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Ai+ Nova 2 5G लॉन्च, 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ दमदार फीचर्स

भारत के होम ग्रोन टेक ब्रांड Ai+ ने हाल ही में अपनी Nova 2 Series को लॉन्च किया था। इस सीरीज के बजट फोन Ai+ Nova 2 5G आज से ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट पर सेल के लिए उपलब्ध हैं। Ai+ Nova 2 5G की सबसे बड़ी खासियतें इसमें मिलने वाला 50MP कैमरा और 6000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन IP64 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे धूल और पानी की हल्की बौछारों (स्प्लैश) से सुरक्षित रहता है। अगर आप आपने लिए सस्ते में प्रीमियम फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं तो ये फोन आपके लिए बेस्ट हैं। आइये आपको डिटेल्स में बताते हैं इस फोन की पहली सेल में मिलने वाले ऑफर्स की डिटेल्स: भारत में Ai+ Nova 2 की कीमत और फर्स्ट सेल ऑफर्स भारत में Ai+ Nova 2 5G के 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट के लिए 8,999 रुपये है। वहीं 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 10,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन को फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड से खरीदने पर 450 रुपए का कैशबैक मिलेगा जिसके बाद आप फोन को 8549 रुपए में खरीद पाएंगे। फोन पर एक्सचेंज छूट भी मिल जाएगी एक्सचेंज डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर है। Ai+ Nova 2 5G को ब्लैक, ब्लू, ग्रीन, पिंक और पर्पल कलर में खरीद सकते हैं। Ai+ Nova 2 5G की 5 बड़ी खासियतें 1. Ai+ Nova 2 5G फोन में 6.75 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसका मतलब है कि स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का अनुभव काफी स्मूथ रहता है। 2. परफॉर्मेंस के लिए इसमें Unisoc T8200 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर बना है। यह फोन 4GB और 6GB RAM के साथ आता है, साथ ही 64GB और 128GB स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है, जिसे माइक्रोSD कार्ड से बढ़ाया भी जा सकता है। 3. कैमरा की बात करें तो इसमें 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा मिलता है, जो इस कीमत में काफी अच्छा माना जाता है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। 4. फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक चलती है और 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। 5. यह स्मार्टफोन Android 16 पर आधारित NxtQ OS पर चलता है और इसमें 5G, Wi-Fi, Bluetooth, USB Type-C और साइड फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे जरूरी फीचर्स भी मिलते हैं। कुल मिलाकर, यह फोन उन यूजर्स के लिए अच्छा है जो कम बजट में 5G, बड़ी बैटरी और स्मूथ डिस्प्ले चाहते हैं।

