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सीएम विष्णु देव साय बस्तर में करेंगे राज्य की सबसे बड़ी हेरिटेज मैराथन की शुरुआत

सीएम विष्णु देव साय बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ की थीम पर 22 मार्च को होगा राज्य का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट फिटनेस और विरासत का उत्सव- बस्तर को ग्लोबल टूरिज्म मैप पर लाने की बड़ी तैयारी बस्तर को देश का प्रमुख टूरिज्म और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन बनाना हमारा संकल्प-  साय रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का आयोजन रविवार 22 मार्च को करने जा रही है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा रनिंग इवेंट होगा, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से होगी और समापन विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर होगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस रूट पर दौड़ते हुए प्रतिभागियों को बस्तर की अद्भुत वादियों और सांस्कृतिक पहचान का अनूठा अनुभव मिलेगा।            मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि बस्तर हेरिटेज मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपरा, प्राकृतिक संपदा और जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ के संदेश के साथ यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर देना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।           मैराथन में 42 किलोमीटर (फुल मैराथन), 21 किलोमीटर (हाफ मैराथन), 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर (फन रन) की श्रेणियां रखी गई हैं, ताकि हर आयु वर्ग और फिटनेस स्तर के लोग इसमें भाग ले सकें। प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रुपये की आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। पंजीकरण शुल्क मात्र 299 रुपये रखा गया है, जबकि बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागियों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे स्थानीय स्तर पर अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।           प्रतिभागियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैराथन मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे रूट पर नियमित अंतराल पर रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स (आरपीएन) स्थापित किए जाएंगे, जहां एनर्जी ड्रिंक्स और पानी की उपलब्धता रहेगी। इसके अलावा मेडिकल सपोर्ट, इमरजेंसी सेवाएं और सुव्यवस्थित रूट मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया गया है ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके। इस आयोजन को और यादगार बनाने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और प्रोफेशनल रनिंग फोटोग्राफ्स प्रदान किए जाएंगे। साथ ही जुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा बनी रहे।          ‘रन फॉर नेचर, रन फॉर कल्चर’ (प्रकृति के लिए दौड़ो, संस्कृति के लिए दौड़ो) की थीम पर आधारित यह मैराथन बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और जनजातीय संस्कृति को देशभर के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह अवसर न केवल दौड़ने का है, बल्कि बस्तर को करीब से जानने और उसकी विरासत को महसूस करने का भी है। इच्छुक प्रतिभागी https://www.bastarheritage. run/registration लिंक के माध्यम से या आधिकारिक पोस्टर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।            मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया’, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन से प्रेरित है। प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया है। बस्तर हेरिटेज मैराथन उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है, जहां खेल, संस्कृति और प्रकृति एक साथ जुड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बस्तर को देश के प्रमुख पर्यटन और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बस्तर के कारीगरों, कलाकारों और छोटे-छोटे व्यवसायों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।          मुख्यमंत्री श्री साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह देश के हर कोने से युवाओं और नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे बस्तर आएं, यहां की प्रकृति, संस्कृति और ऊर्जा को महसूस करें और इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा बनें।

US के बैन हटाने के बाद, क्या भारत फिर से ईरानी तेल खरीदेगा? समंदर में है विशाल भंडार

