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आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की

आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की विशेष आवास परियोजना से मिला पक्का आशियाना रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने वाले नक्सलियों को नई जिंदगी दे रही है। छत्तीसगढ सरकार ने माओवादी  आत्मसमर्पितों को 5 लाख तक की सहायता, कौशल प्रशिक्षण, और सम्मानजनक जीवन प्रदान कर नक्सल-मुक्त बस्तर के सपने को साकार कर रही है। कोण्डागांव जिले के फरसगांव के सुदेर पंचायत चिंगनार के श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।          कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड फरसगांव के दूरस्थ ग्राम पंचायत चिंगनार, जो मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, कभी इस क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा का माहौल था। अब इन क्षेत्रों में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शांति और विकास स्थापित हो रहा हैं। इसी गांव में रहने वाले श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पवन कुमार पूर्व में माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। उस दौर में उनका जीवन असुरक्षित और कठिनाइयों से भरा हुआ था। उनका परिवार जंगल किनारे एक झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही सुरक्षित भविष्य की कोई उम्मीद।        समय के साथ उन्होंने यह महसूस किया कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश की ओर ले जाता है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए माओवादी संगठन से नाता तोड़ लिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।         आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन द्वारा विशेष परियोजना आवास (आत्मसमर्पित परिवार) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। शासन की सहायता से उन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 40 हजार रुपये, द्वितीय किश्त में 55 हजार रुपये तथा अंतिम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये की राशि दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की गई। इन सभी सहायता राशि और योजनाओं के समुचित उपयोग से पवन कुमार ने निर्धारित समय में अपना पक्का घर पूर्ण कर लिया। यह घर केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की मजबूत नींव है। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और भविष्य को लेकर आश्वस्त है।          इसके अतिरिक्त शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। और बेहतर भविष्य के लिए भी नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक- अरविंद हेमला की हिम्मत और बदलाव की कहानी

रायपुर  अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक का सफर निराशा, संघर्ष और कठिनाइयों से निकलकर आशा, सफलता और ज्ञान की ओर जाने का प्रतीक है। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से पूरी की जा सकती है। 22 वर्षीय अरविंद हेमला का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही आर्थिक तंगी, अशिक्षा और सामाजिक चुनौतियों से जूझते रहे। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था।                कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। इस घटना ने अरविंद को पूरी तरह अकेला और असहाय बना दिया।  युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गए। धीरे-धीरे वे इस रास्ते में उलझते चले गए, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लेकिन समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता उन्हें केवल भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।          आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। राज मिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की। आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में एक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अपने परिश्रम और लगन से उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में भी सफलतापूर्वक वापसी की है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति हिंसा की राह छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।

मौसम विभाग ने जारी किया चेतावनी, हरियाणा के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार. हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले 15-20 दिनों से मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। बादलों की आवाजाही, हल्की वर्षा, अंधड़ और ओलावृष्टि की गतिविधियों से पूरे क्षेत्र में दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे किसानों को बार-बार मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। शनिवार रात से लेकर रविवार को 11 जिलों में वर्षा और तीन जिलों में ओलावृष्टि हुई। शनिवार रात को हिसार के उकलाना व बरवाला और फतेहाबाद के टोहाना में वर्षा हुई। वहीं जींद के नरवाना, कैथल और गुरुग्राम के पटौदी क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ओले गिरे। रविवार को भी हिसार, कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक और यमुनानगर सहित कई जिलों में हल्की वर्ष दर्ज की गई। यह मौजूदा मौसम प्रणाली रविवार शाम तक आगे निकल जाएगी। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के बीच जिसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आएगी। रविवार को प्रदेश में सोनीपत का न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस सबसे कम रहा। वहीं गुरुग्राम का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस सबसे अधिक रहा। सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले दो दिनों में तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा, बूंदाबांदी और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। छह अप्रैल की रात से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान के आसपास चक्रवाती परिसंचरण तंत्र विकसित होगा, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण 7-8 अप्रैल को फिर से मौसम बिगड़ने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं, आंधी-अंधड़, हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। नौ अप्रैल को इसका असर केवल उत्तरी जिलों तक सीमित रहेगा, जबकि 10 अप्रैल से तापमान में गिरावट के साथ हल्की ठंड का अहसास होगा। 11 जिलों में आरेंज अलर्ट जारी भारतीय मौसम विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर, सोनीपत और पानीपत में आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। इस मौसम प्रणाली का असर हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के 70 से 90 प्रतिशत क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए। मंडियों में अनाज को तिरपाल या वेयरहाउस में ढककर सुरक्षित करें और कृषि कार्य मौसम के अनुसार ही करें। तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला 19.8 – 31.7     हिसार 16.6 – 32.4     करनाल 16.3 – 32.2     सोनीपत 14.7 – 33.1     जींद 15.9 – 32.2     यमुनानगर 17.3 – 30.6     मेवात 18.7 – 31.6     पानीपत 16.8 – 31.5     गुरुग्राम 19.2 – 33.3

