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लखनऊ में सीएम योगी की नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव से मुलाकात

लखनऊ नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान लोहम कंपनी के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टॉफ आयुष सबात भी मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने निवेश के लिए उत्तर प्रदेश के सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, लोहम के सीईओ रजत वर्मा और चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात का उत्तर प्रदेश में स्वागत किया। बैठक में उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस क्रम में लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली 'रेयर अर्थ टू मैग्नेट' इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस फैसिलिटी के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। नोबेल पुरस्कार विजेता कोंस्टेंटिन नोवोसेलोव, जो ग्रैफीन की खोज के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है। लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर है। पहला, 2डी मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग कर अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा व लाइफ को बढ़ाना। दूसरा- बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट का उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना, जिससे सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलेगी। यह सहयोग भारत के 'मेक इन इंडिया' और ग्रीन एनर्जी विजन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा से मुलाकात की।

गैस सिलेंडर महंगाई के खिलाफ मंत्री इरफान अंसारी का ऐलान, करेंगे धरना

रांची, झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। लेकिन, अफसोस की बात है कि सरकार को मौजूदा समय में इससे कोई असर नहीं पड़ रहा है। उन्होंने बुधवार को कहा कि हम आने वाले दिनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में दर्ज किए गए इजाफे के विरोध में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में समाज के विभिन्न तबके के लोग हिस्सा लेंगे। मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि उन्होंने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई वृद्धि को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र भी लिखा है। सरकार को इस दिशा में कदम बढ़ाना होगा। सरकार को इस बारे में सोचना होगा कि कैसे आम जनता को महंगाई की मार से महफूज किया जाए। अगर सरकार ने इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम नहीं उठाया, तो हम आगे चलकर इसका प्रतिकार करेंगे। हम पहले ही स्पष्ट कर देते हैं कि इस तरह की स्थिति को हम किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे धर्मनिरपेक्ष किस्म का नेता हूं, जो हर धर्म के लोगों का सम्मान करते है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाते हैं। हम विकास के नाम पर राजनीति करने वाले लोग हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि के विरोध में कई व्यापारियों, रेस्टोरेंट के मालिकों और माताओं-बहनों ने धरना दिया। हम आगामी दिनों में इस धरना को व्यापक रूप देंगे। इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। आज की तारीख में जरूरत है कि कैसे भी करके झारखंड के लोगों को महंगाई की मार से बचाया जाए।  

NSA के खिलाफ अमृतपाल की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई खत्म, अब फैसले का इंतजार

चंडीगढ़ खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के आगामी बजट सत्र में भाग लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने सत्र की अवधि के लिए पैरोल देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद व खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की तरफ से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के खिलाफ पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अमृतपाल सिंह पर लगाए तीसरे एनएसए के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका पर सांसद अमृतपाल सिंह, पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की दलीलें सुनी गई। वहीं संसद के बजट सत्र में शामिल होने की मांग को लेकर अमृतपाल सिंह की तरफ से जो याचिका दायर की गई है, उस पर अब बहस शुरू हो गई है। याचिका में अमृतपाल की तरफ से कहा गया है कि संसद का बजट सत्र दो चरणों में प्रस्तावित है। पहला चरण 28 जनवरी, 2026 से 13 फरवरी 2026 तक और दूसरा चरण 9 मार्च, 2026 से 2 अप्रैल, 2026 तक चलेगा। अमृतपाल सिंह ने इस पूरी अवधि में संसद में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने की अनुमति देने की मांग की है। याची का कहना है कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं और क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में उठाना उनका संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग, बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य जनहित के विषयों का उल्लेख किया है, जिन्हें वह अब तक संसद में नहीं उठा सके हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि इससे पहले शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी गई थी, लेकिन उस पर सुनवाई पूरी होने से पहले ही सत्र समाप्त हो गया था। ऐसे में अब हाईकोर्ट से सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हरीश राणा केस में जस्टिस पारदीवाला की आंखें नम

