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मार्च के दूसरे हफ्ते में MP में गर्मी का प्रकोप, नर्मदापुरम में 40°C से ज्यादा, बारिश की चेतावनी जारी

भोपाल मार्च के दूसरे सप्ताह में ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। सीजन में पहली बार नर्मदापुरम, रतलाम और धार में गर्म हवाएं चली।  आज भी यहां लू की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया। नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। 15 और 16 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है। इधर, मौसम विभाग ने 14 मार्च को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। 15 मार्च को प्रदेश में असर दिखाई देगा। इस दिन ग्वालियर-जबलपुर समेत 16 जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, 16 मार्च को पूर्वी हिस्से के 14 जिलों में भी मौसम बदला रहेगा। भोपाल में गर्मी बढ़ गई राजधानी भोपाल में गर्मी बढ़ गई है। आलम यह है कि धूप से बचने के लिए वाहन चालक मुंह पर कपड़ा बांधकर निकल रहे हैं। इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर बढ़ गया है। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चली। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा।  कई जिलों में 38-39 डिग्री के बीच तापमान प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रतलाम में 39.5°, खजुराहो में 39°, धार में 38.8°, खंडवा में 38.1° और शिवपुरी में 38° तापमान दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, दतिया और गुना में भी पारा 37 डिग्री के आसपास रहा।  सुबह-शाम की नमी भी कम हुई मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह भोपाल में 44 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जो शाम तक घटकर 17 प्रतिशत रह गई। नमी कम होने और तेज धूप के कारण दिन में गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। अप्रैल और मई में हीट वेव का रहेगा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है।अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।  इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। बुधवार को तीन जिलों में लू चलने के साथ पारे में भी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चलीं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा। रतलाम में 39.5 डिग्री, खजुराहो में 39 डिग्री, धार में 38.8 डिग्री, दमोह-टीकमगढ़ में 38.5 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, मंडला, श्योपुर-खरगोन में पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.2 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा। इस वजह से गर्मी का असर तेज मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है। 2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम     15 मार्च- ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।     16 मार्च- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट। मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा डॉक्टरों‎ की मानें तो मार्च का यही मौसम ‎सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी‎ और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। ‎सुबह और देर रात ठंडी हवा से ‎बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और ‎बुजुर्गों को।‎ मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंड प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।

ईरान का कड़ा संदेश: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज़ों को गुजरने के लिए नौसेना से बात करना आवश्यक

नई दिल्‍ली होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाज लेकर जाने के लिए भारत लगातार ईरान से बातचीत कर रहा है. इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान सामने आया है, जिसका कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए जहाज़ों को ईरान की नौसेना के साथ तालमेल बिठाना होगा। नौसेना के साथ बातचीत करने के बाद ही आप तेल-गैस जहाजों से लेकर जा सकते हैं. इस बयान से साफ है कि ईरान की नौसेना 'होर्मुज स्‍ट्रेट' पर नजर बनाए हुए है और उसका पूरा कंट्रोल है. रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को मेहर समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए जहाज़ों को ईरान की नौसेना के साथ बातचीत करनी होगी। ऐसे में ईरान का यह संकेत साफ है कि वह इजरायल और अमेरिका सर्पोटिव जहाजों को छोड़कर बाकी देशों की जहाजों को 'स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने की अनुमति दे सकता है, लेकिन हमला करने वाले देशों को अनुमति नहीं देगा. यही बात ईरान के उप विदेश मंत्री ने भी स्‍पष्‍ट किया है। हमला करने वालों को अनुमति नहीं एएफपी के अनुसार, ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि कुछ देशों ने जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के बारे में हमसे बातचीत की है और हमने उनके साथ सहयोग किया है. जहां तक ​​ईरान का सवाल है, हमारा मानना ​​है कि जिन देशों ने आक्रमण में साथ दिया, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन का लाभ नहीं मिलना चाहिए। होर्मुज स्‍ट्रेट को बंद रखेगा ईरान वहीं इस रिपोर्ट में आगे कहा गया कि नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपने पिता की हत्या के बाद पहली बार बयान दिया और अपने एक चुनौती भरे बयान में कहा कि ईरान अपनी लड़ाई जारी रखेगा और अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ एक दबाव के तौर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद रखेगा। खामेनेई का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका बार-बार यह दावा कर रहा है कि ईरान के पास अब कुछ भी नहीं बचा है. ट्रंप का दावा है कि वह जब चाहें, तब युद्ध को समाप्‍त कर सकते हैं. वहीं अमेरिका अभी भी जहाजों को उस रास्‍ते से ले जाने को लेकर कतरा रहा है। 100 डॉलर के पार कच्‍चा तेल  मिडिल ईस्‍ट से तेल की सप्‍लाई बाधित होने के बाद कच्‍चे तेल की कीमतों में उछाल आया है. अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है. वहीं डब्‍ल्‍यूटीआई कच्‍चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है. एलएनजी के दाम में भी तेजी देखी जा रही है. वहीं ईरान का कहना है कि कच्‍चे तेल की कीमतों को वह 200 डॉलर प्रति बैरल तक लेकर जाएगा और अभी युद्ध खत्‍म नहीं करेगा।

