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आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद बीपीएम सुलेमान खान को अब तक पद से नहीं हटाया जाना न सिर्फ आदेशों की अवहेलना है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गहरा दाग लगाता नजर आ रहा है। आखिर ऐसा क्या है कि कलेक्टर का सीधा निर्देश भी जमीन पर लागू नहीं हो पा रहा? क्या आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं, या फिर कहीं न कहीं कोई अदृश्य ताकत इस पूरे मामले को दबाने में लगी है? सवाल जो चुभ रहे हैं: किसके संरक्षण में हैं बीपीएम सुलेमान खान? क्या अब कलेक्टर के आदेश भी असरहीन हो चुके हैं? जिला स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी क्या किसी बड़े दबाव की ओर इशारा कर रही है? सूत्रों की मानें तो जिला स्वास्थ्य अधिकारी की रहस्यमयी चुप्पी इस पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना रही है। आदेश जारी होने के बाद भी संबंधित अधिकारी का पद पर बने रहना प्रशासनिक अनुशासन पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। जनता का गुस्सा, व्यवस्था पर अविश्वास: अब आम जनता भी सवाल उठाने लगी है, क्या जिले में “सेटिंग और संरक्षण” का खेल इतना मजबूत हो चुका है कि आदेश भी बेबस नजर आ रहे हैं? या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर कार्रवाई से बच रहे हैं? अब नजर कलेक्टर पर: यह मामला अब सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रशासन की साख दांव पर है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कलेक्टर इस चुनौती को कैसे लेते हैं, क्या सख्त कार्रवाई होगी या फिर आदेश फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल, सवाल ज्यादा हैं और जवाब नदारद… और यही इस पूरे मामले को और भी विस्फोटक बना रहा है।

सिंधु और कावेरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर बसेगी टाउनशिप

सांस्कृतिक पुनरुद्धार से होगा ग्रेटर आगरा का नवनिर्माण सिंधु और कावेरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर बसेगी टाउनशिप नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करेगा ग्रेटर आगरा वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से ताज नगरी की बदलेगी पहचान, ग्रेटर आगरा बनेगा नया ग्रोथ इंजन 10 टाउनशिप में 1.5 लाख लोगों के लिए होंगी आधुनिक आवासीय सुविधाएं सांस्कृतिक विरासत के साथ होगा आधुनिकता का संगम लखनऊ/आगरा पर्यटन नगरी आगरा अब केवल अपने ऐतिहासिक स्मारकों के लिए ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आधुनिक शहरी विकास के संगम के रूप में नई पहचान बनाने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित हो रहे ‘ग्रेटर आगरा’ में सांस्कृतिक पुनरुद्धार के जरिए नवनिर्माण की अनूठी अवधारणा को केंद्र में रखा गया है, जहां सिंधु से लेकर कावेरी तक 10 पवित्र नदियों के नाम पर टाउनशिप बसाई जाएंगी। सबसे खास बात ये है कि नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी ग्रेटर आगरा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना संतुलित क्षेत्रीय विकास के विजन के अनुरूप एक नए शहरी केंद्र के रूप में उभरेगी। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण / नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम रायपुर और रहनकलां में लगभग 450 हेक्टेयर क्षेत्र में यह महत्वाकांक्षी परियोजना विकसित की जा रही है। करीब 5142 करोड़ रुपए की लागत वाली यह योजना आगरा को एक आधुनिक, योजनाबद्ध और बहुआयामी शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। भारतीय संस्कृति को सम्मान देने वाली पहलः जयवीर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रेटर आगरा की सबसे बड़ी खासियत इसका सांस्कृतिक दृष्टिकोण है। यहां विकसित की जा रही 10 टाउनशिप सिंधुपुरम, गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम, बेतवापुरम, महानदीपुरम, नर्मदापुरम, गोदावरीपुरम, कृष्णापुरम और कावेरीपुरम भारतीय सभ्यता की पवित्र नदियों के नाम पर बसाई जा रहीं हैं। यह पहल न केवल भारतीय संस्कृति को सम्मान देती है, बल्कि शहर के विकास को एक नई पहचान भी प्रदान करती है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा नया शहर इन टाउनशिप में लगभग 1.5 लाख लोगों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। कुल 4712 भूखंडों में आवासीय, ग्रुप हाउसिंग, कमर्शियल और मिश्रित उपयोग के प्लॉट शामिल हैं। यहां स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, होटल, बैंक, डाकघर, पुलिस चौकी और फायर स्टेशन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे यह क्षेत्र पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके। परियोजना के तहत आधुनिक सड़क नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र एक स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरी मॉडल के रूप में उभरेगा।  बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी विकास की रीढ़ ग्रेटर आगरा योजना की लोकेशन इसे और भी खास बनाती है। यह परियोजना 100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड के पास स्थित है और नेशनल हाईवे-19, फतेहाबाद रोड तथा यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ी हुई है। साथ ही, यमुना नदी की निकटता और कुबेरपुर रेलवे स्टेशन की आसान पहुंच इसे आवागमन और व्यापार के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।  ग्रीन और सस्टेनेबल विकास पर जोर हर टाउनशिप में कम से कम 15 प्रतिशत क्षेत्र ग्रीन स्पेस के लिए आरक्षित रखा गया है। पार्क, ओपन स्पेस और स्पोर्ट्स सुविधाओं के साथ यह योजना पर्यावरण संतुलन और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।  कमर्शियल और पर्यटन का नया केंद्र योजना के तहत यमुनापुरम को कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं कावेरीपुरम को वाटर-बेस्ड एक्टिविटी और मनोरंजन के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा ग्रेटर आगरा पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रेटर आगरा केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। निर्माण कार्य से लेकर उद्योग और सेवा क्षेत्र तक लाखों लोगों को रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां निवेश के लिए आकर्षित होंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। देश के लिए आदर्श शहरी विकास का बनेगा मॉडल ग्रेटर आगरा योजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आधुनिक विकास का एक ऐसा मॉडल है, जो आगरा को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। आने वाले समय में यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल साबित हो सकती है।