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 32 साल के हरीश राणा को इच्छामृत्यु की इजाजत देते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में गमगीन माहौल देखने को मिला। फैसला सुनाते समय जस्टिस जे. बी. पारदीवाला बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गई थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने हरीश राणा के माता-पिता को उनकी जीवनरक्षक चिकित्सा हटाने की इजाजत दे दी है। हरीश राणा पिछले 13 साल से लगातार वेजिटेटिव स्टेट यानी कोमा में हैं। इससे पहले यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। इस मामले से सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार यानी ‘राइट टू डाई विद डिग्निटी’ जैसे अहम सवाल भी जुड़े हुए थे। बुधवार को फैसला पढ़ते समय जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि हरीश राणा कभी एक होनहार छात्र थे और अपनी पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन एक दुर्घटना ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। मामले की परिस्थितियों का जिक्र करते समय जस्टिस पारदीवाला भावुक हो गए और कुछ समय के लिए उनकी आवाज भी भर आई। कोई प्रतिक्रिया नहींं दे रहे हरिश पीठ ने आगे अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में मुख्य सवाल यह नहीं होता कि मरीज के लिए मौत बेहतर है या नहीं, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि जीवन को बनाए रखने वाला इलाज मरीज के हित में है या नहीं। अदालत ने कहा कि हरीश राणा में सिर्फ सोने-जागने के चक्र में फंसे हुए हैं, लेकिन वह किसी भी तरह की अर्थपूर्ण प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहे हैं। वह अपने दैनिक कामों के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हैं। अदालत ने यह भी बताया कि हरीश को पीईजी ट्यूब के जरिए क्लिनिकली एडमिनिस्टरड न्यूट्रिशन (CAN) दिया जा रहा है और इतने सालों में उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। हरीश राणा के साथ क्या हुआ था? गौरतलब है कि हरीश राणा 20 अगस्त 2013 में अपनी PG की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इससे उनके सिर में गहरी चोट लगी और वह एक दशक से अधिक समय से कोमा में है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नई दिल्ली स्थित एम्स के चिकित्सकों के द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड द्वारा दाखिल की गई राणा की चिकित्सा संबंधी रिपोर्ट का अवलोकन किया था और कहा था कि यह रिपोर्ट 'दुखद' है। प्राथमिक चिकित्सा बोर्ड ने मरीज की स्थिति की जांच करने के बाद कहा था कि उसके ठीक होने की संभावना नगण्य है। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 11 दिसंबर को मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्राथमिक चिकित्सा बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार यह व्यक्ति 'बेहद दयनीय स्थिति' में है। हरीश राणा को कैसे दी जाएगी इच्छामृत्यु? पीठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को राणा को उपशामक देखभाल इकाई में भर्ती करने का निर्देश दिया है ताकि चिकित्सकीय उपचार बंद किया जा सके। पीठ ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उपचार को एक सुनियोजित तरीके से बंद किया जाए ताकि गरिमा बनी रहे।  

वृहत एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान में 12 हजार से अधिक बालिकाओं को लगेगा टीका

