samacharsecretary.com

Avalanche Tragedy: लद्दाख में शहीद हुआ नालंदा का जवान, अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़

नूरसराय/नालंदा. देश की सरहदों की रक्षा करते हुए बिहार के नालंदा जिले के एक वीर सपूत ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के मोकरमपुर मिर्चायगंज निवासी जेसीओ सुमन कुमार सिंह उर्फ पंकज (45) लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन (एवलांच) की चपेट में आ गए थे। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही देर रात उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बर्फ में दबने से बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत जानकारी के अनुसार, 26 मार्च को लद्दाख में तैनाती के दौरान अचानक आए भीषण हिमस्खलन में सुमन कुमार सिंह बर्फ के नीचे दब गए। सेना के बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 27 मार्च को डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि वे पहले से पीलिया और ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे थे। परिवार का सहारा थे सुमन, सेना से जुड़ा है घराना सुमन कुमार सिंह अपने परिवार के मजबूत स्तंभ थे। वे दो भाइयों में बड़े थे, जबकि उनके छोटे भाई वर्तमान में सीआईएसएफ में कार्यरत हैं। अपने पीछे वे पत्नी नीलम सिंह, दो बेटियां स्नेहा और सलोनी तथा दो बेटे अंश राज और यशराज छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी इंटर और छोटी बेटी मैट्रिक की छात्रा है। पिता के बलिदान की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ‘अमर रहें’ के नारों के बीच दी गई अंतिम विदाई शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरा इलाका ‘शहीद सुमन कुमार अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। प्रशासन और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में बाढ़ के उमानाथ घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मां की आंखें नम, आखिरी बातचीत को किया याद शहीद की मां ने बताया कि 13 मार्च को बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। उसने कहा था, “आप चंडीगढ़ चली जाइए, बच्चों का ख्याल रखिएगा।” उन्होंने बताया कि बेटे ने दवा भी मंगवाकर दी थी और खुद का ख्याल रखने को कहा था। मंत्री श्रवण कुमार ने दी श्रद्धांजलि बलिदान की सूचना मिलते ही बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार शहीद के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश ने एक वीर योद्धा खोया है, लेकिन हमें उनके बलिदान पर गर्व है।

CM का मेगा ऐलान: अब हर घर पहुंचेगा नर्मदा का पानी 24×7, ₹1356 करोड़ की योजना लॉन्च