अदालत का फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद, पीड़िता को मिला 4 लाख का मुआवजा

बिलासपुर. नाबालिक को भागकर दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को पास्को एक्ट के तहत 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है. तखतपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में जिला एवं जिला न्यायालय में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एफटीसी पास्को अधिनियम पीठासीन अधिकारी पूजा जायसवाल की अदालत ने आरोपी जयकुमार लहरे उर्फ कलुआ को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने 4 लाख पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है. न्यायालय ने इस घटना को अपराधिकृत मानते हुए टिप्पणी की है कि जिस समय नाबालिक पीडि़ता को भगा कर ले गया. अपराधी घटना की गई उसमें पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी. पीड़ित बच्चों के मन में उसके स्वास्थ्य विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है. न्यायालय ने कहा है कि आरोपी युवक का यह कृत्य पीड़ित बच्चों के मन पर घृणित कृत्य का प्रभाव आजीवन रहेगा. स्वास्थ्य विकास पर भी पड़ेगा. घटना के समय पीड़िता की आयु 18 वर्षों से कम थी. इसलिए हमारे पास उच्च न्यायालय के विवादित निर्णय को रद्द करने और ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बहाल करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. न्यायाधीश पूजा जायसवाल ने दोनों पक्षों की गवाही के बाद आरोपी जय कुमार लहरें को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई. साथ ही शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा नंदी ने पैरवी की है. ये है पूरी घटना  तखतपुर थाना क्षेत्र के पीड़िता के पिता ने 2024 को थाना तखतपुर में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिक पुत्री को 8 नवंबर 2024 की सुबह 11 बजे बिना बताए कहीं चली गई है और आज तक वापस नहीं आई है. पूछताछ के दौरान पतासाजी में रिश्तेदारी में पता चला कि किसी ने बहला-फुसलाकर कर उनकी नाबालिक बेटी को अपहरण करके ले गया है. पुलिस ने अपनी विवेचना में पाया कि आरोपी ने हीं नाबालिक को भगा कर ले गया है. मौका नक्शा तैयार कर घटनास्थल का निरीक्षण व नक्शा तैयार कर पीडि़ता के माता-पिता के बयान दर्ज करने के बाद विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी जयकुमार लहरे ने 22 नवंबर 2024 को ईंट भट्टा उत्तर प्रदेश में इसे बहला फुसलाकर कर भगाकर ले गया था. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ईंट भट्टा से नाबालिक को बरामद किया. पीड़िता का बयान दर्ज कर 13 नवंबर 2024 को आरोपी जयकुमार लहरे को धारा 180 बीएनएस से महिला थाना को प्रतिवेदन प्रेषित कर गिरफ्तार किया गया.