 नई दिल्‍ली अमेरिका ने कच्‍चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा दिया है. अब ये तेल एशिया के देशों में आसानी से जा सकते हैं. समंदर के बीच ईरानी तेल का बड़ा भंडार है.  खबर है कि भारत की रिफाइनरियां इसे खरीदने के लिए योजना बना रही हैं. पहले ईरानी तेल सिर्फ चीन द्वारा खरीदे जाते थे, लेकिन बैन हटने के बाद अब भारत भी आ सकते हैं।  रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, व्‍याप‍ारियों ने शनिवार को बताया कि अमेरिका-इजरायल वॉर के कारण ईरान पर लगे एनर्जी संकट को कम करने के लिए अमेरिका द्वारा अस्‍थायी तौर से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद भारतीय रिफाइनरियां ईरानी तेल की खरीद फिर से शुरू करने की योजना बना रही हैं, जबकि एशिया के अन्य हिस्सों में रिफाइनरियां भी इस तरह के कदम पर विचार कर रही हैं।  ईरानी तेल खरीदने के लिए निर्देश का इंतजार  रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन भारतीय रिफाइनर्स सोर्स ने कहा कि वे ईरानी तेल खरीदेंगे और भुगतान की शर्तों पर सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं. रॉयटर्स का कहना है कि भारत में कच्‍चे तेल का भंडार अन्‍य बड़े एशियाई देशों की तुलना में काफी कम है. अमेरिका ने हाल ही में रूसी तेल से भी बैन हटाया है, जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल की बुकिंग में तेजी दिखाई।  अमेरिका ने दी है 30 दिनों की छूट  अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को समुद्र में मौजूद ईरानी तेल की खरीद के लिए 30 दिनों की प्रतिबंध छूट जारी की है. यह छूट समुद्र में स्थित ईरानी तेल पर होगा, जो 19 अप्रैल तक उतारने तक लागू रहेगा. युद्ध शुरू होने के बाद से यह तीसरी बार है जब अमेरिका ने तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट दी है।  समंदर के बीच इतना बड़ा तेल भंडार  केप्लर के कच्चे तेल बाजार डेटा के अनुसार, लगभग 170 मिलियन या 17 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल समुद्र में है, जो मिडिल ईस्‍ट की खाड़ी से लेकर चीन के निकट के जलक्षेत्र तक फैले जहाजों पर मौजूद है. कंसल्टेंसी एनर्जी एस्पेक्ट्स ने 19 मार्च को अनुमान लगाया कि पानी पर 13 करोड़ से 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल मौजूद है, जो मिडिल ईस्‍ट के 14 दिनों के उत्‍पादन के बराबर है।  एशिया अपनी कच्चे तेल की आपूर्ति का 60% हिस्सा मिडिल ईस्‍ट से मंगाता है और इस महीने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने से पूरे क्षेत्र की रिफाइनरियों को कम दरों पर काम करने और ईंधन निर्यात में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 

ईंट उद्योग से मिली सपनों को उड़ान, 25 लोगों को रोजगार देकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

महिला सशक्तीकरण की नई पहचान: 25 लाख के ऋण की नींव पर निकिता ने खड़ा किया ईंट का कारोबार ईंट उद्योग से मिली सपनों को उड़ान, 25 लोगों को रोजगार देकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल योगी सरकार के विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ को धरातल पर उतारा, सरकारी योजना के माध्यम से बनीं सफल उद्यमी  लखनऊ योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर राज्य’ बनाने का संकल्प अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव में युवाओं और महिलाओं को नई पहचान दे रहीं हैं। इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल लखीमपुर खीरी की निकिता वर्मा हैं, जिन्होंने न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दिया। लखीमपुर खीरी के ग्राम शाहपुर राजा की रहने वाली निकिता वर्मा ने सीमेंट की ईंटों के निर्माण का व्यवसाय शुरू किया, जो आज उनके लिए सफलता का आधार बन चुका है। निकिता ने सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) योजना का लाभ लेते हुए 25 लाख रुपये का ऋण लिया। जिससे उन्होंने अपना उद्योग स्थापित किया। इनके प्लांट में हररोज लगभग 5 से 7 हजार ईंट तैयार होती हैं, जिसमें इनको प्रतिमाह करीब एक लाख रुपये का मुनाफा होता है।   निकिता ने अपने उद्योग के माध्यम से 25 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। उनकी मासिक आय लगभग 1 लाख रुपये से अधिक है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास का भी एक मजबूत उदाहरण है। उनके इस प्रयास से गांव में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। निकिता की कहानी केवल एक उद्यमी की सफलता नहीं, बल्कि नारी स्वावलंबन का सशक्त उदाहरण है। निकिता जैसी महिलाएं न केवल अपने परिवार का सहारा बन रही हैं, बल्कि समाज और राज्य की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) भारत सरकार की एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म-उद्यम स्थापित करके स्वरोजगार के अवसर पैदा करती है। इसका संचालन प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा किया जाता है। ‘पीएमईजीपी योजना’ युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी सहायक साबित हो रही है। सरकार की यह पहल आज हजारों युवाओं के जीवन में बदलाव ला रही है।

