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प्रशासनिक फेरबदल में एसपी ने थानों के टीआई को किया बदल, देर रात के आदेश

नीमच   मध्य प्रदेश के नीमच जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन में अहम बदलाव किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने सोमवार देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए दो थाना प्रभारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इस आदेश के तहत नीमच केंट थाना और मनासा थाना के थाना प्रभारियों को आपस में बदला गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जिले में बेहतर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाया गया है।

12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा छत्तीसगढ़ में रद्द, शिक्षा मंत्री ने दी नई तारीख और वजह

रायपुर   छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 12वीं की हिंदी परीक्षा रद्द कर दी है. 14 मार्च को हुई परीक्षा का पेपर एक दिन पहले लीक होने की शिकायत के बाद मामला गरमाया, छात्रों‑अभिभावकों में बेचैनी बढ़ी और एनएसयूआई ने बोर्ड कार्यालय का घेराव किया. शिक्षा विभाग ने त्वरित जांच समिति बनाई और उसकी रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. बोर्ड ने अब नई तारीख जारी कर दी है और सुरक्षा उपाय कड़े करने की बात कही है. 10 अप्रैल को होगा हिंदी का पेपर पेपर लीक की शिकायतों और जांच के बाद बोर्ड ने 12वीं हिंदी की परीक्षा को 10 अप्रैल को फिर से कराने की घोषणा की है. कुछ छात्रों ने दोबारा परीक्षा से निराशा जताई, जबकि कई ने इसे निष्पक्षता के लिए सही कदम बताया. बोर्ड का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए पेपर सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर छात्रों का भरोसा बना रहे. ‘पेपर लीक नहीं, संवेदनशीलता में रद्द' शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार को पेपर लीक का पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है. उनके मुताबिक, एक व्हाट्सएप ग्रुप में हाथ से लिखा एक पर्चा शेयर हुआ था, जिस पर संदेह पैदा हुआ. सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज कराई और माशिम (माध्यमिक शिक्षा मंडल) की समिति ने छात्रहित में परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच रिपोर्ट में यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रदर्शन और जांच: क्या हुआ अब तक शिकायतें सामने आने के बाद एनएसयूआई ने बोर्ड कार्यालय का घेराव किया और पेपर रद्द करने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई. शिक्षा विभाग ने जांच समिति गठित की, जिसने त्वरित रिपोर्ट सौंपी. इसी रिपोर्ट के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया. बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में पेपर वितरण, केंद्र सुरक्षा और डिजिटल निगरानी की बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की जाएगी.

पंजाब के कपल ने रची हनीट्रैप साजिश, ठेकेदार की न्यूड वीडियो बनाकर ₹50 लाख की फिरौती

