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एमपी में रिजल्ट 23 मार्च तक, 1 अप्रैल से स्कूल होंगे खुलेंगे, ड्रॉप-आउट रोकने के लिए शिक्षक घर-घर जाएंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियां तेज हो गई हैं. लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) से मिली जानकारी के अनुसार 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 23 मार्च तक घोषित कर दिए जाएंगे. इसके बाद 24 से 31 मार्च तक विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा. वहीं एक अप्रैल से प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में नई कक्षाएं शुरू होंगी और प्रवेशोत्सव के साथ विशेष नामांकन अभियान भी चलाया जाएगा। हर कक्षा में बनाया जाएगा एक वार्डन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और ड्रॉप-आउट कम करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है. डीपीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक को ‘वार्डन’ की जिम्मेदारी दी जाएगी. यह शिक्षक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखेगा. जो बच्चे लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क करेगा। लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया कि नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे. इनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कॉलरशिप सहित अन्य शासकीय योजनाएं शामिल हैं. विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई जाए। सरकारी स्कूलों में रंगाई-पुताई के निर्देश नए सत्र की तैयारियों को लेकर स्कूलों को भी कई निर्देश दिए गए हैं. एक अप्रैल से पहले सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके. इसके अलावा स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का काम 30 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है। बीते साल 3.43 लाख बच्चों ने रोकी पढ़ाई दरअसल प्रदेश में बढ़ते ड्रॉप-आउट को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग चिंतित है. पिछले वर्ष प्रदेश में करीब 3.43 लाख बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया था. इनमें सबसे अधिक 2.66 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं. 52 जिलों में सबसे ज्यादा खरगोन जिले से 20 हजार से अधिक बच्चे ड्रॉप-आउट हुए, जिन्होंने कहीं भी दोबारा प्रवेश नहीं लिया। बजट बढ़ा, लेकिन कम हुई विद्यार्थियों की संख्या जानकारी के अनुसार आठ साल पहले प्रदेश में पहली से 12वीं तक के स्कूलों में करीब 1.60 करोड़ बच्चों का पंजीयन हुआ था. आठ साल बाद इनमें से केवल 1 करोड़ 4 लाख बच्चे ही पढ़ाई में बने रहे. खास बात यह है कि इस दौरान स्कूल शिक्षा का बजट लगभग चार गुना बढ़कर 9 हजार करोड़ से 37 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

28 दिन में 18 लाख से अधिक बाइक और स्कूटर बिके, जानें कौन सी कंपनियों की हुई सबसे ज्यादा बिक्री

 नई दिल्ली भारतीय टू-व्हीलर मार्केट के लिए फरवरी शानदार महीना रहा है. इस महीने ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बेहतरीन सेल की है. SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) ने  बताया कि फरवरी 2026 में इंडस्ट्री ने रिकॉर्ड सेल की है. टू-व्हीलर मार्केट की बात करें, तो इस सेक्टर की ग्रोथ 35.2 परसेंट है। सभी कंपनियों ने कुल 18,71,406 यूनिट्स बेची हैं. पिछले साल फरवरी में कंपनियों ने 13,84,605 यूनिट्स बेची थी. कैटेगरी के हिसाब से बात करें, तो स्कूटर्स की सेल 42.3 परसेंट बढ़ी है. कंपनियों ने 7,29,774 यूनिट्स बेची हैं। सबसे ज्यादा किन कंपनियों ने बेची दोपहिया? वहीं मोटरसाइकिल की सेल 30.8 परसेंट बढ़ी है. कंपनियों ने कुल 10,96,537 यूनिट्स बेची हैं. सबसे ज्यादा टू-व्हील्स हीरो मोटोकॉर्प ने बेचे हैं. कंपनी ने फरवरी 2026 में कुल 4,57,826 यूनिट्स बेची हैं. वहीं दूसरे नंबर पर होंडा टू-व्हीलर्स हैं, जिन्होंने 4.31 लाख गाड़ियों को बेचा है. ये आंकड़े रिटेल सेल्स के हैं। तीसरे नंबर पर TVS है. कंपनी ने फरवरी 2026 में कुल 3,33,935 यूनिट्स बेची हैं. वहीं बजाज ने 1,80,846 यूनिट्स और सुजुकी ने 94,398 यूनिट्स को बेचा है. 6वें पायदान पर रॉयल एनफील्ड है, जिसने 91,216 यूनिट्स को बेचा है. ओला को छोड़ दे तो इस महीने सभी टू-व्हीलर कंपनियों की सेल बढ़ी है.    कंपनी हीरो मोटोकॉर्प होंडा टू-व्हीलर्स TVS बजाज ऑटो सुजुकी फरवरी में सेल (यूनिट्स) 4,57,826 4.31 लाख 3,33,935 1,80,846 94,398 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की भी है जबरदस्त मांग फेडरल ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की 1,11,709 यूनिट्स फरवरी महीने में बिकी हैं. पिछले साल फरवरी में 76,722 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बिके थे. हालांकि, जनरवरी के मुकाबले फरवरी में इलेक्ट्रिक दोपहियो की सेल कम हुई है.  सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स TVS ने बेची हैं. कंपनी ने 31,614 यूनिट्स फरवरी में बेची हैं. वहीं बजाज ऑटो ने 25,328 यूनिट्स सेल की है. जबकि एथर ने 20,584 यूनिट्स बेची हैं. Hero Vida की बात करें, तो कंपनी ने 12,514 यूनिट्स सेल की हैं. ओला को पीछे करते हुए 5वें नंबर पर Greaves/ Ampere है, जिसकी 4,724 यूनिट्स बिकी हैं. कंपनी TVS बजाज ऑटो एथर एनर्जी हीरो विडा एंपियर फरवरी में सेल (यूनिट्स) 31,614 25,328 20,584 12,514 4,724

