samacharsecretary.com

सीएम बोले- ममता दीदी कहती है खेला होवे, लेकिन इस बार खेला खत्म होगा और विकास प्रारंभ होगा

अब टीएमसी का खेल खत्म होगा और बंगाल का विकास शुरू होगा: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत महतो के पक्ष में की जनसभा सीएम बोले- ममता दीदी कहती है खेला होवे, लेकिन इस बार खेला खत्म होगा और विकास प्रारंभ होगा बंगाल की प्रतिभा आज पलायन कर रही है, बंगाल के पुरुषार्थ को कुंद कर दिया गया है: सीएम वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हमें टीएमसी मुक्त बंगाल चाहिए: योगी जॉयपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत महतो के पक्ष में भारी मतदान की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने बंगाल की गौरवशाली विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और वर्तमान में व्याप्त अराजकता-गुंडागर्दी के बीच स्पष्ट अंतर रखते हुए कहा कि बंगाल की धरा रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस जैसी महान विभूतियों की भूमि रही है। यहां की कुम्हार-प्रजापति समुदाय की मिट्टी की कला, छाऊ नृत्य की विश्वविख्यात परंपरा, कुरमाली-संथाली संस्कृति की आत्मीयता और खजूर रस की मिठास बंगाल की असली पहचान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होवे’, लेकिन अब टीएमसी का खेल समाप्त हो चुका है। अब बंगाल का विकास प्रारंभ होगा।  टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है विकास की शुरुआत मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास करें। बंगाल की धरा प्रेरणा की धरा है। बंगाल की धरा भारत को दिशा देने वाली धरा थी। बंगाल में प्रतिभा थी, लेकिन प्रतिभा पलायन कर रही है। बंगाल में पुरुषार्थ था, लेकिन उसे कुंद कर दिया गया है। बंगाल में वह सब कुछ था जो बंगाल को भारत के अंदर नेतृत्व देने का माद्दा रखता था। लेकिन बंगाल को एक साजिश के तहत पहले कांग्रेस ने, फिर कम्युनिस्टों ने और अब टीएमसी ने अराजकता और गुंडागर्दी का अड्डा बना दिया है। कभी बंगाल की धरती से निकला “वंदे मातरम” भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। यह वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का वर्ष है। इस उपलक्ष्य में हमें टीएमसी मुक्त बंगाल चाहिए, क्योंकि टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है डबल इंजन की भाजपा सरकार और डबल इंजन की भाजपा सरकार का मतलब है, बंगाल में अब विकास शुरू होगा।  ..ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉयपुर की पावन धरा वीरांगना लाबण्या प्रभा घोष के सुर और बलिदान की साक्षी है। यहां के कुम्हार और प्रजापति समुदाय की अथक मेहनत से निर्मित कलाकृतियां देशभर में प्रसिद्ध हैं, साथ ही खजूर रस की मिठास और विश्वविख्यात छाऊ नृत्य इस भूमि की सांस्कृतिक पहचान हैं। कुरमाली और संथाली संस्कृति की अपनापन व आत्मीयता जॉयपुर की असली ताकत है। यह वही पावन धरा है, जहां से नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय, स्वामी प्रणवानंद और खुदीराम बोस जैसी विभूतियां निकलीं। लेकिन आज टीएमसी के शासन में दुर्गा पूजा पर रोक, राम भक्तों पर अत्याचार, लव जिहाद-लैंड जिहाद, गौ-हत्या, माफिया राज, उद्योग-धंधों का बंद होना और 30 लाख नौजवानों की बेरोजगारी जैसी समस्याएं बंगाल को ग्रस्त कर रहीं हैं। एक समय देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन रहे बंगाल को कांग्रेस, कम्युनिस्टों और अब टीएमसी ने अराजकता का अड्डा बना दिया है। इसलिए यहां डबल इंजन की भाजपा सरकार की जरूरत है, ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो और विरासत का संरक्षण करते हुए बंगाल में फिर से विकास की नई यात्रा शुरू हो सके। अब यूपी की सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में आज जो अराजकता, गुंडागर्दी और तुष्टिकरण की स्थिति है, यही स्थिति वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में थी। उस समय यूपी में पर्व-त्योहार से पहले दंगे होते थे, कर्फ्यू लगा रहता था, लव जिहाद-लैंड जिहाद आम थे और गौ-हत्या सरेआम होती थी। लेकिन जब उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी, तो सब बदल गया। आज वहां उपद्रव नहीं, उत्सव है। 65 लाख गरीबों को आवास, करोड़ों शौचालय, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख की स्वास्थ्य सुविधा, 16 करोड़ को राशन और 2 करोड़ को उज्ज्वला योजना के तहत फ्री एलपीजी कनेक्शन मिले हैं। नौजवानों को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, किसानों के चेहरे पर खुशहाली और कुम्हार समुदाय को मुफ्त मिट्टी व सोलर चाक जैसी सुविधाएं दी गईं हैं। आज यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगे। सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, मस्जिदों से तेज आवाज नहीं आती। वहां अब एक ही नारा गूंजता है “न गौ माता को कटने देंगे, न हिंदुओं को बंटने देंगे”। हर जाति का हिंदू सुरक्षित और समृद्ध है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और प्रयागराज महाकुंभ ने विश्व को आयोजन की मिसाल दी है। यूपी का यह मॉडल साबित करता है कि डबल इंजन सरकार आने से विकास होता है और बंगाल में भी यही बदलाव लाना है।

