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नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को गिराने पर विपक्ष के खिलाफ भड़कीं महिलाएं

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक गिराने वाले विपक्ष पर भड़कीं महिलाएं विपक्षी दलों पर महिलाओं का हक छीनने का आरोप लगाया क्या सिर्फ डिम्पल यादव को संसद जाने का हक है: बेबी रानी मौर्य लखनऊ  संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक गिरने के बाद उत्तर देश भर में विरोध देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं भी इसे नारी विरोधी बता रहीं हैं। यह विधेयक लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से जुड़ा था, ऐसे में विपक्ष पर महिलाओं का हक मारने का आरोप लग रहा है। विपक्षी दलों ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक को पारित नहीं होने दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश में राजनीति से लेकर तमाम क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने इसे विपक्ष की चुनावी हार की शुरुआत बताया। भाजपा महिला नेताओं का कहना है कि सपा-कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष केवल अपने घर की महिलाओं को ही लोकसभा और विधानसभा में देखना चाहता है। ये सभी परिवारवाद से ग्रस्त हैं और विपक्ष को आगामी चुनावों में आधी आबादी का हक छीनने का नुकसान उठाना पड़ेगा। महिला नेताओं के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से विपक्ष घबराया हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ही मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी कुप्रथा से आजादी मिली। कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी का महिला विरोधी चेहरा सामने आ गया है। आखिर अखिलेश यादव महिलाओं को संसद में क्यों नहीं देखना चाहते? क्या सिर्फ यादव परिवार की डिम्पल यादव को ही संसद में जाने का अधिकार है? क्या ये अधिकार देश और उत्तर प्रदेश की आम महिलाओं को नहीं मिलना चाहिए? बेबी रानी मौर्या, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार आज देश की राष्ट्रपति एक महिला हैं, देश के कई उच्च पदों पर महिलाएं काम कर रहीं हैं और देश के विकास में अपना योगदान दे रहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के हित में जितना काम किया है, उतना इतिहास में कभी नहीं हुआ। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी निंदनीय कुप्रथा से आजादी मिली। अब जब देश की संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी को सुनिश्चित करने का वक्ता आया तो विपक्ष ने अपना महिला विरोधी चेहरा दिखा दिया। विजय लक्ष्मी गौतम, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी ने जिस भारत का सपना देखा है और जिस पर वे लगातार काम कर रहे हैं, उसमे अड़ंगा लगाना जैसे विपक्ष का मूल व्यवहार बन गया है। समाजवादी पार्टी मुख्यमंत्री योगी की महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं से वैसे ही घबराई हुई है और ऐसे में अगर महिलाओं को आरक्षण मिलता है तो प्रधानमंत्री ने जिस सशक्त भारत का सपना देखा है, वह पूरा होता। इसे विपक्ष और अखिलेश यादव पूरा होते देखना नहीं चाहते। रजनी तिवारी, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार एक महिला के सशक्त होने से सिर्फ परिवार ही सशक्त नहीं होता बल्कि समाज सशक्त होता है, उसका चौमुखी विकास होता है। देश की संसद में महिलाओं का योगदान बढ़ेगा तो देश के विकास को अतुलनीय रफ्तार मिलेगी, ये भला अखिलेश यादव और विपक्ष को कैसे स्वीकार होगा? फिर इनके परिवारवाद का क्या होगा? इसीलिए ये लोग विरोध कर रहे हैं। अदिति सिंह, विधायक, भाजपा

