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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: अंजलि मुंडा बनीं पहली महिला गोल्ड मेडलिस्ट

रायपुर कभी-कभी जीवन की दिशा एक छोटे से निर्णय से बदल जाती है। ओडिशा की 15 वर्षीय अंजलि मुंडा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्ष 2022 में कक्षा में खेल चयन के दौरान उन्होंने तैराकी को चुना। एक ऐसा खेल जिसे वे उस समय सिर्फ मनोरंजन के रूप में जानती थीं। आज, वही निर्णय उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धि तक ले आया है। ओडिशा के जाजपुर जिले के गहिरागड़िया गांव की रहने वाली अंजलि ने रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वे इस प्रतियोगिता की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता बन गईं। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता एक स्थानीय फैक्ट्री में वैन चालक हैं। 10 वर्ष की आयु में वे कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से जुड़ीं, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा और प्रशिक्षण मिला। यहीं से उनके खेल करियर की नींव मजबूत हुई। शुरुआत में वे अपनी बड़ी बहन से प्रेरित थीं, जो तीरंदाजी में सक्रिय हैं, लेकिन अंजलि ने तैराकी को अपना मार्ग चुना। उनकी मेहनत जल्द ही रंग लाई और तैराकी शुरू करने के एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने एक स्थानीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अंजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और खेल मंत्रालय की ‘अस्मिता लीग’ पहल को देती हैं। वर्ष 2024 में संबलपुर में आयोजित इस लीग में उन्होंने दो रजत पदक जीते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इसके बाद गुवाहाटी में आयोजित अस्मिता स्विमिंग लीग (ईस्ट जोन) में भी उन्होंने दो रजत पदक हासिल किए। हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद अंजलि संतुष्ट नहीं हैं। उनका लक्ष्य अपने 2:25 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय को बेहतर करना है। लगातार यात्रा और थकान के बावजूद उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। अब अंजलि की नजर आगामी स्पर्धाओं- 50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक और 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली पर है, जहां वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने के इरादे से उतरेंगी। अंजलि मुंडा की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर प्रतिभा किस तरह नई ऊंचाइयों को छू सकती है।

बिजली दरों में बढ़ोतरी का झटका! MP में 1 अप्रैल से नई दरें लागू, EV चार्जिंग टाइमिंग बदली

भोपाल मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। MPERC ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया है, जिसमें अलग-अलग श्रेणियों के लिए नई दरें तय की गई हैं। बिजली की दरों में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस बार घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक और कृषि सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग टैरिफ स्ट्रक्चर लागू किया गया है। खास बात यह है कि लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं को राहत देते हुए न्यूनतम शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इससे कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर खर्च का बोझ कम होने की संभावना है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्लैब सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी जितनी कम खपत, उतना कम बिल और ज्यादा खपत पर ज्यादा दरें लागू रहेंगी। वहीं, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें उनके लोड और खपत के आधार पर तय की जाएंगी।