पाकिस्तान में शिया-सुन्नी विवाद के बीच मुनीर की सांसें फूलीं, उलेमाओं से मिले

इस्लामबाद  ईरान-इजरायल युद्ध के बीच पाकिस्तान में शिया-सुन्नी तनाव की आग भड़कने की आशंका बढ़ गई है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर शिया विरोध प्रदर्शन और हिंसा भड़क उठी थी, जिसने देश के अंदर सांप्रदायिक संतुलन को हिला दिया है। इस संवेदनशील स्थिति में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने शिया उलेमाओं से मुलाकात की, लेकिन यह बैठक विवादों में घिर गई। रमजान के दौरान इफ्तार के मौके पर रावलपिंडी में हुई इस बैठक में मुनीर ने कथित तौर पर शिया धर्मगुरुओं से कहा कि अगर उन्हें ईरान से इतनी मोहब्बत है, तो वे ईरान चले जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि 'कायदे आजम जिन्ना खुद शिया थे', लेकिन उनका मुख्य जोर इस बात पर था कि किसी दूसरे देश की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा या अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, शिया समुदाय के कुछ नेताओं और सोशल मीडिया पर इस बयान को अपमानजनक बताया जा रहा है। कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि मुनीर ने बैठक में एकतरफा मॉनोलॉग दिया, उलेमाओं को बोलने का मौका नहीं दिया और अचानक चले गए। इससे शिया समुदाय में रोष बढ़ा है और कुछ धार्मिक नेताओं ने इसे एंटी-शिया एजेंडा करार दिया है। बेहद मुश्किल कूटनीतिक राह पर पाकिस्तान पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका में जारी जंग के बीच पाकिस्तान एक बेहद मुश्किल कूटनीतिक राह पर चल रहा है। सऊदी अरब के साथ गहरे रणनीतिक व रक्षा संबंध, पुरानी भू-राजनीतिक वफादारी और आर्थिक निर्भरता के कारण पाकिस्तान पर यह बाहरी दबाव है कि अगर युद्ध और भीषण होता है तो वह अपने पारंपरिक खाड़ी सहयोगी का समर्थन करे। वहीं दूसरी ओर, देश की आंतरिक सांप्रदायिक संवेदनशीलता और घरेलू सुरक्षा चिंताओं के कारण किसी भी पक्ष का खुलकर समर्थन करना जोखिम भरा हो गया है। इसी वजह से पाकिस्तान सतर्क तटस्थता की नीति अपनाने को मजबूर है, जिसे बनाए रखना अब उसके लिए कठिन होता जा रहा है। इन तमाम दबावों और दुविधाओं की झलक पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की हालिया टिप्पणियों में स्पष्ट रूप से देखने को मिली है। शिया उलेमाओं के साथ सेना प्रमुख की बैठक जनरल असीम मुनीर ने हाल ही में अहल-ए-तशीह (शिया) समुदाय के धार्मिक विद्वानों और उलेमाओं से मुलाकात की। इस बातचीत का मुख्य फोकस राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और बढ़ती क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के बीच पाकिस्तान के कूटनीतिक रुख पर था। इस दौरान मुनीर का मुख्य संदेश बिल्कुल स्पष्ट था- सबसे पहले तो पाकिस्तान है। 'हम पहले मुसलमान और पाकिस्तानी हैं, फिर शिया-सुन्नी' ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष को लेकर शिया समुदाय की चिंताओं को संबोधित करते हुए, जनरल मुनीर ने इससे जुड़ी भावनात्मक और धार्मिक संवेदनाओं को स्वीकार किया। लेकिन, उन्होंने धार्मिक नेताओं से राष्ट्रीय स्थिरता को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा- हम पहले मुसलमान और पाकिस्तानी हैं; उसके बाद शिया या सुन्नी। उनका संदेश था कि सांप्रदायिक पहचान को राष्ट्रीय हितों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। मुनीर ने पाकिस्तान की डेमोग्राफी का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही देश में सुन्नी बहुसंख्यक हैं, लेकिन आबादी का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा शिया है। उलेमाओं से बात करते हुए उन्होंने कहा- मैं शिया समुदाय की भावनाओं को समझता हूं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रमों का गुस्सा पाकिस्तान में घरेलू अशांति में नहीं बदलना चाहिए। आम पाकिस्तानी को क्यों भुगतना चाहिए? सेना प्रमुख ने सख्त चेतावनी दी कि पाकिस्तान अपनी सीमाओं के बाहर के संघर्षों के कारण होने वाली आंतरिक अस्थिरता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा- पाकिस्तान अन्य देशों के मुद्दों, नीतियों और संघर्षों के कारण होने वाले दंगों का बोझ नहीं उठा सकता। एक आम पाकिस्तानी को इसका खामियाजा क्यों भुगतना चाहिए? उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल हिंसा भड़काने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने सभी संप्रदायों के मौलवियों और उलेमाओं से एकता, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकजुटता को बढ़ावा देने तथा आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। सऊदी अरब के साथ रणनीतिक संबंधों की पुष्टि एक तरफ जहां उन्होंने देश के भीतर शांति की अपील की, वहीं दूसरी तरफ सेना प्रमुख ने सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के गहरे रणनीतिक और रक्षा संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने दोनों देशों को करीबी रक्षा साझेदार बताया, जो पुराने सुरक्षा सहयोग और आपसी प्रतिबद्धताओं से बंधे हुए हैं। मुनीर ने मक्का और मदीना में इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों (हरमैन शरीफैन) के 'रक्षक' के रूप में इस्लामाबाद की भूमिका का भी जिक्र किया। यह बयान पाकिस्तान की रणनीतिक सोच में सऊदी अरब के साथ रिश्ते के धार्मिक और प्रतीकात्मक महत्व को दर्शाता है। पाकिस्तान की दोहरी चुनौती सेना प्रमुख का यह दोहरा संदेश इस्लामाबाद की मौजूदा दुविधा को सटीक रूप से दर्शाता है। बाहरी दबाव: सैन्य साझेदारी, वित्तीय निर्भरता और खाड़ी देशों (विशेषकर सऊदी अरब) की उम्मीदें। आंतरिक कमजोरियां: सांप्रदायिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती, राजनीतिक अस्थिरता, और किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष में एक पक्ष लेने पर देश में सांप्रदायिक दंगे भड़कने का सीधा जोखिम। जनरल मुनीर की इन बातों से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान अपने कूटनीतिक विकल्पों को खुला रखते हुए देश में किसी भी तरह की घरेलू अशांति को पहले ही रोकने की कोशिश कर रहा है। देश के भीतर एकता और संयम की अपील करके और विदेशी मंच पर रणनीतिक संबंधों की पुष्टि करके, पाकिस्तान खुद को बहुत ही सावधानी से स्थापित कर रहा है। 

