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CSK, RCB और MI आज मैदान में, पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव संभव

नई दिल्ली आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग में एक बार फिर से डबल हेडर का दौर शुरू होने जा रहा है। अब अगले दो ही दिन में चार मैच हो जाएंगे। खास बात ये है कि इस दौरान आरसीबी, मुंबई इंडियंस और सीएसके जैसी टीमें अपने अपने मैच के लिए मैदान में होगी। इस बीच इन मैचों का शेड्यूल क्या है, ये जान लीजिए और साथ ही इसका भी ध्यान रखिएगा कि मैच कितने बजे से शुरू होगा। शनिवार को ​दिन मे पंजाब और हैदराबाद के बीच मैच, शाम को दिल्ली और चेन्नई का मुकाबला शनिवार यानी 11 अप्रैल को आईपीएल के दो मुकाबले होंगे। पहला मैच दिन का होगा, जिसमें पंजाब किंग्स और सनराइसर्ज हैदराबाद के बीच टक्कर होगी। ये मैच मल्लांपुर में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरे मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने सामने होंगी। ये मैच एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा। सीएसके की टीम लंबे ब्रेक के बाद अब वापस मैदान में उतरेगी। इस बीच टीम ने एक भी मैच अभी तक नहीं जीता है और अंक तालिका में आखिर नंबर पर है। उम्मीद है कि ये मैच जीतकर टीम अपना खाता खोलेगी। संडे को दिन में खेला जाएगा लखनऊ बनाम गुजरात मैच, शाम को बेंगलुरु और मुंबई का मुकाबला इसके बाद आएगा रविवार यानी 12 अप्रैल की तारीख। इस दिन भी दो मैच हैं। पहला मुकाबला दिन का है। इसमके एलएजसी और गुजरात टाइटंस के बीच मैच खेला जाएगा। ये मैच लखनऊ में होगा। इसके बाद इसी दिन शाम को मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच मुकाबला खेला जाएगा। ये रहेगा डबल हेडर में मैचों के शुरू होने का वक्त आपको याद दिला दें कि दिन के मैच दोपहर साढ़े तीन बजे से शुरू होंगे और इसका टॉस तीन बजे होगा। शाम का मुकाबला साढ़े सात बजे से होगा और इसका टॉस आधे घंटे पहले यानी सात बजे होगा। इसका मतलब ये हुआ कि दिन में तीन बजे से लेकर रात 11 साढ़े 11 बजे तक आईपीएल का रोमांच जारी रहेगा। इन मैचों के बाद अंक तालिका में भी काफी ​फेरबदल और बदलाव दिखाई दे सकता है।

रामायण के टीजर पर मोती सागर ने दी प्रतिक्रिया, फिल्म और स्टारकास्ट से जताई बड़ी उम्मीद

 मुंबई  बॉलीवुड स्टार रणबीर कपूर की अपकमिंग फिल्म Ramayana इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है. हाल ही में फिल्म का टीजर रिलीज हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी. टीजर में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आए, जिसे लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. अब रामानंद सागर के बेटे और वेटरन फिल्ममेकर मोती सागर ने भी इस टीजर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. रामानंद सागर के बेटे ने कही ये बात रामानंद सागर के बेटे और वेटरन फिल्ममेकर मोती सागर ने इस टीजर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं. उनके मुताबिक, रणबीर कपूर मौजूदा समय के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं और वे अपने किरदार में गहराई लाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ टीजर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. पूरी फिल्म देखने के बाद ही सही आकलन किया जा सकता है. स्टारकास्ट और रिलीज प्लान फिल्म Ramayana में रणबीर कपूर के अलावा साई पल्लवी माता सीता, Yash रावण, Sunny Deol हनुमान और Ravi Dubey लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे. इस मेगा बजट फिल्म को नमित मल्होत्रा प्राइम फोकस स्टूडियोज के बैनर तले बनाया जा रहा है. फिल्म दो भागों में रिलीज होगी- पहला पार्ट दिवाली 2026 और दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में आएगा.