UTI के शुरुआती लक्षण जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं

UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) आजकल महिलाओं में तेजी से बढ़ रही एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन चुकी है। बदलती लाइफस्टाइल, हाइजीन की कमी और कुछ आदतें इस जोखिम को बढ़ा रही हैं। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाएं, तो गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है। UTI पेशाब के मार्ग में होने वाला गंभीर संक्रमण है, जिसके कारण तेज दर्द, जलन, बुखार हो सकता है। अक्सर महिलाएं यूटीआई के इन लक्षणों को पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं और फिर ये गंभीर रूप ले लेती है। आज हम आपको बताएंगे कि यूटीआई आखिर क्या है और इसके खास लक्षण क्या होते हैं? क्या है UTI इंफेक्शन? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग काफी छोटा होता है, जिसके कारण किसी भी बैक्टीरिया को यूरिन ट्रैक्ट तक पहुंचने में कम समय लगता है। UTI आमतौर पर बैक्टीरिया (जैसे E. coli) के कारण होता है, जो बाहर से मूत्रमार्ग में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं में यूरेथ्रा छोटी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं, इसलिए उनमें UTI का खतरा अधिक होता है। 3 प्रकार का होता है यूटीआई इंफेक्शन मुख्य तीन प्रकार का होता है, जिसमें ज्यादा लोगों को यूरेथ्रा इंफेक्शन होता है। महिलाओं को पेशाब से जुड़ी समस्या होती हैं और वह इसे पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। चलिए जानते हैं कौन से हैं 3 प्रकार- ब्लैडर इंफेक्शन (Cystitis) – सबसे आम, पेशाब में जलन और दर्द यूरेथ्रा इंफेक्शन (Urethritis) – पेशाब करते समय जलन किडनी इंफेक्शन (Pyelonephritis) – गंभीर स्थिति, बुखार और पीठ दर्द 6 शुरुआती लक्षण क्या हैं UTI इंफेक्शन के कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। अगर शुरू में इन पर ध्यान दिया जाए, तो समस्या गंभीर होने से पहले ही इलाज हो सकता है। -पेशाब करते समय दर्द, चुभन या जलन महसूस होना। -पेशाब में बदबू आना या पेशाब धुंधला होना। -बार-बार पेशाब महसूस होना। -रात में पेशाब करने की जरूरत होती है। -पेशाब में खून आना। -तेज बुखार, कमर-पीठ दर्द होना। बचाव कैसे करें UTI हाइजीन की कमी, सेक्स के दौरान इंफेक्शन या फिर हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। अगर आप हाइजीन का ख्याल रखती हैं, तो ये आपको नहीं होगा। जैसे पब्लिक टॉयलेट यूज करने से पहले उसे पानी से साफ करें। अक्सर टॉयलेट सीट से इंफेक्शन फैलता है। इससे बचाव करने के लिए दिन में करीब 8-10 ग्लास पानी पिएं, पेशाब को लंबे समय तक ना रोकें। टॉयलेट या सेक्स करने के बाद अच्छे से सफाई करें। गंदा टॉयलेट यूज करने से बचें और हाइजीन का खास ख्याल रखें। डॉक्टर को कब दिखाएं- अगर पेशाब में जलन-बदबू आ रही है और साथ में तेज बुखार है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं। कुछ केसेस में पेशाब के दौरान खून भी आने लगता है, इसे हल्के में न लें। सही समय पर इलाज न होने पर ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, जो खतरनाक होता है।

Crime Control में नया कदम: 72,000 वॉयस सैंपल से गैंगस्टरों की पहचान आसान, पंजाब पुलिस अलर्ट

चंडीगढ़. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई अब तकनीक के सहारे निर्णायक मोड़ लेती दिख रही है। राज्य पुलिस ने 72 हजार से अधिक वायस सैंपल का विशाल डेटाबेस तैयार कर गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस) नाम के इस प्लेटफार्म को पुलिस की कार्रवाई का अहम हथियार माना जा रहा है, जिससे धमकी और फिरौती काल करने वालों की पहचान तेजी से संभव हो रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह डेटाबेस अलग-अलग मामलों में शामिल अपराधियों और संदिग्धों की आवाज के नमूनों पर आधारित है। जैसे ही कोई धमकी या फिरौती काल सामने आती है, उसे इस सिस्टम में अपलोड कर मिलान किया जाता है। शुरुआती जांच में ही संभावित आरोपितों की पहचान हो जाने से पुलिस को कार्रवाई में बढ़त मिल रही है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों का स्वरूप तेजी से बदला है। कई बड़े गैंग विदेशों में बैठे हैंडलरों के जरिए काम कर रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर उनके गुर्गे वारदातों को अंजाम देते हैं। फिरौती काल इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए किए जाते हैं, जिससे पारंपरिक जांच के तरीके सीमित हो जाते हैं। ऐसे में वायस सैंपल आधारित पहचान प्रणाली पुलिस के लिए गेम चेंजर साबित हो रही है। अधिकारियों का कहना है की हर व्यक्ति की आवाज की अपनी अलग पहचान होती है। पीएआईएस के जरिए हम इन पैटर्न्स का विश्लेषण कर काल करने वाले तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में इससे शुरुआती सुराग मिलते ही टीमों को तुरंत अलर्ट कर दिया जाता है। पुलिस का दावा है कि इस तकनीक की मदद से कई मामलों में वारदात से पहले ही आरोपितों तक पहुंच बनाई गई है। हाल ही में एक ऐसे माड्यूल का पर्दाफाश किया गया, जिसे विदेश में बैठे गैंगस्टर ने टारगेट किलिंग के लिए सक्रिय किया था। वायस और डिजिटल इनपुट के आधार पर दो आरोपितों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए। डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए इस सिस्टम को राज्य के ‘वार रूम’ से भी जोड़ा गया है, जहां काल डेटा, लोकेशन इनपुट और अन्य खुफिया सूचनाओं का रियल टाइम विश्लेषण होता है। अलग-अलग जिलों से आने वाली सूचनाओं को एक जगह जोड़कर पैटर्न तैयार किए जाते हैं, जिससे गैंग नेटवर्क की गतिविधियों को समझना आसान हो गया है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और अन्य जांच एजेंसियां भी इस डेटाबेस का उपयोग कर रही हैं। काल डेटा रिकार्ड, वित्तीय लेन-देन और यात्रा विवरण के साथ वायस सैंपल को जोड़कर आरोपितों के नेटवर्क की कड़ियां तलाश की जा रही हैं। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं। पंजाब से जुड़े कई गैंगस्टर कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में बैठकर आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। ऐसे मामलों में वायस सैंपल और डिजिटल ट्रेल जांच का अहम आधार बन रहे हैं। इसके लिए फ्यूजिटिव ट्रैकिंग सेल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय भी बढ़ाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के इस उपयोग से अब फोकस केवल अपराध के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अपराध की योजना को शुरुआती स्तर पर ही नाकाम करने पर है।

राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देंगे, एकजुट होकर काम करेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रहित सर्वोपरि, सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होकर करेंगे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान में उनकी स्मृति में कराया पंचतीर्थों का निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ. अम्बेडकर का योगदान अविस्मरणीय है, अतुलनीय है। उन्होंने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए भारतीय संविधान की रचना कर इसमें सबके अधिकारों की सुरक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम में मौजूद सबके समक्ष भारतीय संविधान की मूल उद्देश्यिका का वाचन कर 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे' के नारे लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर आजीवन वंचितों, पीड़ितों, शोषितों और उपेक्षितों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक सशक्तिकरण की प्रखर आवाज थे। हमारी सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की समरसता और समानता की भावना को केन्द्र में रखकर लगातार काम कर रही है। बाबा साहेब ने हमें समानता का अधिकार दिलाया और अब हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के पथ पर आगे बढ़ते हुए बाबा साहेब के स्वप्न को साकार कर रहे हैं। देश सबसे पहले है, हम सब सामाजिक समरसता के लिए मिल-जुलकर, एकजुट प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकारों ने हमेशा ही बाबा साहेब का सम्मान किया। भोपाल में उड़ान पुल बना, तो उसे हमने बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब की जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनवाया। बाबा साहेब के नाम पर कामधेनु योजना शुरू की। सागर के अभयारण्य को बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब के नाम पर आर्थिक कल्याण योजना शुरू की। हम ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने के लिए उनकी जन्म भूमि (महू- डॉ. अम्बेडकर नगर, म.प्र.), शिक्षा भूमि (लंदन), दीक्षा भूमि (नागपुर, महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली) एवं चैत्य भूमि (मुम्बई) को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर स्थाई निर्माण कार्य कराये हैं, जो बाबा साहेब के संघर्ष एवं आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने स्त्री शिक्षा, इनके नैसर्गिक अधिकारों के संरक्षण और इनके सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये। उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर हमारा देश आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा कराने जा रही है। इस अधिनियम की मंशा देश की सभी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह 21वीं शताब्दी में देश की आधी आबादी को पूरा हक देने की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा और कारगर कदम होगा, जो भारतीय गणतांत्रिक राष्ट्र की विधायिका व्यवस्था में महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बढ़ाएगा। पुष्पांजलि कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रकाश, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

इंदौर के पीथमपुर में विस्फोट से 4 की मौत, यूनियन कार्बाइड द्वारा कचरा निपटान में हुआ हादसा

