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आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की ताज़ा जानकारी, यात्री रखें ध्यान

जालंधर    आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने आदमपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से बात करके इस विषय पर स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के रनवे मेंटेनेंस के कारण 8 महीने तक संचालन बंद रहने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। यहां से उड़ानों का संचालन जारी है। पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन हिंडन, नांदेड़, बेंगलुरु और मुंबई के लिए फ्लाइट्स का नियमित संचालन जारी है। यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है। सुशील रिंकू ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी है कि गत दिन शाम 5:48 बजे तक लगभग 505 यात्रियों ने आदमपुर एयरपोर्ट से यात्रा की, जो इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट पर गतिविधियां पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का मेंटेनेंस कार्य प्रस्तावित होता है, तो यात्रियों को समय रहते इसकी जानकारी दे दी जाएगी ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। सुशील रिंकू ने कहा कि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का आदमपुर एयरपोर्ट के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर एयर कनाडा का विमान फायर ट्रक से टकराया, चार लोग घायल

न्यूयॉर्क न्यूयॉर्क के ला गार्डिया एयरपोर्ट पर सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया. खराब मौसम के बीच गेट की तरफ जा रहा एयर कनाडा का एक जेट रनवे पर खड़े फायर ट्रक से टकरा गया।  फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ विमान 'एयर कनाडा एक्सप्रेस CRJ-900' है, जो मॉन्ट्रियल से न्यूयॉर्क पहुंचा था. टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसमें चार दमकलकर्मी घायल हो गए हैं. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।  हादसे के समय विमान में लगभग 100 यात्री सवार थे. आपातकालीन बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में यात्री विमान के अगले हिस्से और 'नोज' को भारी नुकसान पहुंचता दिख रहा है।  पूरा एयरपोर्ट हुआ बंद ला गार्डिया काफी बिजी और भीड़भाड़ वाला एयरपोर्ट है. प्लेन क्रैश होने की वजह से फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने ला गार्डिया एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों के लिए 'ग्राउंड स्टॉप' जारी कर दिया है. शुरुआत में 05:30 GMT तक उड़ानों पर रोक लगाई गई थी, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे 18:00 GMT तक बंद रखा जा सकता है. एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां रनवे से मलबा हटाने और जांच करने में जुटी हैं।  शुरुआती रिपोर्ट की मानें तो हादसे की वजह खराब मौसम और विजिबिलिटी की कमी बताई जा रही है. फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दमकल की गाड़ी रनवे पर क्यों मौजूद थी. रेगुलेटर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सिक्योरिटी स्टैंडर्ड की भी समीक्षा की जाएगी। 

गंगरेल नौकायान उत्सव: धमतरी में आयोजित महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप ने रचा इतिहास

गंगरेल नौकायान उत्सव: महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का भव्य आयोजन, धमतरी में रचा गया इतिहास गंगरेल नौकायान उत्सव’ से धमतरी को मिली नई पहचान, 52 टीमों ने दिखाया दम महानदी की लहरों पर दौड़ी रफ्तार, गंगरेल बोट चैंपियनशिप सफलतापूर्वक संपन्न जल, खेल और संस्कृति का संगम: गंगरेल में भव्य नौकायान प्रतियोगिता आयोजित धमतरी आज का दिन धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित समीपवर्ती जिलों कांकेर एवं बालोद की कुल 52 टीमों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक श्री ओमकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिला सहभागिता ने बढ़ाया गौरव इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की श्रीमती चयन बाई, श्रीमती सुमन एवं श्रीमती दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और साहस सभी के लिए अनुकरणीय रहा। प्रतियोगिता के परिणाम प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए—     •    प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 04 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद)     •    द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 सत्वंत मंडावी एवं  मिथलेश मंडावी,कोलियारी)     •    तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा) इसके अतिरिक्त—     •    वेशभूषा पुरस्कार: बोट क्रमांक 06 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद,तिर्रा)     •    सजावट पुरस्कार: बोट क्रमांक 08 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा) विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए—     •    प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000     •    द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000     •    तृतीय पुरस्कार: ₹25,000 साथ ही बोट सजावट एवं वेशभूषा के लिए ₹11,000 के विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला प्रशासन द्वारा महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ₹15,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की भी घोषणा की गई। विधायक श्री ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं जल पर्यटन को नई पहचान प्रदान करेगा। महापौर श्री रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेल एवं साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी। अन्य प्रमुख गतिविधियाँ कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए, जिससे मत्स्य व्यवसाय को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। साथ ही जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया। पर्यटन और विकास की नई दिशा ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति एवं खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: 9,800+ धावकों के साथ बस्तर ने वैश्विक स्तर पर हासिल किया नया मुकाम

