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वन मंत्री कश्यप ने मुरकुची और पखना कोंगेरा में दी विकास कार्यों की सौगात

रायपुर वन मंत्री  कश्यप ने मुरकुची और पखना कोंगेरा में दी विकास कार्यों की सौगात वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने विकास की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि बस्तर का समग्र विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर उतारना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करना उनका लक्ष्य है।  मंत्री  केदार कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बस्तर विकासखंड में विकास की नई इबारत लिखी। उन्होंने क्षेत्र के सघन दौरे के दौरान मुरकुची और पखना कोंगेरा में आयोजित भव्य कार्यक्रमों मंस शिरकत की, जहाँ उन्होंने विधायक निधि से स्वीकृत कुल 56 लाख रूपए की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन कर ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 10 महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर आवागमन और सामुदायिक सुविधाओं में व्यापक सुधार सुनिश्चित होगा। जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुलियाओं का निर्माण केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं है, बल्कि यह गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाली जीवनरेखा है। उन्होंने पूर्ववर्ती कठिनाईयों का स्मरण कराते हुए कहा कि बरसात के दिनों में छोटे-छोटे नालों के उफान पर होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर स्कूली बच्चों और मरीजों को जो परेशानियां झेलनी पड़ती थीं, अब ये नई पुलियाएं उन समस्याओं का स्थायी समाधान बनेंगी। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन की असली पहचान है। उन्होंने पुल-पुलिया के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि ये निर्माण कार्य स्थानीय परिवहन को सुगम बनाएंगे और कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में किसानों की मदद करेंगे। साथ ही तारागांव में सामुदायिक भवन के निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए गांवों में सुरक्षित और पक्के भवनों का होना अनिवार्य है, ताकि ग्रामीण समाज एकजुट होकर अपनी परंपराओं का निर्वहन कर सके। मंत्री  कश्यप ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए अपील की कि वे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर स्वयं भी नजर रखें, क्योंकि यह संपत्ति उनकी अपनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारायणपुर विधानसभा के हर कोने में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी रहेगा और धन की कमी को कभी विकास में बाधक नहीं बनने दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती वेदवती कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष  संतोष बघेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।    

हरीश राणा ने 13 साल बाद ली अंतिम सांस, इच्छामृत्यु से मिली पीड़ा से मुक्ति

नई दिल्ली 13 साल तक कोमा में रहने के बाद आखिरकर हरीश राणा को कष्ट से मुक्ति मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से मिली इच्छामृत्यु की अनुमति के बाद एम्स में हरीश राणा ने मंगलवार को अंतिम सांस ली। हरीश 14 मार्च से एम्स के आईआरसीएच के पैलिएटिव केयर वार्ड में भर्ती थे। यह देश में निष्क्रिय इच्छामृत्यु का पहला मामला है। माता-पिता की ओर से गुहार लगाए जाने के बाद 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की देखरेख में हरीश राणा के लिए निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी। इसके बाद एम्स ने डॉक्टरों की एक कमेटी गठित की थी। यहां धीरे-धीरे हरीण राणा का भोजन और पानी बंद कर दिया गया। क्या हुआ था हरीश के साथ हरीश राणा चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में बीटेक के छात्र थे। वह 2013 में चौथी मंजिल की बालकनी से गिर गए थे और सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद वह कोमा में चले गए थे। परिवार और डॉक्टरों की ओर से हर संभव कोशिश की गई। उन्हें फूड पाइप के सहारे भोजन दिया जा रहा था। कभी-कभी ऑक्सीजन सहायता दी जाती थी। निष्क्रिय इच्छा मृत्यु को कैसे अंजाम दिया जाता है एम्स-दिल्ली की ऑन्को-एनेस्थीसिया, दर्द एवं प्रशामक देखभाल विभाग की पूर्व प्रमुख डॉक्टर सुषमा भटनागर कहते हैं, 'इस प्रक्रिया में आम तौर पर दर्द से पर्याप्त राहत सुनिश्चित करते हुए धीरे-धीरे पोषण संबंधी सहायता को रोकना या वापस लेना शामिल होता है। रोगी को प्रशामक बेहोशी दी जाती है ताकि उसे परेशानी न हो। कृत्रिम पोषण, ऑक्सीजन और दवाएं जैसे जीवन सहायता उपाय धीरे-धीरे वापस ले लिए जाते हैं। इसका उद्देश्य मृत्यु को लंबा खींचना या जल्दी करना नहीं होता।'

