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समर वेकेशन में नई जिम्मेदारी: शिक्षकों को सौंपी गई जनगणना ड्यूटी

बिलासपुर. शिक्षा के मंदिर से निकलकर अब शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के सबसे बड़े अभियान यानी ‘जनगणना’ के मैदान में उतरने जा रहे हैं. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच, जब स्कूल बंद रहेंगे, तब प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षक और शिक्षक घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम करेंगे. शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों की सूची तहसीलदारों को सौंप दी है, जिसके बाद अब ड्यूटी और ट्रेनिंग का चार्ट तैयार हो गया है. शिक्षक 1 मई से जनगणना के कार्य में लग जाएंगे. आगामी जनगणना को लेकर शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है. इस बार सहायक शिक्षकों और शिक्षकों को प्रगणक के रूप में तैनात करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. शिक्षा विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी सहायक शिक्षकों और शिक्षकों का डेटा संकलित कर तहसील कार्यालयों को भेज दिया है. अब तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन इन सूचियों के आधार पर शिक्षकों की ड्यूटी अलग- अलग वार्डों और ग्राम पंचायतों में तय करेंगे. जनगणना का कार्य तकनीकी और संवेदनशील होता है, इसलिए इसे चरणों में पूरा किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू हो गई है. जो अप्रैल माह में जनगणना का कार्य करने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे. इसमें उन्हें मोबाइल ऐप और रजिस्टर में डेटा एंट्री के तरीके सिखाए जाएंगे. शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में एक मई से लगेगी. उसी दिन अवकाश से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शुरू होती है. उस दौरान शिक्षकों को भीषण गर्मी में आबंटित इलाके में घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी इक्कठा करनी होगी. जहां एक ओर छात्र गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लेंगे, वहीं शिक्षक 1 मई से हाथ में मोबाइल और रजिस्टर लेकर प्रगणना के काम में जुट जाएंगे. इस बार की जनगणना कागज पेन तक सीमित नहीं है. शिक्षकों को विशेष मोबाइल ऐप की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे डेटा सीधा सर्वर पर अपलोड होगा.

गैस कंपनी का बड़ा फैसला: अब बिना कार्ड भी मिल सकेगा LPG सिलेंडर, लाखों को फायदा

बिलासपुर. एफटीएल, प्रवासी, श्रमिकों और विद्यार्थियों को गैस कंपनी ने बड़ी राहत देते हुए बिना कार्ड 5 किलो गैस सिलेंडर 564 रुपए में उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की है. इस व्यवस्था का उद्देश्य इन वर्गों को ईंधन संकट से बचाना और सुचारू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है. शहर में गैस आपूर्ति को लेकर सामने आ रही दिक्कतों के बीच शुक्रवार को प्रशासन और गैस कंपनियों ने एक अहम कदम उठाया है. अब एफटीएल, प्रवासी, श्रमिकों और विद्यार्थियों को बिना कार्ड भी सस्ती दर पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत 5 किलो का गैस 112 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा. सोमवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में गैस वितरकों और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया कि इन वर्गों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े. खासतौर पर छात्र और माइग्रेट उपभोक्ता यानी जो अस्थायी तौर पर रहता है उसको इसका लाभ मिलेगा ऐसे अवसर यानी देश भर में गैस की किल्लत की बात चल रही है. तो वे दस्तावेजों के अभाव में गैस सुविधा से वंचित रह जाते हैं, उन्हें इस पहल से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इसके लिए गैस कम्पनी ने संबंधित या निकट के गैस एजेंसी में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर गैस पा सकेंगे. कालाबाजारी और किल्लत से मुक्ति प्रशासन ने गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस योजना का लाभ पात्र उपभोक्ताओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी प्रकार की कालाबाजारी या अतिरिक्त वसूली न हो. अधिकारियों ने कहा इस पहल को आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है. इससे न केवल गैस की किल्लत कम होगी, बल्कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सकेगा. छोटा सिलेंडर, बड़ा झटका गैस उपभोक्ताओं को राहत के नाम पर 5 किलो सिलेंडर की उपलब्धता तो आसान हुई है, लेकिन कीमत के मामले में यह सबसे महंगा साबित हो रहा है. जानकारी के अनुसार 14 किलो घरेलू गैस करीब 71 रुपये प्रति किलो और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर 111 रुपए प्रति किलो के आसपास मिल रहा है, जबकि 5 किलो सिलेंडर की दर इससे अधिक पड़ रही है. ऐसे में सुविधा के साथ महंगाई की मार भी झेलनी पड़ेगी.

