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पश्चिम एशिया तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, समुद्री सुरक्षा बढ़ाई गई

 नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सेना ने इस अहम समुद्री रास्ते में बिछी संभावित बारूदी सुरंगों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए उन्नत युद्धपोत, ड्रोन और हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के तहत दो गाइडेड मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत इस ऑपरेशन में शामिल हैं। इनका मुख्य काम समुद्र में छिपी बारूदी सुरंगों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है, ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो सके। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह अभियान खास तौर पर उन सुरंगों को हटाने के लिए है जिन्हें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जोड़ा जा रहा है। ये सुरंगें बड़े जहाजों और तेल टैंकरों के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ड्रोन से होगी समुद्र की जांच अमेरिका इस काम के लिए सीधे जहाजों को खतरे में नहीं डाल रहा है। इसके बजाय पानी के अंदर चलने वाले रोबोटिक ड्रोन यानी यूयूवी (अनमैन्ड अंडरवाटर व्हीकल) का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये ड्रोन टॉरपीडो के आकार के होते हैं और अपने आप समुद्र में घूमकर हाईटेक सोनार तकनीक से समुद्र की सतह का नक्शा बनाते हैं। इससे छिपी हुई बारूदी सुरंगों का पता लगाया जाता है। हेलिकॉप्टर भी निभा रहे अहम भूमिका इसके अलावा अमेरिका ने एमएच-60एस जैसे हेलिकॉप्टर भी तैनात किए हैं। ये हेलिकॉप्टर खास लेजर सिस्टम (एएलएमडीएस) की मदद से समुद्र की सतह या उसके ठीक नीचे मौजूद सुरंगों को पहचान सकते हैं। जब किसी सुरंग का पता चलता है, तो उसे नष्ट करने के लिए एक और रिमोट कंट्रोल सिस्टम (एएमएनएस) का इस्तेमाल किया जाता है। यह छोटा रोबोट सुरंग के पास जाकर उसे विस्फोट से खत्म कर देता है। सुरक्षा के साथ-साथ रक्षा भी ये युद्धपोत सिर्फ सुरंग हटाने में मदद नहीं कर रहे, बल्कि सुरक्षा भी दे रहे हैं। इनमें आधुनिक एजिस कॉम्बैट सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलें लगी हैं, जो हवाई या समुद्री हमलों को रोक सकती हैं। अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि नया सुरक्षित समुद्री रास्ता तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही जहाजों के लिए खोला जाएगा ताकि व्यापार सामान्य हो सके। क्यों अहम है यह ऑपरेशन? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का बेहद अहम तेल मार्ग है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई होती है। हाल के संघर्ष के चलते यहां करीब 800 जहाज फंसे हुए हैं। ईरान द्वारा रास्ता बाधित किए जाने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में इस रास्ते को सुरक्षित बनाना पूरी दुनिया के लिए जरूरी हो गया है।  

UCC से लेकर विपक्ष पर हमला, मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिया बड़ा बयान

पटना बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विभिन्न मुद्दों पर बयान देते हुए विकास योजनाओं, यूनिफॉर्म सिविल कोड और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बताया कि राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत एक बड़े रिंग रोड निर्माण की योजना बनाई जा रही है। पटना में बनेगी दिल्ली की तरह रिंग रोड बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बात करते हुए कहा, 'पटना में बन रही यह रिंग रोड लगभग 150 किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर करीब 15 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना की प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।' इन जिलों तक पहुंच हो जाएगी और भी आसान उन्होंने कहा कि पटना में रिंग रोड के बनने से जिले के आसपास के जिलों जैसे वैशाली, सारण, समस्तीपुर और अन्य क्षेत्रों में आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही, राजधानी में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना दिल्ली की तर्ज पर विकसित की जा रही है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुचारू बनाया जा सके। राजधानी पटना में सरकार रिंग रोड बनाने जा रही है। ये 150 किमी लंबी होगी और इसे बनाने में 15 हजार करोड़ का खर्च आएगा। UCC पर भी बोले दिलीप जायसवाल यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि यह कोई विवाद का विषय नहीं है, बल्कि इससे देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रहे हैं, लेकिन जनता अब इन बातों को समझ चुकी है। कांग्रेस सबसे बड़ी महिला विरोधी- बीजेपी इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने दशकों तक महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी से दूर रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर दिए जाएं और उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए जायसवाल ने कहा कि वह बार-बार भ्रामक बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है, जिसके कारण वह इस तरह के बयान दे रही हैं। साथ ही, उन्होंने मालदा को घुसपैठ का केंद्र बताते हुए कहा कि देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

