samacharsecretary.com

डिप्टी CM साव का एक्शन मोड: अवैध निर्माण पर कार्रवाई, इंजीनियर निलंबन और ठेकेदार पर जुर्माना

रायपुर. उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सोमवार को प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे। कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान दें। बजट खर्च करने के लिए नहीं, बल्कि समस्याओं का करें स्थायी समाधान- साव उप मुख्यमंत्री साव ने पेयजल आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी। अपूर्ण आवासों को पूर्ण करने के निर्देश डिप्टी सीएम साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रारंभ आवासों के निर्माण एक माह के भीतर हर हाल में शुरू करने के साथ ही मार्च-2026 में स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु के पहले प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 18 माह की अवधि में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव अविलंब विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सके। पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने के निर्देश डिप्टी सीएम साव ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने बैंकों से बात कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूजल को रिचार्ज करने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक संख्या में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य कराने को कहा। उन्होंने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के मिशन में वर्तमान समय की जरूरतों और तकनीकों के साथ नई कार्य पद्धति अपनाने के निर्देश निकायों के अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव भागवत जायसवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे। इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा डिप्टी सीएम अरुण साव ने आज दो सत्रों में मैराथन बैठकों में नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की। वे 21 अप्रैल को दिनभर नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

योगी ने बंगाल में तृकां को घेरा, बोले- राम के नाम और दुर्गा पूजा से ममता दीदी को नफरत, सड़कों पर कराती हैं इफ्तार पार्टी

गारबेटा में भी योगी-योगी, सड़कों-छतों पर खड़े होकर हजारों लोगों ने किया बुलडोजर बाबा का दीदार योगी ने बंगाल में तृकां को घेरा, बोले- राम के नाम और दुर्गा पूजा से ममता दीदी को नफरत, सड़कों पर कराती हैं इफ्तार पार्टी  सीएम योगी ने गिनाईं यूपी की विशेषताएं, कहा- यूपी की सड़कों से गुजरिए, फिर भी हाथ पर रखे कप से नहीं छलकेगा पानी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की गारबेटा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप लोढ़ा के पक्ष में की चुनावी रैली   पश्चिम मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जबर्दस्त क्रेज दिख रहा है। एक ओर चिलचिलाती धूप में योगी आदित्यनाथ भाजपा प्रत्याशियों के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उन्हें देखने-सुनने और एक झलक पाने को हजारों की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को गारबेटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप लोढ़ा के पक्ष में हुई चुनावी रैली में भी यही नजारा दिखा, जब दीवारों, वाहनों और घरों की छतों पर खड़े होकर लोगों ने योगी आदित्यनाथ का भाषण सुना और योगी-योगी की गूंज से उनका बंगाल की धरा पर स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ ने भी नौजवानों, किसानों, महिलाओं से आह्वान किया कि जिस बंगाल को कांग्रेस, कम्युनिस्टों और तृणमूल कांग्रेस ने कंगाल किया है, उसे इन पार्टियों की अराजकता से मुक्त कराइए।  तृणमूल की अराजकता से मुक्त अब डबल इंजन सरकार लाने जा रहा पश्चिम बंगाल  सीएम ने बंगाल के राष्ट्रनायकों की धरा बताया, कहा कि जब तुष्टिकरण की पराकाष्ठा और टीएमसी सरकार की गुंडागर्दी चरम पर हो तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस याद आते हैं। यहां के नौजवानों के सामने पहचान का संकट आया है। कभी लीडर की भूमिका में रहा बंगाल लूजर की भूमिका में हो गया है। भारत की आर्थिक उन्नति का आधार रहा बंगाल तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के लूटतंत्र का शिकार होकर कंगाल हो गया है। तृणमूल की अराजकता से मुक्त होकर बंगाल भी अब डबल इंजन सरकार का स्वाद चखने जा रहा है।  यूपी में हैं ऐसी सड़कें कि हाथ पर रखे कप से पानी भी नहीं छलकेगा सीएम योगी ने आरोप लगाया कि जयश्रीराम बोलने पर ममता दीदी को परेशानी होती है। सड़कों पर इफ्तार पार्टी कराने वाली ममता दीदी ने राम नाम, दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन, शोभायात्रा पर बैन लगा दिया है। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी अराजकता, गुंडागर्दी, सड़कों पर नमाज और इफ्तार पार्टी होती थी, लेकिन यूपी में 9 साल से डबल इंजन सरकार चल रही है, तबसे नो कर्फ्यू, नो दंगा है, यूपी में सब चंगा है। वहां किसी के हक पर कोई डकैती नहीं डाल सकता। यूपी में ऐसी सड़कें हैं कि हाथ पर रखे कप से पानी नहीं छलकेगा। यूपी हाईवे स्टेट, एक्सप्रेसवे स्टेट, सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला स्टेट, सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य यूपी बन गया। जहां पहले उपद्रव होता है, वहां अब उत्सव हो रहा है।  बंगाल में राम का नाम लेने से चिढ़ती हैं ममता दीदी और यूपी में बन गया भव्य राम मंदिर सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में सड़कों पर इफ्तारी और नमाज नहीं होती है। मस्जिद से अजान भी नहीं सुनाई देती। यूपी में हर तरफ खुशहाली है। ममता दीदी बंगाल में राम का नाम लेने पर चिढ़ती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आसमान को छूता भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया। हर भारतीय को सीना तानकर खड़े होने और मर्यादा की प्रेरणा देने वाला राम मंदिर बताता है कि आस्था झुकती, रुकती, टूटती नहीं है। बस चुनौती का सामना करने की इच्छाशक्ति हो। वहां विधर्मियों के हौसले पस्त हुए। यूपी में माफिया की हड्डी-पसली को चकनाचूर कर देता है बुलडोजर सीएम ने कहा कि यूपी में गोहत्या, लवजेहाद, लैंडजेहाद नहीं हो सकता। माफिया व गुंडों ने हिमाकत की तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली को चकनाचूर कर देता है। टीएमसी का मतलब टेरर, माफियाराज व करप्शन है। इसे केवल भाजपा सरकार ही समाप्त कर सकती है। न गोहत्या होने देंगे और न ही हिंदू को बंटने देंगे। उन्नति के लिए बंगाल को भी डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में कार्य करना है।