पुलिस थाने के सभी कर्मचारियों का अचानक ट्रांसफर, नशे के खिलाफ कार्रवाई में मिली कमी के कारण

बठिंडा. जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की ढीली कारगुजारी का मुद्दा एक मीटिंग में स्थानीय निवासियों और गांव की पंचायत ने उठाया, जिस पर सख्त एक्शन लेते हुए डी.आई.जी. जोन बठिंडा हरजीत सिंह ने सरकार के निर्देशों पर थाना सदर के अधीन कोटशमीर पुलिस चौकी का पूरा स्टाफ ट्रांसफर कर दिया। इस दौरान डी.आई.जी. हरजीत सिंह वे तत्काल प्रभाव से कोटशमीर पुलिस चौकी के इंचार्ज सहित 11 मुलाजिमों को मानसा जिले में ट्रांसफर करने के आदेश जारी कर दिए और चौकी में नया स्टाफ नियुक्त करने के लिए एस.एस.पी. को कहा गया। बलवंत गार्गी आर्डिटोरियम में हुई मीटिंग में संगठनों के पदाधिकारियों और चेयरमैनों से आगामी चुनाव की तैयारियों संबंधी फीडबैक लिया, जिसमें बठिंडा के गांव गुलाबगढ़ के सरपंच व पंचायत मैंबर्स ने अपने इलाके में बिक रहे नशे व इससे हो रही नौजवानों की मौत का मुद्दा उठाया। सरपंच लक्खा सिंह ने कहा कि गुलाबगढ़ व आसपास के ग्रामीण इलाकों में नशा सरेआम बिक रहा है। नशे के चलते कई नौजवानों की मौत हो चुकी है। हाल ही में गुलाबगढ़ में ही 2 मौतें हुई है। उन्होंने सदर पुलिस स्टेशन और कोटशमीर चौकी में लिखित शिकायत दर्ज करवाई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मीटिंग में डी.आई.जी. से बात की गई और उन्होंने इस मामले में तुरंत प्रभाव से पूरी चौकी में तैनात सभी 11 अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार अभियान जारी है, इसके बावजूद पुलिस कर्मी व अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो चिंता का विषय है व इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता।

यूपी में महिला ई-रिक्शा पायलटों की मुहिम, अयोध्या समेत 5 जिलों में हुआ आगाज

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई ऊंचाई देने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ के तहत प्रदेश में महिला ई-रिक्शा पायलटों की फौज तैयार की जा रही है, जिससे बालिकाओं और महिलाओं को विद्यालय, कार्यस्थल और अन्य जरूरी स्थानों तक सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक परिवहन मिल सकेगा। इस योजना के तहत शुरुआत में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 1000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कौशांबी और झांसी में इस सुविधा की शुरुआत कर दी गई है, जबकि लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, देवरिया, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में इसे जल्द शुरू किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल इसलिए भी खास है, क्योंकि इसका सीधा रिश्ता महिला सुरक्षा से जुड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं के लिए अब महिला चालकों द्वारा संचालित ई-रिक्शा सेवा बेहतर समाधान बनकर उभर रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के तकनीकी सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम ने अब तक प्रभावी परिणाम दिए हैं। पांच जनपदों में 119 महिलाओं को ई-रिक्शा देकर उद्यमी बनाया जा चुका है। वहीं, 629 महिलाओं को संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है और 244 महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराया गया है। इस पहल से जुड़ी महिलाएं अब सिर्फ वाहन ही नहीं चला रहीं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक धुरी भी बन रहीं हैं। योजना से जुड़ी महिलाओं की औसत वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक पहुंचने की बात इस मॉडल की सफलता को और मजबूत बनाती है। ‘सेफ मोबिलिटी’ का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है। इससे बेटियों की स्कूल तक पहुंच आसान होगी, कामकाजी महिलाओं का सफर सुरक्षित बनेगा, गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेंगी। महिला सुरक्षा, सम्मानजनक परिवहन और स्वरोजगार इन तीनों मोर्चों पर एक साथ असर डालने वाली यह पहल उत्तर प्रदेश को नई पहचान दे रही है। यही वजह है कि महिला सुरक्षा में यूपी अब मॉडल स्टेट के रूप में अपनी अलग छाप छोड़ता दिख रहा है और ई-रिक्शा महिला पायलटों की यह नई फौज गांवों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की तैयारी में है।

विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी की वारदात, प्रशस्ति पत्र और मेडल हुए लापता

