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नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण

रायपुर नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण गोवा राज्य के जनजातीय विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माननीय मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर ने आज छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और गौरव की झलक देखी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण कर जनजातीय कला, संस्कृति, रीति-रिवाज एवं जनजातीय शौर्य के जीवंत प्रदर्शन को देखकर वे अत्यंत प्रभावित हुए।  नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण गोवा के जनजातीय विकास मंत्री डॉ. तावड़कर ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। संग्रहालय में जनजातीय शौर्य के जीवंत प्रदर्शन एवं बड़े पैमाने पर किए गए डिजिटलीकरण ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि गोवा राज्य में भी जनजातीय समुदाय का समृद्ध इतिहास रहा है, परन्तु छत्तीसगढ़ की तरह इसका व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया है। इस मौके पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय  अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में उनके कार्यकाल के दौरान ही गोवा में निवासरत जनजातीय समुदाय को पहली बार औपचारिक मान्यता प्राप्त हुई थी।  डॉ. तावड़कर ने कहा कि गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य जनजातीय शोध, विकास एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बेहतर आदान-प्रदान की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधिमंडल को गोवा भ्रमण हेतु आंमत्रित भी किया। इस मौके पर गोवा राज्य के संचालक खेल डॉ. अजय कुमार गोड़े, आदिम जाति विभाग गोवा के संचालक  निलेश डाऐगोडकर, संचालक टीआरआई गोवा  पी. गांओकर, ओएसडी  राजेन्द्र बोरकर, वरिष्ठ अधिकारी  अर्जुन रामकृष्ण पाटिल,  जनक टेकाले,  मृकुंद नायक तुब्की,  अशोक अरविन्द काले एवं  राजेन्द्र दताजीराव भी मौजूद थे।  सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शोध एवं विकास हेतु गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र होगा एमओयू – प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा संग्रहालय भ्रमण के उपरांत टीआरआई के सभागार में एक संक्षिप्त बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दोनों राज्यों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा द्वारा पीपीटी के माध्यम से दोनों संग्रहालयों के निर्माण कार्य, उनकी विशेषताओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र ही एक एमओयू किया जाएगा, जिससे जनजातीय संग्रहालय निर्माण, जनजातीय शोध, विकास सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग स्थापति हो सकेगा। बैठक में संस्थान की संचालक मती हिना अनिमेष नेताम ने जनजातीय संस्कृति के क्षेत्र में बन रहे ट्राईबल फोक म्यूजिक स्टूडियो सुरगुड़ी पर जानकारी दी।  उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य को प्रदर्शित करता शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का लोकार्पण राज्योत्सव के समय 01 नवंबर 2025 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों से हुआ था, जबकि छत्तीसगढ़ अदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण मई 2025 को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के कर कमलों से हुआ। इनके लोकार्पण के बाद इन्हें आमजन हेतु खोल दिया गया है। अब तक लगभग 02 लाख से अधिक पर्यटकों, शोधार्थियों, विशेषज्ञों द्वारा इसका भ्रमण किया जा चुका है। भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी, 2026 के अवसर पर आयोजित परेड में शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की प्रतिकृति को प्रदर्शित किया गया। इससे छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में जनजातीय वीर नायकों की अमर गाथाओं, उनकी देश भक्ति, अदम्य साहस और बलिदान की परंपरा को नई पीढ़ी को जानने समझने का अवसर राष्ट्रीय मंच पर प्राप्त हुआ।

58 किग्रा महिला वेटलिफ्टिंग में अरुणाचल की अनाई वांग्सू ने जीता स्वर्ण

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 58 किग्रा महिला वेटलिफ्टिंग में अरुणाचल की अनाई वांग्सू ने जीता स्वर्ण रायपुर  रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के खेल परिसर में आज सीनियर महिला वेटलिफ्टिंग (58 किलोग्राम भार वर्ग) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतिस्पर्धा में देशभर की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांग्सू (Anai Wangsu) ने बेहतरीन ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 169 किलोग्राम कुल वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 74 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 95 किलोग्राम उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। ओडिशा की मिना सांता (Mina Santa) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 किलोग्राम के कुल वजन के साथ रजत पदक जीता। वहीं ओडिशा की ही मीना सिंह (Mina Singh) ने 161 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। प्रतियोगिता में असम की मार्टिना मिली, तारा सोनवाल तथा आंध्र प्रदेश की जी. लेनिन एस प्रिया सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर सफल लिफ्ट पर दर्शकों की तालियां गूंज उठीं। यह प्रतियोगिता न केवल महिला खिलाड़ियों की शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच भी प्रदान कर रही है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के माध्यम से देश की बेटियां खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

