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वृंदावन नाव दुर्घटना: 250 रेस्क्यू कर्मियों की टीम सर्च ऑपरेशन में जुटी

मथुरा मथुरा के वृंदावन में यमुना में हुए नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. हादसे के तीन दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जहां 13 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 3 लोग अब भी लापता हैं. सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की बड़ी टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी है. वृंदावन में एक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. वहीं कुछ परिवार अब भी अपने अपनों के मिलने की आस में नदी किनारे टकटकी लगाए खड़े हैं. हादसा शुक्रवार को हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट देवरहा बाबा के दर्शन के लिए जा रही थी. किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवा चली और देखते ही देखते नाव का बैलेंस बिगड़ गया. नाव पांटून पुल से टकरा गई और कुछ ही पलों में यमुना की धारा में पलट गई. चीख-पुकार मच गई. जो तैर सकते थे, उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन कई लोग नदी की गहराई में समा गए. हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों को मौके पर तैनात किया गया. करीब 250 लोगों की टीम लगातार तीन दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है. अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन 13 लोगों की मौत हो चुकी है. आज रविवार को तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी रहा और सुबह दो और शव बरामद किए गए. इनकी पहचान पंजाब के लुधियाना की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई. प्रशासन के अनुसार, शव नदी में फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों की मदद से नाव में खींचकर बाहर निकाला गया. परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान की. यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी, जिसके सपने अभी अधूरे ही रह गए. वहीं ऋषभ शर्मा 12वीं पास था और अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था. दोनों अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे, लेकिन यह यात्रा कभी खत्म न होने वाले दर्द में बदल गई. इससे पहले शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान पंजाब के ही मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था. इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. अब भी तीन लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है. रेस्क्यू टीमों ने सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाकर 20 किलोमीटर तक कर दिया है. गोताखोर नदी की गहराई में लगातार तलाश कर रहे हैं, जबकि किनारों पर भी सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच हादसे को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं. लोगों का आरोप है कि नाव चालक की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह है. उनका कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि हादसे के बाद उन्होंने कई बार 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया, लेकिन कॉल बार-बार कटती रही. चौथी बार कॉल कनेक्ट होने के बाद ही मदद पहुंच सकी. परिजनों का यह भी सवाल है कि जब पांटून पुल पर काम चल रहा था, तो उस क्षेत्र में नावों के संचालन पर रोक क्यों नहीं लगाई गई. अगर समय रहते एहतियात बरता जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी ताकत के साथ जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है. वहीं सीओ मांट संदीप कुमार सिंह ने कहा कि हर पहलू की जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, नदी किनारे खड़े परिजनों की आंखें सिर्फ एक ही उम्मीद में लगी हैं कि उनके अपने जल्द मिल जाएं. यमुना की लहरें अब भी उठ रही हैं, लेकिन अपने साथ कई जिंदगियों की कहानी और अधूरे सपने समेटे हुए… इसी के बीच जारी है तलाश- उन तीन लोगों की, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है.    

इंदौर रोड एक्सीडेंट: स्टील प्लेट का रोल गिरने से 5 ट्रक-कार भिड़े, एक की गई जान

इंदौर. मानपुर थाना क्षेत्र के आगरा-मुंबई हाईवे स्थित भेरूघाट पर शुक्रवार देर रात भीषण हादसा हो गया। मुंबई की ओर जाने वाली लेन पर घाट उतरते समय आगे चल रहे ट्रक से स्टील प्लेट का रोल सड़क पर गिर गया, इससे बचने के चक्कर में पीछे आ रहे पांच ट्रक और एक कार आपस में टकरा गए। हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब ढाई बजे घाट उतरते समय ट्रक क्रमांक एमपी 09 बीजी 7608 से अचानक स्टील प्लेट का भारी रोल सड़क पर गिर गया। चालक ने वाहन रोककर नीचे उतरकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन ट्रक के अचानक रूकने से पीछे से आ रहे वाहन अनियंत्रित हो गए और एक के बाद एक टकराते चले गए। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई कार कुछ ही पलों में पांच ट्रक और एक कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में एक ट्रक पलट गया, जबकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में ट्रक ड्राइवर 42 वर्षीय ओमप्रकाश यादव निवासी ग्राम शेरपुर गुड़ा, थाना मूसानगर, जिला कानपुर देहात (उत्तर प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य पांच घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही मानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन से हटाकर यातायात बहाल किया गया, हालांकि कुछ समय तक मार्ग बाधित रहा। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को आरोपी बनाया है।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात: रायपुर में 11 KM रिंग रोड-5 निर्माण का प्लान तैयार

रायपुर. रायपुर में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए करीब 11 किमी लंबा रिंग रोड- 5 बनाया जाएगा. इसके लिए शासन ने 694 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. यह रिंग रोड चंदनीडीह से महादेवघाट होते हुए खारुन नदी के रास्ते पुराना धमतरी रोड के खिलोरा तक जाएगी. इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में चंदनीडीह से भाठागांव तक 7.5 किमी और दूसरे चरण में भाठागांव से खारुन नदी तक 3.5 किमी सड़क का चौड़ीकरण होगा. चंदनीडीह रेलवे क्रॉसिंग पर 110 करोड़ रुपए की लागत से ओवरब्रिज भी बनेगा. भविष्य में इसे फुंडहर चौक एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की निगम की योजना है, जिससे एयरपोर्ट और नवा रायपुर कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके करीब रोज एक लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी, तो वहीं रिंग रोड-1 का भार कम हो जाएगा. सर्वे के बाद काम शुरू किया जाएगा पीडब्ल्यूडी सीई, पंकज कश्यप ने एक समाचार पत्र को बताया कि रिंग रोड-5 निर्माण के लिए बजट को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद सर्वे किया जा रहा है. सड़क को चंदनीडीह, महादेवघाट, साठागांव, काठाडीह होते हुए पुराना धमतरी रोड के खिलोरा क बनेगा. इसकी लंबाई करीब 11 किमी होगी. प्रोजेक्ट भू-अधिग्रहण भी शामिल है. बजट प्रस्ताव शासन को भेजा है. प्रोजेक्ट पर पीडब्ल्यूडी से होगी चर्चा वहीं रायपुर निगम आयुक्त विश्वदीप ने समाचार पत्र को बताया कि निगम ने अधोसंरचना मद में रिंग रोड-5 निर्माण के लिए प्रावधान किया है. पीडब्ल्यूडी को भी बजट में राशि की मंजूरी मिल चुकी है. शहर के बेहतर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दोनों एजेंसियां मिलकर काम करेंगी. इस सड़क के जरिए दुर्ग की ओर से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट तक सीधा और आसान रास्ता देने पर फोकस रहेगा. किन रूटों में मिलेगी राहत महादेवघाट और अमलेश्वर तक आसान पहुंच भाठागांव होकर शहर में वैकल्पिक एंट्री एक्सप्रेस-वे और एनएच-30 से सीधा जुड़ाव दुर्ग-भिलाई से एयरपोर्ट तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी भविष्य के ट्रैफिक के लिए जरूरी जानकार बताते हैं कि राजधानी में रिंग रोड-1 अब आउटर नहीं रह गया है, बल्कि शहर के बीच आ गया है. ऐसे में रिंग रोड-5 का निर्माण समय की मांग है. इसे बेहतर प्लानिंग के साथ बनाया जाना चाहिए. दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव और बिलासपुर से आने वाले लोगों को धमतरी रोड से जोड़ने के लिए निगम का प्लान उचित है. इसे सेजबहार- बोरियाकला से सीधे एयरपोर्ट से जोड़ना और अधिक प्रभावी होगा. एक्सप्रेस-वे की तरह करें विकसित वहीं, भविष्य में भारतमाला प्रोजेक्ट तैयार होने पर तेलीबांधा, आरंग और टाटीबंध पर ट्रैफिक दबाव कम होगा. ऐसे में रिंग रोड- 5 को एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे की तरह विकसित किया जाना चाहिए, ताकि दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर और धमतरी-जगदलपुर की ओर से आने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके. 23 किमी की दूरी करनी पड़ती है तय पुराना धमतरी रोड़ के खिलोरा से चंदनीडीह तक रिंग रोड से पहुंचने में करीब 23 किमी दूरी तय करनी पड़ती है. सेजबहार के बाद ट्रैफिक दबाव बढ़ने से संतोषी नगर चौक तक 30-40 मिनट लगते हैं. यहां जाम के बाद सरोना से आगे सीधा रास्ता मिल जाता है, फिर भी सफर में एक घंटे से ज्यादा समय लगता है.