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी 5 वर्षीय समग्र विकास योजना बनाने के निर्देश, प्रतिबंधित कार्यों पर स्पष्ट रोक मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY-2024) के संशोधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के तहत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल वही परियोजनाएं स्वीकृत होंगी, जो सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के निवासियों को लाभ पहुंचाएं। व्यक्तिगत लाभ या योजना की मूल भावना के विपरीत किसी भी कार्य को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। बैठक में कई कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध भी लगाया गया। इनमें व्यायामशाला नवीनीकरण, मुर्गों की लड़ाई के लिए चबूतरा निर्माण, पंचायत उपयोग हेतु मोबाइल/वाहन क्रय, मूर्तियां, स्मारक, हेलीपैड, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, निजी औद्योगिक पार्क, राजनीतिक कार्यक्रम तथा अधिकारियों के लिए वाहन एवं मोबाइल खरीदी जैसे कार्य शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी विभागों को 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना (Perspective Plan) तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अलग विस्तृत योजना तैयार करने तथा 25-30 करोड़ रुपये के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर उनकी स्थिति सुधारने और हर वर्ष कम से कम 30 केंद्रों के निर्माण या उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने को कहा गया। पंचायत विभाग को जल संरक्षण के लिए चेक डैम निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रत्येक अधोसंरचना परियोजना में बिजली सुविधा अनिवार्य रूप से शामिल हो, ताकि परिसंपत्तियां पूर्णतः उपयोगी बन सकें। साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यों की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, सीमांकन, बंटवारा और नामांतरण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। कलेक्टर ने प्रशासनिक व्यय को न्यूनतम रखते हुए अधिकतम राशि जनहितकारी कार्यों पर खर्च करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विकास और विरासत का संतुलन, योगी सरकार बना रही है नए उत्तर प्रदेश की पहचान

