samacharsecretary.com

सीएम योगी का बयान: सनातनी एकजुट हों तो हिंदू विरोधी षड्यंत्र नहीं कर सकते भारत का कुछ भी

सनातनी एकजुट हों तो हिंदू विरोधी षड्यंत्र करने वाले भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगेः सीएम योगी संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1916 में राष्ट्रपिता ने बताई थी काशी की दुर्दशा, आज 50 हजार लोग एक साथ कर सकते हैं बाबा विश्वनाथ के दर्शन: योगी संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते, हमारी सरकार ने ही संभल को संभालाः मुख्यमंत्री मथुरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों की उपस्थिति में सनातन समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। रामनगरी का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि 2017 के पहले अयोध्या में तीन घंटे बिजली मिलती थी। जय श्रीराम बोलने पर लड्डू नहीं, डंडे-लाठियां मिलती थीं। गलियां संकरी थीं और भवन जर्जर। आवागमन के साधन भी सीमित थे, लेकिन आज अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कराती है। पूज्य संत एक मंच पर आए, एक स्वर में बोले तो 500 वर्ष का कलंक मिट गया और अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो गया। जब संतों की एकता में इतनी शक्ति है तो सभी सनातनी एकजुट होकर ताकत का अहसास कराना प्रारंभ कर दें तो कोई भी विधर्मी और विधर्मी की आड़ में उनकी जूठन खाकर हिंदू विरोधी षड्यंत्र करने वाले भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित श्रीसीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव कार्यक्रम में वृंदावन पहुंचे। श्रीमलूकपीठ आश्रम में मुख्यमंत्री ने दर्शन-पूजन किया, फिर गोपूजन कर गायों को गुड़ खिलाया।  किसी का भी हित सनातन व देशहित से बड़ा नहीं हो सकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिना रुके, थके, डिगे, झुके इस यात्रा को चरैवेति-चरैवेति के संकल्प के साथ निरंतर बढ़ाना होगा। व्यक्तिगत स्वार्थ भारत राष्ट्र और सनातन धर्म के मार्ग में बाधा नहीं बनना चाहिए। मेरा हित सनातन व देशहित से बड़ा नहीं हो सकता। पूज्य संतों ने जब व्यक्तिगत, आश्रम, संप्रदाय व पंथ हित को एक तरफ रखकर सनातन हित के बारे में सोचना प्रारंभ किया, तब यह व्यापक जागृति, दिव्य तेज, चमत्कार देखने को मिला। कई पीढ़ियां चली गईं, लेकिन राम मंदिर का दर्शन नहीं कर पाईं। हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है, जो अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन, जन्मभूमि की मुक्ति, श्रीराम मंदिर निर्माण और फिर भव्य प्राण-प्रतिष्ठा की साक्षी बनी। 1528 में राम मंदिर को बाबर के सिपहसालार मीर बांकी ने तोड़ा था। 500 वर्ष पूरे भी नहीं हुए और हमने भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया। यही भारत का गौरव है और यह तब होता है, जब संतों का आशीर्वाद और सशक्त नेतृत्व होता है। डबल इंजन की स्पीड होती है तो ताकत भी देखने को मिलती है।  हमारी सरकार ने संभल को संभाला मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में 1526 में श्रीहरिहर मंदिर को बाबर की औलादों ने तोड़ा था। वहां 67 तीर्थ, 19 कूप थे, सब कुछ मिट गया था। 1976-78 में दंगे हुए, सैकड़ों हिंदुओं को मार दिया गया। 