योगी सरकार के सुधारों से मदरसा बोर्ड परीक्षा में 18.29% बढ़ी छात्रों की संख्या

योगी सरकार के सुधारों से बढ़ा भरोसा, मदरसा बोर्ड परीक्षा में 18.29 % अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा पारदर्शी व्यवस्था, नकलविहीन परीक्षा और समयबद्ध परिणाम से मदरसा शिक्षा परिषद के प्रति बढ़ा विद्यार्थियों का विश्वास लखनऊ उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि यूपी मदरसा शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की परीक्षा में छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 12,510 अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जो मदरसा शिक्षा प्रणाली में बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है। साल 2025 में जहां कुल 68,423 विद्यार्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 80,933 पहुंच गई। यानी करीब 18.29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।  अभिभावकों का भरोसा हुआ मजबूत योगी सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, नकलविहीन माहौल और समयबद्ध परिणाम की व्यवस्था ने विद्यार्थियों तथा अभिभावकों का भरोसा मजबूत किया है। उल्लेखनीय है कि उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित अरबी-फारसी की मुंशी/मौलवी (सेकेण्डरी) एवं आलिम (सीनियर सेकेण्डरी) परीक्षा 9 फरवरी को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई थी। परीक्षा 71 जनपदों के 277 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली में मुंशी/मौलवी परीक्षा और दूसरी पाली में आलिम अरबी परीक्षा हुई। सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा केंद्रों की हुई मॉनिटरिंग मुंशी/मौलवी परीक्षा में कुल 62,232 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 32,389 छात्र और 29,843 छात्राएं शामिल थीं। वहीं आलिम परीक्षा में 18,701 विद्यार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 9,092 छात्र तथा 9,609 छात्राएं थीं। यह आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि मदरसा शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। योगी सरकार ने परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए थे। जनपद स्तर पर सचल दल, आंतरिक निरीक्षण टीम, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके साथ ही परिषद स्तर पर केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था लागू की गई, जिसके तहत सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग की गई। सख्त व्यवस्था का ही परिणाम रहा कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। मुख्यधारा से जुड़ी मदरसा शिक्षा मदरसा शिक्षा परिषद के अधिकारियों का कहना है कि मई माह में परीक्षा परिणाम घोषित करने की तैयारी भी अंतिम चरण में है। समय पर परिणाम आने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य शैक्षिक योजनाओं में लाभ मिलेगा। वहीं मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने, आधुनिक सुविधाएं देने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों ने सकारात्मक माहौल बनाया है। इसी भरोसे का परिणाम है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में छात्र-छात्राओं ने मदरसा बोर्ड परीक्षा में भाग लेकर सरकार की नीतियों पर अपनी मुहर लगाई है।

जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री

सदियों के आक्रमणों के बावजूद आज भी अडिग है सनातन आस्था: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित "सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश" का किया शुभारंभ जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की भी नहीं चली: सीएम एक ओर कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगा रही थी तो दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध कर रही थी: योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के नए युग में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों के बावजूद सनातन आस्था अडिग रही और आज “यतो धर्मस्ततो जयः” के भाव के साथ पुनः अपने स्वाभिमान के शिखर पर स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया और कहा कि आज वही सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को रवाना करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया। सनातन आस्था भी अजर-अमर पथ का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ नेतृत्व में अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है कि भारत की सनातन संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे, लेकिन हमलावर भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए। लगभग 1000 वर्ष पहले द्वादश ज्योतिर्लिंगों में देवाधिदेव महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भगवान के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला किया गया। आक्रांताओं ने भारत की धन-संपदा लूटी, मंदिरों को अपवित्र किया और सनातन आस्था पर प्रहार किया। लेकिन भारत के सनातन धर्म की अटूट आस्था भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही। आज 1000 वर्ष बाद जब हम देखते हैं तो भारत की सनातन आस्था पूरी दृढ़ता से विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, जबकि आक्रांताओं का कोई नामोनिशान इस धरती पर नहीं बचा है। यही है “यतो धर्मस्ततो जयः” का शंखनाद। आक्रांताओं की बर्बरता जिसे रोक नहीं पाई, तोड़ नहीं पाई और झुका नहीं पाई, वही सनातन आस्था आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाई जा रही है। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर भारतवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त हो। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और अनेक स्वर उठाए गए। भारत माता के सपूत, भारत की अखंडता के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पूर्ण जीर्णोद्धार होगा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर की गरिमामयी पुनर्स्थापना की जाएगी। लेकिन इस मार्ग में बाधक बने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। उनकी इच्छा थी कि यह कार्य न हो, परंतु सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की नहीं चली। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को आमंत्रित किया। तभी कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू फिर बाधक बन गए। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि राष्ट्रपति को इस आयोजन में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा। एक ओर कांग्रेस की सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू कर तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही थी और आतंकवाद की नींव रख रही थी, वहीं दूसरी ओर सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के प्रति, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के विरोध की परवाह किए बिना सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम को अपने हाथों से संपन्न किया। अयोध्या का नाम आते ही गूंजता है "जय राम" मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने आगे बढ़ाया था, उसी अभियान को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है। यह भारत के स्वाभिमान को, सनातन आस्था के गौरव को और हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 10-11 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज हर भारतवासी, देश या दुनिया के किसी भी कोने में जाए हर जगह एक ही आवाज गूंजती है और वह है जय राम। कोई भी भारतीय चाहे देश में हो या विदेश में, जब अयोध्या का नाम सुनता है तो स्वतः उसके मुंह से “जय राम” निकलता है और वह तुरंत कहता है कि उसे अयोध्या जाने की बहुत इच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्ष पहले जिन आक्रांताओं ने अयोध्या के राम मंदिर को अपवित्र किया और हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया था, आज उनका नाम तक लेने वाला नहीं बचा है। लेकिन सनातन की अटूट आस्था आज भी आकाश की ऊंचाइयों पर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और केसरिया ध्वज-पताका वहां लहरा रही है। … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी

