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पर्यटन नक्शे पर उभरेगा धमनी गांव, ईको-टूरिज्म का बन रहा नया केंद्र

रायपुर शुरू हुई नौकाविहार सुविधा प्रकृति के करीब, पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्यजीव का संरक्षण, शिक्षा और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुँचाना ही ईको-पर्यटन है। बलौदाबाजार वनमण्डल के अंतर्गत महानदी के तट पर स्थित ग्राम धमनी अब तेजी से ईको-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के सहयोग से यहां ईको-विलेज के रूप में विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पर्यटकों के लिए नौकाविहार (बोटिंग) सुविधा शुरू की गई है। अब यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच नदी में नौकायन का आनंद ले सकेंगे। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत गांव के युवाओं और महिला स्व- सहायता समूहों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि लोग प्रकृति के करीब रहकर शांत वातावरण का अनुभव कर सकें। वनमण्डलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि यह पहल जनसहभागिता से संचालित हो रही है, जो वन संरक्षण और ग्रामीण विकास का अच्छा उदाहरण है। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी- कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  वन विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में धमनी को प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म स्थलों में शामिल किया जाए।

बड़ा झटका! BCCI के निर्णय से Jasprit Bumrah को करोड़ों का नुकसान, अब क्या करेगा बोर्ड?

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के एक फैसले की वजह से भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को दो करोड़ रुपये का फटका लगा है। ये फैसला फरवरी में बीसीसीआई ने लिया था। ये फैसला है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा हुआ, क्योंकि बीसीसीआई ने 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया था तो उसमें जसप्रीत बुमराह का डिमोशन हो गया था। जसप्रीत बुमराह पिछली बार ए प्लस कैटेगरी का हिस्सा थे, लेकिन नए कॉन्ट्रैक्ट में उन्हें ए कैटेगरी में डाल दिया गया। इसके पीछे की वजह ये थी कि ए प्लस कैटेगरी को ही बोर्ड ने खत्म कर दिया था। पिछली बार के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में चार खिलाड़ी ए प्लस कैटेगरी में थे। इनमें विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल था। विराट, रोहित और जडेजा का डिमोशन तो जायज है, क्योंकि विराट और रोहित एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, जबकि जडेजा दो फॉर्मेट के प्लेयर हैं, लेकिन जसप्रीत बुमराह तो तीनों फॉर्मेट में एक्टिव हैं और लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि इस खिलाड़ी के साथ नाइंसाफी हुई है और दो करोड़ का फटका भी उन्हें लगा है, क्योंकि ए प्लस कैटेगरी में सालाना करार की राशि 7 करोड़ थी, जबकि ए कैटेगरी में 5 करोड़ है। इस तरह 2 करोड़ का नुकसान बुमराह का हुआ है, लेकिन बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया है कि उन्हें किसी न किसी तरह उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI अब ये पता लगाने की कोशिश में है कि बुमराह को कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। BCCI के एक सोर्स ने कहा, "बोर्ड यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि बुमराह को कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। यह समझा जा सकता है कि उनकी फीस 7 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करना गलत होगा। कुछ और खिलाड़ी भी हैं, जो अच्छा परफॉर्म करने के बावजूद एक ग्रेड से नीचे चले गए हैं। कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यूएशन में बदलाव हो सकता है।"  

विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत सभी जिला मुख्यालयों में होंगे सूर्य उपासना के कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि है उज्जैन ने सदियों से धर्म, ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति की ज्योति प्रज्ज्वलित की है। उज्जैन में विक्रमोत्सव का सांस्कृतिक महापर्व चल रहा है।  महान सम्राट विक्रमादित्य ने ऐसी परंपरा स्थापित की जो आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है। उज्जैनी काल गणना का केंद्र रही है। हमारे सभी त्योहार मंगल तिथियों पर आते हैं जो विक्रम संवत पर आधारित हैं। इसी क्रम में सृष्टि आरंभ दिवस, वर्ष प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 के अवसर पर 19 मार्च 2026 को संपूर्ण प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सुबह 10 बजे सूर्य उपासना कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन के शिखर पर ब्रह्मध्वज स्थापित होगा और जन -जन तक महान सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा को पहुंचाने के लिए सभी जिलों में सम्राट विक्रमादित्य नाट्य की प्रस्तुति होगी। इस साथ ही आमजन को नववर्ष के महत्व से अवगत कराने के लिए "भारत का नव वर्ष विक्रम संवत" पुस्तिका का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन भोपाल में मुख्य कार्यक्रम में सम्मलित होंगे। “सम्राट विक्रमादित्य” नाट्य की होगी प्रस्तुति विक्रम उत्सव–2026 के अंतर्गत 19 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे सूर्य उपासना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर आधारित नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया जाएगा।संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल द्वारा इस नाट्य प्रस्तुति के लिए नाट्य कला दलों को प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भेजा जा रहा है, जो स्थानीय स्तर पर “सम्राट विक्रमादित्य” नाट्य का मंचन करेंगे। गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर में सम्मिलित होंगे। उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा मंदसौर और  राजेन्द्र शुक्ल रीवा जिले के कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। विभिन्न कैबिनेट मंत्रियों को भी अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें  कुंवर विजय शाह (खण्डवा),  कैलाश विजयवर्गीय (धार),  प्रहलाद सिंह पटेल (नरसिंहपुर),  राकेश सिंह (जबलपुर),  करण सिंह वर्मा (सीहोर),  राव उदय प्रताप सिंह (नर्मदापुरम), मती संपतिया उइके (मंडला),  तुलसीराम सिलावट (इन्दौर),  एदल सिंह कंषाना (मुरैना), सु निर्मला भूरिया (झाबुआ),  गोविंद सिंह राजपूत (सागर),  विश्वास सारंग (हरदा),  नारायण सिंह कुशवाह (निवाड़ी),  नागर सिंह चौहान (आलीराजपुर),  प्रद्युम्न सिंह तोमर (शिवपुरी),  राकेश शुक्ला (भिण्ड),  चैतन्य काश्यप (रतलाम) और  इंदर सिंह परमार (शाजापुर) शामिल हैं। राज्य मंत्रियों की श्रेणी में मती कृष्णा गौर (विदिशा),  धर्मेन्द्र लोधी (कटनी),  दिलीप जायसवाल (अनूपपुर),  गौतम टेटवाल (उज्जैन),  लखन पटेल (दमोह),  नारायण सिंह पंवार (राजगढ़),  नरेन्द्र शिवाजी पटेल (रायसेन), मती प्रतिमा बागरी (सतना),  दिलीप अहिरवार (छतरपुर) और मती राधा सिंह (सिंगरौली) अपने आवंटित जिलों में मौजूद रहेंगे। केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक टीकमगढ़ में और केन्द्रीय राज्य मंत्री  दुर्गादास उइके बैतूल में उपस्थित रहेंगे। सांसदों में मती हिमाद्री सिंह (शहडोल), मती संध्या राय (दतिया), मती भारती पारधी (बालाघाट),  गजेन्द्र पटेल (खरगौन), डॉ. राजेश मिश्रा (सीधी),  बंटी विवेक साहू (छिंदवाड़ा),  सुधीर गुप्ता (नीमच), डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (बड़वानी),  वी.डी. शर्मा (पन्ना),  फग्गन सिंह कुलस्ते (डिण्डौरी),  गणेश सिंह (मैहर),  महेन्द्र सिंह सोलंकी (देवास),  ज्ञानेश्वर पाटिल (बुरहानपुर),  शिवमंगल सिंह तोमर (श्योपुर) और मती माया सिंह नारोलिया (पांढुर्णा) उत्सव में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त विधायकगण  गिरीश गौतम (मऊगंज),  दिनेश राय मुनमुन (सिवनी), सु मीना सिंह मांडवे (उमरिया),  पन्नालाल शाक्य (गुना),  बृजेन्द्र प्रताप सिंह (अशोक नगर) और  माधव सिंह (आगर मालवा) भी अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व करेंगे। विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और वैचारिक कार्यक्रम महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विक्रम उत्सव–2026 का शुभारंभ 15 फरवरी से हुआ है जो 19 मार्च तक चलेगा। इस उत्सव उज्जैन नगरी में निरंतर विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और वैचारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकार, विद्वान और सांस्कृतिक साधक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।विक्रम उत्सव के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली परंपरा, भारतीय संस्कृति और उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर संगीत, नृत्य, नाटक, लोककला, वैचारिक संगोष्ठियों तथा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को भारतीय परंपरा और कला की विविधता से परिचित कराया जा रहा है। उत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, कला प्रेमियों और पर्यटकों की सहभागिता देखने को मिल रही है, जिससे उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान और अधिक समृद्ध रूप में उभरकर सामने आ रही है। विक्रमोत्सव 2025 को मिल चुके हैं कई सम्मान विक्रमोत्सव 2025 को "ईमैक्सम ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैडिंग आईपी ऑफ द इयर" से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही एशिया के प्रतिष्ठित WOW Awards में गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। आने वाले समय में भी विक्रमोत्सव अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक पहचान को दुनिया में स्थापित करेगा।  