इंदौर  शहर में बढ़ती पानी की जरूरत पूरी करने की कवायद शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को 1356 करोड़ की नर्मदा चतुर्थ परियोजना का दशहरा मैदान में भूमिपूजन करेंगे। पेयजल व्यवस्था के लिए टनल निर्माण, क्लोरीनेशन सिस्टम भी बनेगा। सीएम सिरपुर में 20 एमएलडी के एसटीपी प्लांट का भी लोकार्पण करेंगे। वर्ष 2029 से इंदौर को चौथे चरण का पानी देने की योजना है। परियोजना के संबंध में भाजपा कार्यालय में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, एमआइसी सदस्य अभिषेक शर्मा आदि ने मीडिया को जानकारी दी। 24 घंटे पानी की सप्लाई और 29 गांवों में बिछेगी पाइपलाइन इंदौर महापौर भार्गव ने बताया कि नर्मदा के चौथे चरण की योजना पूरी होने से शहर में करीब 900 एमएलडी पानी की सप्लाई होगी। अमृत 2.0 योजना के तहत इस परियोजना से शहर में 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। 29 गांवों के 10 वार्ड में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। दो लाख से ज्यादा नए नल कनेक्शन से पानी सह्रश्वलाई होगा। 40 नई टंकियों का निर्माण कर जल वितरण होगा। चौथे चरण में यशवंत सागर की क्षमता 30 से बढ़ाकर 45 एमएलडी कर रहे हैं। पैकेज 2     पैकेज-2 के तहत वांचू पाइंट से राऊ सर्कल तक 2235 एमएम की 39 किमी लंबी ग्रेविटीमेन पाइपलाइन बिछाकर तीन जगह 2870 मीटर लंबाई में टनल निर्माण किया जाएगा। राऊ सर्कल पर क्लोरिनेशन सिस्टम बनेगा। 448.23 करोड़ रुपए में लगभग 30 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य है। पैकेज 3     पैकेज-3 और 4 के तहत 40 नए ओवरहेड टैंक बनेंगे, 76 टैंकों का नवीनीकरण किया जाएगा। पैकेज-3 में 15 से 35 लाख लीटर क्षमता के 20 नए ओवरहेड टैंक का निर्माण कर 29 मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण होगा। इन टैंकों को जोड़ने के लिए 400 से 600 एमएम की 27.4 किमी लंबी फीडर पाइपलाइन तथा 1200 मिमी व्यास की 4.7 किमी ग्रेविटी मेन व 685 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाई जाएगी।     1 लाख 26 हजार पानी के कनेक्शन घरों में देकर 1 लाख 8 हजार से अधिक वाटर मीटर लगाए जाएंगे। इससे 24 घंटे प्रेशर के साथ पानी सह्रश्वलाई होगी। यह काम 36 महीने में 410.50 करोड़ में किया जाएगा। स्मार्ट मॉनिटरिंग से लीकेज व पानी की बर्बादी पर नियंत्रण किया जाएगा।     यहां बनेंगी 40 नई टंकियां, पैकेज-3 के तहत पुराने रजिस्ट्रार ऑफिस का गार्डन, खालसा चौक, आइडीए गार्डन, लवकुश विहार, निरंजनपुर मंडी, कबीटखेड़ी, रेवेन्यू नगर, ट्रेजर टाउन, कावेरी परिसर, कैलोद करताल, लिंबोदी टैंक, पालदा इंडस्ट्रीज एरिया, आरटीओ पत्थर मुंडला, ओमेक्स हिल, देवगुराडिय़ा, कु्हेड़ी, पंचवटी कॉलोनी, अरंडिया, मायाखेड़ी, शक्करखेड़ी, रेवती। पैकेज 4     पैकेज-4 में 20 नए ओवरहेड टैंक का निर्माण तथा 892 किमी लंबी वितरण पाइपलाइन बिछाई जाएगी।     साईं गंगौत्री, लक्ष्मीबाई मंडी, एकेवीएन कैंपस, मैकेनिक नगर, पीयू 4 गार्डन, विजय नगर, सयाजी होटल के पीछे, हाट बाजार के सामने कंचनबाग, महल कचहरी, शिवाजी नगर, कलेक्टोरेट पार्क आदि।