योगी सरकार की पहल से पूरी हुई वर्षों पुरानी इच्छा, सोमनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की   लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 'उत्तर प्रदेश' का शुभारंभ किया। धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बीच शुरू हुई इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुई इस विशेष ट्रेन ने श्रद्धालुओं की आस्था को नया आयाम दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने का कार्य किया है।  श्रद्धालुओं ने सीएम योगी का जताया आभार  खासतौर पर मुजफ्फरनगर के बंती खेड़ा निवासी सतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से उनकी इच्छा थी कि बाबा सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने जाएं, लेकिन कभी अवसर नहीं मिला। सरकार की पहल से यह यात्रा शुरू होने से उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की भावनाओं को समझा है। वहीं बरेली की बिंदु इशिका सिंघानिया ने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाली पहल है। इससे एक राज्य के लोग दूसरे राज्य की संस्कृति को जान सकेंगे और युवा पीढ़ी भी अपनी परंपराओं से जुड़ेगी। बिंदु इशिका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।  यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान  आजमगढ़ के अनंत तिवारी ने कहा कि सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान है। कई लोग श्रद्धा रखते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव में तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। अब उन्हें भी सोमनाथ धाम जाने का अवसर मिलेगा। मेरठ के अनंत राना ने बताया कि वह पहली बार सोमनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को इस यात्रा से बड़ा लाभ मिलेगा। बिजनौर और गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार हर वर्ग की आस्था का सम्मान कर रही है। सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ के साथ योगी सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मुंबई की शानदार वापसी, गुजरात को 99 रन से रौंदा, अश्वनी का कमाल

