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T20I क्रिकेट में भारत का बड़ा धमाका, ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो दुनिया की किसी टीम के पास नहीं

नई दिल्ली टीम इंडिया का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एकछत्र राज है। न सिर्फ इससे कि भारतीय टीम के पास अब तीन टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी और टीम लगातार दूसरा टी20 खिताब जीतने वाली पहली टीम बनी है, बल्कि इसके पीछे की वजह ये है कि भारतीय टीम बड़े-बड़े स्कोर बनाने का दमखम रखती है। यही वजह है कि टीम इंडिया के नाम एक महारिकॉर्ड दर्ज है। भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 200 से ज्यादा का टोटल बनाया हुआ है। दूसरे नंबर पर जो टीम है, वह बहुत पीछे है। दरअसल, टीम इंडिया ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल समेत 50 बार 200 से ज्यादा आंकड़ा इस फॉर्मेट में पार किया है। अब आप सोच रहे होंगे कि कोई तो टीम होगी, जिसने टीम इंडिया के करीब ही 200 से ज्यादा का स्कोर टी20आई क्रिकेट में बनाए होंगे? अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप गलती कर रहे हैं, क्योंकि जो टीम दूसरे स्थान पर है, उसने सिर्फ 29 बार ही 200 का आंकड़ा टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पार किया है। तीसरे नंबर वाली टीम 28 बार ये करिश्मा कर पाई है। टीम इंडिया के बाद दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका की टीम है, जबकि तीसरे नंबर पर न्यूजीलैंड की टीम है। इंग्लैंड की टीम 26 बार 200 के पार टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में गई है, जबकि इतनी ही बार वेस्टइंडीज की टीम ने भी 200 रनों का टोटल टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बनाया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि इस फॉर्मेट में भारत का डोमिनेशन कैसा है। सबसे ज्यादा इंटरनेशनल टी20 मैच भी भारत ने ही जीते हैं। 187 कुल टी20 इंटरनेशनल मैच भारत ने अब तक जीते हैं। 250 से ज्यादा का स्कोर भी सबसे ज्यादा बार टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत ने ही बनाया है। सबसे ज्यादा बार 200 प्लस का टोटल T20I क्रिकेट में 50 बार – भारत 29 बार – साउथ अफ्रीका 28 बार – न्यूजीलैंड 26 बार – इंग्लैंड 26 बार – वेस्टइंडीज

तरुण हत्याकांड पर दिल्ली में गुस्सा, प्रदर्शनकारियों की मांग—एनकाउंटर से मिले इंसाफ

दिल्ली  प्रदर्शन में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा- सरकार से मेरी यही मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वहीं अन्य ने कहा- चार-पांच बंदों का एनकाउंटर कर दें, उसमें हमें तसल्ली हो जाएगी। 4-5 बंदों का एनकाउंटर कर दें, तसल्ली हो जाएगी…; दिल्ली के तरुण हत्याकांड पर प्रदर्शनकारी दिल्ली के तरुण हत्याकांड को लेकर बवाल बढ़ गया है। हिंदू संगठन से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को फांसी और उनके एनकाउंट करने की मांग की है। प्रदर्शन में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा- सरकार से मेरी यही मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वहीं अन्य ने कहा- चार-पांच बंदों का एनकाउंटर कर दें, उसमें हमें तसल्ली हो जाएगी। हिंदू संगठन ने किया मार्च और विरोध प्रदर्शन तरुण हत्याकांड में दोषियों के एनकाउंट की मांग जोर पकड़ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ बुलडोजर एक्शन काफी नहीं है। दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं। उत्तम नगर में हिंदू संगठन द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और मार्च किया जा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दोषियों का घर टूटना चाहिए इस मामले में प्रदर्शन कर रहे एक प्रदर्शनकारी ने कहा- दोषियों का घर टूटना चाहिए। समाज से आवाज आ रही है कि बुलडोजर से केवल छज्जे-छज्जे गिरे हैं। हम चाहते थे कि आरोपी का पूरा घर गिराया जाना चाहिए। ताकि वो भविष्य में फिर से अपना सिर न उठा सकें और ऐसी बर्बरता दोबारा न कर सकें। 4-5 बंदों का एनकाउंटर कर दें विरोध प्रदर्शन कर रहे एक अन्य हिंदू प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया- वो 25-30 लोग थे। अभी तक उन जिहादियों को पकड़ा नहीं गया है। हमारी मांग उनका एनकाउंटर करवाना है। अभी तक एनकाउंटर नहीं हुआ है। हम आखिरी सांस तक अपने भाई के लिए लड़ते रहेंगे। चार-पांच बंदों का एनकाउंटर कर दें, उसमें हमें तसल्ली हो जाएगी। बस हम यही चाहते हैं। अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार किए गए दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में चार मार्च को होली के दिन तरुण बुटोलिया की हत्या के मामले में तीन महिलाओं सहित सात और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल आठवां शख्स इमाम उर्फ बंटी रविवार को उत्तम नगर में अपने घर से गिरफ्तार कर लिया गया था। अब तक मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।

