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CM Dashboard Ranking: हमीरपुर अव्वल, बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर, यूपी में विकास को मिली रफ्तार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में सीएम डैशबोर्ड अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। सीएम डैशबोर्ड से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में सीएम डैशबोर्ड की मार्च की रिपोर्ट में प्रदेशभर में हमीरपुर ने बेहरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि बरेली ने दूसरा और रामपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की हर माह सीएम डैशबोर्ड से की जाती है समीक्षा सीएम डैशबोर्ड द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट जारी की जाती है। डैशबोर्ड द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। सीएम डैशबोर्ड की मार्च माह की रिपोर्ट के अनुसार हमीरपुर ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं बरेली जिले ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि रामपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। टॉप फाइव जिलों में मैनपुरी और हरदोई ने बनाई जगह डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि रामपुर पिछले कई माह से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रिपोर्ट में टॉप टेन जिलों में अपने जगह बनाए हुए है। वहीं, हमीरपुर ने विकास एवं राजस्व कार्यों की संयुक्त रैंकिंग में 10 में से 9.55 अंक प्राप्त किए हैं। इसी तरह बरेली ने 9.54 अंक हासिल किये हैं। सीएम डैशबोर्ड रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने 10 में से 9.51 अंक प्राप्त किये हैं। इसी तरह मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवे पायदान पर है। वहीं टॉप टेन जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने जगह बनाई है।

अवैध खनन पर प्रशासन का शिकंजा: खारंग नदी हादसे के बाद वाहन मालिक पर केस दर्ज

रायपुर. बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए। पिछले साल 47 मामले दर्ज हुए, 6.95 लाख की हुई वसूली खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

एम्स की नई खोज से कैंसर पर वार: रोशनी से एक्टिव होकर ट्यूमर नष्ट करेगी दवा

भोपाल. एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने कैंसर के इलाज के लिए नैनो-तकनीक विकसित की है, जो शरीर के बाकी हिस्सों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे ट्यूमर पर हमला करेगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दवा शरीर के अंदर तब तक शांत रहती है, जब तक उस पर विशेष लाल रोशनी न डाली जाए। रोशनी पड़ते ही यह सक्रिय होकर कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देती है। एम्स भोपाल के बायोकैमिस्ट्री विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डा. सुखेस मुखर्जी के सहयोग से हुए इस शोध में एक खास नैनोकण (बेहद सूक्ष्म कण) तैयार किया गया है। यह कण खून के जरिए ट्यूमर तक पहुंच जाता है।जब डाक्टर ट्यूमर वाले हिस्से पर लाल रोशनी डालते हैं, तो यह कण सक्रिय होकर दो तरह के घातक प्रहार करता है। यह एक साथ सिंगलेट आक्सीजन और कार्बन मोनोऑक्साइड छोड़ता है, जो मिलकर कैंसर कोशिकाओं को खत्म करते हैं। लाल रोशनी का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि यह शरीर में गहराई तक प्रवेश कर सकती है। यह नैनोकण शरीर में धीरे-धीरे खुद ही घुलकर खत्म हो जाता है, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित भी है। कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों से मिलेगी राहत पारंपरिक कीमोथेरेपी में अक्सर शरीर के स्वस्थ सेल भी मर जाते हैं, जिससे मरीज को बाल झड़ने या अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। लेकिन इस नई तकनीक में दवा केवल वहीं असर करेगी जहां रोशनी डाली जाएगी। इससे शरीर के दूसरे अंगों पर बुरा असर पड़ने की आशंका बहुत कम हो जाएगी। परीक्षण में पाया गया है कि यह तकनीक स्तन और यकृत (लीवर) कैंसर के इलाज में बेहद असरदार है। यह शोध दुनिया के प्रतिष्ठित जर्नल डाल्टन ट्रांजैक्शंस में प्रकाशित हुआ है। इनका कहना है यह शोध कैंसर के सटीक और नियंत्रित उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। आम लोगों को प्रभावी इलाज – एम्स भोपाल चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है ताकि आम लोगों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज मिल सके। – डा. सुखेस मुखर्जी, एडिशनल प्रोफेसर, एम्स भोपाल।