योगी सरकार का यक्ष एप, स्मार्ट पुलिसिंग को बना रहा मजबूत आधार

योगी सरकार का यक्ष एप स्मार्ट पुलिसिंग को दे रहा धार – महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक मामलों का किया खुलासा, अपराध नियंत्रण में आई तेजी – कुछ घंटों में दो लूट का किया खुलासा, अपहरण केस में चौंकाने वाला सच आया सामने – सीसीटीवी और डिजिटल डाटा से तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही पुलिस – आगरा में बुजुर्ग को झूठे आरोप से बचाया, असली आरोपी गिरफ्तार लखनऊ  यूपी पुलिस का यक्ष एप अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेलने में अहम भूमिका निभा रहा है। यक्ष एप ने महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक अपराधिक घटनाओं का खुलासा कर अपराध नियंत्रण पर स्मार्ट पुलिसिंग को नया आयाम दिया है। एप के जरिये अपहरण, हत्या, लूट, चोरी जैसे गंभीर अपराधों का खुलासा किया है। यक्ष ऐप की मदद से पुलिस न केवल तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही है, बल्कि घटनाओं के खुलासे का समय भी काफी कम हुआ है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग को नई दिशा देने के लिए  “पुलिस मंथन” कार्यक्रम में यक्ष एप को लांच किया था।  एप ने किया कुछ घंटों में दो लूट का खुलासा, अपहरण की गुत्थी को सुलझाया डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप स्मार्ट पुलिसिंग के तहत यक्ष एप को लांच किया गया था। यक्ष ेएप में प्रदेश के अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस, सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन आधारित मैपिंग और एनालिटिकल टूल्स जैसी सुविधाएं दी गई हैं। पहले जहां विवेचकों को “विलेज क्राइम नोट बुक” जैसे पारंपरिक रजिस्टर पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में अपराधियों की पूरी हिस्ट्री सामने आ जाती है। डीजीपी ने बताया कि हरदोई में दर्ज अपहरण के एक मामले में यक्ष ऐप ने चौंकाने वाला सच सामने लाया। जांच में पता चला कि कथित अपहृत व्यक्ति पिछले ढाई साल से जेल में बंद था। इसी तरह जौनपुर में 11 मार्च 2026 को जन सेवा केंद्र संचालक के साथ हुई लूट की घटना का खुलासा कुछ ही घंटों में कर लिया गया। पुलिस ने यक्ष एप के माध्यम से 42–43 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिससे संदिग्धों की पहचान और लोकेशन ट्रैक हुई। इसके बाद मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और करीब 1.30 लाख नकद बरामद किया गया। इसके अलावा राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में एक घंटे के अंतराल पर हुई दो लूट की घटनाओं का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया। यक्ष एप के जरिए आरोपियों की पहचान, मोबाइल लोकेशन और गतिविधियों का विश्लेषण कर पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया। इतना ही नहीं रायबरेली में यक्ष एप की मदद से 8 सदस्यीय अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश हुआ। एप के डाटाबेस और जियो-टैगिंग के जरिए पुलिस को आरोपियों का आपराधिक इतिहास मिला, जिससे योजनाबद्ध कार्रवाई कर सभी को गिरफ्तार किया गया। झूठे आरोप से बुजुर्ग को बचाया बरेली में सास और साले की हत्या के आरोपी को पकड़ने में भी यक्ष ने अहम भूमिका निभाई। आरोपी का फोटो और रिकॉर्ड एप से मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आगरा में एक बुजुर्ग व्यक्ति को झूठे छेड़छाड़ के आरोप से बचाने में भी एप उपयोगी साबित हुआ। सीसीटीवी फुटेज और फेस रिकग्निशन के जरिए असली आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। मेरठ, हाथरस, फर्रुखाबाद, कानपुर और गोंडा जैसे जिलों में यक्ष के जरिए कई चोरी और जेबकतरी गैंग का खुलासा हुआ। मेरठ में जेबकतरा गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार किये गये, हाथरस में आभूषण चोरी का आरोपी ट्रेस, कानपुर में ज्वैलरी दुकान से चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ और गोंडा में स्कूलों में हो रही चोरी का खुलासा एप ने किया।    यह है एप की विशेषताएं – पुलिस इकाइयों के लिए उपलब्ध प्रदेशव्यापी अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस – त्वरित साक्ष्य संकलन के लिए सीसीटीवी कैमरों का स्थान आधारित मानचित्रण – प्रत्येक अपराधी को दिया गया यूनिक क्रिमिनल आईडी, जिससे जिलों के बीच सूचनाओं का सहज आदान-प्रदान संभव – सटीक पहचान के लिए अपराधियों के मल्टी-एंगल फोटोग्राफिक रिकॉर्ड