श्रमिक परिवारों को राहत: यूपी में बेटियों की शादी पर ₹85,000 की सहायता, ऐसे करें अप्लाई

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पंजीकृत श्रमिकों के लिए 'कन्या विवाह सहायता योजना' के तहत एक बड़ी राहत की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत, पात्र श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। आगामी 12 अप्रैल को अलीगढ़ में मंडल स्तर पर एक विशाल सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने वाले जोड़ों के लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया है। खाते में सीधे आएंगे 85 हजार रुपये सहायक श्रम आयुक्त विद्या प्रकाश शर्मा के अनुसार, योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े के लिए कुल 1 लाख रुपये का प्रावधान है- 85,000 – श्रमिक के बैंक खाते में सीधे (DBT) ट्रांसफर किए जाएंगे। 15,000 – सामूहिक विवाह के आयोजन (भोजन, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं) पर खर्च किए जाएंगे। आवेदन की समय-सीमा और प्रक्रिया इच्छुक और पात्र श्रमिक 27 मार्च 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की बारीकी से जांच के बाद, स्वीकृत होने पर 15 दिनों के भीतर सहायता राशि लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है- पंजीकरण – श्रमिक का श्रम विभाग (UPBOCW) में पंजीकरण कम से कम 1 वर्ष पुराना होना चाहिए। आयु सीमा – 12 अप्रैल तक वधू की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिएसंतान सीमा – योजना का लाभ एक श्रमिक की अधिकतम दो बेटियों को ही मिल सकता है। आवश्यक दस्तावेजों की सूची आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखें-     श्रमिक का वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र।     वर-वधू और उनके माता-पिता के आधार कार्ड।     जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षिक प्रमाण पत्र (आयु सत्यापन के लिए)।     राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल।     पूर्व में विवाह नहीं हुआ है और किसी अन्य सरकारी विवाह योजना का लाभ नहीं लिया गया है।   सहायक श्रम आयुक्त ने सभी पात्र श्रमिकों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि मंडल स्तर पर होने वाले इस भव्य आयोजन का हिस्सा बन सकें।