MP के राज्यपाल की फ्लाइट में खराबी, भोपाल एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप

भोपाल एयर इंडिया की भोपाल से दिल्ली जा रही उड़ान में मंगलवार रात को अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इस कारण उड़ान को रोक देना पड़ा। इस उड़ान से राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी दिल्ली जा रहे थे। खराबी के कारण उन्हें विमान से वापस उतरना पड़ा। जानकारी के अनुसार एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 2760 रात्रि करीब आठ बजे दिल्ली के लिए टेकऑफ हो रही थी। टेकऑफ से ठीक पहले आई खराबी: सुरक्षा की दृष्टि से रोका विमान राज्यपाल सहित सभी यात्री विमान में सवार हो गए थे। विमान स्टार्ट करते समय तकनीकी खराबी आ गई। चालक दल ने सुरक्षा की दृष्टि से विमान को टेकऑफ नहीं होने दिया। इसी बीच राज्यपाल मंगूभाई पटेल को विमान में खराबी होने की सूचना दी गई। बाद में राज्यपाल विमान से उतरे। उन्हें एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में इंतजार करने को कहा गया।  

ICC रैंकिंग अपडेट: Jasprit Bumrah की धमाकेदार एंट्री, पाक-कीवी खिलाड़ियों को मिला जबरदस्त फायदा

नई दिल्ली भारत ने 8 मार्च को टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से कोई टी20I मैच नहीं खेला है, और जुलाई तक इस फॉर्मेट में कोई मैच नहीं है। लेकिन आईसीसी टी20 रैंकिंग में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को फायदा मिला है और वो बिना कोई मैच खेले टॉप-5 में पहुंच गए हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने वर्ल्ड कप के बाद कुछ टी20 मैच खेले, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश ने रेटिंग प्वाइंट्स गंवाए और छठे स्थान पर आ गए, जिससे बुमराह को फायदा हुआ और वो आईसीसी टी20आई बॉलर्स रैंकिंग में 1 स्थान के फायदे के साथ पांचवें स्थान पर 702 रेटिंग अंक के साथ पहुंच गए। ICC Rankings में मेहदी हसन मिराज का जलवा बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था, जिसका उन्हें अब इनाम मिल गया है। बांग्लादेश ने ये सीरीज 2-1 से अपने नाम की, जिसमें मिराज ने 3 मैचों में 5 विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन की बदौलत मिराज आईसीसी मेंस वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में 9 स्थान के फायदे के साथ 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में वह दो स्थान के सुधार के साथ अब दुनिया के दूसरे नंबर के ऑलराउंडर बन गए हैं।केवल मिराज ही नहीं, तंजीद हसन (31 पायदान ऊपर), लिटन दास, तस्कीन अहमद और मुस्तफिजुर रहमान की रैंकिंग में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सलमान अली अगा को भी फायदा पाकिस्तान के सलमान अली आगा आईसीसी मेंस वनडे बैटर्स रैंकिंग में 9वें और ऑलराउंडर की रैंकिंग में 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि कप्तान शाहीन अफरीदी ऑलराउंडर रैंकिंग में 25वें नंबर पर आ गए हैं। कीवी कप्तान सेंटनर और अभिषेक शर्मा का दबदबा टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने अपनी बेहतरीन फॉर्म जारी रखी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी 5 मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में शानदार खेल दिखाने का उन्हें बड़ा फायदा मिला है। सेंटनर टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में 11 पायदान चढ़कर 13वें स्थान पर आ गए हैं। ऑलराउंडर की लिस्ट में भी वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग के साथ 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अभिषेक शर्मा नंबर-1 भारतीय फैंस के लिए गर्व की बात ये है कि टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के अभिषेक शर्मा अभी भी शीर्ष पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के लॉकी फर्ग्यूसन और डेवोन कॉनवे की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के जॉर्ज लिंडे ऑलराउंडर रैंकिंग में 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं और ओटनील बार्टमैन ने गेंदबाजों की लिस्ट में 23 पायदान की लंबी छलांग लगाई है।  

