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युवाओं से सोनू सूद की अपील: ड्राइविंग करते वक्त याद रखें, किसी की जिंदगी आपके हाथ में है

मुंबई,  दिल्ली समेत कई राज्यों में ऐसे केस सामने आए, जहां तेज स्पीड और नाबालिग बच्चों द्वारा गाड़ी चलाने से लोगों की जान चली गई। हाल ही में द्वारका में एक नाबालिग ने एलयूवी से 23 वर्षीय युवक को कुचल दिया था और युवक की मां से सोशल मीडिया पर इंसाफ की गुहार लगाई थी। इसी मुद्दे को लेकर अब सोनू सूद ने युवाओं और माता-पिता से खास अपील की है। उन्होंने साफ कहा है कि किसी को हक नहीं है कि वह सड़क पर चलने वाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करे। हमेशा की तरह सोनू सूद ने एक बड़े सामाजिक मुद्दे पर बात की है। एक बच्चे के पिता होने के नाते, अभिनेता ने इस बात के प्रति संवेदनशीलता दिखाई कि स्कूल के साथ-साथ संस्कारों की शिक्षा भी कितनी अहम है। उन्होंने सड़कों पर गाड़ी चलाने वाले युवाओं से अपील की है कि वो अपनी गाड़ी की स्पीड को नियंत्रित रखें। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर कहा, “आज हम ऐसी जिंदगी जी रहे हैं, जहां सड़क पर चलने वाले लोगों की जिंदगी आपके हाथों में है। कितनी तेजी से आप रेस बढ़ाते हैं और कितनी तेजी से ब्रेक को दबाते हैं, यह तय करता है कि सामने वाला कितना जिएगा।” उन्होंने आगे कहा, मेरी सभी बच्चों से गुजारिश है कि जो बच्चे गाड़ी सीखना चाहते हैं और उनकी उम्र नहीं हुई है, वो इंतजार करे, सही समय का। वहीं माता-पिता को ध्यान रखने की जरूरत है कि वाहन की चाबी कहां है क्योंकि बच्चे मौका देखते ही वाहन की चाबी लेकर निकल जाते हैं और फिर होते हैं घातक एक्सीडेंट।” अभिनेता के पोस्ट को यूजर्स का भी समर्थन मिल रहा है, और उनका कहना है कि आज की जनरेशन जल्दी बड़ा होना चाहती है, और यही कारण है कि देश में दुर्घटनाओं का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। बता दें कि इससे पहले सोनू सूद ने संयुक्त अरब अमीरात में फंसे लोगों की मदद का एलान किया था। उन्होंने वहां फंसे किसी भी देश के नागरिक को सीधा उनसे कांटेक्ट करने के लिए कहा था। अभिनेता वहां फंसे उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जिनके पास घर नहीं है और किसी सुरक्षित स्थान से दूर हैं। अभिनेता कोविड के समय से ही लोगों की मदद का काम कर रहे हैं। चाहे महामारी हो या फिर बाढ़, हर परिस्थिति में वह लोगों की सहायता के लिए तैयार हैं।  

4 साल में टूटा रिश्ता: Hansika Motwani और उनके पति का तलाक, शादी को लेकर पहले भी रही थी चर्चा