स्कूल में बेटियों की टॉपिंग पर प्रिंसिपल ने अपनी जेब से कराई हेलिकॉप्टर की सवारी

  डीडवाना-कुचामन राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय स्कूल में एक अनोखी और प्रेरणादायक घटना घटी है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है. यहां के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं खुशी मेघवाल, रंजना नायक और ज्योति के सबसे बड़े सपने को पूरा कर दिया. ये तीनों छात्राएं आठवीं कक्षा की हैं और बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल में आयोजित एक विशेष टेस्ट में उन्होंने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया था। 'सर, हमें हेलिकॉप्टर से  उड़ान भरनी है' प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने टेस्ट के बाद इन मेधावी छात्राओं से बातचीत की और पूछा कि वे इनाम में क्या चाहती हैं. ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन बच्चियों ने शायद मजाक-मजाक या सपने की तरह कहा, 'सर, हमें हेलिकॉप्टर में बैठकर उड़ान भरनी है.' यह सुनकर अधिकांश लोग इसे हल्के में ले लेते, लेकिन प्रिंसिपल ढाका ने इसे गंभीर चुनौती के रूप में लिया. उन्होंने छात्राओं से वादा किया कि यदि वे परीक्षा में अच्छे अंक लाती हैं, तो उनका यह सपना जरूर पूरा होगा। छात्राओं ने भी इस वादे को चुनौती मानकर पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई की. नतीजा यह निकला कि परीक्षा में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. अपने वादे को निभाते हुए प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने अपने निजी खर्च पर करीब एक लाख रुपये में तीनों छात्राओं को हेलिकॉप्टर राइड की व्यवस्था की. पहले नागौर में अनुमति नहीं मिलने पर जयपुर के पास चौमू में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने क्या कहा? शुक्रवार को चौमू हेलीपैड पर तीनों छात्राएं हेलिकॉप्टर में सवार हुईं. लगभग 30 मिनट की इस यादगार उड़ान में उन्होंने आसमान से जयपुर और आसपास के इलाकों को देखा. हेलिकॉप्टर के खिड़की से नीचे की दुनिया को देखते हुए उनके चेहरों पर खुशी, उत्साह और आश्चर्य साफ झलक रहा था. पहली बार आसमान की सैर करने वाली इन ग्रामीण बेटियों के लिए यह पल जीवन भर याद रहने वाला बन गया. छात्राओं ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'यह सपना सच होने जैसा लग रहा है. सर ने हमारा इतना बड़ा ख्वाब पूरा कर दिया। प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने बताया कि इस पहल का मकसद सिर्फ इनाम देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह जगाना और उन्हें बड़े सपने देखने की हिम्मत देना है. उन्होंने कहा, 'अगर बच्चे मेहनत करें और सपने देखें, तो उन्हें पूरा करने का रास्ता निकल आता है. यह 'सपनों की उड़ान' पहल अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.' इस अनूठी पहल का पूरा खर्च और प्रबंधन उन्होंने खुद संभाला, जिससे यह और भी खास हो गया। क्या बोले ग्रामीण? पूरे क्षेत्र में इस घटना की जोरदार सराहना हो रही है. लोग कह रहे हैं कि ऐसे शिक्षक ही समाज को बदल सकते हैं. ग्रामीण इलाकों में जहां संसाधन सीमित होते हैं, वहां शिक्षकों का ऐसा व्यक्तिगत योगदान बच्चों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. यह कहानी न केवल तीन छात्राओं की है, बल्कि मेहनत, लगन और प्रोत्साहन से सपनों को हकीकत में बदलने की मिसाल है। ऐसी पहलें शिक्षा व्यवस्था में नई जान फूंक सकती हैं, जहां बच्चे सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि बड़े सपने भी देखें और उन्हें हासिल करने की हिम्मत रखें. प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका जैसे शिक्षकों की बदौलत ग्रामीण भारत की बेटियां भी आसमान छूने की तैयारी कर रही हैं।

