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आम आदमी को राहत: नॉन-एसी कोच बढ़ाने के साथ रेलवे दे रहा भारी सब्सिडी

नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोच की संख्या बढ़ा रहा है। सरकार के अनुसार, किराए को कम रखने के लिए प्रति यात्री औसतन करीब 45 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, कुल कोचों में करीब 70 प्रतिशत जनरल और स्लीपर क्लास के हैं। इसके अलावा, 2024-25 में लगभग 1,250 नए जनरल कोच जोड़े गए हैं और 2025-26 में करीब 860 और कोच जोड़े जाने की योजना है। रेलवे हर साल यात्रियों को करीब 60,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी देता है। वहीं, मुंबई जैसे उपनगरीय इलाकों के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि माल ढुलाई (फ्रेट) में भी बड़ा इजाफा हुआ है। यह 2013-14 के 1,055 मिलियन टन से बढ़कर अब लगभग 1,650 मिलियन टन हो गया है, जिससे भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे का विद्युतीकरण तेजी से बढ़ा है और अब लगभग 47,000 किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रिफाई हो चुका है, यानी नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बिजली से चल रहा है। ट्रैक निर्माण में भी तेजी आई है। पहले जहां करीब 15,000 किलोमीटर ट्रैक बनाए गए थे, वहीं अब यह बढ़कर करीब 35,000 किलोमीटर हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से भी रेलवे ने बड़ा काम किया है। रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की संख्या करीब 4,000 से बढ़कर 14,000 हो गई है। वहीं, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग 1,500 किलोमीटर से बढ़कर 4,000 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है। रेल मंत्री ने बताया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत ट्रैक और ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) की मेंटेनेंस, नई तकनीक और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एलएचबी कोच (ज्यादा सुरक्षित कोच) की संख्या तेजी से बढ़ी है और हाल के वर्षों में करीब 48,000 कोच जोड़े गए हैं। इसके अलावा, लोकोमोटिव (इंजन) की संख्या करीब 12,000 तक पहुंच गई है और वैगन (माल ढुलाई डिब्बे) की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो गई है। सरकार ने परियोजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर एक मजबूत सिस्टम बनाया है। रेल मंत्री ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) में भी तेजी से काम हुआ है। अब तक करीब 2,800 किलोमीटर कॉरिडोर तैयार हो चुका है, जहां रोजाना लगभग 480 मालगाड़ियां चल रही हैं।

9 साल पूरे होने पर Yogi Adityanath का दावा- यूपी में नवरात्र और रमजान शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाते हैं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में 'नव निर्माण के 9 वर्ष' पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं। उन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

नरवाई न जलाएं किसान, पैदावार क्षमता बढ़ाने के लिए अपनाएं जैविक एवं प्राकृतिक खेती