IPL में रन के आंकड़े से बेहतर नहीं होता कोई, डिविलियर्स ने दी प्रतिक्रिया

बेंगलुरु  दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाजों में से एक और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के पूर्व क्रिकेटर एबी डिविलियर्स ने सलामी बल्लेबाजों को मिलने वाले फायदों के बारे में बात की है। अक्सर टॉप रन स्कोरर की उनके साथ तुलना की जाती है, जिसे उन्होंने अपने लिए परेशानी का सबब माना है। डिविलियर्स ने कहा है कि जब कोई मेरी तुलना आपीएल के टॉप रन स्कोरर से करता है तब मुझे इससे काफी परेशानी होती है। डिविलियर्स ने सीधे शब्दों में कहा कि अगर किसी ने आठ हजार से ज्यादा रन बनाए हैं तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह मुझसे बेहतर हो सकता है। मैं उससे बेहतर हूं इस मामले में। उसके पक्ष में सिर्फ एक ही बात अच्छी है कि उसने मुझसे ज्यादा गेंदें खेली हैं। जिसके 8000 रन हैं उससे बेहतर हूं मबांगवा मीडिया के यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए, एबी डिविलियर्स ने आईपीएल के शीर्ष रन-स्कोररों के साथ अपनी तुलना को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा "इसलिए मुझे तब बहुत गुस्सा आता है जब आईपीएल में मेरे रनों की तुलना दूसरे खिलाड़ियों से की जाती है, क्योंकि तब मुझे लगता है कि मैंने सलामी बल्लेबाजों जितनी गेंदें तो नहीं खेली हैं। उन्होंने आगे अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि "इससे मुझे बहुत चिढ़ होती है।" उन्होंने बिना कोई नाम लिए कहा कि “इस खिलाड़ी ने 8,000 रन बनाए हैं, वो अब तक के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। मैं सोचता हूं, नहीं, मैं उनसे बेहतर हूं, उन्होंने ज्यादा गेंदें खेली हैं।” बता दें कि आईपीएल के इतिहास में अब तक सिर्फ विराट कोहली ने ही 8000 से अधिक रन बनाए हैं और वे अपनी टीम के लिए सलामी बल्लेबाजी करते हैं। ऐसे में कई फैंस यह मान रहे हैं कि एबी डिविलियर्स ने यह बयान विराट कोहली को टारगेट करते हुए दिया है। सलामी बल्लेबाजी करना आसान है एबी डिविलियर्स ने बातचीत के दौरान उसी पॉडकास्ट में आगे कहा कि "वे सलामी बल्लेबाज हैं। वे पावरप्ले के दौरान बल्लेबाजी करते हैं और उस समय तीस गज के दायरे के बाहर सिर्फ दो खिलाड़ी होते हैं। ऐसी परिस्थितियों में रन बनाना ज्यादा आसान होता है, मिडिल ओवर्स में बल्लेबाजी करने की तुलना में। दुनिया के हर कोने में बतौर सलामी बल्लेबाजी फील्डिंग रिस्ट्रिक्शन के साथ बल्लेबाज करना आसान है। खासकर यह इंडिया में तो और भी आसान है।" उन्होंने नई गेंद के साथ रन बनाने को आसान बताते हुए कहा कि "उस दौरान गेंद में उछाल होता है और उसे बाउंड्री के बाहर फील्ड रिस्ट्रिक्शन के साथ पहुंचाना आसान है।" गेंदबाजों के लिए पावर प्ले को डिविलियर्स ने बुरा बताया। उन्होंने कहा कि "गेंद बल्ले का किनारा लेकर भी चार रन चली जाती है और गेंदबाज को निराशा हाथ लगती है। यह पूरी तरह से गलत है।" डिविलियर्स ने ट्रेविस हेड का उदाहरण देते हुए कहा कि "अब तो ट्रैविस हेड की ही तरह गेंदें हर तरफ उड़ रही हैं। इनसाइड एज फोर, आउटसाइड एज फोर। अच्छा शॉट, सिक्स, शानदार, लेकिन तीन में से एक ही सही होता है।" मुझे करियर के आखिरी में 5 नंबर पर भेजा गया डिविलियर्स ने अपने बारे में बात करते हुए कहा कि "मुझे करियर के आखिरी दौर में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया। मैं सोचता हूं ऐसा क्यों हुआ। क्या इसलिए कि मैं अच्छा फिनिशर हूं। नहीं, मुझे नई बॉल से बल्लेबाजी करने का मौका देना चाहिए था।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अपने करियर के आखिरी दौर में क्यों कुछ कप्तान खुद की बैटिंग पोजीशन को ऊपर कर लेते हैं। ऐसा है डिविलियर्स का आईपीएल करियर एबी डिविलियर्स के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने आईपीएल में कुल 184 मैच खेले, जिसकी 170 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 39.71 की औसत और 151.69 की स्ट्राइक रेट से कुल 5162 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 413 चौके और 251 छक्के जड़े। उन्होंने आईपीएल में 40 अर्धशतक और 3 शतक भी लगाए। डिविलियर्स ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत 2008 से की थी और 2021 तक आईपीएल में एक्टिव थे। 

मासूम ने उठाया खौफनाक कदम: 10 साल की बच्ची की मौत के पीछे क्या है सच्चाई?