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का 31वां मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच आज यानी 20 अप्रैल को खेला गया। इस मैच को मुंबई इंडियंस ने 99 रन से अपने नाम कर लिया। एमआई ने गुजरात पर यह बड़ी जीत दर्ज की है। इसका फायदा उनको नेट रन रेट में मिलेगा। बता दें कि मुंबई इंडियंस की यह लगातार चौथी हार के बाद पहली जीत थी। वहीं सीजन की एमआई की यह दूसरी जीत थी। उनके 4 अंक हो गए हैं। अब आईपीएल 2026 के पॉइंट्स टेबल में मुंबई 7वें पायदान पर आ गई है। गुजरात टाइटंस की बैटिंग पूरी तरह से फेल 200 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी पूरी तरह से फेल हो गई। 15.5 ओवर में 100 रन बनाकर ऑल आउट हो गए। गुजरात टाइटंस के लिए सर्वाधिक 26 रन वाशिंगटन सुंदर ने बनाए। उनके अलावा कोई भी खिलाड़ी गुजरात का 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। मुंबई इंडियंस के लिए अश्विनी कुमार ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। 2 विकेट मिचेल सैंटनर- अल्लाह गजनफर को मिले। 1-1 विकेट हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह ने भी लिया।साई सुदर्शन पहली बॉल पर ही पारी के आउट हो गए थे। उनको जसप्रीत बुमराह ने डक पर आउट कर दिया था। बता दें कि साई सुदर्शन आईपीएल 2026 में बुमराह की पहली विकेट बने। इन फॉर्म शुभमन गिल 14 तो जोस बटलर भी 5 रन बनाकर आउट हो गए। तिलक वर्मा ने ठोका तूफानी शतक तिलक वर्मा के नाबाद तूफानी शतक से मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग में सोमवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ पांच विकेट पर 199 रन बनाने में सफल रही। तिलक ने आईपीएल के अपने पहले शतक के दौरान 45 गेंद में 8 चौकों और 7 छक्कों से नाबाद 101 रन की पारी खेलने के अलावा कप्तान हार्दिक पंड्या (15 रन, 16 गेंद, एक चौका) के साथ पांचवें विकेट के लिए 81 और नमन धीर (45) के साथ चौथे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी भी की। गेंदबाजी में चमके अश्वनी कुमार 200 रनों का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस को पहली गेंद पर ही तगड़ा झटका लगा. जसप्रीत बुमराह ने साई सुदर्शन को आउट कर इस सीजन अपनी पहली विकेट हासिल की. इसके बाद बाएं हाथ के मीडियम पेसर अश्वनी कुमार ने जलवा दिखाते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए. मिचेल सैंटनर और गजनफर ने 2-2 विकेट झटके. गुजरात के लिए वाशिंगटन सुंदर ने सबसे अधिक 26 रन बनाए।  मुंबई ने आखिरी 4 ओवर में 73 रन जोड़े तिलक की पारी की बदौलत मुंबई की टीम अंतिम चार ओवर में 73 रन जोड़ने में सफल रही। टाइटंस की ओर से कागिसो रबाडा सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 33 रन देकर 3 विकेट चटकाए। मोहम्मद सिराज ने 25 जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 54 रन देकर 1-1 विकेट हासिल किया।