रायपुर कबीरधाम जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव में लिए वृहत ‘‘एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान’’ शुरू होने जा रहा है। राज्य शासन की संवेदनशील पहल पर यह वृहत कार्यक्रम प्रारंभ होने जा रहा है। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक गत दिवस आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस टीकाकरण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को एच.पी.वी. टीकाकरण किया जाएगा। यह अभियान जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थाओं में संचालित किया जाएगा तथा एच.पी.वी. का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए 14-15 वर्ष की बालिकाओं के चिन्हांकन, पालकों को जानकारी प्रदान करना और आवश्यक सहमति लेने का कार्य करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में एक बड़ी समस्या है। ऐसे में यह टीकाकरण कार्यक्रम बच्चियों जरूरी सुरक्षा कवच प्रदान करेगी। इसका लाभ जिले की हर पात्र बालिका को मिलना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुरे ने अभियान के बारे में बताया कि प्रतिवर्ष विश्व में लगभग 74 हजार से 77 हजार महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर से होती है, जिसमें से लगभग एक-तिहाई मौतें भारत में होती हैं। करीब 48 प्रतिशत मामलों को समय रहते पहचान कर बचाया जा सकता है, लेकिन 50 से 60 प्रतिशत मामलों की पहचान अंतिम चरण में होती है। एच.पी.वी. वैक्सीन (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाया जाता है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड के आधार पर आयु का निर्धारण किया जाएगा। एच.पी.वी. वैक्सीन की सिंगल डोज (0.5 एम.एल.) दी जाएगी। यह अभियान उन शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में संचालित किया जाएगा, जहां मेडिकल ऑफिसर पदस्थ हैं। अभियान तीन माह तक चलेगा और वैक्सीन बायीं ऊपरी बांह में लगाया जाएगा। यह टीका गर्भावस्था अथवा खाली पेट में नहीं लगाया जाता है। जिले में कुल जनसंख्या के आधार पर 12 हजार से अधिक बालिकाओं को टीकाकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टीकाकरण के पश्चात तर्जनी उंगली में मार्किंग की जाएगी। टीकाकरण से पहले पालकों से सहमति ली जाएगी। यह अभियान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से अलग संचालित किया जाएगा, जिसके लिए पृथक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। वैक्सीन लगाने के बाद हितग्राहियों को आधे घंटे तक स्वास्थ्य केन्द्र में रुकना होगा तथा इसके पश्चात उन्हें टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा। इन विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं के पालकों एवं शिक्षकों को वैक्सीन के संबंध में जानकारी देकर उनकी सहमति प्राप्त की जाएगी। जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में निर्धारित तिथि पर सहमति के बाद शाला में अध्ययनरत तथा शाला त्यागी बालिकाओं को चिकित्सक की उपस्थिति में एच.पी.वी. वैक्सीन लगाया जाएगा। टीकाकरण के बाद आधे घंटे की निगरानी के पश्चात सामान्य स्थिति में उन्हें टीकाकरण कार्ड देकर घर भेजा जाएगा। जिले में 14-15 वर्ष की बालिकाओं को टीकाकृत करते हुए इस अभियान को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

आइसक्रीम खाने से पहले हो जाएं सावधान! मध्यप्रदेश में जांच में कई फ्लेवर निकले घटिया

छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है कि अब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट में टॉप एंड टाउन ब्रांड और हैवमोर ब्रांड की आइसक्रीम अमानक पाई गई। टॉप एंड टाउन के 3 फ्लेवर और हैवमोर की अल्फोंसो मैंगो फ्लेवर आइसक्रीम अमानक पाई गई है। संपूर्ण प्रदेश में 'मिलावट से मुक्ति' अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु में आइसक्रीम एवं कोल्डड्रिंक की अत्यधिक खपत होती है। खास तौर पर बच्चे आइसक्रीम का अधिकतम उपयोग करते हैं। छिंदवाड़ा खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और सैंपलिंग ऐसे में आमजन को बिना मिलावट के आइसक्रीम उपलब्ध हो सके, इस बात की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग छिंदवाड़ा द्वारा शहर के प्रमुख एवं छोटे-बड़े सभी आइसक्रीम विक्रेताओं से आइसक्रीम के नमूने संग्रहीत कर जांच के लिए लैब भेजे जाते हैं। लिहाजा विभिन्न ब्रांड्स के आइसक्रीम के नमूने पिछले कुछ महीनों में विभाग द्वारा लिए गए थे, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी गोपेश मिश्रा द्वारा शहर में बिक रहे सभी ब्रांड्स के साथ-साथ टॉप एंड टाउन ब्रांड के मुख्य वितरणकर्ता 'जानहवी फूड्स' सिवनी रोड से और हैवमोर ब्रांड के मुख्य वितरणकर्ता 'सरकार डिस्ट्रीब्यूटर्स' से इन दोनों ही ब्रांड की विभिन्न फ्लेवर्स की आइसक्रीम के नमूने जांच हेतु लिए गए थे। लैब रिपोर्ट में टॉप एंड टाउन और हैवमोर के नमूने अमानक राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार टॉप एंड टाउन के 3 फ्लेवर- मैंगो, बटर स्कॉच, वनीला और हैवमोर की अल्फोंसो मैंगो फ्लेवर आइसक्रीम अमानक पाई गई है। उपरोक्त मामले में रिपोर्ट्स आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग छिंदवाड़ा द्वारा दोनों ही वितरणकर्ताओं और इन आइसक्रीम के निर्माणकर्ता फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 46(4) का नोटिस दिया है। इसके अनुसार वितरणकर्ताओं और निर्माणकर्ता फर्म को विभाग में उपलब्ध नमूने के अन्य भागों को केंद्रीय खाद्य जांच प्रयोगशाला भेजकर जांच कराने का अधिकार होता है। नोटिस अवधि के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा चालान आगे खाद्य सुरक्षा विभाग छिंदवाड़ा द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अनुसार नोटिस अवधि के पश्चात जांच के अनुसार दोषियों पर नियमानुसार चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

