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मध्य प्रदेश की नर्सिंग भर्ती में 100% महिला आरक्षण पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, सरकार से पूछा- जेंडर भेदभाव क्यों?

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में महिलाओं को सौ प्रतिशत आरक्षण देने को चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने सरकार से पूछा है कि जेंडर के आधार पर भेदभाव क्यों किया जा रहा है। दरअसल, प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर 800 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मामले पर अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। संतोष कुमार लोधी सहित कई अन्य पुरुष अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हाल ही में जारी नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने बताया कि कर्मचारी चयन मंडल द्वारा दो अप्रैल, 2026 को जारी विज्ञापन (नर्सिंग ऑफिसर व सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा-2026) में नर्सिंग आफिसर के सौ प्रतिशत पद केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। पुरुष अभ्यर्थी पूरी तरह से वंचित हो गए इससे योग्य पुरुष अभ्यर्थी आवेदन करने से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। दलील दी गई कि मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023 के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पद के लिए कोई लिंग-आधारित प्रतिबंध नहीं है। मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन में किया गया यह प्रविधान वैधानिक नियमों के विपरीत है। 100 प्रतिशत पदों पर आरक्षण को हटाया जाए तर्क दिया गया है कि पुरुष और महिला दोनों एक ही पाठ्यक्रम (बीएससी नर्सिंग/जीएमएम) पढ़ते हैं और उनके पास समान योग्यता व पंजीकरण होता है। केवल जेंडर के आधार पर सार्वजनिक रोजगार से पूर्णतः बाहर करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन है। मांग की गई है कि विज्ञापन के उस हिस्से को निरस्त किया जाए जो 100 प्रतिशत पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित करता है।  

मार्क जकरबर्ग ने बदली टीम और रणनीति, ‘म्यूज स्पार्क’ के जरिए AI की रेस में सबसे आगे निकलने की तैयारी

फेसबुक की पेरेंटल कंपनी मेटा ने बुधवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की इंडस्ट्री में बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने नए AI मॉडल को लॉन्च किया है, जिसका नाम म्यूज स्पार्क है. यह कंपनी के न्यू AI डिविजन का बनाया नया प्रोडक्ट है, जिसको लेकर कंपनी ने बीते करीब एक साल में बड़े स्तर पर इनवेस्टमेंट की है. लॉन्चिंग से पहले इस प्रोजेक्ट को इंटरनल नाम दिया गया था, जो 'एवोकाडो' था. अब म्यूज स्पार्क को मेटा के स्टैंडअलोन AI ऐप पर लॉन्च कर दिया है. अब आने वाले दिनों में इसको को मेटा के ऐप के लिए जारी किया जाएगा, जिसमें वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और मेटा एआई स्मार्ट ग्लास के नाम शामिल हैं. गूगल और ओपनएआई को देगा टक्कर वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम में मिलने वाला मेटा एआई कई जगह पिछड़ने लगा था. अब म्यूज स्पार्क की मदद से कंपनी को बड़े फायदे की उम्मीद कर रही है. राइटिंग और रीजनिंग के मामले में म्यूज स्पार्क ने बेहतर रिजल्ट दिया है, जिसकी वजह से यह ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक के बेहतरीन मॉडल के लेवल के आसपास पहुंच चुका है. रिपोर्ट्स में कोडिंग को लेकर बड़ा अंतर दिखाया गया है. मौजूदा समय में एआई रेस में कोडिंग काबिलियत एक जरूरी स्टैंडर्ड बन चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कोडिंग के मामले में म्यूज स्पार्क अपने राइवल्स से थोड़ा पीछे रह गया है. मार्क जकरबर्ग ने बीते साल बनाई AI टीम मार्क जकरबर्ग AI को लेकर बीते करीब एक साल से बड़ी इनवेस्टमेंट कर रहे हैं और इंडस्ट्री के कई बड़े टैलेंट को उन्होंने अपनी AI टीम में मोटी रकम देकर शामिल किया है. जकरबर्ग ने 29 साल के एलेक्जेंटर वांग को मोटी रकम देकर कंपनी में शामिल कर चुके हैं और उनको चीफ एआई ऑफिसर की पोस्ट दी, साथ ही कंपनी ने लामा-4 मॉडल पर काम करने वाली पुरानी टीम को बदल दिया. नए टीम में ओपनएआई, गूगल और अन्य राइवल्स कंपनियों से नए लोगों को मोटी रकम देकर मेटा में शामिल किया गया. म्यूज स्पार्क को अभी बंद मॉडल रखा मेटा ने म्यूज स्पार्क के साथ एक बड़ा बदलाव किया है और इसके कोड को मौजूदा समय में प्राइवेट रखा है. इसको क्लोज्ड मॉडल भी कह सकते हैं. बताते चलें कि मेटा अपने एआई मॉडल्स को ओपेन सोर्स करता था, जिसकी मदद से डेवलपर्स को कोड यूज करने की परमिशन मिलती थी. मेटा का बड़ा इनवेस्टमेंट जकरबर्ग ने एआई डेवलपमेंट के लिए बड़े इनवेस्टमेंट की तैयारी करके रखी है. एआई डेवलपमेंट के नए डेटा सेंटर पर 600 अरब डॉलर खर्च करने का प्लान बनाया हुआ है. साल 2026 में मेटा लगभग 135 अरब डॉलर तक खर्च करने का प्लान बनाया है, जो बीते साल की तुलना में लगभग दोगुना है. बीते साल कंपनी ने 72 अरब डॉलर की इनवेस्टमेंट की थी. म्यूज स्पार्क को लेकर कंपनी ने बड़ा दांव लगाया है और इससे कंपनी अपने राइवल्स से आगे निकलना चाहती है. गूगल, ओपनएआई और एन्थ्रॉपिक जैसे नाम मेटा से काफी आगे निकल चुके थे. म्यूज स्पार्क कंपनी के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. 

