samacharsecretary.com

हाईकोर्ट का कड़ा रुख: दिव्यांग बच्चों को स्कूल से निकालने पर चीफ जस्टिस ने DEO से रिपोर्ट मांगी

जबलपुर जबलपुर के जबलपुर में दिव्यांग बच्चों को स्कूल से बाहर किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव न सिर्फ गलत है, बल्कि किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। मामला शहर के विजडम वैली स्कूल और जीडी गोयनका स्कूल से जुड़ा है। इन पर आरोप है कि स्पेशल (दिव्यांग) बच्चों को स्कूल से बाहर किया जा रहा था। शिकायत सामने आने के बाद इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर की गई। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच ने तत्काल प्रभाव से दिव्यांग बच्चों को निकाले जाने पर रोक लगा दी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को आदेश दिया कि जबलपुर के सभी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष बच्चों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल तय की गई है। कानून होने के बावजूद जमीनी हकीकत कमजोर याचिकाकर्ता सौरभ सुबैया की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि जबलपुर में करीब 50 सरकारी और 200 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में दिव्यांग छात्र पढ़ते हैं। इनमें कई बच्चे ऐसे हैं जो न बोल सकते हैं और न ही सुन सकते हैं। ‘स्पेशल एजुकेटर’ नहीं, कानूनों का पालन अधूरा याचिका में यह भी बताया गया कि स्कूलों में आज भी विशेष शिक्षक नियुक्त नहीं हैं। जबकि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत यह अनिवार्य है। इन कानूनों का पालन न होना पूरी तरह अवैधानिक है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवेंद्र पाण्डेय ने कोर्ट को बताया कि निजी स्कूलों द्वारा स्पेशल बच्चों को बाहर करना सीधे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया। समावेशी शिक्षा पर बड़ा संदेश याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट का यह अंतरिम आदेश कई मायनों में अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समावेशी शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि निजी स्कूलों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। साथ ही दिव्यांग बच्चों के अधिकारों की न्यायिक सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।  

बोरवेल से बचा ‘प्रिंस’ अब जवान: पोलो मैच देखने पहुंचा, सांसद नवीन जिंदल ने साझा किया वीडियो

कुरुक्षेत्र. सांसद नवीन जिंदल के सांवला फार्म हाउस पर रविवार को कुरुक्षेत्र-कैथल की टीमों के बीच पोलो मैच खेला गया। इस मैच से पहले सांसद ने एक वीडियाे बनाई और उसे अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया। इस वीडियो में सांसद प्रिंस से परिचय करा रहे हैं। प्रिंस जो हल्देहेड़ी गांव का रहने वाला है और वर्ष 2006 में चार साल की उम्र में 50 फुट गहरे बोलवेल में गिर गया था। सांसद वीडियो में बता रहे हैं कि 20 साल पहले प्रिंस नाम का छोटा बच्चा बोरवेल में गिर गया था, जिसे तीन दिन के सेना के अथक प्रयासों से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। वे आगे बता रहे हैं कि प्रिंस अब आईटीआई करके अप्रेंटिस कर रहा है। वे उसकी मसल्स भी दिखाते हैं और युवाओं को संदेश देते हैं कि नशे से दूर रहें तो प्रिंस जैसी मसल्स हासिल कर सकते हैं। फिर प्रिंस से बात करते हैं कि जब वह बोरवेल के अंदर था तो पूरा देश उसके लिए चिंतित था और दुआ कर रहा था तुम ठीक-ठाक बाहर निकल आओ। साथ ही कहते हैं कि हमने बिस्कुट भी भिजवाए थे और कुछ खाने-पीने का सामान भिजवाया था। फिर प्रिंस बीच में बोलता है कि चाकलेट भी भिजवाई थी। वीडियो में सांसद के पूछने पर प्रिंस ने बताया कि वह अंबाला से आईटीआई करके अब अप्रेंटिस कर रहा है। वह पोलो मैच पहली बार देखेगा। 3 मिनट 7 सेकंड की वीडियो में सांसद कहते हैं – उस समय छोटा था और कमजोर था और हमने गोदी में भी लिया था। युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया संदेश दरअसल सांसद नवीन जिंदल इस वीडियो के जरिए वह युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना चाहते थे और पोलो मैच खेलने का भी उनका यही उद्देश्य था कि युवा खेलों को अपनाएं ताकि वे नशे से दूर रहें और खेलों में अपना भविष्य बना सकें। वीडियो के अंत में सांसद पोलो मैच के बारे में बताते हुए कहते हैं कि कुरुक्षेत्र की धरती पर आज पोलो की छोटी सी महाभारत होगी। 21 जुलाई 2006 में कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद कस्बे के गांव हल्देहेड़ी में रहने वाला चार वर्ष का प्रिंस खेलते-खेलते 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसी दिन उसका 5वां जन्मदिन भी था। तीन दिन तक दिन-रात चले अभियान में सेना ने बोरवेल के साथ सुरंग बनाकर 23 जुलाई को प्रिंस को सुरक्षित निकाल लिया था। ""हरियाणा के कुरुक्षेत्र के हल्दाहेड़ी गांव में प्रिंस नाम का 5 वर्षीय बच्चा 21 जुलाई 2006 को खेलते समय 50-60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। 50 घंटे से अधिक चले भारतीय सेना के व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे 23 जुलाई 2006 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिसे देश में काफी…"" – Anku Chahar (@anku_chahar) April 19, 2026 