AI के प्रभाव से इस कंपनी में होगी छंटनी, हजारों की नौकरी जाएगी, मार्क जकरबर्ग ने की भविष्यवाणी

वाशिंगटन फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta एक बड़ा फैसला लेने जा रही है. कंपनी बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी कर रही है, जिसमें वह दुनियाभर से अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएगा. मार्क जकरबर्ग की कंपनी लगातार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर मोटी रकम इनवेस्ट कर रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट्स, कंपनी की छंटनी की वजह से मेटा के 20 परसेंट वर्कफोर्स पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक, 31 दिसंबर तक मेटा के पास करीब 79 हजार कर्मचारी थे. ऐसे में इसका 20 परसेंट कर्मचारियो को बाहर का रास्ता दिखाएंगे, तो करीब 15 हजार कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी। AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगी मोटी रकम  मार्क जबरकर्ब की फर्म का प्लान है कि वह साल 2028 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 600 बिलियन अमेरिका डॉलर (55 लाख करोड़ रुपये) का इनवेस्टमेंट करेंगे। जकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि AI के पास ताकत है कि वह चीजों को आसान बनाती है. ऐसे में विशाल टीम के बिना भी कई काम किए जा सकेंगे। जकरबर्ग ने जनवरी में कहा था कि जिन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए एक बड़ी टीम की जरूरत थी. अब उस काम को एक प्रतिभाशाली शख्स कर सकता है। 2022 से भी बड़ी होगी छंटनी अगर मेटा अपनी कंपनी में से 20 परसेंट लोगों को बाहर का रास्ता दिखाता है तो यह कंपनी की तरफ से जाने वाली एक बड़ी छंटनी होगी. साल 2022 के नवंबर में कंपनी ने 11,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया था और चार महीने के बाद 10 हजार लोगों की छंटनी की थी। सीनियर ऑफिसर्स को बताया जा चुका है  रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने बड़े स्तर पर बैठे अधिकारियों को बता दिया है कि बड़ी छंटनी के लिए तैयार हो जाएं. हालांकि अभी तक इसकी कोई डेट का ऐलान नहीं किया गया है। 

मिडल-ईस्ट तनाव के कारण ट्रैवल सेक्टर को ₹5500 करोड़ का रोज़ाना नुकसान, कोच्चि और पुरी की मांग में 200% वृद्धि

नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक टूरिज्म इंडस्ट्री पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण दुनियाभर में ट्रैवल सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के अनुमान के मुताबिक इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर के टूर और ट्रैवल सेक्टर को हर दिन करीब 5,500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। मिडिल-ईस्ट के कई देशों में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान बदल रहे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है। अगर भारतीय पर्यटकों की बात करें तो हर साल भारत से विदेश यात्रा करने वाले लगभग आधे यात्री यूएई, सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे मिडिल-ईस्ट देशों की यात्रा करते हैं। इनमें से करीब 40 प्रतिशत लोग पर्यटन के उद्देश्य से इन देशों में जाते हैं। लेकिन हालात को देखते हुए अब कई भारतीय पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव कर रहे हैं। टूर ऑपरेटर्स के अनुसार अब भारतीय पर्यटक थाईलैंड, मलेशिया और जापान जैसे देशों के लिए ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। इन देशों को फिलहाल सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जा रहा है, इसलिए यहां पर्यटन की मांग बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर भारत के अंदर भी घरेलू पर्यटन में तेजी देखने को मिल रही है। एयरलाइंस के किराए बढ़ने के बावजूद कई पर्यटक अब कोच्चि, पुरी और अंडमान जैसे भारतीय पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में इन घरेलू डेस्टिनेशन के लिए पूछताछ में करीब 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  2026 घरेलू पर्यटन के लिए अच्छा साबित हो सकता है ल्ल दिल्ली स्थित ट्रैवल कंपनी टीमवन हॉलिडेज की प्रवक्ता अनीशा शर्मा के मुताबिक, फिलहाल खाड़ी देशों की यात्रा के लिए लगभग 100% तक कैंसिलेशन देखने को मिल रहे हैं। यदि यह रुझान जारी रहता है तो 2026 भारत के घरेलू पर्यटन के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है। यात्री देश के नजदीकी और विविध पर्यटन स्थलों को खोज रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्लेटफॉर्म पिकयोरट्रेल के सीईओ हरि गणपति के मुताबिक मिडिल-ईस्ट क्षेत्र की बुकिंग में 60% तक की गिरावट आई है। ल्ल मेकमाईट्रिप के को-फाउंडर राजेश मागो कहते हैं- यदि संघर्ष लंबा चलता है, तो लोग घरेलू गंतव्यों या अप्रभावित अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की ओर रुख कर सकते हैं। ल्ल वहीं ईज माईट्रिप के फाउंडर निशांत पिट्टी का कहना है- थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव और जापान जैसे देशों के लिए बुकिंग में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। घरेलू पर्यटन लगातार मजबूत बना हुआ है।’

अवैध धर्मांतरण से हुई शादी में पैदा हुआ बच्चा किस धर्म का होगा? सरकार तैयार कर रही है कानून