चंडीगढ़  हरियाणा में हनीट्रैप में फंसाकर फिर हिडन कैमरे से अश्लील वीडियो शूट करने के मामले में बड़े खुलासे हुए हैं। इसकी मास्टरमाइंड 28 साल की एक ब्यूटिशियन है, जो पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में ब्यूटीपार्लर चलाती है। 6 माह पहले ही सरहिंद के एक सैलून संचालक से लव की थी।   पहला शिकार कैथल का 45 वर्षीय सड़क निर्माण का ठेका लेने वाला ठेकेदार बना, जिसे यह ब्यूटिशियन शादी से पहले ही जानती थी। युवती ने ठेकेदार को मोरनी हिल्स के एक होटल में रात बिताने के लिए बुलाया। इस बीच हैंडबैग में हिडन कैमरा फिट कर लिया। इसी कैमरे से बिस्तर में न्यूड वीडियो कैप्चर की। हालांकि ठेकेदार ने शक होने पर पर्स चेक किया और कैमरा तोड़ भी दिया, लेकिन तब तक घर में बैठा पति वीडियो रिकॉर्ड कर चुका था। ठेकेदार को ब्लैकमेल करके 50 लाख रुपए की डिमांड की। पंचकूला की चंडीमंदिर पुलिस ने पति-पत्नी और उनके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। ति-पत्नी और ब्लैकमेलिंग गेम की पूरी कहानी…     छह माह पहले हुई शादी: पंजाब के जीरकपुर की रहने वाली ब्यूटी पॉर्लर चलाने वाली मुस्लिम युवती सना ने करीब 6 माह पहले पंजाब के सरहिंद शहर निवासी सिख युवक दिलप्रीत सिंह से शादी की। युवक सरहिंद में ही सैलून चलाता है। दोनों की पहले दोस्ती हुई और फिर लव मैरिज।     युवक नशे का आदी, पैसे की जरूरत : युवक नशे का आदी है। शादी के 6 माह बाद खर्चे बढ़ने लगे तो टेंशन होने लगी। दोनों ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहते थे, ऐसे में एक दिन युवती ने पति को बताया कि वह शादी से पहले एक-दो लोगों के सपंर्क में रही है। हनीट्रैप का शिकार बनाकर उन लोगों से मोटी रकम हासिल की जा सकती है।     ठेकेदार को घर बुलाया : ब्यूटी पॉर्लर संचालिका ने पति से हरी झंडी मिलते ही कैथल के ठेकेदार को फोन किया और उसे मिलने के लिए घर बुलाया। घर आने से ठेकेदार ने मना कर दिया। इसके बाद पंचकूला एरिया में कहीं मिलने की बात तय हुई। ठेकेदार के बुलाने पर युवती अपने एक परिचित के साथ पंचकूला पहुंच गई।     मोरनी हिल्स के होटल में कमरा बुक किया: ठेकेदार ने युवती के लिए पंचकूला के मोरनी स्थित होटल में कमरा बुक किया। रात के समय ये होटल में पहुंचे। युवती ने पहले से ही अपने हैंडबैग में हिडन कैमरा फिट करवा लिया था। इसे उसने बेड के सामने टेबल पर रख दिया।     बार-बार बैग के पास गई तो हुआ शक : न्यूड वीडियो शूट के लिए महिला बार-बार बैग की तरफ जा रही थी। इसकी वजह से ठेकेदार को शक हुआ। उसने बैग की तलाशी ली तो उसमें कैमरा इंस्टॉल मिला। ठेकेदार ने बैग छीनकर उसका कैमरा तोड़ दिया।     घर बैठा रिकॉर्ड कर रहा था पति : ठेकेदार ने कैमरा तोड़कर यह समझ लिया कि वे अब कुछ नहीं कर सकते। मगर, उसे नहीं पता था कि कैमरा वाई-फाई ऑपरेटिड है। युवती का पति घर बैठे देख रहा था और रिकॉर्ड कर रहा था। इसकी एक क्लिप तैयार हो चुकी थी।     क्लिप भेजकर मांगे पैसे : युवती के साथ होटल में ठेकेदार का झगड़ा भी हुआ, लेकिन दोनों ही बिना किसी शिकायत के घर चले गए। घर जाने के अगले दिन ठेकेदार के वॉट्सएप पर एक मैसेज और वीडियो आई। इसमें ठेकेदार युवती के साथ न्यूड था। क्लिप दिखाकर ठेकेदार से 50 लाख रुपए की डिमांड की गई।     ठेकेदार 25 लाख देने को तैयार हुआः लगातार डिमांड पूरी करने के लिए फोन कॉल्स और मैसेज आने लगे। इससे ठेकेदार परेशान हो गया। वह किसी तरह इससे पंगे से पीछा छुड़ाना चाहता था। मगर, कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। लगातार मिलती धमकियों के चलते वह कपल को 25 लाख रुपए देने को तैयार हो गया।     कपल ने 35 लाख रुपए की डिमांड रखी : ठेकेदार के मुताबिक, जब उसने 25 लाख रुपए देने की बात तय कर ली, तो कपल ने उससे 35 लाख से एक रुपया कम पर नहीं मानने की धमकी दी। इस पर ठेकेदार उलझन में आ गया। सोचा कि यदि 35 लाख दे दूंगा तो भविष्य में फिर ब्लैकमेल किया जा सकता हूं। इस पर उसने पुलिस को शिकायत करने का मन बनाया।     ठेकेदार ने पुलिस को शिकायत देकर मामला बताया : इसके बाद ठेकेदार ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैप बिछाया और ठेकेदार को उनसे मिलने के लिए कहा। इस पर ठेकेदार ने फिर कपल से बात की और किसी तरह 25 लाख पर मामला सेट कर मिलना तय किया।     पुलिस ने तीनों को अरेस्ट किया : इसके बाद जैसे ही आरोपी ठेकेदार से पैसे लेने के लिए आए, पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया हिडन कैमरा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक कार भी बरामद की गई है। पति-पत्नी कर रहे थे ब्लैकमेल : SHO पंचकूला के चंडीमंदिर थाना SHO रामपाल सिंह ने बताया कि ब्यूटीपार्लर संचालिका सना और उसका पति दिलप्रीत सिंह दोनों मिलकर एक ठेकेदार को ब्लैकमेल कर रहे थे। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किया है, जिससे वीडियो क्लिप पीड़ित को भेजी गई थी। इनके एक साथी मनमोहन सिंह को भी अरेस्ट किया गया है। महिला व उसके पति को 2 दिन तक पुलिस रिमांड में भी रखा गया।

राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026: 94.23% छात्रों ने पास किया, बेटियों का रहा दबदबा!