सरोजिनी नायडू महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव समारोह स्वयंप्रभा-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कहा, "ट्राय फॉर द बेस्ट, प्रीपेयर फॉर द वर्स्ट " और समझाया कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के उदाहरण देते हुए बताया कि निरंतर प्रयास, आत्मविश्लेषण और धैर्य से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है और विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि इस ऊँचाई को बनाए रखने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि यही किसी भी राष्ट्र के समग्र विकास का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश आबादी युवा है, जो भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की ऊर्जा, शिक्षा और सही दिशा का समन्वय हो जाए, तो भारत विश्व गुरु बनकर विश्व में शांति और स्थिरता स्थापित कर सकता है। इस संदर्भ में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से 21वीं सदी भारत की सदी होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की प्रतिष्ठा वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण से बनती है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. श्याम बिहारी गोस्वामी के कार्यों और उनके प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि टीम वर्क और योग्य कर्मचारियों का सम्मान करना संस्थान की सफलता की कुंजी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को पुरस्कृत किया। पं. शंकरदयाल शर्मा स्मृति पुरस्कार के अंतर्गत कु. हिमानी पांडेय को ऑल राउंडर पुरस्कार एवं कु. अर्पणा चौबे को बेस्ट डिबेटर पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 10 विशिष्ट पुरस्कार भी दिए गए। प्रावीण्य सूची की छात्राओं को पारितोषिक वितरण किया गया एवं एनसीसी व एनएसएस की छात्राओं को भी पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सम्मानित छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षित, आत्मविश्वासी और संस्कारित युवा ही देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आयोजन के लिए कॉलेज प्रबंधन को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों, प्राध्यापकों, एनसीसी कैडेट्स एवं छात्राओं की उपस्थिति रही।  

Iran War Impact: एशिया में बढ़ी न्यूक्लियर रेस, वियतनाम और रूस के बीच अहम समझौता

रूस वियतनाम और रूस ने मिलकर एक बड़ा न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला किया है। इस समझौते के तहत वियतनाम में “निन्ह थुआन-1” नाम का परमाणु बिजली संयंत्र बनाया जाएगा। यह डील वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह की मॉस्को यात्रा के दौरान हुई, जहां उन्होंने रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन से मुलाकात की।इस प्रोजेक्ट के तहत दो परमाणु रिएक्टर बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता लगभग 2400 मेगावाट होगी। यह प्लांट रूस की आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा।दरअसल, वियतनाम ने 2016 में सुरक्षा और लागत के कारण अपने पुराने न्यूक्लियर प्रोजेक्ट रोक दिए थे। लेकिन अब बढ़ती बिजली की जरूरत और ऊर्जा सुरक्षा के कारण उसने फिर से इस दिशा में कदम बढ़ाया है। ईरान में चल रहे युद्ध और उससे पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट ने भी इस फैसले को तेज कर दिया है। तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से कई देश अब स्थायी और सस्ती ऊर्जा के विकल्प तलाश रहे हैं। न्यूक्लियर ऊर्जा को कोयला और तेल की तुलना में ज्यादा साफ माना जाता है, क्योंकि इससे ग्रीनहाउस गैसें कम निकलती हैं। साथ ही, नई तकनीक के कारण अब परमाणु संयंत्र पहले से ज्यादा सुरक्षित और किफायती हो गए हैं। वियतनाम का लक्ष्य 2050 तक एक मजबूत और विकसित अर्थव्यवस्था बनना है। इस न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा, दोनों देशों ने तेल-गैस, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की है। वियतनाम और रूस के संबंध पुराने हैं, लेकिन व्यापार अभी भी सीमित है।