पाकिस्तान में दहशत का इशारा, तालिबान ने जारी किया ‘डेथ वारंट’

कंधार अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अब 'आर-पार' की जंग में तब्दील होता दिख रहा है. पाकिस्तान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के बाद अब तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाकिस्तान के प्रमुख शहरों पर हमले की धमकी दी है. यह चेतावनी कथित तौर पर अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद सामने आई है।  रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जाहिद ने कहा कि यदि पाकिस्तान की ओर से ऐसे हमले जारी रहते हैं तो पाकिस्तान के बड़े शहरों को निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने विशेष रूप से इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा का उल्लेख किया।  यह बयान ऐसे समय आया है जब अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में राजधानी काबुल और कंधार सहित कुछ अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें हैं।  हाजी जाहिद,हाजी युसूफ के प्रवक्ता हैं. वफा को तालिबान के शीर्ष नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा का करीबी माना जाता है और उत्तरी अफगानिस्तान में उनका प्रभाव काफी मजबूत बताया जाता है।  विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है. अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा लंबे समय से विवाद और सैन्य झड़पों का केंद्र रही है. समय-समय पर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार हमलों और उग्रवादियों को समर्थन देने के आरोप लगाते रहे हैं।  ताजा बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं. विश्लेषकों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी इसी तरह जारी रही तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।  फिलहाल पाकिस्तान की ओर से तालिबान के इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जरूरी होगी। 

सोना-चांदी के दाम गिरे, अचानक सस्ती हुई धातुएँ, बाजार में दिखी उत्सुकता

भोपाल  मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजार से शुक्रवार सुबह बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में आज दोनों कीमती धातुओं के दाम कम हुए हैं। जानकारी के अनुसार 13 मार्च को बाजार खुलते ही सोने और चांदी की नई दरें जारी की गईं। कीमतों में आई इस गिरावट को ग्राहकों के लिए अच्छा मौका माना जा रहा है। सोने के ताज़ा रेट (13 मार्च 2026) आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर लगभग ₹15,666 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,56,660 पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹14,920 प्रति ग्राम है और 10 ग्राम 22 कैरेट सोना ₹1,49,200 में मिल रहा है। अगर 8 ग्राम सोने की बात करें तो 22 कैरेट सोना ₹1,19,360 में मिल रहा है, जो कल के मुकाबले सस्ता हुआ है। इसी तरह 24 कैरेट के 8 ग्राम सोने की कीमत ₹1,25,328 दर्ज की गई है। चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को चांदी की कीमत ₹290 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 1 किलो चांदी ₹2,90,000 में बिक रही है। गुरुवार को यह कीमत करीब ₹3,00,000 प्रति किलो थी। क्यों घटे सोने-चांदी के दाम? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। मार्च महीने में अब तक इन धातुओं के दामों में कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिल रही है। फिलहाल आज आई गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं..

