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मुख्यमंत्री बोले- जनसेवा सरकार का कर्तव्य, यही रास्ता अपना रही है सरकार

जनसेवा सरकार का कर्तव्य, इसी पथ पर चल रही सरकारः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' में एक-एक फरियादी से मिलकर सुनीं समस्याएं हर जरूरतमंद को योजनाओं के तहत लाभ दिला रही सरकारः सीएम योगी  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में प्रदेश भर से आए फरियादियों से मुलाकात की, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के अंदर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा सरकार का कर्तव्य है और सरकार अपने कर्तव्य पथ पर चलकर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा कर रही है। हर उचित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संकल्पित है।  दर्द लेकर आईं, दुआ देकर गईं  बरेली की रहने वालीं दीप्ति 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना दर्द बयां किया। बताया कि वह किराए के मकान में रहती हैं और ठेला लगाकर जीवनयापन कर रही हैं। आर्थिक विपन्नता के कारण बच्चों के लालन-पालन में काफी परेशानी हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बरेली के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि महिला की समस्या सुनकर पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाते हुए स्थानीय स्तर पर समस्या का त्वरित समाधान कराएं। सीएम की संवेदनशीलता को देखकर दीप्ति की आंखें भर आईं। चेहरे पर खुशी का भाव लिए हुए उन्होंने जाते-जाते मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और उन्हें ढेर सारी दुआएं भी दीं।  आवास की मांग को लेकर पहुंचे लोगों को सीएम ने किया आश्वस्त  'जनता दर्शन' में कुछ लोगों ने आवास की मांग से संबंधित प्रार्थना पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें सुनते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर पात्र व्यक्ति को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध करा रही है। सीएम ने संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को आवेदकों का पत्र भेजते हुए उन्हें निर्देशित किया कि पात्रता के आधार पर इन्हें भी आवास योजना का लाभ दिलाएं। इन लोगों ने भी मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।   अवैध कब्जे, पुलिस से जुड़े मामलों में निर्देश  मुख्यमंत्री के पास कुछ लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर सीएम योगी ने तत्काल एस्टिमेट बनवाकर शासन को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि आप परिजन की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार करेगी। वहीं कुछ अभिभावकों ने आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए बच्चों की पढ़ाई पर चिंता जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी बच्चे का स्कूल नहीं छूटना चाहिए। बच्चे जहां पढ़ रहे हैं, वहीं उनकी शिक्षा जारी रहे, इसके लिए प्रबंधन से वार्ता कर बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए। सीएम ने अवैध कब्जे और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही का संज्ञान लेते हुए इन प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई कराने का निर्देश दिया और कहा कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन समस्या का समाधान कराकर पीड़ितों को संतुष्ट करे।

वाराणसी के मंदिरों और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वालों को अब नहीं होगी सामान खोने की चिंता

वाराणसी के मंदिरों में दर्शन और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वालों को अब अपने सामान के खोने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी  योगी सरकार विश्वनाथ मंदिर और घाट के आसपास लगाएगी डिजिटल लगेज लॉकर  चार साइज़ के 225 डिजिटल लॉकर की होगी सुविधा, मोबाइल से लेकर सूटकेस तक रखा जा सकेगा सुरक्षित  दशाश्वमेध प्लाजा ,गोदौलिया ,टाउन हॉल,और बेनियाबाग पार्किंग में डिजिटल लॉकर लगाया जाना प्रस्तावित है वाराणसी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का दर्शन और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वालों को अब अपने सामान की  चिंता नहीं करनी पड़ेगी, कपड़े हों या मंहगे सामान, इन सबको सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार विश्वनाथ मंदिर और घाट के आसपास डिजिटल लगेज लॉकर लगवाने जा रही है। डिजिटल लॉकर में मोबाइल से लेकर सूटकेस तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। डिजिटल लॉकर के इस्तमाल के लिए डिजटल पेमेंट की सुविधा रहेगी।  डिजिटल भारत की बानगी देखना हो तो इतिहास से भी प्राचीन शहर काशी में आइये। काशी में अब आपको डिजिटल लगेज लॉकर की सुविधा मिलेगी। जहां अपने कीमती सामानों और कपड़ों को रख कर आप बेफिक्र घाटों पर घूम सकेंगे और गंगा स्नान कर काशीपुराधिपति समेत अन्य मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आस-पास और दशाश्वमेध घाट के पास भी डिजिटल लगेज लॉकर की सुविधा जल्द मिलेगी।  नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल लगेज लॉकर की व्यवस्था दशाश्वमेध घाट के पास दशाश्वमेध प्लाजा ,गोदौलिया, टाउन हॉल और बेनियाबाग पार्किंग में डिजिटल लॉकर लगाया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने जानकारी दी कि 225 डिजिटल लॉकर की सुविधा रहेगी जिसमे छोटे, मध्यम ,बड़े और एक्स्ट्रा लार्ज चार तरह के डिजिटल लॉकर उपलब्ध होंगे। इसमें  मोबाइल,छोटे बैग, बड़े और सबसे बड़े लॉकर में दो सूटकेस रखे जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद में किसानों को दी महत्वपूर्ण राहत