डॉ. मोहन यादव ने बच्चों पर की पुष्प वर्षा, हजारों बच्चों का हुआ प्रदेश के स्कूलों में प्रवेश

भोपाल मध्यप्रदेश के बच्चों के लिए 1 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। एक तरफ उन्हें नि:शुल्क साइकिल मिली, तो दूसरी ओर वे स्कूल जाने के लिए भी प्रेरित हुए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'स्कूल चलें हम' राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल का वितरण भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम डॉ. यादव ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान बच्चों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।   गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने बच्चों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने दोबारा स्कूल जाने का निर्णय लेने वाले बच्चों को किताबें भेंट कीं और उनके माता-पिता का अभिनंदन किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अद्भुत है। एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिनका स्कूल दूर है उन्हें साइकिल मिल रही है। आज समय बदल रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में संभव नहीं था कि साइकिल मिल जाए। आप भाग्यशाली हैं कि आपको किताबें मिल रही हैं, साइकिल मिल रही है, यूनिफॉर्म के लिए राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है, देश बदल रहा है। हमारी सरकार भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।   नामांकन में बढ़ोत्तरी पर गर्व-मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार और शिक्षा विभाग ने माता-पिता का दिल जीता है। आज ड्रॉप आउट जीरो हो गया है। यह बहुत बड़ी बात है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि नामांकन में 19.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह छोटी बात नहीं। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति 32.4 फीसदी से हुई है। सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ रहा है। सांदीपनि स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों में बच्चों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। बच्चे सांदीपनि स्कूलों में पढ़ने के लिए प्राइवेट स्कूल तक छोड़ रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सारी सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत किताबों को स्थानीय भाषाओं में आदिवासी क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं। हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित है। अनुसूचित जनजाति के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1 हजार 913 छात्रावासों का संचालन हो रहा है। अनुसूचित कार्य विभाग के 25 हजार से ज्यादा विद्यालयों में 20 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। आज हमने 1-6-9वीं क्लास में एडमिशन की प्रक्रिया आसान की है। हमारी सरकार ने करीब एक लाख प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए। हमने इसके लिए बजट में इस बार ढाई सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जो बच्चे स्कूलों में टॉप कर रहे हैं, उन्हें स्कूली दी जा रही है। 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दिया जा चुका है। 76 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति दी है। मेरी शुभकामना है कि हमारे बच्चे हर क्षेत्र में जाएं और नाम रोशन करें।  आज हमारे लिए उत्सव का दिन-स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा आज का दिन स्कूली शिक्षा विभाग के लिए दीपावली का दिन है। आज प्रदेश के बच्चे स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा इनरॉलमेंट बढ़ रहा है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हमने एक करोड़ बच्चों को इनरॉल किया है। हमारा पूरा विभाग ड्रॉप आउट को रोकने का प्रयास कर रहा है। हमारी सरकार बच्चों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। हम किताबों को निशुल्क देने में सफल हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां शासकीय के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती किताबों का लाभ मिल सके। मैं बच्चों को स्कूल प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं देता हूं। हम बच्चों का भविष्य सुनहरा बनाने के लिए संकल्पित हैं। जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। शासकीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें, स्कूटी, लैपटॉप तक वितरित किए जा रहे हैं।  

नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: 25 माओवादी कैडरों ने छोड़ी बंदूक