BCCI का बड़ा ऐलान: IPL 2026 फेज-2 में 12 शहरों में खेले जाएंगे 50 मैच

नई  दिल्ली  भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के फुल शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। बीसीसीआई ने इस महीने की शुरुआत में पहले चरण का कार्यक्रम घोषित किया था लेकिन गुरुवार को बोर्ड ने लीग स्टेज के बचे हुए मैचों के शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। दूसरा चरण 13 अप्रैल से शुरू होगा और 24 मई तक खेला जाएगा। ये मैच 12 वेन्यू पर खेले जाएंगे। आईपीएल 2026 का 19वां सीजन शनिवार से शुरू होगा, जिसमें पहला मैच बेंगलुरु में मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा। बीसीसीआई ने 11 मार्च को शुरुआती 20 मैचों का कार्यक्रम जारी किया था। पांच बार की दो चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस आईपीएल 2026 के दूसरे चरण में दो बार आमने-सामने होंगी, जो 13 अप्रैल से शुरू होगा। एसआरएच और आरआर इस फेज़ की शुरुआत हैदराबाद में करेंगे, जबकि आईपीएल की दो बड़ी टीमें सीएसके और एमआई 23 अप्रैल को मुंबई में और 2 मई को चेन्नई में भिड़ेंगी। टूर्नामेंट के इस फेज में आठ डबल-हेडर होंगे। आईपीएल के दूसरे चरण के दौरान मैच 13 अप्रैल से 24 मई तक भारत में 12 जगहों पर होंगे। इस दौरान 50 मैच खेले जाएंगे। दूसरे फेज के मैच बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर, धर्मशाला, रायपुर और न्यू चंडीगढ़ में होंगे। जैसे ही टूर्नामेंट एक अहम फेज में आ रहा है, टीमें प्लेऑफ़ में जगह बनाने के लिए अलग-अलग जगहों पर मुकाबला करेंगी, और लीग स्टेज के दूसरे हिस्से में यह रेस और तेज होने की उम्मीद है। 13 अप्रैल, 2026 को एक्शन फिर से शुरू होगा, जिसमें हैदराबाद में सनराइजर्स हैदराबाद का मुकाबला राजस्थान रॉयल्स से होगा, जिससे रोमांचक मैचों का माहौल बनेगा। फैंस टूर्नामेंट के एक रोमांचक फेज़ की उम्मीद कर सकते हैं क्योंकि लीग स्टेज के आखिरी हफ़्तों से पहले टीमें जगह बनाने के लिए मुकाबला करेंगी। दूसरे फेज़ में आठ डबल-हेडर होंगे, जिसमें दोपहर के मैच 03:30 बजे से और शाम के मैच 07:30 बजे से शुरू होंगे। पंजाब किंग्स अपने होम मैच न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला में खेलेगी, जिसमें इस फेज के दौरान धर्मशाला में तीन मैच शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स जयपुर में चार होम गेम होस्ट करेगी, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बेंगलुरु में तीन और रायपुर में दो होम मैच खेलेगी। प्लेऑफ़ के वेन्यू की घोषणा बाद में की जाएगी।

Jharkhand Doctor Bharti: राज्य में बड़े पैमाने पर भर्ती, स्वास्थ्य व्यवस्था होगी सशक्त

रांची राज्य के मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में शीघ्र ही 942 चिकित्सकों की नियुक्ति होगी। स्वास्थ्य विभाग ने रिक्त पड़े कुल 942 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत कुल 276 पदों पर नियुक्ति के लिए कार्मिक विभाग के माध्यम से अधियाचना झारखंड लोक सेवा आयोग को भेजी गई है। वहीं, शेष 666 पदों के लिए जेपीएससी को अधियाचना भेजने के लिए कार्मिक विभाग से अनुरोध किया गया है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 180 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 155 पद नियमित तथा 25 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। ये नियुक्तियां 24 विभिन्न विभागों में की जाएंगी, जिनमें मेडिसिन, सर्जरी, निश्चेतना, स्त्री एवं प्रसव रोग तथा शिशु रोग जैसे महत्वपूर्ण विभाग सम्मिलित हैं। यह नियुक्ति प्रक्रिया झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली, 2018 (संशोधित 2021) तथा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के नवीनतम मानकों अनुरूप संपन्न होगी, जिससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही राज्य के पांच प्रमुख मेडिकल कालेजों धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू और दुमका में सुपर स्पेशियलिटी विभागों को सशक्त बनाने के लिए 96 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों में न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और आंकोलॉजी जैसे अत्याधुनिक चिकित्सा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल से राज्य में जटिल एवं गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें अपने ही राज्य में उन्नत उपचार सुविधाएं मिल सकेंगी।इसी तरह, स्वास्थ्य सेवाओं के जमीनी स्तर को मजबूत करने के लिए राज्य के विभिन्न जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में 666 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 506 पद नियमित तथा 160 पद बैकलाग के हैं। इस संबंध में विभाग के द्वारा कार्मिक विभाग को पत्र लिखा गया है कि जेपीएससी को अधियाचना भेजी जाए ताकि नियमित नियुक्ति हो सके। इनमें सर्वाधिक पद फिजिशियन (226) और शिशु रोग विशेषज्ञ (224) के हैं, जबकि निश्चेतक और स्त्री रोग विशेषज्ञ के बड़ी संख्या में पद सम्मिलित हैं। स्वास्थ्य विभाग इसके अतिरिक्त 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की जानी है, जिसके लिए अधियाचना जेपीएससी को भेजने की तैयारी चल रही है।  