वेटरनरी कोर्स में बदलाव: आरएजेयूवीएएस ने NEET-UG से दाखिले को अनिवार्य किया

जयपुर, बीकानेर स्थित राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (आरएजेयूवीएएस) में अगले शैक्षणिक सत्र से पशुचिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम के लिए दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) के माध्यम से ही होगा। प्राधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल में हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया। पहले दाखिला राजस्थान प्री-वेटरनरी टेस्ट (आरपीवीटी) के जरिए होता था। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, पहले भी विश्वविद्यालय नीट के माध्यम से प्रवेश देता था, लेकिन सीटें खाली रहने पर पिछले साल आरपीवीटी के माध्यम से प्रवेश दिया गया था। केंद्रीय स्नातक प्रवेश मंडल के चेयरमैन प्रो. बीएन श्रृंगी ने कहा, ‘‘इस वर्ष विश्वविद्यालय आरपीवीटी परीक्षा का आयोजन नहीं करेगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पशुचिकित्सा स्नातक के लिए दाखिल लेने के इच्छुक सभी अभ्यर्थियों के वास्ते नीट (यूजी) परीक्षा अनिवार्य रहेगी।’’ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (वीसीआई) की ओर से 15 प्रतिशत सीट पर नीट के माध्यम से ही प्रवेश मिलता है। साथ ही, प्रबंधक कोटे की सीट पर भी केवल नीट में प्राप्त अंक के आधार पर दाखिल होता है, ऐसे में अभी तक अभ्यर्थियों को दो परीक्षाएं देनी पड़ती थीं। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि इस बार प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, जिससे विद्यार्थियों पर दो परीक्षाओं का बोझ नहीं होगा और तैयारी में भी आसानी होगी।  

बिना किसी कट के ‘उस्ताद भगत सिंह’ को मिला U/A सर्टिफिकेट, 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक

  हैदराबाद,  तेलुगु पावर स्टार पवन कल्याण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ की रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को बिना किसी कट या काट-छांट के ‘U/A’ सर्टिफिकेट के साथ पास कर दिया है। फिल्म के निर्माताओं ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा करते हुए बताया कि फिल्म की अवधि 2 घंटे 34 मिनट की है। मेकर्स के अनुसार, बोर्ड से मिली इस हरी झंडी के बाद अब यह फिल्म अपने पूर्ण स्वरूप में दर्शकों के सामने होगी, जो इस गर्मी में मनोरंजन का बड़ा धमाका करने के लिए तैयार है। उगादी के शुभ अवसर पर रिलीज होने जा रही इस फिल्म के शेड्यूल में हाल ही में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह फिल्म 26 मार्च को रिलीज होने वाली थी, लेकिन प्रशंसकों के उत्साह को देखते हुए मेकर्स ने इसे एक हफ्ते पहले यानी 19 मार्च, 2026 को ही दुनिया भर के सिनेमाघरों में उतारने का फैसला किया है। फिल्म में पवन कल्याण के साथ श्रीलीला और राशि खन्ना मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। संगीत के मोर्चे पर एक दिलचस्प टीम वर्क देखने को मिलेगा, जहाँ देवी श्री प्रसाद ने गाने तैयार किए हैं, वहीं बैकग्राउंड स्कोर की जिम्मेदारी एस थमन ने संभाली है। 19 मार्च को बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा फिल्मी मुकाबला देखने को मिलेगा। ‘उस्ताद भगत सिंह’ का सीधा क्लैश बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ से होने जा रहा है। तेलुगु नववर्ष (उगादी) के मौके पर रिलीज होने के कारण दक्षिण भारत में पवन कल्याण की फिल्म को जबरदस्त ओपनिंग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मेकर्स ने फिल्म का नया पोस्टर जारी करते हुए दावा किया है कि ‘उस्ताद’ इस बार बॉक्स ऑफिस पर जश्न का माहौल बनाएंगे। क्लीन चिट मिलने के बाद अब टीम फिल्म के अंतिम प्रचार प्रसार में पूरी ताकत से जुट गई है।  