रोहित-हार्दिक पर जिम्मेदारी, पाटीदार-कोहली से टक्कर,आज होगा हाई-वोल्टेज मुकाबला

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग में अपने अभियान की धीमी शुरुआत के बाद मुंबई इंडियंस रविवार को वानखेड़े स्टेडियम पर गत चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से खेलेगी तो उसका लक्ष्य अपने गढ में जीत की राह पर लौटने का होगा। तेरह सत्र में पहली बार मुंबई ने आईपीएल में जीत के साथ शुरुआत करते हुए दो सप्ताह पहले यहां कोलकाता नाइट राइडर्स को छह विकेट से हराया। पांच बार की चैम्पियन टीम हालांकि उसके बाद लय कायम नहीं रख सके और दूसरे मैदान पर दोनों मैच बड़े अंतर से हारने के बाद अब खराब रन रेट के साथ आठवें स्थान पर है। पहले मैच के बाद रोहित नहीं चले रोहित शर्मा को कुछ समय के लिये आरेंज कैप भी मिली लेकिन बल्लेबाजी मुंबई की चिंता का सबब है और आरसीबी जैसे दमदार प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक ईकाई के रूप में उसे अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी। मैच टाइम कम रहने के बावजूद रोहित ने अब तक मुंबई के लिये सर्वाधिक रन बनाये हैं लेकिन मध्यक्रम में तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव नहीं चल पा रहे। सूर्यकुमार ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अर्धशतक बनाया लेकिन राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अगले मैच में नाकाम रहे। कप्तान हार्दिक पंड्या का बल्ला अभी तक चला नहीं है।गुवाहाटी में बल्लेबाजों की मददगार पिच पर मुंबई के बल्लेबाज लय को तरसते रहे जबकि रॉयल्स के यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक पारियां खेली। जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज की भी उन्होंने धुनाई कर दी और पावरप्ले के 3.2 ओवर में ही 59 रन जोड़ दिये। मुंबई के पास एक और विकल्प बायें हाथ के स्पिनर मिचेल सेंटनेर को लाने का है जबकि इंग्लैंड के हरफनमौला विल जैक्स अभी पहुंचे नहीं हैं। मुंबई को बखूबी पता है कि पिछला मैच हारने के बाद आरसीबी वापसी की पूरी कोशिश करेगी। सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल की बेहतरीन पारियों के दम पर रॉयल्स ने उसे छह विकेट से हराया है। बल्लेबाजों की मददगार पिच पर आरसीबी के पास कई बेहतरीन बल्लेबाज हैं। कप्तान रजत पाटीदार (142), विराट कोहली (129) और देवदत्त पडिक्कल (125) ने अच्छी पारियां खेली है जबकि टिम डेविड (99), रोमारियो शेफर्ड और वेंकटेश अय्यर फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं। जोश हेजलवुड की वापसी से गेंदबाजी मजबूत हुई है जो भुवनेश्वर कुमार के साथ नयी गेंद संभालेंगे। इस प्रकार हैं दोनों टीमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जैकब डफी, जोश हेज़लवुड, रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, मंगेश यादव, विहान मल्होत्रा, विक्की ओस्तवाल, अभिनंदन सिंह, जैकब बेथेल, जॉर्डन कॉक्स, स्वप्निल सिंह, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, अथर्व अंकोलेकर, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सेंटनर, शार्दुल ठाकुर, तिलक वर्मा, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, मयंक मार्कंडेय, मोहम्मद इज़हार, रघु शर्मा। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