रायपुर. छत्तीसगढ़ के इतिहास में अहम मोड़ दर्ज हो गया है. वर्षों से हिंसा, डर और बंदूक के साये में जी रहे दण्डकारण्य क्षेत्र ने अब शांति और भरोसे की ओर कदम बढ़ाया है. नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता तब सामने आई, जब 25 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए मुख्यधारा में वापसी की. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे न केवल आत्मसमर्पण, बल्कि “विश्वास की जीत” बताया है. 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी दण्डकारण्य क्षेत्र में चल रहे “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत 25 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें 12 महिलाएं भी शामिल हैं. ये सभी माओवादी लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे और अलग‑अलग हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. आत्मसमर्पण के साथ ही इन कैडरों ने बंदूक छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा जताया है. सीएम विष्णुदेव साय ने बताया ऐतिहासिक दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही हिंसा और डर की विचारधारा का आज अंत होता दिख रहा है. यह लोकतंत्र, जन‑विश्वास और सरकार की नीति की जीत है. मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए नई शुरुआत बताया. ₹1.47 करोड़ के इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आत्मसमर्पण करने वाले 25 माओवादी कैडरों पर कुल 1 करोड़ 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का संकेत है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा सरकार की पुनर्वास नीति और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बढ़ रहा है. 93 हथियार और ₹14 करोड़ से ज्यादा की बरामदगी सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के चलते माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. इस कार्रवाई के दौरान 93 घातक हथियारों के साथ कुल ₹14.06 करोड़ की बरामदगी हुई है. यह बरामदगी साफ तौर पर दिखाती है कि नक्सली तंत्र अब कमजोर पड़ चुका है. ""दण्डकारण्य क्षेत्र आज वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण का साक्षी बन रहा है। “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत आज 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। इन पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। माओवादी…"" – Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) दण्डकारण्य में लौट रहा शांति का भरोसा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह घटना केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे और शांति की वापसी है. दण्डकारण्य क्षेत्र अब धीरे‑धीरे सामान्य जीवन, स्थिरता और विकास की ओर बढ़ रहा है. यहां के लोग हिंसा नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की चाह रख रहे हैं. इतिहास में याद रखा जाएगा 31 मार्च 2026 मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तारीख के रूप में याद रखा जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आए. यह वह दिन है, जब प्रदेश ने हिंसा के अंधेरे से निकलकर एक नए और शांतिपूर्ण युग की ओर कदम बढ़ाया.

कुवैत से केरल पहुंचे प्लेन में 20 शव, क्या है इस रहस्यमयी घटना का कारण?

कोच्चि कुवैत में जान गंवाने वाले 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर मंगलवार को केरल के कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे. विमान सेवाओं में आए व्यवधान के कारण इन शवों को वतन लाने में काफी समय लगा. कुवैत एयरवेज की विशेष उड़ान KU5632 कोलंबो के रास्ते कोच्चि पहुंची. इस विमान में कोई भी यात्री सवार नहीं था, यह विशेष रूप से केवल शवों को लाने के लिए संचालित की गई थी।  पिछले कुछ दिनों में कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले कम से कम 20 भारतीयों का शव मंगलवार को इस विशेष उड़ान से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचा. हालांकि, इस घटना का वहां चल रहे वार (युद्ध) से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण उड़ानों के शेड्यूल में जो दिक्कतें आई थीं, उसी की वजह से इन पार्थिव शरीरों को भेजने में देरी हुई।  हवाई अड्डा प्रशासन ने बताया कि विमान के लैंड करते ही सभी 20 शवों को उनके पैतृक स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी. मरने वालों में अधिकांश लोग केरल के कोझिकोड, अलाप्पुझा और कोट्टायम जिलों के रहने वाले थे. इसके अलावा, कुछ शवों को सड़क मार्ग से तमिलनाडु भी भेजा जाना है, जिसके लिए एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक प्रबंध पहले ही कर लिए गए। थे।  कुवैत में फंसे इन पार्थिव शरीरों की घर वापसी का मामला पिछले काफी समय से लंबित था. मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से कुवैत से होने वाली विमान सेवाओं पर असर पड़ा था, जिसके चलते यह देरी हुई. अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।  अधिकारियों ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में कुवैत में जिन लोगों की मौत हुई है। वे केरल और तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले थे। उनके शवों को मंगलवार रात एक ही उड़ान से कोच्चि लाया गया। हमें हर मामले में मौत के कारणों की जानकारी नहीं है। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हम शवों को उनके परिजनों को सौंप देंगे।" अधिकारियों ने बताया कि शवों को कुवैत से कोलंबो होते हुए कोच्चि तक एक विशेष उड़ान से लाया गया। CIAL के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शवों को सौंपने से पहले की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कुवैत से उड़ान सेवाओं में हाल ही में आई बाधाओं के कारण इन पार्थिव शरीरों का परिवहन रुका हुआ था। अब जब उड़ान सेवाएं आंशिक रूप से बहाल हो गई हैं, तो सभी 20 पार्थिव शरीरों को एक ही उड़ान से एक साथ लाया गया। इन पार्थिव शरीरों को देर रात कोझिकोड, अलाप्पुझा, कोट्टायम और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों सहित विभिन्न इलाकों के लिए रवाना किया जाएगा। विमान (KU5632) की वापसी की उड़ान 1 अप्रैल को स्थानीय समयानुसार 10:55 बजे कोच्चि से कुवैत के लिए रवाना होगी। इस उड़ान में भी कोई यात्री सवार नहीं होगा। अधिकारी और सहायक एजेंसियां ​​चौबीसों घंटे काम कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मृतकों की अंतिम यात्रा पूरे सम्मान के साथ और बिना किसी और देरी के संपन्न हो।

