस्थाओं के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉयड तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों आदि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों की फोटो सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर लगाई जाए। बॉर्डर एरिया पर पुलिस एवं बीएसएफ की संयुक्त निगरानी हो। सीएम योगी ने प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे। ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए, सभी जानकारी साझा की जाएं। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक नियमित हो। सभी अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, जिससे उनमें कानून का भय हो। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाएं सरकार की योजनाएं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाकर इसे मई तक पूर्ण किया जाए। यूनिवर्सिटी को रिसर्च सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति क्षेत्र में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कराया जाए। राजस्व वादों, पैमाइश एवं विरासत के निस्तारण में तेजी लाई जाए।  प्राथमिकता से हो व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में सभी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए नए सत्र में पढ़ाई के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करें। शीघ्र मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए। नदियों,  पहाड़ी नालों के ड्रेनेज-चैनलाइजेशन का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं (मातृ वंदना योजना,  कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह आदि) का लाभ हर पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें हों और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।  प्रशासन का जनप्रतिनिधियों से हो बेहतर संवाद, प्रतिदिन सुनी जाए आमजन की समस्याएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कहा कि गोवंश संरक्षण स्थल को और सुदृढ़ किया जाए। सभी स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों और गोवंश की नियमित गणना हो। सीएम ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र तुलसीपुर और गैसड़ी में सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, आमजन व विभिन्न संस्थाओं से प्रशासन का बेहतर संवाद हो। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें एवं आमजन की समस्या एवं शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।  स्कूल चलो अभियान की तैयारी में जुटें, बच्चों को मिल जाए ड्रेस, बैग, किताबें सीएम ने कहा कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिया जाएं और स्कूल चलो अभियान की तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था हो। शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर हो। मरीजों को जनपद में ही बेहतर इलाज मिले, उन्हें अन्य जनपदों में न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों की समीक्षा कर जानी प्रगति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन, अतिक्रमण विरोधी अभियान, थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर विद्युतीकरण एवं संपर्क मार्ग बनाए जाने, आगामी सीजन हेतु सहकारी समितियों पर ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उन्नयन,  जारवा इको टूरिज्म के विकास आदि के बारे में अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, सीएम युवा स्वरोजगार योजना, नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल जीवन मिशन,  निर्माणाधीन परियोजनाओं, रिंग रोड का निर्माण, 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका में एसटीपी का निर्माण, नगर पालिका एवं नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को योजनाओं से संतृप्त किए जाने, एनआरएलएम, ऑपरेशन कायाकल्प, गो संरक्षण,  टीकाकरण,  ईयर टैगिंग, पौधरोपण, आईजीआरएस समेत समस्त बिंदुओं पर प्रगति की समीक्षा की।  बैठक में विधायक पल्टूराम, कैलाश नाथ शुक्ल, राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी,  विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्र,  अवधेश कुमार सिंह, बलरामपुर नगर पालिका चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील, एडीजी अशोक मुथा जैन, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।