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरदा जिले ने विकास के हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है। हरदा जिले में शत-प्रतिशत कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा विकसित हो चुकी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जन कल्याण के लिए 4 विशेष श्रेणियां – गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण तय की हैं। राज्य सरकार इन सभी श्रेणियों सहित प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास को भी ध्यान में रखकर काम कर रही है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से युवाओं को रोजगार दिलाने वाला राज्य है। दूसरी ओर लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। अगर बहनें रोजगार आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिलाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का अपना अलग सम्मान है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालय स्थापित कर रही है। हरदा को तीन सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। बच्चों को नि:शुल्क किताबें, साइकिल और दूध के पैकेट बांटे जा रहे हैं। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारी सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराने के संकल्प से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हरदा में कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केन्द्रित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले के लिए करीब 232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 199 करोड़ रुपए लागत के 36 कार्यों का लोकार्पण एवं 32 करोड़ रुपए लागत के 5 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से उन्नत कृषि यंत्रों से खेती कर उत्पादन बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्र की दुकाने (कस्टम हायरिंग सेन्टर) खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की बहनों को चेक, किसानों को ड्रिप सिंचाई किट, नरवाई प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण के लिए हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हलधर भगवान बलराम प्रदेश के किसान भाइयों के आदर्श हैं। राज्य सरकार ने किसान कल्याण वर्ष मनाने की शुरुआत की है। खेती के साथ, बागवानी और पशुपालन के प्रोत्साहन पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। हरदा के किसानों के पास अब केज कल्चर से मत्स्य उत्पादन से लाभ कमाने का भी अवसर है। राज्य सरकार किसानों को गेहूं का उचित दाम दिलवाने के लिए संकल्पित है। इस वर्ष 40 रुपए का बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। बहुत जल्द हम प्रदेश के किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नरवाई का समुचित प्रबंधन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान भाई इससे जुड़ें। किसान नरवाई न जलाएं, इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता प्रभावित होने लगती है। प्राकृतिक खेती के उत्पादों को मंडी में बेचने के लिए विशेष प्रबंधन किए जा रहे हैं। लघु किसानों को उन्नत कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किसान सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरवाई प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार करते हुए हमने गौशालाओं को नरवाई से भूसा तैयार करने के लिए यंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार गौशालाओं को मिलने वाला अनुदान 20 रुपए प्रति गौमाता से बढ़ाकर 40 रुपए किया है। प्रदेश में गौशाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। आज प्रदेश के 11 शासकीय विश्वविद्यालय और 20 अन्य कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के कोर्स शुरू किए गए हैं। इसकी शुरुआत उज्जैन से की गई है। हरदा के कृषक भी बड़े पैमाने पर कृषि उद्योग लगाने के लिए आगे आएं। खेत से लेकर कारखाने तक सभी निर्माण कार्य और सुविधाएं देने के लिए सरकार तैयार है। किसान भाइयों को इसके लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की गई है। पीकेसी परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में 55 लाख से अधिक सिंचाई का रकबा हो चुका है। पिछले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ा है। आगामी 5 साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। नील गाय जैसे जानवरों से फसल को बचाने के लिए वन विभाग समुचित प्रबंधन कर रहा है। उन्होंने कहा कि श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्वास के बाद मध्यप्रदेश की धरती पर अब आगामी 25 मार्च को जंगली भैंसे भी हमारे वनों की शोभा बढ़ाने वाले हैं। खेल एवं सहकारिता मंत्री तथा हरदा जिले के प्रभारी मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। हर क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। कृषक कल्याण वर्ष में किसान भाइयों को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। हमारा लक्ष्य खेती से अधिक से अधिक लाभ दिलवाना है। किसानों की फसलों को उचित मूल्य देने के लिए समर्थन मूल्य और भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारा प्रदेश स्वर्णिम बनने की दिशा में अग्रसर है। सरकार खेत और किसान को मजबूती प्रदान कर रही है। हमने सहकारिता विभाग में 75 पदों पर नए सहकारिता निरीक्षकों की भर्ती की है।   पूर्व मंत्री  कमल पटेल ने कहा कि प्रदेश के लाड़ले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है। हरदा जिले की कृषि मंडी एक आदर्श मंडी है, जिले … Read more