1995-96 में सपा सरकार में दरिंदों के मुकदमे वापस कर दिए गए। मुझे उस परिवार का एक सदस्य मिला। उसने बताया कि हमारी प्रॉपर्टी को लूट लिया गया। हम दिल्ली भागकर जान बचा रहे हैं। तब मैंने उनसे कहा कि कागज लेकर आओ, आपकी प्रॉपर्टी पर फिर से कब्जा कराएंगे। हमारी सरकार ने 84 कोसी परिक्रमा के लिए पैसा दिया। प्रशासन से कहा कि टू-लेन सड़क, सराय, धर्मशाला बनाओ और यात्रा प्रारंभ कराओ। 67 तीर्थों व 19 कूपों से कब्जे हटवाए।  संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते सीएम योगी ने संत राजेंद्रदास जी महाराज के कथन का जिक्र करते हुए कहा कि मलूकदास जी ने चार मुगल बादशाहों (अकबर, जहांगीर, शाहजहां व औरंगजेब) के कालखंड की क्रूरता को देखा। भारत के संतों की दिव्य परंपरा कभी किसी विधर्मी के सामने अपने मूल्यों व आदर्शों से विचलित नहीं होती। उन्होंने उस समय जिस चेतना को जागरूक किया, आज का आध्यात्मिक व सांस्कृतिक भारत उसी पर आधारित है।  गोस्वामी तुलसीदास ने कहा था, भारत के राजा एक ही– प्रभु श्रीराम सीएम ने संत तुलसीदास की चर्चा की और कहा कि अकबर के नवरत्न उन्हें लालच देकर अकबर व मुगल बादशाहों के पास ले जाना चाहते थे, लेकिन संत तुलसीदास ने कहा कि मैं किसी बादशाह को नहीं जानता-पहचानता। भारत के राजा एक ही हैं। रामलीला में हम आज भी यही कहते हैं कि राजा रामचंद्र जी की जय। मुगलकालखंड में यह नारा संत तुलसीदास ने दिया था, यानी भारत का राजा कोई विधर्मी नहीं हो सकता। भारत के एक ही सनातन राजा हैं, वह हैं प्रभु श्रीराम, उनके अलावा कोई नहीं। तुलसीदास जी को गरीण ब्राह्मण कहने वालों पर सीएम ने तंज कसा और कहा कि उनसे बड़ा धनी कौन था, जिसने सबसे बड़े बादशाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। रामलीलाओं के माध्यम से उन्होंने भारत में जिस जनचेतना को जागरूक किया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा बनी। श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत महापुराण, शिव महापुराण की कथा भारत की कथा मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत महापुराण, शिव महापुराण की कथा भारत की कथा है। कोई फिल्म बनती है तो दो-चार, 10-15 दिन चलती है, फिर लोग भूल जाते हैं। लेकिन भारत की दिव्य चेतना, आध्यात्मिक-सांस्कृतिक प्रभाव है कि संतों की कथा में लाखों श्रद्धालु उपस्थित होते हैं। हर सनातन धर्मावलंबी जानता है कि अगला प्रसंग कौन सा आने वाला है, फिर भी कथा व्यास इन प्रसंगों के साथ समसामयिकता को जोड़कर मजबूती के साथ प्रस्तुत करते हैं तो लाखों श्रद्धालु घंटों बैठकर उसे श्रवण-अंगीकार करते हैं और उससे जीवन पथ को आलोकित करते हुए आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।  हर गांव में रामलीला, जाति या मत-संप्रदाय का भेद नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर तक उत्तर भारत के हर गांव में देर रात तक रामलीला होती है। इसमें सरकार सहयोग नहीं करती। गांव के लोग ही चंदा एकत्र करते हैं। रामलीला के पात्र भी गांव के लोग बनते हैं। पूरा गांव एकजुट होकर रामलीला का मंचन करता है और इसके संवाद के माध्यम से श्रीराम के साथ अपना तारतम्य स्थापित करता है। उसमें जाति, मत, संप्रदाय का भी भेद नहीं होता है। एक जगह पर पुरुष, महिला, … Read more