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के लाखों छात्रों का इंतज़ार आज खत्म हो गया है. बोर्ड ने 10वीं कक्षा (Secondary) का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है. इस साल का कुल पास प्रतिशत 94.23% रहा है. छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर देख सकते हैं।  छात्राओं ने फिर मारी बाजी राजस्थान बोर्ड के नतीजों में एक बार फिर बेटियों का दबदबा देखने को मिला है. बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक छात्राओं का सफलता प्रतिशत: 94.20% और छात्रों का सफलता प्रतिशत: 93.63% रहा. इस साल बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 10,66,561 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है।  रिजल्ट चेक करने के 3 आसान तरीके 1. आधिकारिक वेबसाइट से सबसे पहले rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं. होमपेज पर 'Main Examination Results 2026' के लिंक पर क्लिक करें. अपना रोल नंबर दर्ज करें और सबमिट करें. आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर होगी।  2. SMS के जरिए (अगर वेबसाइट न खुले): फोन के मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें: RJ10 के बाद रोल नंबर  इसे 56263 या 5676750 पर भेज दें. रिजल्ट तुरंत आपके इनबॉक्स में होगा।  3. डिजिलॉकर (DigiLocker) छात्र अपने आधार नंबर से लॉगिन करके अपनी डिजिटल प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।  पास होने के लिए चाहिए 33% नंबर बोर्ड के नियमों के अनुसार, छात्रों को हर विषय में और कुल मिलाकर कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है. जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हुए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है; बोर्ड जल्द ही उनके लिए 'सप्लीमेंट्री परीक्षा' आयोजित करेगा।  रिकॉर्ड समय में आया परिणाम इस बार बोर्ड ने नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू करने के लक्ष्य के साथ मूल्यांकन प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर पूरा किया. यही वजह है कि पिछले सालों की तुलना में इस बार नतीजे काफी पहले जारी कर दिए गए हैं, जिससे छात्रों को आगे की स्ट्रीम चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। 

किसानों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर काम कर रही है: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने ग्राम बद्दो में किया भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का भूमिपूजन 11.49 करोड़ रुपए की नहर परियोजना से 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ 770 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों की आय में होगी वृद्धि रायपुर  चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नन्द श्रीवास, राम किंकर वर्मा, लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।      इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।      उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। योजना से बहुउद्देशीय लाभ        इस योजना से 635 हे. क्षेत्र में सिंचाई की कमी की पूर्ति सहित 770 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई होगी। असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर कृषि भूमि की दरों में उन्नयन होगा। नहरों के सर्विस बैंक निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, सिंचाई सुविधा मिलने से किसान अब एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना क्षेत्र के किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी साबित होगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।  योजना से लाभन्वित ग्राम परियोजना के पूर्ण होने पर बाघुटोला, लाटा, खिरसाली, बद्दो, रघ्घुपारा एवं छपरी सहित कुल 6 ग्रामों के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे इन गांवों के किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी।

बर्ड फ्लू की आशंका, पोल्ट्री फार्म में 5000 मुर्गियों की संदिग्ध मौत, पशु चिकित्सा विभाग में खलबली

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को निगरानी में ले लिया गया है।  छह दिनों में 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार बढ़ता गया। छह हजार से अधिक पक्षियों की क्षमता वाले इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते पांच-छह दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है। जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे सैंपल मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतों के पीछे बर्ड फ्लू है या कोई अन्य कारण। घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी। टीम द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। 5 किलोमीटर का इलाका घोषित संवेदनशील संभावित संक्रमण को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गा-मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में फार्म प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू होने के बावजूद समय पर उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी। आज आएगी राज्य स्तरीय टीम बीते छह दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा एके तफ्शी, अपर संचालक डा केके ध्रुव के अलावा अन्य शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्टी फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेंगे। जांच के लिए सैंपल को भेजा जाएगा भोपाल सरकारी पोल्ट्री फार्म में इतनी बड़ी संख्या में मौत को बर्ड फ्लू से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी। पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा। प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज की लापरवाही सामने आई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को चुपचाप दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी। पहले भी सामने आ चुका है मामला गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस दौरान हजारों मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर क्षेत्र को कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन घोषित किया गया था।