मुंबई  सेलेब्रिटीज के तलाक की लिस्ट में अब एक नाम अभिनेत्री हंसिका मोटवानी का भी जुड़ गया है। हंसिका का पति सोहेल कथूरिया से तलाक हो गया है। काफी वक्त से उनकी शादी में दरार की खबरें आ रही थीं। अब इस पर मुहर लग गई है। मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने हंसिका और सोहेल का तलाक फाइनल कर दिया है। दोनों की शादी सिर्फ चार साल तक ही चल सकी। कपल का इस शादी से कोई बच्चा नहीं है। हंसिका का टूटा घर हंसिका ने बिजनेसमैन सोहेल कथूरिया से 4 दिसंबर 2022 को धूमधाम से शादी की थी. मगर कुछ महीनों बाद ही उनकी मैरिड लाइफ में उथल-पुथल होने की खबरें आने लगी थीं. सोहेल की हंसिका के साथ ये दूसरी शादी थी. हंसिका की बेस्ट फ्रेंड रिंकी बजाज संग उन्होंने पहली शादी की थी. सोहेल का दोनों में से कोई भी रिश्ता नहीं चला. सोहेल और हंसिका की शादी टूटने से एक्ट्रेस के फैंस को झटका लगा है। क्या है तलाक की वजह? जानकारी के मुताबिक, हंसिका ने तलाक लेते हुए अपने स्त्रीधन और एलिमनी अमाउंट के लिए कोई दावा नहीं किया है. कोर्ट की सुनवाई के दौरान, मोटवानी के वकील अदनान शेख ने बताया कि शादी के बाद कपल कुछ दिनों तक साथ रहा था. लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उनके नेचर, सोच और लाइफस्टाइल में बहुत फर्क है. इससे उनके बीच झगड़े होने लगे. छोटी-छोटी बातों पर रोज झगड़ा होता था और एक छत के नीचे रहना उन दोनों के लिए काफी मुश्किल हो गया था. इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया।। परिवारवाले, रिश्तेदार और दोस्तों ने ये शादी बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए. आखिरकार दोनों ने अलग रहने और शादी तोड़ने का फैसला किया. वकील के मुताबिक, वे 2 जुलाई 2024 से अलग-अलग रह रहे हैं. उनका रिश्ता खराब हो गया था, लेकिन दोनों ने बातचीत की और आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया। साउथ की बड़ी एक्ट्रेस हैं हंसिका हंसिका हिंदी और साउथ इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस हैं. उन्होंने बचपन में अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था. उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट टीवी शो 'शका लका बूम बूम' और मूवी 'कोई… मिल गया' में काम किया था. हंसिका सीरियल देश में निकला होगा चांद, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, सोन परी, करिश्मा का करिश्मा, बिदाई में नजर आई थीं. हिंदी इंडस्ट्री में अपना जलवा दिखाने के बाद हंसिका ने साउथ इंडस्ट्री में काम किया. वो साउथ के कई बड़े स्टार्स संग काम कर चुकी हैं. अपने काम के अलावा हंसिका ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी चर्चा में रहीं।

पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश

बिलासपुर संभागायुक्त  सुनील जैन ने पीएम  स्कूल का किया निरीक्षण संभागायुक्त  सुनील जैन ने पीएम  स्कूल का किया निरीक्षण संभागायुक्त  सुनील जैन ने आज चकरभाठा स्थित पीएम  स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचार्य से स्कूल में संचालित कक्षाओं की जानकारी ली तथा शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और सुविधाएं विकसित करने कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल भवन के पीछे स्थित परिसर में गार्डन और ओपन जिम विकसित करने के निर्देश दिए।       कमिश्नर  जैन ने स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों की भी जानकारी ली और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल की लैब और लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए लाइब्रेरी को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। साथ ही लाइब्रेरी को हाईटेक बनाते हुए सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में मिनी स्टेडियम बनाने के निर्देश भी दिए। परिसर में निर्मित 16 कमरों की भवन की स्थिति का अवलोकन करते हुए उन्होंने उसकी मरम्मत कराने तथा सीपेज की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले सत्र तक सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करा लिए जाएं।      इस दौरान डिप्टी कमिश्नर मती स्मृति तिवारी, समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक  ओम पांडे सहित संबंधित अधिकारी एवं स्कूल के प्राचार्य उपस्थित थे। 

महिला दिवस पर सम्मान समारोह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्व-सहायता समूह की महिलाएं हुईं सम्मानित

कोरिया महिला शक्ति को मिला सम्मान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला पंचायत ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं, बिहान योजना से जुड़ी महिला कैडर्स व जागरूक माताओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सेक्टरों की करीब 19 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पोषण, बच्चों की नियमित उपस्थिति, शालापूर्व शिक्षा, पोषण वाटिका निर्माण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पोषण ट्रैकर ऐप में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कई कार्यकर्ताओं ने 100 प्रतिशत टीएचआर वितरण, पोषण ट्रैकर के सभी इंडिकेटर पूर्ण करने और हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने में उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके अलावा बिहान योजना के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 10 महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पत्रकारिता के पेशे से आने वाली पत्रकार मती कमरून निशा को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में स्वस्थ बच्चा-जागरूक महतारी श्रेणी में भी महिलाओं को सम्मानित किया गया। इन माताओं ने बच्चों के बेहतर पोषण, आंगनबाड़ी सेवाओं के नियमित उपयोग, रेडी-टू-ईट एवं गरम भोजन के सेवन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेकर स्वस्थ बाल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि महिलाएं समाज और परिवार की मजबूत आधारशिला हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी व विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

