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पंजाब के श्रमिकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहना अस्वीकार्य, यह उनके सम्मान पर चोट: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भुल्लथ से कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर की गई अत्यंत अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। वित्त मंत्री ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर से भी अपील की कि यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी भद्दी शब्दावली और असंसदीय भाषा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा ने पंजाब की महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं और जब मैं उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताने के लिए खड़ा हुआ तो उन्होंने मुझे ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर मेरे ऊपर भी व्यक्तिगत हमला किया। उन्होंने कहा कि ऐसी शब्दावली किसी भी हाल में बर्दाश्त योग्य नहीं है और यह किसी विधायक को बिल्कुल भी शोभा नहीं देती। सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कांग्रेसी विधायक द्वारा मजदूर समुदाय और महिलाओं के प्रति इस्तेमाल की गई भद्दी शब्दावली के संबंध में पूरी कांग्रेस पार्टी से भी अपने सदस्य के इस घटिया व्यवहार के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांगने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व अपने सदस्य के इस शर्मनाक व्यवहार की जिम्मेदारी ले। सुखपाल सिंह खैहरा के इस घटिया व्यवहार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वित्त मंत्री ने इस मामले में स्पीकर से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं सदन के स्पीकर से इस संबंध में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अपील करता हूं और यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी अत्यंत निंदनीय और असंसदीय भाषा के लिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो विधानसभा में उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए। अपने पृष्ठभूमि पर किए गए व्यक्तिगत हमले पर रोष प्रकट करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन को श्रम की गरिमा और मजदूर वर्ग की सम्मानित विरासत की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मैं इस सदन के सदस्यों, खासकर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों से अपने पृष्ठभूमि में झांकने की अपील करता हूं। उन्होंने कहा कि बहुत से चुने हुए प्रतिनिधि मजदूर और मेहनतकश परिवारों से संबंधित होने का गर्व रखते हैं। वित्त मंत्री ने सवाल किया कि क्या उनमें से कोई भी ‘बंधुआ मजदूर’ कहे जाने को स्वीकार करेगा? उन्होंने कहा कि ऐसी भद्दी शब्दावली न केवल एक व्यक्ति बल्कि पंजाब के मेहनतकश लोगों के सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाती है। व्यक्तिगत टिप्पणियों से ऊपर उठते हुए वित्त मंत्री ने देश की लोकतांत्रिक नींव और भारत के संविधान द्वारा हर किसी को दी गई स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मुझे अपने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बहुत गर्व है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारत का संविधान लिखा और यही संविधान साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी ऊंचे पदों पर पहुंचकर जनता की सेवा करने की शक्ति देता है।” उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का उन पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का मेरे ऊपर विश्वास जताने और मुझे पंजाब के वित्त मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए दिल से आभारी हूं।” सरकार में अपने काम को उजागर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें जनसेवा के अपने रिकॉर्ड पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने पंजाब की माताओं, बेटियों, युवाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और उद्योगपतियों के कल्याण और समृद्धि के लिए समर्पित राज्य के पांच व्यापक बजट पेश किए हैं।” अपने खिलाफ की गई टिप्पणियों का कड़ा जवाब देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सुखपाल सिंह खैहरा को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां करने के बजाय सुखपाल सिंह खैहरा को पहले अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवानी चाहिए, क्योंकि भुल्लथ के विधायक का स्वयं का शैक्षणिक और करियर पृष्ठभूमि भी संदिग्ध रही है।