रोबोट ने 21 KM हाफ मैराथन 50 मिनट 26 सेकेंड में पूरी करके इंसान का रिकॉर्ड तोड़ा

बीजिंग बीजिंग में एक हैरान करने वाली घटना हुई. चीन की स्मार्टफोन कंपनी Honor के रोबोट लाइटनिंग ने 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन दौड़ पूरी की मात्र 50 मिनट और 26 सेकंड में. यह समय किसी भी इंसान के वर्तमान विश्व रिकॉर्ड से भी ज्यादा तेज है।   युगांडा के धावक जैकब किप्लिमो का मानव विश्व रिकॉर्ड 57 मिनट 20 सेकंड का है. लाइटनिंग ने इसे 6 मिनट 54 सेकंड से बेहतर समय में पूरा कर दिया. यह उपलब्धि चीन की रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी में बड़ी छलांग साबित हुई है।  लाइटनिंग एक ब्राइट रेड कलर का ह्यूमनॉइड रोबोट है. इसकी ऊंचाई 169 सेंटीमीटर है. दौड़ते समय यह अपने छोटे-छोटे हाथों को बैलेंस बनाए रखने के लिए हिलाता रहा. पूरा रेस खत्म होने तक इसकी रफ्तार नहीं घटी।  यह बिना थके, बिना रुके लगातार दौड़ता रहा और फिनिश लाइन पार कर गया. आयोजकों ने बताया कि इसकी स्वायत्त नेविगेशन सिस्टम और ताकतवर बर्स्ट पावर ने इसे जीत दिलाई।  पिछले साल से कितना सुधार हुआ? सिर्फ एक साल पहले लाइटनिंग और दूसरे रोबोट इंसानों से काफी पीछे चल रहे थे. लेकिन इस साल लाइटनिंग ने पूरे मैदान को पीछे छोड़ दिया. पिछले साल का चैंपियन रोबोट भी इस बार लाइटनिंग से लगभग दो घंटे पीछे रहा. हाफ मैराथन में 100 से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया, जो पिछले साल से पांच गुना ज्यादा है।  चीन रोबोटिक्स में क्यों आगे बढ़ रहा है? चीन सरकार 2015 से ही रोबोटिक्स को बहुत महत्व दे रही है. सरकार ने रोबोटिक्स को 10 प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया था ताकि चीन सस्ते मजदूर का देश होने की इमेज से बाहर निकल सके. 2025 तक बड़े पैमाने पर उत्पादन और मुख्य पार्ट्स की सप्लाई चेन मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है. इसी वजह से चीन में रोबोट स्पोर्ट्स इवेंट्स तेजी से बढ़ रहे हैं।  पिछले साल बीजिंग में दुनिया का पहला ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स आयोजित किया गया था, जिसमें रोबोट्स ने फुटबॉल, बॉक्सिंग और मार्शल आर्ट्स जैसी स्पर्धाओं में हिस्सा लिया. कुछ महीने पहले चीन के न्यू ईयर गाला में कुंग-फू कपड़े पहने रोबोट्स ने अपनी मार्शल आर्ट परफॉर्मेंस से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था. अब हाफ मैराथन जैसी घटनाएं इस क्षेत्र में चीन की तेज प्रगति को दिखा रही हैं।  अमेरिका से टेक्नोलॉजी की होड़ यह उपलब्धि चीन और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा में चीन की बढ़ती ताकत को दर्शाती है. अमेरिका के पास अभी भी ज्यादा एडवांस्ड ह्यूमनॉइड रोबोट मॉडल हैं, लेकिन चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है. लाइटनिंग की यह जीत चीन के लिए बड़ी बात है. लाइटनिंग रोबोट द्वारा बनाया गया 50 मिनट 26 सेकंड का रिकॉर्ड अभी के लिए किसी भी इंसान से बेहतर है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। 

टूटी सांसें, थमा जीवन: मनेंद्रगढ़ सड़क हादसे में युवक की दर्दनाक मौत, मुआवजे के बाद हुआ अंतिम विदाई का फैसला

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेंद्रगढ़ की सड़कों पर एक और ज़िंदगी अचानक थम गई, पीछे छोड़ गई रोता-बिलखता परिवार और गहरे दर्द की लकीरें। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक की पहचान होने के बाद जहां एक ओर परिजनों का दुख और गहरा हो गया, वहीं मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद भी अंततः समाप्त हो गया। भारी मन से परिजनों ने अब अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। इस बीच डीवी ग्रुप ने मृतक परिवार को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बंजी निवासी 37 वर्षीय राजभान सिंह अपने ससुराल ग्राम परसगढ़ी गए हुए थे। किसे पता था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा। परसगढ़ी में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य में लगे डीवी ग्रुप के पानी टैंकर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसा इतना भयावह था कि उनके सिर पर आई गंभीर चोटों के कारण शुरुआत में शव की पहचान तक मुश्किल हो गई। परिजनों की बेचैनी और अनिश्चितता के बीच मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल के जरिए मृतक की पहचान की और परिवार को सूचना दी। जैसे ही घटना की खबर गांव पहुंची, माहौल गम और गुस्से से भर गया। परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, न्याय और उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध शुरू हो गया। इस दुख की घड़ी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। आखिरकार जनदबाव और विरोध के बाद डीवी ग्रुप ने मृतक के परिजनों को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही बीमा की राशि दिलाने का आश्वासन भी दिया गया। मुआवजा मिलने के बाद परिजनों ने भारी मन से अंतिम संस्कार के लिए सहमति जताई। इस फैसले के साथ ही क्षेत्र में फैला तनाव कुछ हद तक कम हुआ, लेकिन एक परिवार की जिंदगी में जो खालीपन आया है, उसे कोई भी मुआवजा कभी भर नहीं पाएगा। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

