samacharsecretary.com

डिजिटल सुरक्षा पर फोकस: पंचकूला में जल्द बनेगा हरियाणा का साइबर सिक्योरिटी हब

चंडीगढ़. हरियाणा में साइबर हमले के किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए साइबर सुरक्षा केंद्र बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार जल्द ही हरियाणा डिजिटल कवच-साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने जा रही है। वर्तमान में पंचकूला में प्रदेश स्तरीय डायल 112 केंद्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा साइबर सिटी गुरुग्राम में कई विदेशी कंपनियों के काल सेंटर चल रहे हैं। भविष्य के संभावित खतरे से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। साइबर सुरक्षा के मद्देनजर हरियाणा डिजिटल कवच-साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह केंद्र सभी विभागों के लिए 24 घंटे सातों दिन थ्रेट इंटेलिजेंस, घटना होने की सूरत में तवरित प्रतिक्रिया देने, घटना न हो इसके लिए सुरक्षा मानक को पहले से लागू किया जाएगा। इस केंद्र की सबसे खास बात यह होगी कि इस केंद्र के माध्यम से संबंधित विभागों में नियमित रूप से सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा। प्रदेश सरकार आने वाले समय में 70 विभागों की 1000 योजनाओं तथा सेवाओं को मर्ज करने जा रही है। इनके संचालन के लिए वन स्टाप हेल्पलाइन शुरू किया जाएगा। इस योजनाओं को लागू करने में नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) की भूमिका अहम रहेगी। हालिया बजट में इन परियोजनाओं के लिए 423 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

‘CM सेहत योजना’ से मरीजों को सहारा: पंजाब में 2300 बीमारियों तक मिल रहा इलाज

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री सेहत योजना राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत ढाल बनकर उभर रही है। यह योजना प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया करवा रही है, जिससे दिल की बीमारियों, कैंसर और अन्य गंभीर रोगों के इलाज में लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। खासतौर पर आपातकालीन स्थितियों में यह योजना समय पर इलाज सुनिश्चित कर आर्थिक बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में 2,300 से अधिक बीमारियों का इलाज कवर किया जा रहा है। अचानक होने वाली गंभीर बीमारियां जैसे हार्ट अटैक, कैंसर और जन्म संबंधी जटिलताएं अक्सर बिना चेतावनी के सामने आती हैं। ऐसे में समय पर इलाज और आर्थिक सुरक्षा दोनों जरूरी हो जाते हैं, जिसे यह योजना पूरा कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राज्य में 33 लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। 330 करोड़ रुपये हुए खर्च राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार 1,98,793 मामलों में मुफ्त इलाज को मंजूरी दी जा चुकी है, जिन पर करीब 330 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें से 59 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अस्पतालों को जारी भी की जा चुकी है। योजना का लाभ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों को मिल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर बीमारियों में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। मोहाली जिला अस्पताल की मेडिकल आफिसर डा ईशा अरोड़ा के मुताबिक, अधिकतर मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी बढ़ चुकी होती है। समय पर जांच और इलाज से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी अभी भी चुनौती बनी हुई है। कैंसर-डायबिटीज और सांस से जुड़ी बीमारी 75 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार दिल की बीमारी, कैंसर, डायबिटीज और सांस संबंधी रोग दुनिया भर में करीब 75 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थितियों में इलाज में कुछ मिनटों की देरी भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अस्पताल नेटवर्क को मजबूत करने और दावों की प्रक्रिया को आसान बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना ने उन परिवारों को बड़ी राहत दी है, जिन्हें पहले इलाज के लिए कर्ज लेना या संपत्ति बेचनी पड़ती थी। भारत में अभी भी करीब 47 प्रतिशत स्वास्थ्य खर्च लोगों को अपनी जेब से करना पड़ता है, ऐसे में यह योजना बड़ी मदद साबित हो रही है। कुल मिलाकर ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ न केवल इलाज का साधन बन रही है, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हो रही है।

