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पंडित धीरेंद्र शास्त्री की ऑस्ट्रेलिया यात्रा, संसद में भारतीय संस्कृति और विश्व शांति पर देंगे संबोधन

कैनबरा बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री 8 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया के आठ दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं. 8 से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस दौरे में वे ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इस बार उनका यह दौरा खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों से सनातन धर्म का संदेश देने वाले हैं।  इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव ऑस्ट्रेलियाई संसद में उनका संबोधन रहेगा. करीब दो घंटे के इस कार्यक्रम में वे सांसदों और अन्य अतिथियों को “अहिंसा परमो धर्म:” का महत्व समझाएंगे. आयोजकों के मुताबिक, यह पहला मौका होगा जब वे ऑस्ट्रेलिया की संसद में इस तरह से अपना विचार रखेंगे, जिसे एक बड़े वैश्विक मंच के रूप में देखा जा रहा है।  कैनबरा में आज संसद हॉल में होगा सत्संग ऑस्ट्रेलिया की संसद (पार्लियामेंट ऑफ ऑस्ट्रेलिया) में सत्संग करेंगे संबोधन भी करेंगे। यह संबोधन दोपहर 1:30 बजे होगा। राजधानी कैनबरा में आज बागेश्वर धाम सरकार पहली बार संसद हॉल में सत्संग करने जा रहे हैं। उनका यह खास सेशन कैनबरा में रहने भक्तों ने आयोजित किया है। संसद के इस हॉल में आयोजित होने वाला यह प्रवचन कार्यक्रम विश्व शांति, विश्व बंधुत्व और भारतीय आध्यात्म के नाम पर केंद्रित होगा। इस आयोजन में ऑस्ट्रेलियाई संसद से जुड़े प्रतिनिधि और अनेक इंडो ऑस्ट्रेलियाई अतिथि शामिल होंगे। सिडनी में 13 अप्रैल को करेंगे हनुमान कथा बागेश्वर धाम सरकार की ऑस्ट्रेलिया यात्रा का सबसे ऐतिहासिक आयोजन सिडनी में होगा। पंडित शास्त्री यहां 13 अप्रैल को पहुंचेंगे। इसी दिन सिडनी के हार्बर बीच पर एक समुद्री जहाज में भारतीय भक्तों की ओर से भजन क्लबिंग का आयोजन किया गया है। इस भजन क्लबिंग में धीरेंद्र शास्त्री भी शामिल होंगे। 14 अप्रैल को साउथ पार्लियामेंट में सत्र को करेंगे संबोधित बागेश्वर धाम सरकार 14 अप्रैल को सिडनी में स्थित साउथ पार्लियामेंट में आयोजित किए गए एक विशेष सत्र को भी संबोधित करेंगे। यहां ऑस्ट्रेलियाई राज्य व्यवस्था से जुड़े राजनेता और अनेक मतों से जुड़े धर्म एवं आध्यात्मिक हस्तियों के बीच उनका संबोधन और वैचारिक आदान प्रदान होगा। यहां बागेश्वर धाम सरकार विश्व के हालातों और वर्तमान चुनौतियों से दुनिया को बचाने के लिए भारतीय संस्कृति के अमूल्य सूत्रों पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होंगे कई गणमान्य लोग इस आयोजन में ऑस्ट्रेलियाई संसद से जुड़े प्रतिनिधि, इंडो-ऑस्ट्रेलियाई समाज के गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। यह आयोजन केवल प्रवचन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संस्कृतियों के संगम और आध्यात्मिक संवाद का एक अनूठा उदाहरण बनेगा। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पूरी यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को विश्वभर में स्थापित करने का एक सशक्त प्रयास है। इस अभियान के जरिए दिए जा रहे संदेश मानवता को जोड़ने और विश्व में शांति स्थापित करने की दिशा में नई प्रेरणा दे रहे हैं। सिडनी में 3 दिन का विशेष कार्यक्रम ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े और प्रमुख शहर सिडनी में उनका तीन दिन का विशेष कार्यक्रम तय किया गया है. यहां होने वाले आयोजनों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की भी भागीदारी रहेगी. कार्यक्रमों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।  क्रूज पर होगी कथा दौरे की एक और खास बात यह है कि सिडनी ओपेरा हाउस में किसी भारतीय आध्यात्मिक गुरु का यह पहला कार्यक्रम होगा. इसके अलावा एक क्रूज पर कथा का आयोजन किया जाएगा, जहां वे श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे और उसी दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से बातचीत भी करेंगे।  जयपुर के मूल निवासी करवा रहे कथा का आयोजन सिडनी के इन सभी कार्यक्रमों का आयोजन जयपुर के मूल निवासी और ऑस्ट्रेलिया में व्यवसाय कर रहे एनआरआई प्रवीण शर्मा द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस बार के कार्यक्रमों को लेकर सिर्फ भारतीय समुदाय ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह है. एक दर्जन से ज्यादा देशों से श्रद्धालु और अनुयायी इन आयोजनों में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच रहे हैं।  राजस्थान के 21 लोगों सहित भारत से 100 से ज्यादा लोग इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे।  ऑस्ट्रेलिया की संसद में देंगे संदेश आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के ऑस्ट्रेलिया टूर की यजमान टीम की सदस्य रितिका शर्मा और मोना शर्मा के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री का यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है. इस दौरान वह ऑस्ट्रेलिया की संसद और ओपेरा हाउस से दुनिया भर को अहिंसा और शांति का संदेश दे सकते हैं।  टीम के सदस्य पहले ही पहुंच चुके ऑस्ट्रेलिया एनआरआई प्रवीण शर्मा के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री की टीम के तमाम सदस्य कई दिनों पहले ही ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं. वहां की संसद में पहली बार उनका संबोधन होगा. इस मौके पर विभिन्न पंथों के कई दूसरे धर्मगुरु भी मौजूद रहेंगे. उनके कार्यक्रमों को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 