वीडियो वायरल: कान में ईयरफोन और मोबाइल पकड़े छात्र से मैडम बोलीं- पंखा करो

 रीवा मध्य प्रदेश के रीवा से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक सरकारी स्कूल में महिला हेडमास्टर खुद कुर्सी पर बैठकर आराम करती नजर आईं, जबकि एक छात्र उनसे पंखा झलवाता दिखा. इतना ही नहीं, हेडमास्टर के कान में ईयरफोन भी लगा हुआ था. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला यह मामला रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के शासकीय माध्यमिक शाला पनासी का बताया जा रहा है. जहां स्कूल की महिला हेडमास्टर वर्षा मांझी एक छात्र से पंखा झलवाती नजर आईं।  वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेडमास्टर कुर्सी पर आराम से बैठी हुई हैं, उनके कान में ईयरफोन लगा हुआ है, जबकि एक छात्र हाथ में पंखा लेकर उन्हें हवा कर रहा है. यह दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों की स्थिति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।  स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई को उजागर करती है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता पहले से ही सवालों के घेरे में है और अब इस तरह के वीडियो सामने आने के बाद व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।  हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी की तूफानी जोड़ी और आरसीबी के पास आज चेन्नई के बड़े रिकॉर्ड की बराबरी का मौका

गुवाहाटी बुमराह चैलेंज' का शानदार तरीके से सामना करने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ 'किंग साइज' टेस्ट देने उतरेंगे। वैभव के सामने विराट कोहली होंगे जो अपने जोश और आक्रामकता से विपक्षी टीम और बैटर पर दबाव बनाने के लिए पहचाने जाते हैं। वैभव इस दबाव को कैसे झेलते हैं इस पर सभी की निगाहें होंगी। बेंगलुरु के सामने राजस्थान की टीम राजस्थान रॉयल्स इस सीजन की सबसे आक्रामक बैटिंग यूनिट बनकर उभरी है। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी ने टीम को तेज शुरुआत देकर विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। गेंदबाजी में भी टीम ने योजनाओं पर सटीक अमल किया है। दूसरी ओर, बेंगलुरु ने संतुलित टीम संयोजन के साथ प्रभावित किया है। विराट कोहली भले ही टी20 से संन्यास ले चुके हों लेकिन उनका अनुभव टीम के लिए अहम बना हुआ है। मैच में बारिश की 14 प्रतिशत संभावना है। बेस्ट ओपनिंग जोड़ियों का सामना इस मैच में दोनों टीम की ओपनिंग जोड़ियों पर भी विशेष नजर रहेगी। राजस्थान की ओर से ओपनिंग करने वाले यशस्वी और वैभव 12.36 रन रेट से रन बनाते हैं। यह रन रेट पिछले सीजन से 200+ रन बनाने वाली ओपनिंग जोड़ियों के बीच बेस्ट है। हर पारी में यह जोड़ी औसतन 64.7 रन जोड़ती है, जो बेस्ट है। विराट और सॉल्ट का रन रेट 10.24 है, जो तीसरा बेस्ट है। विराट और सॉल्ट की जोड़ी ने 15 पारियों में 611 रन जोड़े हैं, जबकि यशस्वी और वैभव ने 10 पारियों में 647 रन जोड़ दिए हैं। सीएसके की बराबरी करेगी आरसीबी? 36 बार बेंगलुरु ने IPL में 200+ स्कोर बनाए हैं। वह एक बार और 200+ स्कोर बनाते ही सर्वाधिक बार इस आंकड़े तक सर्वाधिक बार पहुंचने के मामले में चेन्नई (37 बार) की बराबरी कर लेगी। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग XI: RR: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, रविंद्र जडेजा, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर: रवि बिश्नोई RCB: फिल सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी इम्पैक्ट प्लेयर: सुयश शर्मा दीपेश शर्मा