विवादित चैप्टर पर मचा बवाल, सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार—NCERT के पूरे सिलेबस की होगी समीक्षा

नई दिल्ली एनसीईआरटी की कक्षा 8वीं की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित मामलों को लेकर एक अध्याय दिया गया था। यह अध्याय नए तैयार हुए सिलेबस का हिस्सा था, जिस पर खूब विवाद हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने ऐतराज जताया था। इस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सरकार ने कहा कि हम NCERT के पूरे सिलेबस की ही समीक्षा कराएंगे। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं बेंच ने केंद्र, राज्यों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे एनसीईआरटी की कक्षा आठ की पुस्तक में विवादास्पद अध्याय का मसौदा तैयार करने वाले तीन विशेषज्ञों से दूरी बनाएं। अदालत ने कहा कि उसके आदेशों का उद्देश्य न्यायपालिका के संस्थागत कार्यों की किसी भी स्वस्थ एवं वस्तुनिष्ठ आलोचना को रोकना नहीं है। इसके साथ ही बेंच ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह विधि अध्ययन पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों का पैनल एक सप्ताह के भीतर गठित करे। इस पर सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमने एनसीईआरटी में व्यवस्थागत बदलाव शुरू किए हैं। विषय विशेषज्ञों द्वारा जांच-पड़ताल किए बिना कुछ भी प्रकाशित नहीं किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर केंद्र एनसीईआरटी को पाठ्यक्रम की समीक्षा करने के लिए कहने के बजाय इसके लिए विशेषज्ञ समिति का गठन करे तो यह बेहतर होगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि केंद्र ने एनसीईआरटी को सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। बता दें कि मंगलवार को ही NCERT ने विवादित चैप्टर को लेकर माफी मांगी थी। संस्था के निदेशक और सदस्यों ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक 'समाज की खोज: भारत और उससे आगे' के एक विवादित अध्याय को लेकर मंगलवार को बिना शर्त और बिना किसी योग्यता के सार्वजनिक माफी मांगी है। विवाद पुस्तक के अध्याय-4 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' को लेकर हुआ था। इसमें न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े संदर्भों का उल्लेख किया गया था। एनसीईआरटी ने कहा है कि यह पूरी पुस्तक अब वापस ले ली गई है और फिलहाल उपलब्ध नहीं है। एनसीईआरटी की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘असुविधा के लिए हमें गहरा खेद है और हम सभी हितधारकों की समझदारी की सराहना करते हैं। एनसीईआरटी शैक्षणिक सामग्री में सटीकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।’ सुप्रीम कोर्ट ने लगा दिया था पुस्तक पर बैन इस मामले में पहले ही उच्चतम न्यायालय ने इस पाठ्यपुस्तक पर प्रतिबंध लगा दिया था। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत , न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने पुस्तक की सभी भौतिक तथा डिजिटल प्रतियों को जब्त करने का आदेश दिया था। साथ ही अदालत ने एनसीईआरटी के निदेशक और स्कूल शिक्षा सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह भी पूछा था कि विवादित अध्याय के साथ पुस्तक प्रकाशित करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।  

बिना अनुमति निकली संकल्प यात्रा पर पुलिस सख्त, दतिया में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

दतिया दतिया में गोराघाट के सिंध पुल के पास बुधवार को आजाद समाज पार्टी की संकल्प यात्रा के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। बिना अनुमति निकाली जा रही यात्रा को रोकने के लिए पुलिस ने बैरीकेट लगाए थे। जानकारी के अनुसार, आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ता संकल्प यात्रा निकालते हुए आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। प्रशासन ने पहले ही इस यात्रा की अनुमति नहीं दी थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने पहले समझाइश दी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले समझाइश दी, लेकिन कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों को हिरासत में ले लिया पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खदेड़ते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान करीब 100 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। आंदोलन में शामिल आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।  

वास्तु के अनुसार रामा vs श्यामा तुलसी: घर के लिए कौन सी है सबसे लाभकारी?