कंपनी देगी 19वीं बार डिविडेंड, 1 शेयर पर 30 रुपये का लाभ, रिकॉर्ड डेट की घोषणा

मुंबई   Muthoot Finance Ltd ने एक बार फिर से डिविडेंड देने का फैसला किया है। कंपनी ने इस बार एक शेयर पर 30 रुपये डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस डिविडेंड के लिए Muthoot Finance Ltd की तरफ से रिकॉर्ड डेट की जानकारी दे दी गई है। जोकि अगले हफ्ते ही है। किस दिन है रिकॉर्ड डेट? (Muthoot Finance Dividend Record date) Muthoot Finance Ltd ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया गया है कि एक शेयर पर 30 रुपये का डिविडेंड दिया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए कंपनी ने 17 अप्रैल 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बता दें, कंपनी पहली बार इस साल एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने जा रही है। 19वीं बार डिविडेंड देने जा रही है कंपनी इस कंपनी ने पहली बार 2012 में डिविडेंड दिया था। तब कंपनी ने एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड बांटा था। 2013 में कंपनी ने एक शेयर पर 4.5 रुपये का डिविडेंड दिया था। आखिरी बार Muthoot Finance Ltd के शेयर 25 अप्रैल 2025 को एक्स-डिविडेंड ट्रेड किए थे। तब कंपनी ने हर एक शेयर पर 26 रुपये का डिविडेंड दिया था। बता दें, कंपनी ने अबतक एक बार भी निवेशकों को बोनस शेयर नहीं दिया है। शेयरों का प्रदर्शन कैसा है? (Muthoot Finance Stock Performance) यह स्टॉक बीएसई के क्लोजिंग के टाइम पर 2 प्रतिशत से अधिक की उछाल के बाद 3572.55 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। पिछले एक हफ्ते में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 12.41 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं, 6 महीने में यह स्टॉक 13.13 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बता दें, एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। Muthoot Finance Ltd का बीएसई में 52 वीक हाई 4149 रुपये और 52 वीक लो लेवल 1964.35 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 लाख करोड़ रुपये का है। 10 साल में 1896% की तेजी दो साल में Muthoot Finance Ltd ने 116 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। तीन साल में कंपनी के शेयरों का भाव 247 प्रतिशत बढ़ा है। बता दें, 10 साल से शेयरों को होल्ड करने वाले निवेशकों को अबतक 1896 प्रतिशत का फायदा मिला है।

स्लो ओवर रेट पड़ा भारी, कप्तान गायकवाड़ पर BCCI की कार्रवाई

चेन्नई एमए चिदंबरम स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। जीत के जश्न के बीच कप्तान रुतुराज गायकवाड़ पर आईपीएल की आचार संहिता के उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना लगाया गया है। शनिवार को हुए इस मैच में चेन्नई की टीम निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने कोटे के ओवर पूरे करने में नाकाम रही जिसके कारण बीसीसीआई ने यह कड़ा कदम उठाया। रुतुराज गायकवाड़ पर जुर्माना आईपीएल की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच नंबर 18 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स ने स्लो ओवर रेट बनाए रखा। आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह इस सीजन में चेन्नई की टीम का पहला अपराध था। नियमों के अनुसार मैच के दौरान फील्डिंग टीम को तय समय में ओवर खत्म करने होते हैं जिसमें गायकवाड़ की कप्तानी वाली टीम चूक गई। 12 लाख का जुर्माना लगा चूंकि यह सीजन का उनका पहला अपराध था इसलिए आईपीएल के न्यूनतम ओवर-रेट नियमों के तहत कप्तान रुतुराज गायकवाड़ पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आईपीएल में समय की पाबंदी को लेकर नियम काफी सख्त हैं और पहली बार गलती होने पर कप्तान पर आर्थिक दंड का प्रावधान है। यदि टीम आगे भी यही गलती दोहराती है तो जुर्माने की राशि बढ़ सकती है और कप्तान पर मैच निलंबन का खतरा भी मंडरा सकता है। सीएसके को मिली पहली जीत सीएसके की टीम को इस सीजन की अपनी पहली जीत दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली है। सीएसके की टीम ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 23 रन से जीत हासिल की। पहले बल्लेबाजी करते हुए सीएसके ने संजू सैमसन की शतकीय पारी के दम पर 212 रन का स्कोर बोर्ड पर लगाया। जवाब में दिल्ली की टीम सिर्फ 189 रन पर ऑलआउट हो गई।  

संस्कृति बचाने की पहल: पांडुलिपि संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील, CM साय का संदेश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है. उन्होंने कहा, हमारी पांडुलिपियां हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है. केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है. यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है. उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा, यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें. मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंच सकेगी. उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएं. 7 जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जल्द छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 7 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है. जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है. प्रशिक्षकों को नोडल विभाग द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 4191 पांडुलिपी का सर्वे ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी. वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 6 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरंभ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है.

