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इस्लामाबाद में 21 घंटे चली मैराथन बातचीत, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं

नई दिल्ली    अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई हाई लेवल वार्ता भले ही किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सकी, लेकिन इस शांति वार्ता ने एक मैसेज जरूर दिया है। इस शांति वार्ता ने अमेरिका के सियासी गलियारों की हलचल बढ़ा दी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान से इसके संकेत मिले हैं। वेंस ने इस बात का खुलासा किया कि 21 घंटे तक चली इस मैराथन वार्ता के दौरान वे लगातार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हॉट लाइन पर संपर्क में थे। वेंस के अनुसार, वाशिंगटन से राष्ट्रपति ट्रंप केवल निर्देश ही नहीं दे रहे थे, बल्कि वे वार्ता की हर बारीक अपडेट पर नजर रख रहे थे। पत्रकारों के साथ बातचीत में जेडी वेंस ने बताया कि बातचीत के दौरान राष्ट्रपति के साथ उनका संवाद निरंतर बना रहा। उन्होंने कहा, "मैं सटीक संख्या तो नहीं बता सकता, लेकिन पिछले 21 घंटों में हमारी राष्ट्रपति से शायद आधा दर्जन या दर्जन भर बार बात हुई।" यह वार्ता केवल उपराष्ट्रपति तक सीमित नहीं थी। वेंस ने पुष्टि की कि अमेरिका की पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस कूटनीतिक दबाव का हिस्सा थी। उन्होंने बातचीत के दौरान निम्नलिखित शीर्ष अधिकारियों के साथ निरंतर परामर्श किया। उनमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एडमिरल कूपर जैसे नाम शामिल हैं। वेंस ने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी टीम का एक साथ सक्रिय होना इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका नेक नीयत के साथ बातचीत की मेज पर बैठा था। उपराष्ट्रपति ने एक बार फिर दोहराया कि अमेरिका ने अपना सर्वश्रेष्ठ और अंतिम प्रस्ताव ईरान के सामने रख दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह तेहरान को तय करना है कि वह इन शर्तों को स्वीकार कर शांति का रास्ता चुनता है या नहीं। आक्रामक ट्रंप प्रशासन विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन इस बार काफी आक्रामक और संगठित कूटनीति अपना रहा है। वार्ता में वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री की सक्रियता का मतलब है कि प्रस्ताव में आर्थिक प्रतिबंधों में ढील और सुरक्षा गारंटी जैसे पेचीदा मुद्दे शामिल हैं, जिन पर राष्ट्रपति ट्रंप खुद अंतिम फैसला ले रहे हैं। क्या होगा अगला कदम? फिलहाल अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लाबाद से रवाना हो रहा है, लेकिन उन्होंने तेहरान को सोचने के लिए समय दिया है। वेंस के बयानों से स्पष्ट है कि यदि ईरान ने इस प्रस्ताव को ठुकराया तो इसका मतलब केवल वार्ता की विफलता नहीं होगी, बल्कि अमेरिका की पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के सामूहिक प्रयास को चुनौती देना होगा। अब पूरी दुनिया की नजरें तेहरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि क्या वह ट्रंप प्रशासन की इन सख्त और समन्वित शर्तों के आगे झुकेगा या क्षेत्र में तनाव का एक नया दौर शुरू होगा?