गर्मी से बढ़ी परेशानी! हरियाणा में लगातार बढ़ रहा तापमान, 15 से मौसम बदलेगा

सिरसा. हरियाणा के तमाम जिलों में मौसम में बदलाव के चलते अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोपहर के समय तेज गर्मी के चलते अब पछेती गेहूं का दाना प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में 15 व 16 मार्च को बारिश के आसार हैं, जिससे आमजन व किसानों को गर्मी से राहत मिलेगी। सिरसा में बुधवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। तेज धूप के कारण गेहूं और सरसों की फसल भी लगातार प्रभावित हो रही है। अगेती गेहूं में अब दाना लगभग बन चुका है, जबकि पछेती गेहूं में दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण दाना बारिक होने की भी आशंका है। गर्मी से गेहूं को बचाने के लिए किसान लगातार सिंचाई कर रहे है, लेकिन चल रही हल्की हवाओं से गेहूं गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग अनुसार, जिले में 14 मार्च तक लगातार मौसम में बदलाव होगा और बादलवाही की स्थिति बनेगी। 15 व 16 मार्च को बादलों की गरज के साथ बारिश होने के आसार है। इस दौरान तेज हवा चलती है तो फसलों को काफी नुकसान होगा और फसलों के गिरने का खतरा बनेगा। अगर तेज हवा या बारिश से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाती है तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। औसत उत्पादन में गिरावट होने से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, हल्की बारिश से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अगेती गेहूं में दाना बन चुका है। पछेती गेहूं में अभी दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण पछेती गेहूं का नुकसान होने की आशंका है। किसान गेहूं को गर्मी से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करे। जिससे गेहूं में नमी बनी रहेगी। – डॉ. सुखदेव सिंह, कृषि उपनिदेशक सिरसा।

PSEB के नए सचिव ने संभाली जिम्मेदारी, ट्रांसपेरेंट कामकाज पर दिया जोर

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के नवनियुक्त सचिव केशव गोयल ( PCS) ने सचिव का पद संभाल लिया है। गोयल के स्वागत के लिए बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी और सचिव ऑफिस के PA स्टाफ मौजूद थे। केशव गोयल 2016 बैच के PCS ऑफिसर हैं जोकि श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलौट शहर के रहने वाले हैं। अपने एडमिनिस्ट्रेटिव करियर के दौरान, उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है। SDM जलालाबाद (फाजिल्का) और SDM आनंदपुर साहिब के तौर पर काम करते हुए उन्होंने अपने कुशल और ट्रांसपेरेंट एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके के लिए खास तारीफ पाई। इसके अलावा, उन्होंने साल 2022 में पंजाब सरकार के चीफ मिनिस्टर ऑफिस में भी काम किया है और पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (PUNSUP), इन्वेस्ट पंजाब और वेरका जैसे अलग-अलग सरकारी संगठनों में AMD के तौर पर भी अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। अलग-अलग डिपार्टमेंट में अपनी सर्विस के दौरान गोयल ने सरकार की बड़ी योजनाओं को ग्राउंड लेवल पर असरदार तरीके से लागू करने में एक्टिव भूमिका निभाई और एडमिनिस्ट्रेशन में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी को सुनिश्चित बनाया। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के सेक्रेटरी का चार्ज संभालने के बाद गोयल ने पंजाब सरकार का धन्यवाद किया और कहा कि पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड राज्य की एक बहुत जरूरी संस्था है, बोर्ड के कामकाज को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट, रूल-बेस्ड और असरदार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारा काम नियमों के हिसाब से होगा और ऑफिस के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों को सुना जाएगा और उन्हें हल किया जाएगा और कर्मचारियों के लिए एक पॉज़िटिव और स्ट्रेस-फ्री काम का माहौल बनाए रखने की कोशिश की जाएगी, ताकि अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी रुकावट के प्रोफेशनल तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। बोर्ड ने भरोसा जताया कि केशव गोयल की लीडरशिप में, पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड का काम और ज़्यादा असरदार, ट्रांसपेरेंट और अकाउंटेबल बनेगा और पूरे पंजाब में एजुकेशन सर्विस की डिलीवरी और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि दसवीं और बारहवीं क्लास की चल रही परीक्षाओं के दौरान पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड द्वारा किए गए सभी इंतज़ामों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा: 1000 करोड़ की अनुदान मांगें पास, 8 लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव मिले

