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प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के प्रयास जा

भोपाल  एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार कश्यप ने उद्यमियों से अपील की है कि वे जीआई टैग का अधिकतम उपयोग कर रतलामी सेव के उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करें। सबका प्रयास हो कि रतलामी सेव के नाम के साथ काम भी विश्व स्तरीय हो।’एक जिला एक उत्पाद यानि ओ डीओ पी’ योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है।मंत्री  काश्यप रविवार को रतलाम में एक जिला एक उत्पाद समिट 2026 को संबोधित कर रहे थे।समिट में उद्यमियों के अलावा निवेशकों और अधिकारियों ने सहभागिता की। मंत्री  काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से रतलाम के सेव, शिवपुरी की जैकेट और मुरैना की गजक जैसे उत्पाद प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा भी रतलाम के सेव का उल्लेख किया गया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में उद्योगों को विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य की जीडीपी में कृषि का योगदान लगभग 30-40 प्रतिशत है, जबकि उद्योगों का योगदान करीब 20 प्रतिशत है,जिसे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में औद्योगिक संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें स्थानीय एवं बाहरी निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इन सम्मेलनों के माध्यम से प्रदेश की क्षेत्रीय पहचान को मजबूत कर नए उद्योगों को आकर्षित कर प्रदेश के उद्योगों का बहुमुखी विकास किया जा रहा है। मंत्री  काश्यप ने रतलाम की सेव के व्यवसाय को पहचान दिलाने के लिए किये गये कार्यों एवं रतलामी सेव को विश्व स्तर पर पहचान दिलवाने वाले व्यक्तियों और व्यावसाईयो का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हैं और स्थानीय उद्यमों के विकास के लिए प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उद्योगों के विकास को रफ्तार दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए प्राथमिकता से काम करते हुए उद्यमियों को प्रदेश मे निवेश के लिए अनुकूल वातावरण देने के लिए औद्योगिक नीति को सरल बनाया है। उन्होंने उद्यमियों से अनुरोध किया कि वे जिले में आकर रतलाम सेव के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के काम मे सहयोग करें। मध्यप्रदेश सरकार हर कदम पर आपके साथ है। मंत्री  काश्यप ने समिट मे रतलाम सेव को जीआई टेग दिलवाने वाले  शैलेन्द्र गाँधी को सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई मंत्री  चैतन्य काश्यप एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वागत उदबोधन  मनोहर पोरवाल अध्यक्ष रतलामी सेव मंडल ने दिया। आयुक्त एमएसएमई  दिलीप कुमार द्वारा कार्यक्रम में विभागीय पहलों एवं एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में रतलामी सेव की उत्पत्ति, विकास यात्रा एवं विशिष्टताओं पर डिजिटल प्रस्तुति दी गई। प्रतिभागियों को ऐतिहासिक एवं व्यावसायिक महत्व, मार्केटिंग एवं लॉजिटिक्स से अवगत कराया गया। उत्पादन,गुणवत्ता,खाद्य सुरक्षा मानक और निर्यात अवसर पर चर्चा उत्पादन, शेल्फ लाइफ, निर्यात एवं बीएसएम सत्र मे उत्पादन, गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा मानक, निर्यात अवसर एवं क्रेता-विक्रेता मीटिंग (बीएसएम) के महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान बी2बी एवं जी2बी मीटिंग्स, वन-टू-वन इंटरैक्शन तथा क्रेता-विक्रेता मीटिंग का आयोजन किया गया, जिससे स्थानीय उद्यमियों को संभावित खरीदारों एवं संस्थागत साझेदारों से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।  

Middle East में बढ़ा तनाव: सऊदी अरब ने ईरान के 5 अधिकारियों को देश से निकाला

सऊदी अरब सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सऊदी सरकार ने ईरान पर “खुलेआम हवाई हमलों” का आरोप लगाते हुए कड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में ईरान की कार्रवाई को “स्पष्ट आक्रामकता” बताया। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले न केवल सऊदी अरब बल्कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के अन्य देशों और कई अरब-इस्लामिक राष्ट्रों को भी निशाना बना रहे हैं। सऊदी अरब का कहना है कि ईरान ने उसकी संप्रभुता, नागरिकों, आर्थिक हितों और राजनयिक परिसरों को निशाना बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। इस बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने ईरानी दूतावास के सैन्य अटैची, सहायक सैन्य अटैची और तीन अन्य अधिकारियों को निष्कासित करते हुए 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। सऊदी सरकार ने यह भी कहा कि ईरान की गतिविधियां बीजिंग समझौता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के खिलाफ हैं। रियाद ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए साफ कहा कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।इस घटनाक्रम से मिडिल ईस्ट में पहले से जारी संकट और गहरा सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

