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मध्य प्रदेश में 10 जिलों में गर्म हवाओं का कहर, 21 से 23 अप्रैल तक लू का यलो अलर्ट, खजुराहो में तापमान 43 डिग्री

भोपाल   मध्यप्रदेश में बादल और बारिश की वजह से गर्मी में भले ही थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन एक बार फिर लोगों को जबरदस्त गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग ने भोपाल सहित 10 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों के अलावा बाकी जिलों में भी अधिकतम तापमान में 3 डिग्री तक का उछाल देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक 4 दिन बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।  अब रात में भी नहीं मिलेगा आराम 21 अप्रेल को प्रदेश के 10 जिलों में दिन के तापमान से ज्यादा रात के तापमान में बढ़त की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी में न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी होगी. 22 अप्रेल को 16 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।  23 अप्रैल को इन जिलों में चलेगी लू 23 अप्रेल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. 24 अप्रैल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में हीट वेव चल सकती है।  24 से फिर बदल सकता है मौसम मौसम वैज्ञानिक ई सुरेंद्रन ने बताया, '' अभी एक वेस्टर्न डिस्टनवेंस जम्मू कश्मीर और निकटवर्ती क्षेत्रों में बना हुआ है. उत्तर दक्षिण ट्रफ पूर्वी बिहार से दक्षिण पश्चिम मध्यप्रदेश तक बनी हुई है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 23 अप्रेल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है. माना जा रहा है कि 24 अप्रैल के बाद एक बार फिर प्रदेश में मौसम करवट ले सकता है।  खजुराहो में 42.5 पहुंचा तापमान राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 39.8 और इंदौर में 39.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. उधर ग्वालियर, चंबल सहित करीबन 20 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक बना हुआ है. सबसे अधिक तापमान में खुजराहो में 43 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. ग्वालियर में अधिकतम तापमान 42.5 रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा दतिया में 42.3 डिग्री, रतलाम में 42.3, श्योपुर में 42 डिग्री, रीवा में 42 डिग्री, सीधी में 42 डिग्री, नौगांव में 41.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 41.4, धार में 40.4, गुना में 40.6, ग्वालियर में 42.5, नर्मदापुरम में 40.9, खंडवा में 40 डिग्री, रायसेन में 41.6, दमोह में 40.4, टीकमगढ़ में 40 डिग्री, उमरिया में 40.7 तापमान रिकॉर्ड किया गया। 

जनता को राहत: छत्तीसगढ़ सरकार शुरू करेगी CM हेल्पलाइन, 24×7 शिकायत दर्ज करने की सुविधा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में जल्द सीएम हेल्पलाइन नंबर शुरू होने जा रहा है. 24 घंटे सक्रिय रहने वाले इस हेल्पलाइन नंबर पर राज्य का कोई भी व्यक्ति समस्या या फिर शिकायत कर सकेगा. अफसरों को इन समस्याओं का तय सीमा में निराकरण करना होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह जानकारी जशपुर के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में दी. उन्होंने बताया की सीएम हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों या फिर समस्याओं के निराकरण के लिए समय निर्धारित होगा. अगर तय समय पर शिकायत या समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव के लिए आहुत विशेष सत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की महिलाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जा रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया. इसे लेकर विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है. वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विष्णुदेव साय ने कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी को लेकर वहां के लोगों में काफी आक्रोश है. मैने भी पश्चिम बंगाल का दौरा किया है. लोग बदलाव लाना चाहते हैं, भाजपा की सरकार वहां जरूर बनेगी.

नोवाक जोकोविच ने विराट कोहली को लेकर किया बड़ा खुलासा, ‘विराट की वजह से ही क्रिकेट देखता हूं’