डॉ. कोठारी का संदेश: प्रभावी समय प्रबंधन सफलता की कुंजी

सफलता के लिये समय का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक : महानिदेशक डॉ. कोठारी मैपकास्ट में एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम का हुआ समापन युवाओं में नवाचार एवं स्टार्ट-अप संस्कृति को मिला प्रोत्साहन भोपाल मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा है कि विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी विचार को वास्तविकता में बदलने के लिए “आई कैन” की भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। डॉ. कोठारी ने बताया कि परिषद विज्ञान एवं नवाचार के लगभग 18 क्षेत्रों जैसे कृषि, वेटनरी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग एवं आईटी में तकनीकी परामर्श, संस्थागत सहयोग, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही परिषद युवाओं को उद्योगों और संस्थानों से जोड़ने का भी कार्य कर रही है, जिससे उनके नवाचारों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके। डॉ. कोठारी मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। छह सप्ताह तक संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई टूल्स और उद्यमिता कौशल से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमशील सोच का विकास करते हुए उन्हें स्टार्ट-अप एवं स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव डिजिटल टूल्स, ग्राफिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम प्रदेश में एआई आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में नए अवसर सृजित करने की एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। प्रतिभागी श्री प्रतीक बाघरे ने कहा कि मार्केटिंग, इंडिया फर्स्ट की अवधारणा और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर आयोजित सत्र अत्यंत लाभकारी रहे। साथ ही आईआईआईएफआर भोपाल के शैक्षणिक भ्रमण से स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ। प्रतिभागी श्री राहुल तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से नवाचार और तकनीक के उपयोग से जुड़े अनेक नए आयाम सीखने को मिले तथा समन्वयकों का मार्गदर्शन सराहनीय रहा। वहीं श्री उदित वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें स्व-रोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में डॉ. प्रवीण विद्यार्थी, श्री अवनीश शर्मा, सुश्री तन्या चतुर्वेदी एवं श्री रविंद्र कोरेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

जंगल में तस्करी पर शिकंजा: वन विकास निगम ने पकड़ा अवैध लकड़ी से लदा ट्रैक्टर

रायपुर वन तस्करों पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध लकड़ी से भरा ट्रैक्टर जप्त छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कवर्धा परियोजना मंडल ने वन अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन और हल्दू की लकड़ी का अवैध परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को जप्त किया है। यह कार्रवाई पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर क्षेत्र में की गई।            वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 मार्च की रात लगभग 11:45 बजे वन विकास निगम की टीम संरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक पी एफ/1467 में गश्त कर रही थी। इसी दौरान डालामौहा से भेड़ागढ़ बैगापारा की कच्ची सड़क पर बिना नंबर प्लेट का एक संदिग्ध ट्रैक्टर आता हुआ दिखाई दिया। टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रैक्टर में सागौन और हल्दू की लकड़ी लदा हुआ पाया गया, जिसका परिवहन बिना किसी वैध दस्तावेज के किया जा रहा था।          वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1), 41, 42 तथा छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण क्रमांक 18353/12 विगत 06 मार्च को दर्ज किया है।           प्राप्त कार्रवाई के दौरान स्वराज ट्रैक्टर (मॉडल 735 एफई को जप्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7.5 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा ट्रैक्टर से सागौन और हल्दू की लकड़ी सहित कुल लगभग 0.667 घन मीटर वनोपज बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रूपए आंकी गई है। प्रकरण की सूचना प्राप्त होते ही प्राधिकृत अधिकारी एवं उपमंडल प्रबंधक, कवर्धा ने माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट को जानकारी दे दी है। साथ ही भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52(4) के तहत वाहन को राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वाहन की जप्ती की सूचना क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी भेज दी गई है, ताकि वाहन का क्रय-विक्रय या हस्तांतरण न हो सके।            यह कार्रवाई सुनील कुमार, मंडल प्रबंधक, कवर्धा परियोजना मंडल के निर्देशन तथा दीपिका सोनवानी, उपमंडल प्रबंधक बोड़ला के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में जागेश गोंड, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया, रंजीत कुमार पटेल सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, जसपाल सिंह मरकाम क्षेत्ररक्षक और स्थानीय सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा।          वन विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों में वनों की अवैध कटाई और तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

क्रिकेट स्टार की पत्नी संजना गणेशन की खूबसूरती ने उड़ाए होश, बिकिनी तस्वीरें वायरल