संघर्ष, संकल्प और सतत परिश्रम से यूपीएससी में प्रदेश के 61 प्रतिभाशाली युवाओं ने रचा इतिहास

भोपाल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में प्रदेश के 61 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने चयनित होकर न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश में नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मार्च को इन सफल अभ्यर्थियों से संवाद करेंगे। इन सफलताओं के पीछे केवल प्रतिभा ही नहीं, अपितु कठिन परिश्रम, अटूट संकल्प और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का साहस भी है। कई विद्यार्थी साधारण परिवारों से हैं; किसी के माता-पिता किसान हैं, तो कोई दुकानदार या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के परिवार से आता है। कई अभ्यर्थियों ने शासकीय स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। यूपीएससी परीक्षा के चयन में बेटियां भी नहीं पीछे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में सफल होने में बेटियां भी पीछे नहीं है। प्रदेश से चयनित 61 अभ्यर्थियों में कई बेटियां भी हैं, जिन्होंने परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर सफलता पाई है। इसमें इंदौर की सु अनन्या शर्मा को देशभर में 13वीं रैंक मिली हैं। जबकि खंडवा की सु रूपल जायसवाल को 43वीं रैंक, इंदौर की सु दीक्षा चौरसिया 44वीं, रीवा की सु समीक्षा द्विवेदी को 56वीं रैंक, नरसिंहपुर की सु दीक्षा पाटकर को 88वीं रैंक प्राप्त हुई हैं। देशभर में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी  ईशान भटनागर 5वीं रैंक,  पक्षाल सेक्रेटरी 8वीं रैंक, सु अनन्या शर्मा 13वीं रैंक,  चितवन जैन 17वीं रैंक, सु रूपल जायसवाल 43वीं रैंक, सु दीक्षा चौरसिया 44वीं रैंक, सु समीक्षा द्विवेदी को 56वीं,  अनिमेष जैन 63,  विश्वजीत गुप्ता 67वीं रैंक, सु दीक्षा पाटकर 88वीं रैंक शामिल हैं। दृष्टिहीनता को बनाया ताकत, अक्षत बल्दवा ने हासिल की 173वीं रैंक इंदौर निवासी  अक्षत बल्दवा ने यह साबित कर दिया कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। जन्म के डेढ़ माह बाद ‘रेटिनोब्लास्टोमा’ के कारण दृष्टिहीन होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिंदी माध्यम से शासकीय विद्यालय में पढ़ाई करने वाले  अक्षत ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट उत्तीर्ण कर बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया। विधि की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा का लक्ष्य तय किया और सीमित समय में ही 173वीं रैंक हासिल कर ली। उनका मानना है, "असली दृष्टि आंखों से नहीं, मन से होती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर, तो कोई बाधा बड़ी नहीं होती।" किसान परिवार की बेटी सु प्राची चौहान ने हासिल की 260वीं रैंक विदिशा जिले के ग्राम जोहद की रहने वाली सु प्राची चौहान ने चौथे प्रयास में 260वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। किसान पिता और गृहिणी मां की बेटी सु प्राची ने अभावों में रहकर भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। गणित में स्नातक करने के बाद उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा। वे कहती हैं, "हर असफलता हमें कुछ नया सिखाती है। धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।" दुकानदार पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मां की बेटी सु मोहसिना बानो को 648वीं रैंक टीकमगढ़ की निवासी सु मोहसिना बानो ने 648वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित किया कि सही रणनीति और निरंतरता सफलता की कुंजी है। उनके पिता  मोहम्मद इकराम दुकानदार हैं और मां  शाहजहां बेगम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। सु