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Durga Ashtami 2026: कन्या पूजन मुहूर्त की टाइमिंग, चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर होगा आयोजन

 इंदौर  चैत्र नवरात्र का पावन पर्व अब अपने समापन की ओर है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 मार्च यानी कल चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी यानी दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी. महाअष्टमी का दिन नवरात्र के सबसे खास दिनों में से एक है. यह हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ही मनाई जाती है. इस विशेष दिन पर भक्त मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना करते हैं. पूरे देश में यह दिन बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इसके अलावा, इस दिन कई लोग अपने घरों में कन्या पूजन करके नवरात्र का पारण भी करते हैं. तो आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर कल कितने बजे से कन्या पूजन शुरू होगा और किन नियमों के साथ होगा कन्या पूजन।  दुर्गाष्टमी 2026 तिथि  द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 25 मार्च यानी आज दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 26 मार्च यानी कल सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा।  दुर्गा अष्टमी 2026 कन्या पूजन का ये रहेगा मुहूर्त  पहला मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।  दूसरा मुहूर्त- सुबह 10 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 01 मिनट तक रहेगा।  अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।  इन तीनों मुहूर्त में कन्या पूजन किया जा सकता है.  दुर्गा अष्टमी 2026 शुभ योग  दुर्गा अष्टमी पर कल सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग भी बन रहा है. सर्वार्थसिद्धि योग शाम 4 बजकर 19 मिनट से लेकर 27 मार्च की सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. रवि योग का मुहूर्त भी यही रहेगा।  दुर्गा अष्टमी के दिन ऐसे करें कन्या पूजन चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी के इस पावन दिन पर लोग नौ छोटी-छोटी कन्याओं को घर बुलाते हैं, जिन्हें मां दुर्गा के नौ रूपों का स्वरूप माना जाता है. उनकी पूजा की जाती है, माथे पर तिलक लगाया जाता है, उनके पैर धोए जाते हैं और उन्हें सात्विक भोजन जैसे हलवा, पूरी और चने खिलाए जाते हैं. उन्हें इच्छानुसार उपहार और दक्षिणा भी दी जाती है।  भोजन के बाद लोग उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं. कई लोग इस दिन जरूरतमंद और गरीब कन्याओं को भोजन, फल और कपड़े भी दान करते हैं. चैत्र दुर्गा अष्टमी बुराई पर अच्छाई की जीत और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है. यह दिन श्रद्धा, भक्ति और खुशी के साथ मनाया जाता है। 

RCB बिकी 16,706 करोड़ में, IPL की डिफेंडिंग चैम्पियन को किसने खरीदा?

