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भक्ति भाव से बिजुरी मे मनाया गया हनुमान जयंती

भक्ति भाव से बिजुरी मे मनाया गया हनुमान जयंती  बिजुरी  नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रीति सतीश शर्मा द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माइनस ग्राउंड वार्ड नंबर 6 में संकट मोचन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती का सफल कार्यक्रम किया गया! इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के स्वतंत्र प्रभार,लघु एवं कुटीर उद्योग राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल का आगमन हुआ मंडल अध्यक्ष बिजुरी रविंद्र रिंकू शर्मा उपस्थित रहे सुंदरकांड के साथ भजन कीर्तन हनुमान जयंती का शुभारंभ किया गया जिसमें  प्रकाश सिंह , संजीव पांडे मंडल उपाध्यक्ष सचिन पांडे, शंभू साहू ,सुभाषित सरकार युवा मोर्चा अध्यक्ष, प्रकाश यादव मंत्री संजय साहू महामंत्री शिव जायसवाल सुईया वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद पति कैलाश कल उपस्थित रहे तथा हजारों के भीड़ में श्रद्धालु उपस्थित रहे

पंत और राहुल ने किया निराश, इकाना स्टेडियम में क्रिकेट के रोमांच और नई जर्सी का दिखा क्रेज

लखनऊ आईपीएल के नए सत्र के लिए लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) ने अपने लोगो में बड़ा बदलाव करते हुए हाथी को उसमें शामिल किया। खिलाड़ियों की ड्रेस भी बदल दी गई। नए लोगो और ड्रेस के साथ अपने घरेलू मैदान इकाना स्टेडियम में एलएसजी का पहला मुकाबला बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स के साथ हुआ जिसके लोगो में बाघ है। हालांकि, इस मुकाबले में हाथी को बाघ की दहाड़ के आगे ठिठकना पड़ा। जीत-हार की फिक्र छोड़ खेल की दीवानगी में डूबे रहे खेल प्रेमी मैदान पर प्रतिद्वंद्विता की लकीरें खिंची थीं, लेकिन इकाना स्टेडियम की फिजा कुछ और ही बयां कर रही थी। बुधवार को लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) और दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के बीच मुकाबला सिर्फ रनों और विकेटों का नहीं, बल्कि क्रिकेट प्रेम के उफान का बन गया। इकाना स्टेडियम के भीतर और बाहर का नजारा गवाह था कि क्रिकेट के प्रति दीवानगी जीत-हार के गणित से कहीं ऊपर है। गालों पर सजी तहजीब की तस्वीर लखनऊ की तमीज और तहजीब खेल के मैदान पर भी बखूबी निखरी। स्टेडियम के बाहर एक प्रशंसक ने अपने चेहरे पर एलएसजी और डीसी, दोनों के नाम लिखवा रखे थे। वहीं, तिरंगे के रंगों में रंगा एक नन्हा प्रशंसक भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस छाेटे नवाब ने अपने एक गाल पर एलएसजी और दूसरे पर डीसी लिखवाकर मेहमान टीम का स्वागत किया। आईपीएल में लखनऊ सुपरजायंट्स व दिल्ली कैपिटल्स के बीच मैच। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के प्रति लखनऊ का प्रेम देखते ही बना। दर्शक दीर्घा में सफेद कपड़ों में खड़े एक प्रशंसक ने सबका ध्यान खींचा। उसके हाथ में पंत के लिए एक भावुक पोस्टर था। पोस्टर पर लिखा था कि एक झलक देख लें तुझको, चले जाएंगे, यहां कौन उम्र बिताने आया है। पंत का विकेट जल्दी गिरने के बावजूद फैंस का उत्साह कम नहीं हुआ। हर चौके-छक्के पर दर्शक दीर्घा में थिरकते कदम और गूंजता संगीत यह बता रहा था कि दर्शक यहां सिर्फ नतीजा देखने नहीं, बल्कि क्रिकेट का जश्न मनाने आए हैं। एलएसजी के रंग में डूबा इकाना हुआ लाल लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) और दिल्ली कैपिटल्स के बीच इस सत्र के पहले आईपीएल मुकाबले में ऋषभ पंत एंड कंपनी का जादू सिर चढ़कर बोला। पूरा स्टेडियम एलएसजी की नई लाल रंग की जर्सी से सराबोर दिखा। मानो लखनऊ की सड़कों से लेकर स्टैंड्स तक लाल रंग का सैलाब उमड़ पड़ा हो। हजारों प्रशंसकों ने नई जर्सी पहनकर सुपरजायंट्स के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इसमें पंत के नाम वाली जर्सी सर्वाधिक बिकीं। टॉस के बाद जैसे ही यह साफ हुआ कि एलएसजी पहले बल्लेबाजी करेगी, पूरा स्टेडियम ‘एलएसजी एलएसजी’ के शोर से गूंज उठा। चरम पर पहुंचा एलएसजी प्रशंसकों का रोमांच आईपीएल में लखनऊ सुपरजायंट्स व दिल्ली कैपिटल्स के बीच मैच। शाम ढलते-ढलते स्टेडियम खचाखच भर चुका था। मुकाबले का रोमांच तब चरम पर पहुंच गया जब दूसरी पारी की पहली ही गेंद पर मोहम्मद शमी ने केएल राहुल का विकेट चटकाया। शमी-शमी के नारों ने माहौल में अलग ही ऊर्जा भर दी। दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल का भी विकेट पहली गेंद पर ही प्रिंस यादव ने जैसे चटकाया पूरा स्टेडियम शोर से गूंज उठा। चीयर लीडर्स का डांस, नगाड़ों की धमक और हिंदी गीतों की धुन पर झूमते दर्शकों ने इस मुकाबले को यादगार बना दिया। पंत ने किया निराश, राहुल भी नहीं चले एलएसजी के कप्तान ऋभष पंत टीम के बदले हुए संयोजन की योजना के तहत सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरे, लेकिन किस्मत उनके साथ नहीं रही। मार्श की स्ट्रेट ड्राइव पर गेंद मुकेश कुमार के हाथ से छूकर स्टंप से लग गई और पंत सात रन के योग पर दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हुए। एलएसजी के लिए पहले तीन सत्रों में कप्तानी करने वाले केएल राहुल भी दिल्ली कैपिटल्स के लिए खास योगदान नहीं दे सके और पारी की पहली गेंद पर आउट हो गए। छह ओवर पहले निकलने लगे दर्शक इकाना स्टेडियम में खेले गए लो-स्कोरिंग मुकाबले में दूसरी पारी में जब दिल्ली को आखिरी छह ओवर में 36 रन बनाने थे तभी दर्शक स्टेडियम से बाहर निकलने लगे। दरअसल, उस समय मेहमान टीम ने 14 ओवर में चार विकेट पर 106 रन बना लिए थे और लखनऊ सुपरजायंट्स की टीम हार की ओर बढ़ने लगी। ऐसे में एलएसजी का उत्साह बढ़ाने आए दर्शक धीरे-धीरे करके स्टेडियम से बाहर निकलने लगे।   आधी रात तक चली मेट्रो और 35 फीडर बसें आईपीएल के तहत बुधवार को इकाना स्टेडियम में हुए मैच में पहुंच खेल प्रेमियों की सहायता के लिए लखनऊ मेट्रो कां संचालन रात 12:30 बजे तक किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर एवं इंदिरा नगर मेट्रो स्टेशनों से इकाना के करीब तक फीडर बसें भी चलाई गईं। इससे लोगों का स्टेडियम तक पहुंचना और लौटना आसान हुआ। तीन रूटों पर कुल 35 फीडर बसों का संचालन हुआ। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रांसपोर्ट नगर और इंदिरा नगर मेट्रो स्टेशन से दोपहर तीन बजे से प्रत्येक 15 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध कराई गईं। मैच समाप्त होने के बाद स्टेडियम से मेट्रो स्टेशनों तक बस सेवा चालू रही। जिन रूटों पर बसों का संचालन किया गया उनमें अवध बस स्टेशन से स्कूटर इंडिया वाया ट्रांसपोर्ट नगर, उतरेटिया, अहिमामऊ व राजाजीपुरम बस स्टेशन और दुबग्गा से पुरसेनी वाया अवध चाैराहा आलमबाग, बंगला बाजार रूट पर बसें चलाई गईं।   यातायात के दबाव को किया नियंत्रित इकाना स्टेडियम में मैच खत्म होने पर शहीद पथ पर यातायात का दबाव बढ़ गया। इसके बावजूद पुलिस और यातायात कर्मियों ने हालात को नियंत्रित किए रखा। किसी को भी सड़क पर अपने वाहन पार्क नहीं करने दिया गया। इससे सड़क पर दबाव बढ़ने के बाद भी लंबा जाम जैसे हालात नहीं बने।    