 पीथमपुर  इंदौर जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। तारपुरा स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी में भोपाल के भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के कचरे के निपटान (जलाने) की प्रक्रिया चल रही थी, इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, जबकि पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। फिलहाल विस्फोट के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन खतरनाक कचरे के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  ग्रामीणों के अनुसार, एक के बाद एक कुल तीन धमाके हुए, जिनकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि घरों में रखे बर्तन और अन्य सामान तक नीचे गिर गए। कई लोगों ने इसे भूकंप जैसे झटके बताया, जिससे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल कंपनी के अंदर किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर ने बताया कि कंपनी में विस्फोट की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि हादसे में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना अभी तक नहीं है।धमाकों के कारणों की जांच की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।   स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि धमाके की आवाज तारपुरा और बजरंगपुरा गांव तक सुनाई दी, जहां लोगों ने सबसे पहले इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि रामकी एनवायरो कंपनी पहले भी चर्चा में रही है, जब भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े जहरीले कचरे के निष्पादन का कार्य यहां किया गया था। फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 

नारी शक्ति से लोकतंत्र होगा मजबूत: CM साय ने कहा, ‘अब समय है नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का’

नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एकजुटता का आह्वान: मुख्यमंत्री साय ने सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को लिखा पत्र रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के  सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

अकुशल से लेकर कुशल श्रमिकों तक को राहत, जानिए हरियाणा का नया वेतन ढांचा

गुरुग्राम  हरियाणा सरकार ने राज्य में सभी तरह के कामों में लगे अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों में संशोधन किया है। ये नई दरें 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी। हरियाणा सरकार की एक अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन 'मजदूरी संहिता, 2019' (Code on Wages, 2019) के प्रावधानों के तहत किया गया है। यह संशोधन, मजदूरी के स्तर की समीक्षा के लिए गठित समिति द्वारा दी गई सिफ़ारिशों के आधार पर किया गया है। नोटिफिकेशन में आगे कहा गया है कि ऊपर बताए गए न्यूनतम वेतन की दरें मूल न्यूनतम वेतन दरें हैं, जिन्हें एम्प्लॉयर द्वारा भत्तों के रूप में अलग-अलग हिस्सों में बांटने की अनुमति नहीं है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स नंबर में होने वाली बढ़ोतरी या कमी का 100% समायोजन (न्यूट्रलाइजेशन) आनुपातिक आधार पर किया जाएगा। वेतन में आगे का समायोजन 'कोड ऑन वेजेस रूल्स, 2026' में बताए अनुसार किया जाएगा। अब तय/संशोधित की जा रही न्यूनतम वेतन दरें इस लिंकेज के कारण प्रभावित नहीं होंगी, यानी वेतन उन दरों से नीचे नहीं गिरेगा जो अब तय/संशोधित की जा रही हैं। 1 अप्रैल, 2026 से हरियाणा में न्यूनतम वेतन नोटिफिकेशन के अनुसार, न्यूनतम वेतन कौशल स्तरों (skill levels) के आधार पर तय किया गया है। नई मासिक और दैनिक वेतन दरें इस प्रकार हैं: संशोधित वेतन संरचना के तहत, हरियाणा में अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 15,220.71 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए, न्यूनतम वेतन 16,780.74 रुपये प्रति माह तय किया गया है। कुशल श्रमिकों को कम से कम 18,500.81 रुपये प्रति माह मिलेंगे। ये दरें उन श्रमिकों पर लागू होंगी जो वेतन कानून के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों, कारखानों और ठेका श्रम व्यवस्थाओं में कार्यरत हैं। मजदूरों की श्रेणी     महीने का न्यूनतम वेतन     दैनिक न्यूनतम भुगतान अकुशल                        15,220.71                        585.41 अर्द्ध कुशल                    16,780.74                        645.41 कुशल                           18,500.81                        711.56 अत्यधिक कुशल            19,425.85                        747.14 हरियाणा में पुरुष और महिला श्रमिकों का वेतन क्या होगा? नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुरुष और महिला श्रमिकों को दिए जाने वाले वेतन में कोई अंतर नहीं होगा। एम्प्लॉयर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि समान कौशल और अनुभव की आवश्यकता वाले समान श्रेणी के कार्यों के लिए समान भुगतान किया जाए। एम्प्लॉयर्स और ठेकेदारों की जिम्मेदारी स्पष्ट की गई जहां इनमें से कोई भी यदि ऊपर बताई गई मजदूरों की श्रेणियां किसी ठेकेदार या सेवा प्रदाता के माध्यम से काम पर रखी जाती हैं या नियुक्त की जाती हैं, तो उस जगह का मालिक या मुख्य नियोक्ता, ठेकेदार या सेवा प्रदाता द्वारा न्यूनतम मजदूरी दरों का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार होगा। संशोधित न्यूनतम मजदूरी का दायरा हरियाणा राज्य में किसी भी रोज़गार में काम करने वाले किसी भी मज़दूर या कर्मचारी को, उसी श्रेणी के लिए तय की गई न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं किया जाएगा, बशर्ते कि उनके कौशल और अनुभव समान हों। मासिक वेतन या मजदूरी की गणना कैसे की जाएगी? दैनिक मजदूरी तय करने के लिए मासिक वेतन को 26 दिनों से विभाजित किया जाएगा, लेकिन किसी भी कटौती का निर्धारण मासिक वेतन को 30 दिनों से विभाजित करके किया जाएगा, या जैसा कि संबंधित सरकार समय-समय पर निर्धारित कर सकती है।