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: 9,800 से अधिक धावकों के साथ रचा इतिहास, वैश्विक मंच पर चमका बस्तर समृद्ध और विकसित बस्तर बनाने का प्रयास : वन मंत्री केदार कश्यप रायपुर बस्तर की ऐतिहासिक और नैसर्गिक धरा उस समय गौरवशाली क्षण की साक्षी बनी, जब ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में उत्साह का अभूतपूर्व जन सैलाब उमड़ा और 9,800 से अधिक पंजीकृत धावकों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर के बदलते स्वरूप, बढ़ती शांति और शासन की ‘पूना मारगेम’ जैसी पुनर्वास नीतियों की सफलता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।        बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ बस्तर के जगदलपुर स्थित लालबाग से प्रारम्भ होकर चित्रकोट जल प्रपात के समीप समापन पश्चात आयोजित समारोह के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने मैराथन के विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि समृद्ध और विकसित बस्तर बनाने का प्रयास के साथ बस्तर क्षेत्र में बस्तर हैरीटेज मैराथन 2026 का आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगा। बस्तर बदल रहा है, बस्तर जो चार दशक से अशांत क्षेत्र रहा अब शांति का गढ़ बन रहा है। यहाँ के युवा खेल गतिविधियों के साथ ही देश के प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल हो रहे हैं। शांति के इस माहौल में बस्तर मैराथन में देश-विदेश के कई राज्यों और प्रदेश के अन्य जिलों तथा बस्तर संभाग के खिलाड़ी शामिल हुए।उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई देते भविष्य में पुनः भव्य आयोजन की आशा व्यक्त की।              समारोह में विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अबूझमाड़ हाफ मैराथन आयोजन के बाद बस्तर हैरिटेज मैराथन का आयोजन शांति, विकास और समृद्धि का नया अध्याय है । अब बस्तर में विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति दी जाएगी इसी का एक प्रयास मैराथन का आयोजन  है । इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक विनायक गोयल ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मैराथन के विजेताओं को बधाई दी।            'बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का मुख्य आकर्षण 42 किलोमीटर की फुल मैराथन रही, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से हुई और समापन ‘भारत का नियाग्रा’ कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर हुआ। आयोजन को समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसे 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की श्रेणियों में विभाजित किया गया था। 21 किमी दौड़ पोटानार तक, 10 किमी दौड़ कुम्हरावंड तक, जबकि 5 किमी की दौड़ लालबाग से दलपत सागर रानीघाट तक आयोजित की गई, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।            खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन द्वारा 25 लाख रुपये की आकर्षक इनामी राशि घोषित की गई थी। साथ ही स्थानीय धावकों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा का अवसर देने हेतु ‘बस्तर कैटेगरी’ का विशेष प्रावधान रखा गया और बस्तर जिले के निवासियों के लिए पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया।               विशेष बात यह रही कि इस मैराथन में मांझी- चालकी समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे आयोजन की सामाजिक समावेशिता और अधिक सुदृढ़ हुई। इस भव्य आयोजन ने न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित किया, बल्कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास की नई तस्वीर को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।              इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मांझी- चालकी, कमिश्नर डोमन सिंह, आई जी सुंदरराज पी., कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