फसल कटाई पर समय सीमा लागू: रात में हार्वेस्टर-कम्बाइन पर बैन

पटियाला. पंजाब के अलग-अलग जिलों में गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए डी.सी. द्वारा पाबंदियों के कई आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि साल 2026 में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। आमतौर पर देखा गया है कि गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगा दी जाती है, जिससे नुकसान होने का खतरा रहता है। हवा में धुएं से प्रदूशन होता है, जिससे सांस की बीमारियां हो सकती हैं। जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में शाम 7 बजे से अगली सुबह 6 बजे तक कंबाइन चलाने पर पाबंदी के आदेश जारी किए हैं। गेहूं की फसल की कटाई के दौरान रात में कंबाइन चलाने पर रोक लगाई गई है। ऊपर दिए गए दोनों आदेश 31 मई, 2026 तक लागू रहेंगे। फाजिल्का: जिला मजिस्ट्रेट फाजिल्का द्वारा जिले में शाम 7:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक कंबाइन के जरिए गेहूं की कटाई करने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। इसी तरह गेहूं की नाड़ को आग लगाने के बाद भी सख्ती से पाबंदी लगाई गई है। गुरदासपुर: अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुरदासपुर गुरसिमरन सिंह ढिल्लों द्वारा गेहूं के अवशेष (नाड़) को आग लगाने या जलाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश 1 अप्रैल से 10 जून 2026 तक लागू रहेंगे। जारी आदेशों में बताया गया कि अकसर गेहूं की कटाई के बाद किसान खेतों में बची नाड़ को आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है। आग लगने से मिट्टी की ऊपरी सतह में मौजूद लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और आसपास खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है। होशियारपुर: जिला मैजिस्ट्रेट आशिका जैन ने होशियारपुर में शाम 7 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक कम्बाइनों से गेहूं काटने पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने गेहूं की कटाई करने वाली कम्बाइनों के मालिकों को निर्देश दिए कि वे हार्वेस्टर कम्बाइन का उपयोग करने से पहले कृषि विभाग के माध्यम से मशीन की अनिवार्य जांच (इंस्पैक्शन) करवाएं और कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर एस.एम.एस. लगाए बिना न चलाया जाए। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। जिला मैजिस्ट्रेट ने यह भी अपील की है कि गेहूं की पराली या फसल के अवशेष को आग न लगाई जाए, क्योंकि इससे स्वच्छ वातावरण प्रदूषित होता है।

आस्था की अद्भुत परंपरा: रायपुर में भगवान को चिट्ठी चढ़ाकर मांगते हैं वरदान

रायपुर. राजधानी रायपुर में हनुमान जी का एक अद्भुत और अनोखा मंदिर है, जहां भक्त अपनी मनोकामनाएं कागज पर लिखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं। इसी कारण यह स्थान “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के नाम से प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है कि यहां लिखकर दी गई प्रार्थनाओं को हनुमान जी विशेष रूप से स्वीकार करते हैं और भक्तों की समस्याएं दूर करते हैं। बताया जाता है कि यहां चिट्ठी लिखने के एक साल के भीतर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। “चिट्ठी वाले हनुमान जी” मंदिर बूढ़ातालाब के पास कैलाशपुरी और टिकरापारा जाने वाले मोड़ पर स्थित है। मंदिर के पुजारी नरेंद्र चौबे के अनुसार, पिछले चार-पांच वर्षों से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंच रहे हैं और प्रसाद, फल-फूल के साथ अपनी चिट्ठियां भी अर्पित कर रहे हैं। मंदिर में आने वाले भक्त नौकरी, धन-समृद्धि, कर्ज से मुक्ति, परिवार में शांति और अन्य मनोकामनाएं एक कागज पर लिखकर हनुमानजी के चरणों में समर्पित करते हैं, जो सालभर के भीतर पूरी हो जाती है। कई श्रद्धालुओं ने यह अनुभव साझा किया है कि उनकी मनोकामनाएं सालभर में पूरी हुई है। रोज सुबह भक्तों की लगती है भीड़ मंदिर में रोजाना सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रहती है, खासकर मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष भीड़ देखने को मिलती है। स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर अब गहरी आस्था का केंद्र बन चुका है, जहां हर दिन सैकड़ों लोग अपनी उम्मीदों और विश्वास के साथ “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के दरबार में हाजिरी लगाते हैं।

योगी सरकार ने कौशल विकास मिशन की शुरुआत की, पहले दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्य तय किए गए