विकास के साथ विरासत का सम्मान, योगी सरकार गढ़ रही नए उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस-वे से रश्मिरथी पर्व तक, विकास और संस्कृति का संतुलित मॉडल महापुरुषों के सम्मान संग आगे बढ़ता यूपी, योगी सरकार की सकारात्मक पहल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने की दिशा में योगी सरकार लगातार सकारात्मक पहल कर रही है। प्रदेश में एक ओर जहां एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट सिटी, निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रनायकों, संतों, साहित्यकारों और समाज सुधारकों की स्मृतियों को सहेजने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। यही संतुलित सोच योगी सरकार की कार्यशैली को अलग पहचान दे रही है। प्रेरणास्रोत महापुरुषों से जोड़ रही योगी सरकार सरकार का कहना है कि केवल भौतिक विकास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, प्रेरणास्रोत महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत प्रदेश में समय-समय पर महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी विवेकानंद, महाराजा सुहेलदेव, संत रविदास, कबीरदास, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जैसे महान व्यक्तित्वों को सम्मानपूर्वक याद किया जाता है। साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम  पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर हो रहे इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा वहीं 24 अप्रैल को ‘रश्मिरथी संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण, राष्ट्रीय परिसंवाद तथा ‘रश्मिरथी’ नाटक का मंचन होगा। 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान पर परिसंवाद और नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। 26 अप्रैल को लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा होगी। साथ ही अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक नाटक मंचित होगा। योगी सरकार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिली ऊंचाई यूपी में ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा मिलती है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निबंध, वाद-विवाद, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिली है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे स्थलों का व्यापक विकास किया गया है। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

योगी सरकार ने पहले दिन से उत्तर प्रदेश की महिलाओं के उत्थान के लिए किया काम

योगी सरकार उत्तर प्रदेश की महिलाओं के उत्थान के लिए अपने कार्यकाल के पहले दिन से सक्रिय महिलाओं-बालिकाओं के सशक्तीकरण, सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं योगी सरकार की योजनाओं से लाखों महिलाओं को मिला लाभ ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने बीसी सखी योजना के तहत किया 42 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन लखनऊ,  योगी सरकार अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश की महिलाओं के उत्थान के लिए जोर-शोर से काम कर रही है। योगी सरकार के 9 वर्षों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सशक्तीकरण, स्वावलंबन, स्वास्थ्य समेत अन्य मुद्दे हमेशा प्राथमिकता में रहे हैं। योगी सरकार महिलाओं को हर तरीके से सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं को सामने लाती रही है। सरकार ने इन वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना और आंगनबाड़ी समेत अन्य योजनाओं के जरिए आधी आबादी का पूरा ध्यान रखा गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हमेशा लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का पक्ष लिया। सीएम योगी की प्राथमिकताओं में महिलाओं की सुरक्षा भी सबसे अहम बिंदु रहा है। योगी सरकार ने बेटियों पर विशेष ध्यान दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 85 लाख महिलाओं और बालिकाओं को भी जागरूक किया गया। वहीं 5 लाख 20 हजार से ज्यादा बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराया गया। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित हुईं हैं। योगी सरकार ने सबल नारी, प्रगति हमारी नारे को जमीनी हकीकत में बदला है। महिलाओं को खुद पर दिलाया भरोसा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2 लाख से ज्यादा महिलाओं को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाया। लखपति दीदी योजना के तहत 35 लाख को चिह्नित किया गया और 18.55 लाख महिलाएं लखपति की श्रेणी तक पहुंच पाईं। बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) सखी योजना ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अहम जिम्मेदारी दी। इसके जरिए महिलाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में 42,711 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया। साथ ही 116 करोड़ रुपये का लाभांश अर्जित किया। योगी सरकार की पहल के बाद 15,409 विद्युत सखियों ने 3,207 करोड़ रुपये के विद्युत बिल कलेक्शन संबंधित काम किया और अपने लिए 41.3 करोड़ रुपये का कमीशन भी प्राप्त किया। महिलाओं को काम करने की मिली आजादी योगी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में भी काम करने वाली महिलाओं की भागीदारी को पंख दिए। योगी सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) काम करने की अनुमति दी गई। साथ ही सुरक्षित माहौल भी उपलब्ध कराया। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जहां महिला श्रम बल की भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, अब बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ निराश्रित महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने मासिक पेंशन में भी हर महीने 500 रुपये की वृद्धि की। इसे 1 हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये मासिक किया गया, जिससे लाखों महिलाओं को सहारा मिल रहा है। योगी सरकार ने बीते 9 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पेंशन राशि में 5 गुना तक वृद्धि की है।  वहीं अनुपूरक पुष्टाहार योजना के तहत 2 करोड़ 12 लाख बच्चे, गर्भवती और धात्री महिलाओं के जीवन में सुधार किया गया। महिलाओं की सुरक्षा अहम योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा का भी ध्यान रख रही है। ऐसे में 181 महिला हेल्पलाइन के जरिए 8.42 लाख से ज्यादा महिलाओं को मदद पहुंचाई गई। जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति देने के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष’ की स्थापना की गई। इसके जरिए 14 हजार से ज्यादा पीड़िताओं को 511 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति की जा चुकी है।