जंगल की खामोशी में गूंजी चीख: महुआ बीनने गए ग्रामीण की हाथी हमले में दर्दनाक मौत

जंगल की खामोशी में गूंजी चीख: महुआ बीनने गए ग्रामीण की हाथी हमले में दर्दनाक मौत मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जीवनयापन की साधारण दिनचर्या निभाने जंगल गए एक ग्रामीण की जंगली हाथी के हमले में असमय मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के खोहरा गांव में घटित हुआ, जहां अब हर ओर सन्नाटा और भय पसरा हुआ है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय प्रेमलाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे वे खड़घाट जंगल में महुआ बीनने गए थे, शायद रोज की तरह कुछ उम्मीदों के साथ। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जंगल में अचानक सामने आए एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। असहाय प्रेमलाल उस भीषण हमले का सामना नहीं कर सके और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इधर, इस हादसे के बाद ग्रामीणों में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही को लेकर डर और चिंता दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में सतत निगरानी, अलर्ट सिस्टम और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग यूं न बुझ जाए।

कांग्रेस के कई जिला अध्यक्षों की बढ़ी मुश्किलें, दिग्गज नेताओं की कुर्सी पर मंडराया खतरा

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की आहट तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अब जिला अध्यक्षों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर सख्त फैसले की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक 9 से ज्यादा जिला अध्यक्षों की छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है। खास बात यह है कि जिन नेताओं से संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और जनता के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने की उम्मीद की गई थी, वे उसी कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। बताया जा रहा है कि कई ऐसे जिला अध्यक्ष भी डेंजर जोन में हैं, जिन्हें सीधे राहुल गांधी की सहमति से जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन संगठन विस्तार, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और जमीनी सक्रियता के मामले में उनकी रिपोर्ट बेहद कमजोर पाई गई। यही वजह है कि अब कांग्रेस नेतृत्व किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं दिख रहा। सूत्रों के अनुसार डिंडोरी जिला अध्यक्ष ओमकार सिंह मरकाम, सतना ग्रामीण के सिद्धार्थ कुशवाह, मंडला के अशोक मर्सकोले समेत ग्वालियर ग्रामीण, रतलाम शहर, मंदसौर, अनूपपुर, दतिया, रीवा ग्रामीण, मऊगंज और आगर मालवा के जिला अध्यक्षों की रिपोर्ट खराब बताई जा रही है। हालांकि कुछ जिलाध्यक्ष जातिगत और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के कारण राहत पा सकते हैं। करीब 8 महीने पहले संगठन सृजन अभियान के तहत इन जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। उद्देश्य था कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए, कांग्रेस की गतिविधियों को तेज किया जाए और जनता के मुद्दों पर लगातार संघर्ष किया जाए। लेकिन कई जिलों में अपेक्षित काम नहीं हुआ। AICC की ओर से वामसी चंद रेड्डी को समीक्षा के लिए भेजा गया था। उन्होंने चार दिनों तक वन-टू-वन चर्चा कर जिला अध्यक्षों की रिपोर्ट तैयार की। इस दौरान संगठन की मजबूती, ब्लॉक-मंडलम-पंचायत और वार्ड समितियों के गठन, AICC और PCC के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, प्रेस कॉन्फ्रेंस, धरना-प्रदर्शन, जिला कार्यकारिणी बैठकों और कनेक्ट सेंटर को रिपोर्टिंग जैसे कई बिंदुओं पर सवाल पूछे गए। जानकारी के मुताबिक डिंडोरी के ओमकार सिंह मरकाम और रतलाम ग्रामीण के सिद्धार्थ कुशवाहा ने तो अपने कामकाज की रिपोर्ट तक कनेक्ट सेंटर को नहीं भेजी, जिससे उनकी स्थिति और कमजोर मानी जा रही है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जिन नेताओं को संगठन की नई ऊर्जा बनने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी, वे अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। अब पार्टी ऐसे चेहरों को हटाकर नए और सक्रिय नेतृत्व को मौका देने के पक्ष में नजर आ रही है। आने वाले दिनों में इस पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है, जिससे प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में हलचल और तेज होना तय है।  