हिरासत में मौत का मामला गरमाया, अदालत ने 5 पुलिसकर्मियों पर हत्या का ट्रायल चलाने के दिए आदेश

चंडीगढ़ बठिंडा में पुलिस हिरासत मौत मामले में बड़ा मोड़, इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मियों पर हत्या का ट्रायल चलेगा। कोर्ट ने सबूतों के आधार पर केस सत्र अदालत को भेजा। मामला क्या है पंजाब के बठिंडा में करीब डेढ़ साल पहले हुई एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। अदालत ने इस केस में आरोपी बनाए गए पंजाब पुलिस के पांच कर्मचारियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में ट्रायल चलाने का आदेश दिया है। स्थानीय अदालत ने मामले को सत्र अदालत में भेज दिया है, जिससे अब केस की सुनवाई उच्च स्तर पर होगी। कोर्ट का अहम फैसला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। इसी आधार पर केस को सत्र अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय की गई है। आरोपियों में उस समय के सीआईए-1 यूनिट के प्रभारी इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल शामिल हैं, जो घटना के समय बठिंडा में तैनात थे। हिरासत में मौत और टॉर्चर के आरोप यह मामला गांव लख्खी जंगल के रहने वाले भिंदर सिंह की मौत से जुड़ा है, जिनकी पुलिस हिरासत के दौरान जान चली गई थी। न्यायिक जांच में सामने आया कि भिंदर सिंह के साथ कथित तौर पर गंभीर यातनाएं दी गईं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें “वॉटरबोर्डिंग” जैसी तकनीक से प्रताड़ित किया गया, जिसमें व्यक्ति को डूबने जैसी स्थिति में लाकर मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया जाता है। जांच में यह भी कहा गया कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया था। पुलिस के दावे पर सवाल जांच एजेंसियों ने डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर पुलिस के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि भिंदर सिंह की मौत झील में डूबने से हुई थी। जांच में सामने आया कि पुलिस ने घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। वहीं, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि मृतक और एक आरोपी इंस्पेक्टर के फोन एक ही समय पर एक ही स्थान पर सक्रिय थे, जिससे संदेह और गहरा गया। परिवार के आरोप और विरोध मृतक के भाई, जो उस समय जेल में बंद थे, ने अदालत को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि उनके भाई को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार ने भी इस मामले को कस्टोडियल डेथ बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। पोस्टमॉर्टम में देरी पर भी उठे सवाल जांच में पोस्टमॉर्टम में दो दिन की देरी को भी संदिग्ध माना गया। यह आशंका जताई गई कि देरी का उद्देश्य परिवार पर दबाव बनाना हो सकता है। इस पहलू ने मामले को और गंभीर बना दिया। आगे क्या: अब यह मामला सत्र अदालत में चलेगा, जहां सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर सुनवाई होगी। इस केस को पंजाब में कस्टोडियल डेथ के मामलों में एक अहम उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है, जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

केवल नगर निगम अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए सीवरेज सफाई का कार्य

रायपुर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए। उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए। साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए।  मुख्यमंत्री  साय ने आज अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की छत्तीसगढ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कल राज्य के एक निजी बड़े हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए।  इस मौके पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर ऐक्ट में दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु उचित प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया है जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों / संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की। बैठक में वर्ष 2018 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसरण में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त मैनुअल स्कैवेजर्स के पुनसर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं अनुमोदन किया गया। बैठक में केबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक  पुन्नूलाल मोहले,  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  मुख्य सचिव  विकासशील, पुलिस महानिदेशक  अरूण देव गौतम,  अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव  बसव राजू  सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