बीच उड़ान में तकनीकी गड़बड़ी, एयर इंडिया की लंदन फ्लाइट 7 घंटे बाद वापस

नई दिल्ली दिल्ली से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI 111 को गुरुवार दोपहर अचानक वापस दिल्ली लौटना पड़ा। यह विमान करीब 7 घंटे तक हवा में रहा और 3,300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका था, जब तकनीकी खराबी के कारण इसे बीच रास्ते से मोड़ने का फैसला लिया गया। सऊदी अरब के ऊपर से मुड़ा विमान फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एयरबस A350 विमान उस समय सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर था, जब पायलट को तकनीकी समस्या का पता चला। गौरतलब है कि ईरान युद्ध के कारण इस क्षेत्र का हवाई मार्ग पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है। हजारों किलोमीटर का सफर हुआ बेकार विमान ने गुरुवार सुबह 6:13 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। लगभग 7 घंटे की लंबी उड़ान के बाद, दोपहर करीब 1:20 बजे यह वापस दिल्ली में लैंड हुआ। आमतौर पर सऊदी अरब से लंदन पहुँचने में भी 6-7 घंटे का समय लगता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से एयरलाइन ने इसे आगे ले जाने के बजाय वापस बुलाना बेहतर समझा। एयर इंडिया का रुख एयर इंडिया ने अब तक इस 'यू-टर्न' के पीछे के सटीक तकनीकी कारण का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, माना जा रहा है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह कदम उठाया गया। प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों और ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।

बस हादसे पर सरकार सख्त, मृतकों के परिवारों को 5 लाख की आर्थिक सहायता घोषित

अमरावती आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में हुए भीषण बस हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को 2-2 लाख रुपये देने का भी फैसला किया गया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। गौरतलब है कि गुरुवार सुबह मार्कापुरम जिले में एक निजी ट्रैवल्स की बस और टिपर ट्रक की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें 14 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए। यह हादसा सुबह करीब 6 से 6:30 बजे के बीच रायवरम के पास एक स्टोन क्वारी के नजदीक हुआ। बताया जा रहा है कि बस तेलंगाना के जगतियाल से नेल्लोर जिले के कनीगिरी जा रही थी और इसमें 40 से ज्यादा यात्री सवार थे। हादसे के बाद बस और ट्रक दोनों पूरी तरह जलकर खाक हो गए। घायलों को ओंगोल और मार्कापुरम के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों और घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस और टिपर दोनों गलत दिशा में चल रहे थे। टक्कर के दौरान बस टिपर के डीजल टैंक से टकरा गई, जिससे आग लग गई। वहीं, बस चालक का कहना है कि स्टेयरिंग फंस जाने के कारण वह वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। आग बुझाने के लिए तीन दमकल गाड़ियों को लगाया गया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों से बातचीत की और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने के भी आदेश दिए। वहीं, राज्य के परिवहन मंत्री मणिपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने भी हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों को सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार का बड़ा बयान: देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं

नई दिल्ली ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच कुछ शहरों के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ती दिख रही है। इसके अलावा, एलपीजी सिलेंडरों में भी कथित संकट का दावा किया जा रहा है। इस बीच, इन दावों को सरकार ने गलत बताया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे जान-बूझकर चलाए जा रहे एक शरारतपूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान से गुमराह न हों, जिसका उद्देश्य बेवजह घबराहट फैलाना है। 'पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं' भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से ज्यादा देशों को रिफाइंड ईंधन की आपूर्ति करता है। क्योंकि भारत दुनिया के लिए एक शुद्ध निर्यातक है, इसलिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। पूरे देश में एक लाख से ज्यादा खुदरा ईंधन आउटलेट खुले हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन दे रहे हैं। किसी भी आउटलेट से आपूर्ति की राशनिंग करने के लिए नहीं कहा गया है। पूरी दुनिया में, देश कीमतों में बढ़ोतरी, राशनिंग, ऑड-ईवन वाहन प्रतिबंधों और स्टेशनों को जबरन बंद करने जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा, ''कुछ देशों ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है। भारत को ऐसे किसी भी उपाय की जरूरत महसूस नहीं होती। जहां दूसरे देश राशनिंग कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। जहां कुछ चुनिंदा पंपों पर घबराहट में खरीदारी के इक्का-दुक्का मामले सामने आए, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो के जरिए जान-बूझकर फैलाई गई गलत जानकारी के कारण हुए थे। ऐसे पंपों पर मांग में अचानक बढ़ोतरी के बावजूद, सभी उपभोक्ताओं को ईंधन दिया गया और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने के लिए पूरी रात काम करते रहे। तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को दिए जाने वाले क्रेडिट को पहले के एक दिन से बढ़ाकर 3 दिन से ज्यादा करने के कदम भी उठाए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) से जुड़ी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो।'' कच्चे तेल की आपूर्ति: कमी की पूरी भरपाई हो गई है मंत्रालय ने आगे कहा, ''होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर में अपने 41 से ज्यादा आपूर्तिकर्ताओं से पहले की तुलना में ज़्यादा कच्चा तेल मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में उपलब्ध बड़ी मात्रा ने किसी भी रुकावट की पूरी भरपाई कर दी है। भारत की हर रिफाइनरी 100 फीसदी से ज्यादा क्षमता पर चल रही है। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति भारतीय तेल कंपनियों द्वारा पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।''

मंत्री सारंग ने मार्कफेड को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

मंत्री सारंग के मार्कफेड को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश बंद इकाइयों के पुनरुद्धार और संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग पर भी जोर 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य पैक्स केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश राज्य सहकारी विपणन संघ की गतिविधियों की समीक्षा भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) कार्यालय में समीक्षा बैठक में संघ की गतिविधियों, उर्वरक वितरण व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, परिसंपत्तियों के उपयोग एवं व्यवसाय विस्तार की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड को आत्मनिर्भर, आधुनिक एवं व्यावसायिक रूप से मजबूत संस्था बनाने के लिए सभी अधिकारी लक्ष्य आधारित कार्य करें। उन्होंने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनः प्रारंभ करने, संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग करने तथा गोदामों के पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उर्वरक (खाद) प्रबंधन एवं वितरण बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 10.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध 23 मार्च तक 6.70 लाख मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। किसानों को स्थानीय स्तर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंत्री सारंग ने वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करते हुए बैंकों से प्राप्त ऋण एवं लंबित बकाया राशि की शीघ्र वसूली के निर्देश दिए, जिससे उर्वरक कंपनियों को भुगतान में कोई बाधा नहीं आए। उन्होंने कहा कि संस्था की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना प्राथमिकता है। परिसंपत्ति प्रबंधन एवं डिजिटल ट्रैकिंग मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि संघ की सभी अचल संपत्तियों की मैपिंग कर उनका विवरण ‘संपदा पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही अचल संपत्तियों की सुरक्षा एवं व्यावसायिक उपयोग के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मुख्यालय भेजी जाए। बैठक में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर एवं अन्य स्थानों पर बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को प्रारंभ करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। उज्जैन स्थित पेट्रोल पंप को तत्काल पुनः प्रारंभ करने तथा मुख्य मार्गों पर स्थित भूमि पर नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स/पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिये वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए। ईईसी एवं एनसीडीसी योजना के पुराने गोदामों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने तथा उपार्जन प्रक्रिया में संघ के 316 गोदामों (क्षमता 7.84 लाख मीट्रिक टन) का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा गया। संगठनात्मक लक्ष्य एवं अनुसंधान मार्कफेड के कायाकल्प के लिये गठित विशेष अनुसंधान समिति को 15 दिवस के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। “को-ऑपरेशन एमंग को-ऑपरेटिव्स” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए कृषि विपणन आंदोलन को राज्य स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड के माध्यम से कृषि विपणन आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा तथा संस्था की वित्तीय स्थिति का सटीक आकलन इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक पूर्ण किया जाएगा। बैठक में राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल, सचिव महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   