मुंबई  विराट कोहली और नोवाक जोकोविच। मौजूदा दौर में खेल की दुनिया के दो सबसे बड़े सितारे। एक क्रिकेट की दुनिया का किंग तो एक टेनिस जगत का बेताज बादशाह। दोनों अपने-अपने खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक। दोनों में दोस्ती भी है और एक दूसरे के लिए इज्जत भी। टेनिस आइकन नोवाक जोकोविच के देश सर्बिया में क्रिकेट बहुत लोकप्रिय नहीं है लेकिन ये टेनिस स्टार क्रिकेट को फॉलो करता है। वजह सिर्फ एक हैं- विराट कोहली। खेल की दुनिया का ऑस्कर कहे जाने वाले 'लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स' से इतर एक भारतीय न्यूज चैनल से बातचीत में जोकोविच ने किंग कोहली की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनकी वजह से ही उन्होंने क्रिकेट को फॉलो करना शुरू किया। उन्होंने साथ में ये उम्मीद भी जताई कि जब भी वह कभी भारत जाएंगे तो कोहली उनके साथ जरूर रहेंगे। जोकोविच ने जल्द ही भारत आने की भी बात कही। नोवाक जोकोविच ने टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में कहा, 'विराट कोहली मेरे दोस्त हैं और ऐसे शख्स हैं जिनका मैं सम्मान करता हूं, प्रशंसा करता हूं। ईमानदारी से कहें तो उनकी वजह से ही मैंने क्रिकेट को फॉलो करना शुरू किया। मैंने पहले भी इसे फॉलो किया लेकिन उनके जरिये और ज्यादा फॉलो करने शुरू किया। हम संपर्क में रहते हैं और उम्मीद करता हूं कि मैं जब भी आऊंगा (भारत), मैं कहना तो नहीं चाहता, लेकिन मैं जब भी भारत आऊंगा, वह मेरे साथ हो सकते हैं। हम थोड़ा बहुत टेनिस खेलेंगे और थोड़ा बहुत क्रिकेट। मस्ती करेंगे और स्पोर्ट का आनंद लेते हुए पॉजिटिव, गुड वाइब्स फैलाएंगे।' नोकाव जोकोविच ने खुद को भारत का फैन बताया। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही भारत आने का भी प्लान कर रहे हैं, जिसका वह लंबे समय से फैन रहे हैं। नोवाक जोकोविच टेनिस की दुनिया के बेताज बादशाह हैं। उन्होंने 24 बार ग्रैंड स्लैम जीता है। वह सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में मार्गरेट कोर्ट के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। कोर्ट ने महिला टेनिस में ये कमाल किया था। नोवाक जोकोविच ने कहा, 'मुझे व्यक्तिगत तौर पर भारतीय टेनिस और दुनियाभर के खेलप्रेमियों से सालों से जो सपोर्ट मिलता रहा है उस पर मेरा हमेशा प्यार, सम्मान और तारीफ का संदेश रहेगा। मेरा संदेश यह भी होगा- 'बहुत जल्द आपसे भारत में मिलेंगे' क्योंकि मुझे वहां जाने की जरूरत है। मैं पिछले कुछ सालों से भारत जाने की अच्छा रखता हूं। उम्मीद करता हूं कि मैं भारत जाऊंगा, मैच खेलूंगा या कुछ हो सकता है, बस जाऊंगा। मैं खुद को भारतीय लोगों के बहुत करीब पाता हूं।' लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स 2026 की बात करें तो मैड्रिड में हुए इस भव्य समारोह में टेनिस का दबदबा रहा। कार्लोस अल्काराज और एरिना सबालेंका को क्रमशः स्पोर्ट्समैन और स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर के सम्मान से नवाजा गया।