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा में  'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026' पेश किया गया। राज्य में अवैध और सामूहिक धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए लाए गए इस प्रस्तावित कानून में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो हाल के वर्षों में अन्य राज्यों द्वारा बनाए गए धर्मांतरण विरोधी कानूनों से भी ज्यादा सख्त और विस्तृत हैं। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो महाराष्ट्र धार्मिक धर्मांतरण को विनियमित करने वाला देश का 10वां राज्य बन जाएगा। इससे पहले झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और राजस्थान ऐसे कानून बना चुके हैं। बच्चे के धर्म और अधिकारों से जुड़ा अहम नियम यह इस विधेयक का सबसे अनूठा पहलू है, जो इसे अन्य राज्यों के कानूनों से अलग बनाता है। बच्चे का धर्म: यदि कोई विवाह अवैध धर्मांतरण के माध्यम से हुआ है, तो उस विवाह से पैदा होने वाले बच्चे का धर्म वही माना जाएगा जो विवाह से पहले उसकी मां का धर्म था। उत्तराधिकार और भरण-पोषण: धर्म के निर्धारण के बावजूद, बच्चे को दोनों माता-पिता की संपत्ति में कानूनी रूप से उत्तराधिकार का अधिकार होगा। इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के तहत बच्चा भरण-पोषण का भी हकदार होगा। कस्टडी: जब तक अदालत कोई अन्य निर्देश न दे, बच्चे की कस्टडी मां के पास ही रहेगी। धर्मांतरण के लिए तय की गई कानूनी प्रक्रिया इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, धर्म बदलने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति को अब एक सख्त प्रक्रिया से गुजरना होगा। धर्म बदलने से कम से कम 60 दिन पहले जिलाधिकारी को लिखित नोटिस देना होगा। इसमें उम्र, पेशा, वर्तमान धर्म और अपनाए जाने वाले धर्म की जानकारी देनी होगी। नोटिस मिलने के बाद जिलाधिकारी या पुलिस यह जांच करेगी कि यह धर्मांतरण स्वेच्छा से हो रहा है या किसी दबाव/धोखे से। धर्मांतरण के बाद, धर्म बदलने वाले व्यक्ति और समारोह आयोजित करने वाली संस्था दोनों को 60 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को एक घोषणा पत्र सौंपना होगा। ऐसा न करने पर धर्मांतरण अमान्य माना जा सकता है। 'अवैध' धर्मांतरण और 'प्रलोभन' की नई और व्यापक परिभाषा विधेयक में प्रलोभन, धोखा, जबरदस्ती या शादी का झांसा देकर किए गए धर्मांतरण को अवैध माना गया है। इसकी परिभाषाओं का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। इसमें अब केवल पैसा, नौकरी, मुफ्त शिक्षा या दैवीय चमत्कार ही शामिल नहीं हैं, बल्कि एक धर्म को दूसरे से श्रेष्ठ बताना या दूसरे धर्म के रीति-रिवाजों को बुरा साबित करना भी 'प्रलोभन' के दायरे में आएगा। इसमें दैवीय नाराजगी का डर दिखाना, सामाजिक बहिष्कार, जान-माल की धमकी, या किसी भी तरह का शारीरिक और मानसिक दबाव शामिल है। अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर या धोखा देकर शादी करना अवैध होगा। केवल धर्मांतरण के लिए की गई शादी को अदालत शून्य घोषित कर सकती है। सजा और जुर्माने के सख्त प्रावधान यह अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा, जिसकी जांच सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के रैंक का अधिकारी करेगा। सामान्य मामले: 7 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना। कमजोर वर्ग (महिला, नाबालिग, SC/ST): अगर धर्मांतरण इनका किया जाता है, तो जुर्माना बढ़कर 5 लाख रुपये हो जाएगा। सामूहिक धर्मांतरण: दो या अधिक लोगों का एक साथ धर्मांतरण कराने पर 7 साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना। बार-बार अपराध करने पर 10 साल तक की जेल और 7 लाख रुपये तक का जुर्माना। अगर कोई संस्था इसमें शामिल पाई जाती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और उसकी सरकारी फंडिंग रोकी जा सकती है। शिकायत कौन कर सकता है? धर्म बदलने वाला व्यक्ति खुद, उसके माता-पिता, भाई-बहन, या खून, शादी या गोद लेने से जुड़ा कोई भी रिश्तेदार एफआईआर (FIR) दर्ज करा सकता है। पुलिस इस मामले में स्वतः संज्ञान भी ले सकती है। यह साबित करने की जिम्मेदारी कि धर्मांतरण बिना किसी दबाव या लालच के स्वेच्छा से हुआ है, उस व्यक्ति या संस्था पर होगी जिसने धर्मांतरण कराया है। पीड़ित लोगों के पुनर्वास और उनकी सुरक्षा के लिए भी विधेयक में प्रावधान किए गए हैं।

मध्यप्रदेश में IPS तबादलों की प्रक्रिया शुरू, इन जिलों के SP के नाम तय

भोपाल मध्यप्रदेश में आईपीएस  (IPS) अफसरों के तबादला सूची तैयार है और कभी भी ये ऐलान हो सकता है। सूची त्यौहारी सीजन के कारण अटकी थी लेकिन अब कभी भी घोषणा हो सकती है। त्यौहारी सीजन के कारण गृह विभाग की तरफ से इस सूची को होल्ड पर रखी थी। तबादला सूची में सबसे ज्यादा फायदा 2020 बैच के पांच आईपीएस अफसरों को होगा, जिन्हें जिलों में एसपी पद की कमान सौंपी जाएगी। क्योंकि अब तक 2019 बैच के आईपीएस भी जिलों में एसपी पद पर आ चुके हैं। इसके अलावा कोर्ट के आदेश से प्रमोटी आईपीएस बने अधिकारी भी जिले के एसपी बन सकते हैं। हट सकते हैं इन जिलों के एसपी वहीं इस प्रस्तावित सूची के अनुसार लगभग 20 जिलों में नए एसपी की पदस्थापना होगी। शाजापुर के एसपी यशपाल सिंह राजपूत, शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर, डिंडौरी एसपी वाहिनी सिंह, मंडला एसपी रजत सकलेचा, छतरपुर एसपी अगम जैन, बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार, निवाड़ी एसपी राय सिंह नरवरिया, नीमच एसपी अंकित जायसवाल, दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता, आगर मालवा एसपी विनोद कुमार सिंह, ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह, उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा और जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय को भी बदला जा सकता है। इनमें से छोटे जिलों के एसपी को बड़े जिलों की कमान सौंपी जा सकती है। इसके अलावा खंडवा एसपी मनोज राय, एसपी रेल भोपाल राहुल लोढा, एसपी रेल जबलपुर सिमाला प्रसाद, एसपी भिंड असित यादव, और एसपी धार मयंक अवस्थी डीआईजी बन चुके हैं, लिहाजा उन्हें भी बदला जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, डीसीपी भोपाल विवेक सिंह, डीसीपी इंदौर कुमार प्रतीक और एसपी झाबुआ डॉ शिवदयाल भी इस साल एक जनवरी को डीआईजी बन चुके हैं और इन्हें भी नई पोस्टिंग मिलना तय है, ऐसे में इन जिलों में नए एसपी की तैनाती होगी। 

