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इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हा vs इंडक्शन: कौन है ज्यादा प्रैक्टिकल ऑप्शन?

 शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने नई टेक्नोलॉजी वाले इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हे की जानकारी X पर पोस्ट की। इस अनोखे चूल्हे के बारे में बताया गया कि यह बिना LPG या PNG कनेक्शन के बिजली से आग की लपटें पैदा कर सकता है। हालांकि इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या वाकई इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हा, इंडक्शन चूल्हे से बेहतर है? दरअसल वीडियो में बिजली से आग की लपटें पैदा करने वाली यह टेक्नोलॉजी किसी जादू से कम नहीं लगती लेकिन असल सवाल यही है कि यह तकनीक कितनी प्रैक्टिकल है? क्या यह LPG-PNG के बाद रसोई में इस्तेमाल होने के लायक है? गौर करने वाली बात है कि इंडक्शन के मुकाबले 10 गुना ज्यादा कीमत और बिजली के ज्यादा इस्तेमाल के चलते यह आपके बिल को काफी ज्यादा बढ़ा सकता है। इसके अलावा जहां इंडक्शन चूल्हे एफिशिएंसी 90% तक होती है, वहीं प्लाज्मा चूल्हा अपनी ज्यादातर ऊर्जा रोशनी और शोर में बर्बाद कर देता है। ऐसे में नई टेक्नोलॉजी को लेकर ज्यादा उम्मीदें लगाने से पहले दोनों के फर्क को समझ लेना जरूर हो जाता है। इंडक्शन और प्लाज्मा चूल्हे की कीमत में फर्क इंडक्शन और प्लाज्मा चूल्हे में सबसे बड़ा फर्क कीमत को लेकर दिखता है। भारत में जहां एक अच्छा इंडक्शन चूल्हा 2500 से 4500 रुपये में खरीदा जा सकता है। वहीं नई तकनीक होने की वजह से प्लाज्मा चूल्हे की कीमत 35000-45000 रुपये तक जाती है। वहीं अगर किसी खास मॉडल को आप चीन या वियतनाम जैसे दूसरे देश से इंपोर्ट कर रहे हैं, तो प्लाज्मा चूल्हे की कीमत 60,000 रुपये तक भी पहुंच सकती है। इसके बाद इस चूल्हे की मेंटेनेंस भी इंडक्शन चूल्हे से कई गुना ज्यादा पड़ती है। इस वजह से LPG-PNG के बाद इंडक्शन चूल्हा ज्यादा प्रैक्टिकल ऑप्शन नजर आता है।(REF.) टेक्नोलॉजी और बिजली की खपत में फर्क अब भले इंडक्शन और इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हा बिजली पर काम करते हैं लेकिन अलग-अलग टेक्नोलॉजी की वजह से इनकी बिजली की खपत और खर्च अलग-अलग पड़ता है। प्लाज्मा चूल्हा हवा को आयोनाइज करके प्लाज्मा फ्लेम बनाता है। इससे आग तो पैदा होती है, लेकिन ऊर्जा का बड़ा हिस्सा रौशनी और आवाज के रूप में बर्बाद होता है। साथ ही इसकी बर्तन में हीट ट्रांसफर करने की ताकत भी एक साधारण LPG या इंडक्शन चूल्हे के मुकाबले काफी कम होती है। वहीं इंडक्शन चूल्हा मैग्नेटिक फील्ड से सीधा बर्तन को गर्म करता है। इसमें ऊर्जा की बर्बादी न के बराबर होती है। आसान भाषा में समझाएं, अगर आप इंडक्शन और इल्केट्रिक प्लाज्मा चूल्हे पर 1 घंटा खाना पकाएं, तो प्लाज्मा बिजली की ज्यादा खपत करते हुए महीने भर में 60-100 यूनिट तक बिजली खा सकता है। वहीं इंडक्शन इससे आधे से भी कम में खाना पका देगा। भारतीय रसोई के लिए कौन प्रैक्टिकल अब बात अगर भारतीय रसोई की करें, जहां ज्यादा आंच पर सब्जी, रोटी-पराठें पकाए जाते हैं। वहां इंडक्शन चूल्हा ज्यादा प्रैक्टिकल साबित होता है। दरअसल प्लाज्मा चूल्हे की खासियत है कि उसके लिए किसी खास बर्तन की जरूरत नहीं होती लेकिन प्लाजमा चूल्हे की आंच इतनी स्थिर नहीं होती कि भारतीय पकवान अच्छे से पकाए जा सकें।  