ICC रैंकिंग में बदलाव: संजू ने छिनी बादशाहत, वरुण और अन्य खिलाड़ियों का जलवा जारी

मुंबई टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को फाइनल में हराकर आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया. भारत की इस महाजीत का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की ताजा टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में भी देखने को मिला है. टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों ने नई रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है।  कप्तान सूर्या की अगुआई में भारत ने अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरा और कुल तीसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता. इसके साथ ही भारत टूर्नामेंट के इतिहास में तीन बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गया।  बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत का दबदबा नई रैंकिंग में भारत के बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिला. अभिषेक शर्मा का जलवा इस रैंकिंग में कायम है.  फाइनल में उन्होंने ताबड़तोड़ फिफ्टी लगाई थी. अब नंबर-1 टी20 बल्लेबाज बने हुए हैं।  वहीं ईशान किशन ने टूर्नामेंट में 317 रन बनाने के बाद दो स्थान की छलांग लगाकर नंबर-2 पर पहुंच गए हैं. किशन ने अपने करियर की सबसे ज्यादा रेटिंग भी हासिल की और अब वह अभिषेक शर्मा से सिर्फ 4 रेटिंग पॉइंट पीछे हैं।  इसके अलावा न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट चार स्थान की छलांग लगाकर छठे नंबर पर पहुंच गए हैं, जबकि इंग्लैंड के बेथल 17 पायदान ऊपर चढ़कर 16वें स्थान पर आ गए हैं।  संजू सैमसन ने लगाई 18 पायदान की छलांग न्यूजीलैंड के ओपनर फिन एलन सात स्थान ऊपर चढ़कर 20वें नंबर पर पहुंच गए हैं. उन्होंने सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ 33 गेंद में शतक लगाकर टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक बनाया था. वहीं, इस वर्ल्ड कप के हीरो संजू सैमसन 18 स्थान की छलांग लगाकर 22वें पायदान पर पहुंच गए हैं. संजू ने वर्ल्ड कप में लगातार तीन फिफ्टी बनाई थी और टीम इंडिया के जीत के सूत्रधार बने थे. वहीं, शिवम दुबे चार स्थान ऊपर चढ़कर 27वें नंबर पर पहुंच गए हैं।  गेंदबाजों की रैंकिंग में बदलाव गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. भारत के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती नंबर-1 की कुर्सी गंवा बैठे हैं और अब दूसरे स्थान पर आ गए हैं. अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान फिर से नंबर-1 टी20 गेंदबाज बन गए हैं।  वहीं इंग्लैंड के आदिल राशिद चौथे, भारत के जसप्रीत बुमराह छठे और अक्षर पटेल 17वें नंबर पर पहुंच गए हैं।  ऑलराउंडर रैंकिंग में कड़ी टक्कर टी20 ऑलराउंडर रैंकिंग में टॉप पर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा बने हुए हैं. भारत के हार्दिक पंड्या दूसरे नंबर पर हैं और दोनों खिलाड़ियों ने इस हफ्ते करियर की सबसे ज्यादा रेटिंग हासिल की है. न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर तीन स्थान ऊपर चढ़कर नौवें नंबर पर पहुंच गए हैं। 