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां गणेश नगर वार्ड-5 में रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची गुरप्रीत कौर ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार, गुरुवार 19 मार्च की शाम को खुशी का अपने बड़े भाई से किसी बात पर विवाद हुआ था। भाई की डांट से तनाव में आकर चौथी कक्षा की इस छात्रा ने कमरे में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। ​घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। पिता पेशे से ड्राइवर हैं और मां ब्यूटी पार्लर गई हुई थी। शोर सुनकर जब पड़ोसी और परिजन पहुंचे तो बच्ची को तुरंत भिलाई के बीएम शाह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक, खुशी स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल की छात्रा थी। शुक्रवार को गमगीन माहौल में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल जामुल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Skoda Kushaq Facelift लॉन्च, 10.69 लाख कीमत और मसाज सीट्स का शानदार फीचर

मुंबई  स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपनी नई कार लॉन्च कर दी है. कंपनी ने कुशाक फेसलिफ्ट (Skoda Kushaq Facelift) को लॉन्च किया है, जो दमदार फीचर्स के साथ आती है. कार पांच वेरिएंट्स- क्लासिक प्लस, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो में आती है. इसमें 1 लीटर का टीएसआई और 1.5 लीटर का टीएसआई टर्बो पेट्रोल इंजन मिलता है।  अपडेटेड कुशाक में पूरे लाइनअप में वैल्यू को बेहतर किया गया है. कुशाक फेसलिफ्ट में कंपनी ने ज्यादा फीचर्स जोड़े हैं,  बेहतर सेफ्टी इक्विपमेंट्स को इस्तेमाल किया है और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बेहतर करने पर काम किया है. आइए जानते हैं इसकी कीमत और दूसरी खास बातें।  कितनी है कीमत?  नई कुशाक 10.69 लाख रुपये की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत पर आती है. इसमें आपको 1 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन मिलेगा. वहीं 1 लीटर वाले इंजन का टॉप मॉडल 16.79 लाख रुपये (एक्स शोरूम) में आता है. कार के ऑटोमेटिक वेरिएंट्स की कीमत 12.69 लाख रुपये एक्स शोरूम से शुरू हो जाती है।  ऐसे कंज्यूमर्स जो ज्यादा वैल्यू चाहते हैं, उनके लिए कार का 1.5 लीटर टीएसआई डीएसजी वेरिएंट है. इसकी कीमत 18.79 लाख रुपये से शुरू होती है. स्कोडा कुशाक फेसलिफ्ट का टॉप वेरिएंट 18.99 लाख रुपये का है।  इंजन और पावर  कुशाक फेसलिफ्ट में पुराने ही इंजन ऑप्शन मिलते हैं. 1 लीटर वाले टीएसआई इंजन में 114 बीएचपी और 178 एनएम का टॉर्क मिलता है. ये वेरिएंट 6-स्पीड मैन्युअल या 8-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ आता है. वहीं 1.5 लीटर वाला इंजन 150 बीएचपी की पावर और 250 एनएम का टॉर्क ऑफर करती है. इसमें 7-स्पीड डीएसजी गियरबॉक्स दिया गया है. बेहतर एफिशिएंसी के लिए एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी दी गई है।  एक्सीरियर में क्या है नया  कार में आपको स्कोडा की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज नजर आएगी. कुशाक फेसलिफ्ट का फ्रंट फेस कंपनी की मॉडर्न डिजाइन लैंग्वेज को फॉलो करता है. इसमें स्लिम एलईडी हेडलैम्प्स दिए गए हैं, जो आईब्रो जैसे डीआरएलएस के साथ आते हैं. कार में एल-शेप्ड लाइट्स मिलती हैं।  बंपर को रिडिजाइन किया गया है. इसमें स्लिवर स्किड प्लेट दी गई है. मोंटे कार्लो ट्रिम में क्रोम को ग्लॉसी ब्लैक से रिप्लेस किया गया है. साथ ही दो रेड ग्रील स्ट्रिप जोड़ी गई हैं और यूनिक बैजिंग मिलती है. साइड से कार में कोई बड़ा बदलाव नहीं है. इसमें 16-इंच और 17-इंच के एलॉय का विकल्प मिलता है. रियर में एलईडी लाइट बार दिया गया है, जिसमें SKODA लिखा हुआ है।  इंटीरियर और फीचर्स  कार का इंटीरियर ब्लैक और बेज कलर थीम में है. मोंटे कार्लो एडिशन में थीम थोड़ी अलग मिलेगी. कार में अब 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और 10.1 इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन सिस्टम दिया गया है. इसमें डुअल कलर एंबिएंट लाइटिंग और पैनोरोमिक सनरूफ मिलता है।  कार में 491 लीटर का बूट स्पेस मिलता है. रियर में मजास सीट्स का फीचर दिया गया है, जो 6-वे वेंटिलेटेड पावर फ्रंट सीट के साथ आती है. इसके अलावा फ्रंट पार्किंग सेंसर, लेदर अपहोल्स्ट्री, आटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस ऐपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो, 6 स्पीकर ऑडियो सिस्टम और वायरलेस चार्जिंग पैड के साथ आता है।  सेफ्टी फीचर्स स्कोडा कुशाक फेसलिफ्ट में 6 एयरबैग्स, एबीएस, ईबीडी, ईएससी, ट्रैक्शन कंट्रोल और इलेक्ट्रिक डिफरेंशियल लॉक, हिल होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं. बता दें कि कार के पिछले वेरिएटं को ग्लोबल एनकैप में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली थी. ये वेरिएंट भी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल कर सकता है। 