एफआईएच क्वालीफायर में भारत की शानदार जीत, फाइनल में इंग्लैंड से टक्कर

नई दिल्ली  भारतीय महिला हॉकी टीम ने 'एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर- 2026' के फाइनल में अपनी जगह बना ली है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए इटली को रोमांचक मुकाबले में 1-0 से हराया। भारत की फाइनल में भिड़ंत इंग्लैंड से होगी। मनीषा चौहान ने किया गोल भारतीय टीम के लिए मैच में एकमात्र गोल मनीषा चौहान ने 40वें मिनट में किया। सेमीफाइनल मुकाबले का पहला क्वार्टर बेहद कड़ा रहा। दोनों टीमें मिडफील्ड में गेंद पर कब्जे के लिए लगातार संघर्ष करती हुई नजर आईं। भारत ने मैच की शुरुआत जोरदार अंदाज में की और कुछ दमदार 'सर्कल एंट्री' की। हालांकि, इटली ने भी धीरे-धीरे आक्रामक रुख अपनाना शुरू किया और गोल करने के कुछ अच्छे मौके बनाए। दोनों टीमों के बीच टक्कर का मुकाबला दूसरे क्वार्टर में भारत ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। मेजबान टीम ने गेंद को आगे बढ़ाने के लिए मैदान के किनारों का इस्तेमाल किया। भारतीय टीम ने बड़ी संख्या में हमले बोले और गोल के करीब (सर्कल में) कई अहम एंट्री कीं। 18वें मिनट में भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत कौर के शॉट को इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने शानदार तरीके से रोक दिया। कई बार गोल करने से चूकी टीम 27वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इटली की डिफेंडर ने गोल-लाइन पर ही उनके शॉट को रोककर भारत को गोल करने से वंचित कर दिया। 29वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करने का एक और मौका मिला, पर नवनीत कौर का शॉट लक्ष्य से भटक गया। दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में इटली ने गोल पर जोरदार हमला बोला। एमिलिया मुनिटिस गोल के बेहद करीब पहुंच गई थीं, लेकिन भारत की गोलकीपर बिचू देवी खारीबाम ने आगे बढ़कर एक अहम बचाव किया। 40वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने उसे सफलतापूर्वक गोल में बदलकर मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। मनीषा का शानदार गोल मनीषा चौहान (40वें मिनट) ने मैदान के बीच से एक जोरदार ड्रैग-फ्लिक लगाया और वह इटली के डिफेंस को भेदने में सफल रहीं। आखिरी क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में भारत को दो और पेनल्टी कॉर्नर मिले। टीम ने मैच के अंतिम चरण में अपनी बढ़त को और बढ़ाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, इटली के डिफेंस ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए भारत को गोल करने का मौका नहीं दिया। इटली ने मैच के आखिरी मिनटों में अपनी पूरी जान लगा दी और 59वें मिनट में एक अहम पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, पर भारत ने अपने विरोधी को बराबरी का गोल करने से रोक दिया और जीत हासिल की। भारतीय टीम अब फाइनल मुकाबले में 14 मार्च को इंग्लैंड से भिड़ेगी।

