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MP नगर में जोरदार धमाका: ट्रांसफार्मर फटा, पास खड़ी फॉर्च्यूनर क्षतिग्रस्त, मचा हड़कंप

भोपाल. शहर के एमपी नगर में रविवार को एक भीषण हादसा हो गया, जहां ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों ने वहां खड़ी फॉर्च्यूनर कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। भोपाल के एमपी नगर इलाके में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया। जब एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पास खड़ी एक फॉर्चूनर कार को अपनी चपेट में ले लिया। जिसमें कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।

Excise Revenue Boom: पंजाब सरकार की कमाई में उछाल, तय लक्ष्य से 582 करोड़ अधिक संग्रह

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पाद शुल्क (एक्साइज) संग्रह के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों बताया कि विभाग ने 31 मार्च तक 11,782 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जो तय लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये से 582 क207 खुदरा शराब समूहोंरोड़ रुपये अधिक है। इसे सरकार की नीतिगत सख्ती और पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा माना जा रहा है। चीमा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्पाद शुल्क से मिलने वाला राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। वर्ष 2021-22 में जहां यह आंकड़ा 6,254.84 करोड़ रुपये था, वहीं अब बढ़कर 11,782 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ जुटाने का लक्ष्य मंत्री ने इस सफलता का श्रेय मजबूत उत्पाद शुल्क नीति, प्रभावी प्रशासनिक प्रक्रियाओं और व्यापार-अनुकूल वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और नियमों के पालन को भी प्राथमिकता दी है, जिससे शराब कारोबार में स्थिरता आई है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है। चीमा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई नई आबकारी नीति में लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 9,877 करोड़ रुपये से अधिक है। 207 खुदरा शराब समूहों को लाइसेंस आवंटित उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 207 खुदरा शराब समूहों को नए वित्त वर्ष के लिए लाइसेंस आवंटित कर दिए गए हैं। यह नीति के प्रति कारोबारियों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा- “उत्पाद शुल्क नीति 2026-27 को लेकर समग्र प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। इससे राज्य के खजाने में लगातार राजस्व का प्रवाह बना रहेगा और शराब व्यापार में स्थिरता सुनिश्चित होगी।”  सरकार का दावा है कि सख्त निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण राजस्व में यह बढ़ोतरी संभव हो सकी है। आने वाले समय में भी विभाग इसी रणनीति पर काम करते हुए लक्ष्य से अधिक वसूली की दिशा में आगे बढ़ेगा।

शादी के नाम पर ठगी: बक्सर पुलिस ने नकली दुल्हन गैंग का किया भंडाफोड़

बक्सर बिहार के बक्सर जिले से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहाँ शादी के नाम पर भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बक्सर पुलिस ने इस 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के कुल आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। नकली शादी और फिर गहनों की लूट यह गिरोह काफी योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया करता था। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। फिर उन्हें शादी का झांसा देकर एक महिला को 'दुल्हन' के रूप में पेश किया जाता था। शादी संपन्न होने के कुछ ही समय बाद गिरोह के अन्य सदस्य 'नकली पुलिसकर्मी' या दुल्हन के परिजन बनकर पहुँच जाते थे और लड़के वालों को डरा-धमकाकर गहने और पैसे लूट लेते थे। दो बच्चों की मां बनी थी 'दुल्हन' बक्सर एसपी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वह महिला भी शामिल है जिसे दुल्हन बनाकर पेश किया गया था। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस महिला को कुंवारी बताकर शादी करवाई गई, वह पहले से ही शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बक्सर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी सक्रिय था। कैश, गहने और ऑटो बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 38,500 रुपये नकद, सोने की बाली, चांदी की पायल, मोबाइल फोन और वह ऑटो बरामद किया है जिसका इस्तेमाल ये लोग वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि ये लोग योजना के तहत घटना को अंजाम देते थे ताकि पीड़ित पक्ष लोक-लाज के डर से पुलिस के पास न जाए। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पूर्व में की गई ठगी की वारदातों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह जैसे मामलों में पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