आगामी मई -जून माह में संभावित स्थानीय निकायो के आम/उप चुनाव के दृष्टिगत मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मई जून-2026 की तैयारियों को गति प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में आज निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की।राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए तथा सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य की सघन निगरानी और प्रभावी सुपरविजन पर विशेष बल दिया। बैठक में आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले तथा भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नागरिक ही स्थानीय चुनाव में मतदाता बनने के पात्र होंगे। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इसके पश्चात 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 27 अप्रैल 2026 तक उनका निराकरण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा। आयोग द्वारा बताया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।  बैठक में रिक्त पदों की जानकारी भी साझा की गई। नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4पद एवं 60 पार्षद के पदों पर आम निर्वाचन तथा अध्यक्ष के 4 पद एवं 17 पार्षद पदों पर उप निर्वाचन प्रस्तावित है। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद रिक्त हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

लखनऊ, सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सरकार कसेगी शिकंजा

लखनऊ लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्मार्ट फोन की लत बीमारी बन गई है। हार्ट शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। किडनी खराब होने पर व्यक्ति डायलिसिस के सहारे जीवन जी सकता है। लेकिन अगर हार्ट ब्लॉकेज हुआ तो दूसरे लोक की यात्रा हो जाएगी। सीएम ने कहा कि दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र के लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह खराब जीवनशैली और खान-पान है। अब न हमारे उठने का समय तय है न सोने का। शारीरिक गतिविधियां घटी हैं। नियमित कसरत छोड़ लोग आराम पसंद हो गए हैं। हर व्यक्ति का करीब चार से पांच घंटे स्मार्ट फोन में खप रहा है। नतीजतन लोग दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। शुक्रवार को यह गंभीर चिंता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाहिर की। अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेक्षागृह में पहली बार कान्फ्रेंस का आगाज हुआ। नॉन कम्युनिकेबल डीसीज चिंता का विषय- योगी कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया की तरफ से नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल (एनआईसी) का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ से 10 साल पहले यूपी बीमारू राज्य था। अब ग्रोथ इंजन के रूप में प्रदेश तरक्की की राह पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉन कम्युनिकेबल डीसीज के बढ़ते मामले चिंता का विषय है। भारत में प्राचीन काल से समय पर सोना, जागना, पौष्टिक भोजन लेना। यह सब स्वस्थ्य दिनचर्या का हिस्सा थी। समय तेजी से बदल रहा है। लोग देर रात तक जाग रहे हैं। फास्ट फूड व डिब्बा बंद भोजन पसंद कर रहे हैं। उसके परिणाम सबके सामने हैं। बीमारी हमे घेर रही हैं। हमारे सामने चुनौतियां खड़ी कर रही है। इलाज के खर्च की चिंता कम हुई चिंता से निपटने के दो रास्ते हैं। पहला बचाव व दूसरा इलाज। बचाव पक्ष पर अधिक काम करने की जरूरत है। चुनौतियों से निपटने के लिए जीवनशैली बदलें। सरकार इलाज व जागरुकता फैलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। आठ से 10 साल पहले यदि कोई गंभीर बीमारी की चपेट में आता था। तो परिवार पैसे व बेहतर की चिंता करता था। विशेषज्ञ डॉक्टर व मेडिकल संस्थानों की कमी थी। अब दोनों ही समस्याओं को हल किया जा रहा है। मुफ्त इलाज के दायरे में शिक्षक, रसोईए भी प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना शुरू की गई। भारत के 55 से 60 करोड़ लोगों को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है। यूपी में आयुष्मान के दायरे में न आने वालों को सीएम योजना से कवर किया गया। शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, स्कूल के रसोईयों को योजना के दायरे में लाया गया है। सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा मुख्यमंत्री ने कहाकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सरकार फंदा डाल रही है। यूपी में ऐसे लोग थे जिनके पास एक भी गाय-भैंस नहीं थी, लेकिन हजारों टन खोया और पनीर की आपूर्ति का दम रखते थे। पिछले साल दीपावली में ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई गई। बड़े पैमाने पर सुबह चार बजे एक साथ छापेमारी कराई। हजारों कुंतल मिलावटी खोआ व पनीर बरामद किया गया था। ऐसे लोगों की पहचान व छापेमारी का अभियान जारी हैं। बीमार भारत आत्मनिर्भर व संशक्त नहीं हो सकता दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर समेत दूसरी बीमारियों ने चुनौती खड़ी कर दी है। अभी भी गरीब मेहनतकश को दिल की बीमारी कम होती है। लेकिन हो गई तो उसका इलाज पर आने वाले खर्च की फिक्र करने की जरूरत नहीं है। इलाज तो मुफ्त मिल सकता है लेकिन इंसान की कार्यक्षमता कैसे बचाई जा सकती है? उसे बढ़ाना कठिन कार्य है। लिहाजा सेहत को लेकर अभी से चौकन्ना हो जाएं। स्वस्थ्य नगारिक से ही स्वस्थ्य समाज होगा। सशक्त भारत के निर्माण के लिए अच्छी सेहत जरूरी है। बीमार भारत विकसित, सशक्त व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने अच्छी सेहत के लिए टिप्स दी मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे सेहत के लिए खुद ही संजीदा रहने की जरूरत है। खानपान की आदते सुधारें। फास्ट फूड से तौबा करें। घर की बनी पौष्टिक वस्तुओं का ही सेवन करें। योग करें। समय पर जागने की आदत डाले। नियमित कसरत करें। स्मार्ट फोन का इस्तेमाल रात में न करें। दिन में भी फोन का जरूरत पर ही प्रयोग करें। डॉक्टर सेहत के प्रति जागरुक करने का बीड़ा उठाएं। प्रचार प्रसार करें। इसका समाज पर प्रभाव अधिक पड़ेगा। इस कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष, अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित देवगन, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी, पीजीआई कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदित्य कपूर, डॉ. सतेंद्र तिवारी, डॉ. शरद चन्द्रा, डॉ. गौरव चौधरी डॉ. अखिल शर्मा समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।