फर्जी ट्रैवल पैकेज से सावधान! यात्रा सीजन में ऑनलाइन ठगी पर पुलिस की चेतावनी

जयपुर चारधाम यात्रा सीजन से पहले राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने श्रद्धालुओं के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी का उद्देश्य यात्रियों को साइबर अपराधियों से बचाना है. डीआईजी ने चेतावनी दी   साइबर क्राइम के डीआईजी शंतनु कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि श्रद्धालु केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल या भरोसेमंद ट्रैवल एजेंसियों के जरिए ही बुकिंग करें. ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सस्ते पैकेज या तुरंत दर्शन के नाम पर लुभावने विज्ञापन डालकर लोगों को फंसाते हैं. एडवाइजरी में लोगों से अपील की गई है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी यूपीआई डिटेल, ओटीपी या कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें और अनचाहे कॉल पर भुगतान करने से बचें. पब्लिक वाई-फाई यूज नहीं करने की सलाह इसके अलावा, यात्रा के दौरान सुरक्षित डिजिटल लेनदेन पर भी जोर दिया गया है.  रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या धर्मशालाओं में पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर वित्तीय लेनदेन न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे डेटा चोरी का खतरा रहता है. पुलिस ने यह भी चेताया है कि पैसे प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती, और पिन केवल पैसे भेजते समय ही डाला जाता है.  यात्रियों को सुरक्षित और भीड़भाड़ वाले स्थानों, खासकर बैंक परिसर में स्थित एटीएम का उपयोग करने की सलाह दी गई है. मोबाइल सुरक्षा के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने और पब्लिक यूएसबी चार्जिंग पोर्ट के बजाय पर्सनल पावर बैंक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. फर्जी काल से सावधान रहें श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे अपनी लाइव लोकेशन केवल विश्वसनीय परिवार के सदस्यों के साथ साझा करें और मंदिर या पुलिस अधिकारी बनकर आने वाले फर्जी कॉल से सावधान रहें.  किसी भी आपातकालीन स्थिति में पहले सत्यापन करने की सलाह दी गई है. साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है. राजस्थान पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से सुरक्षित और सतर्क रहकर यात्रा करने की अपील की है.

Sports Update: रांची को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक स्केटिंग स्टेडियम में जून में होगा राष्ट्रीय मुकाबला