रोहित-विराट के भविष्य पर अश्विन ने तोड़ी चुप्पी, बोले- गंभीर को नहीं कोई दिक्कत

नई दिल्ली भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट और टीम मैनेजमेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोच गौतम गंभीर को लगता है कि सीनियर खिलाड़ियों को आगे बढ़ना चाहिए, तो यह टीम के हित में सही फैसला हो सकता है। अश्विन का यह बयान उनके करियर के अंत और टीम में बदलाव को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। अचानक रिटायरमेंट ने चौंकाया रविचंद्रन अश्विन ने दिसंबर 2024 में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के दौरान अचानक संन्यास का ऐलान किया था।ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद उनका यह फैसला पूरे क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला था। वह उस समय शानदार फॉर्म में थे और कई रिकॉर्ड्स तोड़ने के करीब भी थे। फिर भी उन्होंने अपने करियर को अपने फैसले के अनुसार खत्म करने का निर्णय लिया। खुद लिया फैसला, कोई पछतावा नहीं अश्विन ने कहा कि निर्णय लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम कॉम्बिनेशन में लगातार बदलाव और मौका न मिलना इस फैसले की बड़ी वजह थी। उनके मुताबिक, जब उन्हें लगा कि अब टीम में उनकी जगह स्थायी नहीं है, तो उन्होंने पीछे हटना बेहतर समझा। उन्होंने यह भी कहा कि वह वापसी के लिए इंतजार करने वालों में से नहीं हैं। कोच के फैसले पर खुलकर बोले रविचंद्रन अश्विन ने कोच गौतम गंभीर का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोच का काम टीम के लिए सही फैसले लेना होता है, चाहे उसमें बड़े खिलाड़ियों को बाहर करना ही क्यों न शामिल हो। अश्विन ने साफ कहा कि अगर गंभीर को लगा कि उन्हें, विराट कोहली या रोहित शर्मा को आगे बढ़ना चाहिए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। यह टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला हो सकता है। ‘ईगो छोड़ना जरूरी’ अश्विन ने अपने बयान में ईगो (अहम) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने माना कि क्रिकेट में मिलने वाली लोकप्रियता कभी-कभी खिलाड़ियों को खुद को अजेय समझने पर मजबूर कर देती है। लेकिन अगर खिलाड़ी अपने अहम को अलग रखे, तो चीजें साफ नजर आती हैं। अश्विन के मुताबिक, वह खुद भी लगातार अपने ईगो को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।  

राज्य स्तरीय जल महोत्सव 2026 में जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन एवं संधारण पर हुआ मंथन

भोपाल लोक स्वास्थय यांत्रिकी मंत्री  सम्पतिया उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है, अब आवश्यक इसकी वास्तविक सफलता योजनाओं के नियमित, सुरक्षित और दीर्घकालिक संचालन में निहित है। सामुदायिक जवाबदेही से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष-2019 में जब मिशन प्रारंभ हुआ था तब प्रदेश में लगभग 13 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक ही नल से जल की सुविधा थी, वर्तमान 74 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल पहुँच चुका है। शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति होगी। प्रदेश में 27 हजार 990 से अधिक योजनाएँ स्वीकृत हुईं और अधिकांश योजनाएँ पूर्णता की अवस्था में हैं। मंत्री  उइके ने बुधवार को जल भवन के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय “जल-मंथन – पानी से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” कार्यशाला में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों के साथ उसके दीर्घकालिक संचालन एवं संधारण पर अपने विचार साझा किये। कार्यशाला में प्रशासनिक, तकनीकी तथा सामुदायिक स्तर के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। मंत्री  उइके ने कहा कि संचालन एवं संधारण केवल विभागीय दायित्व नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत, जल समिति और समुदाय की साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण व्यवस्थित नहीं होगा, विद्युत देयक समय पर जमा नहीं होंगे, मोटर-पंप और पाइपलाइन का रखरखाव नियमित नहीं होगा, तो निर्मित संरचना टिकाऊ नहीं रह पाएगी। मंत्री  उइके ने कहा जल जीवन मिशन के संचालन संधारण का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखते हुए ग्रामीणों को सतत पेयजल उपलब्ध कराने के लिये जन-जन को इससे जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन-2.0 में मध्यप्रदेश को 19 हजार करोड़ केन्द्र सरकार से मिलेंगे, जिससे जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण किया जायेगा। हर घर नल से जल की आपूर्ति होने के कारण ग्रामीणों के समय की बचत हुई है, जिससे उनका समय अन्य सकारात्मक कार्यों में लगने से गाँव में प्रगति हुई है। साथ ही बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं। प्रदेश के जल महोत्सव की पूरे देश में प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने जल गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में फील्ड टेस्ट किट का उपयोग नियमित रूप से किया जाए। प्रयोगशाला परीक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ हो। मंत्री  उइके ने कहा कि सुरक्षित जल आपूर्ति ही मिशन की आत्मा है। स्रोत स्थिरता को अगले चरण की केंद्रीय प्राथमिकता बताते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाएँ आने वाले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर टिकाऊ रूप में संचालित करने का लक्ष्य है। प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क, समूह एवं एकल ग्राम नलजल योजनाएँ और गुणवत्ता निगरानी तंत्र स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि संचालन एवं संधारण की संस्थागत मजबूती से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, जिला स्तरीय समीक्षा, तकनीकी निरीक्षण, वित्तीय अनुशासन और शिकायत निवारण तंत्र को व्यवस्थित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर पंप ऑपरेटरों का प्रशिक्षण और जल समितियों की क्षमता वृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है।  उइके ने कहा कि तकनीकी दक्षता, वित्तीय पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी से ही योजनाएँ दीर्घकाल तक सफल रह सकती हैं। खरगोन कलेक्टर सु भव्या मित्तल ने जल जीवन मिशन के सुचारू संचालन एवं संधारण का व्यवहारिक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि निर्माण के बाद की चुनौतियाँ अधिक जटिल होती हैं। प्रमाणन प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, परंतु उसकी निरंतरता बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। समस्याओं को सामने लाना और ग्रामीणों से चर्चा और जागरूकता से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत स्पष्टता, नियमित राजस्व संग्रहण, पारदर्शी लेखा प्रणाली और सतत तकनीकी निगरानी से हर घर नल से जल आपूर्ति निर्बाध रूप से होती है।। मंत्री  उइके ने राज्य स्तरीय “जल सेवा रत्न” सम्मान समारोह में एकल ग्राम एवं समूह ग्राम नलजल योजनाओं के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, पंप ऑपरेटरों और ग्राम प्रेरकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यशाला में “नलजल योजना में युवा नेतृत्व एवं नवाचार” विषय पर युवा हैकाथॉन आयोजित हुआ, जिसमें भोपाल के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की चयनित टीमों ने भाग लिया। पंचायत प्रतिनिधि संवाद में योजना प्रबंधन, जल शुल्क निर्धारण, स्रोत संरक्षण और ग्राम स्तरीय निगरानी व्यवस्था पर विचार रखे गए। महिला प्रतिनिधियों ने संचालन, राजस्व प्रबंधन और गुणवत्ता परीक्षण में अपनी भूमिका और अनुभव साझा किये। “जल-वाणी” विषयक पैनल चर्चा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय बोलियों में जल साक्षरता के प्रसार की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मध्यप्रदेश जल निगम के राज्य स्तरीय अधिकारी, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री, गुणवत्ता मॉनिटरिंग अधिकारी, जिला एवं खंड स्तरीय प्रतिनिधि, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्य, सरपंच, पंप ऑपरेटर, स्व-सहायता समूह, ग्रामीण प्रतिनिधि तथा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंत्री  उइके ने कार्यशाला में उपस्थित जन समूह को सुरक्षित, नियमित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई।  