सुरक्षा के मद्देनजर बठिंडा प्रशासन सख्त: हवाई अड्डे के आसपास पतंगबाजी बैन, किरायेदारों की जांच जरूरी

बठिंडा. जिला मजिस्ट्रेट राजेश धीमान ने जिले में कई अहम प्रतिबंध लागू किए हैं, जो 9 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे। जारी आदेशों के अनुसार हवाई अड्डे के दो किलोमीटर दायरे में लालटेन और इच्छा पतंग उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा पीजी संचालकों को अपने यहां रहने वाले किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य किया गया है तथा सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए हनुमान चौक, गोनियाना रोड और खेल स्टेडियम रोड पर ट्रक खड़े करने पर रोक लगाई गई है। स्कूलों के बाहर भी भारी वाहनों की पार्किंग पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही बिना अनुमति कच्ची खूहियां (बोर) खोदने और केंद्रीय जेल में प्रतिबंधित वस्तुएं रखने पर भी सख्त रोक लगाई गई है।

बाबा साहेब को श्रद्धांजलि: अंबेडकर जयंती पर 21 फीट ब्रॉन्ज प्रतिमा का होगा अनावरण, CM साय शामिल

रायपुर. भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के घड़ी चौक के आगे अंबेडकर चौक पर स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे. संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और लोगों को प्रेरित करने के लिए स्थापित की गई 21 फीट की इस प्रतिमा का वजन 4300 किलोग्राम है. इसको करीबन 35 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है. यह प्रतिमा बाबा साहेब के प्रति सम्मान और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. बताया जा रहा है कि अंबेडकर चौक के अलावा नवा रायपुर के विधानसभा परिसर में बाबा साहेब अंबेडकर की 25 फीट से अधिक ऊंची एक अन्य भव्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना है.

देश ने खोई स्वर कोकिला Asha Bhosle: CM साय ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

जबलपुर से कोटा तक नई रेल लाइन: अब शहरों में ट्रैफिक घटेगा, बाहर से गुजरेंगी मालगाड़ियां

जबलपुर. भारतीय रेल (Indian Railways) अब अपनी परिचालन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने और बड़े जंक्शनों पर बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 'बाइपास रेल लाइन' का जाल बिछाया जाएगा। पश्चिम मध्य रेल (WCR) ने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आठ प्रमुख स्थानों को चिह्नित किया है। इन शहरों में प्रस्तावित है बाइपास रेलवे की इस योजना के केंद्र में जबलपुर, कोटा, बीना, गुना, रुठियाई, सवाई माधोपुर, कछपुरा और रामगंज मंडी जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं। इन स्थानों पर प्रस्तावित बाइपास लाइनों की कुल लंबाई लगभग 166 किलोमीटर होगी। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य मालगाड़ियों को मुख्य स्टेशनों के बाहर से ही उनके गंतव्य की ओर रवाना करना है। सर्वे के लिए बजट स्वीकृत रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए इसके प्रारंभिक सर्वेक्षण (Survey) के लिए 83 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। वर्तमान में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसे इन बाइपास लाइनों से जोड़कर ट्रेनों के आवागमन को और सुगम बनाया जाएगा। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का अलग होगा रास्ता अभी स्थिति यह है कि मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक और स्टेशनों का उपयोग करती हैं। बड़े स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म खाली न होने के कारण अक्सर ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। बाइपास बनने से मालगाड़ियां शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही निकल जाएंगी, जिससे मुख्य स्टेशनों पर ट्रैक खाली रहेंगे और यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा। इटारसी में अंतिम चरण का काम देश के सबसे व्यस्ततम जंक्शनों में शुमार इटारसी में बाइपास का काम पहले से ही निर्माणाधीन है। यहाँ शेष बचे 9 किलोमीटर के हिस्से के लिए जल्द ही फाइनल सर्वे शुरू किया जाएगा। इस छोटे से खंड के पूरा होते ही इटारसी जंक्शन पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