रात को किचन में जूठे बर्तन छोड़ना बढ़ा सकता है आर्थिक तंगी, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सोने से पहले अपनाएं ये 3 वास्तु नियम

  रसोईघर (Kitchen) को केवल भोजन पकाने का स्थान नहीं, बल्कि घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई का सीधा संबंध हमारी सेहत, सौभाग्य और आर्थिक स्थिति से होता है. कहते हैं कि जिस घर की रसोई में वास्तु के नियमों को माना जाता है, वहां मां लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा का हमेशा वास रहता है. अक्सर हम दिनभर की थकान के बाद रात को किचन को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी सी लापरवाही आपके घर की सुख-शांति को भंग कर सकती है. अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में कभी धन-धान्य की कमी न हो, तो सोने से पहले अपनी दिनचर्या में ये 3 छोटे लेकिन चमत्कारी बदलाव जरूर अपनाएं. 1. जूठे बर्तन अक्सर आलस के कारण लोग रात के जूठे बर्तन सिंक में ही छोड़ देते हैं, रात भर यूं ही गंदे पड़े रहने के बाद सुबह उन्हें साफ किया जाता है. वास्तु शास्त्र में इसे बहुत बड़ा दोष माना गया है. रात भर सिंक में पड़े जूठे बर्तन नकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव और बीमारियां बढ़ती हैं. शास्त्रों के अनुसार, इससे राहु का अशुभ प्रभाव भी बढ़ता है जो आर्थिक तंगी का कारण बनता है.  इसलिए, सोने से पहले बर्तनों को साफ जरूर करें. यदि संभव न हो, तो उन्हें कम से कम पानी से धोकर किचन से बाहर रखें. 2. चूल्हे की सफाई किचन का चूल्हा अग्नि का प्रतीक है और अग्नि ऊर्जा का स्रोत होती है. दिन भर खाना बनाने के बाद चूल्हे पर गिरे खाने के दाने या गंदगी नकारात्मकता को आकर्षित करती है. वास्तु के अनुसार, गंदे चूल्हे पर अगली सुबह खाना बनाने से घर की बरकत रुक जाती है. रात को सोने से पहले चूल्हे और गैस स्टोव के आसपास के प्लेटफॉर्म को अच्छी तरह पोंछकर साफ करें. एक साफ और चमकता हुआ चूल्हा इस बात का संकेत है कि आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहेगा, परिवार का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा. 3. रोशनी का महत्व वास्तु के अनुसार, घर का कोई भी हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में नहीं होना चाहिए, खासकर रसोई. बहुत से लोग काम खत्म होते ही किचन की लाइट बंद कर देते हैं. लेकिन, पूरी तरह अंधेरी रसोई घर में डर और नकारात्मकता का संचार करती है. सोने से पहले किचन के एक कोने में एक छोटा बल्ब (Zero Watt Bulb) जलता रहने दें. रसोई में हल्की रोशनी होने से सकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं , इससे घर में सुख-समृद्धि के द्वार खुले रहते हैं. पानी से भरी बाल्टी का जादू वास्तु के जानकारों का यह भी मानना है कि रात को किचन की सफाई करने के बाद वहां एक बाल्टी या बर्तन में स्वच्छ पानी भरकर रखना चाहिए. यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो कर्ज (Debt) की समस्या से जूझ रहे हैं. माना जाता है कि रसोई में भरा हुआ पानी रखने से मानसिक शांति मिलती है, धन लाभ के नए रास्ते खुलते हैं.