प्रदूषण नियमों की अनदेखी करने वाले कंक्रीट प्लांट पर बड़ी कार्रवाई, गुरुग्राम में सबसे बुरा हाल

गुरुग्राम राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के कड़े निर्देशों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बोर्ड ने पूरे राज्य में 370 से आरएमसी प्लांट को चिन्हित किया है। इनमें से 184 प्लांट बोर्ड की अनुमति से चल रहे हैं जबकि 186 बिना अनुमति के चल रहे हैं। पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन करने वाले 108 प्लांट पर आठ लाख रुपये से लेकर एक करोड़ 13 लाख तक जुर्माना लगाया गया है, जबकि 73 पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। हालांकि जिन प्लांट पर जुर्माना लगाया गया है। उनमें से अधिकतर प्लांट मालिकों ने अभी तक जुर्माना जमा नहीं किया है। ये भी पढ़ें एनजीटी ने यह आदेश एक शिकायत के आधार पर दिया था। एनजीटी को दी गई शिकायत में बताया गया था कि हरियाणा में प्लांट पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। अधिकतर प्लांटों ने बोर्ड से अनुमति भी नहीं ली। धूल नियंत्रण का कोई उपाय नहीं किया गया है। इससे वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जो इलाके में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन रहा है। इसके साथ ही भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है। इसके लिए किसी अथॉरिटी से स्वीकृति नहीं ली गई है। बोर्ड की ओर से पेश की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में इसे गंभीर समस्या माना गया। इसके बाद पूरे हरियाणा में इसकी जांच की गई और उल्लंघन करने वाले प्लांट पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए। आरएमसी प्लांट से ऐसे फैलता है प्रदूषण आरएमसी प्लांट एक रेडी-टू-यूज कंक्रीट बनाने वाली एक स्वचालित फैक्ट्री होती है, जो निश्चित अनुपात में कंक्रीट का मिश्रण बनाती है। इस प्लांट से धूल का उत्सर्जन ज्यादा होता है। इसमें सीमेंट, रेत और गिट्टी के खुले भंडारण, मिक्सिंग और लोडिंग के दौरान महीन धूल के कण हवा में फैलते हैं, जो सबसे प्रदूषक हैं। इसके अलावा ट्रकों और भारी वाहनों के आने व जाने से काफी धूल उड़ती है जिससे आसपास के क्षेत्रों की दृश्यता की काफी कम हो जाती है। वहीं, भारी मिक्सर, मशीनरी, जनरेटर और ट्रकों की आवाज के कारण आसपास के क्षेत्रों में तेज ध्वनि प्रदूषण होता है। पानी का भी खूब दोहन किया जाता है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा अवैध मिले आरएमसी प्लांट गुरुग्राम में 150 से ज्यादा आरएमसी प्लांट संचालित हो रहे हैं। इनमें से आधे से ज्यादा प्लांट बिना अनुमति के चल रहे थे। उनके पास बोर्ड की कोई अनुमति नहीं थी। इनमें से 60 प्लांट पर 80 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ तक जुर्माना लगाया गया है। अंबाला में कुल छह प्लांट है, जिनके पास स्वीकृति है। बल्लभगढ़ में कुल 21 प्लांट है। इनमें सिर्फ चार बिना प्लांट के चल रहे हैं। चारों प्लांट को सील कर दिया गया है। फरीदाबाद में कुल 23 प्लांट हैं। इनमें से नौ प्लांट पर कार्रवाई की गई है। यमुनानगर में 11 में से 9 प्लांट बिना स्वीकृति के संचालित हो रहे थे। इन पर कार्रवाई की गई है। बहादुरगढ़ में कुल 37 प्लांट है। इनमें से नौ पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है 