यूपी बना आयुष्मान भारत योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य, एनएचए ने किया सम्मान

आयुष्मान भारत का लाभ देने में यूपी देश में अव्वल, एनएचए ने किया सम्मानित   नेशनल हेल्थ ऑथॉरिटी ने पुणे में आयोजित दो दिवसीय शिविर में किया सम्मानित   प्रदेश को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के उत्कृष्ट संचालन को मिला पुरस्कार   प्रदेश में डिजिटलीकरण और व्यापक नेटवर्क से मरीजों को मिल रही बेहतर सुविधा लखनऊ  योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ शत-प्रतिशत लाभार्थियों को देने एवं धरातल पर उतारने में पूरे देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए नेशनल हेल्थ ऑथॉरिटी (एनएचए) द्वारा पुणे में 17 और 18 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में प्रदेश को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के उत्कृष्ट संचालन के लिए सम्मानित किया गया। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी और साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डिजिटलीकरण की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का नतीजा है। आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों में मिल रही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की सुविधा साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 6,433 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध हैं, जिनमें 3,521 निजी और 2,912 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योगी  ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि इन अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे संस्थान शामिल हैं, जहां एबीडीएम-इनेबेल्ड एचएमआईएस(हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) की सुविधा उपलब्ध है, जिससे मरीजों को डिजिटल और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं। पिछले एक वर्ष में प्रदेश ने उच्च गुणवत्ता वाले अस्पतालों को प्राथमिकता देते हुए सूचीबद्ध करने की नीति अपनाई है।  गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधा हुई बेहतर स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि हाल ही में 100 या उससे अधिक बेड वाले 55 बड़े अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है। इन अस्पतालों के शामिल होने से प्रदेश में द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है, जिससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधा और बेहतर हुई है। योगी सरकार ने केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया है। न्यूरोसर्जरी, नियोनेटल केयर, ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और बर्न मैनेजमेंट जैसी विशेष सेवाओं को प्राथमिकता देकर प्रदेश ने स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ऊंचाई दी है। इन सुविधाओं के विस्तार से उन मरीजों को भी राहत मिली है, जिन्हें पहले इलाज के लिए बड़े शहरों या अन्य प्रदेश का रुख करना पड़ता था। इसका सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है। पहले जहां इन क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब आयुष्मान भारत योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है, बल्कि गरीब और कमजोर वर्गों के लिए इलाज का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

NDPS व भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई करें: हाईकोर्ट का पंजाब सरकार को आदेश