अब गांव से शहर तक आसान हुआ सफर, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना बनी ग्रामीणों के लिए वरदान

नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदली तस्वीर, अब गांव से शहर तक आसान हुआ सफर अब गांव से शहर तक आसान हुआ सफर, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना बनी ग्रामीणों के लिए वरदान नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदली तस्वीर, अब गांव से शहर तक पहुँचना हुआ आसान रायपुर कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को विवश थे, आज वही ग्रामीण निर्भय होकर शहरों तक आवागमन कर रहे हैं। माओवाद के खात्में और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने के साथ-साथ शासन की जनहितकारी योजनाओं ने सुकमा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है। इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के रूप में सामने आया है, जिसने वनांचल और अंदरूनी क्षेत्रों के जनजीवन को नई गति प्रदान की है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम सहित आसपास के गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना सहज और सुरक्षित हो गया है। पूर्व में ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ग्राम लखापाल के निवासी श्री कूड़ाम जोगा बताते हैं कि बस सेवा प्रारंभ होने से पहले चिंतलनार तक पैदल जाना उनकी मजबूरी थी। कई बार बस छूट जाने के कारण पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था और आवश्यक कार्य अधूरे रह जाते थे। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा प्रारंभ होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत संचालित बस सेवा अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के समीप से गुजर रही है। इससे ग्रामीण अब आसानी से बस के माध्यम से दोरनापाल पहुंचकर अपने दैनिक कार्य समय पर पूर्ण कर रहे हैं और उसी दिन सुरक्षित वापस भी लौट पा रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों एवं श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। जहां पहले नक्सलियों के भय के कारण ग्रामीणों का बाहर निकलना भी कठिन था, वहीं अब सुरक्षा वातावरण में सुधार के चलते वे निर्भय होकर रोजगार, व्यापार, शिक्षा और उपचार के लिए शहरों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बस सुविधा ने न केवल आवागमन को सुगम बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है। इरकमपल्ली निवासी श्री मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिला है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के अनुसार, पूर्व में नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 5 ‘हक्कुम मेल’ बसें भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। बस संचालन को प्रोत्साहित करने हेतु शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है तथा तीन वर्षों के लिए रोड टैक्स में छूट भी दी गई है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सुकमा जिले के ग्रामीण अंचलों में विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन चुकी है। नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर यह क्षेत्र अब प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहां हर सफर अब नई संभावनाओं की ओर ले जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम, तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद समेत इक्यावन जिलों में बुधवार को तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इतना ही नहीं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। ऐसा मौसम विभाग का पूर्वानुमान है। भारतीय मौसम विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने चेतावनी जारी किया है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस.एन. सुनील पांडेय ने बताया कि मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए आंधी, हल्की बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, 8 अप्रैल की सुबह तक प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में हल्की गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, संत रविदास नगर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, ललितपुर, झांसी, इटावा, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, देवरिया, अयोध्या, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली और पीलीभीत सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, खुले स्थानों पर खड़े न रहने तथा आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी फसलों और कटाई कार्य को लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है।  

त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 आज से

त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 आज से  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ, वैज्ञानिकों को भी करेंगे सम्मानित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में होगा आयोजन, तकनीकी सत्रों में शामिल होंगे देश के नामचीन कृषि वैज्ञानिक व विशेषज्ञ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ, वैज्ञानिकों को मिलेगा सम्मान लखनऊ उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) की ओर से बुधवार से त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन होगा। 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे। ट्रांसफॉर्मिंग एग्रीकल्चर फॉर विकसित कृषि- विकसित भारत@ 2047 विषयक छठवीं उप्र कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में होगा।  यह जानकारी “उपकार” के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने दी। समारोह में उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना (2025-26) के अंतर्गत चयनित 15 वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई तकनीकी सत्र भी होंगे, जिसमें अनेक कृषि वैज्ञानिक व विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे।  उद्घाटन समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन (सेवानिवृत्त) विकास गुप्ता आदि मौजूद रहेंगे।

डीएम को फोन पर दी घेरकर मारने की धमकी, किसान यूनियन का प्रदेश सचिव चढ़ा पुलिस के हत्थे, भेजा गया जेल

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में जिलाधिकारी को फोन पर धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि पूरनपुर मंडी आने पर जिलाधिकारी को घेरकर मारपीट करने की धमकी भी दी. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जानकारी के अनुसार 6 अप्रैल को कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में बर्ड फ्लू की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक चल रही थी. इसी दौरान उनके सीयूजी नंबर पर एक कॉल आई, जिसे उनके आशुलिपिक ने रिसीव किया. फोन करने वाले ने खुद को बलजिंदर सिंह बताया और गेहूं खरीद को लेकर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. आरोपी ने कहा कि यदि डीएम पूरनपुर मंडी आए तो उसे घेरकर मारा जाएगा और यह बात रिकॉर्ड कर लेने की भी बात कही. हैरानी की बात यह रही कि आरोपी ने खुद इस कॉल की रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की. तहरीर के आधार पर पूरनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपी बलजिंदर सिंह, निवासी मुझा कला, को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी खुद को किसान यूनियन (अन्नदाता गुट) का प्रदेश सचिव बताता है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि कॉल के दौरान अभद्र भाषा और धमकी दी गई थी. जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया है. घटना के बाद आरोपी का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह माफी मांगता नजर आ रहा है. उसने कहा कि उसके पिता कई दिनों से गेहूं बेचने के लिए केंद्र पर परेशान थे, इसी तनाव में उससे गलत शब्द निकल गए. इधर, इस घटना के बाद पूरनपुर मंडी में हलचल बढ़ गई है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर पहुंचे. वहीं थाने के बाहर किसान नेताओं की भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने नारेबाजी भी की. किसानों का आरोप है कि जिले में गेहूं की सरकारी खरीद न होने से वे परेशान हैं हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी को धमकी देना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