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद में किसानों को दी बड़ी राहत फार्मर रजिस्ट्री के बिना भी सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकेंगे किसान सभी जिलाधिकारियों को तत्काल व्यवस्था लागू करने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद में किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने किसानों को हो रही असुविधा के दृष्टिगत बड़ा फ़ैसला लेते हुए घोषणा की कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना भी किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे।  तत्काल व्यवस्था लागू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पूर्व की भांति ही अपना गेहूं बेच सकेंगे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बेतहाशा गर्मी को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, पंखा, छाजन समेत सभी मूलभूत आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।  42 हजार से अधिक किसानों से अब तक 2.38 लाख मीट्रिक टन खरीद खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक, 20 अप्रैल दोपहर 11 बजे तक 42 हजार से अधिक किसानों से 2.38 लाख मीट्रिक टन से गेहूं खरीद की जा चुकी है। गेहूं बिक्री के लिए अब तक 4.77 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी कर लिया है। अब तक प्रदेश में 5400 से अधिक क्रय केंद्र स्थापित कर लिए गए हैं।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को योगी सरकार से मिली राहत, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत जीरो बैलेंस होने की स्थिति में भी अधिकतम 3 दिन या 200 रुपये तक (2 किलोवाट भार तक) विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगीः एके शर्मा स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला: तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटर पर रोक 5-स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली से उपभोक्ताओं को किया जाएगा सूचित- मंत्री एके शर्मा रविवार और अवकाश में नहीं कटेगा कनेक्शन, मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश- मंत्री एके शर्मा लखनऊ उत्तर प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऊर्जा विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन युद्धस्तर पर प्रयास कर रहा है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है कि जीरो बैलेंस होने की स्थिति में भी अधिकतम 3 दिन या 200 रुपये तक (2 किलोवाट भार तक) विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। ऊर्जा मंत्री ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता हितैषी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये। 45 दिन तक बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कहा कि जहां स्मार्ट मीटर अभी हाल में लगे हैं, वहां लगभग 15 दिन की कन्वर्जन अवधि और उसके बाद 30 दिन यानी कुल 45 दिन तक किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।  रिपोर्ट आने तक पुराने मीटर बदलने की प्रक्रिया पर रोक ऊर्जा मंत्री ने विशेष रूप से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा में निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गठित तकनीकी समिति जब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती और उसकी जांच नहीं हो जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 5-स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके तहत बैलेंस 30 प्रतिशत होने पर पहला, 10 प्रतिशत पर दूसरा, बैलेंस समाप्त होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पूर्व चौथा और डिस्कनेक्शन के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा।  स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित इसके अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में बैलेंस नेगेटिव होने पर भी किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। वहीं ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के ही प्रोफेसर प्रबोध बाजपेयी, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एवं डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और यूपी पावर कारपोरेशन लि. के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को शामिल किया गया है। समिति 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप रिपोर्ट आने तक प्रदेश में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। आगे का निर्णय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। वहीं उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता मार्गदर्शिका (FAQ) जारी की गई है, जिसमें स्मार्ट मीटर से जुड़े लाभ और भ्रांतियों का तथ्यात्मक विवरण दिया गया है। इसके साथ ही सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इन नम्बरों पर शिकायत के लिए कर सकते हैं संपर्क ऊर्जा विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा www.uppcl.org⁠ वेबसाइट और व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मध्यांचल-766-900-3409/पश्चिमांचल-785-980-4803/पूर्वांचल-801-096-8292/दक्षिणांचल-801-095-7826/केस्को-828-783-5233 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों की दैनिक मॉनिटरिंग कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