इंदौर से हज यात्रा के लिए खर्च तय, तीसरी किस्त 31 मार्च तक जमा करनी होगी

भोपाल   हज यात्रा पर खर्च होने वाली कुल राशि सेंट्रल हज कमेटी ने तय कर दी है। मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर से एक हजयात्री को 3 लाख 63 हजार रुपए हज खर्च रहेगा। वहीं, मुम्बई से 3 लाख 40 हजार रुपए हज यात्रा पर खर्च तय हुआ है। अहमदाबाद से देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले हज यात्रा सबसे कम खर्च करना होगा। वहां से एक हज यात्री को हज खर्च 3 लाख 33 हजार रुपए तय हुआ है। खास बात ये है कि, पांच साल में ये पहली बार है जब राजधानी भोपाल से कोई हज उड़ान नहीं होगी। जबकि, इंदौर से भी मात्र एक ही उड़ान हज यात्रा के लिए होगी। सेंट्रल हज कमेटी ने प्रदेश के 17 इम्बारकेशन पाइंट से हज यात्रा खर्च और फ्लाइट किराया सोमवार को जारी किया। इनमें इंदौर बारहवें नंबर पर है। यहां से यात्रा पर रवाना होने वाले एक हज यात्री को तीसरी किश्त के रूप में 86,550 रुपए जमा करने हैं। 31 मार्च इसकी अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। हजयात्री दो किश्तों में 2 लाख 77 हजार रुपए पहले जमा कराए जा चुके हैं। अब कुल हज खर्च और दो किश्तों की राशि के बीच का अंतर तीसरी किश्त तय करेगा। विजयवाड़ा सबसे महंगा गुजरात के अहमदाबाद से हज पर रवाना होने वालों को सबसे कम राशि चुकानी होगी। यहां से हवाई खर्च 89 हजार रुपए आएगा, जिसके चलते एक हज यात्री को 3 लाख 33 खर्च करना होगा। कमेटी की ओर से बताया गया है कि, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से देश में सबसे महंगी हज यात्रा है। एक हज यात्री को 4.09 लाख रुपए चुकाने होंगे। दोनों का अंतर 76 हजार रुपए है। मध्य प्रदेश से इस बार साढ़े आठ हजार हज यात्री मध्य प्रदेश से इस बार साढ़े आठ हजार लोग हज यात्रा पर रवाना होंगे। इनमें से महज 10 फीसद ही इंदौर से यात्रा पर रवाना होंगे, जबकि 88 फीसदी लोग मुम्बई से रवाना होंगे। पहली फ्लाइट 18 अप्रेल को रवाना होगी। हज यात्रा खर्च जगह —- हज खर्च -इंदौर —- 3, 63, 850 —- तीसरी किश्त — 86, 550 -मुंबई — 3, 40, 250 —- तीसरी किश्त — 62, 950 17 शहरों से हज खर्च, इंदौर 12वें स्थान पर -अहमदाबाद – 3, 33, 200 -मुंबई – 3, 40, 250 -हैदराबाद – 3, 43, 350 -दिल्ली – 3, 46, 600 -कोचीन – 3, 46, 750 -बेंगलुरु – 3, 47, 65 -नागपुर – 3, 48, 25 -चेन्नई – 3, 50, 400 -कनन्‍नूर – 3, 51, 900 -जयपुर – 3, 52, 050 -लखनऊ – 3, 52, 550 -इंदौर – 3, 63, 850    

ग्वालियर नगर निगम ने संपत्ति कर पर 50% छूट की घोषणा की, 31 मार्च के बाद मिलेगा नहीं फायदा