सशक्त परिकल्पना एवं उपलब्धि की पहचान हैं इन्द्रा सेंगर

कोरिया उक्ताशय के विचार  संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान मनेन्द्रगढ़ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संबोधन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में संस्था अध्यक्ष  अनिल जैन ने व्यक्त किये उन्होंने कहा कि  इन्द्रा सेंगर मनेन्द्रगढ़ अंचल में  सशक्त परिकल्पना एवं स्वावलंबन की प्रतीक है। आज संबोधन के मंच से उनका सम्मान एक सशक्त प्रतिभा का सम्मान है उनके द्वारा संचालित विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल की परिकल्पना ने आज मनेन्द्रगढ़ को अंग्रेजी माध्यम के कई स्कूलों को स्थापना की  प्रेरणा दी है। यह उनकी उपलब्धि है कि इस विद्यालय के विद्यार्थी विगत तीन वर्षों से लगातार छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षाओं में टाप 10 प्रावीण्य सूची में स्थान पाने में सफल रहे हैं जिससे केवल विद्यालय ही नहीं मनेंद्रगढ़ नगर भी छत्तीसगढ़ में गौरवान्वित हुआ है। इंदिरा सेंगर का परिचय देते हुए विचार मंच विभागाध्यक्ष बीरेन्द्र वास्तव ने बताया कि वर्ष 1984 मैं प्रथम अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय स्थापना की सोच  इन्द्रा सेंगर की दूरदृष्टि का परिचायक है। उन्हें मालूम था कि नगर के विकास के साथ-साथ छात्रों को के विकास के लिए अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालय की 42 वर्षों की सतत यात्रा और आज 85 वर्ष की उम्र में भी उनकी सोच और प्रेरणा ने मनेंद्रगढ़ को छत्तीसगढ़ के गिने चुने शिक्षा  केंद्र के रूप में पहचान दिलाई है। साहित्य शिक्षा और कलात्मक क्षेत्र में कलाकारों और साहित्यकारों को आगे बढ़ाने का संबल दिया है। शिक्षा और साहित्य विकास के क्षेत्र में 48 वर्षों की यह संस्था संबोधन आज उन्हें सम्मानित करते हुए गर्व का अनुभव महसूस करती है। निदान सभागार में आयोजित संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित  कार्यक्रम में उपस्थित विद्वान साहित्यकार कलाकार एवं पत्रकारों की उपस्थिति  में  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्रवण कुमार उर्मलिया जी  सहित  उपस्थित  महिला साहित्यकार  वर्षा वास्तव,  सुषमा वास्तव, एवं  ज्योति वास्तव,  द्वारा अंग वस्त्र, एवं शिक्षा का प्रतीक कलम, प्रदान कर  "संबोधन अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मान 2026" का  सम्मान पत्र   उपस्थित साहित्यकारों के द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर अभिभूत  इंद्रा सेंगर ने खुशी व्यक्त करते हुए संबोधन संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया और इस संस्था को आगे भी इस तरह के आयोजन की शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम के दूसरे चरण में रंग पंचमी के अवसर पर संबोधन एवं वनमाली सृजन केंद्र मनेंद्रगढ़ द्वारा आयोजित "होली के रंग गीतों के संग" कार्यक्रम मै गायक कलाकार नरोत्तम शर्मा, शैलेश जैन, एवं गौतम शर्मा ने अपने गीतों की प्रस्तुति के साथ होली और रंगों का आवाहन किया।  साहित्यकार राजेश जैन ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए होली की चुटीली बानगी के साथ पहले साहित्यकार श्याम सुंदर निगम को आमंत्रित किया। इस अवसर पर विद्वान साहित्यकार श्रवण कुमार उरमालिया, वरिष्ठ साहित्यकार बीरेन्द्र वास्तव, कल्याणचंद केसरी, सतीश उपाध्याय, पुष्कर तिवारी,  सुषमा वास्तव,  ज्योति वास्तव, एवं वरिष्ठ साहित्यकार बीरेन्द्र वास्तव, प्रमोद  बंसल, की कविताओं ने होली के माहौल को शब्दों और गीतों में प्रस्तुत कर समां बांध दिया। देर शाम तक चलते इस कार्यक्रम में विद्वान प्राचार्य जसपाल सिंह, संजय सेंगर,  राजकुमार पांडे,  सहित संस्थापक सदस्य निरंजन मित्तल, प्रमोद बंसल, साहित्यकार विजय गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता परमेश्वर सिंह, डॉ निशांत वास्तव एवं पत्रकार  विनय पांडे एवं राजेश सिन्हा की उपस्थिति एवं उद्बोधन ने कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की।                                                             

रामनवमी जुलूस में डीजे की अनुमति पर बवाल, झारखंड विधानसभा में भाजपा का जोरदार विरोध