बेंगलुरु आईपीएल की सबसे चर्चित टीमों में से एक और मौजूदा डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) अब नए मालिकों के हाथों में चली गई है. आदित्य बिड़ला ग्रुप, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन ने मिलकर टीम को करीब 1.78 बिलियन डॉलर (लगभग 16,706 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है. ये डील मंगलवार को हुई।  खास बात ये है कि आरसीबी की इस डील से पहले राजस्थान रॉयल्स को भी अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी ने करीब 15 हजार करोड़ की रकम में खरीदा है. यानी एक ही दिन में आईपीएल की दो टीमों का मालिकाना हक बदल गया है।  क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार आरसीबी की ये डील United Spirits Limited (जो Diageo की सब्सिडियरी है) के साथ हुई है, जिसमें RCB की 100% हिस्सेदारी ट्रांसफर की जाएगी. इस डील में आईपीएल के साथ-साथ WPL (महिला टीम) भी शामिल है. यानी आरसीबी की मेन्स और वुमेंस टीम का मालिकाना हक अब इन्हीं 4 हिस्सेदारों को मिल गया है।  RCB और RR दोनों ब‍िके, फिर कीमत में फर्क इतना क्यों? आईपीएल इतिहास में पहली बार फ्रेंचाइज़ियों की बिक्री ने $3.4 बिलियन (करीब ₹30,306 करोड़) का आंकड़ा पार कर लिया है. द‍िग्गज कमेंटेटर और क्रिकेट व‍िश्लेषक हर्षा भोगले ने इस मेगा डील पर अपनी राय रखते हुए बताया कि क्यों रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की कीमतें लगभग बराबर रहीं।  RCB को आद‍ित्य बिरला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम (कंपन‍ियों के समूह) ने खरीदा, जिसमें टाइम्स ऑफ इंड‍िया, डेव‍िड ब‍िल्टजर , ब्लैक स्टोन और बोल्ट वेंचर्स भी शामिल हैं. यह डील $1.78 बिलियन (करीब ₹16,706 करोड़) में हुई, जो IPL इतिहास की सबसे बड़ी डील बन गई।  वहीं, राजस्थान रॉयल्स को को काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने खरीदा, जिसे वॉलमार्ट और फोर्ड परिवार का सपोर्ट हासिल है.  यह सौदा $1.63 बिलियन (करीब ₹13,600 करोड़) में पूरा हुआ।  भोगले ने हैरानी जताई कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का ब्रांड वैल्यू ज्यादा होने के बावजूद उसकी कीमत राजस्थान रॉयल्स से बहुत ज्यादा नहीं रही. उन्होंने बताया कि IPL का इकोसिस्टम ही ऐसा है, जहां टीमों की कमाई और खर्च लगभग बराबर होते हैं. इसी वजह से फ्रेंचाइज‍ियों की वैल्यू एक-दूसरे के करीब रहती है।  कौन संभालेगा टीम? नई ओनरशिप के तहत- * आर्यमान विक्रम बिड़ला (आदित्य बिड़ला ग्रुप) चेयरमैन होंगे. * सत्यान गजवानी (टाइम्स ग्रुप) वाइस चेयरमैन होंगे. इसके अलावा कंसोर्टियम में David Blitzer (बोल्ट वेंचर्स) और Viral Patel (ब्लैकस्टोन) भी शामिल हैं।  अभी बाकी हैं कुछ मंजूरियां यह डील फिलहाल कुछ शर्तों पर निर्भर है. इसे BCCI, कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया और बाकी रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलनी बाकी है।  इस डील को लेकर आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, आईपीएल ने पिछले 20 साल में क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है और RCB जैसी टीम के साथ जुड़ना उनके लिए बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि वे इस टीम की विरासत को और आगे बढ़ाएंगे।  वहीं, टाइम्स ग्रुप के Satyan Gajwani ने कहा, RCB सिर्फ एक टीम नहीं, बल्कि आईपीएल की सबसे पॉपुलर ब्रांड्स में से एक है. उनका लक्ष्य इसे एक ग्लोबल स्पोर्ट्स ब्रांड बनाना है।  बोल्ट वेंचर्स के David Blitzer ने कहा, RCB के पास शानदार फैन बेस है और IPL दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती लीग्स में से एक है. वहीं ब्लैकस्टोन के Viral Patel ने कहा, RCB एक मजबूत ब्रांड है और इसमें आगे बढ़ने के कई मौके हैं।  नए चेयरमैन आर्यमान बिड़ला ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है और वह टीम को अगले लेवल पर ले जाने के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा कि टीम मैदान पर ही नहीं, बल्कि फैंस और कम्युनिटी के साथ भी “Play Bold” अप्रोच जारी रखेगी।  डिफेंडिंग चैम्पियन है आरसीबी बता दें कि आरसीबी की टीम डिफेंडिंग चैम्पियन है. पिछले सीजन का खिताब आरसीबी ने पंजाब किंग्स को हराकर जीता था. ये पहला मौका था जब आरसीबी की टीम ने खिताब अपने नाम किया था. आरसीबी टीम का हिस्सा विराट कोहली हैं जिसके चलते इस टीम की फैन फॉलोइंग एक अलग ही लेवल की है. आईपीएल फैन्स में आरसीबी के लिए एक अलग ही जुनून है. इस टीम के फैन्स को सबसे लॉयल फैन्स कहा जाता है. अब खिताब जीतने के बाद इस टीम की लोकप्रियता और बढ़ गई है। 

हरियाणा में नीति बदलाव: मिक्स्ड लैंड यूज को हरी झंडी, कर्मचारियों को भी मिला बड़ा लाभ