शासन की योजनाओं से बदला जीवन, पीएम आवास और उज्ज्वला से मिला ग्रामीणों को सहारा

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संवरा जीवन,पीएम आवास, उज्ज्वला और महतारी वंदन से मिला संबल रायपुर शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में न केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि आमजन के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय भी जोड़ रही हैं। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड पामगढ़ के ग्राम लोहर्सी की निवासी श्रीमती ज्योति कश्यप की जीवन यात्रा परिवर्तन की एक प्रेरक मिसाल है। कभी अभाव और कठिनाइयों से जूझ रही श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन आज शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पूरी तरह बदल चुका है। पूर्व में उनका कच्चा मकान हर मौसम में चुनौती बन जाता था। वर्षा के दौरान छत टपकना, घर में पानी भरना और असुरक्षित वातावरण में रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। इसके साथ ही लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते समय उठने वाले धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं उनके स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही थीं। परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव तब आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। उन्होंने आशा और विश्वास के साथ आवेदन किया और आवास स्वीकृत होने के बाद उनके जीवन में जैसे नई रोशनी का संचार हुआ। पक्के मकान के निर्माण से अब उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में निवास कर रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्त होने से उनकी रसोई धुएं से मुक्त हो गई है, जिससे स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ समय और श्रम की भी बचत हो रही है। श्रीमती ज्योति कश्यप के जीवन में आत्मनिर्भरता का एक नया आयाम महतारी वंदन योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत प्रतिमाह प्राप्त होने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि से वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर पा रही हैं। जहां पहले उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं। आज श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं यदि सही पात्र तक पहुंचें, तो वे न केवल जीवन स्तर को सुधारती हैं, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊंचाई प्रदान करती हैं।

एक जिला एक उत्पाद योजना से आई नई उम्मीद, अदरक की खेती से दोगुना मुनाफा

एक जिला एक उत्पाद योजना से बदली तस्वीर अदरक की खेती से दोगुना मुनाफा कमाया रायपुर  सरकार की “एक जिला एक उत्पाद” योजना अब धरातल पर किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी क्रम में बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम बघमरा के युवा प्रगतिशील किसान श्री आकाश चंद्राकर ने अदरक की खेती के माध्यम से सफलता की एक नई मिसाल प्रस्तुत की है। पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ते हुए आकाश चंद्राकर ने “एक जिला एक उत्पाद” योजना से प्रेरित होकर अपने लगभग ढाई एकड़ खेत में अदरक की खेती की शुरुआत की। वैज्ञानिक पद्धतियों और बेहतर प्रबंधन के साथ की गई इस खेती से उन्हें उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हुआ। साथ ही बाजार में अदरक की अच्छी मांग के कारण उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिला, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों को प्रोत्साहित करने और खेती की लागत को कम करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत आकाश चंद्राकर को लगभग 49 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें आधुनिक कृषि संसाधन जुटाने, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं तकनीकों का उपयोग करने में सहायता मिली, जिसका सीधा लाभ उत्पादन और गुणवत्ता में दिखाई दिया। आकाश चंद्राकर बताते हैं कि अदरक की खेती उनके लिए समृद्धि का नया द्वार बनकर आई है। शासन से प्राप्त अनुदान ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें बेहतर उत्पादन हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। “एक जिला एक उत्पाद” के अंतर्गत अदरक को चयनित किए जाने के बाद जिले के अन्य किसान भी इस नगदी फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पारंपरिक फसलों की तुलना में अदरक से प्राप्त अधिक शुद्ध लाभ ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। जिला प्रशासन बालोद और उद्यानिकी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सलाह एवं अनुदान से खेती अब घाटे का सौदा नहीं, बल्कि लाभ का माध्यम बनती जा रही है। श्री चंद्राकर ने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन की इस पहल से बालोद जिला अदरक उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