मोहसिना का मानना है कि प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की गहरी समझ और विश्लेषण ही तैयारी को सही दिशा देता है। वे अभ्यर्थियों को सलाह देती हैं, "तैयारी को केवल ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उसे रणनीति से जोड़ें और धैर्य बनाए रखें।" सरकारी कॉलेज से पढ़ाई, तीसरे प्रयास में सु प्राची जैन को मिली सफलता (714वीं रैंक) नरसिंहपुर की सु प्राची जैन ने तीसरे प्रयास में 714वीं रैंक हासिल की। उन्होंने सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय से वाणिज्य विषय में स्नातक किया। उनके पिता  प्रमोद जैन इलेक्ट्रीशियन और मां  बबीता जैन गृहिणी हैं। सु प्राची कहती हैं कि यह सफलता निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का परिणाम है। उनका संदेश है, "यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और ईमानदार हैं, तो सफलता अवश्य मिलेगी।" किसान परिवार के  अंकुश पाटीदार ने चार प्रयासों के बाद पाई 780वीं रैंक मंदसौर जिले के गांव नारिया बुजुर्ग के  अंकुश पाटीदार ने 780वीं रैंक हासिल कर अपने संघर्ष को सफलता में बदला है।किसान परिवार से आने वाले  अंकुश ने शासकीय स्कूल-कॉलेज से पढ़ाई की और चार प्रयासों के बाद यह मुकाम हासिल किया है। इस यात्रा में उनकी बहनों ने उनका मनोबल बढ़ाया। वे कहते हैं, "संघर्ष इस परीक्षा का हिस्सा है, लेकिन यदि संकल्प मजबूत हो तो सफलता निश्चित है।"  अंकुश ने आगे कहा, "मेरी प्राथमिक शिक्षा गांव से ही शुरू हुई, जिसके बाद शामगढ़ तहसील से उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण कर इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से अपना स्नातक किया।सिविल सेवा की वास्तविक यात्रा इंदौर से ही आरंभ हुई। उन्होंने बताया कि यह पथ सरल नहीं था, मैंने कुल चार प्रयास किए, जिनमें से दो बार मुझे साक्षात्कार तक पहुंचने का अवसर मिला। इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा में मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा मेरी बहनें रही हैं, जिन्होंने हर मोड़ पर मेरा संबल बनकर मुझे आगे बढ़ने का साहस दिया। चयनित कुल 61 विद्यार्थियों में से 15 ने की शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से पढ़ाई यूपीएससी परीक्षा में चयनित कुल 61 विद्यार्थियों में से 15 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर सफलता अर्जित की है। यह आंकड़ा प्रदेश के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इसमें  आशीष शर्मा, स्नातक जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर,  पुलकित जैन, बीएससी उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल, सु प्राची चौहान, बीएससी, सुभद्रा शर्मा, शासकीय कन्या महाविद्यालय गंजबासौदा, सु सौम्या जैन बीए गांधी पीआर कॉलेज, भोपाल,  आयुष स्वामी, बीए जेएलएन कॉलेज सोहागपुर नर्मदापुरम,  निकित सिंह बीए अर्थशास्त्र अटल बिहारी बाजपेयी महाविद्यालय इंदौर,  दीपक बघेल बीए जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर,  राजवर्धन सिंह सिसोदिया बीए गुजराती समाज कॉलेज, इंदौर, सु प्राची जैन बीकॉम सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, भोपाल,  रूपल बान बीएससी, एम उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल,  रोहन जैन बीएससी मैथ्स शासकीय होल्कर साइंस कॉलेज इंदौर,  अंकुश पाटीदार बीएससी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर,  गौरव जाट बैचलर ऑफ आर्ट्स देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर,  पवित्र मिश्रा बीएससी प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रीवा,  उज्ज्वल जैन बीए मंत माधवराव सिंधिया शासकीय महाविद्यालय कोलारस शामिल हैं। … Read more