चंडीगढ़. पंजाब सरकार में भ्रष्टाचार और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसे कर्मचारियों और अधिकारियों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाया है। चीफ जस्टिस शील नागू व जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार द्वारा जवाब दाखिल न करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने जुर्माना राशि पीजीआई के पुअर पेशेंट रिलीफ फंड में जमा कराने का आदेश दिया है। साथ ही तीन सप्ताह का समय जवाब दाखिल करने के लिए दिया है। खंडपीठ ने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंता का विषय है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और दोषी करार देकर सजा भी सुनाई जा चुकी है, वे अब भी सरकारी नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया कि ऐसे कर्मचारियों को नौकरी से बाहर क्यों नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि उन उच्च अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है, जिन्होंने दोष सिद्ध होने के बावजूद ऐसे कर्मचारियों को नौकरी में बनाए रखने की सिफारिश की। कोर्ट ने कहा कि उन अधिकारियों की जानकारी दी जाए ताकि उन पर भी कार्रवाई की जा सके। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में ही ऐसे 20 अधिकारी और कर्मचारी हैं जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार और एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं और फिर भी वे सेवा में बने हुए हैं। इनमें से कुछ पर वर्ष 2019 से केस दर्ज हैं लेकिन अब तक उन्हें निलंबित करने पर भी विचार नहीं हुआ। एक क्लर्क को तो एनडीपीएस एक्ट में दोषी करार दिया जा चुका है। बावजूद इसके उसे दोबारा बहाल कर विभाग में नियुक्त कर दिया गया। वह स्वास्थ्य निदेशक के कार्यालय में काम कर रहा है। हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक यह जानकारी पेश करें कि कितने ऐसे अधिकारी और कर्मचारी अब भी सेवा में हैं। उनके खिलाफ कौन कौन से मामले दर्ज हैं और किसकी सिफारिश पर वे नौकरी में बने हुए हैं।

फील्ड ड्यूटी पर खास इंतजाम: प्रगणकों को पहले प्याज और टॉवेल, बाद में नींबू शरबत का इंतजार

गरियाबंद. 43 डिग्री तापमान में फील्ड प्रैक्टिकल पर निकलने से पहले प्रगणकों को लू से बचाने तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने प्याज और टॉवेल भेंट किए. वहीं लौटने पर डिहाइड्रेशन से बचाने नींबू शरबत की भी व्यवस्था की गई. तहसीलदार ने कहा कि बोले यह अभियान जितना महत्वपूर्ण उससे जुड़े एक एक कर्मी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. जनगणना 2027 से पूर्व 1 मई से 30 मई तक होने वाले मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता लाने प्रगणकों को आज देवभोग तहसील में दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल को कराया गया. घोघर और लाटापारा ग्राम में 50-50 प्रगणक इस अभ्यास के लिए पहुंचे थे. गांव में जाने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने अपने टीम में शामिल जनगणना प्रभारी विजय कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुशील अवस्थी, गिरीश चंद्र बेहेरा के साथ मिलकर लाटापारा में प्रगणकों को सफेद टॉवेल और प्याज भेंट किया. निकलने से पहले नाश्ता और लौटने पर निबू शरबत भी पिलाया ताकि कोई भी प्रगणक डिहाइड्रेशन का शिकार न हो. इस नवाचार के जरिए जनगणना अभियान के जिम्मेदार अफसर ने स्वास्थ्य का ख्याल रख प्रगणकों का दिल जीत लिया. इंतजमात देख प्रगणकों के चेहरे खिल गए. प्रगणकों ने इस व्यवस्था के लिए अभियान प्रमुख के प्रति कृतज्ञता जाहिर किया और फील्ड में दोगुने उत्साह के साथ काम करते नजर आए. तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि अभियान के साथ-साथ इससे जुड़े प्रत्येक कर्मी महत्वपूर्ण हैं. 43 डिग्री से ज्यादा तापमान में प्रगणकों को गणना का अभ्यास करना था. तपती दोपहरी में काम के दौरान सेहत न बिगड़े इसका ख्याल हमें रखना है. इसके लिए हमने छोटा सा प्रयास किया है. मई महीने भर चलने वाले इस अभियान में भी पूरी तैयारी के साथ प्रगणकों को मैदान में उतारा जाएगा. पूरे अभियान में मिलेंगे अतरिक्त 25 हजार, एंड्रॉयड 12 वर्जन जरूरी तय गाइडलाइन के मुताबिक, प्रगणकों को पूरे अभियान के लिए 25 हजार का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा ट्रेनिंग अवधि का भी प्रतिदिन 400 रूपये का भुगतान होगा. प्रत्येक प्रगणकों को मोबाइल के जरिए पेपर लेस वर्क करना है. जिसके लिए एंड्रॉयड 12 वर्जन की अनिवार्यता किया गया है. ग्रामीण अंचल में सेवा देने वाले कई प्रगणकों के पास यह वर्जन उपलब्ध नहीं था, ऐसे में उन्हें नए वर्जन का मोबाइल खरीदी करना पड़ रहा है. जारी आदेश के मुताबिक नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रगणकों को 1 हजार जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल कारावास सजा का भी प्रावधान किया गया है.