DC vs GT मैच में बारिश बन सकती है विलेन, जानें अरुण जेटली स्टेडियम के मौसम का हाल और पिच रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस आज एक दूसरे के खिलाफ आईपीएल 2026 में अपना-अपना तीसरा मैच खेलेंगे। शुभमन गिल की कप्तानी वाली जीटी टीम अपने शुरुआती दोनों मैच गंवा चुकी है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने अपने शुरुआती दोनों मैच में जीत हासिल की थी। आज का मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में है, लेकिन मैच से पहले बारिश की संभावना है। आईपीएल में पिछला मैच राजस्थान बनाम मुंबई भी बारिश से प्रभावित रहा। आज फिर बारिश मैच में विलेन बन सकती है, क्योंकि दिल्ली में बारिश की संभावना जताई गई है। दिल्ली बनाम गुजरात मैच में कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में आज बारिश की संभावना 40 प्रतिशत है, बादल छाए रहेंगे और मौसम पिच पर भी असर डालेगी। टॉस जीतने वाले कप्तान के लिए इस कंडीशन में पहले गेंदबाजी लेने का फैसला सही रहेगा। मौसम में नमी देखने को मिलेगी, जो बल्लेबाजी के लिए चुनौती पेश करेगा। मौसम को देखते हुए आज तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है, उन्हें सीम मूवमेंट मिलेगा। AccuWeather के अनुसार, 8 अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान 26°C और न्यूनतम तापमान 16°C रहेगा। इस दौरान बारिश की संभावना 40-45 प्रतिशत और ओस बिंदु 16°C रहेगा। सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक हल्की बारिश की आशंका है, लेकिन 12 बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदलेगा। दोपहर होते यानी 1 बजे तक 45 से 50 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया गया है। हालांकि, 4 बजे के बाद ये अनुमान करीब 20 प्रतिशत रह जाएगा। शाम करीब 6 से 7 बजे के दौरान 10-15 प्रतिशत बारिश के होने की आस है। ऐसे में माना जा रहा है बारिश की वजह से मैच में बाधा आना तय है। कहां देखें DC vs GT का लाइव मैच? दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात टाइटंस आज 7:30 बजे से शुरू होगा। टॉस 7 बजे होगा। मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर होगा, जबकि जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी। DC vs GT: दोनों टीमें इस प्रकार- Delhi Capitals IPL 2026 Full Squads- अक्षर पटेल (कप्तान), अभिषेक पोरेल, करुण नायर, केएल राहुल, नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विपराज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, बेन डकेट, औकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, पृथ्वी साव, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जादव मंडल, साहिल पारख। Gujarat Titans IPL 2026 Full Squads- शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, शाहरुख खान, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कैगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, पृथ्वी राज येरा, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, अरशद खान।