महिला आरक्षण लागू होने पर यूपी में सीटों का विस्तार, 120 सांसद और 603 विधायक चुनने की तैयारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में 2029 के आम चुनाव से मतदाता 80 के बदले 120 लोकसभा सीटों और 2032 के विधानसभा चुनाव से 403 की जगह पर 603 असेंबली सीटों के लिए सांसद और विधायक चुनते नजर आ सकते हैं, जिनमें 40 लोकसभा और 200 विधानसभा सीट पर हर एक कैंडिडेट महिला हो सकती है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन कानून में जरूरी बदलाव करके 2029 के चुनाव से विधायिका में महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कई राजनीतिक दलों के नेताओं से इसको लेकर चर्चा की और आगे सर्वदलीय बैठक बुलाकर सरकार के प्रस्ताव पर पक्ष-विपक्ष के दलों के सुझाव के साथ इस पर काम आगे बढ़ सकता है। सरकार मौजूदा सीटों को 50 फीसदी बढ़ाकर बढ़ी सीटों पर 33 फीसदी कोटा महिला का तय करने की योजना बना रही है। संविधान में 106वें संशोधन के जरिए महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) बनाया गया था। अमित शाह की बैठक में शामिल रहे नेताओं के हवाले से यह बात बाहर आई है कि केंद्र सरकार का प्रस्ताव है कि इस साल शुरू हुई जनगणना के नतीजों और उसके आधार पर परिसीमन का इंतजार किए बगैर महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए 2011 की जनगणना के आधार पर काम कर लिया जाए। इससे उन राज्यों की तकलीफ भी कम होगी, जिन्हें प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण करने के बाद सीटों के नए बंटवारे में नुकसान का डर था। सरकार की तरफ से यह भी प्रस्ताव है कि राय बने तो अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सीटों को उसी अनुपात में महिला आरक्षण के दायरे में लाया जा सकता है। योजना है कि लोकसभा की 543 सीटों को 816 कर दिया जाए और उसमें 273 महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी जाए। उत्तर प्रदेश में महिला आरक्षण के लिए 120 लोकसभा और 603 विधानसभा सीट! केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर आम सहमति बनी तो 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले सभी संसदीय और विधानसभा चुनावों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। यूपी में लोकसभा की 80 सीटों को बढ़ाकर 120 किया जा सकता है और उसमें 40 सीट महिलाओं के लिए रिजर्व किया जा सकता है। इसी तरह विधानसभा की सीट संख्या 403 को बढ़ाकर 603 किया जा सकता है और उसमें 200 से 201 असेंबली सीटों को महिला आरक्षित किया जा सकता है। सरकार अभी सहयोगी और विपक्षी दलों से रायशुमारी के चरण में है। सरकार की योजना यह है कि अगर सब राजी हो जाएं तो बजट सत्र में ही या कुछ समय बाद विशेष सत्र बुलाकर कानून में जरूरी संशोधन करके महिला आरक्षण को लागू करने की तरफ कदम बढ़ाया जाए।  