दिल्ली-एनसीआर में पाइप गैस का विस्तार, हजारों नए PNG कनेक्शन देने की तैयारी

नई दिल्ली   इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-एनसीआर में पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस (PNG) का कनेक्शन देने का काम तेज कर दिया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी कमल किशोर चटिवाल का कहना है कि आईजीएल का उद्देश्य रसोई गैस पर दबाव कम करना और ज्यादा से ज्यादा कस्टमर को सुविधा उपलब्ध कराना है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ऊर्जा की आपूर्ति बाधित होने के बाद सरकार पीएनजी को काफी बढ़ावा दे रही है और इसे एलपीजी के एक सुविधाजनक विकल्प के रूप में पेश कर रही है। चटिवाल ने बताया कि पहले आईजीएल रोजाना 600-700 पीएनजी कनेक्शन देती थी, जिसे अब बढ़कर 2,100-2,200 प्रतिदिन कर दिया गया है। कंपनी का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 5,000 प्रतिदिन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि फास्ट-फूड श्रृंखला और पुलिस स्टेशनों को भी पीएनजी कनेक्शन देने पर ध्यान दे रही है। हाल ही में एलपीजी आपूर्ति में बाधा के कारण कई तत्काल खाने का सामान उपलब्ध कराने वाले फास्ट-फूड आउटलेट प्रभावित हुए हैं। कहां-कहां पहुंच गया कनेक्शन देश की सबसे बड़ी शहर गैस वितरक कंपनी आईजीएल अब तक दो प्रमुख फास्ट-फूड श्रृंखला की 100 से अधिक दुकानों को पीएनजी से जोड़ चुकी है और इतने ही कनेक्शन प्रक्रिया में हैं। कुल मिलाकर आईजीएल की योजना लगभग 400 आउटलेट को पीएनजी से जोड़ने की है। इसके साथ ही, दिल्ली के सभी पुलिस थानों को पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे कैंटीन में एलपीजी सिलेंडर के रिफिल की समस्या से राहत मिलेगी। कहां तक पहुंची पाइपलाइन नयी दिल्ली के कारोबारी केंद्र कनॉट प्लेस में भी अब पीएनजी नेटवर्क पर काम शुरू हो गया है। पहले अनुमति न मिलने के कारण इस क्षेत्र में पीएनजी की पहुंच नहीं थी। हालांकि, अब सरकार द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद इसपर काम शुरू हो गया है। अधिकारी ने बताया कि अब पाइपलाइन कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में पहुंच चुकी है। 90 दिनों में 4.85 लाख कनेक्शन चटिवाल ने बताया कि कंपनी अगले 90 दिन में अपने परिचालन वाले क्षेत्र में 4.85 लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, जिसे पाइप के जरिये घरों में रसोई में पहुंचाया जाता है। इसके अलावा इसकी आपूर्ति उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों मसलन होटल और रेस्तरां को की जाती है। भारत में कितना होता है उत्पादन भारत में प्रतिदिन 9.2 करोड़ मानक घनमीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन होता है। शहर गैस (पीएनजी और सीएनजी मिलाकर) में इसके एक-तिहाई हिस्से की खपत की जाती है। आईजीएल के पास 28,000 किलोमीटर से अधिक लंबा पाइपलाइन नेटवर्क है। इसका शहर गैस वितरण नेटवर्क ढांचा दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, कैथल, फतेहपुर, अजमेर, पाली, शामली, बांदा, मुजफ्फरनगर, कानपुर और मेरठ तक फैसला हुआ है। साथ ही यह 950 से अधिक सीएनजी स्टेशन के जरिये 21 लाख से अधिक वाहनों को ईंधन उपलब्ध करा रही है।

बठिंडा में बैसाखी मेले की तैयारियां तेज: प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा

बठिंडा. बैसाखी मेले के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। डिप्टी कमिश्नर बठिंडा राजेश धीमान और एसएसपी डा. ज्योति यादव बैंस ने तख्त श्री दमदमा साहिब गुरुद्वारा के प्रबंधकों के साथ बैठक कर मेले के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु 01655-220241 और 01655-220249 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सहायता के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 30 सदस्यीय टीम भी तैनात की गई है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीने के पानी की 24 घंटे उपलब्धता और साफ-सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। मेले में आने वाले वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए शहर में छह स्थानों पर अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए हैं। इसके अलावा सड़कों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को भी प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। इस मौके पर एडीसी (ज) कंचन, एसडीएम तलवंडी साबो राजेश कुमार शर्मा, एसपी जगदीश बिश्नोई, एसपी नरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

एडुटेक कंपनी फिजिक्सवाला पर ब्रोकरेज बुलिश, 140 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय

एडुटेक कंपनी PhysicsWallah के शेयर में सुस्ती वाले माहौल के बीच ब्रोकरेज फर्म Elara सिक्योरिटीज ने इसे खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए एक टारगेट प्राइस भी दिया है जो वर्तमान कीमत से 35 पर्सेंट से भी अधिक है। शेयर का परफॉर्मेंस और टारगेट प्राइस फिजिक्सवाला के शेयर की बात करें तो अभी 101 रुपये पर है। शेयर के लिए ब्रोकरेज ने 'Buy' रेटिंग दी है। इसके साथ ही ₹140 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से इसमें लगभग 35% से अधिक बढ़त की संभावना है। इस शेयर के 52 हफ्ते का हाई 162.05 रुपये और 52 हफ्ते का लो 77.75 रुपये है। क्या कहा ब्रोकरेज ने? ब्रोकरेज का मानना ​​है कि इस कंपनी की ताकत उसके ओमनीचैनल मॉडल में निहित है, जिसके तहत वह सबसे पहले मुफ्त कंटेंट और जुड़ाव के जरिए बड़ा यूजर बेस तैयार करता है और फिर उन्हें पैसे देने वाले ग्राहकों में बदल देता है। इसके मुख्य ऑफर JEE और NEET कोर्स ही हैं जबकि यह क्षेत्रीय भाषाओं और नई कैटेगरीज में भी अपना विस्तार जारी रखे हुए है। ब्रोकरेज को क्या है उम्मीद? Elara को उम्मीद है कि विकास की मजबूत गति बनी रहेगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY25 और FY28 के बीच रेवेन्यू CAGR 27% और एबिटा CAGR लगभग 85% रहेगा। यह भी उम्मीद है कि FY27 तक कंपनी एडजस्टेड PAT लेवल पर मुनाफा कमाने लगेगी। अपने डिजिटल बिजनेस के साथ-साथ, कंपनी ने तेजी से बढ़ती हुई ऑफलाइन मौजूदगी भी बनाई है। कंपनी अब 200 शहरों में 300 से अधिक सेंटर चलाती है, जो क्लासरूम लर्निंग चाहने वाले स्टूडेंट्स को सेवा देते हैं। ब्रोकरेज ने मजबूत कैश जेनरेशन पर भी जोर दिया है। काफी कैश बैलेंस होने की वजह से कंपनी अपनी बैलेंस शीट पर बिना कोई दबाव डाले अपने विस्तार के लिए अंदरूनी तौर पर फंड जुटा रही है। Elara कंपनी के ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस की अलग-अलग वैल्यू लगाती है और मानती है कि इसकी ग्रोथ की संभावना और बढ़ते मुनाफे को देखते हुए, मौजूदा वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक हैं। फिजिक्सवाला आईपीओ की डिटेल बता दें कि पिछले साल फिजिक्सवाला का आईपीओ आया था। यह ₹3480 करोड़ का एक बुक-बिल्डिंग इशू था, जिसमें ₹3100 करोड़ का नया इशू और प्रमोटर अलख पांडे और प्रतीक बूब द्वारा ₹380 करोड़ का 'ऑफर फॉर सेल' शामिल था। इसकी प्राइस बैंड ₹103 से ₹109 प्रति शेयर के बीच तय की गई थी।