अडानी का अमेरिकी कोर्ट में बयान: ‘गड़बड़ी नहीं साबित हुई, केस रद्द किया जाए’

 नई दिल्ली अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिका में सिक्योरिटीज धोखाधड़ी का केस रद्द करने की मांग की है. गौतम अडानी की ओर से अमेरिका की कोर्ट में प्री-मोशन पत्र दाखिल कर यह दलील दी गई है कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी साबित नहीं होती है और यह अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में भी नहीं आता है. इसलिए अमेरिकन सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से दायर सिक्योरिटीज धोखाधड़ी के मुकदमे को खारिज किया जाए।  उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की ओर इसे लेकर कोर्ट में 30 अप्रैल को औपचारिक अर्जी दाखिल की जानी है. इससे पहले, प्री-मोशन पत्र दायर कर दिया गया है. अडानी के वकीलों ने इस पत्र के जरिये कहा है कि साल 2021 में अडानी ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की बॉन्ड बिक्री को लेकर अमेरिकन कमीशन के आरोप कानूनी तौर पर दोषपूर्ण हैं।  गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मामले में व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता, क्योंकि दोनों का अमेरिका से संबंध नहीं था और ना ही वह बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल ही थे. 75 करोड़ डॉलर के यह बॉन्ड अमेरिका के बाहर बिक्री किए गए थे. बॉन्ड्स की यह बिक्री रूल 144 ए और रेगुलेशन एस के तहत छूट का उपयोग करते हुए गैर-अमेरिकी अंडरराइटरों को की गई थी, बाद में इसका एक हिस्सा योग्य इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स को दोबारा बेचा गया था।  याचिकाकर्ता के वकीलों ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकन एक्सचेंज की शिकायत में यह नहीं बताया गया है कि गौतम अडानी ने बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी थी, मुख्य बैठकों में शामिल हुए थे या अमेरिकी निवेशकों को लक्ष्य कर किसी गतिविधि के निर्देश दिए थे. यह मामला अमेरिका की सीमा से बाहर का है. संबंधित सिक्योरिटीज अमेरिका में लिस्टेड नहीं हैं. इसे जारी करने वाली कंपनी भारत की है और यह पूरा काम भी भारत में ही हुआ है. अमेरिकी सिक्योरिटीज कानून लागू करने की जरूरी शर्त है घरेलू लेनदेन. अमेरिकी सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन यह साबित करने में फेल रहा है।  अडानी ग्रुप के वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया है और कहा है कि सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन ने किसी निवेशक को नुकसान होने के आरोप नहीं लगाए हैं. यह बॉन्ड 2024 में मैच्योर हो गए थे और ब्याज सहित इनका भुगतान भी कर दिया गया था. अडानी ग्रुप ने रिश्त के आरोप खारिज करते हुए कोर्ट में कहा है कि ये आरोप साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं. ग्रुप की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार रोधी नीतियां और कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा के जिन बयानों का अमेरिकन एसईसी हवाला दे रही है, वे सामान्य कॉर्पोरेट आशावाद है. निवेशक इन पर कानूनी तरीके से भरोसा नहीं कर सकता।  गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ी तो वे खुद भी प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होने के लिए तैयार हैं. अमेरिकन सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन ने नवंबर, 2024 में अडानी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. अमेरिकन एजेंसी का आरोप था कि निवेशकों को गुमराह किया गया. अमेरिकी एजेंसी ने यह केस अमेरिकी सिक्योरिटीज कानूनों के तहत दर्ज किया है।   

असमय वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी क्षतिपूर्ति, योगी सरकार का बड़ा फैसला