योगी सरकार में कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम, पहले दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्य आवंटित पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक कर प्रशिक्षण केंद्रों का मूल्यांकन किया गया प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की समय सीमा 90 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई डिजिटल इम्पैनलमेंट और ‘स्मार्ट टॉप-अप’ से बढ़ेगी गुणवत्ता व जवाबदेही एआई आधारित प्रशिक्षण और समावेशी प्राथमिकता से युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार अवसर लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश में कौशल विकास को नई गति देते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन 957 ट्रेनिंग पार्टनर्स को जारी कर दिया। इस वर्ष पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक कर प्रशिक्षण केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। इसी आधार पर प्राइवेट, इंडस्ट्रियल और सरकारी पार्टनर्स को लक्ष्य आवंटित किए गए, जिससे जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर इस प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया गया है। प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की समय सीमा 90 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। साथ ही ‘स्मार्ट टॉप-अप’ व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थान बैच समाप्ति से पहले अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। अब इम्पैनलमेंट, लक्ष्य आवंटन और भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन होंगे। 23 फरवरी 2026 के नए नियमों के तहत संस्थाओं को उनकी ग्रेडिंग और प्रशिक्षण गुणवत्ता के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि होगी। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि एआई सहित आधुनिक कौशल प्रशिक्षण, हर वर्ग को प्राथमिकता प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ‘एआई फॉर ऑल’, सॉफ्ट स्किल्स, लाइव क्लास और इंडस्ट्रियल विजिट को अनिवार्य किया गया है। साथ ही 33% महिलाओं, 5% दिव्यांगजनों और वंचित वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता देना सुनिश्चित किया गया है, जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। मिशन अब ‘क्वांटिटी’ से ‘क्वालिटी’ की ओर बढ़ रहा है। डिजिटल पारदर्शिता और समयबद्ध रणनीति से युवाओं को विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।  विगत वर्ष जहां ट्रेनिंग पार्टनर्स को पूरे वर्ष के लिए 1.10 लाख प्रशिक्षणार्थियों का एकमुश्त लक्ष्य आवंटित किया गया था, वहीं इस वर्ष रणनीति में सुधार करते क्वार्टरली यानी कि तीन महीने में लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। प्रथम तीन माह के लिए 99,075 प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य जारी किया गया है। इसके अंतर्गत अच्छा प्रदर्शन करने वाले ट्रेनिंग पार्टनर्स को उनकी क्षमता के अनुसार 'टॉप-अप' (अतिरिक्त लक्ष्य) की विशेष सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

हाईकोर्ट सख्त: जग्गी केस में अमित जोगी को तीन सप्ताह में आत्मसमर्पण करना होगा

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी करार दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच ने यह अहम फैसला सुनाया है। इससे पहले कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस पूरे मामले को हाईकोर्ट में रीओपन किया गया। मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई ने कोर्ट में 11 हजार पन्नों की रिपोर्ट पेश की थी। इसी विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर अमित जोगी पर भी चार्ज लगाए गए थे और आज अंतिम सुनवाई के बाद उन्हें दोषी माना गया है। अब उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करना होगा, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले की सुनवाई के दौरान स्व. रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता की हत्या एक राजनीतिक साजिश थी। सीबीआई ने 11 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें हत्या से जुड़े पर्याप्त सबूत शामिल हैं। इधर हाईकोर्ट के फैसले पर अमित जोगी ने कहा कि कोर्ट ने बिना पूरी सुनवाई का मौका दिए दोषी करार दिया, जो उनके लिए अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। 2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे। मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है वहीं इस मामले में अमित जोगी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि आज उच्च न्यायालय ने बिना सुनवाई का अवसर दिए मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया। मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह अप्रत्याशित है। अमित जोगी ने कहा, अदालत ने मुझे 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है। मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुझे न्याय अवश्य मिलेगा। मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूं। मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूं। सत्य की जीत अवश्य होगी। प्रिय मित्रों और शुभचिंतकों 🙏 आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया- बिना सुनवाई का अवसर दिए। मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह अप्रत्याशित है।… – 𝐀𝐦𝐢𝐭 𝐀𝐣𝐢𝐭 𝐉𝐨𝐠𝐢 (@AmitJogi) April 2, 202

पंजाब में अग्निवीर भर्ती रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ाई, 10वीं पास के लिए 45% अंक की शर्त