डिप्टी सीएम अरुण साव की मंजूरी के बाद लखनपुर में दो स्टॉप-डैम निर्माण को हरी झंडी

रायपुर छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत में दो स्टॉप-डैम निर्माण के लिए कुल 33 लाख 26 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लिया गया, जिसके पश्चात विभागीय संचालनालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। स्वीकृत योजना के तहत ढोढ़ी घाट में स्टॉप-डैम निर्माण के लिए 17 लाख 86 हजार रुपए और चिलरा घाट में 15 लाख 40 हजार रुपए की राशि मंजूर की गई है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि और स्थानीय किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। इन स्टॉप-डैम्स के निर्माण से क्षेत्र में जल संकट की समस्या कम होने के साथ-साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अम्बिकापुर में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिला प्रवास के दौरान अम्बिकापुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास पंडित रविशंकर त्रिपाठी चौक में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पंडित रविशंकर त्रिपाठी जी का जीवन जनसेवा, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उनके विचारों और कर्मठता की जीवंत प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की दिशा दिखाती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का योगदान हमें यह सिखाता है कि जनसेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है और इसी मार्ग पर चलकर हम एक सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं। इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुकुल-बडोनी के अर्धशतकों से लखनऊ की ‘सुपर’ जीत, अंक तालिका में पांचवें पायदान पर पहुंची एलएसजी

 कोलकाता आईपीएल 2026 का 15वां मुकाबला गुरुवार को कोलकाता के इडेन गार्डेंस में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और लखनऊ सुपर जाएंट्स (एलएसजी) के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच में एलएसजी ने आखिरी गेंद पर केकेआर को तीन विकेट से हरा दिया। एलएसजी की जीत के हीरो मुकुल चौधरी रहे जिन्होंने आखिरी ओवरों में दमदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत दिलाई। मैच क हाल केकेआर ने जीत के लिए एलएसजी को जीत के लिए 182 रन का लक्ष्य दिया था। आयुष बदोनी के 34 गेंदों पर दो छक्कों और सात चौकों की मदद से 54 और मुकुल चौधरी के 27 गेंदों पर सात छक्कों और दो चौकों की मदद से बनाए नाबाद 54 रनों की मदद से एलएसजी ने केकेआर को तीन विकेट से हरा दिया। मुकुल चौधरी प्लेयर ऑफ द मैच रहे। शीर्ष चार में कौन? केकेआर और एलएसजी मैच के बाद अंक तालिका में बड़ा बदलाव हुआ है। एलएसजी जीत के साथ पांचवें नंबर पर चली गई है। अंक तालिका पर नजर डालें तो राजस्थान रॉयल्स तीन मैचों से छह अंक लेकर पहले स्थान पर है। वहीं, पंजाब किंग्स तीन मैचों में पांच अंक लेकर दूसरे, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दो मैचों से चार अंक लेकर तीसरे और दिल्ली कैपिटल्स तीन मैचों से चार अंक लेकर चौथे स्थान पर है। लखनऊ की टीम तीन मैचों में चार अंक लेकर पांचवें, सनराइजर्स हैदराबाद तीन मैचों से दो अंक लेकर छठे, गुजरात टाइटंस तीन मैचों में दो अंक लेकर सातवें, मुंबई इंडियंस तीन मैचों में दो अंक लेकर आठवें, केकेआर चार मैचों में एक अंक लेकर नौवें और सीएके तीन मैचों के बाद बिना किसी अंक के 10वें स्थान पर है। समान अंक के बावजूद कई टीमों की रैंक में अंतर उनके नेट रन रेट की वजह से है। यशस्वी के पास ऑरेंज कैप केकेआर-लखनऊ के मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप वाले खिलाड़ियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के पास ऑरेंज कैप है। उन्होंने तीन मैचों में 170 रन बनाए हैं। राजस्थान रॉयल्स के ही रवि बिश्नोई के पास पर्पल कैप है। बिश्नोई ने तीन मैचों में सात विकेट लिए हैं।  