अमेरिका-इजराइल आक्रामक, ईरान रक्षात्मक– पूर्व राजनयिक का बड़ा बयान

ईरान मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पूर्व भारतीय राजनयिक के.पी. फैबियन ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत अमेरिका और इजराइल ने की, जबकि ईरान केवल जवाबी कार्रवाई कर रहा है। फैबियन के अनुसार, ईरान बेहद रणनीतिक तरीके से कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का रुख संतुलित है वह अन्य देशों के जहाजों के लिए रास्ता खुला रखना चाहता है, लेकिन अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाए हुए है। उन्होंने हाल ही में जापान के प्रधानमंत्री सनाए  ताकाइची की अमेरिका यात्रा और डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात का भी जिक्र किया। फैबियन के मुताबिक, इन कूटनीतिक वार्ताओं के बीच ईरान ने दो जापानी नागरिकों को रिहा करने जैसे कदम उठाए, जो उसकी रणनीति का हिस्सा है। परमाणु हमलों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार किसी भी बड़े रेडिएशन रिसाव के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे तत्काल परमाणु खतरे की पुष्टि नहीं होती।   इतिहास का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्वेज नहर संकट का जिक्र किया और कहा कि पहले भी इस क्षेत्र में बड़ी शक्तियों के टकराव ने हालात बिगाड़े हैं। ऊर्जा संकट पर चिंता जताते हुए फैबियन ने कहा कि कतर की गैस उत्पादन क्षमता लगभग 17% घट गई है, जिससे भारत सहित कई देशों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। फैबियन ने यह भी कहा कि ईरान ने पहले परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए कई शर्तें मान ली थीं, लेकिन बेंजामिन नेतन्याहू के प्रभाव में अमेरिका ने इसे आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने इस पूरे संघर्ष को “खतरनाक वैश्विक स्थिति” बताते हुए कहा कि त्योहार जैसे ईद के दौरान हमले होना बेहद दुखद है और यह दिखाता है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।

जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को किया निलंबित लापरवाह अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग का अधिकार नहीं

भोपाल  एक्शन में मोहन सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर  स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के के महाप्रबधंक  पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना  अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी में औचक निरीक्षण के बाद स्थानीय सर्किट हाउस में आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान सांसद  राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल  विश्वमित्र पाठक, विधायक मती रीति पाठक के साथ ही अन्य जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

तेल मार्ग पर बड़ा खतरा: होर्मुज में जहाज पर प्रोजेक्टाइल अटैक से दुनिया में हड़कंप

होर्मुज होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक बड़ा समुद्री सुरक्षा खतरा सामने आया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) के तट के करीब एक वाणिज्यिक जहाज के पास “अज्ञात प्रोजेक्टाइल” से विस्फोट हुआ, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है।ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, यह घटना शारजाह से लगभग 15 नॉटिकल मील उत्तर में हुई। जहाज के कप्तान ने बताया कि विस्फोट जहाज के बेहद करीब हुआ, जिससे स्थिति बेहद खतरनाक बन गई।हालांकि राहत की बात यह है कि जहाज के सभी चालक दल सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और आसपास के सभी जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस हमले के पीछे किसका हाथ है, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते ईरान पर संदेह जताया जा रहा है। हाल के दिनों में ईरान पर अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलमार्ग सुरक्षित नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के प्रमुख बुनियादी ढांचे पर हमला कर सकता है। वहीं G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने भी बयान जारी कर क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हस्तक्षेप करने की तैयारी जताई है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव अब वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।  

शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद  कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष  पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हेल्दी रहने के लिए डाइट में शामिल करें फाइबर, जानें इसके फायदे

कभी वर्क कभी फोटो शूट तो कभी मार्केटिंग कॉल पर आउटडोर जाना इनके काम में शुमार है। होटल की ब्रैंडिंग के लिए लोगों से मिलना और होटल में ही खाना इनके रुटीन में शामिल होता है। जी हां, होटल्स मार्क कॉम मैनेजर का प्रोफेशन ही कुछ ऐसा है कि इन्हें अपने लिए भी समय नहीं मिलता। ऐसे में यह अपनी सेहत और खानपान का खयाल कैसे रखते हैं, डीडी ने की पड़ताल। साथ ही इनकी लाइफस्टाइल को दुरुस्त करने के लिए डाइटीशियन से जानें कुछ खास टिप्स। दिनचर्या: मेरे दिन की शुरुआत सुबह 7 बजे होती है। मुझे घर से होटल के लिए लगभग 8.30 बजे निकल जाना होता है। 7.30 से 8 के बीच मैं ब्रेकफस्ट करती हूं। सुबह का इतना बिजी शेड्यूल होता है कि कोई एक्सरसाइज या वर्कआउट तक नहीं कर पाती। मैं पिछले एक साल से इस जॉब में हूं। व्यस्तता के कारण वॉक नहीं कर पाती। सुबह भागमभाग रहती है। ब्रेकफस्ट: मैं सुबह 7.45 बजे ब्रेकफस्ट करती हूं जिसमें आमतौर पर एक ग्लास दूध या चाय, कॉर्नफ्लेक्स, फ्रूट्स, ब्रेड बटर या फिर ऑमलेट होते हैं। इससे ज्यादा समय नहीं होता। मैं नॉनवेजटेरियन हूं। मैं होटल पहुंचने के बाद 9.30 तक ग्रीन टी लेती हूं। मन हुआ तो साथ में बिस्किट भी ले लेती हूं। 12.30 बजे तक कोई फल खाती हूं या ज्यादा भूख हो तो लंच जल्दी कर लेती हूं। मैं 2-3 घंटे के अंतर पर थोड़ा-थोड़ा कुछ न कुछ खाती रहती हूं। लंच: आमतौर पर मैं लंच 1 बजे तक कर लेती हूं। होटल में ही खाती हूं, जिसमें दाल, चपाती, सब्जी और दही या सैलेड होते हैं। स्नैक्स: शाम 4-5 बजे कभी कोल्ड कॉफी-बिस्किट या जूस या फिर सैंडविच लेती हूं। कोल्ड कॉफी पंद्रह दिन में एक बार लेती हूं। फिर घर पहुंचकर 7.00-7.30 बजे तक मेयोनीज चिकेन या हैम सैंडविच लेती हूं या फिर 1 ग्लास दूध लेती हूं। मैं सप्ताह में 2-3 दिन रात में या शाम को दूध लेती हूं। डिनर: रात 10 बजे तक डिनर में दाल, रोटी, सब्जी और थोड़ा चावल लेती हूं। जब बाहर जाती हूं तो सिर्फ सैलेड, फ्रूट्स या सूप ही प्रेफर करती हूं। रात 12 बजे तक सो जाती हूं।  