गैस संकट गहराया: राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर 2500 रुपए तक पहुंचा

-होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर असर, सीएम से की हस्ताक्षेप की मांग जयपुर,  अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब राजस्थान पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है। इसका सबसे बुरा असर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे पर्यटन शहरों के होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर पड़ रहा है। 30 फीसदी से ज्यादा बढ़े दाम सप्लाई चेन टूटने का फायदा अब बिचौलिये और कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में जिस कमर्शियल सिलेंडर की आधिकारिक कीमत करीब 1911 रुपए है, वह अब चोर बाजार में 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। जयपुर में रेस्टोरेंट चलाने वाले शख्स ने बताया कि रेस्टोरेंट शुरू किए अभी दो महीने ही हुए हैं। पहले सिलेंडर 1650 रुपए में मिलता था, फिर 1900 रुपए हुआ और अब 2500 रुपए मांग रहे हैं। इतनी महंगी गैस में दाल फ्राई और अन्य व्यंजन बनाना घाटे का सौदा हो रहा है। किराया और स्टाफ की सैलरी निकालना मुश्किल है। रिपोर्ट के मुताबिक झीलों की नगरी उदयपुर में स्थिति और भी गंभीर है। वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है और विदेशी पर्यटकों की आवक भी ज्यादा है। ऐसे में गैस की कमी ने होटल व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। उदयपुर होटल एसोसिएशन के पूर्व सचिव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हमें कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने के लिए पाबंद करती है, लेकिन संकट आते ही सबसे पहले हमारी ही सप्लाई काट दी जाती है। उदयपुर के 500 होटल और 1500 रेस्टोरेंट आज अधर में हैं। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि सप्लाई बाधित होने से न केवल व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की छवि भी खराब हो रही है। होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।  

इंडियन वेल्स ओपन में सिनर का जलवा, फोंसेका को मात देकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचे

नई दिल्ली दुनिया के नंबर 2 खिलाड़ी जैनिक सिनर ने ब्राजील के जोआओ फोंसेका को हराकर इंडियन वेल्स ओपन के क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली है। 24 साल के सिनर ने दो कड़े टाई-ब्रेक में अपना धैर्य बनाए रखा और 19 साल के फोंसेका को 7-6 (6) , 7-6 (4) से हराया। इस जीत के साथ, सिनर ने 2024 की शुरुआत से खेले गए 12 एटीपी मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट में से 11 के क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। सिनर की यह 97वीं मास्टर्स 1000 मैच जीत भी थी। इस जीत के साथ ही वह उस लेवल पर किसी इटैलियन खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा जीत के मामले में अपने साथी इटैलियन फैबियो फोगनिनी से आगे निकल गए। सिनर ने शुरुआती सेट के टाई-ब्रेक में जबरदस्त संयम दिखाया और तीन सेट पॉइंट बचाए और फिर मोमेंटम को अपने पक्ष में कर लिया। हालांकि बाद में उन्होंने दूसरे सेट में 5-2 से आगे होने के बाद मैच सर्व करने का मौका गंवा दिया, लेकिन इटैलियन खिलाड़ी ने टाई-ब्रेक के अहम पलों में फिर से अपना सबसे अच्छा टेनिस खेला और जीत पक्की कर ली। शुरुआती सेट में काफी कड़ा मुकाबला था, जिसमें दोनों खिलाड़ी कम ब्रेक मौकों को भुनाने में जूझ रहे थे। फोंसेका टाई-ब्रेक में नियंत्रण में दिखे जब उन्होंने 5-2 की बढ़त बना ली। सिनर ने लगातार पांच पॉइंट जीतकर सेट अपने नाम कर लिया। सिनर ने 4-2 की बढ़त बनाने के बाद दूसरे सेट में आसान रास्ता तय किया। लेकिन फोंसेका ने जोरदार वापसी की, जब सिनर ने 5-3 पर मैच के लिए सर्व किया तो इटैलियन खिलाड़ी को लव पर ब्रेक किया और अगले 14 में से 12 पॉइंट जीतकर एक और टाई-ब्रेक के लिए मजबूर किया। सिनर ने ब्रेकर के आखिरी चार पॉइंट जीते और एक जबरदस्त फोरहैंड रिटर्न के साथ मैच अपने नाम कर लिया। जीत के बाद सिनर ने कहा, “जोआओ एक जबरदस्त खिलाड़ी है, जबरदस्त प्रतिभा हैं। दोनों तरफ से बहुत शक्तिशाली हैं। वह बहुत अच्छी सर्व कर रहा था। मुझे लगा कि जितना हो सके उतना आक्रामक होने की कोशिश करना ही जरूरी था। दूसरे सेट के आखिर में मेरी इंटेंसिटी थोड़ी कम हो गई थी, लेकिन उसने वहां जबरदस्त खेल दिखाया। माहौल बहुत बढ़िया था, इसलिए मैं आज के मैच को लेकर बहुत खुश हूं।” सिनर का क्वार्टर-फाइनल मुकाबला अमेरिकी युवा लर्नर टिएन से होगा।  

गैस की किल्लत से हड़कंप: चेन्नई के रेस्तरां बंद, हाई कोर्ट कैंटीन प्रभावित, रेलवे ने अपनाया इंडक्शन