सफलता की कहानी-किराना दुकान से लगभग 25 हजार रुपये की कर रहीं हैं आय अर्जित

सफलता की कहानी-आजीविका मिशन से रमशीला कश्यप को मिला आत्मनिर्भरता का संबल सफलता की कहानी-किराना दुकान से लगभग 25 हजार रुपये की कर रहीं हैं आय अर्जित रायपुर एक समय माओवाद से प्रभावित रहा कोंडागांव जिले का दूरस्थ ग्राम कुधुर आज विकास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। शासन की योजनाओं की पहुँच ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है, और इसी परिवर्तन की मिसाल हैं ग्राम की निवासी श्रीमती रमशीला कश्यप। किराना दुकान संचालन से प्रति माह लगभग 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं l           राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर रमशीला कश्यप ने अपने जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2018 में उन्होंने ‘जय मां दंतेश्वरी’ स्व-सहायता समूह की सदस्य बनकर आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत की। उस समय गांव में केवल एक किराना दुकान था, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल जाना पड़ता था। ग्रामीणों की इस समस्या को समझते हुए रमशीला कश्यप ने गांव में ही किराना दुकान खोलने का साहसिक निर्णय लिया। स्व-सहायता समूह से प्राप्त 50 हजार रुपये की सहायता से उन्होंने अपनी दुकान की शुरुआत की। समय के साथ उन्होंने दुकान में जरूरत के अनुसार सामग्री बढ़ाई और अपने व्यवसाय को मजबूत किया।      आज रमशीला की यह छोटी-सी पहल पूरे गांव के लिए बड़ी सुविधा बन चुकी है। जहां एक ओर ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर रमशीला कश्यप के परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में वे प्रति माह लगभग 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। पहले केवल खेती पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार अब अतिरिक्त आय के स्रोत से सशक्त हो गया है।          रमशीला कश्यप की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। आज वे अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। रमशीला कश्यप ने शासकीय योजनाओं से मिली सहायता के लिए शासन प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