जशपुर दौरे पर सीएम साय: श्रीरामकथा रसपान में होंगे शामिल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने गृह जिला जशपुर के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से कुनकुरी रवाना होंगे। इसके बाद वे दोपहर 3 बजे सालिया टोली स्टेडियम में आयोजित प्रभु श्री रामकथा रसपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे कुनकुरी से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6 बजे तक रायपुर लौट आएंगे। आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक 6 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह बैठक प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में होगी। बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे नया रायपुर में किया जाएगा, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही वित्तीय प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर फोकस रहेगा। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की स्थिति का आकलन के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों पर भी चर्चा होगी। रायपुर में आज सन टू ह्यूमन साधना सत्र सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा ‘सन टू ह्यूमन’ साधना सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह सत्र रायपुर के झूलेलाल गार्डन (कटोरातालाब) में आयोजित होगा। यह साधना सत्र प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक संचालित किया जाएगा। सामूहिक रांदल माता पूजा श्री गुजराती ब्रह्म समाज महिला मंडल द्वारा सामूहिक रांदल माता पूजा का आयोजन आज किया जा रहा है। यह आयोजन न्यू टिम्बर मार्केट, त्रिमूर्ति नगर स्थित दया भवन में संपन्न होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे से होगी। झूलेलाल मंदिर का स्थापना दिवस झूलेलाल मंदिर भोईपारा में मंदिर का स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का आयोजन श्रीराम मंडली एवं श्रीराम युवा मंडली द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे से पूजा-अर्चना शुरू होगी, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

अब मिलेगा ज्यादा मुआवजा: सरकारी कर्मचारियों के परिजनों की अनुग्रह राशि ढाई गुना बढ़ी

भोपाल. अब तक सेवाकाल के दौरान किसी शासकीय सेवक की असामयिक मृत्यु होने पर उनके परिजनों को मिलने वाली 'अनुग्रह राशि' (Ex-gratia) की अधिकतम सीमा मात्र 50 हजार रुपये थी। बढ़ती महंगाई और आधुनिक दौर की जरूरतों के सामने यह राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी। लेकिन अब, मध्यप्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए इस सीमा को ढाई गुना बढ़ाकर 1 लाख 25 हजार रुपये कर दिया है। वित्त विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, अब मृतक कर्मचारी के परिवार को उनके छह माह के वेतन के बराबर राशि दी जाएगी। इसमें 'वेतन पुनरीक्षण नियम 2017' के मानकों को आधार बनाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब अनुग्रह राशि केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ठोस आर्थिक सहायता होगी। आदेश 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी यह नया प्रावधान 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होने जा रहा है। यानी इस तारीख या इसके बाद आने वाले सभी दुखद प्रकरणों में पीड़ित परिवारों को सवा लाख रुपये तक की मदद तत्काल मिल सकेगी। यह कदम उन छोटे कर्मचारियों (जैसे चतुर्थ श्रेणी) के लिए जीवनदान जैसा है, जिनके पास बचत के नाम पर बहुत कम संसाधन होते हैं। सवा लाख रुपये की यह राशि शायद किसी की कमी को पूरा न कर सके, लेकिन अंतिम संस्कार, तात्कालिक बिलों और बच्चों की शिक्षा जैसे शुरुआती झटकों को सहने में यह एक मजबूत लाठी का काम जरूर करेगी।

एलपीजी संकट के बीच मोगा के किसान का समाधान: बायोगैस से जल रहा चूल्हा, 20,000 में बचाए लाखों रुपये