सेहत पर खतरा: धौलपुर से आ रहा मिलावटी दूध टैंकर पकड़ा गया

 आगरा  अगर आप दूध खरीद रहे हैं तो एक बार उसे अच्छी तरीके से जांच लीजिए। कहीं मिलावटी दूध आपकी सेहत को खराब न कर दे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने शनिवार दोपहर करहरा (किरावली)गांव के पास न्यू दक्षिणी बाईपास से एक टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया। मिलावटी दूध की आपूर्ति धौलपुर से हुई थी। दूध में रिफाइंड की मिलावट की पुष्टि हुई। दूध से दुर्गंध आ रही थी। शहर की विभिन्न डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाना था। टीम ने दूध का एक नमूना लेने के बाद उसे नष्ट करा दिया। चालक से पूछताछ के बाद संबंधित डेरी का पता लगाया जा रहा है। न्यू दक्षिणी बाईपास के करहरा गांव के पास एफएसडीए टीम ने की कार्रवाई धौलपुर से हर दिन शहर में कई टैंकर दूध, घी, पनीर भेजा जाता है। यह सब ऑन डिमांड आता है। सबसे अधिक आपूर्ति शहर और उसकी सीमा से सटे डेरी में होती है। शनिवार सुबह धौलपुर से एक टैंकर शहर आना था। एफएसडीए टीम ने न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित करहरा गांव के पास जांच शुरू कर दी। एक टैंकर को रोका गया। जांच में उसमें दूध मिला। धौलपुर, राजस्थान के वाहन चालक प्रेम नारायण के पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिला। बिल की रसीद नहीं थी। न ही दूध की जांच रिपोर्ट थी। यह वीडियो भी देखें डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर होने जा रही थी बिक्री मिलावटी मिश्रित दूध से दुर्गंध आ रही थी। टैंकर में थर्मोस्टेट भी नहीं लगा था। इससे दूध को सुरक्षित तापमान पर नहीं रखा जा रहा था। मोबाइल लैब से दूध का नमूना लिया गया और जांच की गई तो उसमें रिफाइंड की पुष्टि हुई। टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया गया। एक नमूना लेने के बाद दूध को कराया नष्ट सहायक खाद्य आयुक्त महेंद्र प्रताप ने बताया कि मिलावटी दूध की कीमत 60 हजार रुपये है। इसे शहर की डेरी में बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। दूध में रिफाइंड की पुष्टि हुई है। यह है दूध की पहचान का तरीका कुछ मात्रा में दूध लें। उसे धीमी आंच में उबाल लें। अगर दूध पीला पड़ जाए तो उसमें यूरिया की मिलावट की गई है। दूध को हाथ में लेने पर उसमें साबुन जैसी चिकनाहट आ सकती है। दूध को उबाल लें। उसमें कुछ नींबू की बूंद डाल दें। मिलावटी दूध को फटने में अधिक समय लगता है। असली दूध का स्वाद हल्का मीठा और मिलावटी दूध का कड़वा होता है। पेट संबंधी हो सकती हैं बीमारियां वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनीष बंसल ने बताया कि लंबे समय तक मिलावटी दूध का प्रयोग करने से पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। जिस मकसद से दूध को पिया जा रहा है। उसके उलट स्थिति सामने आने लगी।इससे उल्टी और दस्त भी हो सकती है।  