राज्य सरकार ने दी मंजूरी, आलोक नागर और राजेश भट्ट बनेंगे सूचना आयुक्त

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार राज्य सूचना आयोग में दो नए सूचना आयुक्त नियुक्त करने जा रही है। सरकार ने पूर्व रजिस्ट्रार (फर्म एवं सोसायटी) आलोक नागर और आकाशवाणी के पूर्व कार्यक्रम प्रभारी राजेश भट्ट को सूचना आयुक्त बनाने का निर्णय लिया है। इन दोनों नामों को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई है। सूत्रों के अनुसार इन नियुक्तियों का फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच हुई बैठक में लिया गया। बैठक में दोनों नामों पर सहमति बनने के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया गया। राज्य सरकार ने  तीन सूचना आयुक्तों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, हालांकि फिलहाल केवल दो पदों पर नियुक्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि तीसरे पद को लेकर फिलहाल निर्णय नहीं लिया गया। इसलिए फिलहाल दो ही नियुक्तियां की जा रही हैं।  वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा आयोग में तीन सूचना आयुक्त कार्यरत हैं। सरकार मुख्य सूचना आयुक्त के पद के साथ आयोग में छह अन्य पदों को भरने की तैयारी कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत इन नियुक्तियों को आगे बढ़ाया गया है। इस बार सरकार ने सूचना आयुक्त के रूप में किसी पूर्व प्रशासनिक अधिकारी या पत्रकार को नियुक्त नहीं किया है। आलोक नगर और राजेश भट्ट के पदभार ग्रहण करने के बाद आयोग में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। 

BCCI का बड़ा ऐलान, राहुल द्रविड़, शुभमन गिल और स्मृति मंधाना को मिलेंगे कौन से अवॉर्ड?