सम्राट सरकार का बड़ा फैसला: विजय सिन्हा के आदेश को पलटते हुए 224 राजस्वकर्मियों का निलंबन रद्द

पटना  बिहार सरकार ने राजस्व कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने पूर्व में लिए गए सख्त फैसले को पलटते हुए 200 से अधिक राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को खत्म करने का निर्देश दिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है. बताया जा रहा है कि इससे पहले यह कार्रवाई तत्कालीन फैसलों के तहत की गई थी, जिसे अब बदल दिया गया है।  विजय सिन्हा के समय हुई थी सख्त कार्रवाई सम्राट चौधरी सरकार ने हड़ताल के दौरान निलंबित 224 से ज्यादा कर्मियों का सस्पेंशन रद्द कर दिया है. यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सख्त आदेश को पलटते हुए लिया गया है. बता दें कि बीते 11 फरवरी 2026 से राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे. तब विजय कुमार सिन्हा राजस्व मंत्री और उपमुख्यमंत्री थे. उन्होंने हड़ताल को अनुशासनहीनता मानते हुए अलग-अलग आदेश जारी कर 224 कर्मियों को निलंबित कर दिया था. 9 मार्च से अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर थे. उनके खिलाफ भी 45 से ज्यादा सस्पेंशन हुए. अब सम्राट सरकार ने इनमें से कर्मचारियों का निलंबन वापस ले लिया है।  जनगणना और जनता का काम अटका था दरअसल, ढाई महीने से हड़ताल और निलंबन के चलते अंचलों में जमीन संबंधी काम पूरी तरह ठप हो गए थे. दाखिल-खारिज, नामांतरण, जनगणना जैसे जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे. विभाग ने इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल कर्मचारियों को काम पर वापस बुलाने का फैसला किया. पत्र में साफ कहा गया है कि 11 फरवरी से 19 अप्रैल तक निलंबित सभी कर्मियों का सस्पेंशन रद्द किया जाए।  कर्मचारियों की मांगें क्या थीं? यहां यह भी बता दें कि बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के बैनर तले कर्मचारी हड़ताल पर गए थे. उनकी मुख्य मांगें थीं- ग्रेड पे बढ़ाना, गृह जिले में तबादला, दाखिल-खारिज प्रक्रिया में सुधार और दफ्तरों में बुनियादी सुविधाएं. लेकिन काम काज में बाधा को आधार बनाते हुए तब सरकार नेसख्त कदम उठाते हुए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था. लेकिन, सरकार बदलने के साथ ही अब निलंबन रद्द कर उन्हें काम पर लौटने का रास्ता साफ कर दिया है. हालांकि सीओ और आरओ के सस्पेंशन पर अभी अलग से विचार चल रहा है।  सम्राट सरकार का संदेश दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को तेज करने का संकल्प लिया है. विजय कुमार सिन्हा के समय लिए गए सख्त फैसले को पलटना इसी दिशा का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक जनगणना के काम को समय पर पूरा करने और आम लोगों को सुविधा देने के लिए यह राहत जरूरी थी. कई कर्मचारी अब काम पर लौटने को तैयार हैं।  अभी भी कुछ पेंच बाकी हालांकि, हड़ताल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, क्योंकि कुछ सीओ और आरओ अभी भी डटे हुए हैं. विभाग ने पहले उन्हें कई बार चेतावनी दी थी, और अब कर्मचारियों की निलंबन वापसी के बाद अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है. सरकार का कहना है कि काम पर लौटने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन अनुशासन भंग करने वालों पर नजर रखी जाएगी।  जनता को मिलेगी सुविधा बहरहाल, राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को रद्द करने का फैसला यह दिखाता है कि नई सरकार टकराव के बजाय समाधान के रास्ते पर चलना चाहती है. अब सरकार के इस फैसले से अंचल स्तर पर जमीन के काम फिर से शुरू हो सकेंगे. आम नागरिकों को दाखिल-खारिज, प्रमाण-पत्र और अन्य सेवाएं समय पर मिलने लगेंगी। 

बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब बने ‘निपुण’

बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब ‘निपुण योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लगातार प्रयासों का ठोस परिणाम हर स्कूल को ₹50 हजार की सहायता, निपुण स्कूलों के शिक्षकों का सम्मान लखनऊ  योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। निपुण भारत मिशन के तहत किए गए ताजा आकलन में 32,480 प्राथमिक विद्यालय ‘निपुण’ घोषित किए गए हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 1 और 2 के कम से कम 80 प्रतिशत बच्चों ने भाषा और गणित में अपेक्षित दक्षता हासिल की है। इन विद्यालयों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराए गए इस आकलन को पारदर्शी और जमीनी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि कड़े मानकों के बावजूद यह परिणाम गुणवत्ता सुधार की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। निपुण रैंकिंग वाले टॉप जिले निपुण रैंकिंग में प्रदेश के कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निपुण आकलन के आधार पर सबसे अधिक निपुण विद्यालयों वाले जिलों में हरदोई (1002 विद्यालय), अलीगढ़ (969 विद्यालय), शाहजहांपुर (916 विद्यालय), महाराजगंज (874 विद्यालय) और खीरी (830 विद्यालय) शीर्ष स्थान पर हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इन जिलों में बड़ी संख्या में विद्यालयों ने निपुण मानक हासिल किया है और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का ठोस असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। पारदर्शी आकलन, डीएलएड प्रशिक्षुओं की भूमिका इस बार आकलन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने विद्यालयों में जाकर कक्षा 1 और 2 के छात्रों की सीखने की क्षमता का वास्तविक परीक्षण किया। निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर के माध्यम से यह रिपोर्ट सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। इससे न सिर्फ योगी सरकार की पारदर्शिता नीति को बल मिला है, बल्कि जवाबदेही भी तय हुई है। शिक्षकों का सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन निपुण घोषित विद्यालयों के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है। प्रत्येक विद्यालय को ₹50 हजार की धनराशि दी जाती है, जिसका उपयोग शैक्षणिक सामग्री और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को जिला और ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाता है। विद्यालय परिसरों में ‘निपुण विद्यालय’ का लोगो भी प्रदर्शित किया जाता है, जिससे उनकी अलग पहचान बनती है। गुणवत्ता सुधार का व्यापक अभियान निपुण परिणामों के पीछे व्यापक तैयारी की भूमिका है। बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (पढ़ने, लिखने और गणना) आधारित प्रशिक्षण दिया गया है। परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व ICT लैब विकसित किए गए हैं। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरण से डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा मिला है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.32 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत 2024-25 में 13.22 लाख और 2025-26 में 15.84 लाख बच्चों का नामांकन कराया गया। 7.73 लाख आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा गया।  समग्र बदलाव का संकेत 2025-26 में करीब 1.07 लाख परिषदीय विद्यालयों का आकलन किया गया था। कड़े मानकों के बावजूद 32,480 विद्यालयों का निपुण घोषित होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कम प्रदर्शन वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें निपुण श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। प्रदेश में बेसिक शिक्षा अब केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीखने के परिणामों पर फोकस है। निपुण भारत मिशन के तहत मिले ये परिणाम बताते हैं कि नीति, प्रशिक्षण और निगरानी का समन्वय असर दिखा रहा है। आने वाले समय में और अधिक विद्यालयों को निपुण श्रेणी में लाने की तैयारी है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचा उठाया जा सके।