दीदी के बखरी से बदल रही तस्वीर : कांकेर में महिला किसानों की आय में क्रान्तिकारी

रायपुर. कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओ के आजीविका मे वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे है । जिले में काफ़ी संख्या मे दीदीयां अपने जीवन स्तर मे  में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं ।अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही है इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपने आय मे वृद्धि कर रही है ,साथ मे  मछली पालन,मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि  जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार  तक पहुंच जाए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में  यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है,यह  योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय मे वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी क्लस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा।  जिला पंचायत सीईओ बने मंडावी ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इसी क्रम में वे नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी मे लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर  प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। आज शनिवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो के बकरीपालन एवं मछली पालन  और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया।   इस प्रकार कांकेर जिले में महिला आजीविका मे वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओ के लिए भी प्रेरणा  बन रहा है जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर मे सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।  

झारखंड में भाजपा का हमला तेज, झामुमो-कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रांची भारतीय जनता पार्टी के ‘गांव चलो अभियान’ के तहत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड के तुरूप गांव का दौरा किया. यहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पार्टी की नीतियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि भाजपा केवल कार्यकर्ताओं की पार्टी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों से गरीब कल्याण की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक धरातल पर उतारी जा रही हैं. विपक्ष पर तीखा प्रहार विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष साहू ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते, तो कांग्रेस आज देश को पाकिस्तान के हाथों बंधक बना देती. इसके साथ ही उन्होंने राज्य की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर भी जोरदार हमला बोला. साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार में राज्य की महिलाओं, युवतियों के साथ-साथ आम लोगों में भारी असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है. राज्य में महिलाओं से जुड़ी घटनाएं आम हो गई हैं. कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर है कि घर से निकली कोई मां या बहन शाम को सुरक्षित घर लौटेगी या नहीं, इसे लेकर भी लोग हमेशा डरे  रहते हैं. हर चेहरे पर मुस्कान लाना कार्यकर्ताओं का लक्ष्य: साहू उन्होंने उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘गांव चलो अभियान’ को सफल बनाते हुए हर घर तक पहुंचें. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ग्रामीणों को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दें, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ मिल सके और उनके चेहरों पर मुस्कान लाई जा सके. इस मौके पर क्षेत्र के समुचित विकास और पार्टी की आगामी सांगठनिक कार्ययोजनाओं पर भी गहन मंथन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज ने की, जबकि मंच का संचालन मंडल अध्यक्ष सुनील महतो ने किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र महतो, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, अजय महतो, रामनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, गोवर्धन महतो, ब्रजेश कुमार, रामसाय मुंडा, संतोष महतो, मनीराम महतो, गोपाल महतो, सुप्रेश महतो, घनेनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, दूर्गा महतो, बालकराम महतो सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे.

जिम में भारी वर्कआउट से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, एक्सपर्ट की चेतावनी

 आजकल जिम जाना सिर्फ सेहत की जरूरत नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट बन गया है. लेकिन पिछले कुछ समय में जिम के फर्श पर गिरते और दम तोड़ते युवाओं की खबरों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या हम फिट होने के चक्कर में खुद को खत्म कर रहे हैं? न्यूज 18 की इस खास रिपोर्ट में विशेषज्ञों से समझिए कि आखिर गलती कहां हो रही है. हार्ट डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. रिपेन गुप्ता, वाइस चेयरमैन एवं यूनिट हेड – कार्डियोलॉजी, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत का मानना है कि युवाओं में बढ़ता ‘ईगो लिफ्टिंग’ (दूसरों को देखकर क्षमता से अधिक वजन उठाना) का चलन सबसे खतरनाक है. सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में युवा अपनी सीमाओं को पार कर रहे हैं. ज्यादा वेट उठाने का शरीर पर असर एक्सपर्ट बताते हैं कि जब आप अचानक भारी वजन उठाते हैं, तो ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, जिससे दिल की धमनियों में दरार आ सकती है और अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. क्यों फेल हो रहा है युवाओं का दिल? – बिना जांच के भारी वर्कआउट. ज्यादातर युवा जिम जॉइन करने से पहले बेसिक हार्ट चेकअप नहीं कराते. कई लोगों को जन्मजात दिल की बीमारियां होती हैं जो सामान्य जीवन में पता नहीं चलतीं, लेकिन भारी एक्सरसाइज के दौरान ‘ट्रिगर’ हो जाती हैं. – शॉर्टकट का लालच. रातों-रात मसल्स बनाने के लिए सप्लीमेंट्स, फैट बर्नर और स्टेरॉयड का बढ़ता इस्तेमाल दिल की धड़कन को बिगाड़ता है. -नींद और रिकवरी की कमी. दिन भर की नौकरी का तनाव, रात को देर तक जागना और फिर सुबह उठकर बिना रिकवरी के इंटेंस वर्कआउट करना. ऐसे में थकान के कारण दिल पर प्रेशर पड़ता है, जिससे वो बर्दास्त नहीं कर पाता है. कोविड का साइड इफेक्ट डॉक्टर्स चेतावनी दे रहे हैं कि कोविड के बाद कई लोगों की नसों में खून के थक्के जमने या दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या देखी गई है. ऐसे में बिना ‘ग्रैजुअल प्रोग्रेस’ के भारी जिमिंग जानलेवा साबित हो रही है. क्या हैं खतरे के संकेत? वर्कआउट के दौरान अगर शरीर ये इशारे दे, तो उसे ‘चुनौती’ न समझें, बल्कि तुरंत रुक जाएं- – सीने के बीचों-बीच दबाव या जलन महसूस होना. – बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक घबराहट होना. – गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे में खिंचाव महसूस होना. – आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना. कैसे रहें सुरक्षित? अगर आप जिम की शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले कुछ हफ्ते केवल लाइट कार्डियो और बॉडी-वेट एक्सरसाइज करें. 30 की उम्र पार कर चुके हैं, तो जिम जाने से पहले एक TMT और ECG जरूर कराएं. जिम ट्रेनर के कहने पर कोई भी अनकही गोलियां या पाउडर न लें. किसी क्वालीफाइड न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह ही मानें. अगर किसी दिन नींद पूरी नहीं हुई या आप बीमार महसूस कर रहे हैं, तो उस दिन जिम स्किप करना ही समझदारी है.  