वृंदावन, मिलावटी पेड़े और ई-रिक्शा पर होगी सख्ती

वृंदावन  ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बृहस्पतिवार को लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन में आयोजित की गई। इसमें कई महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। ठाकुरजी के फूल बंगलों में आ रही रुकावट पर कमेटी ने नरम रुख दिखाया और उसका शुल्क 1,51000 रुपये से घटाकर 101000 रुपये कर दिया गया। साथ ही मंदिर खुलने से एक घंटे पहले फूल बंगला सजाने वाले के यजमान और उसके परिजन को सिंहासन पूजा की भी अनुमति दी गई। इसके अलावा मंदिर की व्यवस्था, सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने पर मंथन किया गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 25 बिंदुओं के एजेंडा पर विस्तार से चर्चा की गई। फूल बंगले के अलावा मंदिरों के आसपास बिक रहे मिलावटी पेड़े को लेकर अध्यक्ष ने एफएसडीए के अफसरों को निर्देश दिए कि मिलावटी पेड़े बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में मौजूद अध्यक्ष अशोक कुमार, मुकेश मिश्रा व अन्य। उन्होंने कहा कि राजस्थान बॉर्डर से लाकर सस्ता खोया यहां खपाया जा रहा है, लेकिन ऐसे लोगों पर अब कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा वृंदावन में ई-रिक्शों से आ रही परेशानी को दूर करने के लिए निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ई रिक्शा सीज किए जाएंगे तो उन्हें खड़ा करने की समस्या आएगी, इस पर नगरायुक्त जग प्रवेश ने बताया कि चार धाम मंदिर के पास सरकारी जगह है, वहां सीज वाहनों को रखा जाएगा। मंदिर में निजी सुरक्षाकर्मियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए उन्हें मंदिर के प्रबंधक को निर्देश दिए और कहा कि अगली बैठक में उनके लिए नए नियम तय किए जाएंगे। इसके अलावा मंदिर चबूतरे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की गई। सर्वसम्मति निर्णय लिया गया है कि बांकेबिहारी मंदिर और उससे जुडे़ अन्य मंदिरों पर किए जा रहे विकास कार्यों को जल्द पूरा किया जाए। मंदिर परिसर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को एचडी एवं एआई तकनीक से लैस कर अपग्रेड किया जाए। निधिवन राज और सुरक्षा सेवाओं के ठेकों की अवधि समाप्त होने पर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने पर मंथन किया गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में जमा धनराशि और अर्जित ब्याज का विवरण देखा गया। साथ ही चार बैंकों में धनराशि जमा करने और मंदिर के ऑडिट, लेखांकन व्यवस्था और मीडिया उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मंदिर के सिंहासन को ठीक कराने पर सहमति बनीं।   अक्षय तृतीय पर पूरे मार्ग पर मिलेगा पेयजल अध्यक्ष ने कहा कि अक्षय तृतीय पर बांकेबिहारी पर बहुत भीड़ होती है। ऐसे में किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं को मंदिर से लेकर गलियों तक में पेयजल की जगह-जगह व्यवस्था होगी। मंदिर की ओर से पानी की बोतलें बांटी जाएंगी। फूल बंगले पर सेवायत एकमत नहीं फूल बंगले की धनराशि को लेकर एक बार फिर दोनों भोगों के सेवायतों में स्वर नहीं मिले। जहां शयनभाेग के सेवायतों ने कहा कि धनराशि को कम नहीं किया जाए। वहीं राजभोग सेवायतों धनराशि कम करने के फैसले को सही बताया। कॉरिडोर के लिए रजिस्ट्री की संख्या बढ़ाने पर दिया जोर बांकेबिहारी कॉरिडोर को लेकर स्वेच्छा से रजिस्ट्री कर रहे लोगों की संख्या को बढ़ाने के लिए जोर दिया गया। कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि ठाकुरजी के लिए कई लोग आगे आए, उन्होंने अपने घरों की रजिस्ट्री की, यह उनके लिए गर्व की बात है। अन्य लोगों को भी खुद ही आगे आना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ऐसे लोगों के लिए पहले आओ पहले पाओ स्कीम चलाई जा रही है। पहले आने वालों के सामने जगह से लेकर मल्टी स्टोरी में फ्लोर चुनने का भी विकल्प है। वह अपनी पसंद से जगह ले सकते हैं।  ये रहे मौजूद सदस्य बैठक में सेवानिवृत्त जिला जज मुकेश मिश्रा, जिला जज मथुरा विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मंदिर के मैनेजर मुनीश शर्मा आदि मौजूद रहे।  