लेंसकार्ट शोरूम पर बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन, भोपाल और छिंदवाड़ा में कर्मचारियों को तिलक और कलावा बांधने की घटना

भोपाल /छिंदवाड़ा  भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने यहां कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों को कहा- सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो आगे भी इसी तरह सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पड़ने पर उसे नीचे लाने का काम भी करेंगे। छिंदवाड़ा में लेंसकार्ट शोरूम पर बजरंग दल का प्रदर्शन छिंदवाड़ा में ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर चल रहे विवाद के बीच लेंसकार्ट के शोरूम पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सोमवार को कार्यकर्ताओं ने शोरूम में मौजूद कर्मचारियों के माथे पर तिलक लगाया और उनके हाथों में कलावा बांधा।  बताया जा रहा है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर कंपनी की कथित ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसमें कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसी मुद्दे को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध के स्वर सामने आ रहे हैं। जिला संयोजक बोले: धार्मिक प्रतीकों पर रोक बर्दाश्त नहीं प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के जिला संयोजक नरेंद्र पटेल ने कहा कि वे किसी भी तरह की धार्मिक पाबंदी के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में संगठन लगातार विरोध दर्ज कराता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में व्यापार करने वालों को यहां की संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। कंपनी ने दी सफाई: कोई प्रतिबंध नहीं विवाद के बीच लेंसकार्ट की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि उसकी मौजूदा गाइडलाइंस में बिंदी, तिलक या अन्य धार्मिक प्रतीकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कंपनी ने वायरल हो रहे दस्तावेज को पुराना बताया है और कहा है कि वर्तमान नीति में ऐसा कोई नियम लागू नहीं है।  

स्वास्थ्य योजनाओं में गड़बड़ी पर सख्ती, आयुष्मान और चिरायु में होगा थर्ड पार्टी ऑडिट