बगदाद में अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, किडनैपर्स ने बालों से घसीटकर कार में डाला, CCTV फुटेज हुआ सार्वजनिक

बगदाद  मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के दौरान इराक की राजधानी बगदाद में एक खौफनाक घटना हुआ है. मंगलवार की दोपहर जब शहर की सड़कों पर चहल-पहल थी, तभी कुछ अज्ञात नकाबपोश आए और एक जानी-मानी अमेरिकी पत्रकार को ठूंसकर ले गए. ये कोई और नहीं बल्कि अवॉर्ड विनिंग अमेरिकी पत्रकार शेली किटल्सन थीं, जिनका बीच बाजार अपहरण कर लिया गया है. इराकी आंतरिक मंत्रालय और पुलिस सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है. ये पूरी खौफनाक घटना सीसीटीवी में साफ दिखाई दी है।  शेली किटल्सन के किडनैपिंग का वीडियो शेली किटल्सन के किडनैपिंग वीडियो में दिख रहा है कि वो एक बिजी रास्ते पर खड़ीं थीं, तभी उनके ठीक सामने एक कार रुकती है. इस कार में से भागते हुए 2 लोग बाहर निकलते हैं, जिनमें से एक शेली का सिर पकड़कर उन्हें जबरदस्ती कार की पिछली सीट पर ठूंस देता है और कार भगा ले जाता है. चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शेली किटल्सन अपनी कार से कहीं जा रही थीं, तभी दो गाड़ियों ने उनका रास्ता रोक लिया।  फुटेज में दिख रहा है कि हथियारबंद नकाबपोशों ने शेली की कार का दरवाजा जबरन खोला और उन्हें बालों से घसीटकर अपनी गाड़ी की ओर ले गए. चश्मदीदों का कहना है कि अमेरिकी पत्रकार जान बचाने के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन किडनैपर्स ने उन्हें बंदूक की बट से मारकर चुप करा दिया और अपनी गाड़ी में ‘ठूंसकर’ तेज रफ्तार में फरार हो गए।  कौन हैं शेली किटल्सन? शेली किटल्सन कोई साधारण नाम नहीं हैं, वे एक जांबाज और अवॉर्ड विनिंग जर्नलिस्ट हैं जो लंबे समय से मिडिल ईस्ट के खतरनाक इलाकों से रिपोर्टिंग कर रही हैं. शेली के पास अमेरिकी पासपोर्ट है, जो इस किडनैपिंग को एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मुद्दा बनाता है. शेली अक्सर इराक और सीरिया में सक्रिय आतंकी गुटों और मिलिशिया के खिलाफ लिखती रही हैं. माना जा रहा है कि उनकी हालिया रिपोर्टिंग की वजह से ही वे किसी ताकतवर गुट के निशाने पर थीं।  पुलिस ने किया किडनैपर्स का पीछा और छुड़ा लिया बताया जा रहा है कि किडनैप होने के बाद अमेरिकी पत्रकार शेली किट्लसन को छुड़ा भी लिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इराकी सुरक्षा बलों ने अपहरणकर्ताओं की कार का पीछा किया. इस दौरान किडनैपर्स की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई. सुरक्षा बलों ने मौके से एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया और पत्रकार को उनके चंगुल से छुड़ा लिया. बताया जा रहा है कि गाड़ी पलटने के कारण शेली किट्लसन को चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। 