मोगा  देश भर में एलपीजी संकट के बीच लोग सिलिंडर के लिए लंबी-लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। वहीं मोगा के गांव राजेआना के किसान निर्मल सिंह मौज में हैं। दरअसल, निर्मल सिंह ने साल 2011 में मात्र 20 हजार रुपये की लागत से अपने घर में बायोगैस प्लांट लगाया था। इस प्लांट से निकलने वाली गैस से ही उनके घर का खाना तैयार होता है। आज जब एलपीजी के लिए लोग परेशान हैं, वहीं निर्मल सिंह को उनके इस बायोगैस प्लांट ने बड़ी राहत दी है। उन्हें न तो लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है और न ही महंगे दामों पर गैस सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। किसान के लिए बायोगैस एक वरदान साबित हुआ। 25 गज में 20 हजार की कीमत से लगाया प्लांट निर्मल सिंह ने बताया कि उन्होंने घर में दूध के लिए पशु पाले हुए हैं, जिनसे निकलने वाले गोबर का सही उपयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने अपने घर पर बायोगैस प्लांट लगाया। यह प्लांट लगभग 25 गज क्षेत्र में करीब 20 हजार रुपये की लागत से तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस बायोगैस प्लांट का खास फायदा समझ नहीं आया, लेकिन आज जब देश में LPG को लेकर संकट है तब उन्हें इस बायोगैस का असली महत्व समझ आया।  निर्मल सिंह ने कहा कि उनके घर में तो जैसे अपनी ही गैस एजेंसी खुली हुई है, इसलिए उन्हें कभी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ी। पिछले 15 साल में उन्होंने करीब 1.5 लाख रुपये की बचत की है, वह भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के। उन्होंने बताया कि इस प्लांट को चलाने में कोई खास मेहनत नहीं लगती। रोजाना केवल दो टोकरी गोबर को पानी के साथ मिलाकर प्लांट में डालना होता है। सुबह यह प्रक्रिया करने के बाद शाम तक गैस तैयार हो जाती है। इस गैस से उनके 5 सदस्यों वाले परिवार का खाना आराम से बन जाता है।  पूरी तरह सुरक्षित है बायोगैस निर्मल सिंह ने बताया कि बायोगैस पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें गैस लीकेज से आग लगने का कोई खतरा नहीं होता। उन्होंने कहा कि पंजाब में ज्यादातर किसानों के पास पशु होते हैं, इसलिए सभी किसानों को इस तकनीक का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बायोगैस अपनाने वाले किसानों पर एलपीजी संकट का कोई असर नहीं पड़ेगा। कम खर्च, कम मेहनत और अधिक लाभ, यही बायोगैस की सबसे बड़ी खासियत है। आधुनिक दौर में यह पुरानी तकनीक किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। 

Oracle के को-फाउंडर की नेटवर्थ में भारी गिरावट, 17,94,485Cr साफ, एलन मस्क से भी थे ज्यादा अमीर

नई दिल्‍ली ओरेकल इन दिनों खूब चर्चा का विषय बना हुआ है, क्‍योंकि कंपनी ने बड़ी छटनी का फैसला लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ओरेकल ने ओरेकल ने 31 मार्च को ग्‍लोबल स्‍तर पर 20 से 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यह एक बड़ी छंटनी है, क्‍योंकि कंपनी ने अपने कुल वर्कफोर्स में से 18 फीसदी कर्मचारियों को निकाला है।  कई कर्मचारियों को बिना फोन और मीटिंग या पहले से जानकारी दिए बगैर ही सिर्फ एक ईमेल के जरिए नौकरी से निकाल दिया. कर्मचारियों को सुबह-सुबह ईमेल के माध्यम से जानकारी दी गई कि ओरेकल की वर्तमान व्यावसायिक आवश्यकताओं पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, हमने एक व्यापक संगठनात्मक परिवर्तन के हिस्से के रूप में आपकी भूमिका को समाप्त करने का फैसला लिया है।  इस बीच, खबर है कि ओरेकल के को-फाउंडर लैरी एलिसन की नेटवर्थ 193 अरब डॉलर (लगभग 17,94,485 करोड़ रुपये) से ज्‍यादा कम हो गए हैं. संपत्ति में इतनी बड़ी गिरावट सिर्फ 6 महीने में ही हुई है. इस गिरावट से पहले ओरेकल के को-फाउंडर लैरी एलिसन कुछ समय के लिए दुनिया के सबसे अमीर व्‍यक्ति थे।  एलन मस्‍क को भी छोड़ा था पीछे  साल 2025 में लैरी एलिसन ने मौजूदा सबसे अमीर व्‍यक्ति एलन मस्‍क को पीछे छोड़ दिया था, लेकिन फिर नेटवर्थ में गिरावट होते ही लैरी एिलसन ने नंबर वन का ताज खो दिया. अभी एलन मस्‍क की कुल संपत्ति 636 अरब डॉलर है और लैरी एलिसन की नेटवर्थ 195 अरब डॉलर रह गई है।  ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, एलिसन की कुल संपत्ति 22 सितंबर, 2025 तक 388 बिलियन डॉलर से घटकर 3 अप्रैल, 2026 तक 195 बिलियन डॉलर हो गई. लगभग 200 बिलियन डॉलर की इस गिरावट ने वैश्विक रैंकिंग में भी फेरबदल किया है, जिससे वह छठे स्थान पर खिसक गए हैं।  लैरी एलिसन की नेटवर्थ में इतनी गिरावट क्‍यों आई?  अब सबसे बड़ा सवाल है कि लैरी एलिसन की नेटवर्थ में इतनी बड़ी गिरावट क्‍यों आई है? दरअसल, प‍िछले कुछ समय से ओरेकल की वित्तीय स्थिति में गिरावट आई है, जिसका असर कंपनी के शेयरों पर दिखाई दिया है और कंपनी के शेयर तेजी से नीचे आए हैं. शेयरों के गिरावट के साथ ही लैरी एलिसन की नेटवर्थ भी गिरी है।  इसके शेयर सितंबर 2025 में $345.72 के उच्चतम स्तर से शेयरों में लगभग 58% की गिरावट आई है और 2 अप्रैल, 2026 को यह $146.38 पर बंद हुआ. एलिसन की ओरेकल में करीब 41% हिस्सेदारी है, इसी कारण कंपनी के बाजार प्रदर्शन से काफी हद तक प्रभावित हैं। 