भीड़ पर लगाम के लिए प्रशासन सख्त, कर्तव्य पथ पर कैमरों से निगरानी शुरू

नई दिल्ली राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थलों इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भीड़ कम करने का अभियान शुरू किया है। गर्मी के दिनों में यहां छात्रों, परिवारों और पर्यटकों की संख्या बढ़ने के कारण यह कदम उठाया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, मार्च 2026 में इस इलाके में कुल 2253 चालान किए गए। इनमें 1720 चालान अवैध पार्किंग के लिए, 293 कैमरे के जरिए, 180 वाहनों को टो किया गया, जबकि 60 चालान बिना हेलमेट के किए गए। यातायात नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के लिए प्रमुख चौराहों पर रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे मथुरा रोड-भैरों मार्ग, रिंग रोड-भैरों रोड और जनपथ-टॉलस्टॉय मार्ग पर स्थापित किए जा रहे हैं, जो रेड लाइट तोड़ने वालों का स्वतः चालान करेंगे। पुलिस ने वायलेशन ऑन कैमरा प्रणाली भी लागू की है। इसके तहत यदि कोई वाहन नो-पार्किंग में खड़ा पाया जाता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो पुलिसकर्मी मोबाइल के जरिए चालान जारी कर सकता है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को जुर्माना भरने के लिए कोर्ट में पेश होना होगा। पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने कई सार्वजनिक पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। मान सिंह रोड पर नेशनल म्यूजियम के पास पी1 और पी2, जनपथ पर पी5 और रफी मार्ग पर पी6 पार्किंग उपलब्ध है। पी1 पार्किंग में बसों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जबकि अन्य पार्किंग स्थलों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े किए जा सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क किनारे या फुटपाथ पर वाहन पार्क न करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। साथ ही, किसी भी सहायता के लिए नागरिक 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या नजदीकी ट्रैफिक पुलिसकर्मी से मार्गदर्शन ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने जन्म दिवस पर भी इस प्रतिबद्धता को दोहराया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के वन और जल स्त्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों तथा जंगली जीवों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। जन्म दिवस वाले दिन कछुओं को विमुक्त कर उन्होंने जैव विविधता संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रकट की। उल्लेखनीय है कि जल संरचनाओं को स्वच्छ बनाए रखने और जलीय जैव विविधता के संतुलन में यह कछुएं महत्वपूर्ण भूमिका हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्म दिवस पर सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त किया। इस दिन चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े का पूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रकृति और वन्य जीवों की सेवा को ही ईश्वर की सेवा के समान माना है। उनका मानना है कि वन्य और जलीय जीव, जैव विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही इनकी उपस्थिति से वनों और जल संरचनाओं के संरक्षण में भी मदद मिली है तथा प्रदेश के पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलता है। यह गतिविधियां रोजगार सृजन का माध्यम बनती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दृष्टिकोण का परिणाम है कि अपने जन्मदिवस पर भी उन्होंने प्रदेश के वन विकास और जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए गतिविधियां संचालित कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि नदियां प्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं, अपितु राष्ट्र की महत्वपूर्ण धरोहर हैं, क्योंकि प्रदेश के वन देश की कई प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्र हैं। इस दृष्टि से हमारे वनों से निकली नदियां कई राज्यों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। वनों की सुरक्षा केवल पर्यावरणीय दायित्व ही नहीं है अपितु यह हमारी सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामुदायिक सहभागिता से वनों के प्रबंधन पर विशेष बल देते हैं। इसके दृष्टिगत प्रधानमंत्री  मोदी के आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हरसंभव योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विजन@2047 री-इमेजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर नामक डॉक्यूमेंट का गति‍दिवस विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वन प्रबंधन में बदलते वर्षा पैटर्न, बढ़ते तापमान, भूमि उद्योग के दबाव के दृष्टिगत पारिस्थितिकी आधारित, जलवायु अनुकूल, विज्ञान आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया जा रहा है। प्रदेश में वन आश्रित समुदायों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं अपितु वन संसाधनों के सहप्रबंधक और संरक्षक के रूप में देखा जा रहा है। व्यवस्थाएं इस आधार पर विकसित की जा रही हैं कि जब समुदायों को वनों से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा तो वे वनों के सर्वाधिक सशक्त संरक्षक बनेंगे। यह विचार समावेशी विकास को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वनों के प्रबंधन में डिजिटल प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही पूर्ण व्यवस्था को भी सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की वनों के प्रति इस संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप राज्य सरकार वनों को आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ उत्पादक और सम-सामयिक दृष्टि से उपयोगी संसाधनों के स्त्रोत के रूप में सौंपना चाहती हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण, वन संरक्षण के साथ ही सामुदायिक वानिकी और आजीविका, पर्यावरण, पर्यटन और प्रकृति शिक्षा, कार्बन एवं पारिस्थितिकीय तंत्र, वन भूमि के बाहर हरित आच्छादन बढ़ाने की दिशा में वैज्ञानिक रणनीति से गतिविधियां संचालित की जा रही है।  

IPL 2026: आज के मैच में भुवनेश्वर कुमार बना सकते हैं बड़ा रिकॉर्ड, 200 विकेट की दहलीज पर