मुंबई जसप्रीत बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी परफॉरमेंस से सभी का दिल जीत लिया है. फाइनल मैच में वह मैन ऑफ न मैच भी रहे. पूरे टूर्नामेंट में वह कमाल के फॉर्म में रहे. जहां एक तरफ बुमराह मैदान में कमाल दिखा रहे हैं तो वहीं उनके फैंस उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर भी जानने के लिए उत्सुक रहते हैं. पर्सनल लाइफ की बात करें तो, जसप्रीत ने 4 साल पहले स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट संजना गणेशन के साथ शादी की थी. बुमराह और संजना ने लव मैरिज की थी. आईपीएल 2020 के बीच में, जसप्रीत ने अपनी लेडी लव संजना को प्रपोज किया था. आइए उनकी खूबसूरत लव स्टोरी के बारे में आपको बताते हैं।  ऐसे हुई पहली मुलाकात TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह पहली बार अपनी लेडी लव, संजना गणेशन से IPL के 2013-2014 सीजन में मिले थे, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे से बात नहीं की. सालों बाद, यह कपल इंग्लैंड में 2019 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान फिर से मिला. हालांकि, पॉपुलर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और प्रेज़ेंटर संजना ने उनके शर्मीले नेचर का गलत मतलब निकाला. उन्हें लगा कि जसप्रीत शायद किसी रिलेशनशिप में हैं. लेकिन जब दोनों ने एक-दूसरे से बात की तो चीजें सुलझ गईं।  स्काई स्पोर्ट्स के साथ एक इंटरव्यू में, जसप्रीत बुमराह ने बताया कि उसने संजना को कई बार देखा था, लेकिन उन्हें एक ही प्रॉब्लम थी. जसप्रीत ने बताया कि वे एक-दूसरे को घमंडी मानते थे, इसलिए उनकी कोई बात नहीं होती थी. उन्होंने बताया कि 2019 वर्ल्ड कप के दौरान उनकी पहली बार संजना से बात हुई थी. वह इवेंट कवर कर रही थीं. दोनों दोस्त बन गए और खूब बातें करने लगे।  एक्ट्रेस को टक्कर दे जाता है संजना का स्टाइल कई क्रिकेटर की वाइफ एक्ट्रेस हैं। पर जब वो मैदान में संजना के साथ दिखती हैं तो पिछड़ जाती हैं। संजना को आप जब भी देखेंगे, वो कुछ ऐसा पहनी दिखेंगी कि बाकी सारे उनके सामने कमजोर पड़ जाएंगे। इस बार भी डीवा ने बैक टू बैक जो ड्रेसेस पहनी। उन्हें देखकर हर कोई संजना से फैशन गोल्स ले सकता है। संजना सोशल मीडिया पर अच्छी- खोसी फैन फॉलोइंग रखती हैं। और, अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। इस बार भी 34 साल की डीवा ने बैक टू बैक सुपर स्टाइलिश ड्रेसेस पहनकर ग्लैमरस और क्लासी लुक्स फ्लेक्स किए हैं। संजना ने एक साथ कई सारे लुक्स दिखाए। और, उनके किसी भी लुक में कमी ढूंढ पाना मुश्किल है। क्योंकि वो हमेशा ही ऐसे आउटफिट्स चुनती हैं कि उनके सामने फिर कोई नहीं टिक पाता है। 1 बेटे की मां संजना के इन स्टाइलिश लुक्स से हर कोई इंस्पिरेशन ले सकता है। आप भी देखें उनकी फोटोज। बालकनी में किया था प्रपोज हरभजन सिंह और गीता बसरा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान, जसप्रीत बुमराह और उनकी अब पत्नी, संजना गणेशन ने अपनी सगाई के पलों को याद किया. UAE में IPL 2020 के बीच में, बुमराह ने संजना को प्रपोज़ करने का प्लान बनाया था. लेकिन, सिक्योरिटी की वजह से हालात मुश्किल हो गए. लेकिन फिर बुमराह ने IPL अधिकारियों की मदद से अपनी सगाई के लिए एक परफेक्ट सीन अरेंज कर लिया. जसप्रीत ने केक रखा, कमरे में सब कुछ सजाया, और रिंग तैयार रखी. बालकनी को भी कैंडिल्स से सजाया और फिर अपनी लेडीलव को बालकनी में प्रपोज किया।  2021 में की शादी दो साल तक डेटिंग करने के बाद, जसप्रीत ने 15 मार्च, 2021 को गोवा में एक प्राइवेट सेरेमनी में संजना से शादी कर ली. उन्होंने अपनी शादी में सिख रीति-रिवाजों को फॉलो किया. इस सेरेमनी में कपल के करीबी दोस्त और परिवार वाले शामिल हुए. 4 सितंबर, 2023 को, कपल के पहले बच्चे का स्वागत किया, जिसका नाम अंगद रखा गया। 

टीवी शो से मिला पहला ब्रेक, श्रेया घोषाल की आवाज ने संजय लीला भंसाली को कर दिया था मंत्रमुग्ध