नागौर में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, काली कमाई से बना घर जब्त

 नागौर राजस्थान के नागौर में नशा तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. यहां एक आरोपी की अवैध कमाई से बने आलीशान मकान को सीज कर दिया गया. आरोपी ने इस प्रॉपर्टी को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर कर रखा था. नागौर के शारदापुरम इलाके में बना करीब 50 लाख रुपये का घर बनाया था. सुरपालिया थाना क्षेत्र के जानवा गांव का रहने वाला बहादुर सिंह उर्फ समीर लंबे समय से पुलिस की रडार पर था. आरोप है कि वह स्मैक (हेरोइन) की सप्लाई के धंधे में लिप्त था. इस अवैध कारोबार से मोटी रकम कमा रहा था. धीरे-धीरे काली कमाई से आलीशान मकान ले लिया. जांच की गई तो पुलिस को पता चला कि यह मकान बहादुर सिंह के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर्ड है. पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की. पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए तो सामने आया कि बहादुर सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले पहले से दर्ज हैं. ये मामले करीब छह साल पुराने थे और इनमें से एक बीकानेर के पांचू थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ था. इन मामलों में पुलिस पहले ही चालान पेश कर चुकी थी, लेकिन असली कहानी अब सामने आ रही थी- काली कमाई की. जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने तस्करी के धंधे से शारदापुरम इलाके में मकान तैयार कराया था. कुछ रिपोर्ट्स में इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ से ज्यादा भी बताई जा रही है. कार्रवाई से बचने के लिए बहादुर सिंह ने यह संपत्ति अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम रजिस्टर्ड करवा रखी थी. वह जांच एजेंसियों को भ्रमित करना चाहता था. पुलिस ने इस मामले में मजबूत साक्ष्य जुटाए और दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकरण के सामने पेश किए. प्राधिकरण से मंजूरी मिलने के बाद सुरपालिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को सीज कर दिया. सुरपालिया थानाधिकारी सुमन कुलहरी ने बताया कि जांच में स्पष्ट रूप से सामने आया है कि यह मकान नशे के कारोबार से अर्जित धन से ही बनाया गया था. आरोपी की पहचान छिपाने की कोशिश नाकाम हो गई. पुलिस द्वारा मकान पर नोटिस चस्पा करने के कुछ ही देर बाद आरोपी ने नोटिस हटाने की कोशिश की. पुलिस ने इस हरकत को गंभीरता से लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है. नागौर एसपी रोशन मीणा ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. अवैध कमाई से बनी प्रॉपर्टी को चिह्नित कर सीज किया जा रहा है. बीते 15 दिनों में चार संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं, जबकि कुल पांच मकानों पर कार्रवाई हो चुकी है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन संकल्प के तहत यह अभियान और तेज होगा.