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित, 7500 पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूर्ण

भोपाल.  मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा संपन्न कराई गई, जिसके अंतर्गत 7500 पदों के लिए अगस्त 2025 में विज्ञापन जारी किया गया था। उक्त भर्ती के लिए प्रदेशभर से 9 लाख से अधिक अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, जो युवाओं में पुलिस सेवा के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है। लिखित परीक्षा का आयोजन मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में लगभग एक माह तक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। लिखित परीक्षा के उपरांत शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु कुल 57,990 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया। यह परीक्षा 23 फरवरी से 14 मार्च 2026 तक प्रदेश के 10 निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें लगभग 44,483 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया गया। सभी चरणों के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के पश्चात आज अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है, जिसे कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है। घोषित परिणाम के अनुसार कुल 6,525 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया है, जिनमें से 5,916 अभ्यर्थियों का चयन जिला पुलिस बल के लिए तथा 609 अभ्यर्थियों का चयन विशेष सशस्त्र बल के लिए किया गया है। 

पंजीयन कार्यालयों का नया टाइम टेबल लागू, शाम 4 बजे के बाद ही होगी विशेष रजिस्ट्री

रायपुर पंजीयन कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन को लेकर लंबे समय से चल रही अव्यवस्था और समय को लेकर शिकायतों के बीच अब बड़ा फैसला लिया गया है। महानिरीक्षक पंजीयन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की समय-सीमा तय कर दी गई है। इसके तहत अब नियमित अपॉइंटमेंट शाम चार बजे तक ही मिलेंगे। जबकि चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष अपॉइंटमेंट ही लिए जाएंगे। इस बदलाव से जहां कार्यप्रणाली में अनुशासन आने की उम्मीद है, वहीं आम लोगों को भी समय पर सेवा मिलने का रास्ता साफ होगा। वहीं शाम चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष अपॉइंटमेंट छत्तीसगढ़ पंजीयन एवं मुद्रांक कार्यपालिक अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ, रायपुर द्वारा तीन फरवरी को भेजे गए पत्र के बाद शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बता दें कि सुबह 10 से शाम चार बजे तक ही नियमित अपॉइंटमेंट दिए जाएंगे। वहीं शाम चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष परिस्थितियों में स्पेशल अपॉइंटमेंट ही उपलब्ध होंगे। इस संबंध में NGDRS (National Generic Document Registration System) प्रणाली संचालित करने वाली एनआइसी को तत्काल तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को क्या होगा फायदा नई व्यवस्था से अब अपॉइंटमेंट और वास्तविक काम के समय में टकराव नहीं होगा। इससे पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। साथ ही स्पेशल अपॉइंटमेंट को अलग स्लॉट मिलने से आपात या विशेष मामलों का तेजी से निपटारा भी संभव होगा। बता दें कि लंबे समय से पंजीयन कार्यालयों में अपॉइंटमेंट के समय और कार्यालयीन समय के बीच तालमेल नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई बार ऐसा होता था कि अपॉइंटमेंट समय कार्यालय बंद होने के करीब या बाद का होता था, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ती थी। पहले यह थी समस्या अब तक अपॉइंटमेंट सिस्टम में समय-सीमा स्पष्ट नहीं थी, जिससे कई बार अंतिम समय में भी बुकिंग हो जाती थी और काम पूरा नहीं हो पाता था। इससे न केवल आवेदकों को परेशानी होती थी, बल्कि कर्मचारियों पर भी अनावश्यक दबाव बनता था। नई समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा। सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंजीयक और उप पंजीयकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।