मुंबई  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने सालाना अवॉर्ड की घोषणा कर दी है। Naman Awards 2026 में इस साल पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ समेत भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल, महिला टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना और पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के साथ-साथ कई खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। BCCI, प्रतिष्ठित 'नमन अवॉर्ड्स 2026' में भारतीय क्रिकेट के हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन का जश्न मनाएगा। यह समारोह रविवार, 15 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह वार्षिक समारोह अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और आयु-वर्ग क्रिकेट में असाधारण प्रदर्शनों और लंबे समय तक दिए गए योगदानों को मान्यता देता है, और साथ ही उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है जिनके काम ने देश में इस खेल के विकास और कद को आकार दिया है। इस साल के समारोह में,  रोजर बिन्नी और श्री राहुल द्रविड़ को 'कर्नल सी. के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित किया जाएगा। यह BCCI का सर्वोच्च सम्मान है, जो भारतीय क्रिकेट में दी गई उत्कृष्ट सेवाओं को मान्यता देता है। वहीं मिताली राज को 'BCCI लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड फॉर विमेन' प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान भारत में महिला क्रिकेट के विकास और वैश्विक स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देता है। नमन अवॉर्ड्स 2024–25 सीजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और आयु-वर्ग क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन को भी सम्मानित करेंगे। भारत के टेस्ट और ODI कप्तान शुभमन गिल को 2024–25 सीजन के लिए 'सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर (पुरुष)' का पॉली उमरीगर अवॉर्ड दूसरी बार मिलेगा। स्मृति मंधाना को अपने करियर में पांचवीं बार 'सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर (महिला)' का अवॉर्ड मिलेगा। घरेलू खिलाड़ियों में, मुंबई की इरा जाधव को बल्ले से शानदार प्रदर्शन वाले सीज़न के बाद 'सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर (घरेलू)' के लिए जगमोहन डालमिया ट्रॉफी मिलेगी। हरियाणा की शेफाली वर्मा को 2024–25 सीजन के लिए 'सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर (सीनियर घरेलू एक दिवसीय)' के लिए जगमोहन डालमिया ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा। मुंबई के आयुष म्हात्रे को 2024–25 सीजन के लिए घरेलू लिमिटेड ओवर प्रतियोगिताओं में 'सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर' का लाला अमरनाथ अवॉर्ड मिलेगा, जबकि विदर्भ के हर्ष दुबे को 2024–25 सीजन के लिए रणजी ट्रॉफी में 'सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर' का लाला अमरनाथ अवॉर्ड मिलेगा। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को एक बार फिर BCCI घरेलू टूर्नामेंट्स में 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन' का अवॉर्ड मिलेगा, क्योंकि उन्होंने इस सीज़न में चार ट्रॉफियाँ जीतीं और दो में उपविजेता रहे। नमन अवार्ड्स 2026 का एक खास आकर्षण सभी पांच ICC ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीमों का सम्मान होगा। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार होगा। BCCI उन सभी टीमों को सम्मानित करेगा: सीनियर पुरुष टीम जिसने ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 और ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 जीता; सीनियर महिला टीम जिसने ICC महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 जीता; पुरुष अंडर-19 टीम जिसने ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 जीता; और महिला अंडर-19 टीम जिसने ICC अंडर-19 विश्व कप 2025 जीता। यह विशेष सम्मान वैश्विक मंच पर भारतीय क्रिकेट की सफलता के एक असाधारण दौर का जश्न मनाता है। जगमोहन डालमिया ट्रॉफी: सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर (जूनियर) घरेलू 2024-25: इरा जाधव (मुंबई) जगमोहन डालमिया ट्रॉफी: सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर (सीनियर)घरेलू 2024-25 (सीनियर महिला वन डे)- शैफाली वर्मा (हरियाणा) जगमोहन डालमिया ट्रॉफी: 2024-25 में (अंडर16) विजय मर्चेंट ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज – एलीट ग्रुप: यशबर्धन सिंह चौहान (मध्य प्रदेश) जगमोहन डालमिया ट्रॉफी: (अंडर16) में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी 2024-25 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी – प्लेट ग्रुप: किशन सरकार (त्रिपुरा) जगमोहन डालमिया ट्रॉफी: 2024-25 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी (अंडर16) में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी – एलीट ग्रुप: शांतनु सिंह (उत्तर प्रदेश) जगमोहन डालमिया ट्रॉफी: सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी (अंडर16) 2024-25 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी – प्लेट ग्रुप: प्रीतम राज (बिहार) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: 2024-25 में (U19) कूच बिहार ट्रॉफी में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी – एलीट ग्रुप: हेमचुदेशन J (तमिलनाडु) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: 2024-25 में (U19) कूच बिहार ट्रॉफी में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी – प्लेट ग्रुप: अर्काजित रॉय (त्रिपुरा) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: 2024-25 में (U19) कूच बिहार ट्रॉफी में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी – एलीट ग्रुप: नित्या J पांड्या (बड़ौदा) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: 2024-25 में (U19) कूच बिहार ट्रॉफी में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी – प्लेट ग्रुप: राघवन राममूर्ति (पुडुचेरी) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: 2024-25 में (U23) कर्नल C.K. नायडू ट्रॉफी में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी – एलीट ग्रुप: विक्की ओस्तवाल (महाराष्ट्र) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: 2024-25 में (U23) कर्नल C.K. नायडू ट्रॉफी में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी – प्लेट ग्रुप: दीपज्योति सैकिया (असम) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: 2024-25 में (U23) कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी – एलीट ग्रुप: मैकनील एच.एन. (कर्नाटक) M.A. चिदंबरम ट्रॉफी: (U23) में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी कर्नल C.K. नायडू ट्रॉफी 2024-25 – प्लेट ग्रुप: आर जशवंत श्रीराम (पुडुचेरी) माधवराव सिंधिया पुरस्कार: रणजी ट्रॉफी 2024-25 में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी – एलीट ग्रुप: हर्ष दुबे (विदर्भ) माधवराव सिंधिया पुरस्कार: रणजी ट्रॉफी 2024-25 में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी – प्लेट ग्रुप: सुचित J (नागालैंड) माधवराव सिंधिया पुरस्कार: रणजी ट्रॉफी 2024-25 में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी – एलीट ग्रुप: Y.V. राठौड़ (विदर्भ) माधवराव सिंधिया पुरस्कार: रणजी ट्रॉफी 2024-25 में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी – प्लेट ग्रुप: स्नेहल कौथंकर (गोवा) घरेलू लिमिटेड-ओवर्स प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंडर के लिए लाला अमरनाथ पुरस्कार, 2024-25: आयुष म्हात्रे (मुंबई) रणजी ट्रॉफी में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंडर के लिए लाला अमरनाथ पुरस्कार, 2024-25: हर्ष दुबे (विदर्भ) 2024-25 के BCCI घरेलू टूर्नामेंट्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन 2023-24 में घरेलू क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ अंपायर: उल्हास गांधे (विदर्भ C A) – वन डे इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट – 2024-25 – महिला: दीप्ति शर्मा वन डे इंटरनेशनल में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी – 2024-25 – महिला: स्मृति मंधाना 2024-25 में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण – महिला: एन श्री चरणी 2024-25 में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू – पुरुष: हर्षित राणा 2024-25 में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर – महिला: स्मृति मंधाना पॉली उमरीगर पुरस्कार – 2024-25 में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर – पुरुष: शुभमन गिल कर्नल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार: रोजर बिन्नी कर्नल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार: राहुल द्रविड़ BCCI लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार – … Read more