पंचकूला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभागीय विकास योजनाओं में मिश्रित भूमि उपयोग (मिक्सड लैंड यूज) के लिए नई नीति को मंजूरी दी है। यह नीति उन क्षेत्रों में लागू होगी, जहां आवासीय, वाणिज्यिक, सार्वजनिक/अर्द्ध-सार्वजनिक और औद्योगिक उपयोगों को एक साथ शामिल किया गया है, लेकिन पहले अनुमत उपयोग का प्रतिशत स्पष्ट नहीं था। मंत्रिमंडल ने इस नीति के माध्यम से लंबित परियोजनाओं और विभिन्न अनुमत उपयोगों के बीच स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों में अब आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोगों की अनुमति होगी, भले ही संबंधित सेक्टर/जोन में कोई प्रतिशत सीमा निर्धारित न हो। इसके अलावा, जहां पहले से औद्योगिक उपयोग अनुमत है, वहां इसका विस्तार भविष्य में केवल मौजूदा सीमा तक होगा। मौजूदा परिसर के भीतर छोटे विस्तार पर विचार किया जा सकता है। यदि कोई मालिक औद्योगिक उपयोग को अन्य संगत उपयोगों (आवासीय, वाणिज्यिक या संस्थागत) में बदलना चाहता है तो केवल लागू नीति और मानकों के अनुसार अनुमति दी जाएगी। मिश्रित भूमि परियोजनाओं में मुख्य उपयोग का न्यूनतम 70 प्रतिशत और सहायक उपयोग का अधिकतम 30 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। सहायक उपयोग को आवश्यकतानुसार 7.5 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। अनुदान के लिए अब एक जैसा उपयोगिता प्रमाण पत्र मंत्रिमंडल की बैठक में वित्तीय दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यूजिंग आफ फंड्स के लिए मानक उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) का नया प्रारूप लागू करने को मंजूरी दी गई। अब सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाले सभी संस्थान, स्थानीय निकाय, बोर्ड, निगम और सहकारी समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि निधि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हुआ है। पहले अलग-अलग संस्थाओं में प्रमाण पत्र के प्रारूप में भिन्नता होती थी, जिससे रिपोर्टिंग और जवाबदेही में चुनौती आती थी। नए मानकीकृत प्रारूप के तहत यह एकरूपता सुनिश्चित होगी। संशोधित नियमों के तहत अनुदान स्वीकृत या जारी करने वाले अधिकारी को यह प्रमाणित करना होगा कि सभी शर्तें पूरी हुई हैं। कर्मचारियों के लिए लास्ट पे सर्टिफिकेट में सुधार मंत्रिमंडल ने हरियाणा ट्रेजरी नियम, वाल्यूम-।। के नियम 4.176 के तहत लास्ट पे सर्टिफिकेट (एलपीसी) के नए प्रारूप को भी मंजूरी दी। एलपीसी का उपयोग मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण या सेवा समाप्ति के समय होता है और यह उनके वेतन, भत्ते, कटौती और ऋण की पूरी जानकारी देता है। नए प्रारूप में हाल के प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों के अनुरूप कई सुधार किए गए हैं। यूनिक कोड पेयी और प्राण नंबर शामिल किया गया है। सेवा की पूरी अवधि का सत्यापन अब एलपीसी में दर्ज होगा। इसमें कर्मचारी का पैन, मोबाइल नंबर, पे लेवल, बेसिक पे, अलाउंस विवरण दर्ज किया जाएगा।

CM मोहन यादव के जन्मदिन पर पीएम मोदी और अमित शाह की बधाई, वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण उपहार

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav आज अपने जीवन के 62वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस खास मौके पर देश के शीर्ष नेताओं Narendra Modi और Amit Shah ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। राजनीतिक बधाइयों के बीच सीएम यादव ने अपने जन्मदिन को खास अंदाज में मनाने का फैसला लिया है। वे Veerangana Durgavati Tiger Reserve में बामनेर नदी किनारे एक दर्जन कछुओं को जल में छोड़ेंगे, जिससे वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही चीतों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमिपूजन कर प्रदेश को एक नई पहचान देने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना की, वहीं अमित शाह ने प्रदेश में चल रहे जनहितैषी कार्यों की सराहना की। इन शुभकामनाओं ने इस दिन को और भी खास बना दिया। सीएम यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने इस विशेष दिन को प्रकृति और वन्यजीवों की सेवा को समर्पित कर रहे हैं — जो विकास और पर्यावरण के संतुलन का सशक्त संदेश है।