संघर्ष और भटकाव के बाद मनकू कड़ती की एक नई यात्रा की शुरुआत

संघर्ष और भटकाव के बाद मनकू कड़ती की नई शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में बदलाव की कई कहानियां उभर रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी है बीजापुर जिले के छोटे से गांव चेरली के युवक मनकू कड़ती की, जिनका जीवन संघर्ष, भटकाव और फिर सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बनकर सामने आया है। बीजापुर जिले के चेरली गांव में जन्मे मनकू कड़ती का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता। गरीबी, असुरक्षा और सीमित संसाधनों के बीच उनका परिवार लगातार चुनौतियों से जूझता रहा। पारिवारिक स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई, जब उनके पिता को जेल जाना पड़ा। इस घटना ने मनकू के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला और उनका बचपन अभाव और अस्थिरता के माहौल में बीता। इन्हीं परिस्थितियों और नकारात्मक माहौल के प्रभाव में मनकू धीरे-धीरे भटकाव की ओर बढ़ने लगे। उन्हें लगा कि गलत रास्ता ही उन्हें पहचान और सुरक्षा दिला सकता है। हालांकि, उनके भीतर एक द्वंद्व लगातार बना रहा। क्या यही उनका भविष्य है ? यह सवाल उनके मन में बार-बार उठता रहा। समय के साथ मनकू के भीतर आत्मचिंतन की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने महसूस किया कि हिंसा और भय के रास्ते पर चलकर वे अपने जीवन को अंधकार की ओर ले जा रहे हैं। यही एहसास उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने ठान लिया कि अब वे अपनी दिशा बदलेंगे और एक नई शुरुआत करेंगे। अप्रैल 2025 में मनकू कड़ती ने साहसिक कदम उठाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन यही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सही फैसला साबित हुआ। इस कदम ने उनके लिए मुख्यधारा में लौटने और एक सम्मानजनक जीवन जीने के रास्ते खोल दिए। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने ट्रैक्टर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण लिया, जहां उन्होंने न केवल भारी मशीनों का संचालन सीखा, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास को भी अपने जीवन में अपनाया। निरंतर मेहनत और सीखने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाया।  आज मनकू कड़ती एक बदले हुए इंसान के रूप में सामने आए हैं। वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं और समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जहां पहले उनके जीवन में डर और अस्थिरता थी, वहीं अब आत्मविश्वास और नई उम्मीद ने जगह ले ली है। मनकू कड़ती के जीवन की यह नई शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियों और गलत दिशा में बढ़ते कदमों के बावजूद, यदि व्यक्ति दृढ़ निश्चय कर ले तो जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

गुवाहाटी में चला यशस्वी का जादू, बुमराह और चाहर के खिलाफ बनाया खास प्लान, राजस्थान की जीत की हैट्रिक