जशपुर पहुंचे CM साय, आज रात बगिया में ठहरेंगे; दौरे को लेकर बढ़ी हलचल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर दौरे पर रहेंगे. निर्धारित समय के मुताबिक, सीएम दोपहर 12 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और स्टेट प्लेन से जशपुर के लिए रवाना होंगे. दोपहर 1 बजे जशपुर के आगडीह एयर स्ट्रीप में लैंड करेंगे. दोपहर 1:30 करमगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे एक निजी कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद करीब 3 बजे ग्राम ढ़ोढ़ीबाहर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. शाम 6 बजे ग्राम बंदरचुआ में एक शोक कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद बन्दरचूआ से अपने निजी निवास बगिया के लिए होंगे रवाना। आज रात सीएम जशपुर में ही विश्राम करेंगे. नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक का दूसरा दिन प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की उपमुख्यमंत्री अरुण साव समीक्षा कर रहे हैं. आज बैठक का दूसरा दिन है. आज राजधानी में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव मैराथन बैठकें करेंगे. इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की  प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की लेंगे जानकारी। मानसून से पहले निकायों में तैयारी को लेकर समीक्षा की जाएगी. 

शेयर बाजार में तेज उछाल, अमेरिका से आई खबर ने किया असर, वॉर का डर खत्म

मुंबई  मंगलवार को शेयर बाजार (Stock Market) में मंगल ही मंगल नजर आ रहा है. ओपनिंग के साथ ही मार्केट के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां खुलते ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी जोरदार तेजी पकड़े हुए नजर आया. मिडिल ईस्ट में टेंशन फिर से बढ़ने के बाद भी बाजार बमबम है और इसके पीछे भारत-अमेरिका में ट्रेड डील को लेकर आया बड़ा अपडेट माना जा सकता है, जिससे US-Iran War का खौफ धुआं-धुआं हो गया है. शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Adani Ports से लेकर IndiGo तक के शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी उछाल  बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स मंगलवार को अपने पिछले कारोबारी बंद 78,520 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ ओपन हुआ और 78,617 पर खुला. इसके बाद कुछ ही मिनट के कारोबार के दौरान Sensex 79 हजार का आंकड़ा पार कर गया और 500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 79,032 पर ट्रेड करता दिखा।  दूसरी ओर एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखाई दिया है. अपने पिछले बंद 24,364 की तुलना में इसकी ओपनिंग भी तेजी के साथ 24,374 पर हुई और फिर करीब 150 अंक की तगड़ी उछाल के साथ ही Nifty भी 24,500 का आंकड़ा पार कर गया।  शेयर बाजार में ये रैली ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी चरम पर है और दूसरे दौर की शांति वार्ता पर भी संकट मंडरा रहा है।  इस रैली की ये बड़ी वजह  बात करें, शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे के बड़े कारण के बारे में, तो अमेरिका से आई एक खबर को माना जा सकता है. दरअसल, India-US Trade Deal का नया दौर शुरू हो रहा है. 20 अप्रैल से शुरू हुई चर्चा के तहत बड़े बदलाव की उम्‍मीद जताई जा रही है।  खासकर टैरिफ को लेकर फिर से बातचीत हो सकती है, क्‍योंकि अमेरिका कोर्ट ने टैरिफ को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था. इस चर्चा में मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के लीडरशिप में करीब एक दर्जन भारतीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों तक अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है, जिसका असर भी बाजार पर दिखा है।  इन शेयरों में दिखी तेजी  शेयर मार्केट में तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल AsianPaints Share (2%), Axis Bank Share (2%), Adani Ports Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल AU Bank Share (4%), Godrej Properties Share (2.50%), Phoenix Share (2.10%), Voltas Share (1.70%) की तेजी में दिखे. Paytm, Dixon, Zentech, Suzlon जैसे शेयर भी तेजी में कारोबार करते हुए नजर आए। 