मुंबई, आठवीं कक्षा में जहां बच्चों को यह नहीं पता होता है कि आगे 10वीं के बाद किस स्ट्रीम में जाना है, उस वक्त एक बच्ची बॉलीवुड में राज करने के सपने देख रही थी। उसे नहीं पता था कि उसकी आवाज बॉलीवुड की पहचान बन जाएगी और कोटा के छोटे से गांव से निकलकर वो हिंदी सिनेमा पर अपनी अमिट छाप छोड़ेगी। हम बात कर रहे हैं श्रेया घोषाल की, जो 12 मार्च को अपना 41वां जन्मदिन मना रही है। कहा जाता है कि मां ही बच्चों की पहली गुरु होती है और श्रेया के साथ भी ऐसा ही था। श्रेया की मां बहुत अच्छा गाती थी और यही कारण था कि वे अपनी बेटी को संगीत की तालीम देने के पक्ष में भी। उन्होंने श्रेया को 6 साल की छोटी उम्र में ही संगीत की तालीम दिलानी शुरू कर दी थी और वे स्कूल के वार्षिक समारोह में अपनी आवाज से सबको मंत्रमुग्ध कर देती थी। इसके बाद उन्होंने पद्मश्री स्वर्गीय कल्याणजी भाई और स्वर्गीय मुक्ता भिडेजी से प्रशिक्षण प्राप्त किया। बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि श्रेया साइंस की स्टूडेंट थी, लेकिन संगीत के जुनून को आगे ले जाने के लिए उन्होंने 12 तक साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई के बाद आर्ट्स का चुनाव कर संगीत का प्रशिक्षण लिया। हालांकि तब तक उनकी आवाज बॉलीवुड में छा चुकी थी और संजय लीला भंसाली ने टीवी पर एक प्रोग्राम को देखकर श्रेया का चुनाव देवदास के लिए किया था। श्रेया घोषाल ने बचपन में म्यूजिक रियलिटी शो ‘सारेगामापा’ में हिस्सा लिया था और फाइनल तक पहुंची थी। ऐसे में एक दिन अपनी मां के साथ टीवी देखते संजय लीला भंसाली ने पहली बार श्रेया को गाते हुए सुना था। उस वक्त भंसाली हम दिल दे चुके सनम बना रहे थे और उनके दिमाग में देवदास को बनाने का विचार था। तब श्रेया की आवाज सुनकर उन्होंने उन्हें पारो की आवाज के लिए चुना था। इतना ही नहीं, निर्देशक ने ‘सारेगामापा’ के जरिए ही सिंगर से संपर्क किया था और देवदास का ‘बैरी पिया’ गाना दिया था। उस वक्त श्रेया मात्र साढे पंद्रह साल की थीं। खास बात यह रही कि पहले ही गाने से श्रेया की जिंदगी बदल गई और पहले ही गाने ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी दिलवा दिया। ‘बैरी पिया’ का गाना श्रेया के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं था क्योंकि उनका बैकग्राउंड शास्त्रीय संगीत से जुड़ा था। हालांकि रिकॉर्डिंग वाले दिन प्रैक्टिस के दौरान पहली ही बार में उन्होंने गाने को रिकॉर्ड कर लिया था। उन्हें माइक पर प्रैक्टिस करने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने इतना अच्छा गाया कि भंसाली ने उन्हें गले लगा लिया। इस मौके के बाद श्रेया ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी समेत 20 से ज़्यादा भाषाओं में गाने भी गाए। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज़्यादा गाना गाने वाली फीमेल सिंगर के तौर पर दर्ज है। उन्होंने हिंदी सिनेमा के लिए मैं तेनू समझावां, मनवां लागे, सुन रहा है न तू, जादू है नशा है और तुझमें रब दिखता है जैसे कई रोमांटिक गाने गाए हैं।  