घर के आंगन में तुलसी का एक पौधा होना हमारी संस्कृति का सबसे सुंदर हिस्सा है। हम सब जानते हैं कि तुलसी शुभ होती है, लेकिन अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि घर के लिए रामा या श्यामा में से कौन सी तुलसी बेहतर है? साथ ही, इस बात से कई लोग अंजान रहते हैं कि क्या इन दोनों को एक साथ लगा सकते हैं? और इनका वास्तु से क्या लेना-देना है? रामा और श्यामा तुलसी में फर्क क्या है? रामा तुलसी: इसकी पत्तियां हल्के हरे रंग की होती हैं और इसका स्वाद थोड़ा मीठा होता है। इसे 'उज्ज्वल तुलसी' भी कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, यह घर में सुख और शांति का प्रतीक है। श्यामा तुलसी: इसकी पत्तियां थोड़ी बैंगनी या गहरे रंग की होती हैं। क्योंकि, इसका रंग भगवान कृष्ण (श्याम) से मिलता-जुलता है, इसलिए इसे श्यामा या कृष्ण तुलसी कहते हैं। आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। वास्तु के नियम और सही दिशा वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी का पौधा सही दिशा में हो, तभी वह घर में खुशहाली लाता है। सबसे बेहतर दिशा: तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। यह दिशा कुबेर और मां लक्ष्मी की मानी जाती है। पूर्व: अगर ऊपर वाली जगह न हो, तो आप इसे पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं। यह घर में सूर्य की तरह सकारात्मक ऊर्जा भरती है। कहां न लगाएं: भूलकर भी तुलसी को दक्षिण दिशा में न रखें। इसे यमराज की दिशा माना जाता है और यहां रखी तुलसी फायदे की जगह नुकसान कर सकती है। क्या कहते हैं हमारे शास्त्र? पद्म पुराण के अनुसार, तुलसी का दर्शन ही मनुष्य के पापों का नाश कर देता है। जिस घर में तुलसी की सेवा होती है, वहां नकारात्मकता कभी नहीं टिकती। स्कंद पुराण पुराण के अनुसार, तुलसी को जल देने और उसकी परिक्रमा करने से स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी को 'वास्तु दोष' दूर करने वाला सबसे प्रभावशाली पौधा बताया गया है। दोनों तुलसी लगाने के फायदे आप रामा और श्यामा दोनों तुलसी को एक साथ लगा सकते हैं। रामा तुलसी घर में आपसी प्रेम और मानसिक सुकून लाती है, वहीं श्यामा तुलसी स्वास्थ्य और धन-दौलत के रास्ते खोलती है।

सेहत योजना बनी जीवनदायिनी: मोहाली की महिला को मिला समय पर हार्ट ट्रीटमेंट, ₹4 लाख की राहत

चंडीगढ़ जब मोहाली की एक महिला को अचानक दिल से जुड़ी गंभीर परेशानी हुई, तब तुरंत इलाज जरूरी था। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उनका इलाज बिना किसी आर्थिक देरी के कराया गया। इससे परिवार को ऐसे मुश्किल समय में लगभग ₹४ लाख के संभावित खर्च से राहत मिली। माणिकपुर गांव की रहने वाली सुखविंदर कौर को तेज सीने में दर्द और मधुमेह से जुड़ी दिक्कतों के बाद एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि दिल में गंभीर समस्या है और तुरंत स्टेंट डालना जरूरी है। इलाज और अस्पताल में भर्ती का खर्च लगभग ₹3 से ₹4 लाख तक आ सकता था, इतनी बड़ी राशि का इंतजाम परिवार के लिए इतनी जल्दी करना आसान नहीं था। योजना के तहत उनकी पात्रता की पुष्टि होते ही जरूरी प्रक्रिया जल्दी पूरी की गई और उनका इलाज योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पताल में किया गया। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना ₹10 लाख तक का इलाज कवर मिलता है। एक हफ्ते तक निगरानी में रखने के बाद उन्हें स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी चिंता उनकी सेहत थी। इतनी बड़ी रकम का तुरंत इंतजाम करना बहुत मुश्किल होता। इस योजना की वजह से हम पैसों की चिंता छोड़कर उनके ठीक होने पर ध्यान दे सके।” यह मामला मुख्यमंत्री सेहत योजना की बढ़ती पहुंच को भी दिखाता है। पूरे पंजाब में अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। राज्य के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में 70% से ज्यादा मरीजों को इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है। पंजाब सरकार ने दावों का समय पर भुगतान और बिना रुकावट कैशलेस इलाज जारी रखने के लिए बीमा कंपनी को ₹500 करोड़ जारी किए हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में दिल की सर्जरी, कैंसर का इलाज और किडनी से जुड़ी बीमारियों समेत कई बड़े इलाज कवर किए जाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना का मकसद साफ है – कोई भी पात्र परिवार पैसों की कमी की वजह से जरूरी इलाज में देरी न करे। सरकार की लगातार आर्थिक मदद से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बड़े इलाज तक कैशलेस पहुंच लोगों के लिए एक भरोसा बन सके।”