पर्यावरणीय उल्लंघनों पर मंडल सख्त: 30 उद्योगों पर उत्पादन बंद, 28.92 लाख की क्षतिपूर्ति

रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय अनुपालन की सतत निगरानी के तहत व्यापक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा जल एवं वायु प्रदूषणकारी उद्योगों का नियमित निरीक्षण कर उल्लंघन पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 एवं जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जनवरी 2026 से अब तक प्रदूषण की स्थिति पाए जाने पर 23 उद्योगों के विरुद्ध नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें उरला एवं सिलतरा औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख स्पंज आयरन उद्योग—वासवानी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, शिल्फी स्टील्स प्रा. लिमिटेड एवं एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा सारडा एनर्जी मिनरल्स लिमिटेड के विरुद्ध बिना अनुमति फ्लाई ऐश डम्पिंग के मामले में भी नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिसों के बावजूद संतोषजनक सुधार नहीं करने, मंडल की सम्मति के बिना संचालन तथा शिकायतों में प्रदूषण पाए जाने के कारण अब तक 30 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की जा चुकी है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित उद्योग सभी पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के मामलों में 13 उद्योगों पर कुल 28 लाख 92 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की गई है। मंडल ने जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों एवं संबंधित विभागों से नियमों का कड़ाई से पालन करने और प्रशासनिक निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

हिमस्खलन से मची तबाही: श्रीनगर-लेह मार्ग पर 6 लोगों की मौत, बचाव कार्य तेज

 श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में श्रीनगर और लेह हाईवे पर जोजिला दर्रे के पास भीषण हिमस्खलन हुआ है। एवलांच के कारण छह लोगों की मौत हो गई है और कई वाहन बर्फ और मलबे के नीचे दबे हैं। मौके पर पुलिस प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को जोजिला दर्रे पर हिमस्खलन की चपेट में आने से छह लोगों की जान चली गई, वहीं कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं। घटना के तुरंत बाद बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और शवों को निकालने और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और सड़क को यातायात के लिए बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स प्लेटफार्म पर लिखा, ''ज़ोजी ला में हिमस्खलन की दुर्भाग्यपूर्ण खबर मिली है। मैंने कारगिल के डीसी और एसएसपी को तत्काल घटनास्थल का दौरा करने और राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। आपदा राहत बलों और बीआरओ सहित सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहा हूं।'' मिली जानकारी के अनुसार, सीमा सड़क संगठन (BRO) और एसडीआरएफ ने लोगों को रेस्क्यू करने के लिए संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है। यहां कम से कम 15 वाहन आंशिक रूप से बर्फ के मलबे में दबे हैं। लोगों को निकालने का काम जारी है। इस समय लेह-श्रीनगर मार्ग बाधित है।  