चंडीगढ़. आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत किए जा रहे दावों (क्लेम) का थर्ड पार्टी आडिट कराया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड को आडिट और क्लेम प्रक्रिया के लिए थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर को निर्देशित किया है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि योजना के कामकाज में थर्ड-पार्टी आडिट अनिवार्य किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयुष्मान भारत प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी न हो। आयुष्मान भारत के तहत सरकारी कालेजों और मेडिकल संस्थानों से क्लेम को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसकी जांच के लिए रणनीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि किडनी मरीजों के लिए क्रोनिक हीमोडायलिसिस, जो एक जरूरी और बार-बार होने वाला इलाज है, उसके लिए आयुष्मान भारत स्कीम के तहत सक्रिय दावा किया जाना चाहिए, ताकि यह पक्का हो सके कि रेगुलर डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को बिना किसी पैसे की परेशानी के पूरा कवरेज मिले। समीक्षा बैठक में बताया गया कि हरियाणा ने आयुष्मान भारत और चिरायु स्कीम के तहत लगभग 28 लाख क्लेम निपटाए हैं। लाभार्थियों को 3900 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी गई है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए क्लेम 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गए हैं, जो लोगों में स्कीम के बारे में बढ़ती जागरूकता और उपयोग को दिखाता है। राज्य में 1363 पैनल वाले अस्पतालों (प्राइवेट -777, पब्लिक -586) का नेटवर्क है, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के संस्थान शामिल हैं। डा. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने चिरायु योजना और इसके एक्सटेंशन को लागू करके राष्ट्रीय आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई रूपरेखा से आगे बढ़कर काम किया है। इसमें तीन लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले परिवार शामिल हैं। इससे राष्ट्रीय पात्रता मानदंडों से परे स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा नेट से भी ज्यादा बढ़ गया है और राज्य की आबादी का एक बड़ा हिस्सा सुनिश्चित स्वास्थ्य कवरेज के तहत आ गया है। पात्र लाभार्थियों के लगभग 1.38 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं।

स्कूल में बड़ा खुलासा: 24 महिला स्टाफ ने लगाए उत्पीड़न के आरोप, आरोपी कर्मचारी घिरा

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल की 24 महिला कर्मचारियों द्वारा एक पुरुष सहकर्मी के खिलाफ उत्पीड़न और धमकी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराए जाने के दो महीने से अधिक समय बाद भी, वह स्कूल में आता रहता है और कथित पीड़ितों के साथ ही दफ्तर साझा करता है। 12 फरवरी को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम के तहत स्कूल की आंतरिक शिकायत समिति को सौंपी गई शिकायत में कहा गया है कि आरोपी शिक्षक के व्यवहार ने "प्रतिकूल, असुरक्षित और अपमानजनक कार्य वातावरण" का निर्माण किया है। आरोपों की गंभीरता और हस्ताक्षरकर्ताओं की संख्या के बावजूद, आरोपी उनके साथ ड्यूटी पर बना हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने "अपमानजनक, निंदनीय और लैंगिक भाषा", "मौखिक धमकियों और डराने-धमकाने" और "महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा से समझौता करने वाले अवांछित शारीरिक दुस्साहस" का आरोप लगाया है। शिकायत में इसे अलग-थलग घटनाओं के बजाय "आक्रामकता का एक दस्तावेजी पैटर्न" बताया गया है। क्या है पीड़ितों की मांग? “हम मांग करते हैं कि इस शिकायत को तुरंत दर्ज किया जाए और त्वरित जांच के लिए आईसीसी के समक्ष रखा जाए… अंतरिम सुरक्षात्मक उपाय बिना देरी किए लागू किए जाएं,” 24 शिकायतकर्ताओं ने लिखा, और चेतावनी दी कि कार्रवाई न करने पर आपराधिक कार्यवाही हो सकती है। शिकायतकर्ताओं द्वारा उसके आसपास असुरक्षित महसूस करने की बात कहने के बावजूद, अधिकारियों ने उसे स्थानांतरित करने या यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है कि महिलाएं उसके साथ एक ही स्थान पर न रहें। विद्यालय शिक्षा निदेशक नीतीश सिंगला ने इस पर टिप्पणी प्राप्त करने के प्रयासों का जवाब नहीं दिया। सूत्रों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने आरोपों की जांच के लिए कम से कम तीन सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और एक वरिष्ठ अधिकारी को मिलाकर एक अलग पैनल का गठन किया है, जबकि स्कूल की आईसीसी अपनी अलग जांच कर रही है।