एग्जाम ड्यूटी पर बड़ा फैसला: पंजाब यूनिवर्सिटी ने स्टाफ का मेहनताना बढ़ाया

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) प्रशासन ने परीक्षाओं के दौरान ड्यूटी निभाने वाले स्टाफ के मान भत्ते में वृद्धी करते हुए नया सर्कुलर जारी कर दिया है। यह फैसला यूनिवर्सिटी और इससे संबंधित 200 कॉलेजों के करीब ढाई लाख विद्यार्थियों की परीक्षाओं के प्रबंधों में जुटे स्टाफ के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सर्कुलर के अनुसार अंडरग्रेजुएट पेपर सैंटरों के लिए 850 रुपये और Ph. D. थीसिस के  मुल्याकन के लिए 5000 रुपये मेहनताना तय किया गया है। विदेशी ग्जामिनर्स के लिए यह रकम बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा बोर्ड ऑफ फाइनेंस की मीटिंग में सुपरिंटेंडेंट, क्लर्क और इलेक्ट्रीशियन के मेहनताना में 20 परसेंट बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। यह सुधार रिसर्च स्कॉलर्स की लंबे समय से चली आ रही कोशिशों का नतीजा है। सामाजिक कार्य विभाग के रिसर्च स्कॉलर शीशपाल शिओकंड की लीडरशिप में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को एक मांग पत्र दिया गया था, जिसमें कहा गया कि मौजूदा 300 रुपये की दर एग्जाम ड्यूटी की जिम्मेदारी और समय के हिसाब से बहुत कम है। शीशपाल ने इस फैसले को सभी टीचर्स, रिसर्चर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला एकेडमिक सिस्टम में उनके रोल की अहमियत को मानता है। नए रेट्स में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोफेशनल एग्जामिनेशन के लिए 1200 रुपये प्रति सेमेस्टर और एम. फिल थ्योरी एग्जामिनेशन के लिए 1200 रुपये तय किए गए हैं। 

अब स्कूलों में AI की एंट्री: छत्तीसगढ़ में प्राचार्यों को Google विशेषज्ञों का प्रशिक्षण

रायपुर. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में शिक्षा का तरीका भी बदल रहा है. इस दौड़ में छत्तीसगढ़ के बच्चे पीछे न रह जाएं इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग गूगल के साथ मिलकर तैयारी में जुटा है. इस कड़ी में आज आत्मानंद स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक के साथ कार्यशाला होने वाली है, जिसमें गूगल के विशेषज्ञ प्राचार्यों को नई तकनीक से अवगत कराएंगे. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बैठक और कार्यशाला के संबंध में कहा कि शिक्षा गुणवत्ता को बेहतर से बेहतर करने पर जोर है. AI बेस्ड एजुकेशन आने वाला है, उसकी तैयारी में विभाग लगा हुआ है. आने वाले समय में बारहखड़ी से लेकर AI तक की जानकारी बच्चों को रहेगी. ऐसे में AI तकनीक से प्रशिक्षण देने आज गूगल के विशेषज्ञ आ रहे हैं. शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि 15 अप्रैल से 15 जून तक शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होगा. 16 जून से जब बच्चा आए तो उसको सब आवश्यक संसाधन मिले, इसके लिए विभाग ने सभी तैयारियों को जारी रखा है. वहीं प्राइवेट स्कूल की बुक्स को लेकर वेंडर की मनमानी पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बहुत सारे संस्थाओं से शिकायत आई है. ज्यादा रेट में बेचने की शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है. जहां-जहां गड़बड़ी होगी, वहां वहां कार्रवाई करेंगे. सारे जिला शिक्षा अधिकारी जांच कर रहे हैं, कई जगह पर छापा पड़ा है. निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी सुनाई में भी आए तो स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करें. 12वीं बोर्ड के कल होने वाले हिंदी के पेपर की सुरक्षा को लेकर गजेंद्र यादव ने कहा कि जितनी सुरक्षा कर हम सकते हैं, हमने किया है. लास्ट टाइम भी किया था, अब भी कर रहे हैं. पिछली बार भी पेपर लीक नहीं हुआ था, सिर्फ शक के आधार पर किया गया था. इस बार हमने बहुत कड़ाई से सिस्टम तय किया है, कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी. कांग्रेस की बैठक को लेकर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की तुलना भारतीय जनता पार्टी से नहीं हो सकती. वहां कोई संगठन नहीं रहता, जो उनके नेता बोलते हैं, वही करते हैं. किसी भी तरह की बात नहीं मानते हैं, अपने हिसाब से करते हैं. वहीं शिक्षा के अधिकारी (RTE) को लेकर प्राइवेट स्कूल की मांग पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि जो स्कूल वाले ऐसी बात करते हैं. जहां ज्यादा है, वहां क्यों देख रहे हैं. कई राज्य ऐसे हैं, जहां छत्तीसगढ़ से भी कम में हो रहा है. हमारे से आधे पैसे से काम हो रहा है. यह तर्क बिल्कुल सही नहीं है.