रांची. झारखंड के स्केटिंग के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। खेलगांव के वेलोड्राम स्टेडियम के बगल में ईस्ट जोन का पहला स्केटिंग रिंक (स्टेडियम) लगभग बन कर तैयार हो चुका है। इसमें बस रेलिंग लगाने और पेंट करने का काम बचा हुआ है। वर्तमान में स्केटिंग के खिलाड़ियों को या तो सड़क पर अभ्यास करना पड़ता था या फिर किसी स्कूल के कैंपस का सहारा लेना पड़ता था। वहीं इस स्केटिंग रिंक में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इसके पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। दूसरे फेज में इस स्केटिंग रिंक में रोलर हॉकी स्केट बोर्ड, पेवेलियन और गैलरी की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। खेलगांव में तैयार हो रहा है 4.15 करोड़ की लागत से स्केटिंग रिंक खेलगांव में चार करोड़ 15 लाख की लागत से इस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जा रहा है। पूरा स्टेडियम लगभग 12660.43 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में तैयार किया गया है। जिसमें स्केटिंग रिंक, फ्री स्टाइल ग्राउंड सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई सुविधाएं होंगी। 2022 से इस रिंक को बनाने का काम शुरू किया गया है। लेकिन अभी तक केवल एक फेज का काम ही पूरा हो पाया है। जिसके तहत केवल स्केटिंग रिंक ही तैयार किया गया है। आने वाले समय में कई और सुविधाओं से इस पूरे स्टेडियम को लैस किया जायेगा। जिसके बाद इस स्टेडियम में एक साथ तीन इवेंट हो सकेंगे। संत जेवियर स्कूल में अभ्यास करते हैं खिलाड़ी वर्तमान में रांची जिला और आसपास के स्केटिंग के खिलाड़ी अभ्यास के लिए डोरंडा स्थित संत जेवियर स्कूल में जाते हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच राजेश राम का कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने में समस्या नहीं होगी। क्योंकि स्कूल में अभ्यास करने के बाद जब ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किसी स्टेडियम में शामिल होते हैं तो उनको समस्याओं का सामना करना पड़ता है।जिसमें स्टेडियम का फर्श से लेकर स्पीड तक शामिल है। पांच खिलाड़ियों से हुई थी स्केटिंग की शुरुआत, अभी हैं 450 खिलाड़ी झारखंड की राजधानी रांची में स्केटिंग खेल की शुरुआत 2007 में संत जेवियर स्कूल से हुई थी। उस समय इस इवेंट में मात्र पांच ही खिलाड़ी थे। स्केटिंग कोच सुमित कुमार की मेहनत से लगभग 25 वर्ष में राज्य में कुल 450 रजिस्टर्ड खिलाड़ी हो चुके हैं। वहीं इन खिलाड़ियों में कुल 67 ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीता है। इसमें राजेश राम, सुमंत, सोमनाथ मिंज, सुषमा टोप्पो, रवि रंजन और एलेक्स लकड़ा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। स्केटिंग रिंग नहीं होने के कारण इन खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास के लिए दूसरे राज्य भी जाना पड़ता है। जून में मिली है राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता की मेजबानी, 2000 खिलाड़ी होंगे शामिल रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड को आगामी जून में राष्ट्रीय स्तर की रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। इसमें पूरे देश से लगभग 2000 खिलाड़ी शामिल होंगे। एसोसिएशन के सचिव सुमित कुमार ने बताया कि इस आयोजन में देश भर के खिलाड़ी शामिल होंगे। अगर समय पर स्टेडियम में रेलिंग और पेंट हो जाता है तो यही पर आयोजन करवाया जायेगा। खेल विभाग को इसकी पूरी जानकारी प्रदान कर दी गयी है। जिसके बाद काम तेजी से हो रहा है। रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सचिव सुमित कुमार कहते हैं- खेलगांव में तैयार हो रहा स्केटिंग रिंक यहां के स्केटिंग के खिलाड़ियों के लिए लाइफलाइन साबित होगा। वर्तमान में खिलाड़ी या तो स्कूल में स्केटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं या फिर रिंग रोड़ और मोरहाबादी की सड़कों पर। ये दोनों जगह खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए सही नहीं है। लेकिन उनके बाद कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो जाने पर खिलाड़ियों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्या कहते हैं राष्ट्रीय स्तर के मेडलिस्ट खिलाड़ी स्कूल के ग्राउंड में अभ्यास करने में परेशानी होती है। ये ग्राउंड काफी छोटा है और जब हम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोेगिता में जाते हैं तो इसका असर हमारी परफारमेंस पर पड़ता है। यदि हमें स्केटिंग रिंक मिल जायेगा तो हम राष्ट्रीय स्तर में बेहतर करने के साथ रिकार्ड भी बन सकते हैं। -आदित्य रंजन, ईस्ट जोन में स्वर्ण वर्तमान में हमें अभ्यास के लिए एक ही जगह मिलती है। वो है सेंट जेवियर स्कूल में एक जगह। ये काफी छोटी जगह है और यहां अभ्यास करने में परेशानी होती है। वहीं स्केटिंग रिंग के शुरू हो जाने पर हम प्रतिदिन बेहतर अभ्यास कर पायेंगे और झारखंड और देश के लिए मेडल भी जीत सकेंगे। -अबीर गुप्ता, स्टेट चैंपियन व ईस्ट जोन में रजत हमारे अभ्यास की शुरुआत इसी ग्राउंड से हुई है और यहीं से सीखकर हमने मेडल भी जीता है। लेकिन बेहतर अभ्यास के लिए रिंक होना जरूरी है। इससे हमारा स्पीड बेहतर होगा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हम बेहतर रिजल्ट दे सकेंगे। -आरव प्रभात, ईस्ट जोन में स्वर्ण एक बेहतर स्टेडियम की जरूरत तो शुरुआती दौर से होता है। लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है इसलिए यहां पर अभ्यास करना पड़ता है। हम कभी-कभी स्मार्ट सिटी की सड़कों पर भी अभ्यास करते हैं लेकिन वहां खतरा अधिक है। स्टेडियम मिल जाने से हमें कहीं और भटकना नहीं पड़ेगा। -हरीश कुमार, ईस्ट जोन में स्वर्ण