मुख्यमंत्री ने ‘मोदी के राज्य से लौटकर’ पुस्तक का किया विमोचन

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित अपने कार्यालय के सभा कक्ष में युवा पत्रकार सु निशा द्विवेदी की पुस्तक 'मोदी के राज्य से लौटकर' का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा वृत्तांत से पाठकों के लिए इतिहास और संस्कृति की तस्वीर सजीव हो जाती है। पुस्तक में सु निशा द्विवेदी ने एक पत्रकार की नजर से गुजरात यात्रा का वर्णन किया है जो बहुत सराहनीय है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे नेतागण और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हमारे पत्रकार साथियों के जीवन में यह एक समानता है कि दोनों ही अपने कार्यक्षेत्र में हमेशा व्यस्त रहते हैं। सक्रिय पत्रकारिता के बीच यात्रा वृत्तांत जैसी रचना के लिए समय निकाल पाना जरूर कठिन रहा होगा। ये बहुत सुखद है कि सु द्विवेदी ने अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप में हम सभी के सामने लेकर आई हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पत्रकार बहनों से मिलना हुआ था। मुलाकात में महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण के विषय में भी चर्चा हुई। ये बहुत खुशी की बात है कि पहली बार छत्तीसगढ़ की 26 महिला पत्रकारों का दल गुजरात राज्य के भ्रमण पर गया। भ्रमण से लौटने के बाद मैंने मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार बहनों से मुलाकात की। उसी समय मैंने उन्हें यह सुझाव दिया था कि वे अपनी यात्रा के अनुभवों को जरूर लिखें।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा इस वर्ष के बजट में भी हमने पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया है। हमारे पत्रकार साथी बड़े परिश्रम से सामाजिक सरोकार का कार्य करते हैं। हमारी सरकार हर स्तर पर पत्रकार साथियों को प्रोत्साहित कर रही है। अभी तक पत्रकारों के विविध दल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, राजस्थान जैसे अनेक राज्यों में हुए हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गुजरात भ्रमण का उद्देश्य महिला पत्रकारों को विकास के मॉडल को देखने, समझने और उससे सीखने का अवसर देना था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा थी कि इस यात्रा को कोई महिला पत्रकार पुस्तक के रूप में लिखे, और यह पुस्तक उसी भावना का परिणाम है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक  सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त डॉ रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष  मोहन तिवारी सहित अनेक पत्रकारगण उपस्थित रहे।