500+ मिलियन व्यूज के साथ यूट्यूब डेली चार्ट्स में धमाल मचाने वाले धुरंधर के गाने के टॉप 7 वीडियोज

मुंबई  पुराने जमाने में लोग चित्रहार और रंगोली में गानों का मजा लेते थे। आजकल म्यूजिक वीडियोज देखने और डांस सीखने का बेहतरीन तरीका है। यूट्यूब चार्ट्स रैंकिंग में हम आपको डेली वीडियो रैंकिंग, वीकली टॉप गाने, सबसे ज्यादा व्यूज पाने वाले आर्टिस्ट से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स देंगे। आप यहां जान सकते हैं कि यूट्यूब पर लोग डेली कौन से गाने ज्यादा सुन रहे हैं। आज की लिस्ट में 19 अप्रैल 2026 के म्यूजिक वीडियोज की रैंकिंग है। हमने टॉप 7 गाने लिए हैं। इसमें धुरंधर का दबदबा दिख रहा है। चेक करें लिस्ट… शरारत धुरंधर के दोनों पार्ट्स के गानों में सबसे ज्यादा शरारत गाना देखा जा रहा है। चार्ट में यह गाना 132 दिनों से है। डेली चार्ट्स में यह नंबर 1 है। गाने को यूट्यूब से 500 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। गाने को मधुबंती बागची और जैस्मिन सैंडलस ने गाया है। इससे पहले भी इसकी रैंक 1 थी। बैरण हरियाणी गाना बैरण काफी समय से लोगों की पसंद बना हुआ है। यह गाना 3 से दो नंबर पर आया है। चार्ट में आए हुए इसे 46 दिन हुए हैं। गाने को बंजारे ऐंड बंजारे ने लिखा है। वीडियो को 102 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। जाइए सजना धुरंधर द रिवेंज का गाना जाइए सजना 2 नंबर से 3 पर आ गया है। यह गाना 22 हफ्तों से चार्ट में हैं। गाने को जैस्मिन सैंडलस और सतिंदर सरताज ने गाया है। म्यूजिक शाश्वत सचदेव का है। लिरिक्स भी सतिंदर सरताज, जैस्मिन सैंडलस की है। मुट्टा कलक्की यूथ फिल्म का गाना मुट्टा कलक्की चार्ट की चौथी पोजिशन पर है। यह तमिल भाषा का गाना है। सोशल मीडिया पर इसकी रील्स वायरल हैं तो यूट्यूब पर भी इसे खूब देखा जा रहा है। चार्ट में आए इसको 64 वीक्स हो चुके हैं। इसके म्यूजिक वीडियो को यूट्यूब पर 118 मिलियन के करीब व्यूज मिल चुके हैं। पवजा मल्ली चार्ट में पांचवें नंबर पर पवजा मल्ली गाना है। यह तमिल ट्रेंडिंग सॉन्ग है। सिंगर कमल हासन की बेटी श्रुति हासन और उनके साथ साई अभ्यंकर की आवाज है। लिरिक्स विवेक की हैं। गाना 45 हफ्तों से चार्ट में है। शीशा हरियाणवी गाने शीशा पर खूब रील्स बन रही हैं। इसका म्यूजिक वीडियो डेली ट्रेंडिंग लिस्ट में छठवें नंबर पर है। मित्ता रोर और स्वरा वर्मा का ये गाना 32 हफ्तों से चार्ट में है। बैरी हरियाणवी गाना लोफी 9 से 7 पर आ गया है। यह 58 हफ्तों से चार्ट्स में है। गाने को 81 मिलियन से ज्याद व्यूज मिल चुके हैं। सिंगर प्रदीप सोलंकी और हिना हैं। लिरिक्स रवि सुखचैनपुरिया की हैं।