नवदुर्गा-नवशक्ति की मिसाल : गांव की बेटियां बनीं गांव की अर्थव्यवस्था की ताकत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनता जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों की तस्वीर बदल रही है। आज नवदुर्गा-नवशक्ति की मिसाल बनकर गांव की बेटियां गांव की अर्थव्यवस्था की ताकत बन रही हैं। “नारी तू नारायणी” की भावना को साकार करती बलिया जनपद के बहुआरा गांव की दुर्गेश तिवारी आज उस बदलाव की प्रतीक बन गई हैं, जहां गांव की बेटी अब परिवार ही नहीं, विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश की रीढ़ बन रही है। मात्र दो वर्षों में दूध व्यवसाय से 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित कर दुर्गेश ने ‘काशी की लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए हो रहे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की जीवंत मिसाल भी है। संघर्ष की जमीन से सफलता की उड़ान बलिया के बहुआरा गांव की रहने वाली दुर्गेश तिवारी एक साधारण परिवार से हैं। शादी के बाद उनका जीवन पति, दो बेटियों और सास के साथ सीमित दायरे में था। परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती और 3-4 पशु थे, लेकिन दूध बेचने पर न तो उचित कीमत मिलती थी और न ही समय पर भुगतान। 20–25 रुपये प्रति लीटर के औने-पौने दाम और भुगतान की अनिश्चितता ने उनके सपनों को जैसे रोक दिया था। दुर्गेश बताती हैं "उस समय घर का खर्च और बेटियों की पढ़ाई की चिंता में नींद उड़ गई थी। काशी डेयरी से बदली किस्मत इसी दौरान गांव में काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, वाराणसी की जानकारी मिली। यहां गुणवत्ता आधारित उचित मूल्य और 365 दिन सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था ने दुर्गेश के जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने सदस्यता लेकर दूध आपूर्ति शुरू की। जहां पहले उनका दूध औने-पौने दाम पर बिकता था, वहीं अब उन्हें सही कीमत मिलने लगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने पशुपालन का दायरा बढ़ाकर 20 से अधिक पशु तक कर लिया। ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर लगातार मेहनत और सही प्लेटफॉर्म मिलने से दुर्गेश ने दो वर्षों में 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित की। इसी उपलब्धि ने उन्हें ‘काशी की लखपति दीदी’ का सम्मान दिलाया। यह आय केवल आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी बनी। दुर्गेश ने अपनी बड़ी बेटी की शादी सम्मानपूर्वक की और छोटी बेटी को पुलिस अधिकारी बनाना चाह रही हैं। गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा आज दुर्गेश तिवारी पंचदेवी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में गांव की अन्य महिलाएं भी पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनका अगला लक्ष्य आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित करना और गोबर से जैविक खाद बनाकर अतिरिक्त आय के स्रोत तैयार करना है। योगी सरकार के विजन से बदलता ग्रामीण परिदृश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में ठोस काम हुआ है। स्वयं सहायता समूहों और डेयरी जैसे रोजगार से महिलाएं अब गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख शक्ति बन रही हैं।

ED रेड में दखल पड़ा भारी! सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के कदम को बताया गलत