यूपी महिला सुरक्षा में बना नंबर-1, सुरक्षा और त्वरित न्याय की पहल से मिली सफलता

नव निर्माण के 9 वर्ष : सशक्त नारी  कॉपी -2 सुरक्षा, कार्रवाई और त्वरित न्याय से महिला सुरक्षा में यूपी बना नंबर-1 योगी सरकार के नौ वर्षों में महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, अपराध में बड़ी गिरावट लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नौ वर्षों में महिला सुरक्षा को लेकर बहुआयामी और एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्क्वॉड, आधुनिक तकनीक, सख्त कार्रवाई और मजबूत पुलिस ढांचे के समन्वय से प्रदेश आज महिलाओं और बेटियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण प्रदान कर रहा है। यही कारण है कि महिला संबंधी मामलों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जहां एक ओर मिशन शक्ति के तहत प्रत्येक थाने में विशेष केंद्र स्थापित किए गए और उनके संचालन के लिए लगभग 40 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया, वहीं दूसरी ओर एंटी रोमियो स्क्वॉड जैसे अभियानों ने जमीनी स्तर पर बड़ा प्रभाव डाला। अब तक 5 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की जांच, 1.85 करोड़ को चेतावनी और 38,835 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया है। आईटीएसएसओ पोर्टल के जरिए यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा इसके साथ ही 1090 वूमेन पावर लाइन, महिला हेल्पलाइन 181, जीआरपी और फायर सर्विस जैसी सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं के लिए त्वरित सहायता प्रणाली विकसित की गई है। आईटीएसएसओ पोर्टल के जरिए यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा गया, जिससे पारदर्शिता और तेजी दोनों सुनिश्चित हुई। मिशन शक्ति केन्द्र की स्थापना के बाद सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 तक अपराध में और गिरावट देखने को मिली। बलात्कार की घटनाओं में 33.92% की कमी और दहेज हत्या में 12.96% की कमी दर्ज की गई है। दोषियों को सजा दिलाने में सबसे तेज सबसे अहम बात यह है कि केवल अपराध में कमी ही नहीं, बल्कि मामलों के त्वरित निस्तारण में भी प्रदेश ने रिकॉर्ड बनाया है। महिला संबंधी मामलों में 98.90 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। प्रभावी पैरवी के चलते महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के 32,575 मामलों, 14,111 पॉक्सो मामलों और 4,564 बलात्कार के मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई है। 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय और 5 नई बटालियन प्रस्तावित महिला सुरक्षा को संस्थागत रूप देने के लिए पुलिस ढांचे का भी तेजी से विस्तार किया गया है। प्रदेश में 19,839 महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति, 9,172 महिला बीटों का आवंटन, 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय और 5 नई बटालियन प्रस्तावित हैं। साथ ही 134 नए थाने, 86 नई पुलिस चौकियां और 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र स्थापित कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। योगी सरकार के इस समग्र मॉडल में सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन देखने को मिलता है, जहां एक ओर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को त्वरित सहायता, न्याय और भरोसा मिलता है। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत और प्रभावी मॉडल इसी समेकित रणनीति के चलते आज उत्तर प्रदेश महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रभावी मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां कानून का डर और व्यवस्था पर भरोसा दोनों साथ-साथ दिखाई देते हैं। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का यह मॉडल केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि व्यवस्था में आए भरोसे और बदलाव का प्रमाण है, जहां सुरक्षा अब सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।

काटजू अस्पताल में खुला हाईटेक गायनेकोलॉजी सेंटर, मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक की सुविधाएं एक छत के नीचे

भोपाल  राजधानी भोपाल में महिलाओं के इलाज को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 23 मार्च सोमवार से काटजू अस्पताल में शुरू हो रहा स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर न सिर्फ प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी सेंटर होगा, बल्कि यहां बांझपन से लेकर सर्वाइकल कैंसर तक की आधुनिक जांच और इलाज एक ही जगह पर उपलब्ध होगा।  प्रदेश का पहला, सुविधाओं में बड़ा कदम यह मध्यप्रदेश का पहला सरकारी प्रिवेंटिव गायनी ऑन्कोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी सेंटर होगा। इससे पहले ऐसी सुविधाएं सीमित थीं और महंगे निजी अस्पतालों तक ही सिमटी थीं। इस सेंटर का उद्घाटन 23 मार्च को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल द्वारा किया जाएगा। अब भटकना नहीं पड़ेगा, एक ही जगह मिलेगा पूरा इलाज डॉ. कैलाशनाथ काटजू शासकीय अस्पताल की नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि शुरू हो रहे इस अत्याधुनिक सेंटर में महिलाओं से जुड़ी लगभग हर बड़ी समस्या का समाधान होगा। इन्फर्टिलिटी (नि:संतानता), पीसीओएस, सर्वाइकल कैंसर, मोटापा, मेनोपॉज, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित पीरियड्स जैसी बीमारियों के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। कैंसर की शुरुआती पकड़, जान बचाने की तैयारी सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए वीआईए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़कर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा, जिससे महिलाओं की जान बचाने में मदद मिलेगी। इस सरकारी सेंटर में बांझपन का इलाज 40 हजार से 80 हजार रुपए के बीच हो सकेगा। वहीं, निजी अस्पतालों में यही इलाज 2.5 से 3 लाख रुपए तक पहुंच जाता है। यानी आम लोगों को यहां 3 से 4 गुना तक सस्ता इलाज मिलेगा। हाईटेक मशीनें और आधुनिक इलाज की सुविधा करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस सेंटर को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। यहां आईयूआई जैसी एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों को काउंसलिंग से लेकर ट्रीटमेंट तक हर स्टेज पर मदद करेगी।  आधुनिक मशीनों से होगा इलाज     केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा।     कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी।     लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘यह प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा

धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने से धर्मांतरण पर लगेगी रोक,अवैध धर्मांतरण के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की और बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के पारित होने पर उनका सम्मान कर आभार जताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026,छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल  विधेयक 2026 एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना पूरे प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा। इनमें धर्म स्वातंत्र्य विधेयक हमारी महान परंपराओं और मूल्यों को सुरक्षित रखने का एक स्पष्ट संकल्प है। इसी तरह अन्य दो विधेयक भी पारदर्शिता के साथ भर्ती के लिए अहम साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्मावलंबी लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ  सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे थे। इस मांग के अनुरूप हमने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किया है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस संबंध में कानून बना था पर यह कानून उतना प्रभावी नहीं था, जिस कारण अवैध धर्मांतरण कराने वाले लोग बच जाते थे। प्रदेश में धर्मांतरण के कारण कुछ क्षेत्रों में सामाजिक तानाबाना भी बिगड़ रहा था, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हो रही थी। इस बिल के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाया जाएगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को पारित कर पूर्व राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जूदेव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ प्रखर मुहिम छेड़ कर "घर वापसी" अभियान चलाया था। इसी तरह हमारी सरकार की पहल पर  प्रदेश के लाखों युवाओं की आवाज को सुनते हुए सरल एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित किया गया है। इसी तरह परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने एवं नकल जैसे प्रकरणों पर अंकुश लगाने  छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 पारित किया गया है। यह दोनों  सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर सभी प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी,  रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को किया नमन

भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है बलिदानियों का त्याग: मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को किया नमन  सीएम ने किया पोस्ट- इनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना सदियों तक देती रहेगी 'राष्ट्र सर्वोपरि' की प्रेरणा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिदान दिवस पर महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम को प्रेरक बताया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि क्रांति की ज्योति प्रज्ज्वलित करने वाले अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का त्याग भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना सदियों तक हमें 'राष्ट्र सर्वोपरि' की प्रेरणा देती रहेगी। आज बलिदान दिवस पर वीर हुतात्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि।

एसडीएम का गंभीर आरोप: डीसी पर तंग करने का आरोप, चीफ सेक्रेटरी से जांच और ट्रांसफर की मांग

बाघापुराना  पंजाब के बाघापुराना के एडीएम ने मोगा के डीसी पर ही मानसिक रूप से परेशान करने और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी तरफ से इस बारे में एक चिट्ठी चीफ सेक्रेटरी को लिखी गई है। इसमें उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने। एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से तबादले की भी मांग की है। दूसरी तरफ, इस मामले को विपक्ष भी उठा रहा है। हालांकि डीसी सेतिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, पता चला है कि इस मामले में कोर्ट में मामला पहुंचने वाला है। चिट़ठी सुबह तीन बजे लिखी है एसडीएम भवपदीप सिंह वालिया ने सुबह तीन बजे चिट्‌ठी लिखी है।अपनी चिट्ठी में कहा है कि उन्हें बार-बार बैठकों के लिए बुलाया गया और लगातार फोन कॉल्स के जरिए संपर्क किया गया, जिससे दबाव और डर का माहौल बना। देर रात और अवकाश के दिनों में भी उन्हें कॉल किए जाते रहे, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ गया। इसके अलावा, उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर धमकियां मिलने, विभागीय कार्रवाई, जांच और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने का भी जिक्र किया है। एसडीएम के अनुसार, इन सबका उद्देश्य किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करवाने का दबाव बनाना हो सकता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ है। सारे मामले की निष्पक्ष जांच हो घटनाओं की पूरी श्रृंखला और संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के आचरण की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच कराई जाए। तुरंत हस्तक्षेप किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव, उत्पीड़न और धमकी तुरंत रोकी जा सके। इस अवधि के दौरान झेले गए अत्यधिक मानसिक तनाव और आघात को देखते हुए मुझे एक महीने की छुट्टी प्रदान करने पर विचार किया जाए। मुझे मोगा से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित हो सके और किसी भी अनुचित प्रभाव से बचा जा सके।

