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इफ्तार पार्टी पड़ी भारी: नाव पर बिरयानी खाने के बाद गंगा में हड्डी फेंकने पर 14 अरेस्ट

वाराणसी धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में गंगा की लहरों पर एक बेहद विवादास्पद मामला सामने आया है। पवित्र गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने और उसमें मांसाहार (चिकन बिरयानी) का सेवन कर उसके अवशेषों (हड्डियों) को गंगा में फेंकने के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।   भाजयुमो ने दी तहरीर, वीडियो से हुआ खुलासा इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में कुछ लोग गंगा के बीच नाव पर बैठकर इफ्तार करते और मांसाहार का सेवन करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो का संज्ञान लेते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने सोमवार रात कोतवाली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। तहरीर के साथ साक्ष्य के तौर पर वीडियो भी उपलब्ध कराया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने (धारा 295A व अन्य) और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। भाजयुमो नेता रजत जायसवाल का कहना है कि मां गंगा सनातन धर्म के करोड़ों अनुयायियों की आस्था का केंद्र हैं। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां गंगा जल के आचमन और पूजन के लिए आते हैं। ऐसे में गंगा की गोद में मांसाहार परोसना और उसकी हड्डियां पानी में फेंकना न केवल पर्यावरणीय अपराध है, बल्कि यह जानबूझकर हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कुत्सित प्रयास है। नाविक और बजड़ा मालिक पर भी गिरेगी गाज हिंदूवादी संगठनों ने इस घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। पुलिस ने न केवल बिरयानी खाने वाले 14 लोगों को दबोचा है, बल्कि उस नाव की भी पहचान कर ली गई है जिस पर यह आयोजन हुआ था। पुलिस अब नाव मालिक और उसके चालक के खिलाफ भी लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। संगठनों की मांग है कि नाविकों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे नावों पर किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि न होने दें जिससे काशी की गरिमा धूमिल हो। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार भाजयुमो नेता की तरफ से शिकायत मिली थी कि गंगा जी में नाव पर इफ्तार पार्टी हो रही है और चिकन बिरयानी का सेवन किया जा रहा है। इस बारे में इंस्टाग्राम पर वीडियो भी वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुुए तत्काल केस दर्ज किया गया। इसके बाद जगह जगह दबिश दी गई और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की कार्रवाई भी की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: महिलाओं को 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश, सरकार को मिला महत्वपूर्ण आदेश

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा कि तीन महीने और उससे अधिक उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली मांओं को मातृत्व अवकाश मिलेगा. साथ ही कोर्ट ने कहा कि पितृत्व अवकाश के लेकर सरकार फैसला करेगी. पहले के नियम के मुताबिक तीन महीने के बच्चे को गोद लेने पर 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलता था. शीर्ष कोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Social Security Code, 2020) की धारा 60(4) के उस प्रावधान को असंवैधानिक करार दिया, जिसमें गोद लेने वाली मां को मातृत्व लाभ केवल तभी देने की बात कही गई थी जब बच्चा तीन महीने से कम उम्र का हो. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गोद लेने वाली मां को बच्चे की उम्र की परवाह किए बिना 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने प्रावधान की व्याख्या करते हुए कहा कि जो महिला कानूनी रूप से किसी बच्चे को गोद लेती है या जो कमीशनिंग मदर है, उसे बच्चे को सौंपे जाने की तारीख से 12 सप्ताह तक मातृत्व लाभ का अधिकार होगा. इस फैसले को गोद लेने वाली माताओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें समानता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित होगा। जस्टिस जेबी पार्दीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि परिवार की परिभाषा केवल जैविक संबंधों के आधार पर ही तय नहीं की जा सकती. फैसले में जोर दिया गया कि गोद लेना परिवार बढ़ाने का उतना ही वैध तरीका है जितना जैविक तरीका. ऐसे में एक गोद दिए गए बच्चे का अधिकारी भी एक बायोलॉजिकल बच्चे जैसा है. जजों ने आगे कहा कि एक गोल लिए गए बच्चे को पालन पोषण में माता-पिता भावनात्मक रूप से उतना ही जड़े होते हैं जितना एक बॉयोलॉजिकल बच्चे को पालने में होता है. इसमें बच्चे की उम्र से कुछ भी लेना देना नहीं है।