जल जीवन मिशन के तहत शुरू हुई जल आपूर्ति, 52 किमी दूर स्थित गांव को मिली बड़ी राहत

रायपुर. छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है। सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है। जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।

सीएम मोहन यादव ने बहनों को दिया तोहफा, खातों में आए 1500 रुपये

 भोपाल मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए 12 अप्रैल का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर दी। इस बार बहनों के खातों में 1500 रुपये की सम्मान राशि अंतरित की गई है। मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं क‍िस्‍त जारी हो गई है। सीएम मोहन यादव ने स‍िहोर के आष्‍टा नगर से स‍िंंगल क्‍ल‍िक के माध्‍यम से 1.25 करोड़ मह‍िलाओं के खाते में 1875 करोड़ रुपये की राश‍ि ट्रांसफर की है। आंकड़ों में योजना की सफलता साल 2023 में शुरू हुई यह योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा आधार बन गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि:     कुल लाभार्थी: लगभग 1.25 करोड़ महिलाएं।     ताजा किस्त: 35वीं किस्त के रूप में 1875 करोड़ रुपये जारी किए गए।     अब तक की कुल राशि: 34 किस्तों के माध्यम से अब तक 54,000 करोड़ रुपये बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं।  बढ़ी हुई राशि: पिछले नवंबर से योजना की राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है। आखा तीज पर कन्यादान योजना का बड़ा तोहफा लाडली बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी आखा तीज के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत नव-विवाहित जोड़ों को 55,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने नन्ही बालिकाओं को लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र भी वितरित किए, जो राज्य सरकार की महिला एवं बाल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भुगतान का स्टेटस और ई-केवाईसी (eKYC) गाइड जिन महिलाओं के खाते में राशि आनी है, वे घर बैठे अपना स्टेटस चेक कर सकती हैं। वहीं, जिन लाभार्थियों की किस्त रुकी है, उन्हें अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। यदि आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो तुरंत समग्र पोर्टल पर जाकर आधार और समग्र आईडी के माध्यम से इस प्रक्रिया को पूरा करें। इसके बिना आगामी किस्तों का लाभ मिलने में समस्या हो सकती है। स्टेटस कैसे चेक करें?     आधिकारिक पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प का चयन करें।     अपनी समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।     मोबाइल पर आए OTP को भरें और अपना स्टेटस देखें।  

AC का Auto Clean फीचर क्या है और यह कैसे काम करता है?