रायपुर में आज की नारी सम्मान अवॉर्ड शो, महिला सशक्तिकरण का धूमधाम से उत्सव

आज की नारी–नारी शक्ति सम्मान” अवॉर्ड शो: रायपुर में महिला सशक्तिकरण का भव्य उत्सव नई उड़ान जनसेवा फाउंडेशन के आयोजन में फैशन, प्रतिभा और आत्मविश्वास का संगम, विजेताओं को मिला सम्मान रायपुर  नई उड़ान जनसेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में रायपुर में आयोजित “आज की नारी–नारी शक्ति सम्मान” अवॉर्ड शो (सीजन 4) केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। यह आयोजन उस सोच को दर्शाता है, जहाँ नारी समाज के निर्माण की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित हो रही है। कार्यक्रम में आयोजित फैशन शो, रैंप वॉक और टैलेंट शो ने यह सिद्ध किया कि आज की नारी आत्मविश्वास, गरिमा और प्रतिभा के साथ हर मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही है। शाइन ऑफ छत्तीसगढ़ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने हुनर का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसने सभी को प्रेरित किया। प्रतियोगिता के परिणाम 1. मिस टाइटल कैटेगरी: प्रथम स्थान: मिस दीक्षा (रायपुर) द्वितीय स्थान: मिस मनीष (भाटापारा) तृतीय स्थान: गायत्री धवन (दुर्ग) 2. Mrs कैटेगरी: फर्स्ट विनर: दीपिका साहू (राजनांदगांव) सेकंड विनर: शीतल गुप्ता (रायगढ़) 3. किड्स कैटेगरी: फर्स्ट विनर: अवया निर्मलकर (बिलासपुर) सेकंड विनर: अव्यय श्रीवास्तव (रायपुर) थर्ड विनर: ऐश्वर्या बोई (जांजगीर-चांपा) 4. Mr किड्स कैटेगरी: फर्स्ट विनर: वेदांत बूयूतरा (कांकेर) कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में फैशन शो जूरी शिखा साहू (मिस कलर वर्ल्ड, भिलाई) एवं कविता मिश्रा (Mrs छत्तीसगढ़, Mrs स्टार ऑफ इंडिया) ने निष्पक्ष रूप से विजेताओं का चयन किया। अन्य प्रतिभागियों को भी मंच पर क्राउन एवं विशेष टैग देकर सम्मानित किया गया, जिनमें अंजनी ध्रुव, सृष्टि साहू, कामिनी निषाद सहित कई प्रतिभागी शामिल रहे। इस भव्य आयोजन में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य प्रतिष्ठित हस्तियाँ शामिल थीं। कार्यक्रम की शोभा उस समय और बढ़ गई, जब प्रसिद्ध धारावाहिक रामायण में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया एवं ये रिश्ता क्या कहलाता है फेम कांची सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहीं। उनके हाथों विजेताओं को ताज पहनाकर सम्मानित किया गया, जो प्रतिभागियों के लिए गर्व का क्षण रहा। रैंप वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने जिस आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रदर्शन किया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। खास बात यह रही कि जो प्रतिभागी विजेता नहीं बन सके, उन्हें भी सम्मानित किया गया—यह संदेश देते हुए कि हर प्रयास सराहनीय है। नई उड़ान जनसेवा फाउंडेशन का उद्देश्य महिलाओं को शिक्षित करना, उनकी प्रतिभा को मंच देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। संस्था का मानना है कि जब एक नारी सशक्त होती है, तो पूरा समाज सशक्त होता है। “आज की नारी–नारी शक्ति सम्मान” अवॉर्ड शो ने यह सिद्ध कर दिया कि अवसर मिलने पर महिलाएँ न केवल अपने सपनों को साकार कर सकती हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बन सकती हैं। यह आयोजन एक सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुनील चिंचोलकर

