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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग और डिजिटल लॉक से हुई दुर्घटना के संबंध में मीडिया से की चर्चा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को व्यवस्थित जांच के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल से अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी इंदौर रवाना किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना से बदलती तकनीक और उसके उपयोग के परिणामस्वरूप नई प्रकार की चुनौती सामने आयी है। ऐसी घटनाओं को रोकने और जागरूकता की दिशा में राज्य सरकार कार्य करेगी। हमारी कोशिश होगी कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल लॉक जैसी सुविधाओं का उपयोग हमारी आवश्यकता है, लेकिन ऐसी सुविधाओं से मानव जीवन भी कष्ट में आता है। इन उपकरणों के उपयोग में विशेष सतर्कता और सावधानी जरूरी है। इस संबंध में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर भी सजग रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार होमगार्ड लाइन में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में व्यक्त किए।  

बीच समंदर बदला रास्ता: रूस का तेल लेकर आ रहा जहाज अब भारत पहुंचेगा, जानें वजह

रूस दुनियाभर में ईंधन आपूर्ति को लेकर मचे हाहाकार के बीच रूसी तेल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक एक रूसी तेल से भरा टैंकर, जो चीन की तरफ बढ़ रहा था, दक्षिण चीन सागर में अपना रास्ता बदलकर अब तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है। ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक 'एक्वा टाइटन' 21 मार्च को न्यू मैंगलोर तट पर पहुंचने वाला है। यह टैंकर अपने साथ 'यूराल' तेल का कार्गो ला रहा है, जिसे जनवरी के आखिर में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से लोड किया गया था। जानकारी के मुताबिक यह जहाज शुरुआत में चीन के रिझाओ पोर्ट की तरफ जा रहा था। लेकिन हाल ही में इसने अपनी मंजिल बदल ली। वहीं 'वॉर्टेक्सा लिमिटेड' के मुताबिक रूस से तेल ले जा रहे कम से कम सात टैंकर ने सफर के बीच में ही चीन की बजाय भारत की ओर मुड़ गए हैं। इसके अलावा ट्रैकिंग डेटा से यह भी पता चला है कि 'स्वेज़मैक्स ज़ूज़ू एन.' जहाज ने भारत के सिक्का बंदरगाह को अपनी अगली मंजिल बताया है और यह 25 मार्च को यहां पहुंच सकता है। यह टैंकर कजाखस्तान का कच्चा तेल ले जा रहा है। होर्मुज प्रभावी रूप से बंद यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद सबसे अहम जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावी रूप से बंद हो गया है। अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान से इस रास्ते से जहाजों को ना गुजरने की धमकी दी है। बता दें कि इस रास्ते से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 से 25 फीसदी हिस्सा गुजरता है। रिफाइनर हुए सक्रिय जानकारी के मुताबिक यह मार्ग बाधित होने और अमेरिका द्वारा रूसी तेल खरीदने की ‘छूट’ मिलने के बाद भारत के सभी प्रमुख रिफाइनर रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए सक्रिय हो गए हैं। भारतीय रिफाइनरियों ने बीते कुछ दिनों में रूस से करीब 30 मिलियन बैरल तेल खरीदा है। इससे पहले भारत ने स्पष्ट किया है कि वह ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अन्य स्रोतों के विकल्प भी तलाश रहा है और देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।  