मन ही बंधन और मोक्ष का कारण है, जानें धर्मशास्त्रों के विचार

मन के विषय में धर्मशास्त्रों से लेकर अनेक विद्वानों ने अपने-अपने मत व्यक्त किए हैं, मन ही बंधन मुक्ति या मोक्ष का कारण बनता है। मन को साध लेने से किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। मन ही परिस्थितियों का निर्माण कर सुख-दुःख की संरचना करता है। जो व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित नहीं रख पाते हैं, वे सफलता से दूर होते चले जाते हैं। आइए जानें मन के विषय में महापुरुषों के विचार। ब्रह्माण्ड के गूढ़ रहस्य एवं गहराइयां मनुष्य के अंतर्मन में निहित हैं। मन ही परिस्थितियों का निर्माण कर सुख-दुःख की संरचना करता है। जीवन में प्राप्त होने वाली सफलता या असफलता, मानव मन पर निर्भर है। सृष्टि के नियम और मन का विज्ञान जानकर व्यक्ति किसी भी प्रकार की उन्नति कर सकता है, महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर सकता है। यह पूरा ब्रह्माण्ड एक कल्पवृक्ष है, जो हमारे भावों के अनुरूप सृष्टि का निर्माण करता है। श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, मन बहुत चंचल है, मनुष्य को मथ डालता है। जैसे वायु को दबाना बहुत कठिन है, वैसे ही मन को वश में करना भी अत्यंत कठिन है। स्वामी विवेकानन्द कहते हैं कि मन लाडले बच्चे के समान है। जैसे लाडला बच्चा सदैव अतृप्त रहता है, उसी तरह हमारा मन भी अतृप्त रहता है, अतएव मन का लाड़ कम करके उसे दबाकर रखना चाहिए। धम्मपद के अनुसार जैसे कच्ची छत में पानी भरता है, वैसे ही अविवेकी मन में कामनाएं धंसती हैं। शेक्सपियर के अनुसार, मन को हर्ष और उल्लासमय बनाओ, इससे हजारों हानियों से बचोगे और लम्बी उम्र पाओगे। मनुस्मृति के अनुसार आकार, इंगित, गति, चेष्टा, वाणी एवं नेत्र और मुख के बदलते हुए भावों से मन के विचारों का पता लग जाता है। ज्योतिष शास्त्र में ज्योतिषी जन्मपत्री और ग्रहदशा के साथ व्यक्ति के मन की स्थिति को समझकर उसके भविष्य की व्याख्या करता है। रामकृष्ण परमहंस कहते हैं, जब तक मन अस्थिर और चंचल है, तब तक अच्छा गुरु और साधु संगति मिल जाने पर भी व्यक्ति को कोई लाभ नहीं होता। आदिगुरु शंकराचार्य के अनुसार जिसने मन को जीत लिया, उसने जगत को जीत लिया। विनोबा भावे कहते हैं, जब तक मन नहीं जीत जाता और राग-द्वेष शांत नहीं होते, तब तक मनुष्य इंद्रियों का गुलाम बना रहता है। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं, जब तक मन में काम, क्रोध, मद और लोभ रहता है, तब तक ज्ञानी और अज्ञानी एक समान होते हैं। नीति शास्त्र के अनुसार मनुष्य का मन ही समूचा मनुष्य है।