गुवाहाटी  आईपीएल 2026 का 13वां मुकाबला मंगलवार को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम, गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और मुंबई इंडियंस (एमआई) के बीच खेला गया। बारिश की वजह से 11-11 ओवर के इस मैच में एमआई को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा। आरआर की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पावरप्ले के लेकर क्या था राजस्थान रॉयल्स का प्लान? यशस्वी जायसवाल ने मैच के बाद कहा, 'पावरप्ले सिर्फ 3 ओवर का था, तो मैं सोच रहा था कि किस गेंदबाज को टारगेट किया जा सकता है। दीपक चाहर पहला ओवर लेकर आए, तो मैंने उन्हें टारगेट करने का प्लान बनाया। इसके बाद वैभव ने जसप्रीत बुमराह पर चार्ज किया।' वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में क्या बोले यशस्वी जायसवाल जायसवाल ने कहा, 'मैच के दौरान वह पूरी तरह खेल में डूबे रहते हैं और लगातार यह सोचते हैं कि कौन से शॉट खेलने हैं और किस गेंदबाज के खिलाफ आक्रामक होना है। वह लगातार नए शॉट्स पर काम करते हैं और अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढालने की कोशिश करते हैं। किसी समय खास शॉट खेलने की जरूरत होती है, तो वह बिना हिचक उसे खेलने की कोशिश करते हैं। साथ ही हर स्थिति को समझकर खेलते हैं और टीम की जरूरत के मुताबिक अपना गेम बदलते हैं।' जायसवाल ने अपने ओपनिंग साझीदार वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए कहा, 'वह शानदार खेल रहा है और काफी मेहनत कर रहा है। हम दोनों एक दूसरे से बात करते रहते हैं और एक-दूसरे को सकारात्मक संदेश देते रहते हैं। मैं वैभव को किसी तरह का दिशा-निर्देश नहीं देता। वह खुद समझदार खिलाड़ी हैं और खेल को अच्छी तरह समझते हैं। वह अपने खेल का आनंद ले रहा है।' राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियंस मैच में क्या-क्या हुआ?     मैच की बात करें तो मुंबई ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया था। आरआर ने सलामी बल्लेबाजों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल की विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर 3 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाए थे।     वैभव सूर्यवंशी 14 गेंदों पर 5 छक्कों और 1 चौके की मदद से 39 रन बनाकर आउट हुए। यशस्वी जायसवाल 32 गेंदों पर 4 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 77 रन बनाकर नाबाद रहे।     151 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एमआई कभी जीत की ओर जाती हुई नहीं दिखी। एमआई 11 ओवर में 9 विकेट पर 123 तक पहुंच सकी और 27 रन से मैच हार गई।     आरआर के लिए जोफ्रा आर्चर और तुषार देशपांडे ने 1-1, जबकि नांद्रे बर्गर-संदीप शर्मा और रवि बिश्नोई ने 2-2 विकेट लिए।    

IPL 2026: यशस्वी के 100 छक्के और 15 साल के वैभव की बेखौफ बैटिंग, पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुँची RR

नई दिल्ली  राजस्थान रॉयल्स (आरआर) ने बारिश से प्रभावित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (एमआई) के खिलाफ 27 रन से जीत दर्ज की। इसी के साथ आरआर ने इस सीजन में जीत की हैट्रिक लगा दी है। यह टीम पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंच गई है। वहीं, सातवें पायदान पर मौजूद एमआई को दूसरे मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। बारिश के चलते मैच की पहली गेंद रात 10 बजकर 10 मिनट पर फेंकी गई। इस दौरान 9-9 ओवरों की कटौती हुई। हालांकि इस मैच में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी काफी ज्यादा लाइमलाइट में रहे। उन्होंने 14 गेंद में 39 रन बनाए। इसके अलावा महान तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पहली बार खेलते हुए पहले ओवर में ही 2 छक्के लगा दिए। लेकिन इस सब के बीच यशस्वी जायसवाल को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने मुंबई इंडियंस की जमकर धुनाई की है। यशस्वी जायसवाल ने आरआक के लिए अकेले बनाए 50 प्रतिशत से ज्यादा रन राजस्थान रॉयल्स के ओपनर यशस्वी जायसवाल ने मुंबई इंडियंस की हालत खराब कर दी। 11-11 ओवर के हुए मैच में राजस्थान ने टॉस गंवाकर पहले बैटिंग करते हुए 3 विकेट पर 150 रन ठोक दिए थे। इसमें से 77 रन यशस्वी जायसवाल के बल्ले से आए थे। यानी आरआर के लिए मुंबई के खिलाफ 50 प्रतिशत से ज्यादा रन यशस्वी जायसवाल ने बनाए थे। वह अंत तक नाबाद भी रहे थे। उन्होंने अपनी 32 गेंद की पारी में 10 चौके और 4 छक्के उड़ाए थे। इस पारी में उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड भी बनाया है। जायसवाल ने आरआर के लिए 100 छक्के पूरे कर लिए हैं। वह राजस्थान रॉयल्स के लिए 100 छक्के लगाने वाले सिर्फ चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। जायसवाल के सिर पर ऑरेंज कैप यशस्वी जायसवाल आईपीएल 2026 में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अब तक 3 मैचों में 2 फिफ्टी के चलते 170 रन बनाए हैं। उनके पास इस वक्त ऑरेंज कैप है। उनके ठीक पीछे 160 रन के साथ दिल्ली कैपिटल्स के समीर रिजवी हैं।