ईंधन सप्लाई पर बड़ा प्लान: CM साय और IOCL CGM के बीच अहम बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की. मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था और जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री से गत दिवसमुख्यमंत्री निवास में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर अनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

124 साल में कई बार हुआ भोजशाला का सर्वे, हर बार मिलीं मूर्तियां-श्लोक, MP HC में अब होगी सुनवाई

धार   धार भोजशाला परिसर को लेकर हाईकोर्ट की युगलपीठ में पहले धार के हस्तक्षेपकर्ताओं की बहस पूरी हुई। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सर्वे पर बात रखी। बताया, हाईकोर्ट ने 2024 में सर्वे आदेश दिए। इससे पहले 1902 के बाद से ही कई बार सर्वे हो चुका है। अन्य शोधकर्ताओं ने भी सर्वे किया। हर सर्वे में मूर्तियां और श्लोक मिले। यह कई रिपोर्ट में है। मुस्लिम पक्ष ने पेश किए मस्जिद के सबूत उधर, धार के जिब्रान अंसारी, फिरोज, अयाज की हस्तक्षेप याचिका पर वकील सैयद अशहार अली वारसी ने बात रखी। कहा, मंदिर (Bhojshala) के लिए जरूरी है शिखर, गोपुरम, मंडप, गर्भगृह, जो इस निर्माण में नहीं हैं। मस्जिद (Bhojshala) के लिए जरूरी किबला, जिसकी दीवार मक्का की ओर हो, वो यहां है। 1908 में ही पुरातत्व इमारत घोषित सुनील जैन ने बताया, इसे 1908 में पुरातत्व महत्व (Bhojshala) की इमारतों में, तो 1958 में संरक्षित इमारतों में शामिल किया गया। इसी दौरान कोर्ट ने इसे भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद का नाम किस दस्तावेज में आया, उस पर जारी नोटिफिकेशन पर सवाल खड़ा किया था। भोजशाला में 100 साल से अधिक पुराने सर्वे और संस्कृत अवशेष मिले – एएसआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन ने बताया कि भोजशाला का अध्ययन आज का नहीं है, बल्कि पिछले 100 से अधिक वर्षों से इसका लगातार सर्वे और शोध होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1902-03 में भी यहां विस्तृत सर्वे किया गया था, जिसमें कई ऐतिहासिक अवशेषों का रिकॉर्ड तैयार किया गया था। एएसआई ने यह भी बताया कि समय-समय पर हुए विभिन्न सर्वे में भोजशाला से मूर्तियां और पत्थरों पर संस्कृत में लिखे श्लोक मिले हैं। इन अवशेषों से यह संकेत मिलता है कि यह स्थान प्राचीन भारतीय शिक्षा और संस्कृति से जुड़ा रहा है। 