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के 19वें संस्करण का आगाज आज 28 मार्च से हो रहा है। पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा। यह मुकाबला शाम में शुरू होगा। आईपीएल 2026 के शुरुआती मैच में ही भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमारके पास इतिहास रचने का खास मौका होगा। भुवी अगर आज के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ दो विकेट हासिल कर लेते हैं तो उनके नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। शनिवार को खेले जाने वाले मुकाबले में आरसीबी के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार दो विकेट लेते ही आईपीएल के इतिहास में 200 विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन जाएंगे। वे साथ ही साथ इस लीग के पहले ऐसे तेज गेंदबाज होंगे, जो 200 विकेट का मुकाम हासिल करेंगे। अभी तक आईपीएल में 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड सिर्फ युजवेंद्र चहल के नाम है, जो स्पिन गेंदबाज हैं। चहल ने अपने आईपीएल करियर में 2013 से लेकर अब तक कुल 174 मैच खेले हैं, जिसकी 172 पारियों में गेंदबाजी करते हुए कुल 221 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 22.76 का और 7.96 की है। 4 ओवर में 40 रन देकर 5 विकेट लेना उनका अब तक सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में भुवनेश्वर कुमार चहल के बाद दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2011 से 2025 तक कुल 190 मैच खेले हैं जिसकी सभी 190 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 27.33 की औसत और 7.69 की शानदार इकोनॉमी के साथ कुल 198 विकेट हासिल किए हैं। 4 ओवर के स्पेल में 19 रन देकर 5 विकेट हासिल करना भुवी का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। भुवी के बाद लिस्ट में तीसरे स्थान पर सुनील नरेन हैं, जिन्होंने 189 मैचों की 187 पारियों में कुल 192 विकेट लिए हैं। पीयूष चावला के नाम भी 192 मैच की 191 पारियों में 192 विकेट हैं। अश्विन के नाम इस लीग में 187 विकेट हैं और वे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर है। बुमराह ने 2013 से आईपीएल खेलना शुरू किया था और 2025 तक कुल 183 विकेट लिए हैं। आईपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले टॉप-5 गेंदबाज युजवेद्र चहल, 172 पारियों में 221 विकेट भुवनेश्वर कुमार, 190 पारियों में 198 विकेट सुनील नरेन, 187 पारियों में 192 विकेट पीयूष चावला, 191 पारियों में 192 विकेट रविचंद्रन अश्विन, 217 पारियों में 187 विकेट जसप्रीत बुमराह, 145 पारियों में 183 विकेट भुवनेश्वर कुमार आज सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले जाने वाले मुकाबले में आरसीबी की प्लेइंग 11 का हिस्सा हो सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए ही भुवी दो विकेट निकालकर इतिहास रच सकते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भुवी इसी मैच में यह कारनामा कर पाते हैं या उन्हें और इंतजार करना पड़ सकता है।