नेहरा जी की रणनीति पर फिरा पानी, 3 करोड़ी कोनोली ने पंजाब को जिताया हारा हुआ मैच, शुभमन गिल की मेहनत बेकार

न्यू चंडीगढ़ पंजाब किंग्स ने अपने पहले आईपीएल मैच में 1 मार्च को गुजरात टाइटन्स को 3 विकेट से हरा दिया. यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविन्द्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर  में खेला गया. आईपीएल 2026 का यह मैच नंबर 4 था. गुजरात टाइटन्स ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 162 रन बनाए. टीम के लिए शुभमन गिल ने 39, जोस बटलर ने 38, ग्लेन फिलिप्स ने 25 और वॉशिंगटन सुंदर ने 18 रन बनाए. पंजाब की ओर से विजयकुमार वैशाख ने 3 विकेट, युजवेंद्र चहल ने 2 और मार्को जानसेन जानसन ने 1 विकेट लिया. जवाब में पंजाब किंग्स ने 19.1 ओवर में 165 रन बनाकर मैच जीत लिया. कूपर कोनोली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में नाबाद 72 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई. उनकी 44 गेंदों की पारी में 5 चौके और 5 छक्के शाम‍िल रहे. कुल म‍िलाकर कोनोली की पारी ने ही पंजाब की जीत की कहानी लिखी, क्योंकि एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच गुजरात के पाले में भी जा सकता है, वह अंत तक ट‍िके रहे और अपनी टीम को जीत द‍िलाकर ही नाबाद पवेल‍ियन लौटे. एक समय पंजाब किंग्स का स्कोर 83/1 था, फ‍िर 118/6 हो गया. लेकिन कूपर कोनोली ने अपनी बल्लेबाजी अंत तक डटे रहे. अंत में आए मार्को जानसेन ने 10 गेंदों पर 9 और जेव‍ियर बार्टलेट ने 5 गेंदों 11 रन बनाकर  नॉट आउट लौटे. जो पंजाब की जीत में अहम साब‍ित हुआ. जब पंजाब के 118/6 विकेट ग‍िरे तो लगा गुजरात की टीम के हेड कोच आशीष नेहरा की रणनीत‍ि रंग लाने वाली है, लेकिन कोनोली के इरादे कुछ और ही थे. कोनोली ने कुल म‍िलाकर नेहरा जी की सारी रणनीत‍ि पर पानी फेर द‍िया.    कौन हैं कूपर कोनोली कूपर कोनोली को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का ख‍िताब दिया गया. उनका यह आईपीएल डेब्यू मैच था. वह 22 साल के हैं  और उनको पंजाब की टीम ने 3 करोड़ रुपए की कीमत में अपनी टीम में शामिल किया था. ऑस्ट्रेल‍िया के पर्थ में में 22 अगस्त 2003 को उनका जन्म हुआ था. कोनोली बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और थोड़ा बहुत बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाज़ी भी करते हैं. वह ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी शॉन मार्श को अपना आदर्श मानते हैं. अपने टीनएज दिनों से ही उन्हें भविष्य का स्टार माना जाता था और उन्होंने 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया टीम की कप्तानी भी की थी. उन्हें असली पहचान 2022-23 बिग बैश लीग फाइनल में मिली, जब उन्होंने सिर्फ अपने दूसरे T20 मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए पर्थ स्कॉर्चर्स को खिताब जिताया. इसके बाद 2023-24 शेफील्ड शील्ड फाइनल में भी उन्होंने अपने पहले फर्स्ट-क्लास मैच में 90 रन बनाकर सबको प्रभावित किया. हालांकि चोट के कारण उनका डेब्यू थोड़ा देर से हुआ. कम अनुभव के बावजूद उन्हें 2024 में स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर वनडे और T20 टीम में चुना गया, जहां उन्होंने डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने 2024-25 सीजन की शुरुआत में इंडिया A के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया A के लिए भी खेला. पाकिस्तान के खिलाफ एक वनडे मैच में अंगूठा टूटने के कारण वह कुछ समय के लिए बाहर हो गए, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने बिग बैश लीग में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने नंबर 3 और 4 पर बल्लेबाज़ी करते हुए 50 से ज्यादा की औसत से रन बनाए. इसके बावजूद श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट टीम में उनका चयन थोड़ा चौंकाने वाला था. लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी के साथ-साथ लेफ्ट-आर्म स्पिन को देखते हुए कप्तान स्टीव स्मिथ ने उनके चयन का समर्थन किया. कूपर कोनोली के लिए सब कुछ बहुत तेजी से हुआ. सिर्फ 5 महीनों (सितंबर 2024 से जनवरी 2025) के अंदर उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर लिया. उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ गाले में अपना पहला टेस्ट मैच खेला, वो भी अपने सिर्फ चौथे फर्स्ट-क्लास मैच के तौर पर था. कूपर कोनोली का इंटरनेशनल क्रिकेट कर‍ियर     1 टेस्ट, 4 रन, 0 विकेट     8 वनडे, 94 रन, 6 विकेट     11 टी20, 28 रन , 3 विकेट  