नई दिल्ली में बस्तर की प्रसिद्ध मांदरी नृत्य की प्रस्तुति देंगे कलाकार

रायपुर  राज्य स्तरीय शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति लोक कला महोत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला कोण्डागांव जिले का लिंगो घोटुल मांदरी नृत्य दल अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन करेगा। यह दल नई दिल्ली में आयोजित भारत ट्राइब फेस्ट-2026 में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा।      उल्लेखनीय है कि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित राज्य स्तरीय शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति लोक कला महोत्सव में इस दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस उपलब्धि के लिए देश की राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु के हाथों दल को सम्मानित भी किया गया था।     कलेक्टर कोंडागांव मती पन्ना ने जिले के मांदरी नृत्य दल के कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कोण्डागांव जिले के लिए गर्व का विषय है कि यहां के लोक कलाकारों का दल राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कलाकार अपनी प्रस्तुति से बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति को देशभर में पहचान दिलाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और कोण्डागांव जिले का नाम रोशन करेंगे।  सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि भारत ट्राइब फेस्ट का आयोजन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज द्वारा 18 मार्च से 21 मार्च 2026 तक सुंदर नर्सरी, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित 7 राज्यों के कलाकार विभिन्न जनजातीय कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कोण्डागांव जिले के ग्राम राहटीपारा, बालेंगा के मांदरी नृत्य दल द्वारा किया जाएगा।  

Rajya Sabha Certificate मिला नीतीश कुमार को, संजय का दावा- अब बिहार को मिलेगी नई दिशा

पटना. बिहार में राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति साबित कर दी है। पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर गठबंधन ने राजनीतिक बढ़त को और मजबूत किया है। पहले से ही संख्या बल एनडीए के पक्ष में होने के कारण नतीजे लगभग तय माने जा रहे थे। इस जीत के साथ मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं। उन्हें निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha ने औपचारिक रूप से सौंपा। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। ‘गौरव का क्षण’ बताया संजय झा ने Sanjay Jha ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का पूरा राजनीतिक जीवन जनता की सेवा और बिहार के विकास को समर्पित रहा है। संजय झा के अनुसार, राज्यसभा में नीतीश कुमार की मौजूदगी से बिहार के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। साथ ही उनके अनुभव का लाभ राज्य सरकार को भी मिलता रहेगा। पहले श्रवण कुमार ने लिया था प्रमाण-पत्र इससे एक दिन पहले Shravan Kumar मुख्यमंत्री की ओर से प्रमाण-पत्र लेने पहुंचे थे। इसके बाद आज औपचारिक रूप से यह प्रमाण-पत्र सौंपा गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पूरी हो गई। विपक्ष पर भी साधा निशाना दिल्ली रवाना होने से पहले संजय झा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए को अपनी जीत पर शुरू से ही भरोसा था। जिन दलों के विधायक वोटिंग में नहीं पहुंचे, उन्हें अपने अंदर झांकने की जरूरत है। ‘संख्या बल में कोई चुनौती नहीं’ उन्होंने कहा कि एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत था और किसी तरह की परेशानी नहीं थी। कुछ दल अपने ही विधायकों को संभालने में लगे रहे, जिससे उनकी स्थिति और कमजोर नजर आई। आगे की राजनीति पर नजर इस जीत के बाद बिहार की राजनीति में एनडीए का मनोबल और बढ़ गया है। आने वाले समय में इसका असर राज्य की सियासी दिशा और फैसलों पर भी साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।

Chirag Yojana Haryana: स्कूलों से सीटें खाली, फिर भी छात्रों को नहीं मिला अलॉटमेंट

चंडीगढ़. चिराग योजना को लेकर शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों से खाली सीटों का ब्योरा तो मंगवा लिया लेकिन अब तक स्कूलों को सीटें अलॉट नहीं की गईं। इसके बावजूद 13 मार्च से योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जिससे अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने इसे शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही बताया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि विभाग ने 29 जनवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच चिराग योजना के तहत सहमति वाले निजी स्कूलों से खाली सीटों का विवरण मांगा था। स्कूलों ने विभाग की वेबसाइट पर अपनी खाली सीटों की जानकारी भी अपलोड कर दी, लेकिन अब तक शिक्षा निदेशालय ने संबंधित स्कूलों को सीटें आवंटित नहीं की हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने 13 मार्च से 30 मार्च तक आवेदन की तिथि निर्धारित कर दी है, लेकिन सीटें अलॉट न होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों के आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। कई अभिभावक स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन स्कूल भी असमंजस की स्थिति में हैं। कुंडू ने कहा कि जब किसी भी स्कूल को सीटें ही आवंटित नहीं की गईं, तो अभिभावक आवेदन किस स्कूल में करें। उन्होंने शिक्षा निदेशक से मांग की है कि जल्द से जल्द चिराग योजना के तहत संबंधित स्कूलों को सीटें अलॉट की जाएं।