अन्न उत्पादन को बढ़ावा देगा मप्र

भोपाल  मध्यप्रदेश की तीन फसलों सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैंगनी अरहर को शीघ्र ही जी आई टैग मिलने जा रहा है। तीनों फसलों के प्रस्ताव तैयार कर परीक्षण के लिए भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री चैन्नई भेज दिए गए है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार अन्न उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनजातीय बहुल क्षेत्रों में पारंपरिक कोदो-कुटकी को बचाने और उत्पादन करने के लिये किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। औषधीय गुणवत्ता और पौष्ट‍िकता के कारण अब दुनिया अन्न की ओर लौट रही है। ग्लोबल मार्केट में अन्न की मांग बढ़ रही है। अन्न अब किसानों के लिये आर्थ‍िक लाभ देने वाली फसल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर रानी दुर्गावती  अन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों से 1,000 प्रति क्विंटल पर कोदो कुटकी की खरीदी हो रही है। कोदो-कुटकी की खरीद के लिए 22,000 से ज्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इन किसानों का 21,000 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इस योजना में 16 जिलों में पहली बार खरीद की जा रही है। इन जिलों में जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं । सिताही कुटकी सिताही कुटकी एक कम अवधि (60 दिन) वाली 'लिटिल मिलेट' (छोटी बाजरा) की देशी किस्म है। यह वर्षा-आधारित क्षेत्रों और देर से बुवाई की स्थितियों के लिए उपयुक्त है। यह सूखे की मार, नमी की कमी, और प्रमुख कीटों (शूट फ्लाई), 'ग्रेन स्मट' व 'ब्राउन स्पॉट' जैसी बीमारियों का सामना करने में सक्षम है। इस प्रकार, यह किसानों को एक स्थिर पैदावार दिलाने में मददगार साबित होती है। सिताही कुटकी की मध्यम ऊँचाई और मोटे तने के कारण फसल के गिरने की समस्या नहीं रहती। इसे पहाड़ी, ऊबड़-खाबड़ तथा कमज़ोर मिट्टी वाली स्थितियों में भी उगाया जा सकता है। डिण्डोरी के 'बैगा' तथा 'गोंड' जनजातियों के किसानों के लिए अच्छी आय दे सकती है। डिंडोरी में 'सिताही कुटकी' की खेती की 10,395 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ोतरी और 10-11 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की स्थिर पैदावार से इस क्षेत्र में लोगों की आजीविका, भोजन और पोषण सुरक्षा में मदद मिली है। जनजातीय ज़िलों के लगभग 60,000 आदिवासी किसान—खासकर डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, बालाघाट और जबलपुर के कुछ हिस्सों के किसान पैदावार बढ़ाकर आर्थिक ले सकते हैं। डिंडोरी के पहाड़ी और मुश्किल इलाकों के 54 गाँवों के किसानों को मुनाफ़ा हुआ है। इन इलाकों में दूसरी रबी फ़सलों की खेती नहीं होती। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर ने 'भौगोलिक संकेतक' (GI) टैग के लिए दस्तावेज़ तैयार किया है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर 'सिताही कुटकी' का एक ब्रांड नाम स्थापित होगा। बाज़ार के नए अवसर खुलेंगे। इससे बाजरे की खेती करने वाले जनजातीय किसानों को आर्थ‍िक लाभ होगा। नागदमन कुटकी डिंडोरी जिले में उगाई जाने वाली कुटकी की एक विशिष्ट स्थानीय किस्म है। यह अपने औषधीय गुणों और उच्च पोषण मूल्य के लिए जानी जाती है। बैंगनी अरहर दरअसल अरहर की विशेष किस्म है। इसमें पौधे या फलियों पर बेंगनी रंग की झलक हेती है। इसमें भरपूर प्रोटीन होता है। रोगों से लड़ने की जबरदस्त क्षमता होती है। अच्छी देखभाल होने पर 15 से 20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक उत्पादन हो सकता है। जीआई टैग से लाभ : औषधीय गुणों और उच्च पोषण मूल्य के लिए जानी जाती है। जीआई टैग मिलने से इस फसल की शुद्धता और गुणवत्ता की गारंटी मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग बढ़ेगी। वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे बिक्री बढेगी। यह साबित होगा कि फसल स्थापित मानकों के अनुरूप है। जनजातीय क्षेत्रों में उत्पादन जनजातीय जिलों में किसानों को कोदो-कुटकी की सभी प्रकार की किस्मों को बचाने और उनका उत्पादन बढ़ाने के लिये प्रात्साहित किया जा रहा है। सीधी, जबलपुर, डिंडोरी, मंडला, छिंदवाड़ा जैसे जिलों में किसानों को जोड़ा गया है। सहरिया-बहुल श्योपुर जिले में जनजातीय बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए मिलेट आधारित व्यंजनों का उपयोग किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकताओं और एकीकृत बाल विकास योजना के अमले को मिलेट के व्यंजन बनाने की जानकारी दी गई है और इसके पौष्ट‍िक गुणों से परिचित कराया गया है। जिले में 130 एकड़ में कोदो कुटकी की खेती हो रही है। करीब 200 किसानों को इसमें जोड़ा गया है। इस पहल का परिणाम यह रहा कि 2000 बच्चों का पोषण स्तर बढ़ गया और उनके स्वास्थ्य में सुधार आया। डिण्डोरी के समनापुर ब्लाक की महिला किसानों को कोदो-कुटकी उत्पादन से जोड़ा गया है। प्रत्येक महिला किसान के पास औसत ढाई एकड़ खेती है। इससे 32 गांवों की 1250 महिला किसान जुड़कर खेती कर रही है। पिछले दो सालों में कोदो कुटकी उत्पादन बढ़ा है।  