राजधानी से दूरस्थ जनजातीय अंचल नागलवाड़ी तक होने लगे हैं नीतिगत निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल प्रशासन में उनके द्वारा मंत्रि-परिषद की बैठकों के आयोजन के लिए नवाचार करते हुए विभिन्न अंचलों में इन्हें करने की पहल की गई। विकास और जनकल्याण से जुड़े नीतिगत निर्णय सिर्फ मंत्रालय, भोपाल में ही नहीं प्रदेश के सुदूर अंचलों में भी लिए जाने लगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में गत सवा 2 वर्ष में राजधानी भोपाल के अतिरिक्त कई स्थानों पर मंत्रि-परिषद बैठक किये जाने संबंधी नवाचार हुआ है। मध्यप्रदेश में किया गया ये नवाचार आम जनता द्वारा भी काफी सराहा गया है। भोपाल के साथ ही जबलपुर, दमोह, खरगौन, नर्मदापुरम्, छतरपुर और बड़वानी जिलों में मंत्रि- परिषद की बैठकें हो चुकी है। इन बैठकों में जनकल्याण से जुड़े बहुआयामी निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य कैबिनेट के साथ ही कृषि कैबिनेट भी प्रदेश के प्रत्येक अंचल में करने का निर्णय लिया है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ कैबिनेट प्रस्तावित है। जबलपुर और सिंग्रामपुर से हुई पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री पद का दायित्व ग्रहण करने के पश्चात सर्वप्रथम ऐसे गौरवशाली व्यक्तित्व के जीवन से नागरिकों को परिचित करवाने की पहल की जिनके बारे में प्रदेश के जन-जन को जानकारी होना चाहिए। स्वाधीनता संग्राम से लेकर प्रदेश के विकास में संलग्न रही ऐसी हस्तियों के जीवन और कार्यों से युवा पीढ़ी को परिचित करवाया जा रहा है जिससे वे प्रेरणा ग्रहण कर सकें। ऐसे प्रयासों में विभिन्न गौरवशाली व्यक्तित्व की स्मृति में कार्यक्रमों के आयोजन के साथ, भोपाल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर मंत्रि-परिषद की बैठकों का आयोजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबसे पहले जबलपुर में हुई मंत्रि-परिषद बैठक से यह पहल प्रारंभ की। राजधानी भोपाल के अलावा इन स्थानों पर हुईं बैठकें मंत्रि-परिषद बैठक के आयोजन के लिए रानी दुर्गावती और देवी अहिल्याबाई की स्मृति से जुड़े स्थानों का भी ध्यान रखा गया। प्रदेश में ऐसे व्यक्तित्व चयनित किए गए जिनके शासन क्षेत्र और सेवा क्षेत्र के स्थानों पर बैठकों के आयोजन हों। इस कड़ी में ऐसे स्थानों में दमोह जिले का सिंग्रामपुर, खरगौन जिले का महेश्वर, नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी, छतरपुर जिले का खजुराहो और इंदौर का राजवाड़ा स्मारक आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में जनजातीय संस्कृति के प्रमुख केंद्र बड़वानी जिले में मंत्रि-परिषद की बैठक का आयोजन किया। यह इस वर्ष की प्रथम कृषि कैबिनेट भी थी। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क का कार्य भी इससे आसान हुआ है। राजधानी में ही जन हित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते रहे हैं, इस नवाचार से अब प्रदेश के छोटे से ग्राम नागलवाड़ी से भी जन कल्याण के महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। स्थानों पर हुई मंत्रि-परिषद की बैठकों में लिए गए प्रमुख निर्णय 3 जनवरी 2024 : जबलपुर के शक्ति भवन में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी और रानी दुर्गावती के सम्मान में पुरस्कार शुरु करने का निर्णय। यह पुरस्कार विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर सफल होने वाली समाजसेवी महिलाओं को दिया जाता है। रानी अवंती बाई लोधी और रानी दुर्गावती के प्रेरणादायी विषय स्कूल, कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय। रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत- अन्न-कोदो-कुटकी, रागी, ज्वार, बाजरा आदि के उत्पादक किसानों को प्रति किलो 10 रुपये की राशि खाते में करने का निर्णय। तेन्दूपत्ता संग्राहक दर में एक हजार रुपये प्रति बोरा की वृद्धि करते हुए इसे 4 हजार रुपये प्रति बोरा किया गया। ग्वालियर व्यापार मेले में मोटरयान कर दर पर 50 प्रतिशत छूट का निर्णय। प्रदेश में बुनियादी सिंचाई सुविधाएं विकसित करने के लिए दृष्टि से 32 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति। 5 अक्टूबर 2024 : दमोह जिले के सिंग्रामपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना में में 3900 रुपये प्रति हैक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि मंजूर। जबलपुर स्थित मदन महल पहाड़ी पर 100 करोड़ रुपये की लागत से रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान विकसित करने के लिए स्वीकृति। 24 जनवरी 2025 को लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर (जिला खरगौन) में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। प्रदेश में उज्जैन, महेश्वर, मैहर, ओरछा, अमरकंटक जैसे 19 नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मदिरा को प्रतिबंधित किए जाने की स्वीकृति। प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में वर्तमान में प्रचलित मुख्यमंत्री कृषक योजना के अंतर्गत सोलर कृषि पंप शामिल किए जाने की स्वीकृति। मध्यप्रदेश एनीमेशन, मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग कॉमिक्स और विस्तारित रियलिटी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग कॉमिक्स और विस्तारित रियलिटी नीति-2025 जारी किए जाने की मंजूरी। भोपाल में बावड़ियाकला चौराहा से ऑशिमा मॉल तक रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति। प्रदेश के 3 नए जिलों मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा जिला चिकित्सालय के संचालन के लिए 424 नवीन पदों की स्वीकृति। 20 मई 2025 : लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के 300 वें जयंती वर्ष पर इंदौर के राजवाड़ा में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में 3 हजार 867 करोड़ रुपये की योजना एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना शुरु करने की मंजूरी। मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को स्वीकृति करने का निर्णय। अधिनिय़म लागू होने के बाद महानगर योजना समिति एवं महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन हुआ। इन्दौर, उज्जैन, देवास, धार एवं भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ब्यावरा (राजगढ़) महानगरीय क्षेत्र बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष 2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति। उज्जैन, पीथमपुर, मालनपुर घिरौंगी और मंडीदीप स्थित 4 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की मंजूरी। ओंकरेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत आचार्य शंकर संग्रहालय अद्वैत लोक के निर्माण के लिए 2195 करोड़ रुपये से अधिक की पुनरीक्षित स्वीकृति। महाराजा यशवंत राव चिकित्सालय परिसर इन्दौर और श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के उन्नयन के लिए 1095 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति। 3 जून 2025 : नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी के राजभवन में राजा भभूत सिंह के शौर्य को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। मध्यप्रदेश में एग्रीटेक … Read more