ग्वालियर शहर के नागरिक 31 मार्च तक अपना बकाया संपत्ति कर जमाकर वर्तमान वर्ष की सिर्फ संपत्तिकर की राशि में 50 प्रतिशत छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अन्यथा 31 मार्च के बाद उन्हें संपत्ति कर दोगुना भरना पड़ेगा। इसके लिए सभी कर संग्रहक क्षेत्र में जाकर नागरिकों को जानकारी दें और अधिक से अधिक संपत्ति कर जमा कराएं। ये निर्देश नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने संपत्ति कर वसूली समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार, उपायुक्त डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, मुकेश बंसल, रजनीश गुप्ता सहित सभी राजस्व निरीक्षक एवं कर संग्रहक उपस्थित रहे। अधिकारियों को चेतावनी निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि अभी तक लगभग 101 करोड़ रुपये की संपत्ति कर वसूली हुई है। 31 मार्च तक हर हाल में 125 करोड़ रुपये तक संपत्ति कर जमा कराना है। इसके साथ ही लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सभी उपायुक्तों व राजस्व निरीक्षक को अगले सात दिवस का लक्ष्य देते हुए निर्देशित किया कि दिए गए लक्ष्य के अनुरूप संपत्ति कर वसूल नहीं होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने अब तक लगभग 101 करोड़ रुपए का संपत्ति कर वसूल किया है। 31 मार्च तक 125 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं। लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी संपत्ति कर उपायुक्तों और राजस्व निरीक्षकों को आगामी सात दिनों का विशेष लक्ष्य दिया है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वसूली नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी सूची में कई शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं जिन्होंने अपने सेवा कर अब तक जमा नहीं किए हैं। इन बकायादारों पर लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि लंबित है। बड़े बकायेदारों पर मदाखलत अमले के साथ होगी कार्रवाई निगमायुक्त ने वसूली की समीक्षा करते हुए वार्डवार जानकारी ली और संबंधित राजस्व निरीक्षक व कर संग्रहक को आगामी सात दिवस में संपत्ति कर वसूली के लक्ष्य दिए। बैठक में यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी बड़े बकायेदारों से संपर्क करें और उनसे संपत्ति कर जमा कराएं। अगर कर जमा करने में आनाकानी करते हैं, तो मदाखलत अमले के साथ कार्रवाई करें।

उज्जैन में अवैध निर्माणों पर UDA की बड़ी कार्रवाई, 16 इमारतें बुलडोज़र से ध्वस्त

उज्जैन उज्जैन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। जहां अवैध निर्माणों पर प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला है। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अवैध बिल्डिंग्स को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी के मुताबिक, वर्ष 1985 के आसपास प्राधिकरण द्वारा एक आवासीय योजना विकसित की गई थी। इस योजना के तहत फ्रंट के मकानों को केवल आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था। लेकिन समय के साथ कई लोगों ने लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इनका व्यावसायिक और अन्य उपयोग शुरू कर दिया। प्राधिकरण द्वारा सभी मामलों की सुनवाई के बाद करीब 45 लीज निरस्त की गईं। साथ ही कई भूखंडों का अवैध रूप से विभाजन भी किया गया, जिसके चलते लगभग 90 से 95 निर्माण खड़े हो गए थे। आज की कार्रवाई में 11 भूखंडों पर बने 16 अवैध निर्माणों को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों का कब्जा उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

हाईकोर्ट के जस्टिस आज भोजशाला का करेंगे निरीक्षण, सुरक्षा इंतजामों की व्यवस्था चाक-चौबंद

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एवं कमाल मौला मस्जिद परिसर एक बार फिर चर्चा के केंद्र बन चुकी है। इसके धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच आज इंदौर हाईकोर्ट से न्यायधीश स्थल का निरीक्षण करने आ रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी के मद्देनजर पूरे परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रतिनिधि मंडल का काफिला आज सर्किट हाउस से सीधे भोजशाला के लिए रवाना होगा, जहां दोपहर में  निरीक्षण प्रस्तावित किया गया है। इस दौरान पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारी भी साथ में मौजूद रहेंगे। एएसआई की ओर से पेश की गई सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्थल का अवलोकन किया जाएगा। संभावना है कि, हाईकोर्ट के प्रतिनिधि नौगांव स्थित पुरातत्व संग्रहालय का भी दौरा कर सकते हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चल रही सुनवाई भोजशाला के इतिहास और स्वरूप को लेकर दोनों पक्षों के दावे लंबे समय से विवाद का विषय बने हुए हैं। साल 2024 में एएसआई ने 98 दिनों तक खुदाई कर 2098 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण अवशेष और शिलालेखों का जिक्र किया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर मौजूदा समय में कोर्ट में सुनवाई की जा रही है। अगली सुनवाई 2 अप्रेल को प्रस्तावित है। ठीक उसी से पहले न्यायधीश का ये निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साल 2022 से बना हुआ है प्रमुख मुद्दा भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। वर्ष 2022 में दायर याचिका के बाद न्यायालय के निर्देश पर एएसआइ सर्वे कराया गया था। तब से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। नवरात्र में धार्मिक आयोजन भी जारी चैत्र नवरात्र के अवसर पर मंगलवार को सकल हिंदू समाज द्वारा नियमित सत्याग्रह और हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा। सुबह 8:55 से 9:25 बजे के बीच मां वाग्देवी को चुनरी अर्पित की जाएगी। इस दौरान विभिन्न समाजों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।