ईरान का बड़ा वार! अमेरिकी जहाज बना निशाना, मिडिल ईस्ट में हालात तनावपूर्ण

ईरान मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान की सेना ने एक बार फिर से अमेरिकी जहाज को निशाना बनाया है। यह जहाज अमेरिकी सेना को लॉजिस्टिक मुहैया करवाने में मदद करता था। ईरानी सेना ने शनिवार कहा कि उसने ओमान के सलालाह बंदरगाह के पास एक अमेरिकी लॉजिस्टिक्स जहाज पर हमला किया। ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने सरकारी टीवी पर जारी एक बयान में कहा, "आक्रामक अमेरिकी सेना को सहायता पहुंचाने वाले एक लॉजिस्टिक्स जहाज को, ओमान के सलालाह बंदरगाह से काफी दूरी पर, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाओं द्वारा निशाना बनाया गया।" इससे पहले, ईरानी मीडिया ने शनिवार को बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में कई रिहायशी इलाके निशाना बने, जिससे रातभर में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। फार्स न्यूज एजेंसी ने प्रांत के अधिकारी घोडरातोल्लाह वलादी के हवाले से बताया कि पश्चिमी प्रांत लोरेस्तान के शहर बोरुजेर्द के रिहायशी इलाकों पर हुए हमलों में सात लोग मारे गए और 36 अन्य घायल हो गए। ISNA ने शहर के राजनीतिक उप-गवर्नर अली सादेघी के हवाले से बताया कि शनिवार को उत्तर-पश्चिमी शहर जंजन में भी इसी तरह के हमले हुए, जिनमें कम से कम पांच लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए। इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए, जिसमें इस्लामिक गणराज्य के सर्वोच्च नेता मारे गए और एक ऐसा युद्ध छिड़ गया जो तब से पूरे मध्य पूर्व में फैल चुका है। ईरान ने अभी तक मौतों का कुल आंकड़ा जारी नहीं किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 8 मार्च को जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों में 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत बताई गई है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रात भर ईरानी राजधानी में धमाकों की गूंज सुनाई दी। शहर के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हुए हमलों से इमारतों को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि रात भर हुए इन हमलों में अन्य स्थानों को भी निशाना बनाया गया था या नहीं। ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान बहुत अच्छी स्थिति में: ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है ।लेकिन इसी दौरान ईरान ने सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गयी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा, "ईरान में हमारा सैन्य अभियान बहुत अच्छा चल रहा है," हालांकि उन्होंने इस पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।''  

मेरा लक्ष्य सिर्फ टीम को जिताना– टीम इंडिया में जगह पर बोले अंगकृष रघुवंशी

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी का कहना है कि वह अपनी टीम के प्रदर्शन के आधार पर अपने खेल का आकलन करते हैं और इसके साथ ही वह शीर्ष क्रम के बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में अपने कौशल को बढ़ाने पर लगातार काम कर रहे हैं। जिस टीम में न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट और भारत के अनकैप्ड खिलाड़ी तेजस्वी दहिया विशेषज्ञ विकेटकीपर के रूप में मौजूद हैं, उसमें रघुवंशी का विकेट के पीछे का कौशल केकेआर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि उनकी टीम के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में सही संयोजन तैयार करना एक चुनौती होगी। रघुवंशी ने पीटीआई से कहा, ''घरेलू क्रिकेट की मेरी टी20 टीम मुंबई को विकेटकीपिंग के लिए मेरी जरूरत थी, इसलिए मैंने इसे स्वीकार किया। यह एक नई चुनौती थी जिसने मुझे बहुत मजा आया। मैंने बहुत अभ्यास किया है और अब देखते हैं कि परिणाम कैसा निकलता है।'' भारतीय टीम में सभी प्रारूपों में जगह पाने की होड़ तेज हो रही है तथा यशस्वी जायसवाल और तिलक वर्मा जैसे विशेषज्ञ बल्लेबाज भी लगातार अपनी गेंदबाजी कौशल को निखारने में जुटे हैं, ऐसे में रघुवंशी को भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ''मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मैं बस अपने खेल को जितना हो सके बेहतर बनाने पर ध्यान देता हूं। क्रिकेट काफी गतिशील खेल है और इसलिए मैं अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ अपने फील्डिंग कौशल और विकेटकीपिंग कौशल पर भी लगातार काम कर रहा हूं। मैं जितना हो सके उतना बेहतर बनने की कोशिश कर रहा हूं।'' इस 21 वर्षीय खिलाड़ी को मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन उन्होंने सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी दोनों टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। रघुवंशी ने कहा, ''मैंने अपनी तरफ से पूरी तैयारी की, लेकिन मैं अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन केवल इस आधार पर करता हूं कि टीम जीती है या नहीं। उम्मीद है कि आईपीएल में मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा और अपनी टीम को जीत दिलाने में योगदान दूंगा।'' अपने गुरु और कोच अभिषेक नायर के केकेआर के मुख्य कोच के रूप में पदभार संभालने के बाद रघुवंशी को विश्वास है कि उन्हें इस पूर्व भारतीय खिलाड़ी से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।उन्होंने कहा, ''यह मेरे साथ-साथ पूरी टीम के लिए कुछ नया सीखने का बहुत अच्छा मौका होगा। वह क्रिकेट की बहुत अच्छी समझ रखते हैं और बहुत अच्छे इंसान हैं। मैंने पहले भी उनसे काफी कुछ सीखा है। उम्मीद है कि हम उनके साथ मिलकर ट्रॉफी जीतने में सफल रहेंगे।''  