आईपीएल 2026 से पहले गरजा विराट कोहली का बल्ला, इन खिलाड़ियों ने दिखाया अपना दम

मुंबई आरसीबी के प्रैक्टिस मैच में विराट कोहली, जितेश शर्मा, टिम डेविड और वेंकटेश अय्यर ने शानदार प्रदर्शन किया। जितेश ने 81 रन बनाए, जबकि कोहली ने तेज पारी खेलकर टीम की मजबूत फॉर्म दिखाई आईपीएल 2026 से पहले डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए अच्छी खबर सामने आई है। टीम के स्टार खिलाड़ियों ने पहले ही प्रैक्टिस मैच में शानदार प्रदर्शन कर फैंस और मैनेजमेंट दोनों को राहत दी है। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 22 मार्च को खेले गए इंट्रा-स्क्वाड मुकाबले में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला, जिससे टीम की तैयारी मजबूत नजर आ रही है। जितेश शर्मा ने मचाया धमाल इस प्रैक्टिस मैच के सबसे बड़े स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा रहे। उन्होंने सिर्फ 37 गेंदों में 81 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। मैदान के चारों ओर लगाए गए उनके शॉट्स ने सभी को प्रभावित किया। टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आगामी सीजन में भी जितेश फिनिशर की भूमिका में अहम योगदान देंगे। विराट कोहली की फॉर्म से बढ़ी उम्मीद आरसीबी के लिए सबसे बड़ी पॉजिटिव बात विराट कोहली की लय में वापसी रही। कोहली ने केवल 12 गेंदों में 29 रन बनाए और शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए। उनके शॉट्स में आत्मविश्वास झलक रहा था। ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने भी कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जिस इरादे से बल्लेबाजी की, वह टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। कोहली का फॉर्म में होना आरसीबी के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है। टिम डेविड और वेंकटेश अय्यर का योगदान मिडिल ऑर्डर में भी आरसीबी के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। टिम डेविड ने 14 गेंदों में 36 रन बनाए, जबकि वेंकटेश अय्यर ने 16 गेंदों में 30 रनों की उपयोगी पारी खेली। टीम अभी वेंकटेश अय्यर की भूमिका को लेकर रणनीति बना रही है, लेकिन उनका प्रदर्शन टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट माना जा रहा है। गेंदबाजी यूनिट ने भी किया प्रभावित सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी टीम ने दम दिखाया। भुवनेश्वर कुमार ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से प्रभावित किया। वहीं अभिमन्यु सिंह और मंगेश यादव ने भी अपनी गेंदबाजी से अच्छा प्रदर्शन किया। इससे साफ है कि टीम संतुलन के साथ मैदान में उतरने के लिए तैयार है। आरसीबी आईपीएल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 28 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ करेगी। शुरुआती दो मुकाबले बेंगलुरु में खेले जाएंगे, जिसके बाद टीम राजस्थान और मुंबई का दौरा करेगी। पिछले सीजन में पंजाब किंग्स को हराकर खिताब जीतने वाली आरसीबी इस बार अपने खिताब को बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।  