झारखंड में बड़ी कार्रवाई: लंबे समय से फरार नक्सली मुन्ना आखिरकार दबोचा गया

बलरामपुर. 13 साल से फरार चल रहे नक्सली मुन्ना कोरवा को झारखंड से गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है. मुन्ना पर बंधक बनाकर मारपीट और हत्या की नियत से गोली चलाने का आरोप है. साल 2012 से वह जंगल में छिपकर पुलिस की आखों में धूल झोंक रहा था. जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने लातेहार निवासी लखू यादव को ग्राम पुन्दाग में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की थी. नक्सली दस्ता के सदस्य इकबाल यादव के निर्देश पर लखू को जान से मारने के इरादे से गोली चलाई गई, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकला। घटना के संबंध में सामरीपीठ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं 147, 148, 149, 342, 395, 307, 120बी भादवि एवं आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था. जांच के दौरान सभी आरोपी भाग निकले थे. न्यायालय ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था. मुखबीर से जानकारी मिली की वारंटी मुन्ना कोरवा झारखंड के तेहड़ी (भण्डरिया) में छिपा हो सकता है. इसके बाद एक विशेष टीम गठित कर झारखंड रवाना किया गया. पुलिस ने आरोपी को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया. सामरीपाठ लाकर उसे कोर्ट में पेश किया गया.

संगीत जगत में शोक की लहर, आशा भोसले को नेताओं और हस्तियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर और आवाज की जादूगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रहीं. 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. आशा ताई के निधन पर आज देश की नामी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं. राजनीति के दिग्गजों ने भी  आशा भोसले को याद किया. पीएम मोदी,अमित शाह से लेकर कई राजनेताओं ने आशा भोसले के निधन पर अपने-अपने तरीके से याद किया. एक स्वर्णिम युग का अंत-पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने आशा भोसले के निधन पर लिखा कि  यह जानकर बेहद दुख हुआ. आशा भोसले जी का जाना भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत है. उनकी आवाज ने न केवल दशकों तक करोड़ों लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि वह भारतीय संस्कृति की एक ऐसी पहचान थीं, जिसकी जगह शायद कभी नहीं भरी जा सकेगी.उनकी आवाज की बहुमुखी प्रतिभा (versatility) ऐसी थी कि उन्होंने हर भाव और हर पीढ़ी के लिए यादगार गीत दिए,उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक प्रेरणा बनी रहेगी.उनके परिवार और दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति मेरी भी गहरी संवेदनाएं. उनके गीतों की गूंज हमेशा हमारे दिलों में बनी रहेगी.     उपराष्ट्रपति ने ऐसे किया याद महान गायिका आशा भोसले जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ. उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. आशा जी की बहुमुखी आवाज ने उन्हें सहजता से विभिन्न शैलियों में बदलाव करने, भावपूर्ण गजलों और पारंपरिक भजनों में महारत हासिल करने की अनुमति दी, जिससे भारतीय संगीत पर एक अमिट छाप छोड़ी गई. उनकी सदाबहार आवाज और संगीतमय विरासत लाखों लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.      मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुःखद दिन- अमित शाह आशा ताई के निधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुःखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं.आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध किया. हर तरह के संगीत में ढल जाने की उनकी अनोखी प्रतिभा हर व्यक्ति का दिल जीत लेती थी. अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को छूने वालीं आशा जी ने हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती सहित अनेक भाषाओं के साथ-साथ लोकगीतों में भी अमिट छाप छोड़ी. आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता थी. उनसे जब भी मुलाकात होती थी, संगीत और कला जैसे अनेक विषयों पर लंबी बातें होती थीं. आज वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी आवाज से वे सदैव हमारे दिलों में रहेंगी.ईश्वर आशा जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके परिजनों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ॐ शांति शांति शांति…  भारत के संगीत क्षेत्र की अपरिमित क्षति- नितिन गडकरी भारतीय संगीत जगत की मशहूर और दिग्गज हस्ती गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि.उनके साथ मेरे पारिवारिक संबंध रहें है. उनका जाना भारत के संगीत क्षेत्र की अपरिमित क्षति है. अपनी विलक्षण प्रतिभा से आशा जी ने संगीत के क्षितिज पर अपनी एक अलग पहचान बनाई. नया दौर, तीसरी मंज़िल, हरे रामा हरे कृष्णा, उमराव जान के साथ साथ इजाजत और रंगीला जैसे वक़्त और पीढ़ियों के साथ बदलती कई मशहूर फिल्में और गीत आशा जी ने अपने स्वर से अजरामर किए है. प्लेबैक सिंगर के रूप में भी उन्होंने कई यादगार गाने दिए.संगीत के क्षेत्र में उनका 'स्वर' और उनका महत्वपूर्ण योगदान पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा.ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दे. ॐ शांति       दुनिया ने एक महान शख़्सियत को खो दिया-केजरीवाल दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने आशा भोसले के निधन पर कहा कि पद्म विभूषण आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ.आज संगीत की दुनिया ने एक महान शख़्सियत को खो दिया। उनका जाना देश के लिए एक अपूर्णीय क्षति है.वो अपने अनगिनत मधुर गीतों के माध्यम से हमेशा अमर रहेंगी.विनम्र श्रद्धांजलि…      उनके मधुर स्वर सदैव देशवासियों के मन में गूंजते रहेंगे- सीएम योगी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आशा भोसले के निधन पर कहा कि भारतीय संगीत जगत की स्वर-सम्राज्ञी, महान सुर-साधिका, 'पद्म विभूषण' आशा भोसले जी का निधन अत्यंत दुःखद एवं कला जगत की अपूरणीय क्षति है.उनकी अद्वितीय गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं.उनके मधुर स्वर सदैव देशवासियों के मन में गूंजते रहेंगे. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति और शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!     आज साज खामोश हैं और सुर अधूरे से लग रहे हैं- शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अपनी खनकती आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली आदरणीय आशा भोंसले जी हमारे बीच नहीं रहीं.उनके जाने से संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया.आज साज खामोश हैं और सुर अधूरे से लग रहे हैं, सुरों की देवी आशा ताई भले ही देह रूप में विदा हो गई हों, लेकिन उनकी आवाज हमारी स्मृतियों में गूंजती रहेगी। विनम्र श्रद्धांजलि!    