लखनऊ असमय वर्षा, ओलावृष्टि तथा कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बुधवार प्रातः इस संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में अन्नदाता का चिंतित होना स्वाभाविक है और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं किसानों से संपर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे अधिकतम राहत उपलब्ध हो सके। राजस्व विभाग को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से सहायता प्रदान की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां राहत शिविर स्थापित किए जाएं तथा मंडी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। अग्निकांड की घटनाओं पर विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनहानि एवं पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक किसान, कृषक परिवार एवं बटाईदार के साथ पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं ग्रामीण महिलाएं गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य रायपुर  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रभावी क्रियान्वयन से रायगढ़ जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, कौशल और सामाजिक पहचान भी प्रदान कर रही है। रायगढ़ जिले के ग्राम बड़ेभंडार की निवासी श्रीमती मथुरा कुर्रे इसकी उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें रिवॉल्विंग फंड एवं कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के तहत आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इस सहयोग से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों का बाजार में विक्रय कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं। इसी क्रम में ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की श्रीमती जमुना सिदार की कहानी भी प्रेरणादायक है। पूर्व में वे एक गृहिणी थीं, किन्तु बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्होंने टोकरी, सूपा एवं अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण प्रारंभ किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे वे अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, उद्यमिता और आत्मगौरव का अवसर भी प्रदान कर रहा है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। शासन के मंशानुरूप जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि समाज में एक सशक्त भूमिका भी निभा रही हैं। बिहान योजना आज जिले में महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

पुलिस महकमे में फेरबदल: चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर स्तर पर ट्रांसफर की लहर

चंडीगढ़. चंडीगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार कई इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती दी गई है। यह फेरबदल जनहित में किया गया बताया गया है।आदेश चंडीगढ़ पुलिस के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (मुख्यालय एवं पीईबी) कार्यालय से जारी किया गया है। सूची के अनुसार, इंस्पेक्टर राम दयाल को SHO सेक्टर-39 से इंस्पेक्टर एडमिन/IRBn, कुलविंदर कौर को AHTU, शादीलाल को SHO सेक्टर-34 और आशा शर्मा को PCC (हाईकोर्ट मॉनिटरिंग सेल अतिरिक्त प्रभार) में तैनात किया गया है। इसी तरह इंस्पेक्टर राम रतन को SHO सेक्टर-26, राजीव कुमार को SHO सेक्टर-39, उषा रानी को पुलिस लाइन, मिनी को आईटी पार्क थाना, और हरि ओम शर्मा को सेक्टर-31 थाना भेजा गया है। इसके अलावा रोहित कुमार को ट्रैफिक विंग, अशोक कुमार को SHO सेक्टर-SRP, एरम रिजवी को SHO सेक्टर-17, ज्ञान सिंह को CID और दया राम को RTC के साथ RI लाइंस का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रमोशन पर लगे अधिकारियों की नई तैनाती हाल ही में लोकल रैंक पर प्रमोट किए गए अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें इंस्पेक्टर तीरथ सिंह को PS-MM में A/SHO, सुधीर कुमार को PS-Crime, सुदेश कुमार को SHO सेक्टर-17, और बलजीत सिंह को PHQ में तैनात किया गया है। विशेष रूप से इंस्पेक्टर जसकरण सिंह को PP-ISBT-17 से SHO सेक्टर-MJ (मनीमाजरा) नियुक्त किया गया है, जबकि हरभजन सिंह को MOB ब्रांच के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। तुरंत प्रभाव से लागू आदेश पुलिस विभाग के अनुसार, यह सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है। इस फेरबदल को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से अहम कदम माना जा रहा है।