सीएम योगी बोले- नौजवान परेशान, किसान हताश, लेकिन टीएमसी तुष्टिकरण में व्यस्त

सीएम योगी की पहली जनसभा नौजवान परेशान, किसान हताश और उद्योग-धंधे चौपट, लेकिन टीएमसी सिर्फ तुष्टिकरण में लगी: सीएम योगी सैंड-कोल-लैंड-कैटल माफिया चूस रहे बंगाल, पर ममता दीदी को सिर्फ जय श्रीराम के नारे से चिढ़: मुख्यमंत्री पिंगला की माटी पर गरजे ‘सनातन के ध्वजवाहक’, भाजपा प्रत्याशियों स्वागता मन्ना व सुवेंदु सामंत को जिताने की अपील पश्चिम मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिलचिलाती धूप में सोमवार को भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। पिंगला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में जनजातीय समुदाय के लोगों समेत सभी का अभिवादन करने के बाद सीएम योगी ने कहा कि बंगाल में नौजवान परेशान, किसान हताश और उद्योग धंधे चौपट हैं,  लेकिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार सिर्फ तुष्टिकरण में लगी है। सैंड, कोल, लैंड व कैटल माफिया बंगाल को चूस रहे हैं, लेकिन ममता दीदी को सिर्फ जय श्रीराम के नारे से चिढ़ है। वह दुर्गा पूजा नहीं करने देतीं, मूर्ति विसर्जन जुलूस को प्रतिबंधित करती हैं। यहां उत्सव से पहले उपद्रव और शोभायात्रा पर पथराव होता है। सीएम ने 2017 के पहले यूपी की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि तब जय श्रीराम कहने पर लाठी-गोली चलती थी,  लेकिन अब रामभक्तों का अभिनंदन होता है। यूपी में अब ‘नो कर्फ्यू-नो दंगा’ है। यूपी माफिया व गुंडा मुक्त है। माफिया की हड्डी-पसली तोड़ने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल होता है।  भगवा माटी पर बोले सीएम- इंडी गठबंधन ने एससी-एसटी के बारे में कभी नहीं सोचा  सीएम योगी ने कहा कि पिंगला का अर्थ है- गेरुआ। यहां की माटी भगवा होने के कारण पिंगला विधानसभा क्षेत्र आध्यात्मिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। बंगाल के किसानों के परिश्रम से यहां की माटी ने सोना उगला है। यह भूमि अपनी उर्वरता से देश का पेट भर रही है। यहां की परंपरा ने भारत की जनजातीय संस्कृति को नई ऊंचाई दी है। पहली बार एक जनजाति की महिला को राष्ट्रपति पद पर बैठने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। कांग्रेस, तृणमूल समेत इंडी गठबंधन ने 60 वर्ष से अधिक तक शासन किया, लेकिन अनुसूचित जाति-जनजाति की उन्नति को लेकर कभी नहीं सोचा। यह लोग बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान करते हैं। बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर उनका अपमान करते हैं। भारत की जनता यह स्वीकार नहीं करेगी।  भ्रष्टाचार व कदाचार में लिप्त सरकार को नहीं स्वीकार करेगी जनता सीएम ने कहा कि इन लोगों का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति जो व्यवहार था, संसद सत्र के दौरान वही व्यवहार तृणमूल, कांग्रेस, डीएमके व सपा का रहा। पीएम मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 में लागू करना चाहते थे, लेकिन इन दलों ने संशोधन को पारित नहीं होने दिया। आधी आबादी, नौजवानों, किसानों, गरीबों का अपमान इनकी फितरत बन चुका है। जनता भ्रष्टाचार व कदाचार में लिप्त ऐसी सरकार को कतई स्वीकार नहीं करेगी।  