फूड सेफ्टी पर बड़ा सवाल: मंदसौर में 700 लीटर दूध के साथ यूरिया-केमिकल मिले, जांच शुरू

मंदसौर. मंदसौर जिले में पुलिस ने आठ दिन में दूसरी बार गरोठ क्षेत्र में नकली दूध बनाने की आशंका में छापामार कार्रवाई की है। शनिवार की देर रात गरोठ के ग्राम चचावदा चौकटिया में एक बाड़े में दबिश देकर पुलिस ने यूरिया, केमिकल सहित अन्य सामग्री जब्त की है। यहां लगभग 700 लीटर दूध का स्टाक भी मिला है। अब जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात लगभग डेढ़ बजे गरोठ पुलिस की टीम ने ग्राम चचावदा चौकटिया स्थित एक बाड़े में दबिश दी। यहां दो कमरों में दूध की डेयरी संचालित हो रही है। मौके से पुलिस ने ढाई कट्टा यूरिया, केमिकल सहित अन्य सामग्री जब्त की है जो संभवतः नकली दूध बनाने के लिए उपयोग की जा रही थी। साथ ही करीब 700 लीटर दूध का स्टाक भी मिला। पुलिस को जानकारी मिली है कि इस डेयरी का संचालन सूरज गायरी कर रहा था। कोटड़ा बुजुर्ग में भी डेयरी पर मिला था 200 लीटर दूध उल्लेखनीय है कि अभी पांच दिन पूर्व ही शामगढ़ व गरोठ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गरोठ क्षेत्र के कोटड़ा बुजुर्ग में भी एक डेयरी पर छापा मारा था। यहां 2000 लीटर दूध, 200 लीटर केमिकल व दूध के पावडर जैसा पदार्थ मिला था। खाद्य विभाग ने दूध के सेंपल लेकर लेब में भेजे थे। उसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