CM अभ्युदय योजना का असर: RO/ARO परीक्षा में 10 होनहारों ने पाई सफलता, बढ़ा युवाओं का आत्मविश्वास

लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयास लगातार रंग ला रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर सफलता की नई कहानी लिखते हुए चर्चा में है। हाल ही में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग  द्वारा घोषित आरओ/एआरओ परीक्षा परिणाम में इस योजना से जुड़े 10 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर नाम रोशन किया है। इन सफल अभ्यर्थियों में 9 पुरुष और 1 महिला हैं। यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है।  उच्च गुणवत्ता की निःशुल्क कोचिंग, शांत वातावरण के साथ बेहतर खानपान की सुविधा चयनित अभ्यर्थियों में चित्रकूट के दिवाकर सिंह, महोबा के दीपेश कुमार खरे, सहारनपुर के विशेष प्रजापति और मोहित कनौजिया, महोबा के प्रदीप राजपूत, बाराबंकी के संजीत कुमार वर्मा, लखनऊ के मृत्युंजय सिंह, पीलीभीत के अविनाश कुमार, खुशबू पटेल और औरैया के धर्मेंद्र शामिल हैं। सहारनपुर निवासी विशेष प्रजापति की सफलता खास तौर पर प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 37वीं रैंक हासिल की। विशेष प्रजापति ने बताया कि उन्होंने करीब 25 महीनों तक अभ्युदय योजना के तहत तैयारी की, जहां उन्हें उच्च गुणवत्ता की निःशुल्क कोचिंग, अनुशासित और शांत वातावरण के साथ-साथ बेहतर खानपान की सुविधा भी मिली।  योगी सरकार की अभ्युदय योजना ने बढ़ाया आत्मविश्वास विशेष ने कहा कि योगी सरकार की अभ्युदय योजना ने उन्हें न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत किया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया, जिससे वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सके। वहीं महोबा के दीपेश कुमार खरे ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी एक नोटिफिकेशन के माध्यम से मिली थी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए धैर्य, निरंतर अभ्यास और अपनी गलतियों से सीखना बेहद जरूरी होता है। दीपेश ने बताया कि उनका चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप विभाग कर रहा कामः उपनिदेशक समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विभाग पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। हर वर्ष इस योजना से जुड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जो इसकी लोकप्रियता और सफलता का प्रमाण है। उनका लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जरूरतमंद और प्रतिभाशाली छात्र तक इस योजना का लाभ पहुंचे। दरअसल, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और नियमित कक्षाएं इस योजना को खास बनाती हैं।

सोने के भंडार में कौन टॉप पर? चीन टॉप-5 में नहीं, जानिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत की स्थिति