महतारी वंदन योजना: हर किस्त के साथ बढ़ा भरोसा, महिलाओं की जिंदगी में आया बड़ा सकारात्मक बदलाव

रायपुर  छोटे-छोटे सहयोग से बड़े बदलाव की तस्वीर आज शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक देखने को मिल रही है।  कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम रमपुरा, सेक्टर गोछिया में रहने वाली मती भारती वैष्णव के जीवन में महतारी वंदन योजना ने नई उम्मीद और आत्मविश्वास लाया है। महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें अब तक 25 किस्तों के माध्यम से कुल 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। यह राशि उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं रही। पहले जहां घर के छोटे-छोटे खर्चों को संभालना चुनौतीपूर्ण था, वहीं अब योजना से मिली नियमित सहायता ने उनकी आर्थिक स्थिति को काफी हद तक स्थिर किया है। भारती वैष्णव बताती हैं कि इस राशि का सबसे बड़ा लाभ उनके बच्चों की पढ़ाई में मिल रहा है। अब वे बच्चों के लिए समय पर किताबें, कॉपी और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करा पा रही हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी हुई है और उनका भविष्य बेहतर दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही यह राशि घर के दैनिक खर्चों जैसे राशन, दवाई और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है। अब उन्हें छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। भारती वैष्णव ने शासन की इस योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है। यदि महिलाओं को समय पर सहयोग और अवसर मिले, तो वे न केवल अपने परिवार की स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

वो Gal Gadot, आप दाल गडोत!—प्रियंका चोपड़ा की तस्वीर पर इंटरनेट हुआ बेकाबू

लॉस एंजिल्स 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स समारोह में देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा का जलवा खूब रहा। यहां वो अपनी किसी फिल्म के लिए नहीं बल्कि अवॉर्ड देने पहुंची थीं। प्रियंका वो पहली भारतीय एक्ट्रेस बन चुकी हैं जिन्हें ऑस्कर जैसे ग्लोबल अवॉर्ड फंक्शन में अवॉर्ड प्रेजेंट करने का मौका मिला। उन्होंने जेवियर बार्डेम के साथ मिलकर बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का अवॉर्ड 'सेंटिमेंटल वैल्यू' को दिया। प्रियंका ने ऑस्कर्स के बाद की पार्टी की कुछ झलकियां भी शेयर की हैं जिनमें पियानो बजाते निक के पीछे उनके कंधे पर हाथ रखी दिख रही हैं। बता दें कि लॉस एंजिल्स के हॉलीवुड स्थित डॉल्बी थिएटर में 98वें ऑस्कर समारोह का आयोजन हुआ। इस साल ऑस्कर समारोह की मेजबानी लेट-नाइट होस्ट कॉनन ओ'ब्रायन ने की, जिन्होंने 2025 के शो को भी होस्ट किया था। इस अवॉर्ड समारोह को होस्ट करने से पहले की भी कई झलकियां प्रियंका चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस रात की कई झलकियों में प्रियंका और निक समारोह के रेड कार्पेट पर बेहद खूबसूरत दिख रहे थे। प्रियंका ने दिखाई अवॉर्ड शो से पहले की तैयारी प्रियंका ने इस ऑस्कर्स अवॉर्ड शो के लिए अपनी तैयारियों के कुछ खूबसूरत पल की झलकियां शेयर की हैं जिनमें वो सफेद गाउन में दिख रही हैं। उनके चारों तरफ मेकअप आर्टिस्ट और डिजाइनर उन्हें तैयार करते दिख रहे हैं। वहीं उनसके इर्द-गिर्द काफी सारे कैमरामैन भी दिख रहे हैं। निक जोनस पियानो बजाती दिख रहे हैं और पीछे दिख रहीं प्रियंका इसी के साथ प्रियंका ने कुछ और खूबसूरत झलकियां दिखाई हैं जो आफ्टर पार्टी की हैं। प्रियंका इन तस्वीरों में पति के साथ दिख रही हैं। एक तस्वीर में निक जोनस पियानो बजाते दिख रहे हैं और प्रियंका उनके कंधे पर हाथ रखी दिख रही हैं। इन तस्वीरों पर लोगों ने प्रियंका की जमकर तारीफ की है। जेवियर बार्डेम के साथ स्टेज पर पहुंची थीं प्रियंका चोपड़ा वहीं ऑस्कर्स के अवॉर्ड शो में ही प्रियंका स्टेज पर पहुंचीं और वैसी ही जेवियर बार्डेम ने माइक पर गरजते हुए कहा, 'युद्ध नहीं, फिलिस्तीन को आजाद करो।' प्रियंका ने भी सिर हिलाकर उनके बयान पर सहमति जताई। लॉस एंजिल्स के हॉलीवुड स्थित डॉल्बी थिएटर में 98वें ऑस्कर पुरस्कार समारोह का आयोजन हुआ। इस साल ऑस्कर समारोह की मेजबानी लेट-नाइट होस्ट कॉनन ओ'ब्रायन ने की, जिन्होंने 2025 के शो की भी मेजबानी की थी। लोगों ने कहा- ये Daal Gadot काफी सारे यूजर उनकी तुलना वंडर वुमन से करते हुए उनके लिए दाल गदोत लिख रहे हैं। एक ने लिखा, 'देखो, ये Daal Gadot की तरह दिख रही हैं! मुझे खेद है कि जेवियर ने आपको इतना असहज महसूस कराया। मुझे उम्मीद है कि वो फिर से ऐसा ही करेगा।' एक और ने कहा- वो Gal Gadot हैं आप Daal Gadot लग रहीं।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना की तिथियों का निर्धारण, 44 हजार जोड़े होंगे लाभान्वित