अब बिना रिचार्ज नहीं चलेगी बिजली! जानें मीटर बैलेंस चेक और रिचार्ज का आसान तरीका

लखनऊ क्या आपके यहां भी हाल ही में पुराने बिजली मीटर की जगह नया स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है? ऐसे में जरूरी है कि आप अपने प्रीपेड मीटर का बैलेंस चेक करें और उसे समय पर रिचार्ज करें, वरना आपके घर का बिजली कनेक्शन भी कट सकता है। इस तरह की कार्रवाई उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर चल रही है। इसके  लिए UPPCL ऐप को डाउनलोड करना होगा और इसके जरिए आप बिजली की खपत से जुड़ी जानकारी पा सकेंगे और रिचार्ज कराने के साथ-साथ इस्तेमाल होने वाला बैलेंस भी चेक कर पाएंगे। प्रीपेड इलेक्ट्रिसिटी मीटर कैसे रिचार्ज करें और बैलेंस कैसे चेक करें? उत्तर प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में पुराने बिजली के मीटर को नए स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। ऐसे में अब लोगों को पहले मीटर रिचार्ज कराना होगा और उसके बाद वे रिचार्ज के अनुसार बिजली इस्तेमाल कर सकेंगे। ऐसे में जो लोग इस जानकारी से अनजान हैं, उनके बिजली कनेक्शन इन दिनों काटे जा रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि जिन भी लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, उन्हें अब अपनी बिजली की खपत पर नजर बनाए रखनी होगी और रिचार्ज खत्म होने से पहले कराना होगा। इसके लिए आप UPPCL Smart ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं, जहां से आप बिजली की खपत के बारे में पता कर सकते हैं, साथ ही अपना बैलेंस चेक करने के साथ-साथ तुरंत रिचार्ज भी कर सकते हैं। क्या है UPPCL Smart ऐप? उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्मार्ट मीटर यूजर्स के लिए 'UPPCL SMART' ऐप पेश किया है। इसे आप गूगल प्ले स्टोर या फिर आईफोन के ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके जरिए MVVNL, PVVNL, DVVNL, PuVVNL और KESCO के सभी उपभोक्ता अपने स्मार्ट मीटर को मैनेज कर सकते हैं। यह ऐप बिजली की खपत से लेकर रिचार्ज की गई राशि में बचे बैलेंस के साथ-साथ स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने की सुविधा भी देता है। गौर करने वाली बात है कि इस ऐप को इस ऐप को Jio Platforms ने तैयार किया है, जो रियल-टाइम डेटा दिखाता है। कैसे चेक करें अपना बैलेंस?     अपने स्मार्ट बिजली मीटर का बैलेंस चेक करने के लिए प्ले स्टोर से 'UPPCL SMART' ऐप को डाउनलोड करना होगा।     इसके बाद Consumer ID या रजिस्टर मोबाइल नंबर के जरिए अकाउंट बनाकर लॉग इन कर लें।     ऐप की होम स्क्रीन पर ही आपको उपलब्ध बैलेंस दिख जाएगा। यहां आप अपनी डेली, वीकली और मंथली खपत का ग्राफ भी देख सकेंगे। UPPCL SMART ऐप से स्मार्ट मीटर कैसे करें रिचार्ज अपने स्मार्ट मीटर को आप UPPCL ऐप के जरिए रिचार्ज करवा सकते हैं। इसके लिए ऐप में लॉगइन करने के बाद Recharge के ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके लिए होमपेज पर ही आपको Pay/Recharge का ऑप्शन दिख जाएगा।     इसके बाद वह रकम दर्ज करें, जो आप रिचार्ज कराना चाहते हैं।     अब पेमेंट गेटवे चुनें जैसे कि UPI, Debit Card या Credit Card आदि।     पेमेंट करने के बाद आपके ऐप पर Success का मैसेज दिख जाएगा और 5-20 मिनट में नया बैलेंस अपडेट हो जाएगा।