युद्ध के बीच जेलेंस्की का बड़ा बयान: ईरान-रूस साथ, अमेरिका को दी मदद की पेशकश

यूक्रेन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को रूस और ईरान को 'नफरत के मामले में भाई-भाई' बताया है और पश्चिमी देशों से यूक्रेन को ना भूलने की गुजारिश की है। जेलेंस्की ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से ऐसे वक्त में समर्थन मांगा जब पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अमेरिका की मध्यस्थता वाली रूस-यूक्रेन शांति वार्ता की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जेलेंस्की ने इस दौरान पश्चिमी देशों को ईरानी ड्रोन का मुकाबला करने के लिए मदद की भी पेशकश की है। ब्रिटेन की संसद में अपने बयान में जेलेंस्की ने कहा, ''रूस और ईरान की सरकारें नफरत के मामले में भाई-भाई हैं और इसीलिए वे हथियारों के मामले में भी भाई-भाई हैं। हम चाहते हैं कि नफरत पर आधारित सरकारें कभी किसी भी चीज में जीत हासिल ना कर सकें।'' वहीं लंदन में 10 डाउनिंग स्ट्रीट में जेलेंस्की से बातचीत के दौरान स्टार्मर ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ईरान संघर्ष से लाभ नहीं मिलना चाहिए, चाहे वह तेल कीमतों में बढ़ोतरी हो या प्रतिबंधों में ढील। स्टार्मर और जेलेंस्की के बीच यह बैठक ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने वैश्विक आपूर्ति के दबाव को कम करने के लिए रूसी तेल पर कुछ प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटा दिए। जेलेंस्की और कुछ अन्य यूरोपीय नेताओं ने अमेरिका के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे मॉस्को को आर्थिक लाभ मिलेगा। मदद की पेशकश इस दौरान जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और अन्य देश पश्चिम एशिया के संघर्ष में यूक्रेन की ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, “मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र में 201 यूक्रेनी मौजूद हैं। और 34 अन्य तैनात होने के लिए तैयार हैं। ये सैन्य विशेषज्ञ हैं, ऐसे विशेषज्ञ जो जानते हैं कि मदद कैसे करनी है और शाहेद ड्रोन से बचाव कैसे करना है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी टीमें पहले से ही अमीरात, कतर, सऊदी अरब में मौजूद हैं, और कुवैत के रास्ते में हैं। हम कई अन्य देशों के साथ भी काम कर रहे हैं। और मैंने इन सैन्य विशेषज्ञों को अपने साझेदारों, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल है,के अनुरोध पर भेजा है।”  

ओरलियंस मास्टर्स में भारतीयों का जलवा: हरिहरन-अर्जुन दूसरे दौर में, आकर्षी मेन ड्रॉ में एंट्री