2017 के पहले प्रदेश में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और अव्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज वही प्रदेश विकास, सुशासन और विश्वास का नया मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों ने युवाओं, किसानों और आम जनता को निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया। पहले भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नौकरी निकलते ही महाभारत के सारे रिश्ते वसूली के लिए निकल पड़ते थे,” जिससे प्रतिभाशाली युवा हताश होकर या तो पलायन करते थे या खुद को कोसने पर मजबूर होते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत लाखों युवाओं को रोजगार देने का काम किया है। सीएम ने विपक्ष पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जाति और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जिससे प्रदेश का समग्र विकास बाधित हुआ। हमारी सरकार ने 25 करोड़ जनता को एक परिवार मानकर कार्य किया और दलितों, वंचितों, अति पिछड़ों व गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया। धार्मिक आस्था के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम और भारतीय परंपराओं को “अंधविश्वास” बताते थे, आज वही अयोध्या और काशी के विकास को देख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था का सम्मान ही उत्तर प्रदेश की पहचान है और सरकार ने इसे पुनर्स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल समस्याओं को चिह्नित नहीं किया, बल्कि उन्हें समाप्त कर प्रदेश को “बॉटलनेक” की स्थिति से निकालकर “ब्रेकथ्रू” की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी तरह के सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में और मजबूत होकर उभरेगा।

नगर और गाँव की जनता की सहभागिता से बनेगा जन-आंदोलन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, 19 मार्च, गुड़ी पड़वा (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के दिन इंदौर के इस्कॉन मंदिर से तीसरे "जल गंगा संवर्धन अभियान" का शुभारंभ करेंगे। इंदौर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। इस दिन प्रदेश के सभी जिलों, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी जल स्रोतों या नदियों के समीप कार्यक्रम आयोजित कर अभियान की शुरुआत की जाएगी। साढ़े तीन माह तक चलने वाले इस प्रदेशव्यापी महाअभियान का समापन 30 जून को होगा। इसमें 18 विभाग शामिल होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का नोडल विभाग होगा, जबकि नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग सह-नोडल विभाग रहेगा। अभियान के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हर जिले में प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में होगा क्रियान्वयन जल गंगा संवर्धन अभियान का क्रियान्वयन संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में किया जाएगा। कलेक्टर जिलों में अभियान के नोडल अधिकारी होंगे। उनकी अध्यक्षता में जिला जल गंगा संवर्धन अभियान समिति कार्य योजना तैयार कर मॉनिटरिंग करेगी। इस समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत-समन्वयक और सभी सहभागी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सदस्य होंगे। स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों, कृषि-अभियांत्रिकी शिक्षण व शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों, जिले के प्रतिष्ठित संत व महात्माओं और जिले के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को इस समिति में नामांकित किया जा सकेगा। विकास खंड स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नोडल अधिकारी होंगे। उनके नेतृत्व में विकास खंड जल गंगा संवर्धन अभियान समिति कार्यों की निगरानी करेगी। इस समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत-समन्वयक और सहभागी विभागों के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी सदस्य होंगे। जल संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 4–5 सरपंच तथा विकास खण्ड के प्रतिष्ठित व्यक्ति इस समिति में आमंत्रित किए जा सकेंगे। ये विभाग अभियान में होंगे शामिल जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं आवास, वन, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, राजस्व, संस्कृति, जन अभियान परिषद और जनसंपर्क विभाग शामिल हैं। विभागवार होने वाले प्रमुख कार्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2025 में जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा अंतर्गत प्रारंभ किए गए 86,360 खेत तालाब, 553 अमृत सरोवर, 1.5 लाख डगवेल रिचार्ज में से प्रचलित कार्यों को पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वॉटरशेड विकास 2.0 के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के 2200 कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा। मनरेगा अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वॉटरशेड विकास 1.0 की परियोजनाओं में निर्मित किए गए चेक डेम तथा स्टापडेम की मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। माँ नर्मदा परिक्रमा पथ, गंगोत्री हरित परियोजना और एक बगिया मां के नाम परियोजना के अंतर्गतविगत वर्ष किए गए पौधरोपण के गैप फिलिंग के लिए आवश्यक तैयारी की जाएगी। पूर्व निर्मित जल संग्रहण संरचनाओं जैसे तालाब, चेकडेम और स्टॉपडेम से जनसहयोग से गाद निकालने का कार्य किया जाएगा। निकाली गई मिट्टी/गाद स्थानीय किसानों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण में इस वर्ष और भी व्यापक लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके लिए विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं। सरकार ने इस वर्ष करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से जल संवर्धन और संचयन से जुड़े निर्माण एवं वर्तमान जल संरचनाओं के विकास-विस्तार कार्य कराने का संकल्प किया है। इस वर्ष जिन प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, उनमें नए तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, कुएं और बावड़ियों की मरम्मत, नहरों का निर्माण और सुधार, सूखी नदियों का पुनर्जीवन तथा भू-जल पुनर्भरण के लिए संरचनाओं का निर्माण शामिल हैं। इन सभी कार्यों का उद्देश्य प्रदेश में वर्षा जल का अधिकतम संचयन करना और जल स्रोतों को स्थायी बनाना है। 10 हजार से अधिक चेक डैम्स और स्टॉप डैम्स के संधारण पर रहेगा जोर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश के 10 हजार से अधिक चेक डैम और स्टॉप डैम के समुचित संधारण का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कई छोटे-बड़े बांधों के गेटों की मरम्मत और जल संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण कार्य भी किया जाएगा। इन संरचनाओं से वर्षा जल के संचयन को रोककर जमीन में पुनर्भरण का प्रयास रहेगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी और सिंचाई के लिए अधिक पानी उपलब्ध हो सकेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग होगा नोडल जल गंगा संवर्धन अभियान के प्रभावी संचालन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। वहीं नगरीय विकास एवं आवास विभाग को सह-नोडल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इनके मार्गदर्शन में राज्य शासन के 16 से अधिक विभाग मिलकर इस अभियान को सफल बनाएंगे। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से समय-सीमा में क्रियान्वित करेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों को उनकी विशेषज्ञता के आधार पर विशिष्ट जिम्मेदारियां दी गई हैं। मनरेगा में करेंगे खेत तालाब और अमृत सरोवर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत शुरू किए गए खेत तालाब, अमृत सरोवर और डगवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को पूरा कराया जाएगा। इस दौरान नए काम भी प्रारंभ किए जाएंगे। अमृत 2.0 के तहत शहरों में होंगे जल संरक्षण के काम नगरीय विकास एवं आवास विभाग शहरों में अमृत 2.0 योजना के तहत जल संरक्षण संरचनाओं के जीर्णोद्धार और नए कार्यों को शुरू करेगा। वन विभाग करेगा भू-जल संवर्धन के कार्य वन विभाग द्वारा इस अभियान के दौरान लगभग 1.30 लाख हैक्टेयर भू-रकबे में भू-जल संवर्धन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इनमें बोल्डर चेक डैम, ब्रशवुड चेक डैम, परकोलेशन पिट्स और कंटूर ट्रेंच निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। जल संसाधन विभाग की बड़ी भूमिका जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा लघु सिंचाई परियोजनाओं के तालाबों के पाल (बंड) की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। नहरों की साफ सफाई और टेल-एण्ड तक पानी पहुंचाने के लिए फील्ड स्टॉफ को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। पेयजल गुणवत्ता परीक्षण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केन्द्रों के पेयजल स्रोतों … Read more