बंपर उत्पादन से किसानों को राहत: हरियाणा में आलू पर भावांतर योजना का बड़ा फायदा

चंडीगढ़. हरियाणा में इस समय आलू की फसल का सीजन चरम है, लेकिन खेतों से लेकर मंडियों तक की स्थिति में काफी विरोधाभास दिख रहा है। किसान आलू की फसल के गिरते दामों को लेकर काफी चिंतित हैं, लेकिन लोगों को बाजार में आलू उस हिसाब से सस्ता नहीं मिल रहा, जिस हिसाब से किसानों से खरीदा जा रहा है। मंडियों में आलू की कम कीमत के चलते काफी किसानों ने कोल्ड स्टोरेज की तरफ रुख किया है, ताकि जून व जुलाई में उन्हें बढ़े हुए रेट मिल सकें। हरियाणा सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को राहत प्रदान करने के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू की है। इसके तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल रेट निर्धारित है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर मंडी में किसान का आलू 600 रुपये प्रति क्विंटल से कम दाम पर बिकता है तो उसके नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी। इसके लिए आलू उत्पादक किसान का मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। भावांतर भरपाई योजना की शुरुआत से लेकर अब तक राज्य के तीन लाख 15 हजार 614 आलू उत्पादक किसानों ने स्वयं को पोर्टल पर पंजीकृत कराया है। राज्य के इन किसानों ने फसल उत्पादन के लिए सात लाख एकड़ भूमि को पंजीकृत किया है। अब तक राज्य के 24 हजार 385 आलू उत्पादक किसानों को 110 करोड़ रुपये का लाभ भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत मिल चुका है। भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत 21 बागवानी फसलों में लाभ दिया जाता है। इनमें 14 सब्जियां, पांच फसल और दो मसाले शामिल हैं। किसानों का कहना है कि यदि भावांतर भरपाई योजना में आलू की फसल शामिल नहीं होती तो उनके लिए मुश्किल हो जाता। राज्य की मंडियों में इस समय आलू की फसल 200 से 500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। सफेद आलू के दाम काफी कम हैं, जबकि लाल व डायमंड रंग के आलू के दाम सफेद आलू से अधिक मिल रहे हैं। हरियाणा में किसानों की आलू उत्पादन की लागत आठ से नौ रुपये प्रति किलो आ रही है, उस हिसाब से मंडियों में उन्हें दो से छह या अधिकतर सात रुपये किलो ही भाव मिल पा रहा है, जिससे किसान काफी आहत हैं। उनकी लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। मार्च के महीने में हरियाणा की कुछ मंडियों में आलू का रेट दो रुपये किलो तक भी पहुंचा, जिसके विरोध में कुछ किसान सड़क पर आलू फेंककर प्रदर्शन कर चुके हैं। इस सीजन में फंगल डिजीज से कुछ इलाकों में फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में किसान अब सीधे पेप्सिको और हाइफन जैसी कंपनियों के साथ अनुबंध कर रहे हैं, जहां उन्हें 10 से 12 प्रति किलो का निश्चित रेट मिल रहा है, लेकिन ऐसी स्थिति राज्य के हर जिले में नहीं है। हरियाणा में आलू की खेती अब दो रास्तों पर हरियाणा में आलू की खेती अब दो रास्तों पर खड़ी है। एक तरफ वे किसान हैं जो पारंपरिक आलू उगाकर मंडी के उतार-चढ़ाव में फंस रहे हैं, और दूसरी तरफ वे जो बीज उत्पादन या प्रोसेसिंग वैरायटी (चिप्स वाला आलू) उगाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। हरियाणा देश के प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों में नौवें स्थान पर आता है। राज्य में आलू की खेती मुख्य रूप से कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, अंबाला और अब दक्षिण-पश्चिमी जिलों जैसे महेंद्रगढ़ में बड़े स्तर पर हो रही है। हरियाणा में इस बार साढ़े सात लाख टन आलू के उत्पादन का अनुमान है। करनाल का 'आलू प्रौद्योगिकी केंद्र' शामगढ़ हरियाणा को 'सीड पोटेटो हब' के रूप में विकसित कर रहा है। यहां एरोपोनिक्स (हवा में आलू उगाना) जैसी तकनीक से वायरस-मुक्त बीज तैयार किए जा रहे हैं।