तनाव के बीच ईरान की खुली चेतावनी, विशेषज्ञों ने दिए बड़े संकेत

वॉशिंगटन. सीजफायर बातचीत में आई रुकावट को देखते हुए, विदेश मामलों के जानकार वाएल अव्वाद ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को यह संदेश दिया है कि किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की गरिमा और संप्रभुता का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका का 'या तो इसे मानो या छोड़ दो' वाला रवैया अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काम नहीं करता, और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए, ईरान अब मजबूत स्थिति से बातचीत कर रहा है। रविवार को न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये वही गारंटियां हैं जो ईरान अमेरिका से किसी भी तरह की डील करने से पहले चाहता था, क्योंकि उनका अमेरिकियों पर से भरोसा उठ गया है। अमेरिकियों ने उन पर दो बार हमला किया, जबकि उन दिनों बातचीत चल रही थी और बातचीत में कुछ प्रगति भी हुई थी।" अव्वाद ने आगे कहा कि आजकल अमेरिकी रवैया 'या तो इसे मान लो या छोड़ दो' वाला है, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काम नहीं करता, खासकर तब जब ईरान जैसा कोई देश यह महसूस करता हो कि उसने यह दौर जीत लिया है और वह कमजोरी के बजाय मजबूती की स्थिति से बात कर रहा है। उन्होंने जिक्र किया कि जहां एक तरफ ट्रंप दुनिया को यह बताते रहते हैं कि अमेरिका जीत रहा है, बातचीत के नतीजों से बेपरवाह, वहीं दूसरी तरफ ईरान उन्हें साफ संदेश दे रहा है कि उसकी गरिमा और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरा मानना ​​है कि ईरान उन्हें साफ संदेश दे रहा है कि अगर आप किसी समझौते पर पहुंचना चाहते हैं, तो आपको ईरान की गरिमा और संप्रभुता का सम्मान करना होगा, और आपको इजरायल के साथ मिलकर उन पर हमले करना बंद करना होगा।" उन्होंने यह भी बताया कि वॉशिंगटन और ईरान के बीच तालमेल कम है, क्योंकि तीन अहम मुद्दे अभी भी बातचीत के लिए बाकी हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह अमेरिका के लिए है, क्योंकि उसने यह नहीं कहा कि यह एक नाकामी है। यही सबसे अहम बात है। उसने कहा कि कोई समझौता नहीं हो पाया, क्योंकि अमेरिका ने ईरानियों के मानने के लिए अपनी शर्तें रखीं, जबकि ईरानियों ने भी अपनी तरफ से अपनी शर्तें रखीं, और उन्होंने अमेरिकियों को अपनी 10 मांगों पर गौर करने का मौका भी दिया। इसलिए मुझे लगता है कि दोनों पक्षों के बीच तालमेल कम था, हालांकि ईरानियों का कहना है कि अभी भी तीन बड़े मुद्दे बाकी हैं, और मेरा मानना ​​है कि ये मुद्दे हैं, परमाणु मुद्दा, होर्मुज और ईरान पर हमला न करने का फैसला।