नोएडा से मंगाई गई स्पिरिट से बनी जहरीली शराब, 10 लोगों की मौत के बाद बड़ा खुलासा

मोतिहारी/साहिबाबाद  बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य आरोपी और शराब सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद (गाजियाबाद) से गिरफ्तार किया गया। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली से सटे इस इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। सतीश चौधरी न केवल कंपनी का मालिक है, बल्कि वो बड़े पैमाने पर बिहार में शराब सप्लाई भी करता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। नोएडा से मंगाई गई थी स्पिरिट दरअसल, मोतिहारी में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर 'सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल' लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है। मोतिहारी में जहरीली शराब से 10 की मौत मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय सप्लाई चेन में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। जहरीली शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई एसआईटी ने जहरीली शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक सह सप्लायर सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (साहिबाबाद) से गिरफ्तार किया। आरोपी 'एसएस केमिकल' नाम से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के फर्जी कंपनी चला रहा था, जिसके जरिए जहरीली स्प्रिट का अवैध निर्माण और सप्लाई की जा रही थी।  गाजियाबाद से पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था आरोपी सतीश चौधरी। इसकी सप्लाई चेन बिहार समेत कई अन्य राज्यों में शराब माफियाओं तक फैली हुई है। तुरकौलिया थाना कांड संख्या 174/26 के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे अन्य ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।  इससे पहले पुलिस ने मुख्य सप्लायर लवकुश यादव को कोटवा के सबैया गांव से पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका। एक-एक सबूत जुटाने में जुटी है टीम मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Prohibition and State Narcotics Control Bureau) ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो। पुलिस को रजिस्टर अपडेट करने की हिदायत इसके साथ ही मालखाने के रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी (Standard Operating Procedure) में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) कराने और अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।  

समान नागरिक संहिता को लेकर सियासत तेज: उमंग सिंघार बोले—आदिवासी पहचान से समझौता नहीं होगा

भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह कानून आदिवासी समाज की पहचान, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां आदिवासी समाज अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक व्यवस्थाओं के साथ सदियों से जीवन यापन कर रहा है। ऐसे में एकरूप कानून थोपना न केवल उनकी परंपराओं का अनादर है, बल्कि यह उनके अधिकारों का भी उल्लंघन है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में यूसीसी को ‘राज्य के नीति निदेशक तत्व’ में रखा गया था, क्योंकि संविधान सभा यह समझती थी कि विविधताओं वाले देश में इस विषय पर व्यापक सहमति बनानी होगी। यह कोई तत्काल लागू होने वाला अनिवार्य अधिकार नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक सिद्धांत था। लेकिन बीजेपी सरकार इसे जल्दबाजी, बिना संवाद और बिना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के थोपने का प्रयास रही है। सिंघार ने कहा, यूसीसी के नाम पर जो एकरूपता थोपी जा रही है, वह ‘विविधता में एकता’ के हमारे मूल मंत्र को तोड़ती है। आदिवासी समाज की अपनी सामाजिक व्यवस्था, विवाह, उत्तराधिकार और भूमि से जुड़े रीति-रिवाज सदियों पुराने हैं। पांचवीं और छठी अनुसूची उन्हें सांस्कृतिक स्वायत्तता देती है। यदि यूसीसी बिना छूट के लागू हुई, तो यह संविधान की भावना के खिलाफ होगा। समानता का अर्थ एकरूपता नहीं सिंघार ने सरकार के ‘समानता’ के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि समानता का अर्थ एकरूपता नहीं होता, बल्कि हर समुदाय की विशिष्टता को सम्मान देते हुए न्याय सुनिश्चित करना होता है। उन्होंने चिंता जताई कि न तो आदिवासी संगठनों, न पंचायतों, न ही किसी धार्मिक या सामाजिक समूह से चर्चा की गई। बीजेपी की यही ‘नया सामान्य’ बन गया है – बिना विचार-विमर्श के कानून बनाना। यह अलोकतांत्रिक, असांप्रदायिक और असंवैधानिक है। सरकार को साफ जवाब देना चाहिए कि क्या यूसीसी आदिवासियों पर लागू होगी? यदि नहीं, तो संरक्षण की गारंटी क्यों नहीं दी जा रही? यह अनिश्चितता जानबूझकर फैलाया गया भय है।” आदिवासी समाज की परंपराओं की सुरक्षा की जाए सिंघार ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि क्या आदिवासी समुदायों को यूसीसी के दायरे में लाया जाएगा या उन्हें इससे बाहर रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने मांग की कि आदिवासी समाज को इस संहिता से बाहर रखा जाए और उनकी परंपराओं व अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सिंघार ने कहा कि बिना सहमति और संवाद के लाया गया कानून समाज में बंटवारे का काम करेगा। “यूसीसी की घोषणा ने एकता की बजाय अलगाव पैदा किया है। सरकार तुष्टीकरण की राजनीति छोड़े, आदिवासी समाज को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाए और सभी समुदायों को विश्वास में लेते हुए कोई साझा मसौदा तैयार किया जाए। जल्दबाजी और अलोकतांत्रिक तरीका बीजेपी की असहिष्णु सोच को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा हो, सभी धर्मों, जनजातियों और अल्पसंख्यकों को साथ लेकर ही कोई नीति बने, अन्यथा यह देश की सांस्कृतिक विविधता के लिए घातक साबित होगी।