मुर्मु के स्वागत को तैयार वृंदावन, गोवर्धन में सुरक्षा कड़ी, दौड़-भाग में प्रशासन

वृंदावन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार की शाम वृंदावन आ रही हैं। राष्ट्रपति अपनी धार्मिक यात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर से करेंगी तो अंतिम दिन गिरिराजजी की सात कोसीय परिक्रमा करने के साथ दौरा संपन्न होगा। राष्ट्रपति वृंदावन के विभिन्न आश्रम, मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचेंगी। ऐसे में राष्ट्रपति जिस रूट से गुजरेंगी, वहां तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। स्वागत के लिए वृंदावन को सजाया जा रहा है। तीन दिन के प्रवास पर गुरुवार को वृंदावन आएंगी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु राष्ट्रपति 19 मार्च गुरुवार की शाम करीब पांच बजे वृंदावन पहुंचेंगी। यहां होटल रेडिशन में पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले साढ़े छह बजे इस्कॉन मंदिर से अपनी धार्मिक यात्रा शुरू करेंगी। राष्ट्रपति का दौरा प्रेममंदिर, नीबकरौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम का भी रहेगा। दीवारों पर रंग और रोगन के साथ चित्रकारी सभी कार्यक्रम स्थलों तक साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की कमान नगर निगम ने संभाली है। दीवारों पर रंग और रोगन करने के साथ चित्रकारी हो रही है। डिवाइडरों पर रंग लगाने के साथ जीर्ण-शीर्ण पड़े फुटपाथों पर नई टाइलें बिछाई जा रही हैं। तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे अधिकारी राष्ट्रपति जहां भी कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी। यहां की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआइजी शैलेष कुमार पांडेय, डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार ने वृंदावन का दौरा किया। जहां-जहां राष्ट्रपति जाएंगी, वहां व्यवस्थाएं देखीं। राष्ट्रपति आगमन से पहले गोवर्धन में हाई अलर्ट, अफसरों ने संभाली कमान गोवर्धन। गोवर्धन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त, एडीजी, डीएम समेत आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंडलायुक्त, एडीजी, डीआइजी व डीएम, एसएसपी ने दानघाटी मंदिर में तैयारी देखी। फिर गोल्फ कार्ट से परिक्रमा मार्ग का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था देखी।

मिसिर बेसरा को मुख्यधारा में लाने की कवायद तेज: पुलिस की घर तक पहुंच, क्या परिजनों की अपील करेगी असर?

जगदलपुर कुख्यात नक्सली हिड़मा के सरेंडर के लिए अपनाई गई रणनीति को 1 करोड़ के बड़े इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के लिए भी झारखंड पुलिस इस्तेमाल कर रही है. झारखंड पुलिस ने पोलित ब्यूरो मेंबर बेसरा को मुख्यधारा में लाने के लिए उसके परिजनों से मुलाकात की. पुलिस ने परिजनों से अपील की कि वे मिसिर बेसरा को समझाएं और हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करें. दरअसल माओवादी संगठन अब अपने सबसे कमजोर दौर में बताया जा रहा है. जहां कभी कई पोलित ब्यूरो मेंबर सक्रिय थे, अब महज दो ही बड़े चेहरे बचे हैं. एक ओर तेलंगाना पुलिस गणपति के आत्मसमर्पण की कोशिशों में जुटी है, तो दूसरी तरफ झारखंड पुलिस मिसिर बेसरा को लेकर लगातार दबाव और संवाद दोनों रणनीतियों पर काम कर रही है. खास बात ये है कि सरकार द्वारा तय डेडलाइन अब करीब है. इसी के चलते छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना तीनों राज्यों की पुलिस बड़े माओवादी कैडर को सरेंडर कराने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है. हिड़मा स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल बता दें कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कुख्यात नक्सली हिड़मा को मुख्याधारा में वापल लाने के लिए सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के अतिसंवेदनशील पूर्वर्ती गांव पहुंचे थे. जहां उन्होंने गांव में जनचौपाल का आयोजन किया. इस चौपाल में सभी ग्रामवासी और पूर्वर्ती से संबंध रखने वाले नक्सल नेता माड़वी हिड़मा और बारसे देवा के परिजन भी शामिल हुए. इसमें माड़वी हिड़मा की माता माड़वी पुंजी और बारसे देवा की माता बारसे सिंगे भी शामिल थीं. नक्सली हिडमा और देवा की मां से मुलाकात कर उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अपने बेटों से कहो की दोनों हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं. क्या परिवार की भावुक अपील आएगी काम ? अब देखना होगा कि परिवार की यह अपील बंदूक की आवाज को कितना दबा पाती है. क्या जंगल से निकलकर मुख्यधारा की राह सच में आसान हो पाती है या फिर यह कोशिश भी एक लंबी लड़ाई का हिस्सा बनकर रह जाएगी.