हेलीकॉप्टर से दागी जाने वाली ध्रुवास्त्र मिसाइल से भारतीय सेना को मिलेगा नया दम

नई दिल्ली डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित ध्रुवास्त्र मिसाइल भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह हेलीकॉप्टर से दागी जाने वाली नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) का आधुनिक संस्करण है, जिसे पहले हेलिना (HELINA) के नाम से जाना जाता था। यह मिसाइल न केवल भारत की आत्मनिर्भर भारत मुहिम को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि युद्ध के मैदान में खासकर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारतीय वायुसेना और थल सेना की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी। रुवास्त्र की क्या-क्या खूबियां? ध्रुवास्त्र भारत के इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। इसकी परिकल्पना 1980 के दशक में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में की गई थी। नाग मिसाइल परिवार के तहत अब तक जमीन से दागी जाने वाली नाग, कैरियर (NAMICA) और मैन-पोर्टेबल (MPATGM) जैसे कई संस्करण तैयार किए जा चुके हैं। ध्रुवास्त्र इसी कड़ी का हवाई संस्करण है। ध्रुवास्त्र की सबसे बड़ी ताकत इसकी थर्ड-जनरेशन फायर एंड फॉरगेट प्रणाली है। एक बार लक्ष्य पर लॉक होने के बाद, मिसाइल ऑटोमैटिक रूप से उसे ट्रैक कर नष्ट कर देती है। यह मिसाइल खराब मौसम और रात के अंधेरे में भी दुश्मन के टैंकों की गर्मी को पहचान कर उन्हें सटीक निशाना बना सकती है। आधुनिक टैंकों का ऊपरी हिस्सा सबसे कमजोर होता है। ध्रुवास्त्र पहले ऊंचाई पर जाती है और फिर सीधे ऊपर से हमला करती है, जिससे भारी से भारी बख्तरबंद वाहन भी नष्ट हो जाते हैं। इसकी मारक दूरी 7 किलोमीटर तक है। 43 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल 800 मिलीमीटर मोटी स्टील प्लेट को भेदने की क्षमता रखती है। स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की ताकत ध्रुवास्त्र को विशेष रूप से लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित रुद्र और प्रचंड जैसे अटैक हेलीकॉप्टरों से दागा जा सकता है। हाल ही में सरकार ने 156 प्रचंड हेलीकॉप्टरों के ऑर्डर दिए हैं। इन हेलीकॉप्टरों पर ध्रुवास्त्र की तैनाती से भारतीय सेना को सीमा पर दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के खिलाफ एक निर्णायक बढ़त मिलेगी। सरकार ने सितंबर 2023 में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 200 से अधिक ध्रुवास्त्र मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी थी। एक मिसाइल की लागत 1 करोड़ रुपये से भी कम रहने का अनुमान है। इसकी तैनाती के बाद भारत को रूस या यूरोप से कोंकुर्स और मिलान जैसी पुरानी मिसाइलें आयात करने की जरूरत कम हो जाएगी। ध्रुवास्त्र की सफलता के बाद DRDO अब SANT पर काम कर रहा है। इसकी रेंज और भी अधिक होगी और इसमें मिलीमीटर-वेव रडार जैसे और भी आधुनिक सेंसर लगे होंगे।

एक अरब डॉलर दो, वरना… युगांडा सेना प्रमुख की चेतावनी से तुर्की में हलचल

कंपाला. युगांडा के रक्षा बलों के प्रमुख जनरल मुहूजी कैनेरुगाबा ने तुर्की को एक विवादास्पद अल्टीमेटम जारी किया है। राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के पुत्र जनरल कैनेरुगाबा ने तुर्की से 1 अरब डॉलर का 'सुरक्षा लाभांश' और उस देश की 'सबसे खूबसूरत महिला' से शादी की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 30 दिनों के अंदर इन शर्तों को पूरा नहीं किया गया तो युगांडा तुर्की के साथ सभी राजनयिक संबंध समाप्त कर देगा। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अब हटा दिए गए पोस्ट्स में जनरल कैनेरुगाबा ने तुर्की पर सोमालिया में बुनियादी ढांचा और बंदरगाह संबंधी सौदों से फायदा उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युगांडा के सैनिकों ने अल-शबाब आतंकवादियों के खिलाफ लड़ते हुए लगभग दो दशक बिताए हैं, जबकि तुर्की बाद में आकर आर्थिक लाभ उठा रहा है। जनरल ने मांग की कि सैन्य हस्तक्षेप के मुआवजे के रूप में युगांडा को तुर्की से 1 अरब डॉलर मिलना चाहिए। खूबसूरत महिला को बनाना चाहता हूं पत्नी एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि तुर्की से 1 अरब डॉलर के अलावा, मैं उस देश की सबसे खूबसूरत महिला को अपनी पत्नी बनाना चाहता हूं। जनरल कैनेरुगाबा ने कहा कि मैं तुर्की के साथ संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन हमारे सामने उनका कोई अस्तित्व नहीं बचेगा। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगे पूरी न हुईं तो कंपाला में तुर्की दूतावास बंद करने और संबंध सीमित करने जैसी राजनयिक कार्रवाई की जाएगी। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि असली समस्या तुर्की है! हमने उनके सुधार की प्रतीक्षा की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अगर वे हमारी समस्याओं का समाधान नहीं करते, तो अगले 30 दिनों में हम तुर्की के साथ सभी राजनयिक संबंध समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की के लिए यह 'बहुत सरल सौदा' है, या तो भुगतान करें या दूतावास बंद कर दिया जाएगा। जनरल ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का जिक्र करते हुए कहा कि वे इस्तांबुल में उनसे मिलने की उम्मीद रखते हैं और एक साल में वहां 'नायक की तरह' स्वागत होगा। उन्होंने लिखा कि मैं अपने अंकल राष्ट्रपति एर्दोगन का अभिवादन करूंगा। विवादास्पद पोस्ट के लिए चर्चा में रहे हैं बता दें कि जनरल मुहूजी कैनेरुगाबा पहले भी विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिए चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने युगांडा द्वारा केन्या पर आक्रमण कर दो सप्ताह में नैरोबी पर कब्जा करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद उनकी सरकार को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी और उन्हें अस्थायी रूप से पद से हटाया गया था। इसके अलावा, उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को पशुधन के बदले शादी का प्रस्ताव देने जैसी असामान्य टिप्पणियां भी की हैं।  