विराट को मिला नया घर, रॉयल चैलेंजर्स ने रायपुर को बनाया अपना सेकेंड होम

बैंगलुरु  रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के लिए अब तक “होम” का मतलब सिर्फ एक ही था चिन्नास्वामी स्टेडियम शोर, छोटे बाउंड्री और बीच में विराट कोहली  यही RCB की पहचान रही है लेकिन IPL 2026 इस कहानी में एक नया मोड़ लेकर आया है. पहली बार RCB अपने शहर से बाहर कदम रख रही है, और यह सिर्फ कुछ मैचों के लिए नहीं, बल्कि बड़े मुकाबलों के साथ है.मजे की बात ये है कि विराट की टीम ने शहर ही नहीं राज्य भी बदला है।  छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर के लिए ये बड़ी खबर है, जहां लगभग एक दशक बाद IPL मैच खेले जाएंगे. इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स ने इस मैदान को अपने दूसरे होम के तौर पर इस्तेमाल किया था. RCB ने भी यहां आखिरी बार 2016 में खेला था. रायपुर जैसे शहर, जहां नियमित तौर पर बड़े क्रिकेट मैच नहीं होते, वहां इतने बड़े खिलाड़ियों को लाइव देखने का मौका मिलना अपने आप में खास है. यही वजह है कि शहर में अभी से जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।  रायपुर में बड़े मुकाबले लेकर उतरेगी RCB वीर नरायण स्टेडियम रायपुर को IPL 2026 के लिए RCB का दूसरा होम ग्राउंड चुना गया है. यहां RCB अपने दो सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले खेलेगी. 10 मई को उनका सामना मुंबई इंडियंस से होगा, जबकि 13 मई को कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ भिड़ंत होगी. दोनों ही मैच डे-नाइट होंगे. मुंबई इंडियंस के साथ रोहित शर्मा , जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या और सूर्यकुमार यादव जैसे बड़े नाम होंगे, जबकि KKR भी अपने स्टार खिलाड़ियों के साथ उतरेगी. इन सबके बीच विराट कोहली की मौजूदगी रायपुर को उस हफ्ते IPL का केंद्र बना देगी।  IPL में “सेकेंड होम” बन रही नई रणनीति RCB इस बदलाव में अकेली नहीं है अब IPL की कई टीमें अपने दूसरे होम ग्राउंड को सिर्फ बैकअप नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा बना रही हैं.राजस्थान रॉयल्स लगातार गुवाहाटी में मैच खेल रही है, जहां वह इस सीजन तीन अहम मुकाबले खेलेगी वहीं पंजाब किंग्स भी धर्मशाला को अपने दूसरे होम के रूप में इस्तेमाल कर रही है और बड़े मैच वहां शिफ्ट कर रही है।  नए बाजार, नए फैंस दरअसल, IPL बिना नई टीम जोड़े ही अपने दायरे को बढ़ा रहा है. रायपुर, गुवाहाटी और धर्मशाला जैसे शहरों में बड़े मैच आयोजित करके फ्रेंचाइजी नए बाजारों तक पहुंच बना रही हैं, नए फैंस जोड़ रही हैं और मैच डे एंगेजमेंट को बढ़ा रही हैं. IPL 2026 में RCB का रायपुर जाना सिर्फ एक बदलाव नहीं, बल्कि लीग की बढ़ती पहुंच और रणनीतिक सोच का संकेत है. यह दिखाता है कि IPL अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश को अपने साथ जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

दिशा पाटनी का बैकलेस ड्रेस में हॉट लुक, देखकर रह जाएंगे हैरान, Uff ये अदा

मुंबई  दिशा पाटनी बॉलीवुड की ग्लैमर एक्ट्रेसेस में से एक हैं, जो अपने लुक्स से फैन्स को दीवाना बनाना जानती हैं। दिशा ने इंस्टाग्राम पर नई फोटोज पोस्ट की हैं, जिसमें वो सिल्वर कलर की बैकलेस गाउन में नजर आ रही हैं। दिशा का बोल्ड लुक देखकर फैन्स की हार्टबीट तेज हो गई हैं. उन पर से नजरें हटाना मुश्किल हो रहा है। ये पहला मौका नहीं है जब दिशा पाटनी ने बैकलेस ड्रेस में तस्वीरें पोस्ट की हैं।  स्टाइल और ग्लैमर दिखाने की जब बात आती है तो बॉलीवुड की एक्ट्रेस देश के साथ विदेश में भी जलवा दिखाकर नंबर- 1 बन जाती हैं। फिर चाहे मेट गाला का रेड कार्पेट हो या कोई फैशन वीक, भारतीय हसीनाएं एकदम शानदार कपड़े पहनी नजर आती हैं। न्यूयॉर्क फैशन वीक में भी धाक जमाने के लिए 33 साल की दिशा पटानी हुस्न का जलवा दिखाती नजर आईं। उन्होंने काली ड्रेस पहनी और एक बार फिर आउटफिट का वही डिजाइन चुना जो पहले भी कई बार चुन चुकी हैं। एक्ट्रेस की इंस्टा प्रोफाइन ऐसी फोटोज से भरी हुई हैं। दिशा जब भी फोटोशूट कराती हैं उनकी एक फोटो बैकलेस जरूर होती है, जिस पर लोग अपना दिल हार बैठते हैं।  सोचने वाली बात ये है कि आखिर क्या वजह है जो दिशा की अधिकतर फोटोज बैकलेस होती हैं. क्या वो फैन्स का अटेंशन पाने के लिए ऐसी फोटोज पोस्ट करती हैं?        वजह जो भी हो लेकिन दिशा को अपनी बोल्ड फोटोज से फैन्स की वाहवाही लूटना बखूबी जानती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 61 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जो उनकी हर अदा पर मर मिटने के लिए तैयार रहते हैं। 