बंगाल अब तृणमूल की अराजकता से होगा मुक्त  मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरकपुर से निकली चिंगारी ने प्रथम स्वातंत्र्य समर की लौ जलाई थी। राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान इसी धरा से रचे गए। सीएम ने गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आदि राष्ट्रनायकों का नाम लेकर कहा कि बंगाल की धरा ने देश को नेतृत्व दिया, यह आध्यात्मिक भूमि अब तृणमूल की अराजकता से मुक्त होनी चाहिए। बंगाल के लाल नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अपमान कांग्रेस ने किया। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि उन्हें सम्मान मिले। जीतने के बाद भी उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया गया। स्वर्णभूमि बंगाल को कांग्रेस, वामपंथियों और टीएमसी ने बनाया कंगाल  पिंगला से भाजपा प्रत्याशी स्वागता मन्ना व केशपुर से सुवेंदु सामंत के लिए वोट मांगते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल कभी भारत की स्वर्णभूमि कहा जाता था। यह उर्वर धरती है, यहां सब सामर्थ्य था। उद्योग-धंधे थे, प्रतिभाशाली नौजवान, किसानों का परिश्रम, कला-संस्कृति में महिलाओं का नेतृत्व था, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों व टीएमसी ने बंगाल को कंगाल कर दिया। अब बंगाल बेहाल है। 15 वर्ष में 7000 से अधिक बड़े उद्योग, 18000 से अधिक एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं। 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हो गए। आलू, धान, मछली उत्पादन में लगातार गिरावट है। किसानों को उपज का दाम नहीं मिल रहा। अत्याचारियों का उपचार केवल भाजपा सरकार सीएम ने कहा कि 2017 से पहले यूपी की यही हालत थी। किसान, नौजवान सब हताश थे। बहन-बेटी असुरक्षित थीं। त्योहारों से पहले उपद्रव होते थे, जयश्री राम बोलने पर लाठी-गोली चलती थी। लेकिन, 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में अब सड़क पर नमाज नहीं होती। अब वहां जनजातीय समुदाय के लोगों के पास आवास, जमीन है। वनवासी, अनुसूचित जाति व गरीबों को बिना भेदभाव राशन, आवास, जमीन, पेंशन के अलावा उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त हो रही है। यूपी में जाति, पंथ, संप्रदाय, भाषा का भेदभाव नहीं है। यूपी में आइए और ‘सबका साथ-सबका विकास’ का मॉडल देखिए। दंगा, गोकशी करने वाले, वनवासी व जनजातियों की संपत्तियों को हड़पने और अनुसूचित जाति पर अत्याचार करने वाले गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार है।  तुष्टिकरण के कारण गोहत्या, तस्करी व माफिया पर लगाम नहीं कस सकती टीएमसी  सीएम योगी ने कहा कि टीएमसी सरकार बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग की कार्रवाई रोक रही है, लेकिन तुष्टिकरण के कारण गोहत्या, तस्करी, माफिया पर लगाम नहीं कस सकती। 2022 में टीएमसी के गुडों ने जनजातीय समुदाय पर अत्याचार किए थे। 15 साल से ममता दीदी के नेतृत्व में बंगाल की धरती पर अराजकता, गुंडागर्दी, माफियागिरी है। डबल इंजन सरकार बंगाल की धऱती पर गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देगी।