ईंधन की किल्लत के बीच खुशखबरी: इलेक्ट्रिक कार पर कंपनी दे रही भारी डिस्काउंट

मुंबई पश्चिमी एशिया में जंग के बादल गहराते जा रहे हैं. तेल के कुओं के आसपास तनाव बढ़ा तो दुनिया भर के बाजारों में हलचल तेज हो गई. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता दिख रहा है. ऐसे वक्त में जब पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर हर देश को सता रहा है, ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को आगे बढ़ाने में जुट गई हैं. इसी कड़ी में VinFast ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका मकसद लोगों को पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाना है।  वियतनामी कंपनी विनफास्ट ने ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक (Trade Gas for Electric) नाम से एक नया कैंपेन शुरू किया है. यह प्रोग्राम एक साथ कई एशियाई बाजारों में लागू किया जा रहा है, जिनमें वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस शामिल हैं. इस स्कीम के तहत अगर ग्राहक अपनी पुरानी पेट्रोल गाड़ी को एक्सचेंज कर नई VinFast इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो उन्हें 3 प्रतिशत का एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जाएगा. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों को 5 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा।  कंपनी के मुताबिक यह छूट पहले से चल रहे ऑफर्स के ऊपर दी जाएगी. यानी ग्राहकों को एक साथ कई फायदे मिल सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले के मुकाबले ज्यादा सस्ता और आसान हो सकता है।  इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की मोबिलिटी यूनिट ग्रीन एंड स्मार्ट मोबिलिटी (GSM) ने अपनी राइड-हेलिंग सर्विसेज में भी छूट का ऐलान किया है. 11 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच Xanh SM (वियतनाम) और Green SM (इंडोनेशिया) की सर्विसेज का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को किराए में 10 प्रतिशत तक की छूट का फायदा मिलेगा।  कंपनी का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों से सफर करना और भी किफायती बनेगा. साथ ही ज्यादा लोग इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट ऑप्शन की ओर मुखर होंगे. कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि यह प्रोग्राम फिलहाल लिमिटेड टाइम पीरियड के लिए शुरू किया गया है, लेकिन अगर ग्लोबल मार्केट में फ्यूल प्राइस में इजाफा बना रहता है तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।  VinFast में ग्लोबल सेल्स की डिप्टी सीईओ डुओंग थी थू ट्रांग का कहना है कि, 'ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक' प्रोग्राम दुनिया भर में बदलती इकोनॉमिकल और जियो-पॉलिटिकल कंडिशन को देखते हुए शुरू किया गया है. ऐसे में विनफास्ट ग्रीन इकोसिस्टम के जरिए एक सॉल्यूशन लेकर आया है. इससे लोगों के डेली लाइफ में फ्यूल प्राइसेस का असर कम होगा साथ ही पॉल्यूशन पर भी लगाम लगेगी।  VinFast की कारें विनफास्ट के इंडियन पोर्टफोलियो में फिलहाल दो कार मॉडल हैं और दोनों ही SUV सेगमेंट में आते हैं. कंपनी की सबसे सस्ती कार VinFast VF6 है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब 17.29 लाख रुपये रखी गई है. वहीं लाइनअप की सबसे महंगी कार VinFast VF7 है, जिसकी कीमत करीब 26.79 लाख रुपये तक जाती है. आने वाले समय में कंपनी दो नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें Limo Green और VF3 शामिल हैं. माना जा रहा है कि इन मॉडलों के आने से इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में कम्पटीशन और बढ़ेगा। 

अवैध गैस रिफिलिंग पर जगदलपुर में बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त

रायपुर बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में सिलेंडर जप्त किया है। इसी कड़ी में कलेक्टर  आकाश छिकारा के निर्देश पर मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने शहर के दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में एक बड़ी कार्रवाई की।          खाद्य नियंत्रक  घनश्याम राठौर से मिली जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग को राउतपारा स्थित बालाजी केयर हॉस्पिटल के पास अवैध भंडारण की पुख्ता सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर टीम ने प्रशांत महाजन नामक व्यक्ति के घर पर आकस्मिक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान घर के भीतर गैस सिलेंडरों का बड़ी मात्रा में भंडारा पाया गया, जिसका कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने मौके से कुल 24 नग घरेलू गैस सिलेंडर और 10 नग कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा, सिलेंडरों से अवैध रूप से गैस की चोरी और रिफिलिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले 03 नग रिफिलिंग पाइप भी जप्त किए गए हैं।       प्रशासन का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण घरेलू गैस की सीमित आपूर्ति का लाभ उठाकर कुछ लोग ऊंचे दामों पर गैस बेचने की फिराक में हैं। इसी कालाबाजारी को रोकने और आम जनता को सुचारू रूप से गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन अब कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई को खाद्य विभाग के अनुभवी अधिकारियों की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें खाद्य निरीक्षक  शेख अब्दुल कादिर,  उमेश चौधरी,  हेमंत ब्रह्मभट्ट एवं  पायल वर्मा शामिल रहे। विभाग ने जप्त सामग्री को कब्जे में लेकर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी।