जालंधर जालंधर में रोजगार अफसर ने अग्निनवीर भर्ती को लेकर मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने बताया कि पंजाब में अग्निनवीर भर्ती के रजिस्ट्रेशन लिए डेट बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है। जुलाई 2005-2009 के बीच जन्में बच्चे इसमें अप्लाई कर सकते हैं। थेह कांजला सी पाइट सेंटर में अभ्यर्थी फ्री तैयारी कर सकते है। इसके अलावा उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी पंजाब सरकार की तरफ से होगी। अगर आप भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो आपके लिए ये अच्छा मौका साबित हो सकता है। जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो की डिप्टी डायरेक्टर नीलम महे ने बताया कि सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ा दी गई है। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। जो युवा इस भर्ती में शामिल होना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शेड्यूल के मुताबिक, इन पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा 1 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। भर्ती के लिए वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिनका जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ है। 45 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी भर्ती की शर्तों के अनुसार, अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD) के लिए 45 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। वहीं, तकनीकी पदों (Technical) के लिए 12वीं में साइंस (PCM) अनिवार्य है। क्लर्क या स्टोर कीपर (SKT) के पदों के लिए 10वीं में 60 फीसदी अंक होने चाहिए, जबकि ट्रेड्समैन के पदों के लिए 8वीं या 10वीं पास युवा भी आवेदन कर सकते हैं। लिखित और फिजिकल टेस्ट की तैयारी मुफ्त पंजाब के युवाओं के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि वे इस भर्ती की लिखित और शारीरिक परीक्षा की तैयारी पूरी तरह मुफ्त में कर सकते हैं। कपूरथला के थेह कांजला स्थित सी-पाईट (C-PYTE) कैंप में ट्रेनिंग ऑफिसर कैप्टन अजीत सिंह ने बताया कि यहां छात्रों के लिए हॉस्टल, खाना, जिम और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं बिल्कुल फ्री हैं। इच्छुक उम्मीदवार अपने शैक्षणिक सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, 2 फोटो और ऑनलाइन भरे गए फॉर्म की कॉपी लेकर सीधे कैंप में संपर्क कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबरों 83601-63527 और 69002-00733 पर भी फोन किया जा सकता है।  

Oracle की छंटनी के बीच AI ने 12 हजार नौकरियां खत्म कीं, परप्लेक्सिटी CEO का बयान सामने आया

 नई दिल्ली ओरैकल (Oracle) ने भारत में करीब 12 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यहां नौकरी से निकालने की पीछे की वजह AI को बताया गया है. इसी बीच परप्लेक्सिटी के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का एक बयान चर्चा में है।  अरविंद श्रीनिवास ने हाल ही में जारी ऑल इन पॉडकास्ट पर कहा है कि AI की वजह से नौकरी गंवाने वालों को इसे एक मौके की तरह देखना चाहिए और अपना खुद का काम शुरू करना चाहिए।  पॉडकास्ट के दौरान कहा कि कुछ समय के लिए नौकरी का नुकसान होगा लेकिन AI टूल्स लोगों को मिनी बिजनेस शुरू करने का मौका देता है. साथ ही कमाई के नए रास्ते बनाने की सुविधा देता है।  अरविंद श्रीनिवास ने डिटेल्स में बताते हुए कहा है कि असल बात यह है कि बहुत से लोग अपनी नौकरी से खुश नहीं हैं. अब एक नई संभावना और नया मौका सामने आया है कि इन टूल्स को सीखें और अपना छोटा बिजनेस शुरू करें।  सीईओ के इस बयान पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई है. कई लोगों ने कहा कि अपना बिजनेस शुरू करना आसान नहीं होता है. हालांकि कुछ लोगों ने इस सोच का समर्थन भी किया है।  एक्सपर्ट ने बताया 5 साल में इतनी नौकरी जाने की आशंका  कई एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले 5 साल में सिर्फ अमेरिका में ही AI करीब 90 लाख नौकरियों पर असर डालेगा. इनमें प्रोग्रामिंग, वेब डिजाइन और डेटा साइंस जैसी नौकरी पर असर पड़ेगा. वहीं, इंडस्ट्री लीडर्स ने भी यह वॉर्निंग दी है कि बेरोजगारी का स्तर 30% से भी ज्यादा तक पहुंच सकता है।  आने वाले दिनों में और लोगों को निकालेगा Oracle  ओरैकल ने अभी करीब 12,000 कर्मचारियों से निकाला है. आने वाले दिनों यह संख्या और बढ़ेगी. असल में यह कंपनी की बड़ी छंटनी का हिस्सा है और कंपनी ग्लोबली 30 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएगी।  ओरेकल कंपनी क्या है?  ओरैकल, असल में एक अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी है. ये कंपनी मुख्य रूप से डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, क्लाउंड कंप्यूटर और एंटरप्राज सॉफ्टवेयर प्रोवाइड कराती है. इसकी शुरुआत साल 1977 में हुई थी, जिसको लैरी एलिसन ने अपने साथियों के साथ मिलकर शुरू किया था। 

काम नहीं तो वेतन नहीं, आईएएस छोड़ वापस पीसीएस सेवा में लौटना चाहते हैं रिंकू सिंह राही