MCX पर महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वर, निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तेजी दर्ज की गई, लेकिन इसके बाद भी अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं काफी सस्ती मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर एक किलो चांदी हाई से अब भी 1.96 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती है, तो वहीं सोना भी 50,000 रुपये से कम कीमत पर मिल रहा है. अगर आप सोना-चांदी खरीदने का या इनमें निवेश का प्लान बना रहे हैं, तो फिर हफ्तेभर में इनकी कीमतों में आए बदलाव पर नजर जरूर डाल लें. चांदी चमकी, फिर भी हाई से सस्ती सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में आए बदलाव के बारे में तो, MCX Silver Price बीते 2 अप्रैल को 2,32,495 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जबकि पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार ये 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी 2,43,300 रुपये पर क्लोज हुई. यानी हफ्तेभर में 1 Kg Silver 10,805 रुपये महंगी हो गई.   न सिर्फ एमसीएक्स पर, बल्कि घरेलू मार्केट में भी चांदी की कीमत चढ़ी है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो हफ्तेभर में चांदी 2,27,813 रुपये से चढ़कर 2,39,934 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई और इस हिसाब से ये 12,121 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है. भले ही बीते सप्ताह चांदी का भाव तेज रफ्तार के साथ उछला हो, लेकिन इस तेजी के बावजूद भी ये कीमती धातु अपने लाइफ टाइम हाई लेवल 4,39,337 रुपये प्रति किलो की तुलना में अभी भी 1,96,037 रुपये सस्ती मिल रही है. 24 कैरेट सोने का अब ये रेट बात सोने की कीमतों में आए चेंज की करें, तो हफ्तेभर में इसकी कीमत भी उछली है. बीते 2 अप्रैल को 5 जून की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव 1,49,680 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को 1,52,690 रुपये पर पहुंच गया और इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold  3,010 रुपये महंगा हुआ. घरेलू मार्केट में इसकी कीमत 1,46,608 रुपये से उछलकर 1,50,330 रुपये प्रति 10 ग्राम का हो गया. चांदी की तरह से ही सोने के भाव में इस ताजा उछाल के बाद भी ये कीमती पीली धातु अपने हाई लेवल से काफी सस्ती बनी हुई है. MCX Gold Rate देखें, तो इसका लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये है और लेटेस्ट रेट 1,52,690 रुपये तुलना करें, तो Gold Rate फिलहाल यहां से 50,294 रुपये प्रति 10 ग्राम कम है. घरेलू मार्केट में अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट पर नजर डालें, तो. गोल्ड क्वालिटी     गोल्ड रेट (GST+Making Charge के बिना) 24 Karat Gold     1,50,330 रुपये/10 ग्राम 22 Karat Gold     1,46,720 रुपये/10 ग्राम 20 Karat Gold     1,33,790 रुपये/10 ग्राम 18 Karat Gold     1,21,770 रुपये/10 ग्राम 14 Karat Gold     96,960 रुपये/10 ग्राम ज्वेलरी खरदीने से पहले जानें ये बात अगर आप  Gold-Silver Jewellery खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो फिर हफ्ते भर के रेट चेंज के साथ ही इस बात को जान लेना जरूरी है, कि आईबीजेए के द्वारा अपडेट किए गए रेट्स देशभर में एक समान होते हैं, लेकिन जब आप ज्वेलरी खरीदते हैं, तो इन पर लागू GST के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जो विभिन्न राज्यों शहरों में अलग-अलग हो सकता है और इनके जुड़ने से कीमत बढ़ जाती है.