13 अप्रैल से शुरू हो रहा राज पंचक, जानें तिथि और महत्व

13 अप्रैल से राज पंचक की शुरुआत हो रही है, जो अपने साथ सुख-समृद्धि और सफलता के योग लेकर आ रहा है. हालांकि, इसकी शुभता बनाए रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है. जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है, तो उस अवधि को पंचक कहा जाता है. चूंकि इस बार पंचक सोमवार 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे राज पंचक का नाम दिया गया है.  शास्त्रों में राज पंचक को अत्यंत लाभकारी माना गया है.  यह समय सरकारी कार्यों में सफलता, संपत्ति लाभ और करियर में उन्नति के लिए श्रेष्ठ होता है. राज पंचक कब से कब तक पंचांग के अनुसार, राज पंचक सोमवार, 13 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, इसका समापन शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को होगा. भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां राज पंचक शुभ होने के बावजूद, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ कार्यों पर सख्त मनाही होती है.  इन गलतियों से आपके बनते काम बिगड़ सकते हैं. ईंधन का इकट्ठा करना: पंचक के दौरान लकड़ी, घास या अन्य ज्वलनशील सामग्री इकट्ठा करना अशुभ होता है.  माना जाता है कि इससे अग्नि का डर बना रहता है. दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण को यम की दिशा माना जाता है.  पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करने से दुर्घटना या धन हानि का खतरा रहता है. घर की छत डालना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो इन पांच दिनों में छत (लंटर) डालने का काम रोक दें.  इससे घर में क्लेश और आर्थिक संकट आ सकता है. बिस्तर या चारपाई बनाना: पंचक काल में नया पलंग खरीदना या चारपाई बुनना वर्जित है.  यह परिवार के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. अंतिम संस्कार के नियम: यदि इस अवधि में किसी का निधन हो जाए, तो अंतिम संस्कार विशेष विधि (कुश के पांच पुतले बनाकर) से ही करना चाहिए, वरना परिवार पर पंचक दोष लग सकता है. राज पंचक में क्या करें? यह समय निवेश करने, नया व्यापार शुरू करने और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सर्वोत्तम है.  राज पंचक की शुभता का लाभ उठाने के लिए भगवान शिव की आराधना करें, क्योंकि सोमवार महादेव का दिन है.

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब की जीत, SRH के खिलाफ सबसे बड़ा चेज