लखनऊ आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही का त्यागपत्र इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने काम न मिलने और जनता के हित में सक्रिय भूमिका न निभा पाने को इसकी वजह बताया है. आजतक से बातचीत में रिंकू सिंह ने अपने भविष्य को लेकर साफ किया कि उनका उद्देश्य केवल जनता की सेवा करना है और फिलहाल राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि वे ऐसे पद पर रहना चाहते हैं जहां काम करने का अवसर मिले और उसका सीधा असर आम लोगों तक पहुंचे. रिंकू सिंह राही ने अपनी सबसे बड़ी आपत्ति रखी. उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा का मूल उद्देश्य जनता के लिए काम करना होता है, लेकिन जब काम करने का अवसर ही न मिले तो उस पद पर बने रहने का कोई अर्थ नहीं रह जाता. उन्होंने कहा, हमें जो सैलरी मिलती है वह जनता के पैसे से आती है. जब जनता के लिए काम ही नहीं कर पा रहे हैं तो उस सैलरी को लेना सही नहीं है. इसी वजह से मैंने ‘नो वर्क, नो पे’ की बात उठाई थी. उनके मुताबिक, यह सिर्फ व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि एक सिद्धांत का सवाल है, जिस पर वे लगातार कायम रहे हैं. तकनीकी त्यागपत्र क्यों दिया रिंकू सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका त्यागपत्र सामान्य इस्तीफा नहीं है, बल्कि तकनीकी त्यागपत्र है. इसका मतलब यह है कि वे पूरी तरह सेवा छोड़ने के बजाय अपनी पूर्ववर्ती सेवा में वापस जाना चाहते हैं. उन्होंने बताया कि प्रशासनिक नियमों के तहत लीन पीरियड में अधिकारी तीन साल तक अपनी पुरानी सेवा में लौट सकते हैं. इसी प्रावधान का उपयोग करते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा, मैं सेवा से बाहर नहीं जा रहा हूं. मैं सिर्फ उस जगह जाना चाहता हूं जहां मुझे काम करने का अवसर मिले. जहां काम मिलेगा, वहीं रहूंगा भविष्य की योजना पर बात करते हुए रिंकू सिंह ने कहा कि उनका फोकस सिर्फ काम पर है, न कि पद या सुविधा पर. उन्होंने कहा, मुझे कहीं भी पोस्ट कर दें, लेकिन काम दिया जाए. बिना काम के बैठना मेरे लिए संभव नहीं है. अगर आईएएस में रहते हुए काम नहीं मिल रहा, तो पीसीएस में जाकर जमीनी स्तर पर काम करना बेहतर रहेगा. उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा में सबसे महत्वपूर्ण चीज सक्रिय भूमिका निभाना है और वही वे करना चाहते हैं. राजनीति में जाने से साफ इनकार रिंकू सिंह राही ने उन अटकलों को भी खारिज किया जो उनके फैसले को राजनीति से जोड़कर देख रही थीं. उन्होंने कहा, मैं राजनीति में नहीं जा रहा हूं. मेरा ऐसा कोई प्लान नहीं है. मैं सिर्फ जनता की सेवा करना चाहता हूं और वह भी प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर रहकर. उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक मंच पर जाना नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाना है. रिंकू सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा से जमीनी स्तर पर काम करने की रही है. उन्होंने कहा, मैदान में रहकर काम करने से ही असली समस्याओं की जानकारी मिलती है. वहीं पर योजनाओं का सही असर भी दिखता है. मैं ऐसी जगह काम करना चाहता हूं जहां सीधे लोगों से जुड़ सकूं. उनके मुताबिक, जमीनी स्तर पर काम करने से ही प्रशासनिक योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझ में आती है. पारदर्शिता पर रहेगा फोकस रिंकू सिंह ने बातचीत में यह भी कहा कि वे आगे भी पारदर्शिता और जवाबदेही पर काम करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि सरकार की योजनाओं का लाभ किसे मिल रहा है और किस मद में कितना पैसा खर्च हो रहा है. पारदर्शिता से ही व्यवस्था में सुधार आता है. उन्होंने बताया कि पहले भी वे इस दिशा में काम कर चुके हैं और आगे भी इसी तरह की पहल जारी रखना चाहते हैं. लीन पीरियड बढ़ाने के बाद लिया फैसला रिंकू सिंह ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में लीन पीरियड बढ़ाने के लिए पत्र लिखा था. इसका उद्देश्य यह था कि जरूरत पड़ने पर वे अपनी पुरानी सेवा में लौट सकें. अब उसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने तकनीकी त्यागपत्र दिया है. उन्होंने कहा, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है. मैंने पहले ही इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी थी. रिंकू सिंह ने कहा कि बिना किसी जिम्मेदारी के लंबे समय तक किसी पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं है. उन्होंने कहा, अगर मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाती है, तो वहां रहकर क्या करूंगा. मैं ऐसी जगह रहना चाहता हूं जहां काम करने का मौका मिले और उसका सीधा असर जनता पर दिखे. उनके मुताबिक, निष्क्रिय रहना उनके काम करने के तरीके के खिलाफ है. जनता से सीधे जुड़ाव की बात रिंकू सिंह ने यह भी कहा कि वे आगे ऐसी भूमिका में काम करना चाहते हैं जहां जनता से सीधा जुड़ाव बना रहे. उन्होंने कहा, जब आप सीधे लोगों के बीच रहते हैं, तो उनकी समस्याएं समझ में आती हैं और समाधान भी जल्दी निकलता है. मैं उसी तरह की भूमिका चाहता हूं. उनका मानना है कि प्रशासनिक सेवा का सबसे अहम हिस्सा लोगों से संवाद है. वेतन और जवाबदेही पर स्पष्ट रुख बातचीत में उन्होंने एक बार फिर वेतन और जवाबदेही के मुद्दे को दोहराया. उन्होंने कहा, जनता के पैसे से वेतन मिलता है, इसलिए उसकी जवाबदेही भी जनता के प्रति ही होती है. अगर काम नहीं हो रहा, तो उस पैसे को लेना उचित नहीं है. उनका कहना है कि इसी सोच के कारण उन्होंने ‘नो वर्क, नो पे’ की बात कही और अब यह कदम उठाया है. सरकार के फैसले का इंतजार फिलहाल रिंकू सिंह राही का तकनीकी त्यागपत्र सरकार के पास विचाराधीन है. इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है. अगर उनका आवेदन स्वीकार होता है तो वे फिर से पीसीएस सेवा में लौट सकते हैं. वहीं, अगर आवेदन पर कोई अन्य निर्णय होता है तो आगे की स्थिति उसी के अनुसार तय होगी. उन्होंने कहा, अब फैसला सरकार को करना है. मैंने अपनी बात रख दी है.