एक जैसा अंत: Lata Mangeshkar की तरह ही उसी उम्र, दिन और अस्पताल में Asha Bhosle का निधन

नई दिल्ली. भारतीय संगीत के आकाश से आज एक ऐसी धवल और सुरीली किरण ओझल हो गई, जिसकी चमक ने सात दशकों तक सात सुरों को रोशन किया था। स्वर साम्राज्ञी आशा भोसले (Asha Bhosle) अब हमारे बीच नहीं रहीं। 12 अप्रैल 2026 की उस मनहूस दोपहर ने संगीत प्रेमियों के कानों में एक ऐसा सन्नाटा भर दिया है, जिसे भरने के लिए अब कोई दूसरी आवाज नहीं होगी। 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। आशा ताई का जाना केवल एक गायिका का जाना नहीं है, बल्कि उस चंचल, बहुमुखी और जादुई आवाज के अध्याय का अंत है, जिसने शास्त्रीय संगीत से लेकर क्लब डांस नंबर्स तक को अपनी रूह से सींचा था। दिन रविवार, उम्र 92 साल और ब्रीच कैंडी अस्पताल कुदरत के खेल भी बड़े निराले और अक्सर हैरान कर देने वाले होते हैं। आशा भोसले के निधन की खबर के साथ ही एक ऐसा गजब का संयोग उभरकर सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। इसे नियति का संकेत कहें या दो बहनों के बीच का अटूट आत्मिक बंधन आशा ताई और उनकी बड़ी बहन भारत रत्न लता मंगेशकर के प्रस्थान में एक अद्भुत समानता दिखी है। गजब का संयोग अस्पताल: दोनों बहनों ने मुंबई के 'ब्रीच कैंडी अस्पताल' में ही अपनी अंतिम सांसें लीं। आयु: लता दीदी का निधन भी 92 वर्ष की आयु में हुआ था और आशा ताई ने भी इसी पड़ाव पर दुनिया को अलविदा कहा। दिन: दोनों ही महान हस्तियों के निधन का दिन 'रविवार' रहा। ऐसा लगता है मानो सुरों की ये दो देवियां, जिन्होंने मंगेशकर परिवार का नाम दुनिया के कोने-कोने में गुंजायमान किया, उन्होंने स्वर्ग की यात्रा के लिए भी एक ही मार्ग और एक ही मुहूर्त चुना। वह आवाज जो कभी बूढ़ी नहीं हुई आशा भोसले की सबसे बड़ी खूबी उनकी आवाज़ की अमर जवानी थी। जहाँ लता मंगेशकर की आवाज़ में गंगा की पवित्रता और ठहराव था, वहीं आशा ताई की आवाज़ में किसी पहाड़ी झरने सी चंचलता और समंदर सी गहराई थी। उन्होंने महलों की बंदिशों को भी गाया और गलियों की शोखी को भी। 'दम मारो दम' की मादकता हो या 'इन आंखों की मस्ती' का ठहराव, उन्होंने हर सुर को अपना बना लिया। संगीत जगत के जानकारों का कहना है कि आशा ताई ने संघर्ष को अपना आभूषण बनाया। अपनी बड़ी बहन की विशाल छाया के बावजूद उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने सिखाया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, वह अपना रास्ता खुद बना लेती है। संगीत के एक युग का सूर्यास्त आशा ताई के जाने से भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग की अंतिम कड़ी टूट गई है। उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गाने गाकर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया। उनके निधन से न केवल बॉलीवुड बल्कि विश्व संगीत जगत शोक में डूबा है। आज ब्रीच कैंडी अस्पताल के बाहर जो भीड़ जुटी है, वह केवल प्रशंसकों की नहीं है, बल्कि उन लोगों की है जिन्होंने आशा ताई के गीतों में अपनी मोहब्बत तलाशी, अपनी तन्हाइयां साझा कीं और अपनी खुशियां मनाईं। ब्रीच कैंडी अस्पताल के उसी गलियारे ने आज फिर एक इतिहास को विदा किया है। 92 साल का वह सुरीला सफर, जो रविवार के सूरज के साथ ओझल हो गया, अब सिर्फ हमारी स्मृतियों और ग्रामोफोन के रिकॉर्ड्स में ज़िंदा रहेगा। आशा ताई, आपकी आवाज़ की खनक और वह चंचल मुस्कान हमेशा यह याद दिलाती रहेगी कि- 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को, नज़र नहीं चुराना…' क्योंकि आपकी यादों से नजरें चुराना अब मुमकिन नहीं।