अगर आप इस फीचर की वजह से AC खरीद रहे हैं या इसे AC सर्विस का विकल्प समझ रहे हैं, तो जरूरी है कि आप जान लें कि Auto Clean फीचर कैसे काम करता है और कितनी ताकत रखता है। हालांकि ऐसा नहीं है कि यह फीचर पूरी तरह बेकार है, लेकिन यह AC सर्विस की जगह नहीं ले सकता। असल में यह फीचर AC में से आने वाली बदबू या बैक्टीरिया आदि को दूर करने में काफी हद तक सक्षम होता है लेकिन इसके चलते सर्विस को नजरअंदाज करना बड़ी भूल हो सकती है। कैसे काम करता है Auto Clean फीचर? Auto Clean फीचर असल में AC को साफ करने की जगह अंदर से सुखाता है। इसे आप ड्राइंग प्रोसेस समझ सकते हैं। दरअसल AC को इस्तेमाल करने के बाद उसमें नमी और पानी रह जाता है। यह नमी बैक्टीरिया या फंगस के पनपने का कारण बन सकती है, जिसकी वजह से AC से बदबू भी आती है। इस समस्या को दूर Auto Clean फीचर करता है। इसमें AC का कंप्रेसर काम नहीं करता और सिर्फ ब्लोअर फैन चालू रहता है। यह पंखा अंदर की कॉइल्स पर तेज हवा फेंकता है, जिससे वहां जमा सारी नमी पूरी तरह सूख जाती है। इससे AC में से किसी तरह की बदबू नहीं आती। Auto Clean Feature की सीमाएं क्या हैं? Auto Clean फीचर आपके AC को चकाचक साफ नहीं कर सकता। यह आपके AC से बदबू हटा सकता है लेकिन:     यह फीचर नमी को दूर कर सकता है, लेकिन धूल, मिट्टी और गंदगी की मोटी परत साफ नहीं कर सकता।     यह AC के फिल्टर को भी साफ नहीं कर सकता। इन्हें आपको हर 15 दिन में खुद साफ करना चाहिए।     इस फीचर से आउटडोर यूनिट क्लीन नहीं होती। ऐसा इसलिए क्योंकि यह सिर्फ इंडोर यूनिट के अंदर ही चलता है।     इसके अलावा ड्रेन पाइप में फंसी गंदगी को भी यह फीचर नहीं साफ करता। Auto Clean फीचर के रहते सर्विस करवानी चाहिए? इसका सीधा और स्पष्ट जवाह है हां, क्योंकि Auto Clean फीचर AC में मौजूद नमी को सुखाने से ज्यादा कुछ भी नहीं कर सकता। AC में लगे फिल्टर से लेकर कंडेंसर तक में जमा होेने वाली गंदगी सिर्फ AC सर्विस के बाद ही साफ हो सकती है। दरअसल Auto Clean फीचर का नाम कुछ ऐसा है कि लोग इसे AC की सफाई से जोड़कर देख सकते हैं। हालांकि अगर आप इस फीचर के चक्कर में AC सर्विस को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो इससे आपका बिजली बिल तो बढ़ ही सकता है लेकिन साथ ही AC में आग लगने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। यही वजह है कि Auto Clean फीचर को सिर्फ AC से आने वाली बदबू को रोकने लायक ही मानना चाहिए।

दिल्ली से ऋषिकेश का सफर होगा 3 घंटे में, RRTS विस्तार की तैयारी

नई दिल्ली  दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली नमो भारत ट्रेन जल्दी ही हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ती नजर आएगी। उत्तराखंड सरकार ने नमो भारत (RRTS) नेटवर्क को मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। वर्तमान में नमो भारत ट्रेन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्ताव है कि मेरठ के मोदीपुरम से इस रैपिड रेल को राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के साथ आगे बढ़ाया जाए, जो हरिद्वार और ऋषिकेश तक पहुंचे। अगर इस ट्रेन का विस्तार होता है तो दिल्ली-एनसीआर से ऋषिकेश तक का सफर ढाई से 3 घंटे में पूरा हो जाएगा। अभी ऋषिकेश पहुंचने में करीब 6 से 7 घंटे का समय लगता है। किन-किन शहरों से गुजरेगी ट्रेन? इस विस्तार में कई प्रमुख स्टेशनों पर विचार किया जा रहा है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रस्तावित रूट पर ये नए स्टेशन शामिल होंगे:     पश्चिमी उत्तर प्रदेश: दौराला, सकौती, खतौली और पुरकाजी।     उत्तराखंड: रुड़की, हरिद्वार (ज्वालापुर) और ऋषिकेश। पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट इस प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच उच्च स्तरीय बैठक हो चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।     यह कॉरिडोर हाईवे पर लगने वाले लंबे जाम का एक विश्वसनीय विकल्प बनेगा। खासकर पीक टूरिस्ट सीजन और कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान।     बेहतर कनेक्टिविटी से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में पर्यटन, रियल एस्टेट और स्थानीय व्यवसायों को जबरदस्त गति मिलेगी।     दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए वीकेंड ट्रिप और तीर्थयात्रा पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। अभी क्या है रूट? नमो भारत ट्रेन अभी दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक चलती है। बीच में न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, गाजियाबाद, मुराद नगर, मेरठ साउथ, बेगमपुल आदि प्रमुख स्टेशन आते हैं। सराय काले खां से मोदीपुरम तक की दूरी करीब 82 किमी है। इसे पूरा करने में नमो भारत ट्रेन को करीब 60 मिनट लगते हैं