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में ईंधन व गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने बताया कि अवैध भंडारण पर कार्रवाई जारी है और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से निर्धारित अंतराल पर ही गैस बुकिंग करने तथा आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने की अपील की है, ताकि सभी को समय पर सुविधा मिल सके।

संघर्ष से सफलता तक! बाबूलाल हेम्ब्रम एक-एक पदक जीतकर चमक रहे ट्राइबल गेम्स में

रायपुर. जब पूर्व आर्मी कोच गुरविंदर सिंह ने बाबूलाल हेम्ब्रम को उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर अन्य खेल छोड़कर वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी, तब झारखंड के रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव के इस किशोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी, इस खेल को जारी रखने के लिए पैसे जुटाना. लेकिन हार मानने के बजाय बाबूलाल ने कंस्ट्रक्शन साइट्स पर बांस और रॉड से अभ्यास शुरू किया. बाद में उन्होंने झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSPS) के कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया, जिसके लिए उन्हें रोज़ 60 किलोमीटर का सफर तय कर कोच गुरविंदर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना पड़ता था. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले बाबूलाल कहते हैं कि, “2018 में जब मैंने इस खेल को अपनाया, वह समय मेरे लिए बहुत कठिन था. हमारे पास ट्रेनिंग के लिए उपकरण और किट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए मैं बांस और लोहे की रॉड से ही अभ्यास करता था. फिर जीएसपीएस और अपने कोच का साथ मिला और आज मैं यहां हूं.” पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे 19 वर्षीय बाबूलाल ने बताया, “मेरी मां एक स्थानीय स्कूल में रसोइया हैं, और पिता छोटे-मोटे काम करते हैं. आर्थिक स्थिति हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है. लेकिन मुझे भरोसा है कि खेलो इंडिया जैसे आयोजनों में मिल रही सफलता से हमारी स्थिति बदलेगी.” बाबूलाल हेम्ब्रोम ने उम्र-आधारित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही अपनी छाप छोड़ी है. 2024 में उन्होंने चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता. इसके बाद उन्होंने आईडब्ल्यूएफ़ वर्ल्ड यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन जूनियर एवं यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए. अब बाबूलाल सीनियर सर्किट में कदम रख रहे हैं और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारतीय टीम में जगह बनाने का लक्ष्य रख रहे हैं. फिलहाल, वह पटियाला में राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा हैं. बाबूलाल ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में यह रजत पदक मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं. राष्ट्रीय शिविर में लौटकर मैं अपने कोच से भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा करूंगा और उसी के अनुसार तैयारी करूंगा. मेरा सपना है कि मैं कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करूं.”