घर में लगा मनी प्लांट कहीं आपको कंगाल तो नहीं बना रहा? वास्तु की इन 5 गलतियों को आज ही सुधारें

 घर के कोने में लगा हुआ मनी प्लांट सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि वास्तु के मुताबिक शुभ पौधा माना जाता है. वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर इसकी सही से देखभाल की जाए, तो यह सोई हुई किस्मत जगा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही इस धन वर्षा को आर्थिक तंगी में बदल सकती है?अगर कड़ी मेहनत के बाद भी हाथ खाली रहता है, तो चेक करें कहीं आप ये गलतियां तो नहीं कर रहे. 1. दिशा का रखें ध्यान मनी प्लांट को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न रखें. वास्तु के अनुसार, यह दिशा इस पौधे के लिए सबसे ज्यादा नकारात्मक मानी जाती है. इसे हमेशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में लगाएं, क्योंकि यह भगवान गणेश की दिशा है, जो बाधाओं को दूर करते हैं. 2. जमीन चूमती बेल मनी प्लांट को 'वेल्थ क्रीपर' कहा जाता है.  इसकी बेलें जितनी ऊपर की ओर जाएंगी, आपकी तरक्की का ग्राफ भी उतना ही ऊंचा होगा. अगर इसकी बेलें जमीन पर रेंग रही हैं, तो समझ लीजिए कि आपके घर की लक्ष्मी बाहर जाने का रास्ता ढूंढ रही है.  किसी धागे या डंडी के सहारे इसे हमेशा ऊपर की ओर चढ़ाएं. 3. पीलापन यानी नकारात्मकता का साया मुरझाए और सूखे पत्ते सिर्फ पौधे की बीमारी नहीं, बल्कि आने वाले आर्थिक संकट का इशारा हैं.  अगर आपके मनी प्लांट के पत्ते पीले पड़ रहे हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें.  सूखे पत्ते घर की पॉजिटिव एनर्जी को सोख लेते हैं. 4. कांच की बोतल या मिट्टी का गमला? वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट को नीले रंग की कांच की बोतल या मिट्टी के गमले में लगाना सबसे शुभ होता है. ध्यान रखें कि इसे प्लास्टिक के डिब्बे या गंदे बर्तन में न लगाएं, इससे तरक्की के रास्ते बंद हो सकते हैं. 5. दूसरों को कभी न दें अपना मनी प्लांट क्या आप जानते हैं? अपने घर के फलते-फूलते मनी प्लांट की कटिंग कभी किसी और को नहीं देनी चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से आप अपनी सुख-समृद्धि और 'वीनस' (शुक्र ग्रह) का प्रभाव दूसरे को सौंप देते हैं. मनी प्लांट में पानी देते समय उसमें दो बूंद कच्चा दूध मिला दें. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में धन की आवक बढ़ती है ,परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल बेहतर होता है.

धार भोजशाला पर बड़ा खुलासा, मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में बताया मंदिर या मस्जिद होने का सच