आंधी-बारिश का असर: दिल्ली-NCR में ट्रैफिक प्रभावित, रेवाड़ी में गिरे ओले

नई दिल्ली दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम सहित एनसीआर क्षेत्र में बुधवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी और गरज के साथ बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। जानकारी के मुताबिक, 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल रही है और बिजली कड़क रही है। इससे सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए और मेट्रो भी लेट चल रही है।  इससे शाम को दफ्तर से घर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   रेवाड़ी शहर में तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई।  पूर्वी दिल्ली की पटपड़गंज रोड पर लक्ष्मी मार्केट के पास होती वर्षा। गुरुग्राम में सुबह कोहरा, शाम को धूलभरी हवा के साथ हुई बूंदाबांदी साइबर सिटी में बुधवार को मौसम ने दिनभर कई रंग बदले। हवा में नमी के कारण सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता पर मामूली असर पड़ा और लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, दोपहर तक आसमान में बादल छाने लगे, हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकलती रही। बदलते मौसम के बीच अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस रहा। पूरे जिले में मौसम बदल गया। कहीं पर बूंदाबांदी तो कहीं पर तेज हवा चलने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई। इन दिनों खेतों में फसल कटाई का सीजन है। शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 6:30 बजे तेज धूलभरी हवा चलने लगी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक और बढ़ गई। दिनभर की गर्माहट के बाद आई इस बूंदाबांदी ने मौसम को सुहावना बना दिया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह और शाम के समय हल्की बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवा की संभावना है।  इसके चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा मौसम ठंडा बना रह सकता है। मौसम के इस बदलाव ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज हवाओं और धूलभरी आंधी ने कुछ देर के लिए जनजीवन को प्रभावित भी किया। बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहाना हो गया और लोगों ने राहत महसूस की।  

एक दिन में बड़ा उलटफेर: कांग्रेस से इस्तीफा देकर BJP में आए प्रद्युत बोरदोलोई, हिमंता के बयान ने दिए संकेत

दिसपुर असम की राजनीति में चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने एक दिन बाद यानी आज (बुधवार को) राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के आमंत्रण पर पार्टी में शामिल कराया गया है। बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य इकाई केंद्रीय नेतृत्व से सिफारिश करेगी कि बोरदोलोई को आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आत्मसम्मान रखने वाला कोई भी व्यक्ति वहां नहीं रह सकता। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भाजपा आगे भी कांग्रेस के नेताओं को अपने साथ जोड़ने का प्रयास करेगी। उन्होंने दूसरा बड़ा संकेत देते हुए कहा, “स्वाभिमान वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कांग्रेस पार्टी में बने रहने का कोई कारण नहीं है। हमारा लक्ष्य और भी कांग्रेस नेताओं को पार्टी में लाना है।”   कांग्रेस की प्रतिक्रिया दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को बोरदोलोई के इस्तीफे को "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा कि वह एक सीट पर टिकट को लेकर नाराज थे। प्रियंका ने कहा कि इस्तीफे से पहले उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती थी कि इस्तीफ़ा देने से पहले उन्हें बोरदोलोई से बात करने का मौका मिलता। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में इस बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है, मुझे लगता है कि वह एक टिकट आवंटन से नाराज थे, काश हमें इस बारे में बातचीत करने का मौका मिलता। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।'' इस्तीफे के पीछे अंदरूनी कलह असम में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले कांग्रेस को झटका देते हुए लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार की रात पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में बोरदोलोई ने पार्टी के भीतर आंतरिक समस्याओं और उपेक्षा का जिक्र किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे इस फैसले से खुश नहीं थे, लेकिन पार्टी के भीतर बार-बार अपमान और समर्थन की कमी के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। इस्तीफे की दी थी धमकी बोरदोलोई ने हाल में असम के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि यदि लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को विधानसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार बनाया गया, तो वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। सांसद ने पत्र में आरोप लगाया कि नजर के करीबी सहयोगी इमदादुल इस्लाम अप्रैल 2025 में बोरदोलोई और अन्य पार्टी नेताओं पर हुए हमले में शामिल थे और इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है। चुनाव से पहले बढ़ी हलचल यह सियासी घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब असम में 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए चुनावों का ऐलान हो चुका है। राज्य में एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होने हैं। मतगणना 4 मई को होगी। इस चुनाव में भाजपा, मुख्यमंत्री हिमंता के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। भाजपा का कांग्रेस से सीधा मुकाबला है। बता दें कि बोरदोलोई का कांग्रेस छोड़ना हाल का पहला मामला नहीं है। इससे पहले असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति और अधिक रोचक हो गई है।  