दिव्यांगता के बावजूद सायरा बानो बनीं आत्मनिर्भर, ई-रिक्शा चलाकर पेश की मिसाल

दिव्यांगता भी नहीं रोक सकी सायरा बनो का हौसला सायरा बानो ई-रिक्शा चलाकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल रायपुर धमतरी जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो कोई भी कठिन परिस्थिति सफलता की राह नहीं रोक सकती। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आजआत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं।        कुछ समय पहले तक सायरा बानो का जीवन आर्थिक तंगी में गुजर रहा था। रोजगार के अभाव में उनके लिए रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गया था। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से सहायता की मांग की।       सायरा बानो की परिस्थितियों और उनके मजबूत इरादों को देखते हुए प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया। उनके मार्गदर्शन में सायरा बानो को बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। साथ ही उन्हें स्व-रोजगार से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई तथा पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।      आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर सम्मानजनक आजीविका कमा रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं। सरकार का उद्देश्य शासन की विभिन्न योजनाओं से जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। यदि लाभार्थी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।        सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर आगे बढ़ने का साहस और संकल्प हो।  

रफ्तार के तूफान बने नाहिद राणा, पाकिस्तान ढेर; पहले वनडे में बांग्लादेश की दमदार जीत

नई दिल्ली तंजीद हसन तमीम (67) के नाबाद अर्धशतक और नाहिद राणा के पंजे की बदौलत बांग्‍लादेश ने पाकिस्‍तान को 3 वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में 8 विकेट से करारी शिकस्‍त दी। टी20 विश्‍व कप से बाहर होने के बाद पाकिस्‍तान की यह शर्मनाक हार है। ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी पाकिस्‍तान टीम 30.4 ओवर में 114 रन पर सिमट गई थी। 115 रन के टारगेट को बांगलदेश ने 16वें ओवर में 2 विकेट खोकर ही चेज कर लिया और सीरीज में बढ़त बनाई। पाकिस्‍तान टीम सस्‍ते में सिमटी पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी पाकिस्‍तान को साहिबजादा फरहान और माज सदाकत ने सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े। 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर पाकिस्‍तान को पहला झटका लगा। नाहिद राण ने साहिबजादा (27) को अफीफ हुसैन के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद राणा ने पाकिस्‍तान के टॉप ऑर्डर को ढेर कर दिया। 12वें ओवर में उन्‍होंने शमील हुसैन (4) का शिकार किया। 14वें ओवर में उन्‍होंने माज सदाकत (18) और 16वें ओवर में विकेटकीपर मोहम्‍मद रिजवान (10) को लिटन दास के हाथों कैच आउट कराया। 18वें ओवर में राणा ने सलमान अली आगा (5) को पवेलियन भेजा। पाकिस्‍तान की ओर से लोअर ऑर्डर में उतरे फहीम अशरफ ने सबसे ज्‍यादा 37 रन की पारी खेली। नाहिद राणा ने 5 तो कप्‍तान मेहदी हसन मिराज ने 3 विकेट अपने नाम किए। आसानी से चेज किया टारगेट 115 रन चेज करने उतरी बांग्‍लादेश को 27 के स्‍कोर पर पहला झटका लगा। शाहीन अफरीदी ने सैफ हसन का विकेट चटकाया। इसके बाद तंजीद हसन तमीम और नजमुल हुसैन शांतो के बीच दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों पर 82 रनों की पार्टनरशिप हुई। जीत के करीब आकर शांतो कैच आउट हो गए। उन्‍होंने 33 गेंदों पर 27 रन बनाए। तंजीद ने 42 गेंदों पर 67 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्‍होंने 7 चौके और 5 छक्‍के लगाए। लिटन दास 3 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्‍तान की ओर से कप्‍तान शाहीन शाह अफरीदी और मोहम्‍मद वसीम जूनियर को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ ही बांग्‍लादेश ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का दूसरा वनडे मैच शुक्रवार, 13 मार्च को ढाका में ही खेला जाएगा।