बिरसा स्टेडियम में छऊ, मोहीनीअट्टम और झूमर गीतों से सजी सांस्कृतिक शाम

सरायकेला  झारखंड के सरायकेला जिले के बिरसा स्टेडियम में सरकार के कलासंस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में  चैत्र पर्व  सह छऊ महोत्सव 2026 का रंगारंग आगाज हो गया. कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य के साथ साथ दुसरे राज्यों से आए क्लासिकल नृत्यकार द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया वहीं इंडियन आयडल फेम प्रियांशु दत्ता द्वारा सुरों की महफिल सजाई गई. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि सिंहभूम सांसद जोबा मांझी के द्वारा  किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मांझी ने कहा कि छऊ हमारी संस्कृति है इसका विकास हम सबों का दायित्व है. छऊ के कारण सरायकेला की पहचान विदेशों तक है साथ ही देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मश्री छऊ कलाकारों को मिले हैं यह सरायकेला के लिए गौरव की बात है. राज्य सरकार उससे राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया है आने वाले दिनों में कला के साथ कलाकार का विकास होगा. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया गया. कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, आदित्यपुर महा पौर संजय सरदार, डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुनायत का मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया. मंगलाचारण के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यक्रम के पहले दिन छऊ कलाकारों द्वारा मंगलाचरण के साथ शुरुआत किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत सरायकेला शैली छऊ राधा कृष्ण नृत्य से किया गया. इसके बाद माटीर मोनीषो नृत्य प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में मानभुम शैली, खरसावां शैली नृत्य ने भी समां बांधा. पहले दिन ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में दूसरे स्थान में रहने वाली टीम द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया. केरल की शास्त्रिय संगीत मोहीनीअट्टम कलाकार मोमीता ने किया नृत्य प्रस्तुत पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आई मोहीनीअट्टमम कलाकार मोमिता पाल एंड टीम ने मोहिनीअट्टम नृत्य प्रस्तुत किया. जिला के छऊ नृत्य के साथ मोहिनीअट्टम नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा. मोहिनीअट्टम नृत्य केरल की शास्त्रीय नृत्य है साथ ही पुरे देश में काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, दूसरे राज्यों से आए कलाकारों द्वारा भी नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी. झुमर सम्राट संतोष महतो ने प्रस्तुत किया झुमर गीत खरसावां के झुमर स्रम्राट संतोष महतो ने झुमर गीत प्रश्तुत कर समा बांधा. उन्होंने अपनी टीम के साथ कुडमाली, ओडिया, नागपुरी गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लुटी. उन्होंने अपने गीत और संगीत से उपस्थित श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया.