चार बार की वर्ल्ड चैंपियन इटली का टूटा गुरूर, बोस्निया से मिली शर्मनाक हार, मेक्सिको-कनाडा का सपना चकनाचूर

नई दिल्ली चार बार की वर्ल्ड चैम्पियन इटली के लिए यह हार सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं, बल्कि एक युग के ढहने जैसा है. बोस्निया एंड हर्जेगोविना ने जेनिका (Zenica,  Bosnia and Herzegovina)) में खेले गए प्लेऑफ फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में हराकर इटली को लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया. मैच की शुरुआत इटली के पक्ष में रही, जब मोइस कीन ने शुरुआती बढ़त दिलाई. लेकिन खेल ने करवट तब ली, जब डिफेंडर एलेसेंड्रो बास्टोनी को रेड कार्ड दिखा दिया गया. 10 खिलाड़ियों के साथ जूझती इटली पर दबाव बढ़ता गया और 79वें मिनट में हारिस ताबाकोविच ने बराबरी का गोल दाग दिया. एक्स्ट्रा टाइम में भी कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक जा पहुंचा. यहां इटली के पियो एस्पोसिटो और ब्रायन क्रिस्टांटे अपने मौके चूक गए, जबकि अमेरिका में जन्मे एस्मीर बाजराक्तारेविच ने निर्णायक पेनल्टी ठोककर बोस्निया को ऐतिहासिक जीत दिला दी. हार के बाद इटली के डिफेंडर लियोनार्डो स्पिनजोला ने कहा, 'हमें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि हम बाहर हो गए. यह सिर्फ हमारे लिए नहीं, उन बच्चों के लिए भी दर्दनाक है, जिन्होंने कभी इटली को वर्ल्ड कप में खेलते नहीं देखा.' यह हार इटली के लिए और भी कड़वी इसलिए है क्योंकि इससे पहले वे स्वीडन के खिलाफ भी प्लेऑफ में हारकर बाहर हो चुके हैं. आखिरी बार इटली ने 2006 में FIFA World Cup Final 2006 में फ्रांस को हराकर खिताब जीता था. कोच जेनारो गट्टूसो (Gennaro Gattuso) के भविष्य पर भी अब सवाल उठने लगे हैं. उन्होंने हार के बाद कहा, 'आज मेरे भविष्य की बात मायने नहीं रखती, हम वर्ल्ड कप में पहुंचना चाहते थे और असफल रहे.' दूसरी ओर, बोस्निया अब अपने इतिहास का दूसरा वर्ल्ड कप खेलेगा. 2014 के बाद यह उनका दूसरा मौका होगा, जहां वे ग्रुप स्टेज में कनाडा, कतर और स्विट्ज़रलैंड के साथ भिड़ेंगे. यूरोपियन प्लेऑफ के अन्य मुकाबलों में स्वीडन और तुर्किये ने भी क्वालिफाई किया, जबकि चेकिया (Czechia- Czech Republic) ने पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज कर लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड कप में वापसी की.