वास्तु शास्त्र: घर में जल तत्व से बढ़ती है सुख-समृद्धि, जानें सही दिशा

 अक्सर वास्तु वास्तु शास्त्र के जानकार घर में फव्वारा या जल से संबंधित सजावटी वस्तुएं रखने का सुझाव देते हैं. इसके पीछे की मुख्य वजह जल तत्व की सकारात्मक ऊर्जा है. कहा जाता है कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि के लिए , जब से जुड़े वास्तु उपाय बेहद कारगर होते हैं. हालांकि, वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि जल का लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा और स्थान पर रखा जाए. गलत स्थान पर रखा गया जल आर्थिक और मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है. अधिकांश घरों में जल यानी पानी से जुड़े वास्तु दोष देखने को मिलते हैं. वास्तु शास्त्र के जानकारों की मानें तो जल से जुड़े वास्तु नियमों की अनदेखी करने से परिवार में कलह और क्लेश जैसी अनेक समस्या उत्पन्न होने लगती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पानी या जल का स्थान घर की किस दिशा में होना चाहिए और इससे जुड़े खास वास्तु नियम क्या हैं. वॉटरफॉल के लिए सही दिशा वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर आपके घर में बगीचा है, तो वहां वॉटरफॉल लगाना अत्यंत शुभ होता है, लेकिन यहां एक जरूरी नियम का ध्यान रखें रखना चाहिए. पानी के बहाव की दिशा हमेशा घर के अंदर की ओर होनी चाहिए. अगर जल का प्रवाह घर के बाहर की तरफ दिखता है, तो धन भी उसी गति से बाहर चला जाता है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में अंदर की तरफ बहता हुआ पानी मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है. पानी से जुड़े शोपीस कहां रखें वास्तु सास्त्र के नियम के अनुसार, किचन में अग्नि देवता का वास होता है, जबकि जल उसका विपरीत तत्व है.  इसलिए किचन में पीने या उपयोग के पानी के अलावा किसी प्रकार का जलीय शोपीस, नदी-झरने की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से जल और अग्नि तत्व का संतुलन बिगड़ जाता है. इसके अलावा सेहत पर भी नकारात्मक असर पड़ता है, जो कि आर्थिक स्थिति को बिगाड़ देता है. बुरी नजर और निगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए अगर आपके परिवार में लोग बार-बार बीमार पड़ रहे हैं या करियर में बाधाएं आ रही हैं, तो पानी का शोपीस एक प्रभावी उपाय हो सकता है. वास्तु नियम के मुताबिक, इसे घर के गलियारे या बालकनी में रखना शुभ होता है. कहा जाता है कि यहां जल की तत्व की मौजूदगी बुरी नजर के प्रभाव को कम करती है और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाती है. किस दिशा में रखें मिट्टी का घड़ा या सुराही? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मिट्टी के घड़े या सुराही को घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में रखना शुभ होता है. कहा जाता है कि इस दिशा में देवी-देवताओं का वास होता है. इसलिए यहां मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर रखने से दुर्भाग्य दूर होता है. 

