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MP-MLA कोर्ट का अहम फैसला: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा

दतिया   मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर दतिया सीट से विधायक चुने गए राजेंद्र भारती को एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष बेंच ने आज 3 साल की सजा सुना दी है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 25 साल पुराने भूमि विकास सहकारी बैंक घोटाले मामले में राजेंद्र भारती को दोषी करार दिया है। साथ ही, इसपर फैसला देते हुए 3सालर्ष की जेल की सजा और जुर्माना लगाया है। आपको बता दें कि, एक दिन पहले बुधवार को कोर्ट ने उन्हें धोखाधड़ी केस में दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद फैसला आज के लिए सुरक्षित रखा गया था और आज इसपर विधायक को सजा सुनाई है। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी के तहत आपराधिक साजिश, 420 धोखाधड़ी, 467, 468 जालसाजी और 471 जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के तहत दोषी ठहराया है। इसी मामले में सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी माना गया है। क्या है मामला ? आपको बता दें कि, विधायक को हुई सजा से जुड़ा ये मामला दतिया जिले में स्थित भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़ा है। मामला उस समय का है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। आरोप है कि, उन्होंने बैंक लिपिक के साथ मिलकर 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर किया था। एफडी की अवधि और दस्तावेजों में बदलाव कर वो तय समय से अधिक समय तक ऊंची ब्याज दर पर पैसा निकालते रहे थे। सजा के बाद भी राहत खास बात ये है कि, इस मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने जहां दोषी करार देते हुए उन्हें 3 साल की सजा सुनाई तो वहीं दूसरी तरफ साथ में जमानत भी दे दी है। कोर्ट की इस राहत से उन्हें तुरंत ही जेल नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, कानूनी तौर पर 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द करने का नियम है। ऐसे में अब कोर्ट से सजा का फैसला आने के बाद उनकी विधायकी पर खतरा मंडराने लगा है। हालांकिस अब भी राजेंद्र भारती के पास कुछ विकल्प मौजूद हैं, जिसके आदार पर वो अपनी सजा को चुनौती दे सकते हैं। कांग्रेस का हमला एमपी एमएलए कोर्ट के फैसला आने के बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने राजेन्द्र भारती केस को भाजपा का षणयंत्र बताया है। साथ ही, उम्मीद जताते हुए कहा कि, जल्द ही उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिल जाएगी। खास बातें -कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया। -25 साल पुराने केस में एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला। -सजा सुनाने के साथ ही कोर्ट ने राजेन्द्र भारती को जमानत भी दी। -60 दिन के भीतर अपर कोर्ट में अपील करने का मौका भी मिला। -पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर चुने गए विधायक।