एग्जाम सेंटर पर बड़ी चूक: 4 शिक्षकों की ड्यूटी, मौजूद रहा सिर्फ एक- SDM सख्त

बिलासपुर. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में वार्षिक परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। 9 वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षा के लिए विद्यालय में कुल 4 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षा प्रारंभ होने के बाद केवल एक शिक्षक ही केंद्र पर मौजूद रहे. बाकी के शिक्षकों के विद्यालय नहीं पहुंचने से व्यवस्था प्रभावित हुई। कोटा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोगसरा में 9वीं और 11वीं का वार्षिक परीक्षा हो रही हैं, सोमवार को परीक्षा के लिए विद्यालय में कुल चार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षा प्रारंभ होने के बाद भी सुबह 9:30 बजे तक केवल एक शिक्षक कौशल कुरें ही केंद्र पर मौजूद रहे। बाकी के तीन शिक्षक विद्यालय में उपस्थित नहीं थे, जिससे परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होती नजर आई। ऐसे में पूरी परीक्षा व्यवस्था एक ही शिक्षक कौशल कुर्रे के भरोसे संचालित होती रही। इनके द्वारा अकेले ही बच्चों को प्रश्न उत्तर पुस्तिका का वितरण कर सभी बच्चों के कक्षाओं की देखरेख भी कर रहे थे। अभिभावकों और ग्रामीणों में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। ट्रेन से आना-जाना करते हैं शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में पदस्थ अधिकतर शिक्षक बिलासपुर में निवास करते हैं, जिससे शिक्षक रोजाना ट्रेन के माध्यम से खोंगसरा तक आते-जाते हैं। समय पर ट्रेन न मिलना या देरी होना सीधे तौर पर स्कूल की व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। यही वजह है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भी शिक्षक समय पर केंद्र तक नहीं पहुंच सके। इस मामले पर कोटा एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी, जानकारी सत्य पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

अब AI पढ़ाएगा बच्चों को: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति शुरू

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शुरू होने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पठन क्षमता, लेखन और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित एप्लीकेशन लागू करने की तैयारी की है। इसके जरिए बच्चों का स्तर समझने के बाद उनके समस्या के समाधान के लिए रणनीति बनाई जाएगी। इस पहल को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें योजना की रूपरेखा तय की गई। शुरुआत में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो जिलों में लागू किया जाएगा। सफल होने के बाद इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। इसके लिए 15 जिलों से करीब 200 घंटे का कंटेंट तैयार किया गया है। SCERT के प्रभारी संचालक जेपी रथ ने कहा कि स्कूली बच्चों की पठन क्षमता और समझ के साथ पढ़ने की क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने जा रहा है। वाधवानी एआई के सहयोग से विकसित ‘मौखिक धाराप्रवाह पठन (ORF) टूल’ के माध्यम से राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की पठन दक्षता का सटीक आकलन और उपचारात्मक सुधार किया जाएगा। क्या है ORF टूल और इसकी तकनीक? मनीष सिंह स्ट्रीट कोऑर्डिनेटर ने कहा ORF टूल एक वॉयस एआई मॉडल ASR (Automatic Speech Recognition) पर आधारित है। यह तकनीक बच्चों की आवाज को रिकॉर्ड कर उसे लिखित शब्दों (ट्रांसक्रिप्ट) में बदल देती है, जिससे शिक्षक केवल 2–3 मिनट में ही प्रत्येक बच्चे की पढ़ने की सटीकता और गति का आकलन कर सकते हैं। इस मॉडल को राज्य की भाषा और बच्चों की स्थानीय बोली के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए प्रदेश के 15 जिलों के 300 से अधिक स्कूलों से 200 घंटों का वॉयस डेटा एकत्रित किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पठन दक्षता : यह सुनिश्चित करना कि कक्षा 3-5 और 6-8 के सभी बच्चे धाराप्रवाह और समझ के साथ पढ़ सकें। बुनियादी साक्षरता : निपुण भारत मिशन के तहत तय किए गए पठन लक्ष्यों को प्राप्त करना। शिक्षकों का सहयोग : आकलन के समय को कम करना और सटीक परिणामों के आधार पर बच्चों के पठन स्तर की पहचान कर उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करना। कार्यान्वयन की चरणबद्ध योजना छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्तावित इस योजना को अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण- शिक्षकों को एआई टूल और सुधारात्मक विधियों का प्रशिक्षण देना। एकीकरण- इसे राज्य के मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि अलग से कोई ऐप डाउनलोड न करना पड़े। बेसलाइन आकलन- सत्र की शुरुआत में बच्चों के वर्तमान स्तर का मूल्यांकन। आकलन परिणाम- बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार चार समूहों में बांटना। सुधार के लिए सहयोग रिमेडिएशन- परिणामों के आधार पर शिक्षा विभाग विशेष शिक्षण कार्यक्रम चला सकता है। एंडलाइन आकलन- कार्यक्रम के अंत में प्रगति का मूल्यांकन करना। इस मॉडल को अन्य दो राज्यों राजस्थान और गुजरात में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इसे सभी जिलों और सभी स्कूलों में संचालित किया गया था, और इस टूल के माध्यम से 6.7 मिलियन बच्चों तक पहुंच बनाई गई थी। इसी सफलता के आधार पर अब छत्तीसगढ़ के स्कूलों में इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है।