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा श्रम विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 01 हजार 823 करोड़ 87 लाख 69 हजार रुपए की अनुदान मांगे पारित की गई। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 01 हजार 567 करोड़ 86 लाख 79 हजार रुपए, श्रम विभाग के लिए 256 करोड़ 90 हजार रुपए शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में नई औद्यागिक नीति लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उद्योग विभाग उद्योेग मंत्री देवांगन नेे कहा कि इस बजट में सरकार द्वारा राज्य के औद्योगिक विकास हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को बजट में रुपए 1750 करोड़ आबंटित किया गया है। इसमें रूपए 652 करोड़ उद्योगों को अनुदान हेतु तथा औद्योगिक प्रयोजन हेतु भू-अर्जन, भूमि विकास तथा औद्योगिक अधोसंरचना विकास के लिए लगभग रूपए 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि औद्योगिक भूमि आबंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया जा रहा है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि राजस्व में भी 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। इन सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य द्वारा 140 से अधिक निवेशकों को इन्विटेशन टू इन्वेस्ट जारी किया गया है। राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल्स, आईटी, बीपीओ तथा क्लीन एनर्जी जैसे विविध और उभरते हुए क्षेत्रों के निवेश शामिल हैं, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मंत्री देवांगन ने कहा कि विगत एक वर्ष में 951 उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके द्वारा 8000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया एवं हमारी सरकार आने के बाद लगभग 45000 से अधिक रोजगार उत्पन्न हुए। राज्य में बस्तर से सरगुजा तक 23 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों एवं पार्कों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 4 फ्लेटेड फैक्ट्री अधोसंरचना है। राज्य शासन सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस दिशा में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उनके जीवन को सरल करने की दृष्टि से बिलासपुर जिले में 2 कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माणाधीन है, जिसके लिए बजट में रुपए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निजी भूमि पर औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए निवेशकों को आकर्षित करने की दृष्टि से अधोसंरचना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान औद्योगिक विकास नीति में किया गया है। इससे राज्य केन औद्योगिक अधोसंरचना विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री के पहल पर स्टार्ट-अप मिशन के लिए रूपए 100 करोड़ का प्रावधान बजट के अंतर्गत किया है। श्रम विभाग मंत्री देवांगन ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में श्रम विभाग छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत अधिसूचित 56 प्रवर्ग के असंगठित श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिये वर्ष 2026-27 के बजट में कुल रुपये 128 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष से लगभग 3 करोड़ अधिक है। श्रमिक बच्चों को उत्कृष्ट स्कूल में शिक्षा की अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में 96 श्रमिकों के बच्चों को 6वीं क्लास में डीपीएस राजकुुमार कॉलेज, कांगेर वैली एकेडमी में निःशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला देने की घोषणा की थी, इस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा उपकर के माध्यम से संकलित राशि से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिये उपलब्ध निधि से 60 प्रवर्ग में पंजीकृत 32.58 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित 31 योजनाओं के क्रियान्वयन में वर्ष 2025 में लगभग रूपये 387 करोड़ से अधिक राशि कल्याणकारी योजनाओं में व्यय किया गया है। वर्ष 2026-27 में पंजीकृत 02.01 लाख संगठित श्रमिकों के लिये 14 योजनाओं हेतु बजट में राज्य शासन के अनुदान हेतु रुपये 06 करोड़ प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग के मुख्य दायित्व विभिन्न श्रम कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत श्रमिकों के हित संरक्षण किया जाना है, जिसके पालन हेतु श्रमायुक्त संगठन में रुपये 30 करोड़ 63 लाख का बजट प्रावधान किया गया है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। संचालनालय द्वारा कारखाना अधिनियम के अंतर्गत कारखानों का लायसेंस नवीनीकरण, आनसाइट आपात योजना एवं कारखाना भवनों के नक्शे आदि का निराकरण भी आनलाईन ही किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल हाईजिन लैब हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 05 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2026-27 हेतु कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए रुपये 76 करोड़ 38 लाख का प्रावधान किया गया है। वाणिज्यक कर (आबकारी) विभाग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विभागीय दक्षता बढ़ाने हमने इस वित्तीय वर्ष में 10 जिला अधिकारी, 85 आबकारी उपनिरीक्षक की भर्ती की है तथा 200 आबकारी आरक्षक की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। वर्ष 2024-25 हेतु निर्धारित किये गये 10500 करोड़ (दस हजार पांच सौ करोड़) आबकारी राजस्व लक्ष्य के विरूद्ध 10145 करोड़ (दस हजार एक सौ पैतालीस करोड़) का आबकारी राजस्व अर्जित किया गया जो कि इससे पूर्व के वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्जित आबकारी राजस्व 8430 करोड़ (आठ हजार चार सौ तीस करोड़) की तुलना में 20.35 प्रतिशत अधिक है तथा राज्य के कुल कर राजस्व प्राप्ति का लगभग 11 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त नीति एवं विभागीय कार्ययोजना से आबकारी राजस्व में सुनिश्चित वृद्धि परिलक्षित हुई है। अतः आबकारी विभाग के लिये वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 12000 करोड़ (बारह हजार करोड़) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके विरूद्ध 28 फरवरी, 2026 तक रूपये 9660.00 करोड़ (नौ हजार छः सौ साठ करोड़) का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जो कि कुल राजस्व लक्ष्य का 80.50 प्रतिशत है। मंत्री देवांगन ने कहा कि वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग में प्रशासनिक सुविधा एवं दक्षता हेतु … Read more

ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन में CM मोहन यादव होंगे शामिल, बहनों को मिलेगा 1836 करोड़

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाडली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुंचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे। ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी। लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। मंदिर पहुंचकर करेंगे पूजा-अर्चना प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को दोपहर वायुमार्ग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से घाटीगांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को मजबूत आधार दे रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपए की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इन कार्यों का होगा भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान ग्वालियर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्र की नव-निर्मित सड़कों का लोकार्पण भी किया जाएगा। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह तथा 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने वाले हॉल व छात्रावास तथा भितरवार में लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।  

मोजतबा खामेनेई कोमा में और पैर कटने की अफवाह, वेस्टर्न मीडिया में सनसनी

तेहरान ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. सबसे हैरान करने वाला दावा है कि मोजतबा खामेनेई कोमा में हैं. उनका एक पैर भी काट दिया गया है और उनकी हालत बेहद संजीदा है. ये दावा ब्रिटिश अखबार 'द सन' ने अपनी रिपोर्ट में किया है।  'द सन' की ये रिपोर्ट उस समय सामने आई, जब कुछ घंटों पहले ही मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में हमले जारी रखे जाएंगे और होर्मुज स्ट्रेट की भी नाकेबंदी रहेगी।   'द सन' ने ये रिपोर्ट अपने सूत्र के हवाले से चलाई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई की हालत बहुत खराब है और वह कोमा में है. वह अस्पताल में ईरान के स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री मोहम्मद रजा जफरगंदी की निगरानी में हैं. जफरगंदी ईरान के टॉप सर्जन्स में से एक हैं।  रिपोर्ट में क्या दावा किया गया? 'द सन' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि मोजतबा खामेनेई तेहरान की सिना यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में इंटेसिव केयर में है. इस बिल्डिंग के एक हिस्से को भारी सिक्योरिटी के बीच सील कर दिया गया है।  रिपोर्ट में बताया गया कि मोजतबा का एक पैर कट गया है और उनके पेट और लिवर को भी गंभीर चोटें आई हैं. हालांकि, यह साफ नहीं है कि मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी को उसी हमले में घायल हुए थे, जिसमें आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. हालांकि, ईरान के सरकारी टीवी के एंकर मोजतबा खामेनेई को 'रमजान का जांबाज' यानी 'घायल योद्धा' बताते हैं।  'द सन' को सूत्र ने बताया, 'उनका एक या दोनों पैर काट दिए गए हैं. उनका लिवर या पेट भी फट गया है. वह शायद कोमा में भी हैं.' रिपोर्ट में कहा गया है कि दो दिन पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान चुपके से मोजतबा खामेनेई से मिलने गए थे. सिना हॉस्पिटल की इंटेंसिव केयर यूनिट में सिर्फ कुछ ही ऑथराइज्ड लोगों को ही जाने की इजाजत है.  कितना मजबूत है ये दावा? 28 फरवरी से जब से अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग शुरू हुई है, तब से मोजतबा खामेनेई एक बार भी सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।  मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. खामेनेई की मौत के लगभग एक हफ्ते बाद. उसी दिन ईरानी मीडिया ने खबरें दी थीं कि मोजतबा खामेनेई देश को संबोधित करेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ।  सुप्रीम लीडर चुने जाने के पांच दिन के बाद मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश दुनिया के सामने आया. लेकिन उनके संदेश को टीवी पर एक एंकर ने पढ़ा. वह कैमरे पर भी दिखाई नहीं दिए।  ईरान के सरकारी टीवी रिपोर्ट्स के एंकर्स ने मोजतबा खामेनेई को 'रमजान युद्ध का जांबाज' यानी 'घायल योद्धा' बताया. हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं की कि मोजतबा 28 फरवरी को घायल हुए थे या नहीं।  इन्हीं सब बातों के कारण उनकी हेल्थ को लेकर अटकलें, अफवाहें और दावे और भी बढ़ गए हैं. हालांकि, अब तक मोजतबा खामेनेई को सिर्फ दावे ही किए जा रहे हैं, कुछ पुष्टि नहीं हुई है।   