ओरलियंस हरिहरन अम्साकरुनन और एम आर अर्जुन की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने ओरलियंस मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जबकि आकर्षी कश्यप ने क्वालीफाइंग दौर में दो जीत दर्ज कर महिला एकल के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई। हरिहरन और अर्जुन के खिलाफ चेक गणराज्य के जिरी क्राल और ओन्ड्रेज क्राल की जोड़ी पहले गेम में 10-21 से हारने के बाद मुकाबले से हट गई। पिछले साल अल ऐन मास्टर्स सुपर 100, तुर्किये इंटरनेशनल चैलेंज और तेलंगाना इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज खिताब जीतने वाली यह भारतीय जोड़ी अब स्कॉटलैंड के अलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल की जोड़ी से भिड़ेगी। इससे पहले विश्व रैंकिंग में 63वें स्थान पर काबिज आकर्षी ने पहले मुकाबले में हमवतन श्रीयांशी वलीशेट्टी को 21-19, 17-21, 21-13 से हराया और फिर अगले मैच में ताइपे की ली वाई एच को 21-17, 21-19 से मात दी। अब उनका मुकाबला सिंगापुर की येओ जिया मिन से होगा। पुरुष एकल के क्वालीफाइंग राउंड में एस सुब्रमणियन को मलेशिया के ली जी जिया से 12-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। ली ज़ी जिया पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हैं और 2025 सत्र में चोटों से जूझने के बाद वापसी का प्रयास कर रहे हैं।   महिला युगल में, भारतीय जोड़ी अश्विनी भट के और शिखा गौतम को रुई हिरोकामी और सायका होबारा की जापान की जोड़ी के खिलाफ वॉकओवर मिला।  

दिनदहाड़े कत्ल से दहला चंडीगढ़: प्रॉपर्टी डीलर को गोलियों से भूना, 9 राउंड फायर

चंडीगढ़ एक प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े गोली मारकर चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई। यह कांड सेक्टर 9 में बुधवार दोपहर को हुआ। इस घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। मृतक की पहचान प्रीत नागरा के रूप में हुई है, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे। वह न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर इलाके के कुबाहेरी में रहते थे। उन्हें दोपहर में करीब 12 बजे गोली मारी गई। उन्हें तुरंत ही पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना उस वक्त हुई, जब प्रीत नागरा बॉडी जोन नाम की जिम से बाहर निकल रहे थे। वह अपनी कार में बैठे ही थे कि उन पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची है और घटनास्थल की बैरेकेडिंग करके जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि यह किसी रंजिश या फिर लेनदेन के विवाद से जुड़ी हो सकती है। हमलावरों ने प्रीत नागरा पर 8 से 10 गोलियां दागीं और फिर मौके से भाग निकले। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह शायद प्रीत नागरा के कत्ल के इरादे से ही आए थे। तभी इतनी बड़ी संख्या में गोलियां दागी गईं। पुलिस ने घटना के बाद मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि इस घटना की जांच में सीसीटीवी फुटेज से मदद मिल सकती है। इसी इरादे से आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक की जा रही हैं। अब तक हमलावरों की मंशा का पता नहीं लगा है। फिलहाल हमलावरों की तलाश में पुलिस जुटी है और मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। बीते कुछ महीनों में चंडीगढ़ समेत आसपास के इलाकों में फायरिंग और हमले जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ऐसी स्थिति में इस घटना ने एक बार फिर से सिटी ब्यूटीफुल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रायपुर की नालंदा लाइब्रेरी के मॉडल को सराहा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रायपुर प्रवास के दौरान नालंदा परिसर लाइब्रेरी का अवलोकन किया और सराहना की। उन्होंने इस मॉडल से प्रभावित होकर मध्यप्रदेश के रीवा में भी इसी तर्ज पर लाइब्रेरी स्थापित करने की बात कही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने लाइब्रेरी के फर्स्ट फ्लोर, सेकंड फ्लोर और टैरेस का अवलोकन करते हुए पुस्तक वितरण प्रणाली और अध्ययन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कम शुल्क में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि नालंदा परिसर लाइब्रेरी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं जिला प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं युवाओं को सही दिशा प्रदान करती हैं और उनकी ऊर्जा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करती हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि नालंदा लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में युवा अध्ययन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं। ऐसे युवा देश और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नालंदा परिसर लाइब्रेरी की स्थापना की गई है, जहां 24×7 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी का निर्माण डीएमएफ फंड एवं अन्य सहयोग से किया गया है तथा वर्तमान में इसका संचालन शुल्क और दानदाताओं के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य में राजधानी सहित कुल 42 ऐसी लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी के संचालन के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसके अंतर्गत सभी लाइब्रेरियों को एकीकृत किया गया है, जिससे संचालन में सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी से हर वर्ष यूपीएससी और सीजीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो रहा है। इस अवसर पर स्थानीय अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।