ईद की रात खून से लाल हुआ ईरान: चौथे सप्ताह में जंग ने मचाई भारी तबाही

ईरान पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान में मरने वालों की संख्या 1,500 से अधिक हो गई है। यह जानकारी सरकारी मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से दी है।अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी से शुरू किए गए हमलों के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राजधानी तेहरान में रमजान खत्म होने के दौरान भीषण हवाई हमले हुए, जिससे लोगों में डर और अफरा-तफरी फैल गई। युद्ध के चौथे सप्ताह में भी संघर्ष जारी है और अब इसका दायरा और बढ़ता दिख रहा है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। यह हमला करीब 4,000 किलोमीटर दूर से किया गया, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान के पास लंबी दूरी की ताकतवर मिसाइलें मौजूद हैं। इसके साथ ही ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकाने नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर फिर से हमला किया गया है, जिससे परमाणु सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है। इस युद्ध का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे वैश्विक आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों में ईरान को कुल कितना नुकसान हुआ है और देश की कमान किसके हाथ में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को इस भूमिका के लिए नामित किया गया है, लेकिन वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, हर दिन तोड़ रही नए रिकॉर्ड

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने रिलीज के महज तीन दिनों के भीतर ही दुनियाभर में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। वहीं, भारत में भी यह फिल्म 300 करोड़ क्लब में शामिल हो चुकी है, जिससे इसकी सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने तीसरे दिन यानी शनिवार को भारत में 113 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जिसमें हिंदी वर्जन का कलेक्शन 105 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही फिल्म का कुल घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 339.27 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। महज तीन दिनों में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जो फिल्म की जबरदस्त लोकप्रियता को दर्शाता है। फिल्म की सफलता में दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जुबानी तारीफ का बड़ा योगदान रहा है। सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह की दमदार एक्टिंग और आदित्य धर के निर्देशन की जमकर सराहना हो रही है। ईद वीकेंड का भी फिल्म को भरपूर फायदा मिला है और ट्रेड पंडितों का मानना है कि ओपनिंग वीकेंड में यह फिल्म 400 से 500 करोड़ रुपये तक का कारोबार कर सकती है। फिल्म में आर माधवन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। 'धुरंधर 2' एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसमें रणवीर सिंह जासूस हमजा अली मजारी के किरदार में नजर आ रहे हैं। वहीं, पवन कल्याण की फिल्म 'उस्ताद भगत सिंह' को 'धुरंधर 2' से कड़ी टक्कर मिल रही है। फिल्म ने पहले दिन 34.75 करोड़, दूसरे दिन 9 करोड़ और तीसरे दिन 9.15 करोड़ रुपये की कमाई की है। इस तरह भारत में इसका कुल कलेक्शन 52.90 करोड़ रुपये पहुंच चुका है, लेकिन 'धुरंधर 2' के तूफान के आगे इसकी रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है।