BJP का बड़ा दावा: वसुंधरा राजे का वायरल पत्र फर्जी, कांग्रेस से मांगा जवाब

रायपुर. नारी शक्ति वंदन को लेकर पूरे देशभर में सियासी चर्चा गर्म है। इस बीच बीजेपी नेत्री और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का कथित फर्जी पत्र भी चर्चा में है। पत्र को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पोस्ट पर लिखा- कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल अब फेक न्यूज का अड्डा बन चुके हैं। पूर्णतः फर्जी और भ्रामक पत्र को आधिकारिक प्लेटफॉर्म से पोस्ट करना उसकी गिरती हुई राजनीतिक सोच और स्तर का स्पष्ट प्रमाण है। कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैलाने के लिए “Anti Women Alliance” का मुख्य चेहरा बनी कांग्रेस अब भाजपा नेताओं के नाम से कूट-रचित पत्र गढ़कर खुलेआम झूठ परोस रही है। यह सिर्फ राजनीतिक षड्यंत्र नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ उसकी कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा है। मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे कांग्रेस छत्तीसगढ़ तुरंत यह फर्जी पोस्ट हटाए, बिना शर्त माफी मांगे और इस पूरे मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे।फर्जीवाड़ा बंद करो, माफी मांगो-नारी शक्ति सड़कों से लेकर लोकतंत्र के हर मंच पर जवाब देगी।

नासा के वर्ल्ड नाइट मैप में उत्तर प्रदेश की चमक, योगी सरकार की ऊर्जा नीति को मिली वैश्विक पहचान

नासा के वर्ल्ड नाइट मैप में चमका उत्तर प्रदेश, योगी सरकार की ऊर्जा नीति को मिली वैश्विक पहचान वैश्विक मंच पर चमका उत्तर प्रदेश का नाम, हर घर रोशनी की योगी सरकार की नीति को मिली अंतर्राष्ट्रीय मान्यता हर घर रोशनी के संकल्प को अंतर्राष्ट्रीय मुहर, उत्पादन से वितरण तक यूपी बना मॉडल लखनऊ,  नासा द्वारा जारी वर्ल्ड नाइट मैप में उत्तर प्रदेश का दुनिया के सबसे अधिक रोशन क्षेत्रों में प्रमुखता से उभरना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बनकर सामने आया है। यह केवल रोशनी का दृश्यात्मक आंकलन नहीं, बल्कि योगी सरकार के “सबको बिजली, पर्याप्त बिजली और गुणवत्तापूर्ण बिजली” के संकल्प की वैश्विक पुष्टि है। दरअसल, नासा ने सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित एक नया ग्लोबल मैप जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है कि 2014 से 2022 के बीच पृथ्वी पर रात की रोशनी में कैसे बदलाव आया है? वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की तस्वीर बनाने के लिए नौ सालों तक हर रात जमा की गई 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया। नतीजों से पता चला कि शहरी विकास के कारण उत्तरी भारत में, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में रात की रोशनी का स्तर बढ़ गया है। गांव से शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में बीते वर्षों में जो संरचनात्मक बदलाव किए हैं, उनका प्रभाव अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी दिखाई दे रहा है। गांव से शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नीति, प्रबंधन और तकनीक के स्तर पर व्यापक सुधार किए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को नई दिशा मिली है। उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ-साथ ऊर्जा के विविध स्रोतों को मजबूत किया गया है, जिससे बढ़ती मांग को संतुलित तरीके से पूरा किया जा रहा है। उत्पादन से ट्रांसमिशन तक मजबूत ढांचा प्रदेश में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की तीसरी इकाई का सफल सिंक्रनाइजेशन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली में सुधार के तहत नए उपकेंद्र स्थापित किए गए, जर्जर लाइनों का आधुनिकीकरण हुआ और स्मार्ट तकनीकों का उपयोग बढ़ा। इससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और निर्बाध हुई है, साथ ही लाइन लॉस में भी उल्लेखनीय कमी आई है। तकनीक और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं को लाभ योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल हुआ है। उपभोक्ताओं को अब रियल टाइम खपत की जानकारी मिल रही है, ऑनलाइन सेवाएं आसान हुईं हैं और विद्युत चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि उपभोक्ता संतुष्टि भी मजबूत हुई है। कृषि, उद्योग और निवेश को मिली नई रफ्तार निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुगम हुई है, उद्योगों को स्थिर बिजली मिली है और सेवा क्षेत्र में भी विस्तार देखने को मिला है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभर रहा है। नासा का वर्ल्ड नाइट मैप उत्तर प्रदेश की ऊर्जा नीति, प्रबंधन क्षमता और विकासोन्मुखी सोच की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है। यह उपलब्धि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता को गति देगी।