अंदरूनी इलाकों में लौटी पढ़ाई की रौनक, बस्तर के 123 स्कूलों में फिर गूंजी घंटी

सुकमा। नक्सलवाद के काले साये को पीछे छोड़ते हुए छत्तीसगढ़ के अंदरूनी इलाकों में शिक्षा का उजाला एक बार फिर तेजी से फैल रहा है। शासन की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सलवा जुडूम आंदोलन के दौरान नक्सलियों के दहशत से बंद हुए सुकमा जिले के सैकड़ों स्कूलों के दरवाजे अब बच्चों के लिए पूरी तरह खुल चुके हैं और छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्लानार योजना से शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। पुनर्जीवित हुई शिक्षा व्यवस्था दस्तावेज के मुताबिक, वर्ष 2006 में माओवादी प्रभाव और सलवा जुडूम आंदोलन के कारण कुल 123 स्कूल बंद हो गए थे। इनमें 101 प्राथमिक और 21 माध्यमिक शालाएं शामिल थीं। प्रशासन के निरंतर प्रयासों से इन सभी स्कूलों को पुनः प्रारंभ कर दिया गया है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वर्तमान में ऐसे स्कूलों की संख्या शून्य है, जो पूर्व में माओवादी प्रभाव के कारण बंद थे। प्रमुख उपलब्धियां और बुनियादी ढांचा शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और दूरस्थ इलाकों के छात्रों के भविष्य को देखते हुए आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों का जाल बिछाया गया है। पोटा केबिन (आवासीय विद्यालय) वर्तमान में 16 पोटा केबिन संचालित हैं, जिनमें 6,722 छात्र दर्ज हैं। छात्रावास सुविधा 16 पोटा केबिन छात्रावासों में 1,389 विद्यार्थी रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-3 (कक्षा 6वीं से 12वीं) के 3 विद्यालयों में 600 छात्राएं और टाइप-4 (कक्षा 9वीं से 12वीं) के 2 छात्रावासों में 200 छात्राएं लाभान्वित हो रही हैं। नियद नेल्लानार योजना से नई शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 में विकास की गति को और तेज करते हुए नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत शामिल गांवों में 07 नवीन प्राथमिक शालाएं खोली गई है। इन स्कूलों में अब तक 210 बच्चों ने प्रवेश लिया है। भविष्य की कार्ययोजना को देखते हुए प्रशासन ने 19 और नए स्कूल खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है। जमीनी स्तर पर आ रहे ये बदलाव न केवल बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, बल्कि इन क्षेत्रों में विश्वास की एक नई किरण भी जगा रहे हैं। शासन ने ‘पहले’ और ‘अब’ की तस्वीरों के साथ विकास के इस परिवर्तन को प्रमाणित भी किया है, जो स्पष्ट करता है कि बंदूक की गूंज पर अब स्कूलों में बच्चों के ककहरा की गूंज और किताबों की सरसराहट भारी पड़ रही है।