शिक्षा विभाग एक्टिव: सहायक प्राध्यापकों के हजारों प्रकरणों की जांच तेज

रायपुर       शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति को लेकर विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर परीक्षण कार्य किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2022 से पूर्व नियुक्त 10 और जनवरी – फरवरी वर्ष  2022 में नियुक्त 338,मार्च -मई में नियुक्त 572 तथा जून-दिसंबर 2022 में नियुक्त 90 सहायक प्राध्यापकों के प्रकरणों की समीक्षा कर मामलों में निर्णय लिए गए हैं। इस तरह कुल 1010 परिवीक्षाधीन सहायक प्राध्यापकों के संबंध में परीक्षण के बाद 872 सहायक प्राध्यापकों का परिवीक्षा अवधि समाप्ति की अनुशंसा की गई है और 68 सहायक प्राध्यापक को परिभ्रमण में रखा गया है। इसी तरह 70 प्राध्यापकों के गोपनीय प्रतिवेदन में समिति की शर्तों के अनुरूप न होने के कारण परिवीक्षा अवधि में वृद्धि की अनुशंसा की गई है,जिसमे 53 प्राध्यापकों का 1 वर्ष और 17 सहायक प्राध्यापकों का 2 वर्ष शामिल है।     विभागीय जानकारी के अनुसार इन सहायक प्राध्यापकों की परीविक्षा अवधि समाप्ति की प्रक्रिया वर्ष 2025 तक पूरी की जानी है। इसके लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, पुलिस सत्यापन, सतत सेवा प्रमाण-पत्र, निष्ठा प्रमाण-पत्र, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित दस्तावेज तथा चल-अचल संपत्ति विवरण जैसे आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।      फरवरी 2026 में आयोजित प्रथम बैठक में कुल 348 प्रकरणों की समीक्षा की गई,इनमें से 307 सहायक प्राध्यापक सभी मापदंडों पर पात्र पाए गए, जिनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की अनुशंसा की गई। वहीं 15 प्रकरणों में दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्हें लंबित रखा गया। दस्तावेज पूर्ण करने की दशा में उन्हें पात्र माना जाएगा। इसी तरह 26 सहायक प्राध्यापक निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके चलते उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं करने की अनुशंसा की गई।        इसके बाद मार्च 2026 में आयोजित द्वितीय बैठक में मार्च से मई 2022 के बीच नियुक्त 572 प्रकरणों का परीक्षण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्राध्यापकों के मामलों पर विचार किया गया,इसमें 497 सहायक प्राध्यापक मापदंडों में पात्र जिसमे से 39 दस्तावेज पूर्ण करने पर पात्र तथा 36 सहायक प्राध्यापक मापदंड में अपात्र होने पर समिति द्वारा परिवीक्षा अवधि समाप्त नही किये जाने की अनुशंसा की गई है।       इसी तरह जून–2022 से दिसम्बर–2022 में नियुक्त कुल 90 प्रकरणों का परीक्षण किया गया, जिसमें 68 सहायक प्राध्यापकों को सभी मापदण्डों में पात्र पाये जाने के कारण उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्ति हेतु समिति के द्वारा अनुशंसा की गई। इसमें 14 सहायक प्राध्यापक ऐसे हैं, जिनके प्रकरण में दस्तावेज अपूर्ण हैं,वे पूर्ति कर देंगे तो पात्र माने जायेंगे। इन्हे अभी परीक्षण में रखा गया है। 08 सहायक प्राध्यापक मापदण्ड में अपात्र पाये गये।       पूरी प्रक्रिया के दौरान विभाग द्वारा पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि सभी पात्र सहायक प्राध्यापकों को समय पर लाभ दिया जाएगा, जबकि अपूर्ण या अपात्र प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

छिंदवाड़ा में पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री यादव, दिल्ली से लौटते ही लिया हाल-चाल