धार   इंदौर में चल रहे भोजशाला मामले में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस (HFJ) ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में कहा कि उन्हें भोजशाला कमाल मौला परिसर में पूजा करने का खास अधिकार मिलना चाहिए. उनका कहना है कि वहां पहले एक हिंदू मंदिर था और मंदिर का पवित्र महत्व समय के साथ खत्म नहीं होता है. भगवान की पहचान नहीं मिटती, हाई कोर्ट में भोजशाला पर टकराव HFJ के वकील विष्णु शंकर जैन ने अपनी दलील में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद और श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह से जुड़े मामलों के फैसलों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि भगवान को कानून में एक “कानूनी व्यक्ति” माना जाता है और अगर मंदिर या मूर्ति को नुकसान भी पहुंच जाए, तब भी उसकी पहचान खत्म नहीं होती है. उन्होंने यह भी कहा कि उनका तर्क सिर्फ इस पर नहीं है कि वहां पूजा होती रही है, बल्कि इस पर है कि वहां पहले से मंदिर मौजूद था. इसलिए उन्हें पूजा का अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने अपनी बात को एक बार मंदिर, हमेशा मंदिर कहकर समझाया. इस मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी. भोजशाला के प्राचीन इतिहास पर विस्तार इससे पहले भी हिंदू पक्ष ने भोजशाला के प्राचीन इतिहास पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 10वीं और 11वीं शताब्दी में परमार वंश के शासनकाल के दौरान भोजशाला एक प्रमुख विद्या और संस्कृति केंद्र के रूप में स्थापित थी. राजा भोज द्वारा निर्मित यह जगह मूल रूप से सरस्वती मंदिर के रूप में जाना जाता था, जहां छात्रों को शिक्षा दी जाती थी. सुनवाई के दौरानभोजशाला परिसर में लगाए गए बोर्ड का भी जिक्र किया गया, जिसमें स्थल की ऐतिहासिक और पुरातात्विक को दिखाता था. हिंदू पक्ष ने पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण का समर्थन किया और रिपोर्ट में आए तथ्यों को अपनी दलीलों के पक्ष में बताया. शपथ पत्र में क्या लिखा था? उन्होंने बताया कि इसी शपथ-पत्र में माना गया है कि इसके निर्माण(Dhar Bhojshala) में जिन पत्थरों का उपयोग हुआ, वो यहां मौजूद मंदिर भोजशाला के थे। इसी कारण इसमें संस्कृत के श्लोक भी हैं। इस्लाम में किसी मंदिर को तोड़कर या उसी जगह पर मस्जिद बनाने को गलत माना गया है। हमने जो फोटो और बातें रखी हैं, उनका कहीं भी सोसायटी ने विरोध नहीं किया, न ही इन्हें नकारा है।  आजाद भारत में खिलजी के कानून नहीं चल सकते अभिभाषक जैन ने आगे कहा कि गुलाम वंश, खिलजी वंश, मुगलों का समय, ये ऐसे दौर रहे हैं जब हिंदुओं के धार्मिक अधिकारों को उनसे छीना गया था। धार्मिक स्थानों पर पूजा-अर्चना पर पाबंदी लगाई गई थी। जबकि वर्ष 1950 में भारत में संविधान लागू होने के बाद सभी को अनुच्छेद-25 और 30 के तहत अधिकार मिले, तो यह अधिकार भी मिला कि सभी अपने धार्मिक रिवाजों का पालन करने और अपने शैक्षणिक संस्थानों के संरक्षण के अधिकार के पात्र हैं। गुलाम वंश या खिलजी वंश के शासकों ने आदेश दिए थे, वो आदेश भारत में संविधान आने के बाद लागू नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने उन्हें टोकते हुए इसका आशय उनसे पूछा तो जैन ने कहा, इन शासकों ने ही धर्मस्थलों को तोड़कर बदला था। समर्थन में राम जन्मभूमि के फैसले का जिक्र सुनवाई (Dhar Bhojshala) के दौरान अभिभाषक जैन ने अपनी दलीलों को पुख्ता करने के लिए पूर्व में सुप्रीम कोर्ट, इलाहबाद हाईकोर्ट सहित अन्य हाईकोर्ट द्वारा अलग-अलग मामलों में दिए आदेशों का हवाला भी दिया। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए फैसले को कई दलीलों के समर्थन में रखा।

पीवी सिंधु और एचएस प्रणय की शानदार जीत, चीन के दिग्गजों को मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

 निंगबो (चीन) दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी को हराकर आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर किया. दूसरी ओर, पीवी सिंधु और एचएस प्रणय ने भी अपने अपने मुकाबले जीतकर प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. पीवी सिंधु प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंची.  भारत के युवा स्टार आयुष शेट्टी ने बुधवार को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी चीन के लिन शी फेंग को हराया. वहीं पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु और अनुभवी एचएस प्रणय भी प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. अमेरिकी ओपन 2025 चैंपियन आयुष ने चीन के स्टार लिन को 51 मिनट में 21-13, 21-16 से हराया. दोनों गेम में लिन ने अच्छी शुरुआत की लेकिन आयुष ने दबदबा बनाते हुए अंतिम 16 में जगह बना ली. लिन ने शुरुआत में 4-1 की बढ़त ली थी लेकिन आयुष ने शानदार वापसी कर स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया और फिर पहला गेम जीत लिया. दूसरे गेम में भी चीन के खिलाड़ी ने 4-1 से बढ़त ली और इसे 12-9 तक पहुंचाया, लेकिन आयुष ने लगातार छह अंक बनाकर मैच का रुख पलट दिया और स्कोर 18-13 कर दिया. पीवी सिंधु प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंची. लिन ने अंतर कम कर स्कोर 16-18 किया, लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और लगातार तीन अंक लेकर खिताब के दावेदार माने जा रहे लिन को बाहर कर दिया. सिंधु ने महिला एकल में मलेशिया की वोंग लिंग चिंग को 57 मिनट में 15-21, 21-11, 21-19 से हराया. अब सिंधु का सामना प्री क्वार्टर फाइनल में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी चीन की वांग झी यी से होगा. दोनों के बीच अब तक 3-3 का रिकॉर्ड रहा है. पुरुष एकल में प्रणय ने वियतनाम के एनगुएन हेई डांग को 47 मिनट में 24-22, 21-12 से हराया. अब दूसरे दौर में उनका सामना चीन के होंग यांग से होगा जिन्हें पहले दौर में वॉकओवर मिला था. लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत, मालविका बंसोड़ और तन्वी शर्मा पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गए हैं.  

महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी पर NHRC का एक्शन, डायरेक्टर सनोज मिश्रा बोले- ‘जिहादी जाएगा जेल’

महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले और फरमान की शादी विवादों में आ गई है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नाबालिग होने की शिकायत पर नोटिस जारी किया है और जांच के आदेश दिए हैं. कोर्ट के आदेश के बाद मोनालिसा की फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर महादेव का शुक्रिया अदा किया है. अन्याय के खिलाफ जीतेंगे सनोज मिश्रा? सनोज मिश्रा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें वो भगवान शिव की आराधना करते दिख रहे हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा- महादेव जल्दी ही मेरा वनवास खत्म करेंगे कानून ने अपना काम शुरू कर दिया है. मोनालिसा के लव जिहाद में फंसने के बाद मैंने सारे काम छोड़कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मुहिम शुरू की. अब इसका असर दिखाई देने लगा है. हम जल्दी ही विजयी हो सकते हैं और षडयंत्र करने वाले जिहादी को जेल होगी. सनोज मिश्रा लिखते हैं कि हालांकि, इस लड़ाई में फिल्म "द डायरी ऑफ मणिपुर" का नुकसान हुआ. कर्ज के बोझ के साथ जिहादी ने मोनालिसा से मेरे ऊपर झूठे आरोप लगवाए. मुझे झूठे केस में फंसाना चाहा. धमकियां भी लगातार मिलती रहीं, लेकिन धर्मयुद्ध को आप सभी ने रुकने नहीं दिया. क्या है विवाद? 'महाकुंभ वायरल गर्ल' ने 11 मार्च को केरल के  अरुमन्नूर में अपनी फिल्म के को-एक्टर फरहान से कोर्ट मैरिज की. मोनालिसा का कहना था कि परिवार जबरदस्ती उनके कजिन से उनकी शादी कराना चाह रहा था. अगर फरहान उनसे शादी नहीं करते तो वो अपनी जान दे देती. जब मोनालिसा की उम्र को लेकर विवाद हुआ, तो उन्होंने दस्तावेज दिखा कर कहा कि वो नाबालिग नहीं हैं. उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. शादी के बाद मोनालिसा ने अपने परिवार और सनोज मिश्रा पर भी कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान सनोज मिश्रा ने उन्हें गलत तरीके से टच करने की कोशिश की थी.   अब मोनालिसा की शादी का मामला कोर्ट पहुंच चुका है. हर किसी की नजर कोर्ट के फैसले पर देखते हैं. देखना दिलचस्प होगा कि इस लड़ाई में जीत किसकी होती है.

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 20% आरक्षण, अग्निवीर नीति 2024 को कैबिनेट की मंजूरी

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में  यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड (पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग), वार्डर (कारागार विभाग) तथा माइनिंग गार्ड (खान एवं भूविज्ञान विभाग) में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूर्व में हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को कुछ ग्रुप ‘सी’ पदों, जिनमें फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड शामिल हैं, में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया हुआ था। इसके पश्चात, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न सेवाओं/पदों की भर्ती में, जहां उनके विशेष सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और फील्ड अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की सलाह दी थी। मंत्रिमंडल के इस निर्णय को सभी चालू तथा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों को आवश्यक संशोधन करने तथा संशोधित निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।