165 रनों का टारगेट सेट कर लखनऊ ने बढ़ाई टेंशन, प्रसिद्ध कृष्णा के कहर से हिली गुजरात की बल्लेबाज़ी

लखनऊ.   लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपने घर इकाना स्टेडियम में खेले जा रहे मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट खोकर 164 रन बनाए हैं। उसका कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं बना सका। एडेन मार्करम ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 30 रन बनाए हैं। गुजरात के गेंदबाजों ने लखनऊ के तूफानी बल्लेबाजों को रोके रखा। टीम के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने चार विकेट लिए। लखनऊ सुपर जायंट्स वर्सेस गुजरात टाइटन्स आईपीएल 2026 मैच आज लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। आईपीएल 2026 के 19वें लीग मैच में गुजरात टाइटन्स टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टीम में कोई बदलाव कप्तान गिल ने नहीं किया है। लखनऊ ने भी टीम में कोई बदलाव नहीं किया। दोनों टीमें जीत के रथ पर सवार हैं। लखनऊ की टीम को शुरुआत अच्छी नहीं मिली। दूसरे ही ओवर में मिचेल मार्श आउट हो गए। ऋषभ पंत पांचवें ओवर में चलते बने। वे 18 रन बना सके। तीसरा झटका एलएसजी को एडेन मारक्रम के रूप में लगा, जो 30 रन बनाकर आउट हुए। आयुष बदोनी सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए। निकोलस पूरन और अब्दुल समद भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाए। लखनऊ ने अपने पिछले दोनों मैच जीते हैं, जबकि जीटी ने आखिरी मैच में दिल्ली को हराया हुआ है। दोनों टीमें 2022 से आईपीएल खेल रही हैं, जिनमें से गुजरात टाइटन्स तो चैंपियन भी बन चुकी है, जबकि लखनऊ की टीम दो बार प्लेऑफ्स में पहुंची है, लेकिन फाइनल से अभी भी दूर है। इन दोनों के बीच हुए मैचों की बात करें तो अभी तक 7 मुकाबले हुए हैं। इनमें से 4 मुकाबले गुजरात टाइटन्स ने जीते हैं और 3 बार जीत लखनऊ सुपर जायंट्स को मिली है। लखनऊ की टीम आज जीती तो मुकाबला बराबरी का हो जाएगा।

आस्था में डूबीं Priyanka Chopra: श्री हरमंदिर साहिब सहित कई गुरुद्वारों में टेकी मत्था

अमृतसर. बॉलीवुड और हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने देर रात अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। जानकारी के अनुसार प्रियंका चोपड़ा रात करीब 12 बजे स्वर्ण मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से गुरुद्वारा परिसर में समय बिताया। जानकारी के अनुसार, प्रियंका चोपड़ा ने सबसे पहले शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी, थड़ा साहिब, शहीदान सिंह मेमोरियल, झंडा बुंगा साहिब, बाबा बुड्ढा जी और दुख भंजनी बेर साहिब में मत्था टेककर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने लंगर हॉल में जाकर सेवा की और स्वयं बर्तन साफ कर संगत के साथ सेवा भाव का परिचय दिया। अभिनेत्री ने इसके पश्चात बाबा दीप सिंह जी शहीद और लाची बेर साहिब में भी अरदास की। उन्होंने परिक्रमा में बैठकर कुछ समय ध्यान लगाया और आध्यात्मिक वातावरण को महसूस किया। बताया जा रहा है कि प्रियंका चोपड़ा करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक स्वर्ण मंदिर परिसर में मौजूद रहीं। प्रियंका की इस सादगी और श्रद्धा भरे व्यवहार ने वहां मौजूद संगत और सेवदारों का दिल जीत लिया। बिना किसी तामझाम और सुरक्षा शोर-शराबे के उन्होंने गुरु घर में बेहद शांत और विनम्र तरीके से समय बिताया। उनकी इस यात्रा को आध्यात्मिक शांति और सेवा के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।