वन्य-जीव संरक्षण में सहयोग करने की वन विभाग ने की अपील

भोपाल  वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 में प्रतिबंधित वन्य-जीवों की अवैध बिक्री, खरीद-फरोख्त एवं पालन को रोकने के लिए वन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। फरवरी 2026 में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अनुसूची-I प्रजाति के 313 जीवित कछुओं को जप्त किया गया और इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। वन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचीबद्ध वन्य-जीवों का शिकार, व्यापार, परिवहन, कब्जा या पालन दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद बाजार में कुछ पेट शॉप और एक्वेरियम दुकानों में प्रतिबंधित कछुओं, पक्षियों एवं अन्य जीवित प्रजातियों की अवैध बिक्री की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जो पूर्णतः गैरकानूनी है और वन्य-जीवों की प्राकृतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध है। वन विभाग ने दुकानदारों और पालतू पशु-पक्षी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति CITES प्रजातियों का व्यापार न करें और अपने प्रतिष्ठान में उपलब्ध पशु-पक्षियों से संबंधित वैध दस्तावेज सुरक्षित रखें। साथ ही प्रतिबंधित प्रजातियों की सोशल मीडिया या ऑनलाइन माध्यमों से बिक्री और प्रचार-प्रसार से भी दूर रहने को कहा गया है। आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे प्रतिबंधित वन्य-जीवों को न खरीदें और न ही घरों में पालें। यदि किसी के पास ऐसी जानकारी हो तो तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। अवैध वन्य-जीव व्यापार की सूचना वन विभाग के टोल फ्री नंबर 0755-2524000 पर भी दी जा सकती है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 7 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव)  एल. कृष्णामूर्ति ने नागरिकों, पेट शॉप संचालकों एवं मीडिया से वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की है।

इस राम नवमी अपनाएं ये 5 शुभ उपाय, सफलता और समृद्धि मिलेगी अपार

राम नवमी का पावन पर्व इस वर्ष 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना के साथ कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से न केवल वास्तु दोष दूर होते हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। आइए जानते हैं राम नवमी के दिन किन 5 चीजों को घर लाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। तुलसी का पौधा लाएं घर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है और भगवान श्रीराम को उनका अवतार माना जाता है। ऐसे में राम नवमी के दिन घर में तुलसी का पौधा लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और वास्तु दोष दूर होते हैं। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शंख घर में लाना शुभ राम नवमी के दिन शंख घर लाना और पूजा के समय शंखनाद करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शंखनाद से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में पवित्रता का वातावरण बनता है। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। राम दरबार की तस्वीर या मूर्ति राम नवमी के अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की संयुक्त तस्वीर या प्रतिमा यानी राम दरबार घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे परिवार में प्रेम, एकता और सामंजस्य बढ़ता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। श्रीराम यंत्र की स्थापना राम नवमी के दिन श्रीराम यंत्र घर में स्थापित करना भी विशेष लाभकारी माना गया है। यह यंत्र घर को बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाता है। परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल और शांति बनाए रखने में मदद करता है। जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में सहायक माना जाता है। चांदी का सिक्का राम नवमी के दिन चांदी का सिक्का खरीदकर उसे पूजा में अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कुंडली में मौजूद चंद्र दोष को दूर करने में मदद मिलती है। आर्थिक समृद्धि और स्थिरता आती है। धार्मिक महत्व और निष्कर्ष राम नवमी का पर्व केवल भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन धर्म, मर्यादा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। इस दिन सही विधि से पूजा करने और शुभ वस्तुओं को घर लाने से वास्तु दोष दूर होते हैं। घर में सुख-समृद्धि आती है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली बढ़ती है इसलिए इस राम नवमी पर इन 5 चीजों को घर लाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।