साइकिल से विधानसभा पहुंचे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी बुधवार को साइकिल से विधानसभा पहुंचे. उन्होंने यह कदम राज्य में गैस और तेल की सप्लाई से जुड़े संकट को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में उठाया. मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर ईरान युद्ध के प्रभाव के कारण देश में गैस और तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर झारखंड के कई क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से साइकिल से विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया. केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर झारखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि राज्य में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से कई औद्योगिक संस्थानों, होटलों और कैंटीनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उद्योग और होटल व्यवसाय पर पड़ रहा असर डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि एलपीजी की कमी का असर सिर्फ व्यवसाय पर ही नहीं, बल्कि हजारों कामगारों के भोजन की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि रांची स्थित उषा मार्टिन लिमिटेड समेत कई औद्योगिक इकाइयों की कैंटीनों में गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है. इससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि औद्योगिक कैंटीनों और होटल व्यवसाय के लिए कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए. उन्होंने कहा कि यदि गैस की नियमित आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो इससे उद्योगों के कामकाज, होटल व्यवसाय और श्रमिकों की भोजन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है. मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी.

झारखंड में हिंडाल्को द्वारा ‘रेड मड सप्लाई’ की फिर होगी जांच

रांची. मुरी स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्रीज द्वारा रेड मड आपूर्ति के मामले की फिर से जांच होगी। मंगलवार को सिल्ली से झामुमो के विधायक अमित कुमार द्वारा ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से इसे उठाया। विधायक अमित कुमार ने आरोप लगाया कि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने बिना पर्यावरणीय अनुमति के रेड मड की आपूर्ति की है। उन्होंने यह भी कहा कि रेड मड तालाब से जुड़ी एक घटना में 25 से 30 लोगों की मौत होने की बात सामने आई थी, जिसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य कुमार ने सदन को बताया कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने बिना पर्यावरणीय अनुमति के लगभग दो लाख टन रेड मड की आपूर्ति राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को किए जाने के मामले में हिंडालको इंडस्ट्रीज पर 37,96,875 रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति दंड लगाया है। मंत्री ने कहा कि कथित मौतों की घटना को लेकर अब तक न तो किसी मीडिया में प्रमाणित रिपोर्ट सामने आई है और न ही किसी थाने में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई है। पहले गठित जांच टीम की रिपोर्ट में भी ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि, विधायक अमित कुमार ने जांच टीम की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए विधानसभा की कमेटी से जांच कराने की मांग की। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार मामले की गंभीरता को देखते हुए नई कमेटी गठित कर दोबारा जांच कराएगी। यदि पहले की जांच रिपोर्ट और नई जांच रिपोर्ट में अंतर पाया जाता है, तो सरकार आगे की आवश्यक कार्रवाई करेगी। फर्जी हुकूमनामा और दस्तावेजों के सहारे सरकारी जमीन हेराफेरी का आरोप बोकारो जिले के चास अंचल स्थित नारायणपुर मौजा की 21 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री को लेकर उठे विवाद की जांच अब भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के सचिव करेंगे। चंदनक्यारी से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक उमाकांत रजक द्वारा विधानसभा में यह मामला उठाए जाने के बाद सरकार ने जांच कराने का फैसला लिया है। मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन में कहा कि सरकार इस मामले में सख्त रुख अपनाएगी और विभागीय स्तर पर इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मामला फिलहाल न्यायालय में भी विचाराधीन है और कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान विधायक उमाकांत रजक ने बताया कि संबंधित 21 एकड़ जमीन सर्वे के अनुसार गैर आबाद मालिक की श्रेणी में दर्ज थी। इसमें से 1.98 एकड़ जमीन भूमिहीनों को दानपत्र के माध्यम से दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर आबाद जमीन की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा किया गया और सादा हुकूमनामा बनाकर रजिस्ट्री कर ली गई। विधानसभा में वार-प्रतिवार उन्होंने कहा कि एक जनवरी 1946 से पहले के हुकूमनामा के आधार पर जमीन की दर तय की जा रही है, जबकि इस जमीन की बंदोबस्ती केलू महतो के नाम से दर्ज थी। उनके अनुसार धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों के सहारे साजिश के तहत सरकारी जमीन की हेराफेरी की गई है। मामले के सामने आने के बाद बोकारो जिला प्रशासन ने प्राथमिकी भी दर्ज की है। विधायक ने यह भी बताया कि करीब 2.8 एकड़ जमीन पर एक रिजॉर्ट का निर्माण कर लिया गया है। इस पर विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि न्यायालय ने केवल 2.8 एकड़ जमीन पर कार्रवाई पर रोक लगाई है, जबकि बाकी 21 एकड़ जमीन पर कोई रोक नहीं है।