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: 78% प्री-SIR का काम पूरा, डबल वोटर कार्ड पर सख्ती से होगी कार्रवाई

अमृतसर  पंजाब में फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में दैनिक ट्रिब्यून ने राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया जारी है। प्री-एसआईआर एक्सरसाइज के तहत अब तक करीब 78 प्रतिशत क्षेत्र को कवर किया जा चुका है। राज्य में कुल 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 521 मतदाता हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मतदाता विवरण सही तरीके से अपडेट करें और बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति के पास दो वोटर कार्ड पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मतदाता 2003 की मतदाता सूची के जरिए अपनी डिटेल्स को सत्यापित कर सकते हैं। इसके लिए Election Commission of India के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर पुरानी वोटर लिस्ट देखी जा सकती है। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं मिलता है, तो वे अपने परिवार के सदस्यों जैसे माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी के माध्यम से लिंकेज स्थापित कर सकते हैं, जो एसआईआर प्रक्रिया में मददगार साबित होगा।

आज के बाजार में निवेशकों ने झटके में कमाए 6.40 लाख करोड़, हुई शानदार कमाई!

मुंबई  इस सप्‍ताह को शेयर बाजार ने शानदार तेजी पर खत्‍म किया है. आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स और निफ्टी पॉजिटिव रहे. सेंसेक्‍स 918 अंक या 1.20 प्रतिशत चढ़कर 77,550 पर क्‍लोज हुआ, जबकि निफ्टी 275 अंक या 1.16 फीसदी चढ़कर 24,050 के ऊपर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में 1091 अंकों की उछाल रही।  BSE के टॉप 30 शेयरों में से 25 शेयर तेजी पर बंद हुए और बाकी 5 शेयरों में गिरावट देखने को मिली. सनफार्मा के शेयर करीब 4 फीसदी तक गिरे हुए थे और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर 3 प्रतिशत से ज्‍यादा चढ़े हुए थे. इस तेजी के साथ ही बीएसई मार्केट कैप 444.79 लाख करोड़ से बढ़कर 451.20 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यानी सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन  निवेशकों को 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई।  बीएसई पर 4,449 स्‍टॉक ट्रेडेड में से 3,362 शेयर तेजी पर रहे. 944 शेयरों में गिरावट रही और 143 शेयर अनचेंज रहे. 110 शेयर 52 सप्‍ताह के ऊपर कारोबार कर रहे थे और 20 शेयर 52 वीक के लो पर थे. 85 शेयरों में लोअर सर्किट और 334 शेयरों में अपर सर्किट रहा।  क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी?      फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में शानदार खरीदारी देखी जा रही है, जिसने आज मार्केट को सपोर्ट किया है. फाइनेंस सेक्‍टर आज 1.6 फीसदी चढ़कर और इस स्‍प्‍ताह 8.2 फीसदी चढ़ चुका है. निफ्टी पीएसयू बैंक और प्राइवेट सेक्‍टर बैंक इंडेक्‍स 1.80 फीसदी तक चढ़ गए।      पूरे एशियाई बाजारों में हरियाली है. साउथ एशिया का कोस्‍पी, जापान का निक्‍केई, चीन का शंघाई और हॉन्‍गकांग का हैंग सेंग में अच्‍छी तेजी देखने को मिली थी. अमेरिकी बाजार में भी प्रमुख इंडेक्‍स डाऊ और एस एंड पी में भी शानदार तेजी रही थी।      सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन रुपये में भी उछाल रहा. रुपया 10 पैसा ऊपर चढ़कर 92.41 पर कारोबार कर रहा था. पिछले कुछ दिनों में डॉलर की तुलना में रुपये ने शानदार रिकवरी दिखाई है।  आईटी शेयरों में गिरावट  आईटी इंडेक्‍स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण टीसीएस का प्रदर्शन था. मार्च तिमाही में राजस्व में 9.7 प्रतिशत और नेट प्रॉफिट में 12.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. इसके बाद भी यह शेयर 2 प्रतिशत की गिर गया। 