रेप केस में AAP विधायक पर शिकंजा: हरमीत को पटियाला पुलिस ने किया गिरफ्तार

पटियाला. लंबे समय से फरार चल रहे सनौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा आखिरकार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस गिरफ्तारी की पुष्टि पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने की है। विधायक पठानमाजरा के खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में एक महिला की शिकायत के आधार पर शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने पहले हरियाणा के एक गांव में छापेमारी की थी, लेकिन वे वहां से बच निकलने में कामयाब रहे। फरारी के दौरान पठानमाजरा ने इंटरनेट मीडिया पर लगातार वीडियो पोस्ट किए ताकि ऐसा लगे कि वे विदेश में हैं। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं ने उनकी लोकेशन मध्य प्रदेश में ट्रेस कर ली। एसएसपी वरुण शर्मा के अनुसार, पटियाला पुलिस की विशेष टीम ने पीछा करते हुए ग्वालियर इलाके से उन्हें काबू किया। अब उन्हें पटियाला लाया जा रहा है, जहाँ उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ की जाएगी।

औचक निरीक्षण में खुलासा: दुर्ग की पानी-जूस फैक्ट्रियों में गड़बड़ी, खाद्य विभाग ने की कार्रवाई

दुर्ग. भीषण गर्मी के आगमन को देखते हुए जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले की पानी फैक्ट्रियों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है. कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार खाद्य नियंत्रक एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया. इस कार्यवाही के दौरान आर. एस. इंटरप्राइसेस जामुल और पाल एक्वा छावनी भिलाई से पानी की बोतलों के नमूने लिए गए. वहीं कुम्हारी स्थित आई. बी. सॉल्यूशन में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर 180 बोरी पानी पाऊच जब्त किए गए. इसके अतिरिक्त अमर बेवरेजेस कैलाश नगर भिलाई से पानी की बोतल और ज्योति इंडस्ट्रीज जेवरा सिरसा से लीची जूस के नमूने संकलित कर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं. जांच के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रिचा शर्मा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारद राम कोमरे ने फर्मों के संचालकों को कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और पानी की शुद्धता की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. साथ ही स्वच्छता बनाए रखने और कार्य के दौरान कर्मचारियों को हैंड ग्लव्स व हेड कैप अनिवार्य रूप से पहनने की हिदायत दी गई है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 (विनियम (2011) के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी. निरीक्षण निरंतर जारी रहेगा.

आगर मालवा, इंदौर और मंदसौर में तेल शॉर्टेज की अफवाहें, पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़