2024 सर्वे रिपोर्ट और ऐतिहासिक दर्जे पर एएसआई का पक्ष – कोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2024 में हाई कोर्ट के आदेश के बाद एएसआई ने आधुनिक तकनीकों की मदद से एक नया और विस्तृत सर्वे किया। इसकी रिपोर्ट पहले ही अदालत में जमा की जा चुकी है। इस रिपोर्ट में भी पहले जैसे ही तथ्य सामने आए हैं, जैसे संस्कृत श्लोक और प्राचीन मूर्तियां। एएसआई ने बताया कि भोजशाला को वर्ष 1908 में ही पुरातत्व महत्व की सूची में शामिल किया गया था और बाद में 1958 में इसे संरक्षित भवन घोषित किया गया। इससे यह साफ होता है कि सरकार भी इसके ऐतिहासिक महत्व को मानती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि “भोजशाला” और “कमाल मौला मस्जिद” नाम सबसे पहले किस दस्तावेज में दर्ज हुए और क्या इस पर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हुआ था। इस पर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दलीलें दी गईं। अब इस मामले में मंगलवार को एएसआई अपने 98 दिन चले हालिया सर्वे की पूरी रिपोर्ट पर विस्तार से तर्क रखेगा। इसके बाद मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद अपना पक्ष अदालत में प्रस्तुत करेंगे। कई बार हो चुका है भोजशाला का सर्वे बता दें कि ऐतिहासिक धार भोजशाला (Bhojshala) का मुख्य और नवीनतम वैज्ञानिक सर्वे 22 मार्च 2024 से शुरू किया गया था। जो 98 दिन तक चला। इस सर्वे की रिपोर्ट 15 जुलाई 202 को AsI ने एमपी हाईकोर्ट (इंदौर) में पेश की थी। जबकि इससे पहले 1902 में भी भोजशाला का सर्वे किया गया था। इस सर्वे के अलावा 7 अप्रैल 2003 को भी एक व्यवस्था के तहत जांच की गई थी। बताते चलें कि ASI ने जीपीआर और जीपीएस के साथ ही कार्बन डेंटिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसका सर्वे किया है। सर्वे का उद्देश्य पता लगाना है कि यह मंदिर है या मस्जिद सर्वे का उद्देश्य यह पता लगाना था कि धार भोजशाला (Bhojshala) स्थल एक सरस्वती मंदिर है या फिर कमाल मौला की मस्जिद। हिंदु इसे मंदिर का नाम देते हैं और मुस्लिम मस्जिद का। इसके अलावा जैन समाज भी अपनी याचिका दर्ज कर भोजशाला का तीसरा दावेदार बन चुका है। मामला हाईकोर्ट में है, जिसकी दोबारा सुनवाई शुरू हुई है। इस कड़ी में आज फिर सुनवाई होनी है।

महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया गया, तो सपा-कांग्रेस को 2027 में कोई वोट नहीं मिलेगा: केशव प्रसाद मौर्य

एंटी-वुमेन एलाइंस साबित हुआ इंडी एलाइंस सड़क पर निकलकर सपा व कांग्रेस का बैंड बजा रही हैं उत्तर प्रदेश की आक्रोशित बहनें: बृजेश पाठक महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया गया, तो सपा-कांग्रेस को 2027 में कोई वोट नहीं मिलेगा: केशव प्रसाद मौर्य नारी अधिकारों का हनन करने के बाद खुशियां मनाना दर्शाता है कांग्रेस व सपा की मानसिकता: अरुण सिंह विपक्ष मोदी-विरोध में इतना अंधा हो गया कि हर अच्छी पहल का विरोध कर रहा है: पंकज चौधरी लखनऊ  नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के षड्यंत्र के विरोध में मंगलवार को लखनऊ में ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक व केशव प्रसाद मौर्य, पंचायती राज्यमंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्यसभा सांसद अरुण सिंह और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी समेत हजारों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभी ने एक सुर में कहा कि 17 अप्रैल को संसद में यह बिल पास होने वाला था, लेकिन कांग्रेस और सपा ने न सिर्फ इसका विरोध किया, बल्कि मतदान में इसे गिराने के बाद तालियां बजाकर खुशी मनाई। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों का हनन बताया और कहा कि 2027 के चुनाव में इन दलों को महिला आक्रोश का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने तो यहां तक कहा कि इंडी एलाइंस अब एंटी-वुमेन एलाइंस साबित हो चुका है। बिल के विरोध का खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ेगा उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश की महिला शक्ति सड़कों पर है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की दुरभि संधि और संकीर्ण मानसिकता के कारण नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में रोकने का काम किया गया है। आज उत्तर प्रदेश की आक्रोशित बहनें सड़क पर निकलकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का बैंड बजाने का काम कर रही हैं। इन पार्टियों को आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार जब-जब प्रदेश में होती है, गुंडे-बदमाश खुलेआम बहन-बेटियों को परेशान करने का काम करते हैं। इसीलिए नारे लगते हैं, 'देख सपाई-बिटिया घबराई'। वक्त है कि सब एकजुट होकर सपा व कांग्रेस को महिला शक्ति का अहसास कराएं। मां दुर्गा, मां काली, मां सरस्वती बनकर विपक्षियों को सबक सिखाएं। महिलाओं को आरक्षण दिलाकर रहेंगे: केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ होना है। 2027 में बिना महिलाओं के कोई चुनाव जीत सकता है क्या? अगर महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया गया, तो सपा-कांग्रेस को आने वाले चुनाव में कोई वोट नहीं मिलेगा। इसके लिए तैयार हो जाइए। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा है कि हम हिम्मत नहीं हारेंगे। हम महिलाओं को आरक्षण दिलाकर रहेंगे। इसी संकल्प के साथ हमें यहां से जन आक्रोश मार्च निकालना है। सपा व कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगे राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि 17 अप्रैल के दिन देशभर की महिलाओं के मन में एक आकांक्षा थी कि आज जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निर्णय होगा, तो वह हमारे पक्ष में होगा। वे उत्सव मनाएंगी, खुशियां मनाएंगी और यह दिन देश के इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। लेकिन कांग्रेस व सपा ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन का विरोध किया और उसके विरुद्ध मतदान किया। उन्होंने सिर्फ विरोध ही नहीं किया, बल्कि नारी अधिकारों का हनन करने के बाद तालियां भी बजाईं और खुशियां भी जाहिर कीं। यह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। उसी के कारण पूरे देश में जन आक्रोश है। इसीलिए इतनी बड़ी संख्या में आप लोग यहां एकत्र हुए हैं, यह बताने के लिए कि सपा व कांग्रेस को हम कभी माफ नहीं करेंगे। 80 प्रतिशत बहुसंख्यक महिलाओं के हितों को ठेस पहुंचाई पंकज चौधरी ने कहा कि नारी का उत्थान व सम्मान, भाजपा की यही पहचान है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी सशक्तीकरण के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य देश की माताओं और बहनों को नेतृत्व का अधिकार देना था। ताकि लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ सकें और नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके बावजूद सपा और कांग्रेस सहित विपक्ष ने इसमें बाधा डाली। कुछ लोगों ने कहा कि इससे उत्तर और दक्षिण भारत में भेद पैदा हो जाएगा। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मुस्लिम महिलाओं का आरक्षण भी होना चाहिए। हमारे नेताओं ने सदन में इन सभी आपत्तियों का विस्तार से जवाब दिया। विपक्षी दल जहां एक तरफ महिलाओं का सम्मान और सशक्तीकरण की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ नकाब और वोट बैंक के चक्कर में उन्होंने 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक महिलाओं के नाम पर 80 प्रतिशत बहुसंख्यक महिलाओं के हितों को ठेस पहुंचाने का काम किया है।

‘कैसा हराया’ मुंब्रा की पार्षद सहर युनूस शेख ने फेक OBC सर्टिफिकेट के आरोपों पर दी स्पष्टीकरण