डार्क होंठों से छुटकारा पाने के 7 आसान घरेलू उपाय, होंठ बनेंगे नैचुरली पिंक

होंठ चेहरे की खूबसूरती को और भी निखारते हैं, लेकिन आजकल की लाइफस्टाइल, ज्यादा कैफीन लेना, धूम्रपान, डिहाइड्रेशन, सन एक्सपोजर और केमिकल वाले लिपस्टिक की वजह से होंठ काले पड़ने लगते हैं। महंगे प्रॉडक्ट्स अक्सर टेम्परेरी असर देते हैं, लेकिन ये इनसे होंठों को नुकसान हो सकता है।इनकी तुलना में घरेलू नुस्खे सुरक्षित होते हैं और लंबे समय तक फायदा पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं कुछ घरेलू उपाय जो आपके काले होंठों को फिर से नेचुरली गुलाबी और खूबसूरत बना सकते हैं। कैसे बनाएंं होंठों को नेचुरली गुलाबी?     शहद और नींबू- शहद होंठों को मॉइश्चराइज करता है और उनमें नमी बनाए रखता है,जबकि नींबू की प्राकृतिक ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज होंठों का कालापन कम करती हैं। एक चम्मच शहद में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाकर होंठों पर लगाएं और 10-15 मिनट बाद वॉश करें।     गुलाब की पंखुड़ियां- गुलाब की पंखुड़ियां होंठों को नेचुरल गुलाबी रंग लेकर आती हैं। इसके लिए गुलाब की पंखुड़ियों को कुछ देर दूध में भिगोकर पेस्ट बना लें और इसे होंठों पर लगाएं। लगभग 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद इसे वॉश करें।     चीनी और ऑलिव ऑयल स्क्रब- डेड स्किन की वजह से होंठ अक्सर बेजान और काले लगते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए एक चम्मच चीनी में आधा चम्मच जैतून का तेल मिलाकर स्क्रब तैयार करें। इस मिक्सचर से होंठों पर हल्के हाथों से दो-तीन मिनट मसाज करें और फिर वॉश करें।     चुकंदर का रस- चुकंदर में मौजूद नेचुरल रेड पिगमेंट होंठों को गुलाबी बनाने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। इसके लिए रात को सोने से पहले चुकंदर का रस होंठों पर लगाएं और रातभर इसे लगा रहने दें। सुबह उठकर वॉश करें।     एलोवेरा जेल- एलोवेरा जेल अपने हाइड्रेटिंग और हीलिंग गुणों के लिए जाना जाता है। ताजा एलोवेरा जेल को होंठों पर लगाएं और लगभग 20 मिनट तक लगा रहने दें। चाहें तो दिनभर में इसे बार-बार भी लगाया जा सकता है।     नारियल तेल- नारियल तेल होंठों के लिए नेचुरल मॉइश्चराइजर का काम करता है। इसे रात में सोने से पहले होंठों पर लगाकर हल्की मालिश करें। नारियल तेल होंठों के ड्राइनेस को दूर करता है और उन्हें नेचुरली सॉफ्ट और पिंक बनाए रखता है। दिन में भी इसे नेचुरल लिप बाम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।     हल्दी और दूध- हल्दी में स्किन को ब्राइट करने वाले तत्व होते हैं और दूध होंठों को पोषण देता है। एक चुटकी हल्दी में थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे होंठों पर 5 मिनट तक लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। इसके बाद वॉश करें।