कोलकाता पश्चिम बंगाल में पिछले दिनों आई-पैक के दफ्तर पर हुई ईडी की छापेमारी के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई। राज्य सरकार ने ईडी की याचिका पर सुनवाई टालने की अपील की थी, जिसके बाद कोर्ट ने दो टूक जवाब दिया कि आप हुक्म नहीं चला सकते हैं। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा, जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही थी। इसके अलावा, ईडी रेड के दौरान ममता बनर्जी के अचानक बीच में आने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आपने जो किया, वह गलत था। कोर्ट ने कहा, ''जो हुआ, वह कोई अच्छी स्थिति नहीं थी। यह असामान्य है।'' दरअसल, इस साल की शुरुआत में ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनाव की रणनीति बनाने वाली आईपैक एजेंसी और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी। इस दौरान, ममता बनर्जी मौके पर पहुंची थीं, जिसके बाद उनका जांच एजेंसी के अधिकारियों से आमना-सामना भी हुआ था। ममता ने आरोप लगाया था कि ईडी टीएमसी के संवेदनशील डेटा और हार्ड डिस्क ले जा रही थी। ईडी ने हवाला कारोबार और कोयला तस्करी से जुड़े एक मामले में आईपैक व उसके प्रमुख पर रेड डाला था। लाइव लॉ के अनुसार, सुनवाई की शुरुआत में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने सुनवाई टालने के लिए कहा। उन्होंने ईडी द्वारा दाखिल किए गए जवाबी हलफनामे पर जवाब दायर करने के लिए समय मांगा। इस पर ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सुनवाई में देरी करने की चाल है। हलफनामा तो चार हफ्ते पहले ही दायर कर दिया गया था और जवाब दाखिल करने के लिए उनके पास लंबा समय था। दीवान ने कहा कि अगर कोर्ट ईडी के जवाब को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ रही है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर इस पर विचार किया जाना है तो… इस पर जस्टिस मिश्रा ने तुरंत जवाब दिया, ''हम किसी भी चीज को नजरअंदाज क्यों करें। आप हम पर हुक्म नहीं चला सकते हैं। हम हर चीज पर विचार करेंगे।'' उन्होंने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार की स्थिति काफी कमजोर है, क्योंकि हमें ईडी के आरोपों का जवाब देने के लिए बिना किसी लिखित जवाब के ही बहस करनी पड़ रही है। यह एक संवेदनशील मामला है, जिसमें एक विस्तृत जवाब की जरूरत है। बंगाल सरकार ने बुधवार को I-PAC पर हुई छापेमारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संविधान पीठ को मामला भेजने की मांग की। सरकार ने दलील दी कि यह मामला संवैधानिक व्याख्या से जुड़े अहम सवाल उठाता है, खासकर केंद्र-राज्य संबंधों और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका की स्वीकार्यता को लेकर। राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ के सामने कहा कि मौजूदा कार्यवाही पर दो जजों की पीठ फैसला नहीं दे सकती, क्योंकि इसमें संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े बुनियादी सवाल शामिल हैं। उन्होंने दलील दी कि यह विवाद केंद्र और किसी राज्य के बीच के मुद्दों को सुलझाने के लिए सही मंच और तरीके से जुड़ा है, जिसकी, उनके अनुसार, संविधान की संघीय संरचना के आधार पर जांच की जानी चाहिए। दीवान ने दलील दी, "यह संविधान की व्याख्या से जुड़ा मामला है। इस मुद्दे की जांच करने का एक ढांचा और तरीका है… अनुच्छेद 32 का इस्तेमाल इस तरह से नहीं किया जा सकता। यह संघीय संरचना को कमज़ोर करता है, जो संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है।" दीवान ने आगे कहा कि ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसी को किसी राज्य के खिलाफ सीधे अनुच्छेद 32 का इस्तेमाल करने की अनुमति देना, केंद्र-राज्य विवादों को सुलझाने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किए गए संवैधानिक ढांचे को दरकिनार करना होगा  

योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास पर जनता की मुहर, 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाएगी- पंकज चौधरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ समाप्त करके ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसा बदलाव करने का प्रशंसनीय काम किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले 9 साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास का परिणाम है कि जनता ने 2017 के बाद 2022 में भी हमें जिताया और 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाने जा रही है। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और उन्होंने वैश्विक स्तर से लेकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक का उत्थान करने का काम किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और सनातन संस्कृति में नौ को बहुत ही दिव्य माना जाता है। 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की जनता ने मेवा वालों को हटाकर सेवा वालों को मौका देने का काम किया था। परिवारवाद वालों को हटाकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सबका विश्वास, सबका प्रयास’ वालों को मौका दिया था। दंगा वालों को हटाकर गंगा वालों को आशीर्वाद दिया था। गुंडाराज और माफियाराज वालों को उत्तर प्रदेश की जनता दोबारा नहीं आने देगी। समाजवादी पार्टी भ्रम और अफवाह फैलाकर दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रही है लेकिन जनता दोबारा माफियाराज नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। किसी भी प्रदेश की तरक्की के लिए उद्योगों की बड़ी आवश्यकता होती है। योगी जी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करके इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर ध्यान दिया है। आज देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं उसका 55 फीसदी हिस्सा केवल उत्तर प्रदेश में है। हमारी सरकार गांवों में भी 18 से 20 घंटे बिजली दे रही है। गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को योगी सरकार ने 9 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामना दी।