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी आवास में चोरों ने सेंध लगा दी। चोरों ने आवास के स्टोर रूम का ताला तोड़कर अंदर रखे मेडल और प्रशस्ति-पत्र उठा ले गए। यह घटना 3 अप्रैल की बताई जा रही है। खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।  जानकारी के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले पर यह वारदात हुई। टीटी नगर पुलिस ने बंगले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि साफ-सफाई या अन्य काम के बहाने बंगले में आने-जाने वाले किसी बाहरी व्यक्ति का इस चोरी में हाथ हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। यह घटना इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यह एक वीआईपी इलाके में हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी रहती है। मंत्री आवास में इस तरह की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि चोर बेखौफ अंदाज़ में वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. जिस बंगले की सुरक्षा में गार्ड तैनात हों, वहां इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है. यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध का संकेत माना जा रहा है।  घटना के बाद सुरक्षा गार्ड ने टीटी. नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके. पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और हर एंगल से जांच की जा रही है।  पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है. जब एक मंत्री का बंगला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।  पुलिस के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के बंगले से ट्रॉफियां, मोमेंटो, शील्ड और प्रशस्ति-पत्र चोरी हुए हैं। स्टोर रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस को आरोपियों की शिनाख्त में परेशानी हो रही है। 

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सिम्स में ‘जेंडर फॉर हेल्थ’ विषय पर आयोजन, 100 से अधिक छात्रों ने लिया भाग

बिलासपुर विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सिम्स चिकित्सालय, बिलासपुर में “जेंडर फॉर हेल्थ” थीम पर एक व्यापक एवं जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं जेंडर समानता के महत्व को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान क्विज, पोस्टर मेकिंग एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, लैंगिक समानता एवं समाज में जागरूकता से जुड़े विषयों पर अपने विचार रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ समाज के निर्माण में सभी वर्गों की समान भागीदारी आवश्यक है। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम “जेंडर फॉर हेल्थ” के अनुरूप किया गया। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ, जिसमें स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में देशभर के सैकड़ों मेडिकल कॉलेजों में चल रही समान गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई, जिससे प्रतिभागियों को व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया एवं उनके प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर उपस्थित विशेषज्ञों ने छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सिम्स चिकित्सालय के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह एवं नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप की विशेष उपस्थिति रही। इसके साथ ही डॉ. हेमलता ठाकुर, डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. अर्चना सिंह  डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ. सचिन पांडे एवं डॉ. विवेक शर्मा सहित संस्थान के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

ईरान ने युद्ध के बीच भारत की कूटनीति की सराहना, विदेश नीति पर गर्व महसूस किया

नई दिल्ली ईरान ने भारत की कूटनीति की तारीफ की है। सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही का कहना है कि भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है। खास बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को अल्टीमेटम दे दिया है। वहीं, इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध और तेज होने के आसार हैं। हालांकि, ट्रंप का दावा है कि सोमवार को डील हो सकती है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इलाही ने कहा है, 'भारतीय कूटनीति बहुत अच्छी है और वे इस मुद्दे में अधिक बड़ी भूमिका भी निभा सकते हैं।' उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका और ईरान को युद्ध के बीच 1 महीने से ज्यादा समय हो गया है। विदेश नीति की भी हुई थी तारीफ कुछ दिनों पहले ही भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा, 'भारत निश्चित रूप से तनाव कम करने में एक प्रभावी और सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। ग्लोबल साउथ के एक प्रमुख देश के रूप में और अपनी संतुलित विदेश नीति के कारण, भारत तनाव कम करने और बातचीत को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक विशेष स्थान रखता है।' उन्होंने कहा, 'भारत के सभी पक्षों के साथ ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं, जो इसे गलतफहमियों को कम करने और राजनयिक रास्तों को मजबूत करने में एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाते हैं।' जयशंकर को मिलाया ईरानी विदेश मंत्री ने फोन भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बात की थी। उन्होंने जानकारी दी, 'ईरान के विदेश मंत्री अराघची का फोन आया। मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।' जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से भी रविवार को बात की थी। खबर है कि दोनों के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति और एनर्जी सप्लाई का मुद्द उठा था। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की। ट्रंप की धमकी ट्रंप ने रविवार को ईरान को सात अप्रैल तक का समय देकर कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला तो वह अब ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। उन्होंने सात अप्रैल 'मंगलवार' को 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' घोषित कर दिया है। उन्होंने पोस्ट किया है, ईरान में मंगलवार 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' होगा, सब कुछ एक साथ। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा। समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से गुजरता है। फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस रास्ते पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है। इससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गयी हैं। ट्रंप का 'इसे खोल दो' कहना इसी वैश्विक संकट को खत्म करने की अंतिम चेतावनी है।