आरा जंक्शन पर नई व्यवस्था: ‘क्यू-मित्र’ से पारदर्शी होगी Tatkal टिकट बुकिंग

आरा/भोजपुर. दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आरा जंक्शन पर यात्रियों को जल्द ही अत्याधुनिक 'क्यू-मित्र' सुविधा मिलने जा रही है। हाजीपुर रेलवे जोन के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल के मूल सिद्धांत, यात्री सुविधा, निष्पक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह डिजिटल पहल शुरू की जा रही है। सोनपुर मंडल में इसके सफल क्रियान्वयन के बाद अब इसे आरा जंक्शन पर लागू करने की तैयारी है। इससे यात्रियों को टिकट लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। तत्काल टिकट में अव्यवस्था से मिलेगी राहत अब तक तत्काल टिकट लेने के दौरान यात्रियों को लंबी कतारों, अव्यवस्था और धांधली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। 'पहले आओ-पहले पाओ' का नियम कई बार टूट जाता था। इसके कारण यात्रियों में असंतोष और विवाद की स्थिति बनती थी। 'क्यू-मित्र' प्रणाली इन समस्याओं को दूर करने का प्रभावी समाधान बनकर सामने आई है। इसके लागू होने से टिकट प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी होगी। क्या है ‘क्यू-मित्र’ प्रणाली 'क्यू-मित्र' एक स्व-सेवा, कियोस्क आधारित डिजिटल कतार प्रबंधन प्रणाली है। इसमें यात्री स्वयं जाकर टोकन प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया में किसी कर्मचारी की सीधी भूमिका नहीं होती, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। आधार आधारित सत्यापन और चेहरे की पहचान के जरिए हर यात्री की पहचान सुनिश्चित की जाती है। टोकन पर यात्री का फोटो, आधार के अंतिम चार अंक, टोकन संख्या और समय दर्ज रहता है। कैसे काम करेगा यह सिस्टम कियोस्क पर पहुंचते ही कैमरा यात्री का चेहरा कैप्चर करता है और आधार कार्ड स्कैन किया जाता है। इसके बाद एआई आधारित प्रणाली तुरंत टोकन जारी कर देती है। तत्काल टिकट काउंटर खुलने से करीब 30 मिनट पहले कर्मचारियों द्वारा फोटो और आधार का मिलान कर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित क्रम के अनुसार ही टिकट जारी किए जाएंगे, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। सुरक्षा और पारदर्शिता की पुख्ता व्यवस्था इस प्रणाली में एक आधार कार्ड से प्रतिदिन केवल एक ही टोकन जारी किया जा सकेगा। चेहरे की पहचान तकनीक से दुरुपयोग की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। एसी तत्काल टिकट सुबह 10 बजे और नॉन-एसी टिकट सुबह 11 बजे जारी किए जाएंगे। क्यू-मित्र में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का विकल्प रहेगा। नेटवर्क बाधित होने पर भी यह सिस्टम ऑफलाइन मोड में काम करेगा और बाद में डेटा स्वतः सिंक हो जाएगा। यात्रियों और कर्मचारियों को होगा लाभ जहां-जहां यह प्रणाली लागू की गई है, वहां तत्काल टिकट प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विवाद-मुक्त हो गई है। कतार में धांधली की शिकायतें लगभग खत्म हो गई हैं। स्टेशन परिसर में भीड़भाड़ कम हुई है और यात्रियों का रेलवे पर भरोसा बढ़ा है। साथ ही कर्मचारियों को भी अनावश्यक आरोपों और दबाव से राहत मिली है, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सुचारू हुई है।

कृष्ण जन्मभूमि विवाद, राम मंदिर के बाद अब मथुरा की बारी, स्वामी गोविंद देव गिरी का बड़ा बयान

मथुरा मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को लेकर स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने हिंदू पक्ष की जीत की उम्मीद जताई है. उनका कहना है कि मथुरा में भी अयोध्या की तरह भव्य मंदिर का निर्माण होगा. इस दौरान उन्होंने देश की एकता में RSS की भूमिका की सराहना की और देश को बांटने की साजिशों पर चिंता जताई. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद अब मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद का मामला भी चर्चा में आ गया है.स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने उम्मीद जताई कि अदालत में चल रहे मामले में हिंदू पक्ष की जीत होगी. उन्होंने दावा किया कि मथुरा में भी अयोध्या की तरह ही भव्य मंदिर का निर्माण होगा. स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष और श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के उपाध्यक्ष हैं. इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह राम मंदिर का सपना साकार हुआ है, उसी तरह कृष्ण मंदिर भी बनेगा. महाराज इंदौर की सामाजिक संस्था 'सार्थक' और आयोजित 'समर्पण के प्रतीक' थीम पर आधारित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने देश के हालात पर भी अपनी राय दी. मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद पर अदालती कार्यवाही पर टिप्पणी करते हुए स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा, 'राम मंदिर बन गया है. कृष्ण मंदिर भी बनेगा. इसका निर्माण वैसा ही होगा जैसा पूरा देश चाहता है. मामला अदालत में चल रहा है और इसमें कुछ भी बहुत मुश्किल नहीं है.' देश को बांटने की साजिश का जिक्र स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि पिछले 150-200 सालों से भारत को खान-पान, जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदायों के आधार पर बांटने की साजिश रची जा रही है. उनके मुताबिक, देश की जनता आज भी इन साजिशों का नतीजा झेल रही है. RSS की भूमिका की तारीफ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के योगदान पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश की एकता को बनाए रखने में संघ की बड़ी भूमिका रही है. महाराज ने कहा, 'मैं कभी-कभी सोचता हूं कि अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ न होता तो इस देश का क्या होता. इस देश का भूगोल बदल गया होता और देश टुकड़ों में बंट गया होता.' स्वामी जी ने विश्वास दिलाया कि भगवान जल्द ही लोगों की मनोकामनाएं पूरी करेंगेय उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां प्रभु राम के जन्मस्थान पर मंदिर का निर्माण एक मिसाल है और मथुरा में भी वैसा ही होगा.