रांची, झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को रामनवमी के जुलूस में डीजे बजाने पर लगी पाबंदी का मुद्दा छाया रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा और जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक खास समुदाय को निशाना बना रही है और हिंदुओं की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। भारी शोरगुल और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में मोर्चा खोलते हुए कहा कि रामनवमी जैसे महापर्व पर डीजे बजाने पर रोक लगाना पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जानबूझकर बहुसंख्यक समाज की परंपराओं को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। नवीन जायसवाल के इस बयान का सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा विधायक इस दौरान ‘आसन’ (वेल) के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज में नफरत फैलाने और धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियम और कानून सभी के लिए बराबर हैं और इसे किसी खास समुदाय से जोड़कर देखना गलत है। सदन में लगातार बढ़ते शोरगुल को देख स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि सदन अब तक सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन इस तरह के व्यवधान से जनता के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो रही है। हजारीबाग से भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस मुद्दे पर सदन के बाहर धरना दिया। उन्होंने हजारीबाग की विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय श्री चैत रामनवमी का जिक्र करते हुए मांग की कि इसे ‘राजकीय महोत्सव’ का दर्जा दिया जाए। प्रदीप प्रसाद ने सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा, “हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है। प्रशासन चाहे जो कर ले, हजारीबाग में हर हाल में डीजे बजेगा। हम अपनी परंपराओं और आस्था के साथ समझौता नहीं करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर जुलूसों में अड़ंगा डाल रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

अल्टीमेटम खत्म, अब धर्मयुद्ध का समय: लखनऊ से शंखनाद करेंगे मुकुंदानंद

  लखनऊ, लखनऊ में बुधवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर दो बजे होगी और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। शंकराचार्य के शिष्य ने कहा कि 40 दिन के अल्टीमेटम के बाद धर्मयुद्ध का शंखनाद होगा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य मुकुंदानंद ने बताया कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन बटुकों का अपमान हुआ था। शंकराचार्य की पालकी को तोड़कर घसीटा गया था, जिससे पूरे समाज में रोष फैल गया। इस घटना के बाद शंकराचार्य महाराज काशी आए और उन्होंने लोगों को 40 दिन का समय दिया। 40 दिन पूरे होने के बाद अब शंकराचार्य महाराज लखनऊ में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं। मुकुंदानंद ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर दोपहर सवा दो बजे के बाद विजय मुहूर्त होगा। इस विजय मुहूर्त में शंकराचार्य महाराज धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे। उन्होंने बताया कि हमारी पद्धति के अनुसार किसी भी धर्मयुद्ध या धार्मिक मुहिम की शुरुआत से पहले शंखनाद किया जाता है। शंखनाद केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह लोगों में एकजुटता और जागरूकता पैदा करने का माध्यम भी है। शंखनाद के माध्यम से गौ रक्षा की मुहिम और इसके महत्व की बात जन-जन तक पहुंचाई जाएगी। शिष्य मुकुंदानंद ने कहा कि शंकराचार्य महाराज के आदेश के अनुसार पूरे समाज को इस मुहिम में शामिल किया जाएगा। भारत में सौ करोड़ से अधिक हिंदू इस पहल से जुड़ेंगे और विश्वभर में डेढ़ सौ करोड़ हिंदुओं को भी इस संदेश से अवगत कराया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल गौ रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक और सामाजिक चेतना फैलाने का भी जरिया है। गौरतलब है कि इससे पहले 7 मार्च को काशी से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पदयात्रा शुरू की थी जो जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और उन्नाव जैसे जिलों से गुजरते हुए अब लखनऊ पहुंच चुकी है। आज यहां ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ होगी, जिसमें शंकराचार्य ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे।  

सुशासन की मिसाल: मजदूरी से ‘लखपति दीदी’ तक का सफर तय कर बनीं मधु कंवर ग्रामीण महिलाओं की प्रेरणा