नौकरी छोड़ने या जाने पर कंपनी को करना होगा ये जरूरी काम, नए कानून में हुआ बदलाव

नई दिल्‍ली देश में नया लेबर कोड लागू हो चुका है. इस बीच, एक खास बदलाव हुआ है, जो हर कर्मचारियों के लिए महत्‍वपूर्ण है. दरअसल, अगर आप किसी कंपनी में नौकरी करते हैं और फिर उसे छोड़ देते हैं तो अब आपको सिर्फ 2 दिन के अंदर ही पूरा सेटलमेंट मिल जाएगा यानी कि नौकरी छोड़ने के दो दिनों में ही पैसे का सेटलमेंट कर दिया जाएगा।  अभी तक ज्‍यादातर नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के बाद कर्मचारियों को अपना बकाया पैसा पाने के लिए 40 से 45 दिनों का समय लगता था, जिससे कर्मचारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी. यहां तक की घर का किराया देने या मंथली खर्च के लिए भी उन्‍हें दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता था. हालांकि अब ये परेशानी खत्‍म होने जा रही है. अब फुल सेटलमेंट 2 दिनों के अंदर ही कर दिया जाएगा. लेकिन कुछ शर्तों के तहत सेटलमेंट अभी भी 1 महीने तक लागू हो सकता है।   क्या है नया नियम? 1 अप्रैल 2026 से नए नियम के तहत कंपनियों को कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट सिर्फ 2 वर्किंग डेज के अंदर करना होगा. यह नियम Code on Wages, 2019 के तहत लागू किया गया है. नए कानून के तहत अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या निकाला जाता है या कंपनी बंद हो जाती है तो इस कंडीशन में कंपनी को उसके सभी बकाया पेमेंट 2 वर्किंग दिवस के अंदर करना होगा. पहले इस प्रोसेस में 30 से 90 दिन का समय लग जाता है।  क्या है फुल एंड फाइनल सेटलमेंट? फुल एंड फाइनल सेटमेंट का मतलब है कि कर्मचारी को उसकी नौकरी खत्‍म होने पर मिलने वाले सभी बकाया पैसों का हिसाब और पेमेंट करना है. इसमें सिर्फ सैलरी ही शामिल नहीं होती है, बल्कि अन्‍य अलाउंस और सर्विसेज शामिल होती हैं।  क्‍या-क्‍या शामिल होता है?      वर्किंग डे के हिसाब से आखिरी महीने की सैलरी     बची हुई छुट्टियों का पैसा      परफॉर्मेंस के आधार पर मिलने वाला बोनस या इन्‍सेंटिव का पैसा     ऑफिस से जुड़े खर्च जैसे यात्रा या अन्य खर्चों का रिइम्बर्समेंट     टैक्स, एडवांस सैलरी, लोन या कंपनी के सामान वापस न करने पर कटौती ग्रेच्‍युटी कब दिया जाता है?  नए लेबर कोड में जो खास बदलाव किया गया है, उसमें अब एक साल की नौकरी के बाद भी ग्रेच्‍युटी का लाभ दिया जाएगा. पहले पांच साल की नौकरी करने के बाद ही ग्रेच्‍युटी दी जाती थी, लेकिन अब एक साल की नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी का लाभ कर्मचारियों को दिया जाएगा. कंपनी को इसे 30 दिन के अंदर ही देना होगा। 

ईरान संकट में भारत की ओर दौड़े पड़ोसी, अरबों बांटने वाला चीन क्यों है नदारद?