  मुंबई 'कैसे हराया… उन लोगों के घमंड की धज्जियां उड़ा दीं…'जीत के बाद इसी तेवर वाले भाषण और 'मुंबई को हरे रंग में रंग देने' की बात कहकर चर्चा में आईं AIMIM की युवा नेता सहर शेख अब एक नए विवाद में हैं. ठाणे महानगर पालिका के वार्ड नंबर 30 से पार्षद चुनी गईं सहर शेख पर चुनाव के दौरान फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगा है. लगातार बढ़ते विवाद के बीच सहर शेख ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने साफ कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।  सहर शेख ने कहा कि पिछले 5-6 दिनों में जिस तरह से खबरें चल रही हैं, उसने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर झकझोर दिया. उन्होंने कहा कि मुझे फरार बताया गया, नॉट रीचेबल कहा गया, जबकि मैं लगातार ग्राउंड पर काम कर रही थी. जब आप लोगों के बीच रहकर काम कर रहे हों और उसी समय आपके बारे में झूठ फैलाया जाए, तो यह हैरान करने वाला होता है. उनका कहना है कि शुरुआत में उन्होंने जानबूझकर मीडिया से दूरी बनाई ताकि वे पहले कानूनी प्रक्रिया को समझ सकें और उसी के तहत जवाब दें।  हम संविधान और कानून पर भरोसा रखते हैं सहर शेख ने कहा कि वे इस पूरे मामले को कानूनी तरीके से लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि हम संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं. हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है, इसलिए हमने पहले कानूनी प्रक्रिया को समय दिया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वे हर आरोप का जवाब कोर्ट में देंगी और जिन लोगों ने उन पर आरोप लगाए हैं, उन्हें कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी. उनका कहना है कि उनके खिलाफ जानबूझकर गलत तस्वीरें और बैनर चलाए गए, जो एक राजनीतिक अभियान का हिस्सा थे. उन्होंने कहा कि जिन्होंने मेरी छवि खराब करने की कोशिश की है, उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया है. जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें कोर्ट में जवाब देना होगा।  तहसीलदार ने लगाई रिपोर्ट  ठाणे तहसीलदार कार्यालय ने सहर शेख के पिता यूनुस इकबाल शेख के खिलाफ कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाणपत्र का उपयोग करने और उसी के आधार पर अपनी बेटी के लिए जाति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी. यह सिफारिश तहसीलदार उमेश पाटिल द्वारा की गई जांच के बाद आई है, जो एनसीपी के प्रत्याशी सिद्दीकी फरहा शबाब अहमद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर की गई थी, जिसमें सहर के जाति प्रमाणपत्र की वैधता को चुनौती दी गई थी. 25 मार्च को एसडीओ को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि यूनुस शेख ने राज्य चुनाव आयोग सहित चार सरकारी एजेंसियों को गुमराह किया।  रिपोर्ट में कहा गया है कि उनका वर्ष 2011 का ओबीसी प्रमाणपत्र आधिकारिक प्रारूप के अनुरूप नहीं था, उस पर एसडीओ के अनिवार्य हस्ताक्षर नहीं थे और उसके शीर्षक में स्टेट ऑफ महाराष्ट्र भी नहीं लिखा था. जांच में यह भी पाया गया कि शेख के पिता और चाचा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के निवासी थे. महाराष्ट्र जाति प्रमाणपत्र अधिनियम, 2000 के तहत, प्रवासियों को फॉर्म-10 के तहत प्रमाणपत्र प्राप्त करना होता है. आरोप है कि शेख ने दस्तावेजों में हेरफेर कर फॉर्म-8 के तहत प्रमाणपत्र हासिल किया, जो मूल निवासियों के लिए निर्धारित है।  रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपने प्रथम दृष्टया फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर वर्ष 2018 में सहर शेख के लिए भी जाति प्रमाणपत्र प्राप्त किया. हालांकि परिवार ठाणे में रहता था, लेकिन सहर का प्रमाणपत्र मुंबई सिटी कलेक्टर कार्यालय से जारी कराया गया. तहसीलदार ने ऐसे सभी प्रमाणपत्रों को तत्काल रद्द करने और यूनुस शेख के खिलाफ धोखाधड़ी एवं जालसाजी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।  हरे रंग वाले बयान पर भी दी थी सफाई इस विवाद से पहले चर्चा उनके उस बयान की भी हुई थी, जिसमें उन्होंने मुंब्रा को “हरे रंग में रंगने” की बात कही थी. इस बयान को लेकर उन्हें घेरने की कोशिश की थी. इस पर सहर शेख ने कहा था कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया. मैंने ‘हरा रंग’ इसलिए कहा क्योंकि वह मेरी पार्टी का रंग है. अगर पार्टी का झंडा किसी और रंग का होता, तो मैं वही कहती. इसे धार्मिक रंग देना गलत है. उन्होंने यह भी कहा था कि संविधान किसी रंग को किसी धर्म से नहीं जोड़ता और सभी रंग सबके हैं।  हार बर्दाश्त नहीं कर पा रहे विरोधी सहर शेख ने अपने विरोधियों पर आरोप लगाया था कि वे चुनाव में मिली हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे. उस समय उन्होंने कहा था कि यह पूरा मामला राजनीतिक प्रोपेगेंडा है. कुछ लोग हार को पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। 

सपा सरकार का वादा: अखिलेश यादव ने कहा- 300 यूनिट बिजली फ्री और महिलाओं को 40 हजार पेंशन