IMD चेतावनी: अप्रैल के पहले हफ्ते में गिरेंगे पारे के तापमान, कश्मीर से केरल तक बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

 नई दिल्ली अप्रैल के पहले हफ्ते में पूरे देश का मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है. कश्मीर से लेकर केरल तक बारिश, बर्फबारी, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ तेज हवाओं की संभावना है. खासकर 3 और 4 अप्रैल को इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि का अलर्ट भी है।  वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के थपेड़े पड़ने की संभावना है. तापमान में भी गिरावट के संकेत हैं, जो 4 से 6 अप्रैल तक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है।  पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।  मध्य भारत में भी मौसम किसानों और आम लोगों के लिए चिंता का कारण बन सकता है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश, गरज और बिजली के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ हिस्सों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और ओलावृष्टि का खतरा भी है. पश्चिम भारत में गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ तूफानी हालात बन सकते हैं. तटीय महाराष्ट्र में बिजली-गरज की संभावना 3 अप्रैल तक बनी रहेगी।  दक्षिण भारत में भी मौसम समान रूप से सक्रिय रहेगा. तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी. तेलंगाना में 1 अप्रैल को कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना भी है।  तापमान की स्थिति भी अधिकांश हिस्सों में असामान्य रहेगी. उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने की संभावना है. पूर्वी भारत में तापमान में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में मामूली गिरावट रहेगी. देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखने को मिलेगा।  कुल मिलाकर, अप्रैल के पहले हफ्ते में देशभर में मौसम पूरी तरह सक्रिय रहेगा. कश्मीर से लेकर केरल तक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण आम लोग और किसान दोनों सतर्क रहें, क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि के चलते फसलों और दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है। 

सोने की कीमत फिर पहुंची 1 लाख 50 हजार के पास, चांदी भी हुई 9 हजार रुपये महंगी, देखें आज का रेट

इंदौर  भारतीय सर्राफा बाजार में महीने के पहले दिन आज, 01 अप्रैल 2026 को सोना-चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है. 24 कैरेट सोना एक झटके में ही 2836 रुपये महंगा हुआ है तो वहीं, चांदी के भाव में 9348 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है।  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर 01 अप्रैल 2026 की सुबह जारी रेट्स के मुताबिक, 22 कैरेट सोने का रेट 137005 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो बीते कारोबारी दिन यानी 30 मार्च की शाम को 134407 रुपये था।  चांदी का रेट क्या है? चांदी की कीमत में भी भारी उछाल देखने को मिला है.  चांदी का रेट बढ़ोतरी के साथ आज 239483 रुपये किलो पहुंच गया है।  बता दें कि ibja की ओर से केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं किए जाते हैं. बीते दिन यानी 31 मार्च को महावीर जयंती के अवकाश के कारण सर्राफा बाजार के रेट्स जारी नहीं किए गए थे. आइए जानते हैं बीते कारोबारी दिन की तुलना में आज सोना-चांदी कितने रुपये हुआ महंगा?   शुद्धता सोमवार, 30 मार्च शाम के रेट बुधवार, 1 अप्रैल सुबह की कीमतें कितने बदले रेट सोना (प्रति 10 ग्राम) 999     146733 149569 2836 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995      146145 148970 2825 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916      134407 137005  2598 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750      110050 112177 2127 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585      85839 87498 1659 रुपये महंगा चांदी (प्रति 10 ग्राम) 999      230135 239483 9348 रुपये महंगी बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (Indian Bullion Jewelers Association) की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. इसमें टैक्स, मेकिंग चार्ज एवं जीएसटी शामिल नहीं होता है.