नई दिल्ली जब मुसीबत आती है, तो पता चलता है कि असली दोस्त कौन है. ईरान युद्ध के कारण जब दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई ठप होने लगी है, तो भारत के पड़ोसी देश चीन के अरबों रुपये के कर्ज को भूलकर अब नई दिल्ली की तरफ दौड़ रहे हैं. चीन भले ही पैसे बांटता हो, लेकिन जब किचन का चूल्हा जलाने और गाड़ियां चलाने के लिए तेल की जरूरत पड़ी, तो सबको सिर्फ भारत से ही आस है।  ईरान संघर्ष की वजह से स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. ऐसे में नेपाल से लेकर श्रीलंका और मालदीव तक, सबके सामने अंधेरा छाने लगा है. न उन्‍हें तेल मिल पा रहा है और ना ही गैस. इन देशों को अब समझ आ गया है कि मुश्किल वक्त में भारत ही वह भरोसेमंद पार्टनर है जो उन्हें डूबने से बचा सकता है।  देश-दर-देश: किसने मांगी कितनी मदद? श्रीलंका: मोदी से बात की और मिल गया तेल श्रीलंका में हालात इतने खराब हैं कि स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं. राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने खुद बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की और तुरंत मदद मिल गई. भारत ने मार्च में 38,000 मीट्रिक टन डीजल और पेट्रोल श्रीलंका भेजा है. श्रीलंका ने इसके लिए भारत का दिल से आभार जताया है।  नेपाल: चूल्हा जलाने के लिए भारत पर निर्भर नेपाल में गैस की भारी किल्लत हो गई है. वहां लोग अब आधे सिलेंडर से काम चला रहे हैं. नेपाल ने भारत से मांग की है कि उसे हर महीने मिलने वाली 48,000 टन गैस के अलावा 3,000 टन और गैस दी जाए. नेपाल को पता है कि उसकी रसोई तभी जलेगी जब भारत से ट्रक रवाना होंगे।  बांग्लादेश: पाइपलाइन से पहुंची मदद बांग्लादेश भी डीजल के लिए भारत के आगे हाथ फैला रहा है. भारत पहले से ही उसे सालाना 1.8 लाख टन तेल देता है, लेकिन युद्ध के चलते सप्लाई कम हुई तो भारत ने पाइपलाइन के जरिए तुरंत हजारों टन डीजल और भेज दिया।  मालदीव: पुरानी कड़वाहट भूल मांगी मदद हाल के दिनों में रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, मालदीव को जब अपनी ऊर्जा सुरक्षा की चिंता हुई तो वह भी भारत के पास ही आया है. मालदीव ने कम समय और लंबे समय, दोनों के लिए तेल सप्लाई की गुहार लगाई है, जिस पर भारत विचार कर रहा है।  मॉरीशस और सेशेल्स इन देशों से भी लगातार बातचीत जारी है. जैसे-जैसे ऊर्जा संकट बढ़ रहा है, ये देश भी भारत के साथ खड़े होने की तैयारी में हैं।  एक्सपर्ट्स बोले- चीन नहीं, भारत है असली लीडर विशेषज्ञों का कहना है कि चीन सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर कर्ज का जाल बिछाता है, लेकिन जीवन की बुनियादी जरूरतों जैसे तेल, गैस, बिजली के लिए भारत की क्षमता और नियत दोनों साफ हैं. एशिया ग्रुप के अशोक मलिक के मुताबिक, इस मदद से भारत की साख पूरी दुनिया में बढ़ेगी।  भारत की अपनी चुनौतियां भले ही भारत सबको मदद दे रहा है, लेकिन वह खुद भी मुश्किलों से लड़ रहा है. भारत के 18 जहाज अब भी युद्ध क्षेत्र में फंसे हुए हैं जिन्हें निकालने की कोशिश जारी है. इसके बावजूद, भारत अपनी जरूरतें पूरी करते हुए पड़ोसियों का साथ छोड़ नहीं रहा है।  भारत एकतरफा नहीं सबसे बड़ी बात, भारत एकतरफा नहीं है. न तो वह पूरी तरह अमेर‍िका-इजरायल के साथ खड़ा दिखता है और ना ही ईरान के साथ. इसल‍िए पड़ोसी देशों को लगता है क‍ि भारत हर देश के साथ बात कर सकता है. हर देश के साथ जरूरत पड़ने पर हमारी मदद कर सकता है. यही भारत के लीडर बनने की कहानी है। 

इंस्टाग्राम लॉन्च करेगा ‘Instagram Plus, प्रीमियम फीचर्स के साथ पेड सर्विस की टेस्टिंग शुरू