 लखनऊ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में बुंदेलखंड और अन्य जिलों से आए कार्यकर्ताओं के बीच भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए उन्होंने सालाना 40 हजार रुपये पेंशन देने का वादा भी किया. अखिलेश यादव ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए स्मार्ट मीटर और बढ़ती महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया, जिससे आम जनता त्रस्त है।  स्मार्ट मीटर और बिजली बिल पर साधा निशाना अखिलेश यादव ने बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है और बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है।  सपा मुखिया ने दावा किया कि बिजली कंपनियों से एडवांस कमीशन लेने के कारण आम लोगों से अधिक वसूली की जा रही है, जिससे जनता में भारी गुस्सा है।  खाद की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रहार पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने खाद की कमी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी उठाया. अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की ताकि 2027 में बदलाव लाया जा सके और समाजवादी नीतियों के जरिए महंगाई व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। 

यूपीनेडा ने लॉन्च किया ‘पीएम सूर्य घर’ पोर्टल, योजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग

यूपीनेडा ने लॉन्च किया ‘पीएम सूर्य घर’ पोर्टल, रियल-टाइम मॉनिटरिंग से तेज होगी योजना की रफ्तार योगी सरकार की पारदर्शी शासन व्यवस्था को नई मजबूती, आवेदन से भुगतान तक हर चरण ऑनलाइन ट्रैक 4.80 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर यूपी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल लखनऊ उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए योगी सरकार लगातार तकनीक का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने सोमवार को ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ की निगरानी के लिए www.pmsgy.upneda.co.in पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आवेदन से भुगतान तक हर चरण पर रियल-टाइम निगरानी नया पोर्टल योजना के सभी प्रमुख चरणों, आवेदन, स्वीकृति, सोलर संयंत्र की स्थापना और भुगतान की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा प्रदान करता है। इससे न केवल अधिकारियों को कार्य प्रगति की सटीक जानकारी मिलेगी, बल्कि लाभार्थियों को भी अपने आवेदन की स्थिति जानने में आसानी होगी। योगी सरकार के ‘डिजिटल गवर्नेंस’ मॉडल के तहत यह पहल सरकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में सहायक होगी। केंद्र सरकार ने भी सराहा यूपी मॉडल गौरतलब है कि मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी (भारत सरकार) ने भी यूपीनेडा द्वारा विकसित इस मॉडल की सराहना की है। मंत्रालय ने केंद्रीय स्तर पर इसी प्रकार का पोर्टल विकसित करने के लिए यूपीनेडा से तकनीकी सहयोग का अनुरोध किया है। इसके लिए निदेशक इंद्रजीत सिंह द्वारा एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो केंद्र सरकार को तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। यह पहल उत्तर प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है। सौर ऊर्जा में यूपी की बड़ी उपलब्धि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में अब तक 4.80 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।सरकार का उद्देश्य ‘हर घर सोलर’ की परिकल्पना को साकार करना है, जिससे आम नागरिकों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सके। इससे बिजली बिल में कमी, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता जैसे कई लाभ सुनिश्चित हो रहे हैं।

Heatwave Alert: पंजाब और हरियाणा में 5 दिन लू का प्रकोप, बठिंडा बना हॉटस्पॉट

चंडीगढ़. अगले चार-पांच दिन लू की लपटें झुलसाएंगी। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज गर्म हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग (आइएमडी) ने बताया कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, गंगा-तटीय बंगाल, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में 25 अप्रैल तक अलग-अलग तारीखों में लू की स्थिति रहेगी। कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। सोमवार को पंजाब में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पटियाला का अधिकतम तापमान 39.8, लुधियाना का 39.4, चंडीगढ़ का 38.1, फरीदकोट का 38, अमृतसर का 37.1 तथा फिरोजपुर का 36.5 सेल्सियस रहा। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं वाराणसी में अधिकतम तापमान 44 डिग्री रहा। कानपुर, गोरखपुर, झांसी, आगरा समेत उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राजस्थान, हरियाणा के कई शहरों में भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहा। पहाड़ भी तप रहे हैं। उत्तराखंड के पंतनगर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री तो देहरादून में 37 डिग्री दर्ज किया गया। कई राज्यों ने मौसम के तेवर से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों ने लू के दौरान दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि इस मौसम में बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं अतिरिक्त सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने कहा कि गंगा-तटीय बंगाल यानी बंगाल के दक्षिण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में 26 अप्रैल तक गर्म और आर्द्र मौसम रहने के आसार हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ में 21 अप्रैल को रात गर्म रहने के आसार हैं।