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना की तिथियों का निर्धारण,  44 हजार जोड़े हो सकेंगे लाभान्वित भोपाल  गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आयोजित किए जाने वाले मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया है। इनमें अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, देवउठनी ग्यारस (तुलसी विवाह) 20 नवंबर 2026, बसंत पंचमी 11 फरवरी 2027 तथा एक अन्य तिथि स्थानीय मांग और कलेक्टर के निर्णय अनुसार निर्धारित की जा सकती है। वर्ष 2026-27 में पक्ष 44 हजार से अधिक विवाह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पर राज्य सरकार 242 करोड़ से अधिक राशि व्यय करेगी। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाय योजना के प्रभावी व्यवस्थि और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजन के लिए विभाग द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने वाले जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में इन अवसरों पर 800 जोड़े यानिकी 44 हजार जोड़ों का विवाह संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51 हजार 899 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तथा 28 हजार 362 मुख्यमंत्री निकाह कराए गए हैं। इन हितग्राहियों से 321 करोड़ 41 लाख 58 हजार की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है। योजना में 49 हजार रूपये की राशि कन्या के बैंक खाते में तथा 6 हजार रूपये की राशि आयोजन समिति को कुल 55 हजार रूपये प्रति विवाह खर्च किया जाता है।  

अब कॉपी मूल्यांकन में नहीं चलेगा मोबाइल: बोर्ड का सख्त कदम, पारदर्शिता पर जोर

जगदलपुर. बोर्ड परीक्षा के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता पर जोर है। जगदलपुर के बस्तर हाईस्कूल में मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुरुआत से पहले शिक्षकों को नियमों और सावधानियों की विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। अब मूल्यांकन के दौरान मोबाइल और स्मार्ट गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। शिक्षकों को रोजाना कम से कम 40 उत्तर पुस्तिकाएं जांचना अनिवार्य किया गया है। दो पालियों में मूल्यांकन होगा, बीच में आधे घंटे का ब्रेक मिलेगा। पहले दिन शिक्षकों को 5-5 कॉपियों से प्रक्रिया की शुरुआत कराई गई। करीब 1.25 लाख कॉपियों का मूल्यांकन 9 अप्रैल तक पूरा करना लक्ष्य है। पहली खेप में 65 हजार कॉपियां स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं। बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी सख्ती से रोक लगाई गई है। इस बार शिक्षकों की ड्यूटी रद्द करने का अधिकार स्थानीय स्तर पर नहीं है। प्रशासन का फोकस—समयबद्ध और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। टैलेंट हंट आयोजित जगदलपुर. बस्तर की प्रतिभाएं अब स्थानीय मंच तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इसी सोच के साथ शिक्षा प्रकाश पुंज संस्थान ने टैलेंट हंट आयोजित किया। गायन, नृत्य, मॉडलिंग और अभिनय में युवाओं ने दमदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभाओं का आकलन किया। आत्मविश्वास और प्रस्तुति के आधार पर 40 से ज्यादा युवाओं का चयन हुआ। इन चयनित प्रतिभाओं को अब मुंबई में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। संस्थान ने सिर्फ मंच ही नहीं, बल्कि आगे की मार्गदर्शन व्यवस्था भी की है। संस्थान प्रमुख ने कहा—बस्तर में प्रतिभा की कमी नहीं, मंच की जरूरत है। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और कला क्षेत्र के 80 लोगों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने युवाओं में नई उम्मीद और दिशा दोनों जगाई है। विजेताओं में मिस बस्तर, मिस्टर जगदलपुर सहित कई प्रतिभाएं शामिल रहीं। बस्तर के युवाओं का यह आत्मविश्वास अब बड़े मंच पर नजर आएगा।