नई दिल्ली  ऐसा लग रहा है कि Instagram एक नए पेड सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग कर रहा है, जिसका नाम Instagram Plus है। इसमें Stories पर फोकस करते हुए कुछ प्रीमियम फीचर्स मिल सकते हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसमें Stories की ऑडियंस को मैनेज करने, रीवॉच इनसाइट्स को ट्रैक करने और Instagram Stories की समय सीमा को 24 घंटे से ज्यादा बढ़ाने जैसे टूल्स शामिल हो सकते हैं। यूजर्स को नए इंटरैक्शन के जरिए अपनी Stories की विजिबिलिटी और एंगेजमेंट बढ़ाने के ऑप्शन भी मिल सकते हैं। ये फीचर अभी टेस्टिंग फेज में है, जिससे पता चलता है कि Instagram अपने प्लेटफॉर्म पर पेड फीचर्स एड करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। Instagram Plus की टेस्टिंग सोशल मीडिया कंसल्टेंट Matt Navarra के Threads पर किए गए एक पोस्ट के मुताबिक, Instagram Plus, Snapchat Plus जैसा ही होगा और इसमें यूजर्स के लिए कुछ खास फीचर्स मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस नए फीचर की टेस्टिंग अभी फिलीपींस में की जा रही है, जिसकी कीमत PHP 65 (लगभग 100 रुपये) प्रति महीना है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ये भी दिख रहा है कि सब्सक्रिप्शन अपने आप रिन्यू होने से पहले एक महीने का फ्री ट्रायल भी मिलेगा। Stories फीचर पर रहेगा फोकस शेयर की गई इमेज के आधार पर, ऐसा लगता है कि Instagram Plus मुख्य रूप से इस सोशल मीडिया साइट के Stories फीचर पर ही फोकस कर रहा है। यूजर्स अपनी Stories को लोगों के अलग-अलग ग्रुप के साथ शेयर कर पाएंगे और ये देख पाएंगे कि उनकी Stories को कितनी बार दोबारा देखा गया है। वे Stories देखने वालों की लिस्ट में से किसी को भी सर्च कर पाएंगे और Story पोस्ट करने से पहले उसका प्रीव्यू भी देख पाएंगे। कुछ देशों में चल रही टेस्टिंग Navarra का ये भी दावा है कि Instagram ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि वह इस सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग 'दुनिया के कुछ देशों में' कर रहा है। ये अभी यूजर्स Stories के लिए ऑडियंस की अनलिमिटेड लिस्ट बना सकते हैं (Close Friends के अलावा) और अपनी Story की समय सीमा को 24 घंटे और बढ़ा सकते हैं। दोबारा किसने देखी Story सब्सक्राइबर Stories का प्रीव्यू भी देख सकते हैं और ऐसा करने पर उनका नाम Stories देखने वालों की लिस्ट में नहीं दिखेगा। इसके अलावा, वे ये भी देख सकते हैं कि किसी Instagram Story को कितने लोगों ने दोबारा देखा है। वे हर हफ्ते अपनी किसी एक Story को 'Spotlight' में डाल सकते हैं, ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें और उन्हें Stories के लिए एक 'Superlike' बटन भी मिलेगा। मिलेगा 24 घंटे से ज्यादा समय Instagram Plus के सब्सक्राइबर अपनी Stories को ज्यादा समय तक, यानी 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक लाइव रख पाएंगे। साथ ही, वे अपनी भावनाओं को स्ट्रॉन्ग तरीके से जाहिर करने के लिए 'Super Hearts' भेज पाएंगे और ज्यादा लोगों तक अपनी Story पहुंचाने के लिए उसे 'Spotlight' में डाल पाएंगे। कहा जा रहा है कि ये सभी फीचर्स यूजर्स को अपनी Stories पर ज्यादा कंट्रोल देंगे और उनकी एंगेजमेंट बढ़ाने में मदद करेंगे। इस फीचर को इस साल की शुरुआत में, जब ये डेवलपमेंट फेज़ में था, तब देखा गया था। Instagram ने अभी तक Instagram Plus के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कंपनी ने ये भी नहीं बताया है कि वह इसे बड़े पैमाने पर कब तक लॉन्च करने की योजना बना रही है। Instagram ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 8 मई से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट्स के लिए सपोर्ट खत्म कर देगा। इस तारीख के बाद, यूजर्स मौजूदा एन्क्रिप्टेड कन्वर्सेशन का एक्सेस खो देंगे। प्लेटफर्म ने यूजर्स से डेडलाइन से पहले अपने मैसेज और मीडिया डाउनलोड करने के लिए कहा है। कुछ यूजर्स को इस ऑप्शन को एक्सेस करने एप अपडेट करने की जरूरत पड़ सकती है।