‘पाकिस्तान के और होंगे टुकड़े’,CM योगी का बड़ा बयान, विस्थापितों को जमीन का हक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पाकिस्तान को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया. उन्होंने पाकिस्तान को पापी बताते हुए कहा कि जिस देश ने भारत का विभाजन कराया, वह खुद भी बंट चुका है और आगे भी उसके और टुकड़े होंगे. यह बात उन्होंने मियानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि मियानपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा. यह नाम गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के सम्मान में रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव गांव की पहचान को नई दिशा देगा और यहां बसे लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेगा. अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को बांटने का पाप किया और उसके बाद खुद भी विभाजित हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लिए कोई जगह नहीं है और इन समुदायों को वहां सजा झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसने इन लोगों को सम्मान और सुरक्षा दी. मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 1000 से ज्यादा ऐसे परिवारों को जमीन के अधिकार दिए जा रहे हैं, जो 1947 और 1971 के विभाजन के दौरान विस्थापित होकर यहां आकर बस गए थे. उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने वर्षों तक बिना अधिकार के जीवन बिताया, लेकिन अब उन्हें उनका हक मिल रहा है. मियानपुर का नाम बदलेगा, अब होगा रविंद्र नगर उन्होंने कहा कि इन बंगाली बंधुओं की जमीन और संपत्ति को कुछ राक्षसों ने कब्जा लिया था, लेकिन अब सरकार उन्हें उनका अधिकार वापस दिला रही है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लखीमपुर, धौरहरा और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये की 213 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र दिए. उन्होंने कहा कि आज इन परिवारों को उस जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जिस पर वे दशकों से रह रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को दर्शाता है. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों ने इन लोगों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें कभी जमीन का अधिकार नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियानपुर रखा गया था, जबकि यहां एक भी मियां नहीं था. अब इस गांव को रविंद्र नगर नाम दिया जाएगा और इसकी पहचान गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर से जोड़ी जाएगी, जिन्होंने भारत का राष्ट्रगान लिखा. मुख्यमंत्री ने बंगाल को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर बताया. उन्होंने कहा कि इस साल वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था. उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और एकता का प्रतीक है. विस्थापित परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक विभाजन का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 की त्रासदी इसलिए हुई क्योंकि देश बंट गया था और समाज में विभाजन पैदा हुआ था. उन्होंने कहा कि आज भी जो लोग जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं, वो बहुत बड़ा पाप कर रहे हैं और देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि जब वहां हिंदू, सिख, बौद्ध या जैन समुदाय के लोग प्रताड़ित होते हैं, तो उनकी उम्मीद भारत से ही होती है. वो न्याय और सुरक्षा के लिए भारत की तरफ देखते हैं. मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि जब ये विस्थापित परिवार भारत आए थे, तब उनके पास टूटे हुए सपने और गहरा दर्द था. उन्होंने अपने घर और अपनों को पीछे छोड़ दिया था और अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें मजबूर होकर अपना घर छोड़ना पड़ा था. उन्होंने कहा कि न तो बांग्लादेश और न ही पाकिस्तान ने इन लोगों को स्वीकार किया, क्योंकि वे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी थे. भारत ने ही उन्हें खुले दिल से अपनाया और उन्हें सम्मान दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हिंदू समाज की सहिष्णुता की यही पहचान है कि यहां आने के बाद किसी ने इन लोगों से उनकी जाति या संप्रदाय नहीं पूछा. उन्हें अपनाया गया और समाज का हिस्सा बनाया गया. कांग्रेस पर हमला, वोट लिए लेकिन अधिकार नहीं दिए उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में करीब 1031 विस्थापित हिंदू और सिख परिवारों को 542 हेक्टेयर जमीन का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में करीब 65000 विस्थापित परिवार रह रहे हैं और सरकार उन्हें जमीन का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत मकान, शौचालय, बिजली और पानी की सुविधा भी दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार इन लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आज 417 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है और फरवरी 2025 में 1622 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई थीं. उन्होंने कहा कि लखीमपुर राज्य का सबसे बड़ा कृषि जिला है, जिसे ‘लक्ष्मीपुर’ के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने बताया कि गोला गोकर्णनाथ में काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. इससे पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. बांग्लादेश से आए परिवारों के दर्द और संघर्ष का जिक्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें अपराध, दंगे और अराजकता के लिए जानी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार विकास और कानून व्यवस्था पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि अब एक जिला, एक माफिया की जगह एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज की पहचान बन रही है और लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज भी बन चुका है. उन्होंने कहा कि … Read more

सीएम सैनी का बड़ा फैसला: गुरुग्राम में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती

 गुरुग्राम दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर 100 से 150 बेड की क्षमता वाले चार अतिरिक्त अस्पताल इसी तर्ज पर खोलने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री का यह निर्देश न केवल शहर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश गुरुग्राम में निर्माणाधीन शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के दौरान दिए। यह परियोजना सहकारी संघवाद और स्थानीय निकायों के आपसी सहयोग का अनूठा उदाहरण है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर जीएमडीए का 50 फीसदी, नगर निगम गुरुग्राम का 45 फीसदी और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड पांच फीसदी के वित्तीय सहयोग से तैयार हो रहा है। आयुष्मान के लाभार्थियों को प्राथमिकता बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के आरक्षित बेड पर आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल बिल्डिंग खड़ी करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी सेवाएं देना है जो गुरुग्राम को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर स्थापित करें। मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में प्रोजेक्ट की बारीकियों को साझा किया। आरक्षण और किफायती शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि गुरुग्राम के सेक्टर-102ए खेड़की माजरा में बन रहे इस अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज की 150 एमबीबीएस सीटों और 850 बेडों में से 33-33 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया जाए। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आरक्षित सीटों पर फीस अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान ही रखी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए भारी-भरकम फीस नहीं भरनी होगी।