शाजापुर: 12 नामजद समेत 150 कांग्रेसियों पर केस दर्ज, SP ने कहा- सुरक्षा चूक पर TI होंगे जिम्मेदार

शाजापुर   शाजापुर। किसानों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय घेराव मामले में 12 कांग्रेसियों खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर लालघाटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था। इन पर हुआ मामला दर्ज लालघाटी पुलिस ने भीड़ का नेतृत्व कर रहे है कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, कांग्रेस के कालापीपल के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, सीताराम पवैया, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयंत रामवीर सिंह सिकरवार, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल चौधरी, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद खान सहित अन्य कांग्रेसियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 223(ए), 132,191,(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।  कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर साधा निशाना कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि शाजापुर प्रशासन एक बार फिर गुलामी पर लग चुका है। सरकार किसानों का गेहूं नहीं खरीद पा रही है और ऐसे मामले पर जब कांग्रेस किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करती है तो प्रशासन के द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सीधा जवाब दो कब किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, कब वसूली बंद की जाएगी। ना हम अंग्रेजों से डरे ना आप से डरेंगे। हमें जेल में डालकर आप खुश होंगे तो हमें जेल में डाल दीजिए, लेकिन किसानों का पैसा दो, किसानों के कर्ज को माफ करो। भारी पुलिस बल के बावजूद चूक प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर 5 निरीक्षक, 4 उप निरीक्षक, 4 सहायक निरीक्षक, 10 प्रधान आरक्षक, 12 आरक्षक और 5 महिला आरक्षक सहित करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके अलावा एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीएम मनीषा वास्कले सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों का कलेक्टर कक्ष तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। एफआईआर पर पर्दा डालने की कोशिश? मामले में यह भी सामने आया कि पुलिस प्रशासन शुरुआती स्तर पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी को सार्वजनिक करने से बचता रहा। थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने पहले प्रकरण दर्ज होने से इनकार किया, लेकिन बाद में दस्तावेज सामने आने पर कार्रवाई की पुष्टि हुई। इन नेताओं पर दर्ज हुआ मामला पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, पूर्व विधायक व राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी समेत मनीष परमार, राधेश्याम मालवीय, सीताराम पवैया, जयंत सिकरवार, राजकुमार कराड़ा, इरशाद खान, इरशाद नागौरी, शकील वारसी, आशुतोष शर्मा और कमल चौधरी को नामजद आरोपी बनाया है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(ए), 132 और 191(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने शुक्रवार से धरपकड़ शुरू करने के संकेत दिए हैं। SP बोले—TI देंगे जवाब सुरक्षा में चूक के सवाल पर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने जिम्मेदारी थाना प्रभारी पर डालते हुए कहा कि मौके की पूरी स्थिति और तैनाती की जानकारी टीआई ही स्पष्ट करेंगे। वहीं, थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। कांग्रेस का तेवर बरकरार दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुल मिलाकर, शाजापुर की यह घटना अब कानून-व्यवस्था और सियासी टकराव दोनों का बड़ा मुद्दा बन गई है, जिस पर आने वाले दिनों में और गर्माहट देखने को मिल सकती है।