मावां-धीयां सत्कार योजना: अप्रैल से महिलाएं उठाएंगी लाभ, सरकार ने जारी की अधिसूचना, पंजीकरण निशुल्क

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन बजट पेश करते समय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की थी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि योजना का लाभ महिलाओं को 2 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। पंजीकरण सेवा केंद्रों पर निःशुल्क होगा।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह आप सरकार की गारंटी थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं (सरकारी कर्मचारियों, पूर्व विधायकों, सांसदों तथा पेंशनभोगियों को छोड़कर) को इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,100 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सीएम मान ने कहा कि यह एक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना है, इसलिए राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने अपील की कि जिन महिलाओं के बैंक खाते नहीं हैं, वे जल्द से जल्द खाता खुलवाएं। सीएम ने दावा किया कि प्रदेश की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं (लगभग 1.10 करोड़) इस योजना के दायरे में आएंगी। क्या है यह योजना? पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) की घोषणा की थी। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। इस महत्वकांक्षी योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है। किन्हें नहीं मिलेगा इसका लाभ? बता दें कि 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) में केवल वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी, पूर्व और वर्तमान सांसद/विधायक और आयकर दाताओं को इससे बाहर रखा गया है। इसके अलावा, 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आएंगी। कैसे करें आवेदन? इस योजना के लिए 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को काफी सरल और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के लिए किन-किन माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं। कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की पड़ेगी जरूरत? 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' के लिए रजिस्ट्रेशन करने से पहले आपके पास पंजाब का निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, आयु प्रमाण पत्र, इनकम सर्टिफिकेट और राशन कार्ड जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है।   महिलाओं की आर्थिक भलाई पर जोर सरकार ने 'मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना' को लागू करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। 2 अप्रैल के नोटिफिकेशन के अनुसार, मौजूदा सोशल सिक्योरिटी पेंशन पाने वाले भी इस स्कीम के तहत उन्हें पहले से मिल रही सोशल सिक्योरिटी पेंशन के अलावा पूरे फाइनेंशियल फायदे पाने के हकदार होंगे। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस स्कीम का मकसद पूरे राज्य में महिलाओं की फाइनेंशियल सिक्योरिटी और आजादी को मजबूत करना, घरेलू भलाई में सुधार करना, घरेलू फाइनेंशियल फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और पूरे पंजाब में जेंडर इक्विटी को बढ़ावा देना है। सभी पात्र महिलाओं की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और उनके पास वैलिड आधार और वोटर आईडी कार्ड होने चाहिए, साथ ही वे पंजाब के रजिस्टर्ड रेजिडेंट वोटर होने चाहिए। इन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा     पंजाब सरकार, या केंद्र सरकार, या देश के किसी दूसरे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की रेगुलर या रिटायर्ड कर्मचारी।     राज्य या केंद्र सरकार के तहत बने किसी भी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्टैच्युटरी बोर्ड, कॉर्पोरेशन, कमीशन, कमेटी, डायरेक्टरेट, कोऑपरेटिव इंस्टीट्यूशन, या ट्रिब्यूनल से पेंशन पाने और पाने वाली रेगुलर या रिटायर्ड कर्मचारी।     जिन महिलाओं ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में इनकम टैक्स दिया है, मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद या विधायक और मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक के पति/पत्नी को भी बाहर रखा जाएगा। महिला बाल विकास विभाग लागू करेगा स्कीम नोटिफिकेशन में कहा गया है कि फाइनेंशियल फायदे लाभार्थियों को हाई-लेवल इम्प्लीमेंटेशन कमिटी द्वारा समय-समय पर तय किए गए शेड्यूल और फ्रीक्वेंसी के अनुसार जारी किए जाएंगे। फाइनेंशियल मदद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। इसमें कहा गया है कि पैसे बांटने के तरीके में अगर कोई बदलाव या मॉडिफिकेशन होता है, तो वह मुख्यमंत्री की मंजूरी से किया जा सकता है। स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन सभी तय सेंटर पर फ्री होगा, और किसी भी लाभार्थी से कोई फीस नहीं ली जाएगी। यह स्कीम सोशल सिक्योरिटी और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लागू की जाएगी।