आधी आबादी के हक की लड़ाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे भागीदारी

आधी आबादी’के हक की लड़ाई में शामिल होंगे सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रदेशभर में चलेगा अभियान, विपक्ष के रुख पर होगा सीधा प्रहार  ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी लखनऊ 'आधी आबादी' को उसका अधिकार दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मोर्चा संभालेंगे। विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी में प्रस्तावित प्रदर्शन की अगुवाई सीएम योगी करेंगे। उनके निर्देश पर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत राजधानी लखनऊ से हो रही है। इसके जरिए विपक्ष को सीधे जनता के बीच घेरा जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल शामिल रहेगा। इसके साथ ही तय किया गया है कि महिला आरक्षण को “आधी आबादी का अधिकार” के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी। महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़कर इस अभियान को जनांदोलन का रूप दिया जाएगा। ‘आधी आबादी से अन्याय’ को लेकर विपक्ष पर सीधा हमला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्पष्ट संदेश देंगे कि महिला सशक्तीकरण डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है। रैलियों, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से विपक्ष का असली चेहरा जनता के बीच लाया जाएगा। जिन राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध या टालमटोल का रवैया अपनाया, वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं। इसी मुद्दे को लेकर घर-घर संपर्क अभियान भी चलाएंगे। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए समूहों को प्रमुखता से जोड़ा जाएगा अभियान में महिला समूहों को प्रमुखता से जोड़ा जाएगा, ताकि गांव से शहर तक इस मुद्दे को व्यापक समर्थन मिल सके और महिलाओं की भागीदारी बढ़े। यह अभियान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और सशक्तीकरण को केंद्र में रखा जाएगा।

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को गिराने पर विपक्ष के खिलाफ भड़कीं महिलाएं

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक गिराने वाले विपक्ष पर भड़कीं महिलाएं विपक्षी दलों पर महिलाओं का हक छीनने का आरोप लगाया क्या सिर्फ डिम्पल यादव को संसद जाने का हक है: बेबी रानी मौर्य लखनऊ  संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक गिरने के बाद उत्तर देश भर में विरोध देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं भी इसे नारी विरोधी बता रहीं हैं। यह विधेयक लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से जुड़ा था, ऐसे में विपक्ष पर महिलाओं का हक मारने का आरोप लग रहा है। विपक्षी दलों ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक को पारित नहीं होने दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश में राजनीति से लेकर तमाम क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने इसे विपक्ष की चुनावी हार की शुरुआत बताया। भाजपा महिला नेताओं का कहना है कि सपा-कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष केवल अपने घर की महिलाओं को ही लोकसभा और विधानसभा में देखना चाहता है। ये सभी परिवारवाद से ग्रस्त हैं और विपक्ष को आगामी चुनावों में आधी आबादी का हक छीनने का नुकसान उठाना पड़ेगा। महिला नेताओं के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से विपक्ष घबराया हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ही मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी कुप्रथा से आजादी मिली। कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी का महिला विरोधी चेहरा सामने आ गया है। आखिर अखिलेश यादव महिलाओं को संसद में क्यों नहीं देखना चाहते? क्या सिर्फ यादव परिवार की डिम्पल यादव को ही संसद में जाने का अधिकार है? क्या ये अधिकार देश और उत्तर प्रदेश की आम महिलाओं को नहीं मिलना चाहिए? बेबी रानी मौर्या, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार आज देश की राष्ट्रपति एक महिला हैं, देश के कई उच्च पदों पर महिलाएं काम कर रहीं हैं और देश के विकास में अपना योगदान दे रहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के हित में जितना काम किया है, उतना इतिहास में कभी नहीं हुआ। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी निंदनीय कुप्रथा से आजादी मिली। अब जब देश की संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी को सुनिश्चित करने का वक्ता आया तो विपक्ष ने अपना महिला विरोधी चेहरा दिखा दिया। विजय लक्ष्मी गौतम, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी ने जिस भारत का सपना देखा है और जिस पर वे लगातार काम कर रहे हैं, उसमे अड़ंगा लगाना जैसे विपक्ष का मूल व्यवहार बन गया है। समाजवादी पार्टी मुख्यमंत्री योगी की महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं से वैसे ही घबराई हुई है और ऐसे में अगर महिलाओं को आरक्षण मिलता है तो प्रधानमंत्री ने जिस सशक्त भारत का सपना देखा है, वह पूरा होता। इसे विपक्ष और अखिलेश यादव पूरा होते देखना नहीं चाहते। रजनी तिवारी, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार एक महिला के सशक्त होने से सिर्फ परिवार ही सशक्त नहीं होता बल्कि समाज सशक्त होता है, उसका चौमुखी विकास होता है। देश की संसद में महिलाओं का योगदान बढ़ेगा तो देश के विकास को अतुलनीय रफ्तार मिलेगी, ये भला अखिलेश यादव और विपक्ष को कैसे स्वीकार होगा? फिर इनके परिवारवाद का क्या होगा? इसीलिए ये लोग विरोध कर रहे हैं। अदिति सिंह, विधायक, भाजपा