नई BMW F 450 GS भारत में 23 अप्रैल को होगी लॉन्च, कंपनी ने खोली प्री-बुकिंग

मुंबई   प्रीमियम दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी BMW Motorrad भारतीय बाजार में अपनी नई BMW F 450 GS एडवेंचर मोटरसाइकिल को 23 अप्रैल को आधिकारिक पर लॉन्च करने वाली है. लेकिन इससे पहले कंपनी ने अपनी इस मोटरसाइकिल की प्री-बुकिंग शुरू कर दी है. यह मिडिलवेट एडवेंचर मोटरसाइकिल, TVS Motor Company द्वारा BMW Motorrad के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी के तहत स्थानीय रूप से निर्मित की जाएगी. BMW-TVS साझेदारी के तहत स्थानीय रूप से निर्मित दोनों कंपनियों के सहयोग से पहले ही BMW G 310 R और BMW G 310 RR जैसे मॉडल तैयार किए जा चुके हैं, और इसके साथ ही इनके TVS समकक्ष — TVS Apache RR 310 और TVS Apache RTR 310 — भी आए हैं. भारत में BMW G 310 GS को रिप्लेस करेगी नई F 450 GS नई BMW F 450 GS, भारत की लाइनअप में BMW G 310 GS की जगह लेगी. बाजार में लॉन्च होने के बाद, संभावना जताई जा रही है कि यह देश में बिकने वाली सबसे किफ़ायती BMW Motorrad एडवेंचर मोटरसाइकिल बन जाएगी. यह मॉडल पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बेचा जा रहा है. BMW F 450 GS का इंजन इस मोटरसाइकिल में मिलने वाले इंजन की बात करें तो नई BMW F 450 GS में 420 cc का वॉटर-कूल्ड, ट्विन-सिलेंडर इंजन इस्तेमाल किया गया है, जो 8,750 rpm पर 48 hp की पावर और 6,750 rpm पर 32 Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है. इस इंजन में 13.0:1 का हाई कम्प्रेशन रेश्यो मिलता है, और यह थ्रॉटल-बाय-वायर के साथ इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन का इस्तेमाल करता है. इस इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिपर क्लच के साथ जोड़ा गया है, जबकि ट्रैक्शन कंट्रोल को BMW Motorrad DTC के ज़रिए मैनेज किया जाता है. यह मोटरसाइकिल एक स्टील ट्यूब फ्रेम पर बनाई गई है, जिसमें इंजन एक 'स्ट्रेस्ड मेंबर' (stressed member) के तौर पर काम करता है. BMW F 450 GS का हार्डवेयर बाइक में मिलने वाले सस्पेंशन की बात करें तो इसमें आगे की तरफ 43 mm के अपसाइड-डाउन फोर्क लगाए गए हैं, जबकि पीछे की तरफ एडजस्टेबल कम्प्रेशन और रिबाउंड डैम्पिंग वाले मोनोशॉक का इस्तेमाल किया गया है. इस बाइक में आगे की तरफ 19-इंच के व्हील्स और पीछे की तरफ 17-​​इंच के क्रॉस-स्पोक व्हील्स लगाए गए हैं. बाइक में ब्रेकिंग का काम 310 mm की फ्रंट डिस्क से लिया जाता है, जिसमें Brembo का चार-पिस्टन वाला कैलिपर लगाया गया है, और इसके साथ ही इसमें 240 mm की रियर डिस्क भी मिलती है, इन दोनों को BMW Motorrad ABS Pro का सपोर्ट मिलता है. इसके डाइमेंशन की बात करें तो, BMW F450 GS की सीट की ऊंचाई 33.3 इंच और व्हीलबेस 57.7 इंच है. इसमें 13.6 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है, और इसका वज़न 178 kg होने वाला है.