 इंदौर /मंदसौर  मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने के बाद से सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर अफवाहें फैल रही है. इन्हीं अफवाहों के बीच मध्य प्रदेश और गुजरात के कई जिलों में अफरा-तफरी मच गई. इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच समेत गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट में मंगलवार से पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लोग ड्रम, केन, बोतल और कुप्पियों में ईंधन भरकर ले जाने लगे. जिससे कुछ पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया, जिसके बाद पंप बंद कर दिए गए. प्रशासन का साफ कहना है कि किसी भी तरह की कमी नहीं है, फिर भी लोग घबराकर पेट्रोल-डीजल के लिए घंटों लाइन में लगे हुए हैं।  इंदौर में मंगलवार को करीब तीन दर्जन से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भीड़ जुट गई. वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई जगह पंप कर्मचारी और ग्राहकों के बीच बहस भी हुई. कुछ पंपों पर पेट्रोल खत्म होने के बाद बोर्ड लगा दिया गया और बाहर हुजूम जमा हो गया. पंप संचालकों ने बताया कि रात में टैंकर आने के बाद सुबह से सप्लाई फिर सुचारू हो जाएगी   । जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने स्पष्ट जानकारी देते हुए कहा,'इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और डिपो से लगातार सप्लाई हो रही है. अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक घबराहट में ईंधन का संग्रह न करें. अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  इंदौर कलेक्टर ने भी नागरिकों से अपील की कि पैनिक खरीदारी न करें. उन्होंने कहा कि बेवजह की भीड़ से सिर्फ अव्यवस्था बढ़ रही है और आम लोगों को परेशानी हो रही है।  मालवा में भी हालात बेकाबू इसी तरह आगर मालवा जिले में दोपहर बाद से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई. ट्रैक्टरों पर बड़े-बड़े ड्रम और केन लेकर किसान पहुंचे, तो कुछ लोग मोटरसाइकिल, कार और यहां तक कि एम्बुलेंस लेकर कतार में लग गए. सोशल मीडिया पर 'पंप बंद होने वाले हैं, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा' वाली अफवाह ने पूरे जिले में घबराहट फैला दी।  आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने खुद वीडियो जारी कर लोगों को आश्वस्त किया, 'जिले में ईंधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कोई दिक्कत नहीं है, घबराएं नहीं।  मंदसौर में पंपों पर स्टॉक खत्म? वहीं, मंदसौर और नीमच में भी सैकड़ों लोग गाड़ियां लेकर पंपों पर पहुंच गए. जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने की वजह से कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया. स्कूल छोड़ने वाले ऑटो, दूध बांटने वाले वाहन और किसान डीजल स्टॉक करने लगे हैं. पेट्रोल खत्म होने के बाद कुछ पंपों के डिस्प्ले को काले कपड़े से ढक दिया गया, ताकि और लोग न आएं।  गुजरात के बड़े शहरों में अफरा-तफरी गुजरात में अहमदाबाद से शुरू हुई अफवाह शाम तक देखते ही देखते वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट तक फैल गई. ऑफिस टाइम के बाद लोग सीधे पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए, जिससे देर रात तक अफरातफरी मची रही. सरकार और तेल कंपनियों द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद सोशल मीडिया के मैसेज ने लोगों में डर पैदा कर दिया।  कई लोगों ने बताया, 'सोशल मीडिया पर मैसेज देखा तो एहतियातन आ गए.' कुछ की गाड़ी में डीजल खत्म हो गया था, लेकिन लंबी लाइन का सामना करना पड़ा।  पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने दर्ज कराई शिकायत इसी बीच राजकोट में तो पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल चुडासमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के सेल्स हेड अमित जायसवाल ने शिकायत में कहा कि चुडासमा ने सार्वजनिक रूप से झूठा बयान दिया कि पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है. इससे जनता में दहशत फैली और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया।  इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है, ताकि भविष्य में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति अफवाहें फैलाकर अराजकता न फैलाए. सरकारने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर किसी भी व्यक्ति ने अफवाह फैलाई या फिर काला बाजारी की तो उनके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी. राज्य सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री ने भी अफवाहों से दूर रहने की अपील की थी। 

सीएम योगी ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को नया मोड़ दिया

सीएम योगी ने दी प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा निवेश मित्र 3.0’ के साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ और ‘प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना’ का भी किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 85 से अधिक लेटर्स ऑफ कम्फर्ट, पात्रता प्रमाण पत्र और ₹2781 करोड़ की सब्सिडी का किया वितरण इन्वेस्ट यूपी ने एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल व कौशल कनेक्ट सेल की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए लखनऊ  उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में मंगलवार को ‘नेक्स्ट-जेन’ सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ और ‘प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना’ का भी अनावरण कर औद्योगिक विकास को नई दिशा दी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर मॉडल पर आधारित ये दोनों पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) योजनाएं निवेशकों को विश्वस्तरीय ‘रेडी-टू-ऑपरेट’ इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएंगी, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज और सरल होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 85 से अधिक लेटर्स ऑफ कम्फर्ट (LoCs), पात्रता प्रमाण पत्र (ECS) और ₹2781 करोड़ की सब्सिडी वितरित करते हुए इसे निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022, फूड प्रोसेसिंग नीति 2023, इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2020 और एफडीआई नीति 2023 के तहत इन निवेश प्रस्तावों से कुल मिलाकर लगभग ₹50,000 करोड़ निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावनाएं बनी हैं। निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत स्टील, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल और बेवरेज जैसे क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों को इंसेंटिव और LoCs प्रदान किए गए। गैलेंट इस्पात, जे.के. सीमेंट, वरुण बेवरेजेज, वंडर सीमेंट, यूनिलीवर इंडिया और हल्दीराम जैसी कंपनियों के साथ-साथ बलरामपुर चीनी मिल्स, ड्रीमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और एस्कॉर्ट्स कुबोटा को भी बड़े निवेश प्रस्तावों के साथ प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा हैवेल्स, मिंडा कॉर्पोरेशन, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स (सोनालिका) और फिजिक्स वाला जैसी कंपनियों की परियोजनाएं भी इस औद्योगिक विस्तार का हिस्सा बनीं हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बायोप्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, कृषि उपकरण, एडटेक और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विविध क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश एक बहुआयामी औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। इसके साथ ही उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी द्वारा एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल व कौशल कनेक्ट सेल की स्थापना हेतु समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इन पहलों से उद्योग और कौशल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर गो सेवा और संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास

जर्मन टेक्नोलॉजी से लैस होंगी प्रदेश की गोशालाएं उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था के बीच समझौता ज्ञापन पर किए गए हस्ताक्षर सीएम योगी के निर्देश पर गो सेवा और संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास गोशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की तैयारी प्रदेश की चयनित गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए दिया जाएगा तकनीकी प्रशिक्षण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की गोशालाओं को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके तहत अब गोशालाओं को जर्मन टेक्नोलॉजी से लैस करने की तैयारी है। गोशालाओं को नई तकनीक के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सशक्त किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की चयनित गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके तहत उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था GIZ GmbH के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। आयोग कार्यालय में हुए औपचारिक कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष और संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त रूप से इस पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत प्रदेश की चयनित गोशालाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके संचालन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। समझौते के अनुसार गोशालाओं के लिए क्षमता निर्माण और मानव संसाधन कौशल विकास पर विशेष जोर रहेगा।  गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर काम किया जाएगा। इसके लिए गोशालाओं का चयन गो सेवा आयोग द्वारा किया जाएगा। कौशल के आदान-प्रदान पर फोकस खास बात यह है कि यह समझौता पूरी तरह तकनीकी सहयोग पर आधारित है। इसमें किसी प्रकार की वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं रखा गया है, बल्कि ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान पर फोकस किया गया है। बढ़ेगी कार्यक्षमता गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का मानना है कि इस पहल से प्रदेश की गोशालाएं अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही, गो सेवा से जुड़े लोगों को नई तकनीकों की जानकारी मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। योगी सरकार की मंशा है कि गोशालाओं को केवल आश्रय स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें संगठित और उत्पादक इकाई के रूप में विकसित किया जाए। गो आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा प्रशिक्षण के माध्यम से गोबर, गोमूत्र एवं अन्य गो आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यह सहयोग सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप है।

शहीदों की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने वाली कंपनी पर एफआईआर, शुरू हुई जांच

शहीदों की मूर्तियां खंडित करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर  मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर की घटना का लिया संज्ञान कंपनी को तत्काल प्रभाव से किया गया ब्लैक लिस्ट सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को पुनर्स्थापित करने का दिया आदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहजहांपुर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शहीदों की मूर्तियां खंडित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई व मूर्तियों को ससम्मान पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया है। ब्लैक लिस्ट की गई कंपनी सड़क चौड़ीकरण में शहीदों की मूर्तियां खंडित करने वाली कंपनी के खिलाफ मुख्यमंत्री के आदेश पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अफसरों की जवाबदेही में काम हो रहा था, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। सीएम योगी के आदेश पर कंपनी को तत्काल प्रभाव से ब्लैक लिस्ट करते हुए उससे काम भी वापस ले लिया गया है।  सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को पुनर्स्थापित करने का दिया आदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का अपमान कतई स्वीकार्य नहीं है। ऐसी लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को तत्काल सम्मानजनक तरीके से सही जगह पुनर्स्थापित करने का भी आदेश दिया है।