प्रदेश में पहली बार 06 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए गए

लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ की छवि से निकलकर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुका है। स्वास्थ्य व पर्यावरण के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। ये बातें बुधवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज गोरखपुर और रायबरेली में एम्स संचालित है और काशी के बीएचयू में वर्ल्ड क्लास कैंसर इंस्टीट्यूट बन चुका है। इससे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश सरकार की प्रगति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लगभग 06 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और हर पीएचसी पर प्रत्येक रविवार को आरोग्य मेले आयोजित हो रहे हैं। इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण सीएम योगी ने कहा कि आज इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है और वेक्टर बॉर्न डिजीज के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की गई है। बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मेडिकल ढांचे के विकास और योजनाओं की पहुंच ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है।  व्यापक पौधरोपण अभियानों से पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ किया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ग्रीन कवर बढ़ाने और व्यापक पौधरोपण अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पौधरोपण करने वाले राज्यों में शामिल हुआ है।

इन फ्री एप्स से अपने एंड्रायड स्मार्टफोन को बनाएं सुरक्षित

एप्लीकेशन वह सॉफ्टवेयर हैं, जो आपके स्मार्टफोन की स्मार्टनेस को और बढ़ा देता हैं। आपके एंड्रायड फोन में आपकी प्राइवेसी से संबंधित बहुत सा डाटा होता है, जो अगर गलत हाथ में चला जाएं, तो बैठे-बिठाएं लेने के देने पड़ सकते हैं, ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप अपने एंड्रायड की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें। इस काम के लिए गूगल प्ले स्टोर पर बहुत से फ्री एप्स दिए गए हैं, इनकी हेल्प से आप अपनी एंड्रायड डिवाइस को प्रोटेक्ट कर सकते हैं, इनमें से तीन बेस्ट फ्री एंड्रायड प्रोटैक्शन ऐप्स के बारे में हम आज आपको बता रहे हैं.. परफेक्ट एप प्रोटैक्टर:- यह एप जैसा कि नाम से ही जाहिर है एप्लीकेशन्स को बहुत परफेक्ट तरीके से प्रोटेक्ट करता है। यह आपके सेलेक्टेड ऐप्स को एक पासवर्ड या पैटर्न के साथ लॉक करता है, स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम करता है और जिन एप्स का आप चयन करते हैं उनके स्क्रीन रोटेशन को कंट्रोल करता है। इसका साइज 3.7एमबी है। एप्लीकेशन प्रोटेक्शन:- इस एप की उपयोगिता यह है कि इसकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन पर डाटा और एप्लीकेशन्स को आसानी से एक पासकोड के साथ प्रोटेक्ट कर सकते हैं, ताकि अनआॅथराईजड यूजेस से बचाया जा सकें। इसका साइज 328केबी है। एप लाॅक:- इस हैंडी एप से आप अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल्ड एप्स को एक नंबर या फिर पैटर्न लॉक से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। यह एक बहुउपयोगी एप है। इसके साथ आप इंस्टॉल और अनइंस्टॉल फंक्शन्स, इनकमिंग कॉल्स, सेटिंग्स, एप लॉक आइकन को छिपाना और दोबारा अनलॉक किए बिना शार्ट एक्जिट कर सकते हैं। इसका साइज 638 केबी है।