न्यूरोलॉजिस्ट ने बताए बादाम खाने के 4 सबसे सही तरीके, दिमाग की ताकत और याददाश्त बढ़ाने के लिए ऐसे करें सेवन

न्यूरोलॉजिस्ट होने की वजह से अक्सर लोग मुझसे दिमाग को ताकतवर बनाने वाले फूड के बारे में पूछते रहते हैं। अधिकांश बार मेरा जवाब बादाम होता है। इसमें ब्रेन प्रोडक्टिविटी, मेमोरी पावर और ब्रेन हेल्थ का लेवल सही रखने वाले महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल होते हैं। लेकिन दिक्कत तब आती है, जब लोगों को इसे खाने का सही तरीका मालूम नहीं होता। आप 4 प्रमुख तरीकों से बादाम खाकर इस ड्राई फ्रूट का न्यूट्रिशन पा सकते हैं। ये तरीके बेहद आसान है और मिनटों में शरीर बादाम के न्यूट्रिएंट्स का मेटाबॉलिज्म शुरू कर देता है। मैं बादाम को कॉग्निटिव फंक्शन के लिए बढ़िया मानता हूं, जो मेंटल क्लीयरिटी को भी सुधारता है। अधिकतर लोग बादाम को भिगोकर खाते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई तरीके हैं, जो स्वाद को बनाए रखते हुए फायदा पहुंचाते हैं। ये तरीके बदल-बदलकर भी आजमा सकते हैं, जिससे बोरियत भी महसूस नहीं होगी। बादाम खाने के 4 बेस्ट तरीके बादाम के फायदे मिलेंगे या नहीं, यह इन्हें खाने के तरीके पर निर्भर करता है। आप इन 4 तरीकों को फॉलो करके दिमाग को स्वस्थ, तेज और मजबूत बना सकते हैं। 1. सबसे लोकप्रिय तरीका – भीगे बादाम रातभर बादाम को भिगोकर रखना और सुबह इनका सेवन करना फायदों को पाने का बढ़िया तरीका है। भिगोने से बादाम का बाहरी भूरा छिलका उतर जाता है। यह छिलका टैनिन से भरा होता है, जो बादाम के पोषण को पाने में बाधा बनता है। इस तरीके से बादाम का पाचन भी आसान हो जाता है।     भीगे बादाम खाने का सही तरीका – रात में 5 से 10 बादाम एक कटोरी पानी में भिगो दें। सुबह छिलका उतारकर खाली पेट खाएं। 2. बादाम का पेस्ट या दूध बादाम को ब्लेंड करके पेस्ट या दूध के रूप में सेवन कर सकते हैं। यह तरीका बुजुर्गों और बच्चों के लिए बहुत सुरक्षित है। इससे बादाम के ढंग से ना चबाने या गले में फंसने का खतरा टल जाता है।     बादाम का दूध बनाने का तरीका – भीगे बादाम को गुनगुने दूध या पानी के साथ ब्लेंड करें। इससे पोषण का बेहतर अवशोषण होगा और लंबे समय तक एनर्जी मिलेगी। 3. रोस्टेड बादाम बादाम को ड्राई-रोस्ट करके खाना सबसे आसान तरीका है। आप एक बार तैयारी करके इसे स्टोर कर सकते हैं और स्नैक की तरह कभी भी खा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि ज्यादा तापमान पर देर तक रोस्टिंग करने से पोषण की मात्रा कम हो सकती है।     भुने बादाम खाने का सही तरीका – हल्के रोस्ट किए हुए और नमक रहित बादाम की संख्या 5 से 10 के बीच ही रखें। 4. दूसरे ब्रेन फूड्स के साथ बादाम खाना बादाम को अखरोट, बीज या फल के साथ खाने पर न्यूट्रिशन और फायदे दोनों बढ़ जाते हैं। इससे आपके दिमाग को संपूर्ण ताकत और मजबूती मिलती है। बादाम खाते हुए कुछ सावधानियां बरतें? फायदेमंद होने के बावजूद बादाम खाने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।     