इंदौर  सोना मुसीबत का सहारा होता है. परिवार हो या देश, दोनों सोना खरीदने से पीछे नहीं हटता. लेकिन क्या आप जानते दुनिया में सबसे ज्यादा सोना किस देश के पास है? भारत के पास कितना सोना है? चीन के पास कितना सोना है? पाकिस्तान और बांग्लादेश के पास कितना सोना है? और पिछले कुछ महीनों में किस देश ने सबसे ज्यादा सोना खरीदा है?  हालिया दौर में गोल्ड और सिल्वर के दाम में लंबी छलांग देखने को मिली है. सोने के साथ चांदी की कीमत आसमान छू रही हैं.  आंकड़े बताते हैं कि बीते 5 साल में ही इसमें 265 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है. चीन, पोलैंड और तुर्की से लेकर भारत ने गोल्ड रिजर्व में इजाफा किया है. यहां के सेंट्रल बैंक गोल्ड खरीदने में आगे रहे, जबकि कई देशों ने गोल्ड रिजर्व को घटाया है, इनमें फिलीपींस से लेकर श्रीलंका का नाम शामिल है.  आइए जानते हैं सोना खरीदने और बेचने में कौन से देश सबसे आगे हैं और भारत किस नंबर पर आता है।  किसने देश ने खरीदा सबसे ज्यादा सोना? वर्ल्ड ऑफ स्टेटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते पांच साल यानी 2020 से लेकर 2025 तक सोना खरीदने के मामले में चीन नंबर वन पर है. चीन ने बीते पांच साल में 357.1 टन गोल्ड की खरीदारी की है. हालांकि जानकारों की मानें तो यह इससे भी ज्यादा हो सकता है. चीन के बाद गोल्ड खरीदने में पोलैंड का दूसरा स्थान है, जिसने बीते पांच साल के भीतर 314.6 टन सोना खरीदा है. तीसरे नंबर पर तुर्की का नंबर आता है, जिसने 251.8 टन गोल्ड खरीदा है।  अमेरिका के पास सबसे ज्यादा सोना अब आइए जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोना किस देश के पास पड़ा है. अमेरिका सबसे बड़े सोने के भंडार पर बैठा है, अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ज्यादा 8,133 टन सोना है,  यह भंडार मुख्य रूप से 'फोर्ट नॉक्स' में सुरक्षित है।    जर्मनी के पास अकूत सोना  अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा सोना जर्मनी के पास करीब 3,350 टन है, जो कि उसे यूरोप में सबसे बड़ा स्वर्ण धारक बनाता है. वहीं इटली 2,452 टन सोने के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है. फ्रांस के पास करीब 2,437 टन सोने का भंडार है।         चीन भी जमकर खरीद रहा है सोना सोने के भंडार में 5वें नंबर पर रूस का नंबर आता है, वर्तमान में रूस के पास करीब 2,330 टन सोना है. यानी टॉप-5 में अभी भी चीन नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से चीन लगातार सोने का भंडार अपने यहां बढ़ा रहा है. चीन के पास वर्तमान में लगभग 2,313.5 टन सोना है. चीन पिछले 17 महीनों से लगातार अपने भंडार में सोना जोड़ रहा है. अगर चीन इसी गति से खरीदारी जारी रखता है, तो वह जल्द ही टॉप-5 देशों में शामिल हो सकता है।                 भारत के पास सोने का बड़ा भंडार भारत का स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) साल 2026 में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास लगभग 880 टन सोना है. भारत लगातार अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए सोना खरीद रहा है. भारत न केवल सरकारी स्तर पर बल्कि निजी तौर पर भी दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है।  भारत भी खूब खरीद रहा है सोना दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी खरीदारी की रफ्तार तेज कर दी है. फरवरी 2026 में भारत ने करीब 18 टन सोना खरीदा है. भारत पिछले कई महीनों से लगातार सोना खरीद रहा है ताकि अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम की जा सके और अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित किया जा सके. भारत, चीन और रूस जैसे देश डॉलर के प्रभाव को कम करने के लिए सोने को एक ठोस विकल्प के रूप में देख रहे हैं।        पाकिस्तान के पास महज इतना सोना  पाकिस्तान के पास बेहद कम सोने का भंडार है, वैसे भी देश आर्थिक तौर पर बदहाल है. फिलहाल पाकिस्तान के पास लगभग 64.77 टन सोना सुरक्षित है. जो कि भारत के मुकाबले काफी कम है. बांग्लादेश के पास महज लगभग 14.28 टन सोना है।                 पोलैंड (Poland) सोना खरीदने में आगे साल 2026 की शुरुआती आंकड़ों (फरवरी-मार्च 2026) के मुताबिक दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों में सोना खरीदने की होड़ मची हुई है. पिछले एक से दो महीनों में जिन देशों ने सबसे ज्यादा सोना खरीदा है, उसमें पोलैंड का नाम सबसे ऊपर है. फरवरी 2026 में पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने अकेले 20 टन सोना खरीदा है, पोलैंड का लक्ष्य अपने कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 20% हिस्सा सोने में बदलना है।        उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) ने खरीदा सोना  उज्बेकिस्तान ने फरवरी-मार्च के दौरान लगभग 8 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा है. यह पिछले लगातार 5 महीनों से सोने का शुद्ध खरीदार बना हुआ है. कजाकिस्तान ने भी हाल ही में अपनी सक्रियता बढ़ाई है और पिछले महीने लगभग 8 टन सोना खरीदा है।   गोल्ड खरीदने में भारत किस नंबर पर? चौथे नंबर पर भारत है, जिसने 245.3 टन सोना खरीदा. इसके अलावा ब्राजील ने 105.1 टन, अजरबैजान ने 83.6 टन, थाईलैंड ने 80.6 टन, हंगरी ने 78.5 टन सोने और सिंगापुर ने 77.3 टन गोल्ड खरीदा है. ईरान ने 74.612, कतर ने 73.013, रूस ने 55.4 टन और यूएई ने 51.7 टन सोना खरीदा. टॉप-15 की लिस्ट में पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 के बाद सोने के दाम में 265 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।  सोना बेचने में कौन से देश आगे? बीते पांच साल में गोल्ड बेचने के मामले में फिलीपींस पहले स्थान पर है, उसने 65.2 टन गोल्ड बेचा है. दूसरे नंबर पर कजाकिस्तान है, जिसने इस दौरान 52.4 टन सोना बेचा. श्रीलंका ने 19.1 टन गोल्ड की बिक्री की. जर्मनी का गोल्ड रिजर्व भी 16.3 टन घटा है. मंगोलिया ने 15.9 टन सोना बेचा. इसके अलावा ताजिकिस्तान ने 11.9 टन, कोलंबिया ने 9.2 टन और फिनलैंड ने 5.4 टन गोल्ड की बिक्री की।   