 मुल्लांपुर  आईपीएल 2026 के 17वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) ने सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) को 6 विकेट से हराया। एसआरएच से मिले 220 रनों के लक्ष्य को पीबीकेएस के बल्लेबाजों ने 18.5 ओवर में सिर्फ 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। आईपीएल के इतिहास में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ यह अब तक का सबसे बड़ा रन चेज भी है। पंजाब किंग्स ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड इससे पहले, एसआरएच के खिलाफ सबसे बड़े रन चेज का रिकॉर्ड भी पंजाब किंग्स के नाम था। आईपीएल 2014 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने 206 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया था। हालांकि शनिवार को मुल्लांपुर के महाराज यदविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पंजाब किंग्स ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं, यह आईपीएल इतिहास में पंजाब किंग्स का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज भी है। श्रेयस अय्यर ने किया पोस्ट पंजाब किंग्स की जीत के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया है। उन्होंने सिर्फ दो शब्द में अपनी टीम की जीत को सेलिब्रेट किया है। श्रेयस अय्यर ने टीम की फोटोज के साथ लिखा, 'चरदी कला।' पंजाब के ही नाम है बड़ा रिकॉर्ड आईपीएल में सबसे बड़े रन चेज का सफलतापूर्वक पीछा करने का रिकॉर्ड भी पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने साल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 262 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया था। आईपीएल में पीबीकेएस ने यह 10वीं बार 200 से ज्यादा रनों के लक्ष्य को चेज किया है। पंजाब किंग्स की जीत के नायक कप्तान श्रेयस अय्यर रहे, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 33 गेंदों में 69 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम को जीत दिलाकर लौटे। अय्यर ने अपनी इस पारी में 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, प्रियांश आर्या ने महज 20 गेंदों में 285 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 57 रन बनाए तो प्रभसिमरन सिंह ने 25 गेंदों में 51 रन बनाए। दीपेश शर्मा

दिल दहला देने वाला मंजर: वृंदावन हादसे में जान गंवाने वाले लुधियाना के पांच लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार

लुधियाना. शुक्रवार दोपहर वृंदावन में दर्शन के लिए गए जगराओं जत्थे की नाव के केशी घाट और यमुना नदी में पलटने से हुई दस मौतों में से पांच मृतक जगराओं के ही रहने वाले थे। शुक्रवार देर रात वहां पोस्टमार्टम करवाने के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पायलट वाहनों के साथ अलग-अलग एंबुलेंस में मृतकों के शव जगराओं भेजे। जगराओं बस अड्डा चौक में मौजूद सैकड़ों शहरवासियों की उपस्थिति में शवों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। इनमें मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल और चाची पिंकी बहल, साथ ही ईशान कटारिया शामिल थे। हजारों शहरवासी उनके घरों पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोपहर में, शहर के श्मशान घाट में अलग-अलग समय पर उन सभी का अंतिम संस्कार किया गया। जहां बड़ी संखया में शहरवासी मौजूद थे। मुखयमंत्री ने किया दुख साझा मुखयमंत्री भगवंत मान इस बड़े दुखद हादसे के पीड़ितो के परिवारों का दुख साझा करने के लिए विशेष रूप से जगराओं पहुँचे। वह ईशान कटारिया के घर गए और उनके माता-पिता के साथ अपना दुख साझा किया। उसके बाद, वह चरणजीत बहल के घर पहुंचे और उनके बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपना दुख साझा किया। इसके बाद, वह उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए शहर के श्मशान घाट भी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस हादसे के पीडि़तों के परिवारों के साथ खड़ी है। इस हादसे में अभी भी 4 सदस्य लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है, और कुछ का इलाज चल रहा है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सरकार पीडि़त परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यदि परिवार जगराओं में मृतकों की याद में किसी भी प्रकार का स्मारक या पुस्तकालय बनाने का निर्णय लेता है, तो सरकार उसे पूरा करेगी। इसके अलावा, मुखयमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के संपर्क में हैं। सरकार से वहां श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया है; यदि पंजाब सरकार की ओर से किसी भी सहयोग की आवश्यकता होती है, तो सरकार वह सहयोग भी प्रदान करेगी। ईशान को सिहरा बांधकर दी गई अंतिम विदाई वृंदावन दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक ईशान कटारिया के परिवार में बेहद भावुक और हृदयविदारक माहौल था। जब अंतिम विदाई का समय आया तो ईशान कटारिया को सिहरा बांधकर विदाई दी गई। ईशान कटारिया के पिता, राजू कटारिया ने बताया कि ईशान उनका इकलौता बेटा था। पूरे परिवार का उससे बहुत गहरा लगाव था। ईशान ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और वह नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसके साथ ही, परिवार उसकी शादी की तैयारियां भी कर रहा था, लेकिन शायद ईश्वर को यह मंजूर नहीं था और उन्होंने इतनी कम उम्र में ही उसे हमसे छीन लिया। कविता को लाल चुनरी ओढ किया विदा इस हादसे में मधुर बहल और उनकी माकविता बहल की भी मौत हो गई। अंतिम विदाई समय मधुर बहल को सिहरा बांधा गया और उसकी मां कविका बहल को लाल चुनरी ओढ कर अंतिम विदाई दी गई। जब एक ही घर से मां बेटे की एक साथ अर्थी निकली तो हकाारों मौजूद लोगों की आंखे नम होने से नहीं रह्वह सकी। पिता का भावुक पोस्ट जगराओं का एक और युवक, ऋषभ शर्मा भी उन श्रद्धालुओं में शामिल है, जो वृंदावन यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की नाव यमुना नदी में पलटने के बाद से अब भी लापता हैं। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसके पिता, उमेश शर्मा ने वृंदावन से सोशल मीडिया पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट साझा करते हुए, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से एक मार्मिक अपील की है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा है कि उन्हें कोई गोताखोर नहीं मिल पाया है। अभी तक कोई भी उनके बेटे के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि वे उनके बेटे ऋषभ को ढूंढकर उन्हें सौंप दें।