बंगाल चुनाव 2026: BJP ने तय किए 140 उम्मीदवार, रणनीति में बदलाव की उम्मीद

कलकत्ता पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। खबर है कि इस मीटिंग में बंगाल चुनाव के लिए करीब 140 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं। संभावना है कि अप्रैल के आखिर में ही बंगाल में चुनाव कराए जा सकते हैं। भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार संभालने के बाद चुनाव समिति की यह पहली बैठक थी। यह बैठक पीएम नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर ही थी। आमतौर पर भाजपा मुख्यालय में ही ऐसी बैठकें होती थीं, लेकिन इस बार पीएम मोदी के आवास पर यह बैठक हुई। राज्य में 294 विधानसभा सीटें हैं और भाजपा लगभग आधी सीटों पर सहमति बना चुकी है। माना जा रहा है कि इस संबंध में जल्दी ही ऐलान हो सकता है। भाजपा का फोकस है कि पहली लिस्ट जारी करने में बढ़त हासिल कर ली जाए। इसके अलावा कई पूर्व सांसदों को विधानसभा में उतारने का भी प्लान है। पहली लिस्ट में जिन लोगों के नाम आ सकते हैं, उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक और शुभेंदु अधिकारी शामिल हैं। हालांकि एक बदलाव पिछली बार के मुकाबले यह है कि मौजूदा सांसदों को नहीं उतारा जाएगा। 2021 के चुनाव में भाजपा 77 सीटों पर जीत हासिल करके मुख्य विपक्षी दल बन गई थी। हालांकि कई विधायकों के पार्टी छोड़ने के चलते फिलहाल राज्य में उसके पास 65 की ही संख्या है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर विधायकों को फिर से टिकट मिल सकता है। एक रणनीति यह भी बदली है कि इस बार सिलेब्रिटी या फिर टीएमसी छोड़कर आने वाले लोगों को मौके नहीं दिए जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि दलबदलुओं के फिर से दूसरे खेमे में जाने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा सिलेब्रिटी स्टेटस रखने वाले लोग भी कुछ समय बाद राजनीतिक सक्रियता कम कर देते हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी के पुराने नेताओं और वफादारों को ही मौका दिया जाएगा। ऐसा इसलिए ताकि कैडर उत्साहित रहे और जनता के बीच यह छवि भी बने कि भाजपा में आम कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है। क्यों भाजपा ने इस बार बदल दी 2021 वाली रणनीति 2021 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर उतरे कई नेताओं ने बाद में पाला बदल लिया था। ऐसे में भाजपा ने शायद सबक सीखा है। तब भाजपा ने टीएमसी से आए कई नेताओं और फिल्मी कलाकारों को खूब मौके दिए थे। उम्मीदवारों के चयन में जिताऊ फैक्टर को ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा संगठन क्षमता, जाति समीकरण और संगठन के लिए प्रतिबद्धता जैसे फैक्टरों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि भाजपा ने राज्य में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। हाल ही में अमित शाह ने एक रैली में वादा किया था कि भाजपा के सत्ता में आते ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया जाएगा।