मौसम ने ली करवट: बारिश से सुहावना हुआ माहौल, आंधी का अलर्ट जारी

लुधियाना. पंजाब के कई जिलों में मंगलवार मध्यरात्रि से लेकर बुधवार सुबह छह बजे के दौरान तेज हवाओं के बीच हल्की से तेज वर्षा हुई, जिससे सुबह मौसम में ठंडक घुली रही। सुबह हल्की ठंड महसूस हो रह थी, जिसके चलते बहुत से लोगों को हलके गर्म कपड़े पहनने पड़े। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, लुधियाना में 4.6 मिलीमीटर, पटियाला में 9.2 मिलीमीटर, बठिंडा में 21.2 मिलीमीटर, फरीदकोट में 8.4 मिलीमीटर, फिरोजपुर में 16.5 मिलीमीटर, रूपनगर में 9.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वर्षा के चलते इन जिलों में दिन का तापमान कम रहा। हालांकि, सुबह छह बजे के बाद से लगभग सभी जिलों में तेज धूप निकल आई थी। लुधियाना में भी सुबह नौ बजे के बाद दिनभर बादलों का आना जाना लगा रहा। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन शुक्रवार व शनिवार को पंजाब के कई जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पांच अप्रैल से मौसम दोबारा से साफ हो जाएगा। दिन का तापमान बढ़ेगा।

होमगार्ड के प्लाटून कमांडर चयन की प्रक्रिया निरस्त, अब नए विज्ञापन के साथ शुरू होगा चयन

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट ने होमगार्ड में प्लाटून कमांडर की चयन प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने नए सिरे से चयन प्रक्रिया के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए। आरोप था कि लिखित व शारीरिक परीक्षा के पहले ही नियमविरुद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था।  जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मप्र नगर सेना वर्ग-3 भर्ती नियम 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के कुल 199 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 6 प्रतिशत पद इन-सर्विस उम्मीदवारों से भरे जाते हैं। होमगार्ड डीजी ने 27 जनवरी 2026 को 4 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस पद के लिए कुल 24 लोगों ने आवेदन किया था। इनको अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया नियमानुसार शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों का एसीआर देखने के बाद चयन सूची जारी करती है। दलील दी गई कि नियम विरुद्ध तरीके से परीक्षा के पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी ने याचिकाकर्ता सहित 6 उम्मीदवारों को अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया। इस वजह से हुई निरस्त जबलपुर हाई कोर्ट को बताया गया कि भोपाल में 16 मार्च शारीरिक परीक्षण और 17 को लिखित परीक्षा आयोजित थी, लेकिन विभाग ने 13 मार्च को ही 18 पात्र उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। दलील दी गई कि पूरी प्रक्रिया विधि सम्मत नहीं है। हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। 

छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा अभियान: जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचेंगे

रायपुर. भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 6 से 14 अप्रैल तक “गांव चलो अभियान” चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और सांसद गांव-गांव पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे। अभियान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनके साथ डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे। पार्टी की योजना के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 50 गांवों का चयन किया गया है, जहां जनप्रतिनिधि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के प्रयास करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करना है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है। तीन से चार गांवों में हर सांसद-विधायक जाएगा हर सांसद और विधायक को तीन से चार गांवों में जाना होगा। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल ने स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को लेकर तैयारी बैठक, उसमें अपेक्षित श्रेणी सहित अन्य तमाम जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह देश में विकास की राजनीति का आगाज किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाना है। भाजपा का राजनीति मॉडल शोध का विषय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि पार्टी का 46वां स्थापना दिवस हम सबको पूरे जोश के साथ मनाना है। इस मौके पर कार्यालयों से लेकर अन्य स्थानों पर पार्टी के झंडे फहराए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने विकास की राजनीति का जो मॉडल प्रस्तुत किया है, वो वैश्विक स्तर पर शोध का विषय है। हर जिले में होंगे सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन होंगे और ग्रामीण प्रतिभाओं का सम्मान होगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। भाजपा ने बुधवार को 5 से 12 अप्रैल तक अपना 46वां स्थापना दिवस भव्य पैमाने पर मनाने का फैसला किया। 5 से 7 अप्रैल तक, पार्टी के पदाधिकारी दफ़्तरों को सजाएंगे और 6 अप्रैल को सभी दफ़्तरों में एक 'विकास यात्रा' निकाली जाएगी। बताया जा रहा है कि स्थापना दिवस कार्यक्रमों को लागू करने के लिए राज्य स्तर पर समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, कई जोनों में क्षेत्रवार कार्यक्रम प्रभारियों की भी नियुक्ति की गई है। इस पहल के तहत, पंचायत स्तर और उससे ऊपर के जन प्रतिनिधियों सहित पार्टी कार्यकर्ता, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख गांवों का दौरा करेंगे ताकि लोगों के साथ संबंधों को मज़बूत किया जा सके।