महंगाई भत्ते में देरी से बढ़ी चिंता, 8वें वेतन आयोग की बैठक पर नजर

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता यानी डीए में इजाफे का इंतजार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल महीने के 10 दिन से भी ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन अब तक कर्मचारियों के डीए बढ़ोतरी का ऐलान नहीं हुआ। इस देरी की वजह से अब केंद्रीय कर्मचारियों की अप्रैल की सैलरी पर भी असर पड़ने की आशंका है। आइए समझते हैं पूरा मामला। क्या है मामला? आमतौर पर केंद्र सरकार मार्च के महीने में होली के आसपास डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर देती है। यह साल की पहली छमाही के लिए लागू होता है। मार्च महीने में डीए ऐलान के बाद कर्मचारियों की अगले महीने सैलरी बढ़कर आती है। इसमें जनवरी, फरवरी महीने का एरियर भी जुड़ा रहता है। हालांकि, इस बार भत्ते में देरी से अब केंद्रीय कर्मचारियों को मई महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल, केंद्र सरकार के कई ऐसे भी विभाग हैं जहां सैलरी कैल्कुलेशन 15 से 15 तारीख का चलता है। मतलब ये कि जो सैलरी बनती है वो पिछले महीने की 15 तारीख से चालू महीने की 15 तारीख तक की होती है। अगर डीए के ऐलान में देरी होती है तो यह संभव है कि केंद्रीय कर्मचारियों की मई की सैलरी 4 महीने यानी जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल का डीए एरियर जोड़कर बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इस बात से सहमत हैं कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार डीए में थोड़ी देरी हुई है। BankBazaar के CEO अधिल शेट्टी ने मनीकंट्रोल से इसकी वजह बताते हुए कहा- यह शायद एडमिनिस्ट्रेटिव सीक्वेंसिंग और 8वें CPC फ्रेमवर्क की ओर बदलाव की वजह से है, जिसके लिए अपडेटेड पे स्ट्रक्चर और महंगाई के डेटा के बीच तालमेल जरूरी होता है। उन्होंने आगे कहा कि यह देरी इरादे की नहीं, बल्कि टाइमिंग की बात लगती है। शेट्टी के अनुसार, मौजूदा रुझान लगभग 2-3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं जिससे DA का कुल स्तर 60 प्रतिशत के करीब या 61 प्रतिशत पहुंच जाएगा। सरकार से मांगा जा रहा स्पष्टीकरण केंद्र सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संगठनों ने वित्त मंत्रालय को पहले ही पत्र लिखकर महंगाई भत्ते (DA) के बारे में जल्द से जल्द घोषणा करने या स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने कहा-केंद्र सरकार ने DA के बारे में कोई घोषणा नहीं की है और न ही देरी का कोई कारण बताया है। सरकार को इस देरी के बारे में तुरंत कोई घोषणा करनी चाहिए या स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए। इसके अलावा, कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स के एक अन्य पत्र में कहा गया है कि DA आमतौर पर मार्च के आखिरी सप्ताह में घोषित किया जाता था और हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह में तीन महीनों का बकाया भुगतान किया जाता था। इसकी घोषणा में हो रही देरी को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच भारी बेचैनी और आशंका है। 8वें वेतन आयोग के लिए सोमवार को बड़ी बैठक, सैलरी से लेकर पेंशन तक पर होगी बात सोमवार को नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की अहम बैठक होने वाली है। बता दें कि 13 अप्रैल की यह बैठक 12 मार्च को हुई पिछली चर्चाओं के बाद हो रही है। 8वें वेतन आयोग के लिए सोमवार को बड़ी बैठक, सैलरी से लेकर पेंशन तक पर होगी बात 8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 13 अप्रैल की तारीख काफी अहम है। इस दिन आठवें वेतन आयोग के लिए अपना मेमोरेंडम फाइनल किया जाएगा। इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की अहम बैठक होने वाली है। यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि कर्मचारियों के प्रतिनिधि सैलरी, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़ी अपनी मांगों को एक साझा मेमोरेंडम में इकट्ठा कर रहे हैं, जिसे 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) के सी. श्रीकुमार ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि 13 अप्रैल की बैठक में संभवतः एक साझा ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा। AIDEF, रेलवे, रक्षा और अन्य क्षेत्रों के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस बैठक में अपने प्रस्तावों पर चर्चा करेगा और उन्हें अंतिम रूप देगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 चुनाव से लागू करने की तैयारी, संसद में विशेष सत्र