RBI का ऐलान: इस बार भी रेपो रेट में ‘No Change’, EMI नहीं घटेगी

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी बैठक के नतीजे आ गए हैं और आरबीआई गवर्नर ने बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी. बीते फरवरी महीने की तरह इस बैठक में भी रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखा गया है, यानी इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इसका सीधा मतलब है कि आपके होम लोन या कार लोन की ईएमआई पर कोई भी असर नहीं होगा, न तो ये घटेगी और न ही ये बढ़ेगी।  गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए आगे कहा कि समिति ने न्यूट्रल रुख बनाए रखा है. रेपो रेट को यथावत रखने के साथ ही SDF 5%, MSF 5.50% पर स्थिर हैं. इसके अलावा FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान जाहिर किया है।  2025 में हुई थी दनादन कटौती बता दें कि बीते साल 2025 में आरबीआई ने एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती कर लोन लेने वालों को तोहफा दिया था और Repo Rate में कुल 125 अंकों की कटौती की गई थी. लेकिन इस साल की पहली बैठक फरवरी में हुई थी और उसमें कटौती के सिलसिले पर ब्रेक लगा था और इस बार फिर इसमें कोई बदलाव न करते हुए केंद्रीय बैंक ने 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा था. पहले से ही ज्यादातर अर्थशास्त्री Repo Rate Unchanged रहने का अनुमान जाहिर कर रहे थे।  कैसे EMI पर असर डालता है रेपो रेट?  रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक तमाम बैंकों को कर्ज देती है. इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी किया जाता है. जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है, जिससे आम जनता के लिए होम लोन या ऑटो लोन की EMI बढ़ जाती है।  इस रफ्तार से भागेगी इंडियन इकोनॉमी आरबीआई की ओर से देश की जीडीपी ग्रोथ को लेकर भी अनुमान जाहिर किए गए हैं. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि  FY26 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6% रखा गया है. जबकि  FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान है. पहली तिमाही के लिए इसे कम करते हुए 6.8% किया गया है।  महंगाई को लेकर ये अनुमान Indian GDP के साथ ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा महंगाई का अनुमान भी जाहिर किया. उनके मुताबिक, 2027 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) 4.6% किया गया है. उन्होंने FY27 की पहली तिमाही में CPI बेस्ड महंगाई 4% रहने का अनुमान जताया है, जबकि दूसरी तिमाही के लिए इसे 4.4% किया गया है. इसके अलावा तीसरी तिमाही (Q3) के लिए महंगाई बढ़ने की आशंका जताई गई है और अनुमान को 5.2% किया गया है।  'भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत' मिडिल ईस्ट युद्ध और ग्लोबल टेंशन के अलावा डॉलर के मजबूत होने, क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा होने को लेकर बात करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ग्लबोल टेंशनों से दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा असर पड़ा, लेकिन भारत में इसका कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला है. दुनियाभर के शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल देखने को मिली. उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं. ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।