रणबीर कपूर की रामायण का टीजर रिलीज और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के अवतार में रणबीर ने जीता फैंस का दिल

 रणबीर कपूर की ‘रामायण’ का ‘रामा’ टीजर रिलीज हो चुका है. राम अवतार में रणबीर सिंह छा गए हैं. नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही इस फिल्म के टीजर का फैंस को बेसब्री से इंतजार था. वहीं अब फैंस का इंतजार भी खत्म हो गया है और फिल्म को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट भी तेज हो गई है. ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है. हर कोई रणबीर कपूर के लुक का कायल हो गया है और सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर के लुक की तारीफों के पुल बांध रहा है. रणबीर कपूर ने जीत लिया दिल ‘रामायण’ के ‘रामा’ टीजर में रणबीर कपूर मर्यादा पुरुषोत्तम राम के रूप में बेहद दिव्य लग रहे हैं. इस टीजर को प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर रिलीज किया है. टीजर में रणबीर कपूर के राम अवतार को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है. रणबीर कपूर ने राम बनकर ऑडियंस के दिलों में टीजर से ही जगह बना ली है. अब फैंस को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है. रावण की भी दिखी झलक वहीं टीजर में रणबीर कपूर के लुक के साथ-साथ म्यूजिक भी मजेदार है. 2 मिनट 38 सेकंड के इस टीजर के हर सीन ने दिल जीत लिया. टीजर के हर सीन में जहां रणबीर कपूर ही राम बनकर छाते हुए दिखाई दिए तो वहीं टीजर के लास्ट में रावण बने यश की भी झलक दिखाई गई. इसके साथ ही रावण के पुष्पक विमान भी देखने में बेहद खूबसूरत लगा. इससे साफ है कि सिनेमाघरों में इस फिल्म का म्यूजिक और VFX ऑडियंस का दिल जीत लेगा. कब रिलीज होगी फिल्म? रणबीर कपूर और यश की ये फिल्म 2026 में दिवाली के मौके पर रिलीज होने जा रही है. वहीं इस फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें तो इसमें रणबीर कपूर के साथ-साथ यश, साई पल्लवी और सनी देओल भी लीड रोल में हैं. वहीं ये फिल्म 2 पार्ट्स में रिलीज होने जा रही है. जहां एक पार्ट इस दिवाली रिलीज होगा तो दूसरा पार्ट 2027 की दिवाली पर रिलीज किया जाएगा.

Google Pixel 10a पर मिल रही है भारी छूट और अब बेहद कम कीमत में घर ले आएं गूगल का यह प्रीमियम 5G स्मार्टफोन

अगर आप एक प्रीमियम फीचर्स वाला स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन बजट थोड़ा कम है, तो यह मौका आपके लिए खास हो सकता है. Google का नया Pixel 10a इस समय भारी डिस्काउंट के साथ मिल रहा है. कीमत में कटौती और बैंक ऑफर्स मिलाकर यह फोन अब पहले से काफी सस्ता हो गया है, जिससे यह डील और भी आकर्षक बन गई है. कीमत और ऑफर की पूरी जानकारी Google Pixel 10a का 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट इस समय अमेजन पर 47,999 रुपये में लिस्टेड है. अगर आप HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से EMI पर खरीदारी करते हैं, तो आपको 2,500 रुपये का सीधा डिस्काउंट मिल सकता है. इस ऑफर के बाद फोन की प्रभावी कीमत घटकर 45,499 रुपये रह जाती है. दिलचस्प बात यह है कि यह फोन अपनी लॉन्च कीमत 49,999 रुपये के मुकाबले करीब 4,500 रुपये सस्ता मिल रहा है. डिस्प्ले और परफॉर्मेंस इस स्मार्टफोन में 6.3 इंच की pOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है. स्क्रीन की ब्राइटनेस 3000 निट्स तक जाती है, जिससे धूप में भी डिस्प्ले साफ दिखाई देता है. फोन Android 16 पर काम करता है और इसमें Google का Tensor G4 प्रोसेसर दिया गया है, जो रोजमर्रा के काम से लेकर गेमिंग तक स्मूथ परफॉर्मेंस देता है. कैमरा क्वालिटी फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए Pixel 10a एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. इसके रियर में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा OIS सपोर्ट के साथ दिया गया है, जिससे फोटो शार्प और स्टेबल आती हैं. इसके साथ 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड कैमरा भी मिलता है. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है. बैटरी और चार्जिंग फोन में 5,100mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो पूरे दिन आराम से चल सकती है. इसके साथ 30W वायर्ड और 10W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है, जिससे फोन को जल्दी चार्ज किया जा सकता है. सिक्योरिटी और अन्य फीचर्स Pixel 10a में Titan M2 सिक्योरिटी चिप दी गई है, जो डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करती है. फोन IP68 रेटिंग के साथ आता है, यानी यह धूल और पानी से सुरक्षित रहता है. इसके अलावा, इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. कनेक्टिविटी के लिए इसमें 5G, Wi-Fi 6E, Bluetooth 6, NFC और USB Type-C जैसे सभी जरूरी ऑप्शन मौजूद हैं.

औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता और निगरानी के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली होगी लागू

औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली होगी लागू यूपीसीडा की 50वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी, औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति ड्रोन मॉनिटरिंग, ई-ऑक्शन, भूमि बैंक विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर अहम फैसले तृतीय पक्ष निरीक्षण और ड्रोन सिस्टम से गुणवत्ता व पारदर्शिता होगी सुनिश्चित 75% आवंटन के बाद 25% भूमि ई-ऑक्शन से, निवेशकों को मिलेगा अवसर सहारनपुर-बदायूं समेत कई जिलों में कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक विस्तार को स्वीकृति लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 50वीं बोर्ड बैठक लोक भवन, लखनऊ में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप आयोजित इस बैठक में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कुल 34 प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विकास एवं अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु तृतीय पक्ष निरीक्षण (TPIA) एजेंसी के चयन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से सिविल, विद्युत एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। कम्पिल कताई मिल, मऊ आइमा, बहादुरगंज, सलेमपुर एवं बाराबंकी के औद्योगिक क्षेत्रों के मानचित्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी एवं चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए संशोधन के निर्देश दिए गए तथा संशोधित तलपट (लेआउट) मानचित्र को स्वीकृति दी गई। भूमि बैंक को सुदृढ़ करने हेतु नीतिगत संशोधन के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए संशोधित योजना तैयार करते हुए प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत यह तय किया गया कि आवंटन योग्य भूमि का 75 प्रतिशत आवंटन पूर्ण होने के पश्चात शेष 25 प्रतिशत भूमि का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि प्रचलित परियोजनाओं में विकास कार्यों को जारी रखते हुए समानांतर रूप से आवंटन प्रक्रिया संचालित की जाए, ताकि निवेश में तेजी लाई जा सके। सहारनपुर एवं बदायूं में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में निर्देश दिए गए कि अधिग्रहण से पूर्व सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी) एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए, जिससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास हेतु शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए वित्तपोषण का प्रभावी उपयोग करते हुए एक वर्ष के भीतर बुनियादी सुविधाओं का तीव्र विकास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष कैंप आयोजित कर एक माह के भीतर उनका निस्तारण किया जाए। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि यूपीसीडा का लक्ष्य केवल औद्योगिक भूखंडों का आवंटन करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक विश्वस्तरीय औद्योगिक ईकोसिस्टम का निर्माण करना है, जहां तकनीक, पारदर्शिता और दक्षता के आधार पर उद्यमियों को बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित निगरानी, डिजिटल सेवाएं और पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया जैसे निर्णय प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में तेजी से अग्रसर करेंगे। अंत में अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सहारनपुर और बदायूं जैसे क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के दौरान कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।