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सभी संसदीय दलों के नेताओं को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) के संशोधन पर पूर्ण समर्थन की अपील की है. इस पत्र में पीएम मोदी ने 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में इस ऐतिहासिक संशोधन को सर्वसम्मति से पारित करने की बात कही है. साथ ही बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अपनी पूरी भावना के साथ देश में लागू हो. यह उचित होगा कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले सभी विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण पूरी तरह लागू किया जाए. पीएम मोदी ने अपने पत्र में लिखा, '16 अप्रैल से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ी एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है. ये विशेष बैठक हमारे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने का अवसर है. ये सबको साथ लेकर चलने की हम सभी की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है. इसी भावना और उद्देश्य से मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं.' विकसित भारत के लिए नारी शक्ति आवश्यक प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में जोर दिया कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व का अवसर मिले. देश ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसकी सिद्धि के लिए आवश्यक है कि इस यात्रा में नारी शक्ति अपनी पूरी क्षमता और पूरी भागीदारी के साथ जुड़े. हम सभी साक्षी हैं कि सार्वजनिक जीवन में हमारी बहनों-बेटियों की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है. भारत की बेटियां स्पेस से लेकर स्पोर्ट्स और सशस्त्र बलों से लेकर स्टार्ट-अप्स तक, हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं. अपनी बड़ी सोच और पूरे जज्बे के साथ वे कड़ी मेहनत करती हैं और खुद को साबित कर रही हैं. पीएम ने याद दिलाया कि देश की संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण की चर्चा दशकों से होती आ रही है. साल 2023 में संसद में सभी दलों के सांसदों ने एक साथ आकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया था. ये हमारी एकजुटता को दिखाने वाला एक अविस्मरणीय अवसर था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा में संसद के सभी सदस्यों का योगदान रहा था. और जब ये चर्चा चल रही थी, तब उस समय इसे लागू करने के समय पर भी विचार हुआ था. तब सबने सहमति से ये विचार रखा था कि नए कानून के प्रावधान जल्द से जल्द लागू हो जाने चाहिए. सभी दलों के नेताओं ने मुखर होकर इस विचार का समर्थन किया था. पिछले कुछ समय में हमने इस विषय पर जानकारों से विमर्श किया. संविधान की बारीकियों को समझने वाले विशेषज्ञों से हमें सुझाव और मार्गदर्शन मिले. हमने राजनीतिक दलों से भी इस बारे में संवाद किया है. ऐतिहासिक बदलाव का लक्ष्य गहन मंथन के बाद सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ ही होना चाहिए. इससे जन-विश्वास गहरा होगा और प्रतिनिधित्व की आकांक्षा पूरी होगी. प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपील की है कि यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है. यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है. सांसदों का योगदान आने वाले समय में गौरव के साथ याद किया जाएगा. पीएम ने कहा कि मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं, ताकि हम सभी एक स्वर में इस संशोधन को पारित कराने के लिए एकजुट हों. ज्यादा से ज्यादा सांसद इस विषय पर अपने विचार संसद में रखें. यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है. यह नारी शक्ति और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी भी है. हम सभी दल काफी समय से चाहते रहे हैं कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े. इस आकांक्षा को वास्तविकता में बदलने का यही सही समय है. एकजुट होकर इतिहास रचने की अपील पत्र के अंत में पीएम मोदी ने अटूट विश्वास जताया कि सभी दल एकजुट होकर संसद में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करेंगे. उन्होंने इसे 140 करोड़ देशवासियों की सिद्धि का विषय बताया है. यह संशोधन देश की माताओं, बहनों और बेटियों के प्रति असीम दायित्वों का निर्वहन होगा.  प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की महान परंपराओं को और जीवंत बनाने के लिए इस ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में कदम उठाने का आह्वान किया है. खड़गे ने उठाए सवाल वहीं, प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पीएम मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि साल 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने से अब तक 30 महीने बीत चुके हैं और अब हमें विश्वास में लिए बिना यह विशेष सत्र बुलाया गया है और आपकी सरकार परिसीमन के बारे में कोई भी जानकारी दिए बिना हमसे फिर से सहयोग मांग रही है. आप समझ सकते हैं कि परिसीमन और अन्य पहलुओं के विवरण के बिना, इस ऐतिहासिक कानून पर कोई भी सार्थक चर्चा करना असंभव होगा. खड़गे ने ये भी कहा कि आपने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि आपकी सरकार ने इस संबंध में राजनीतिक दलों के साथ बातचीत की है. हालांकि, मुझे यह बताते हुए खेद है कि यह बात सच के विपरीत है, क्योंकि सभी विपक्षी दल सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि 29 अप्रैल 2026 को मौजूदा चुनाव खत्म होने के बाद संविधान संशोधनों पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए. उन्होंने संशोधन के लिए बुलाए गए विशेष सत्र की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'राज्य में चल रहे चुनावों के दौरान विशेष सत्र बुलाना हमारे इस विश्वास को और मजबूत करता है कि आपकी सरकार महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाने के बजाय राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है.' पिछले रिकॉर्ड का किया जिक्र पत्र के अंत में उन्होंने लिखा कि मुझे यह लिखते हुए दुख हो रहा है कि सार्वजनिक महत्व के मामलों में सरकार का पिछला रिकॉर्ड, चाहे वह नोटबंदी हो, जीएसटी हो, जनगणना हो या वित्त आयोग की सिफारिशों … Read more