निक्की तंबोली की बिकिनी तस्वीरें, BF के साथ रोमांटिक पल, दूसरे धर्म में शादी की योजना!

मुंबई  मशहूर टीवी एक्ट्रेस निक्की तंबोली इन दिनों वेकेशन पर हैं. वो अपने बॉयफ्रेंड अरबाज पटेल संग मालदीव में हॉलीडे एन्जॉय कर रही हैं। निक्की ने वेकेशन से अपनी कई सुपर सिजलिंग तस्वीरें शेयर की हैं. एक्ट्रेस रेड बिकिनी में कहर ढाती नजर आ रही हैं।  निक्की ने बीच पर कभी बैठकर तो कभी मस्ती करते हुए अपनी कई किलर तस्वीरें शेयर की हैं. एक्ट्रेस के पोज, एक्सप्रेशन्स हर चीज ऑन पॉइंट है।  रेड बिकिनी टॉप संग निक्की कुछ तस्वीरों में शर्ट पहनी दिखीं. उन्होंने ट्राउजर भी टीमअप किया. ग्लोइंग मेकअप में वो स्टनिंग लगीं. हवा में उड़ते उनके बाल उनके हुस्न में चार चांद लगा रहे हैं।   निक्की ने वॉटर विला के बाहर बाइक राइड भी एन्जॉय की. निक्की की बोल्डनेस पर फैंस फिदा हो रहे हैं।  निक्की अपने बोल्ड फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं. वो अपने सिजलिंग अवतार से हमेशा फैंस को क्लीन बोल्ड कर देती हैं। निक्की के बॉयफ्रेंड अरबाज ने भी एक्ट्रेस संग एक रोमांटिक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में अरबाज लेडी लव निक्की संग रोमांटिक होते हुए दिखाई दे रहे हैं. वो निक्की को KISS करते हुए भी नजर आए।  निक्की और अरबाज की बात करें तो दोनों लंबे समय से रिश्ते में हैं. निक्की हिंदू हैं, जबकि अरबाज मुस्लिम परिवार से हैं. ऐसे में निक्की के पिता को उनका रिश्ता मंजूर नहीं है. लेकिन परिवार के खिलाफ जाकर निक्की ने अपने प्यार को चुना है। निक्की अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हैं. उनका बेबाक अंदाज ही फैंस को पसंद आता है. अब हर किसी को अरबाज संग उनकी शादी का इंतजार है।