इंडोनेशिया में भूकंप का कहर: 7.4 तीव्रता, सुनामी और भारी तबाही

जकार्ता इंडोनेशिया में भयंकर भूकंप आया है. इंडोनेशिया में भूकंप के बाद एक और खतरा मंडरा रहा है. वह खतरा है सुनामी का. जी हां इंडोनेशिया में जलजले के बाद अब सुनामी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. इंडोनेशिया के जलक्षेत्र में आज यानी गुरुवार की सुबह जोरदार भूकंप आया. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई. इसके बाद भूकंप से सुनामी की छोटी लहरें उठीं. इस भूकंप-सुनामी के डेडली कॉम्बिनेशन में एक व्यक्ति की मौत हो गई और घरों एवं इमारतों को नुकसान पहुंचा।  दरअसल, यूएसजीएस यानी संयुक्त राज्य अमेरिका के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि गुरुवार तड़के पूर्वी इंडोनेशिया के तट से दूर समुद्र में शक्तिशाली भूकंप आया. इसके बाद एक अमेरिकी निगरानी एजेंसी ने भूकंप के केंद्र से 1,000 किलोमीटर के दायरे में सुनामी की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.4 थी और इसका केंद्र मोलूका सागर में 35 किलोमीटर की गहराई पर था. भूकंप के केंद्र से 1,000 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी लहरें उठ सकती हैं, खासकर इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटीय इलाकों में. यूएसजीएस ने भी भूकंप के केंद्र से उतनी ही दूरी पर स्थित क्षेत्रों में खतरनाक सुनामी लहरों की संभावना के संबंध में चेतावनी दी।  इंडोनेशिया में भूंकप इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान एवं भूभौतिकी एजेंसी के अनुसार, भूकंप के आधे घंटे से भी कम समय में कई निगरानी केंद्रों में सुनामी की लहरें दर्ज की गईं. इनमें बिटुंग में आंठ इंच और पश्चिम हलमाहेरा में एक फुट ऊंची लहरें शामिल हैं. होनोलुलु स्थित प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि दक्षिणी फिलीपीन के दावाओ में दो इंच ऊंची लहरें उठीं लेकिन दूरदराज के क्षेत्रों के लिए सुनामी का कोई खतरा नहीं है।  इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार उत्तरी सुलावेसी प्रांत के तटीय शहर बिटुंग और आसपास के इलाकों के साथ-साथ पड़ोसी प्रांत उत्तर मलुकु के टेरनेट शहर में 10 से 20 सेकंड तक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।  भूकंप-सुनामी से कितनी तबाही प्रारंभिक आकलन से पता चला है कि टेरनेट के कुछ हिस्सों में थोड़ा नुकसान हुआ है. स्थानीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि बटांग दुआ द्वीप जिले में एक गिरजाघर प्रभावित हुआ है और दक्षिण टेरनेट में दो घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. बिटुंग में नुकसान का आकलन अभी जारी है. इंडोनेशिया की खोज और बचाव एजेंसी ने बताया कि उत्तरी सुलावेसी के मिनाहासा जिले में 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई और एक अन्य निवासी घायल हो गया।  तटीय इलाके में खतरा बरकरार आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहरी ने एक बयान में कहा, ‘‘इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब तक अधिकारी अनुमति न दें तब तक वे जलक्षेत्र में नहीं जाएं. भूकंप के बाद समुद्र तट से दूर कम से कम दो झटके और महसूस किए गए. अधिकारियों ने बताया कि दोनों झटकों से सुनामी का खतरा नहीं है।  क्यों खतरा मंडरा रहा इंडोनेशिया दुनिया के सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक है, क्योंकि यह ‘प्रशांत अग्नि वलय’ पर स्थित है. यह ज्वालामुखियों और भ्रंश रेखाओं का एक विशाल 40,000 किलोमीटर लंबा चाप है, जो टेक्टोनिक प्लेटों की आपसी हलचल से बना है. प्रशांत महासागर को घेरने वाली यह घोड़े की नाल के आकार की बेल्ट दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंपों का कारण बनती है और यह अपनी लगातार होने वाली भूकंपीय और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जानी जाती है।  यहां पिछले महीने में भी आया था भूकंप यूएसजीएस के अनुसार, अभी पिछले महीने ही 3 मार्च को सुमात्रा के तट से दूर समुद्र में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था. इससे वहां के लोग सहम गए थे, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था. वह भूकंप सुमात्रा के उत्तर-पूर्वी सिरे के पास समुद्र में उत्पन्न हुआ था, जिसके कारण उस क्षेत्र में, जहां अक्सर भूकंप के झटके आते रहते हैं, कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर भाग निकले थे. इसी बीच, इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने इस भूकंप की तीव्रता 6.4 दर्ज की और बताया कि यह 13 किलोमीटर की गहराई पर आया था।