तोखन साहू का बड़ा बयान: हिंसा से शांति की ओर बढ़ा असम, गौरेला में कही अहम बात

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू अपने गौरेला प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने असम की राजनीति, हालिया चुनाव और राज्य में हुए विकास कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि असम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब असम बम, बारूद और हिंसा की घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन आज राज्य में शांति, समृद्धि और विकास का माहौल है। उन्होंने आगे कहा कि डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि जनता उनके काम से संतुष्ट है। मंत्री के मुताबिक, असम की जनता ने उन्हें तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए भारी संख्या में मतदान किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तोखन साहू ने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने से कुछ सिद्ध नहीं होता। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) इस बार भी भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछली बार से अधिक सीटें जीतने में सफल रहेगी। गौरतलब है कि इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र से जुड़ी रेलवे समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं नवीन रेल परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु मांग पत्र स्थानीय रेल सलाहकार समिति द्वारा सौंपा गया। पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के लिए प्रमुख मांगें एवं सुझाव: 1– नवीन रेल लाइन का निर्माण (कनेक्टिविटी) पेंड्रारोड-अमरकंटक-डिंडोरी-जबलपुर एवं पेंड्रारोड-अमरकंटक-मंडला-सिवनी नई रेल लाइन के निर्माण की मांग की गई है। यह मार्ग मध्य भारत के आदिवासी अंचल के लिए जीवनरेखा साबित होगा। इससे अमरकंटक, सतपुड़ा पर्वतमाला, कान्हा एवं पेंच राष्ट्रीय उद्यान तथा अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिजर्व को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। 2 – फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण: स्टेशन के दोनों ओर बढ़ती आबादी को देखते हुए सुरक्षित आवागमन और प्लेटफार्मों के बीच सुगम संपर्क के लिए आधुनिक फुट ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई है। 3 – प्रमुख ट्रेनों का ठहराव (Stoppage) जबलपुर-संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस तथा रानी कमलापति-संतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस का पेंड्रारोड स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। 4 – नई मेमू (MEMU) ट्रेन का संचालन क्षेत्रीय व्यापारियों, कर्मचारियों और आम जनता की सुविधा के लिए संध्या काल में पेंड्रारोड से बिलासपुर के बीच नई मेमू लोकल ट्रेन चलाने की मांग की गई है। 5 – रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण गौरेला-गोरखपुर-कटनी मार्ग पर रेलवे फाटक के पास बढ़ते यातायात और जाम की समस्या को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के शीघ्र निर्माण की मांग की गई है। इन सभी मांगों को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

भूमि सेवाओं में बड़ा बदलाव: इंदौर में पटवारी हुए डिजिटल, आसान होगी हर प्रक्रिया

इंदौर. इंदौर में प्रशासनिक कामकाज को और अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एलआरएम के अंतर्गत जिले के सभी पटवारियों को विभिन्न शासकीय ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य राजस्व अमले को डिजिटल रूप से सक्षम बनाकर आमजन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर पटवारी एक क्लिक पर जमीन से जुड़े कार्य समय सीमा में पूरे कर सकेंगे। जिले के पटवारियों को आरसीएमएस, वेबजीआएस 2.0, फार्मर रजिस्ट्रेशन, डिजास्टर वार्निंग सिस्टम, सीएम हेल्पलाइन, पीएम किसान, साइबर तहसील, ई-आफिस, लोक सेवा गारंटी, एमपी ट्रेजरी, डीजी लाकर सहित अनेक महत्वपूर्ण पोर्टलों की जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया। तहसीलों के पटवारी भी होंगे शामिल कलेक्टर शिवम वर्मा की उपस्थिति में आयोजित इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने न केवल तकनीकी पहलुओं को समझाया, बल्कि डेटा एंट्री, ऑनलाइन सेवा संचालन और शिकायतों के त्वरित निराकरण के व्यावहारिक तरीके भी बताए। तीन चरणों में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण के पहले चरण में महू, राऊ, जूनी इंदौर और खुड़ैल के पटवारियों को प्रशिक्षित किया गया। आगामी चरणों में अन्य तहसीलों के पटवारी शामिल होंगे। मॉनीटरिंग का तंत्र मजबूत कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि अब हर कार्य ऑनलाइन माध्यमों से तय समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानीटरिंग के लिए प्रभावी तंत्र मौजूद हैं, इसलिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि छोटी त्रुटियों को सुधारा जा सकता है, लेकिन किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने पटवारियों से अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी रखने, हर आवेदक के काम को प्राथमिकता देने और टीम भावना से कार्य करने की बात कही। राजस्व अभियान की प्रगति गूगल शीट पर होगी दर्ज राजस्व संबंधी समस्याओं और प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने के उद्देश्य से सम्पूर्ण जिले में चलाए जा रहे विशेष राजस्व अभियान की अवधि को 25 अप्रैल तक बढ़ाया गया है। पूर्व में राजस्व अभियान 30 मार्च तक होना था। राजस्व अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें कलेक्टर शिवम वर्मा ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना सुनिश्चित करें। राजस्व अभियान की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत करें। प्रतिदिन की प्रगति गूगल शीट में दर्ज की जाएगी।