पोर्शन कंट्रोल – एक दिन में 5 से 10 बादाम ही खाएं। यह हाई कैलोरी फूड है और ज्यादा मात्रा में खाने पर वजन बढ़ा सकता है।     एलर्जी – नट्स एलर्जी के शिकार लोगों को बादाम बिल्कुल नहीं खाने चाहिए।     पेट की दिक्कतें – ज्यादा बादाम या भिगोए बिना खाने पर ब्लोटिंग, अपच जैसी पेट की समस्याएं हो सकती हैं।     किडनी स्टोन – बादाम के अंदर ऑक्सालेट होता है। इसलिए जिन लोगों को किडनी स्टोन का खतरा रहता है, उन्हें इसे खाने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए। जो बादाम नहीं खा सकते, वो क्या खाएं? नट्स एलर्जी से परेशान लोगों को बादाम खाने से मना किया जाता है। ऐसे में वो इस ड्राई फ्रूट के अल्टरनेटिव ऑप्शन को चुन सकते हैं। जैसे-     अखरोट – ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है और ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट करता है।     अलसी के बीज या चिया सीड्स – ओमेगा-3 और फाइबर के बढ़िया प्लांट बेस्ड सोर्स माने जाते हैं।     कद्दू के बीज – मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और नर्व फंक्शन के लिए फायदेमंद होते हैं।     सूरजमुखी के बीज – विटामिन ई का बढ़िया सोर्स होते हैं और इस मामले में बादाम जितने फायदेमंद होते हैं।     ब्लूबेरी जैसे फल – कॉग्निटिव फंक्शन को सपोर्ट करने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स देते हैं। दिमाग को कौन से न्यूट्रिएंट्स देता है बादाम?     विटामिन ई – ब्रेन सेल्स को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने वाला ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट     ओमेगा-3 फैटी एसिड्स – न्यूरोनल कम्युनिकेशन और ब्रेन प्लास्टिसिटी सपोर्ट करने वाला न्यूट्रिएंट     मैग्नीशियम – नर्व ट्रांसमिशन, मेमोरी, लर्निंग के लिए महत्वपूर्ण न्यूट्रिएंट     प्रोटीन और हेल्दी फैट्स – ब्रेन को एनर्जी देने वाले, थकान दूर करने वाले और फोकस बढ़ाने वाले न्यूट्रिएंट     पोलीफेनोल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स – इंफ्लामेशन कम करने और न्यूरोडीजनेरेटिव चेंज से बचाने के लिए महत्वपूर्ण दिमाग को बादाम से मिलने वाले फायदे     याददाश्त में सुधार – ब्रेन सेल्स की इंटेग्रिटी मेंटेन करने और मेमोरी रिटेंशन बढ़ाने में प्रभावशाली     फोकस में बढ़ोतरी – दिमागी थकान दूर करके फोकस बढ़ाने में मददगार     कॉग्निटिव डिक्लाइन से बचाव – उम्र बढ़ने के साथ दिमागी ताकत कम होने की स्पीड में गिरावट लाने के लिए जरूरी     नर्व फंक्शन को सपोर्ट – नर्व सिग्नलिंग और ब्रेन कम्युनिकेशन में मददगार पोषक तत्वों की सप्लाई बादाम को सबसे आसान, मगर सबसे ताकतवर ब्रेन हेल्दी फूड्स की लिस्ट में शामिल किया जाता है। सही मात्रा में सेवन करने पर यह याददाश्त सुधारने, फोकस बढ़ाने, न्यूरोलॉजिकल हेल्थ को बेहतर बनाने और बच्चों के दिमागी विकास को तेज करने में मदद करता है। लेकिन दिमाग को तेज बनाने के लिए बादाम खाने के साथ डाइट का बैलेंस होना, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी और स्लीप क्वालिटी का अच्छा होना और मेंटल हेल्थ को सही रखना जरूरी है।