भोपाल/छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली दौरे के बाद अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर सीधे छिंदवाडा पहुंचे। जहां उन्होंने छिंदवाड़ा जिले की तहसील मोहखेड़ के ग्राम करेर, ग्वारा और झिरिया पहुंचकर सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदनाएं व्यक्त कर उन्हें सांत्वना प्रदान की। इस दौरान उन्होंने छिंंदवाड़ा जिला अस्पताल में पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात कर उनक कुशलक्षेम जाना । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मीयता के साथ ढांढ़स बंधाते हुए कहा, यह दुर्घटना पीड़ा दायक है। आप सभी धैर्य और साहस बनाए रखें, प्रदेश सरकार संकट में आपके साथ खड़ी है"। उन्होंने कहा मैंने कल ही प्रभारी मंत्री को रात में ही यहां भेज दिया था मेडिकल डॉक्टर की टीम भी जबलपुर से भेजी गई और एक टीम को नागपुर भेजा गया जिससे वहां भी घायलों का इलाज सुनिश्चित हो। इसके साथ ही घटना के जांच के आदेश दिए हैं। हर मृतक के परिजन को 8-8 लाख की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके साथ ही प्रत्येक मृतक के परिजनों को 8-8 लाख की आर्थिक मदद की जाएगी। 4-4 लाख सरकार की ओर से और 4-4 लाख संबल योजना के माध्यम से आर्थिक मदद प्राप्त होगी । उन्होंने कहा की घटना में घायल हर नागरिक को 1-1 लाख की आर्थिक मदद दी जाएगाी। और घायलों का पूरा इलाज सरकार कराएगी। पल-पल लेते रहे घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकों के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव छिंदवाड़ा पीड़ितों के लिए चिंचित रहे। वे पल-पल घायलों के स्वास्थ्य का विवरण लेते रहे और दिल्ली से लौटते ही अपने आधिकारिक कार्यक्रमों को रद्द कर सीधे छिंदवाड़ा पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की। ज्ञात हो कि गुरुवार शाम को छिंदवाड़ा के पास सिमरिया नाला में क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर छिंदवाड़ा पहुंचने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही, घायलों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जबलपुर से विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल को भी तत्काल रवाना कर दिया था। परिवार के सदस्यों की भांति हो पीड़ितों की देखभाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीड़ितों व उनके परिजनों से मुलाकात के समय भावुक हो गए, परिवार के मुखिया की भांति छिंदवाड़ा कलेक्टर और चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक घायल व्यक्ति की देखभाल "अपने परिवार के सदस्य" की भांति की जाए।  उन्होंने स्पष्ट किया कि घायलों के समुचित उपचार के लिए किसी भी प्रकार की कमी न हो, प्रदेश सरकार संकट में हर नागरिक के साथ है। डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर भविष्य की सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावितों को हर संभव सहायता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि इस संकट के समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के दुःख को साझा करने और उनकी सहायता करने हेतु संकल्पित है।  

केंद्र का बड़ा फैसला: डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल के दाम ₹10 घटे

मुख्यमंत्री ने कहा—140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय, प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक रायपुर केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।

डाकबंगला में रामनवमी का भव्य आयोजन, नीतीश कुमार की मौजूदगी में एक मंच पर दिखे पिता-पुत्र

पटना आज देशभर में रामनवमी का पावन पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना में भी विभिन्न पूजा समितियों की तरफ से भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया गया है। ये सभी झांकियां धीरे-धीरे पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित श्रीराम चौक पर पहुंच रही हैं। समारोह के लिए डाकबंगला चौराहे पर एक विशाल मंच तैयार किया गया है, जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके पुत्र निशांत कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और संजय सरावगी समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता उपस्थित हैं। जय श्री राम के नारे से गूंजा क्षेत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंच पर मौजूद सभी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नितिन नवीन द्वारा वहां पहुंच रही झांकियों को सम्मानित किया जा रहा है। नीतीश कुमार के मंच पर चढ़तेही जय श्री राम के नारे लगने लगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नितिन नवीन पहली बार इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनकर झांकियों का स्वागत कर रहे हैं। मौसम ने ली करवट इस साल रामनवमी पर पटना की 52 पूजा समितियां अपनी मनमोहक झांकियां निकाल रही हैं। सुबह के वक्त तेज धूप से लोग बेहाल थे, लेकिन शोभायात्रा शुरू होने से ठीक पहले मौसम ने अचानक करवट ली। हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम मेहरबान होने की वजह से श्रीराम चौक पर भक्तों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। लगातार आ रहे श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यहां करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है। इस बार का आयोजन कई मायनों में बेहद खास है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम का अमर किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता अरुण गोविल हैं, जो मंच पर मौजूद हैं। उनके साथ-साथ दिग्गज भोजपुरी गायक और भाजपा नेता मनोज तिवारी भी इस समारोह में मौजूद हैं। इतनी बड़ी भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं और चप्पे-चप्पे पर करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।