नक्सल कनेक्शन का सुराग: मंगेश के ठिकाने से मिला पत्र, सरेंडर को लेकर उठे सवाल

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी. जिले के औंधी थाना क्षेत्र में महाराष्ट्र और बस्तर की सीमा से लगे ग्राम कोहकाटोला के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। जवानों के पहुंचने की भनक लगते ही नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि सर्चिंग के दौरान पुलिस को नक्सल ठिकाने से हथियार, गोला-बारूद और नक्सली मंगेश द्वारा अपने शीर्ष नेता को लिखा गया एक पत्र भी बरामद किया गया है। जानकारी के मुताबिक, घटना बीते रविवार शाम की बताई जा रही है। ऑपरेशन के बाद सोमवार को पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने प्रेस वार्ता में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीआरजी, सीएएफ और औंधी थाना पुलिस की संयुक्त टीम नक्सल ठिकाने पर दबिश देने निकली थी, जबकि बस्तर के कांकेर जिले से भी बैकअप लगाया गया था। इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखकर जब जवानों ने घेराबंदी की, तो सिविल ड्रेस में मौजूद नक्सली भागने लगे। जवानों ने पीछा किया, लेकिन घने जंगल का फायदा उठाकर वे बच निकले। मंगेश के ठिकाने से मिला हथियार और पत्र सर्चिंग के दौरान पुलिस ने नक्सल ठिकाने से एक इंसास राइफल, 15 जिंदा कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की। जानकारी के अनुसार, यह राइफल वर्ष 2010 में कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल थाना क्षेत्र के भुस्की गांव से पुलिस से लूटी गई थी, जिसे महिला नक्सली हिड़मे के पास रखा गया था। पुलिस के मुताबिक मौके पर एसीएम स्तर के तीन नक्सली मंगेश, उसकी पत्नी हिड़मे और एक अन्य महिला नक्सली राजे मौजूद थे। उनकी तस्वीरें पुलिस के पास उपलब्ध है और जवानों ने भागते समय उनकी पहचान भी की है। सबसे अहम बरामदगी मंगेश द्वारा अपने शीर्ष नक्सली नेतृत्व को लिखा गया एक पत्र है। इस पत्र में उसने आत्मसमर्पण को लेकर दिशा-निर्देश मांगे हैं। पत्र में लिखा गया है कि “सभी साथी आत्मसमर्पण कर रहे हैं, हमारे लिए क्या आदेश है?” इससे नक्सली संगठन के भीतर बढ़ते दबाव और असमंजस के संकेत मिल रहे हैं। इलाके में गिने-चुने नक्सली बचे पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मोहला-मानपुर क्षेत्र में अब केवल 6 सक्रिय नक्सली ही शेष बचे हैं। उन्होंने शेष नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है। पूर्व में मारे जा चुके स्पेशल जोनल कमेटी के नक्सली विजय रेड्डी के बाद आरकेबी डिवीजन लगभग कमजोर पड़ चुका है, लेकिन हिड़मे, राजे और अन्य कुछ नक्सलियों की मौजूदगी की सूचनाएं समय-समय पर मिलती रही हैं। नक्सल मुक्त होने पर सवाल गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय डेडलाइन में अब करीब एक पखवाड़ा ही बचा है। इसके बावजूद मोहला-मानपुर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई हैं। पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन न तो सभी नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और न ही गिरफ्तार हो पा रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या तय समय सीमा में यह इलाका पूरी तरह नक्सल मुक्त हो पाएगा।