बेबी रानी मौर्य का बयान: यूपी में महिला सशक्तिकरण अब नारा नहीं, जमीनी हकीकत है

नव निर्माण के 9 वर्ष  यूपी में महिला सशक्तिकरण अब नारा नहीं, जमीनी हकीकत है: बेबी रानी मौर्य महिला अपराधों में भारी कमी, यूपी-112 का रिस्पांस टाइम घटकर हुआ मात्र 6 मिनट 18 लाख से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी', नाइट शिफ्ट से खुले रोजगार के द्वार मातृ-शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में आई भारी गिरावट, 60 लाख माताओं को मिला लाभ कन्या सुमंगला से 26 लाख बेटियों को लाभ, 5.20 लाख का हुआ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आगरा  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के सफल 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज आगरा में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने अपने विभाग की 9 साल की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा पेश करते हुए कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चों के विकास को केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा है। अब यह सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक न्याय का एक व्यापक मॉडल बन चुका है। कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि यूपी में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक जमीनी हकीकत बन गया है। अब प्रदेश की महिलाएं केवल नौकरी नहीं ढूंढ रहीं, बल्कि नए अवसर पैदा कर रही हैं। बेटी के जन्म से लेकर स्वावलंबन तक की मजबूत व्यवस्था कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बताया कि योगी सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसके शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होने तक की पूरी व्यवस्था खड़ी की है। कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक 26.81 लाख बेटियों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड व सामान्य) के माध्यम से 1 लाख 5 हजार से अधिक बेसहारा बच्चों को संरक्षण दिया गया। वहीं मिशन वात्सल्य के तहत 1 लाख से अधिक बच्चों को उनके बिछड़े परिवारों से मिलाया गया है। यह साबित करता है कि सरकार बच्चों को सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि भविष्य के नागरिक के रूप में देखती है। मातृ स्वास्थ्य और पोषण के मोर्चे पर अभूतपूर्व सुधार उन्होंने बताया कि पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगी सरकार के काम के परिणाम अब स्पष्ट नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव पर ₹1400 और शहरी क्षेत्रों में ₹1000 की सहायता दी जा रही है। संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 84 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। प्रदेश में 0 से 5 वर्ष के बच्चों में स्टंटिंग (ठिगनापन) की दर में 6.6% और अंडरवेट दर में 7.5% का सुधार हुआ है। 2 करोड़ 12 लाख बच्चों और महिलाओं को अनुपूरक पुष्टाहार मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में 'संभव अभियान' के तहत तकनीक (पोषण ट्रैकर) का इस्तेमाल कर कुपोषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। महिला सुरक्षा: अपराधों में भारी कमी और सख्त कानून व्यवस्था कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के नतीजे सामने हैं। 2016 में यूपी-112 का जो रिस्पॉन्स टाइम 1 घंटा 5 मिनट था, वह 2025 में घटकर मात्र 06 मिनट 41 सेकंड रह गया है। प्रदेश के हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं और महिला अपराधों के ग्राफ में भारी गिरावट आई है। बलात्कार की घटनाओं में 33.92%, अपहरण में 17.03% और घरेलू हिंसा में 9.54% की कमी दर्ज की गई है। यूपी पुलिस में महिलाओं के लिए 20% पद आरक्षित किए गए हैं, जिसके फलस्वरूप आज 44,000 से अधिक महिलाएं पुलिस बल का हिस्सा हैं। 3 नई महिला P.A.C. बटालियन का गठन और हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वायड की तैनाती की गई है। लखपति दीदी से लेकर महिला उद्यमी तक कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्पष्ट किया कि असली सशक्तिकरण आर्थिक आत्मनिर्भरता से ही आता है। यूपी में 1 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी हैं। 'लखपति दीदी योजना' के तहत 18.55 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। 39,885 बीसी सखियों ने ₹42,711 करोड़ का लेनदेन कर ₹116 करोड़ का लाभांश कमाया है। वहीं 15,409 विद्युत सखियों ने करोड़ों का बिल कलेक्शन कर कमीशन अर्जित किया है। औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट (रात की पाली) में काम करने की अनुमति दी गई है। 2017 में जहां महिला श्रम बल भागीदारी सिर्फ 13% थी, वह अब बढ़कर 36% हो गई है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिला सम्मान प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का मानदेय अप्रैल 2026 से बढ़ाने का निर्णय किया है। इसके अलावा उन्हें जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजनाओं से भी जोड़ा गया है। 1.90 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को अब प्री- स्कूल के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख बेटियों के हाथ पीले कराए गए हैं। योगी सरकार की स्पष्ट नीयत, पारदर्शी नीतियों और ईमानदार क्रियान्वयन ने यूपी में आधी आबादी की तस्वीर बदल दी है। "सुरक्षित नारी, सक्षम नारी, स्वावलंबी नारी" – यही आज के नए और समृद्ध उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला है।