ग्रामीण स्वच्छता को लेकर बड़ी बैठक: स्वच्छ भारत मिशन की अपेक्स कमेटी ने की समीक्षा

रायपुर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अपेक्स कमेटी की बैठक सम्पन्न मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अपेक्स कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की गतिविधियों, वित्तीय वर्ष 2025-26 की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, वित्तीय वर्ष 2026-27 के एक्शन प्लान, स्वच्छता के लिए नवाचार तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) हेतु अंतर्विभागीय अभिसरण पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को अपशिष्ट प्रबंधन अधोसंरचना के तहत गांवों में कम्पोस्ट पिट, सोखता गडड्ा और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्रामों की स्वच्छता के कार्यों की सर्टिफिकेशन ग्राम सभा द्वारा कराया जाना चाहिए।  मुख्य सचिव ने भारत स्वच्छ मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी ग्रामों में स्वच्छता के कार्यों को नियमित रूप से मॉनिटरिंग कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए है। गांवों के हाट-बाजारों में सामूहिक शौचालय का उपयोग एवं स्वच्छता के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसी तरह से आवश्यकतानुसार सामूहिक शौचालय की उपयोगिता एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्थलों पर करीब 14 हजार 279 सामुदायिक शौचालयोें का निर्माण किया जा चुका है। इसी तरह से वर्ष 2026-27 में 2014 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक कार्ययोजना के निर्माण के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया।  मुख्य सचिव ने इस हेतु देश के अन्य राज्यों के सफल प्लास्टिक वेस्ट मैंनेजमेंट के मॉडल को अपनाने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक वेस्ट से सशक्त सड़कों के निर्माण करने की अभिनव एवं सतत् पहल की जा रही है। राज्य के बस्तर, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्लास्टिक मिक्स डामर रोड निर्माण किए जा रहे हैं। रोड निर्माण में करीब 3000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता, जल प्रबंधन एवं प्रशासनिक व्यवस्था की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन करने हेतु स्वच्छ पंचायत पोर्टल की शुरूआत की गई है। ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा ग्राम की स्वच्छता, जल आपूर्ति एवं प्रशासन की ऑनलाइन प्रविष्टि की जा रही है। सभी ग्रामों की ब्लॉक स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर रैंकिंग की जाएगी। इसके लिए सभी ग्रामों की ऑनलाईन एंट्री का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।  बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मिशन संचालक राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्री अश्वनी देवांगन सहित स्कूल शिक्षा, वित्त, जनसम्पर्क, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, यूनिसेफ के अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

भुल्लर अरेस्ट के बाद हिला पंजाब मंत्रिमंडल, कैबिनेट में किया गया अहम बदलाव

पंजाब पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के इस्तीफे और गिरफ्तारी के बाद अब कैबिनेट में फेरबदल किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार लालजीत सिंह भुल्लर के पास जो ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और जेल डिपार्टमेंट थे, उनकी जिम्मेदारी मौजूदा मंत्रियों को सौंप दी गई है। अब ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा और जेल डिपार्टमेंट डॉ. रवजोत को सौंप दिया गया है। यहां आपको यह भी बता दें कि पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने सुसाइड कर लिया था और सुसाइड से पहले वीडियो बनाकर AAP सरकार के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को इसका जिम्मेदार ठहराया गया था। इस मामले में पीड़ित परिवार और विपक्षी पार्टियों के संघर्ष के बाद पहले लालजीत सिंह भुल्लर ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया और हाल ही में उन्हें गिरफ्तार किया गया।