एयरलाइंस को मिली राहत, केंद्र ने सब्सिडी की अवधि बढ़ाई, इंदौर-भोपाल समेत अन्य शहरों के जुड़ने की संभावना

उदयपुर उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर अब नई उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान योजना में वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। इससे एयरलाइंस कंपनियां की ओर से इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद और पुणे जैसे हाई-डिमांड रूट।  लंबे समय तक मिलने वाली सब्सिडी एयरलाइंस के लिए जोखिम कम करेगी और मेवाड़ को फिर से बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ सकती है। केंद्र सरकार की यह पहल उदयपुर के पर्यटन और मार्बल उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि राज्य सरकार चैलेंज मोड के तहत इन बंद रूट्स की डिमांड केंद्र को भेजती है तो इन रूट्स को प्राथमिकता मिल सकती है। एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि बड़े विमान और किफायती किराया मॉडल के साथ इन रूट्स पर पैसेंजर लोड और बढ़ सकता है। पहले से ही इन रूट्स पर करीब 80 फीसदी सीटें भरी जा रही थीं। जो इनके व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य होने का संकेत है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी लगातार इन फ्लाइट्स को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, जिससे केंद्र स्तर पर इस दिशा में पहल की संभावना और मजबूत हो गई है। ये रूट बंद हुए, यही प्राथमिकता पर     इंदौर रूट (29 मार्च 2026 से बंद) – इसी समर शिड्यूल में कनेक्टिविटी टूटी। व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से यह सबसे ज्यादा मांग वाला रूट था।     भोपाल एवं अहमदाबाद (पिछले शिड्यूल से बंद) – मध्य प्रदेश की राजधानी और गुजरात के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र से सीधा हवाई संपर्क कटा हुआ है। इससे यात्रियों को सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ रहा है।     पुणे रूट (2020 से बंद) – पिछले 6 सालों से सीधी उड़ान का इंतजार है। पुणे में रहने वाले हजारों मेवाड़ी छात्र और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए यह कनेक्टिविटी सबसे जरूरी है। भास्कर सुझाव – संशोधित उड़ान में बड़े विमान-सस्ता किराया यात्रियों का लोड बढ़ाने में रहेगा कारगार संशोधित उड़ान में बड़े विमान-सस्ता किराया का फार्मूला इन रूट्स पर पैसेंजर लोड बढ़ाने में कारगर हो सकता है। क्योंकि, अब 5 साल तक सरकार वित्तीय घाटे की भरपाई करेगी। इससे उनपर वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत सहित मेवाड़ के बड़े जनप्रतिनिधि इन बंद हुई इन फ्लाइट्स को वापस बहाल कराने की लगातार मांग कर रहे हैं। नए शिड्यूल पर सवाल – जो फ्लाइटें छीनी, उनमें था 80 फीसदी यात्रीभार टूरिस्ट सिटी उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी पिछले कुछ समय से लैंडिंग मोड पर चल रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि समर शिड्यूल में उदयपुर-भोपाल, उदयपुर-इंदौर और उदयपुर-अहमदाबाद के बीच चलने वाली जिन फ्लाइट्स का बंद किया गया, उनमें करीब 80 फीसदी सीट्स फुल चल रही थीं। वहीं, पुणे जैसा बड़ा आईटी और एजुकेशन हब तो साल 2020 से ही उदयपुर के हवाई नक्शे से गायब है। अभी मुंबई के लिए 6, दिल्ली 4 फ्लाइट, जयपुर 2, और बेंगलुरु व हैदराबाद के लिए 1-1 फ्लाइट का संचालन हो रहा है।