नई दिल्ली ईरान में जारी जंग का असर अब सीधे तौर पर भारत में भी दिखने लगा है। देश भर में एलपीजी की कमी देखी जा रही है। यहां तक कि सप्लाई ठीक बनी रहे और किसी तरह की अफवाह ना फैले। इससे बचाव के लिए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। इसके तहत तय किया गया है कि उद्योगों को सप्लाई में पहले की तुलना में 80 फीसदी ही सप्लाई की जाएगी। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह गैस मिलती रहेगी।   पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इसके परिणामस्वरूप गैस आपूर्ति में व्यवधान के बीच, उत्तराखंड सरकार ने जरूरत की स्थिति में व्यावसायिक उपयोग के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान स्थिति संकटपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'कई पश्चिम एशियाई देशों में युद्ध जैसी परिस्थितियां बन रही हैं, इसलिए गैस की कमी की आशंका को नकारा नहीं जा सकता।' इस स्थिति से निपटने के लिए उत्तराखंड वन विकास निगम को लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि गैस संकट बढ़ने की स्थिति में वाणिज्यिक गतिविधियों में इसका उपयोग वैकल्पिक ईंधन के रूप में किया जा सके। खाड़ी देशों में युद्ध का असर नोएडा तक, गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ने से एजेंसियों पर उमड़ी भीड़ खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से कई इलाकों में किल्लत बढ़ गई है। स्थिति यह है कि गैस सिलेंडर लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग गैस एजेंसियों के बाहर पहुंच रहे हैं और लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। नोएडा सेक्टर-24 थाना क्षेत्र के सेक्टर-54 स्थित गैस एजेंसियों के बाहर बुधवार सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। जैसे ही सिलेंडर की कमी की खबर फैली, लोग समय से पहले ही एजेंसियों पर पहुंचने लगे। कई उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े नजर आए। कुछ जगहों पर इतनी भीड़ हो गई कि एजेंसी के बाहर अव्यवस्था जैसी स्थिति बनती दिखाई दी। माइक्रोवेव, इंडक्शन का इस्तेमाल करें वेंडर्स- IRCTC IRCTC ने वेंडर्स से खाना पकाने के तरीके बदलने को कहा, क्योंकि ईरान युद्ध से LNG का फ्लो रुका हुआ है। रेलवे ने कहा है कि 'माइक्रोवेव, इंडक्शन का इस्तेमाल करें' दिल्ली हाई कोर्ट में लंच उपलब्ध नहीं। एलपीजी संकट के चलते हालात ऐसे हो गए हैं कि दिल्ली हाई कोर्ट में लंच उपलब्ध नहीं है। चेन्नई में एलपीजी सिलेंडर का संकट गहराया, होटलों-रेस्तरां ने घोषित की छुट्टी चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में संचालित होटलों और रेस्तरां के एक वर्ग ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न होने के कारण बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी। कर्मचारियों ने यह जानकारी दी। सुबह-सुबह चाय-कॉफी के लिए पहुंचे ग्राहकों ने होटलों के बंद रहने पर निराशा व्यक्त की और आशा जताई कि केंद्र सरकार स्थिति सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। शहर के एक लोकप्रिय होटल में बुधवार को लगे नोटिस में लिखा था, 'एलपीजी आपूर्ति न होने के कारण 11 मार्च 2026 को छुट्टी घोषित की गई है।' करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा- केजरीवाल एलपीजी संकट के कारण होटल और रेस्तरां पर पड़ने वाले प्रभाव से एक करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा: अरविंद केजरीवाल

मता बनर्जी पर राम कृपाल यादव का आरोप, घुसपैठियों की मदद से सत्ता चाहती हैं

पटना, बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ममता बनर्जी पर तंज कसा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी के बयान को लेकर कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और यह कभी किसी दल से प्रभावित नहीं हुआ है। राम कृपाल यादव ने कहा कि मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसलिए चिंता जता रही हैं क्योंकि चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार अपना काम कर रहे हैं। उनकी समस्या यह है कि वे बांग्लादेश से आए घुसपैठियों की मदद से सरकार बनाना चाहती हैं, लेकिन यह संभव नहीं है। कानून का राज है और संवैधानिक व्यवस्था पर अगर कोई उंगली उठाता है तो जनता उसको कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो महाभियोग लाएं। खारिज हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता उनके चेहरे को भी खारिज कर देगी। इस बार चुनाव में जनता ममता बनर्जी को हरा देगी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार कातिल और असंवैधानिक है। वे कानून विरोधी काम करती है। ये सरकार भाजपा के कार्यकर्ताओं को चुन-चुन कर मरवा रही है। ममता बनर्जी के हाथ निर्दोषों के खून से रंगे हुए हैं। आने वाले वक्त में उनको इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार का सफाया होगा और भारतीय जनता पार्टी की दो तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन और गैस आपूर्ति में आई बाधाओं पर मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण हुई है। इस स्थिति के चलते कुछ कठिनाइयां उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत और राज्य की सरकार संयुक्त रूप से इस समस्या के निदान के लिए काम कर रही है। जिससे कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का कष्ट न उठाना पड़े। नियमित रूप से गैस और तेल इत्यादि मिलता रहे। कालाबाजारी करने वाले लोगों को लेकर उन्होंने कहा कि कालाबाजारी करने वाले लोगों को सरकार छोड़ेगी नहीं। जो कालाबाजारी करेंगे उनका लाइसेंस रद्द होगा और उनको जेल भी जाना पड़ेगा। इसलिए इन सब चीजों पर सरकार निगरानी रखे हुए हैं। सरकार का दायित्व है कि जनता के हित में काम करे। जनता के अहित में जो काम करेगा उसको सरकार छोड़ेगी नहीं।