आजीविका मिशन से मिली नई राह-मधु कंवर को सुशासन की मिसाल: मजदूरी से ‘लखपति दीदी’ तक का सफर तय कर बनीं मधु कंवर ग्रामीण महिलाओं की प्रेरणा रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ग्रामीण गरीबी उन्मूलन परियोजना है। यह योजना स्व-रोजगार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों को संगठित करने पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य गरीबों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित करना और उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत धमतरी जिले की सारंगपुरी पंचायत निवासी श्रीमती मधु कंवर आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर क्षेत्र में “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं।              कभी आर्थिक तंगी के कारण दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाली मधु कंवर ने अपने संघर्ष, मेहनत और शासन की योजनाओं के सहयोग से जीवन की दिशा बदल दी। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। गांव में ही मिल रही डिजिटल सेवाएं         आज मधु कंवर अपने गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का संचालन कर रही हैं। इस केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, आधार कार्ड अपडेट, श्रम कार्ड पंजीयन, आयुष्मान कार्ड, बिजली बिल भुगतान सहित कई ई-गवर्नेंस सेवाएं रियायती दरों पर उपलब्ध हो रही हैं।      इस पहल से ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी शासकीय सेवाओं के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। इस कार्य से मधु को प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नियमित आय हो रही है, जिससे उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है। आजीविका मिशन से मिली नई राह      मधु कंवर बताती हैं कि एक समय परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया था। इसी दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत “जय माँ कर्मा महिला स्व-सहायता समूह” से जुड़कर नई शुरुआत की।      समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने धान खरीदी-बिक्री, मशरूम उत्पादन और छोटे स्वरोजगार के कार्य शुरू किए। समूह से ऋण सुविधा मिलने पर उन्होंने अपने घर में ही कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किया, जो धीरे-धीरे उनकी आय का मजबूत साधन बन गया। महिलाओं के लिए बढ़ रहा स्वरोजगार      मधु कंवर के समूह की महिलाएं आज कई आय संवर्धन गतिविधियों से जुड़ी हैं। इनमें मोमबत्ती निर्माण, केक बनाना, मशरूम उत्पादन, मछली पालन और बैंक सखी के रूप में कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।  गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा      आज मधु कंवर न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनके प्रयासों से गांव की अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार की योजनाओं और सुशासन की पहल से मधु कंवर जैसी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अवसर, मार्गदर्शन और संकल्प के साथ ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई कहानी लिख सकती हैं।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से बदली शामबती बघेल की जिंदगी

रायपुर बस्तर के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम जैबेल की निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला  शामबती बघेल ने अपनी मेहनत और शासन की योजना का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  शामबती बघेल ने बताया कि उनके परिवार में कुल छह सदस्य हैं। परिवार के पास सीमित कृषि भूमि होने के कारण केवल खेती से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उन्होंने अपने पति श्री रतन बघेल के सहयोग से गांव में ही एक छोटा सा किराना दुकान शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद पूंजी की कमी के कारण दुकान चलाने में परेशानी आने लगी। इसी दौरान बकावंड में आयोजित जनसमस्या शिविर में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर के अधिकारियों से उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर कार्यालय जाकर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।  गांव के मुख्य मार्ग पर उनका घर होने और आसपास किराना दुकान नहीं होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए लगभग 10 किलोमीटर दूर बकावंड जाना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए शामबती बघेल ने किराना दुकान को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए दो लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया। दिसंबर 2022 में पंजाब नेशनल बैंक की जैबेल शाखा द्वारा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत उन्हें दो लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस राशि से उन्होंने अपने किराना दुकान को व्यवस्थित रूप से संचालित करना शुरू किया।        शामबती बघेल ने बताया कि अब उन्हें दुकान चलाते हुए लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं। उन्होंने समय पर पूरी ऋण राशि का भुगतान भी कर दिया है। वर्तमान में उनकी दुकान से प्रतिदिन लगभग एक हजार से डेढ़ हजार रुपये तक की बिक्री होती है, जिससे उन्हें रोजाना करीब 500 से 700 रुपये की आमदनी हो रही है।      आज उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर हो गई है। परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं और गांव के लोगों को भी घर के पास ही आवश्यक सामान उपलब्ध हो रहा है। शामबती बघेल आज आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन यापन कर रही हैं। वह अपने चार बच्चों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे रही हैं और बड़ी बेटी कुंजवती बघेल को बकावंड कॉलेज में कॉमर्स में दाखिला करवाया है तो मंझले बेटे नेत्र बघेल को गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ा रही हैं। दो छोटे बेटे जसवंत और देवांश गांव के उच्च प्राथमिक शाला में 8 वीं एवं तीसरी में पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही शामबत्ती खेती-किसानी को भी नई दिशा देकर अब रबी सीजन में मक्का की खेती कर रही हैं।