योगी सरकार के सुधारों से मदरसा बोर्ड परीक्षा में 18.29% बढ़ी छात्रों की संख्या

योगी सरकार के सुधारों से बढ़ा भरोसा, मदरसा बोर्ड परीक्षा में 18.29 % अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा पारदर्शी व्यवस्था, नकलविहीन परीक्षा और समयबद्ध परिणाम से मदरसा शिक्षा परिषद के प्रति बढ़ा विद्यार्थियों का विश्वास लखनऊ उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि यूपी मदरसा शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की परीक्षा में छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 12,510 अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जो मदरसा शिक्षा प्रणाली में बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है। साल 2025 में जहां कुल 68,423 विद्यार्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 80,933 पहुंच गई। यानी करीब 18.29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।  अभिभावकों का भरोसा हुआ मजबूत योगी सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, नकलविहीन माहौल और समयबद्ध परिणाम की व्यवस्था ने विद्यार्थियों तथा अभिभावकों का भरोसा मजबूत किया है। उल्लेखनीय है कि उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित अरबी-फारसी की मुंशी/मौलवी (सेकेण्डरी) एवं आलिम (सीनियर सेकेण्डरी) परीक्षा 9 फरवरी को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई थी। परीक्षा 71 जनपदों के 277 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली में मुंशी/मौलवी परीक्षा और दूसरी पाली में आलिम अरबी परीक्षा हुई। सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा केंद्रों की हुई मॉनिटरिंग मुंशी/मौलवी परीक्षा में कुल 62,232 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 32,389 छात्र और 29,843 छात्राएं शामिल थीं। वहीं आलिम परीक्षा में 18,701 विद्यार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 9,092 छात्र तथा 9,609 छात्राएं थीं। यह आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि मदरसा शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। योगी सरकार ने परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए थे। जनपद स्तर पर सचल दल, आंतरिक निरीक्षण टीम, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके साथ ही परिषद स्तर पर केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था लागू की गई, जिसके तहत सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग की गई। सख्त व्यवस्था का ही परिणाम रहा कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। मुख्यधारा से जुड़ी मदरसा शिक्षा मदरसा शिक्षा परिषद के अधिकारियों का कहना है कि मई माह में परीक्षा परिणाम घोषित करने की तैयारी भी अंतिम चरण में है। समय पर परिणाम आने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य शैक्षिक योजनाओं में लाभ मिलेगा। वहीं मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने, आधुनिक सुविधाएं देने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों ने सकारात्मक माहौल बनाया है। इसी भरोसे का परिणाम है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में छात्र-छात्राओं ने मदरसा बोर्ड परीक्षा में भाग लेकर सरकार की नीतियों पर अपनी मुहर लगाई है।

जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री

सदियों के आक्रमणों के बावजूद आज भी अडिग है सनातन आस्था: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित "सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश" का किया शुभारंभ जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की भी नहीं चली: सीएम एक ओर कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगा रही थी तो दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध कर रही थी: योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के नए युग में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों के बावजूद सनातन आस्था अडिग रही और आज “यतो धर्मस्ततो जयः” के भाव के साथ पुनः अपने स्वाभिमान के शिखर पर स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया और कहा कि आज वही सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को रवाना करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया। सनातन आस्था भी अजर-अमर पथ का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ नेतृत्व में अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है कि भारत की सनातन संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे, लेकिन हमलावर भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए। लगभग 1000 वर्ष पहले द्वादश ज्योतिर्लिंगों में देवाधिदेव महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भगवान के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला किया गया। आक्रांताओं ने भारत की धन-संपदा लूटी, मंदिरों को अपवित्र किया और सनातन आस्था पर प्रहार किया। लेकिन भारत के सनातन धर्म की अटूट आस्था भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही। आज 1000 वर्ष बाद जब हम देखते हैं तो भारत की सनातन आस्था पूरी दृढ़ता से विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, जबकि आक्रांताओं का कोई नामोनिशान इस धरती पर नहीं बचा है। यही है “यतो धर्मस्ततो जयः” का शंखनाद। आक्रांताओं की बर्बरता जिसे रोक नहीं पाई, तोड़ नहीं पाई और झुका नहीं पाई, वही सनातन आस्था आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाई जा रही है। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर भारतवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त हो। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और अनेक स्वर उठाए गए। भारत माता के सपूत, भारत की अखंडता के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पूर्ण जीर्णोद्धार होगा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर की गरिमामयी पुनर्स्थापना की जाएगी। लेकिन इस मार्ग में बाधक बने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। उनकी इच्छा थी कि यह कार्य न हो, परंतु सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की नहीं चली। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को आमंत्रित किया। तभी कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू फिर बाधक बन गए। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि राष्ट्रपति को इस आयोजन में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा। एक ओर कांग्रेस की सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू कर तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही थी और आतंकवाद की नींव रख रही थी, वहीं दूसरी ओर सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के प्रति, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के विरोध की परवाह किए बिना सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम को अपने हाथों से संपन्न किया। अयोध्या का नाम आते ही गूंजता है "जय राम" मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने आगे बढ़ाया था, उसी अभियान को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है। यह भारत के स्वाभिमान को, सनातन आस्था के गौरव को और हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 10-11 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज हर भारतवासी, देश या दुनिया के किसी भी कोने में जाए हर जगह एक ही आवाज गूंजती है और वह है जय राम। कोई भी भारतीय चाहे देश में हो या विदेश में, जब अयोध्या का नाम सुनता है तो स्वतः उसके मुंह से “जय राम” निकलता है और वह तुरंत कहता है कि उसे अयोध्या जाने की बहुत इच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्ष पहले जिन आक्रांताओं ने अयोध्या के राम मंदिर को अपवित्र किया और हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया था, आज उनका नाम तक लेने वाला नहीं बचा है। लेकिन सनातन की अटूट आस्था आज भी आकाश की ऊंचाइयों पर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और केसरिया ध्वज-पताका वहां लहरा रही है। … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी

योगी सरकार की पहल से पूरी हुई वर्षों पुरानी इच्छा, सोमनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की   लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 'उत्तर प्रदेश' का शुभारंभ किया। धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बीच शुरू हुई इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुई इस विशेष ट्रेन ने श्रद्धालुओं की आस्था को नया आयाम दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने का कार्य किया है।  श्रद्धालुओं ने सीएम योगी का जताया आभार  खासतौर पर मुजफ्फरनगर के बंती खेड़ा निवासी सतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से उनकी इच्छा थी कि बाबा सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने जाएं, लेकिन कभी अवसर नहीं मिला। सरकार की पहल से यह यात्रा शुरू होने से उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की भावनाओं को समझा है। वहीं बरेली की बिंदु इशिका सिंघानिया ने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाली पहल है। इससे एक राज्य के लोग दूसरे राज्य की संस्कृति को जान सकेंगे और युवा पीढ़ी भी अपनी परंपराओं से जुड़ेगी। बिंदु इशिका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।  यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान  आजमगढ़ के अनंत तिवारी ने कहा कि सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान है। कई लोग श्रद्धा रखते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव में तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। अब उन्हें भी सोमनाथ धाम जाने का अवसर मिलेगा। मेरठ के अनंत राना ने बताया कि वह पहली बार सोमनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को इस यात्रा से बड़ा लाभ मिलेगा। बिजनौर और गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार हर वर्ग की आस्था का सम्मान कर रही है। सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ के साथ योगी सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मुंबई की शानदार वापसी, गुजरात को 99 रन से रौंदा, अश्वनी का कमाल

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का 31वां मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच आज यानी 20 अप्रैल को खेला गया। इस मैच को मुंबई इंडियंस ने 99 रन से अपने नाम कर लिया। एमआई ने गुजरात पर यह बड़ी जीत दर्ज की है। इसका फायदा उनको नेट रन रेट में मिलेगा। बता दें कि मुंबई इंडियंस की यह लगातार चौथी हार के बाद पहली जीत थी। वहीं सीजन की एमआई की यह दूसरी जीत थी। उनके 4 अंक हो गए हैं। अब आईपीएल 2026 के पॉइंट्स टेबल में मुंबई 7वें पायदान पर आ गई है। गुजरात टाइटंस की बैटिंग पूरी तरह से फेल 200 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी पूरी तरह से फेल हो गई। 15.5 ओवर में 100 रन बनाकर ऑल आउट हो गए। गुजरात टाइटंस के लिए सर्वाधिक 26 रन वाशिंगटन सुंदर ने बनाए। उनके अलावा कोई भी खिलाड़ी गुजरात का 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। मुंबई इंडियंस के लिए अश्विनी कुमार ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। 2 विकेट मिचेल सैंटनर- अल्लाह गजनफर को मिले। 1-1 विकेट हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह ने भी लिया।साई सुदर्शन पहली बॉल पर ही पारी के आउट हो गए थे। उनको जसप्रीत बुमराह ने डक पर आउट कर दिया था। बता दें कि साई सुदर्शन आईपीएल 2026 में बुमराह की पहली विकेट बने। इन फॉर्म शुभमन गिल 14 तो जोस बटलर भी 5 रन बनाकर आउट हो गए। तिलक वर्मा ने ठोका तूफानी शतक तिलक वर्मा के नाबाद तूफानी शतक से मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग में सोमवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ पांच विकेट पर 199 रन बनाने में सफल रही। तिलक ने आईपीएल के अपने पहले शतक के दौरान 45 गेंद में 8 चौकों और 7 छक्कों से नाबाद 101 रन की पारी खेलने के अलावा कप्तान हार्दिक पंड्या (15 रन, 16 गेंद, एक चौका) के साथ पांचवें विकेट के लिए 81 और नमन धीर (45) के साथ चौथे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी भी की। गेंदबाजी में चमके अश्वनी कुमार 200 रनों का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस को पहली गेंद पर ही तगड़ा झटका लगा. जसप्रीत बुमराह ने साई सुदर्शन को आउट कर इस सीजन अपनी पहली विकेट हासिल की. इसके बाद बाएं हाथ के मीडियम पेसर अश्वनी कुमार ने जलवा दिखाते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए. मिचेल सैंटनर और गजनफर ने 2-2 विकेट झटके. गुजरात के लिए वाशिंगटन सुंदर ने सबसे अधिक 26 रन बनाए।  मुंबई ने आखिरी 4 ओवर में 73 रन जोड़े तिलक की पारी की बदौलत मुंबई की टीम अंतिम चार ओवर में 73 रन जोड़ने में सफल रही। टाइटंस की ओर से कागिसो रबाडा सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 33 रन देकर 3 विकेट चटकाए। मोहम्मद सिराज ने 25 जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 54 रन देकर 1-1 विकेट हासिल किया।