कैंसर मरीजों को मिली राहत, 2 लाख का जान बचाने वाला इंजेक्शन अब मिलेगा मुफ्त

इंदौर  कैंसर (Cancer) से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। शासकीय कैसर अस्पताल में आने वाले दिनों में महंगी कैंसर रोधी इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन (Immunotherapy Injection) पात्र मरीजों को इस दवा का उपयोग कई प्रकार के कैंसर के उपचार में होता है। बाजार में निजी क्लिनिक या अस्पताल से जब इन्हें लिखा जाता है तो 85 हजार से 1.70 लाख रुपए तक मरीज के परिजन को वहन करना पड़ते हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह आधुनिक इम्यूनोथेरेपी उपचार का हिस्सा है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती है। यह फेफड़ों, सिर-गर्दन, सर्वाइकल, त्वचा और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज में उपयोगी है। कई मामलों में मरीजों की जीवन अवधि बढ़ाने में भी सहायक पाया गया है। यह इंजेक्शन हर मरीज को नहीं दिया जाता। डॉक्टर मरीज की बायोप्सी, कैसर की स्टेज और अन्य टेस्ट देखकर तय करते हैं कि यह दवा मरीज के लिए फायदेमंद होगी या नहीं। 8 से 10 लाख तक के आते हैं इंजेक्शन डॉक्टरों का कहना है कि इस इंजेक्शन की कीमत निजी बाजार में प्रति डोज लाखों रुपए तक पहुंच जाती है और कई मामलों में इंजेक्शन पर ही 8 से 10 लाख रुपए से अधिक खर्च हो सकता है। अब शासकीय कैंसर अस्पताल में यह दवा पात्रता के आधार पर देने की तैयारी है। पूरे प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में यह उपलब्ध रहेगी। शासन के निर्णय के बाद अब सरकारी दवा खरीदी की लिस्ट में इन इंजेक्शन को शामिल किया जाएगा। इसके बाद सप्लाई को लेकर प्रक्रिया पूरी होगी। यह इंजेक्शन केवल डॉक्टर की निगरानी में अस्पताल में ही दिया जाता है। इन कैंसर में होता है उपयोगी     फेफड़ों का कैंसर     त्वचा का कैंसर     सिर और गर्दन का कैंसर     गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर     मूत्राशय का कैंसर     पेट का कैंसर     लिवर का कैंसर     किडनी का कैंसर सरकार से मिलने वाली है अनुमति कैंसर की कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने से रोकने के लिए इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन लगाया जाता है। सरकार की तरफ से अनुमति मिलने वाली है। अप्रेल में यह दवा खरीदी लिस्ट में शामिल करने की योजना है। इसके बाद शासकीय कैंसर अस्पताल में मरीज निःशुल्क लगा सकेंगे।- डॉ. ओपी गुर्जर, कैंसर विशेषज्ञ, शासकीय कैंसर अस्पताल इंदौर