घर की उत्तर दिशा की ये गलतियां बुलाती हैं कंगाली, आज ही करें सुधार

वास्तु शास्त्र में घर की सभी दिशाओं का विशेष महत्व है। सबसे महत्वपूर्ण घर की उत्तर दिशा को माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा का संबंध धन के देवता कुबेर से है, जो बुद्धि और व्यापार का कारक है। इसलिए कहा जाता है कि घर की उत्तर दिशा में ऐसी चीजों को भूलकर भी नहीं रखना चाहिए, जिससे आर्थिक तंगी और तरक्की में बाधा आती है। आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि घर की उत्तर दिशा में किन चीजों को नहीं रखना चाहिए। नुकीली चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर दिशा में नुकीली चीजों को (सुई, टूटे हुए कांच और कैची आदि) रखने से आर्थिक तंगी और करियर में रुकावट आ सकती है। साथ ही परिवार में कलह-क्लेश की समस्या बढ़ सकती है। टूटी घड़ी या बंद घड़ी घर की उत्तर दिशा में टूटी घड़ी या बंद घड़ी को नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में कुबेर देव का वास माना जाता है। वास्तु के इस नियम का पालन न करने से परिवार के सदस्यों की तरक्की में बाधा आ सकती है। साथ ही करियर में नए अवसर प्राप्त नहीं होते। अगर आपने भी घर में बंद घड़ी रखी हुई है, तो उसे सही करवा लें और टूटी घड़ी को घर से बाहर कर दें। कबाड़ और गंदगी वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर दिशा में भूलकर भी गंदगी और कबाड़ नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है। इस तरह की गलती को करने से व्यक्ति को जीवन में धन की कमी का सामना करना पड़ता है। साथ ही कारोबार में नुकसान हो सकता है। मुरझाए या कांटेदार पौध इसके अलावा घर की उत्तर में दिशा में मुरझाए या कांटेदार पौधे भी रखने से बचना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन में बुरे परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। जूते-चप्पल धन के देवता कुबेर की दिशा में जूते-चप्पल रखने से परिवार के सदस्यों को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है और नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। अगर आपने भी इस तरह की गलती की है, तो उसमें आज ही सुधार कर लें।  

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर कदम: पश्चिम चंपारण में 500MW सोलर प्रोजेक्ट की तैयारी

बेतिया/पश्चिम चंपारण. जिले में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से रविवार को बेतिया में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की। इसमें दिल्ली से आई मंत्री कार्यालय की टीम, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और कोल इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जिले के समग्र विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक का प्रमुख विषय जिले में 500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव था। इस परियोजना से ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर कोल इंडिया को सूचित किया जाएगा। प्रक्रिया को तेज करने के लिए अगले सप्ताह संयुक्त निरीक्षण का कार्यक्रम भी तय किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए गौनाहा के भितिहरवा में 50 बेड के आयुष अस्पताल की स्थापना पर सकारात्मक सहमति बनी। इससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की होगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। जिससे जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। इसके अलावा, मंत्री ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत अन्य विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के विकास और अमृत सरोवरों के निर्माण व सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने बताया कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से इन योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने भी इन विकास योजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया।

IPL सट्टेबाजी पर बड़ा एक्शन: पंजाब के खन्ना में मनी ट्रेल सामने, ED की एंट्री

खन्ना/चंडीगढ़. खन्ना में आइपीएल सट्टेबाजी रैकेट के मामले में पुलिस जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां करोड़ों की अवैध कमाई के संकेत मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री तय मानी जा रही है, जिसकी जानकारी ईडी को भेज दी गई है। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों पर पुलिस ने आरोपितों के बैंक खातों में जमा करीब 42 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए हैं। प्राथमिक जांच में यह रकम सट्टेबाजी से जुड़ी होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस रिमांड के दौरान सामने आया कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि खन्ना से बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। करोड़ों रुपये की अवैध कमाई के संकेत भी मिले हैं। मुख्य आरोपित पहले ही गिरफ्तार पुलिस इस मामले में सट्टा किंग दिनेश छाबड़ा, उसके भाई करण छाबड़ा और दो साथियों महेंद्र सिंह राजा व नरेश कुमार बंटी को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। 12 अप्रैल को साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 44 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल और एक लैपटाप बरामद किया था। आरोपित लोगों को लालच देकर आनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसाते थे। ईडी अब आरोपितों की संपत्तियों, बैंक लेन-देन और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर सकती है। ठोस सबूत मिलने पर मनी लान्ड्रिंग के तहत भी कार्रवाई संभव है।

राइस मिल के गोदाम में आग से बड़ा नुकसान, कांकेर में धान-बारदाना राख

कांकेर. कांकेर जिले के कुलगांव में मंगलवार को अजीबी एग्रो राइस मिल में भीषण आग लग गई. घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. घटना में बड़ी मात्रा में बारदाना और धान को नुकसान पहुंचा है. पूरी घटना कोतवाली थाना इलाके की है. जानकारी के मुतबाकि, सूचना के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची है. वहीं मालिक मोहम्मद आवेश भी राइस मिल पहुंचे हैं. आग पर काबू पाने के लिए जद्दोजहद जारी है. घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धान के बोरों में लगी भ्यावह आग का मंजर नजर आ रहा है. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका राइस मिल मालिक मोहम्मद आवेश ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है. चांवल, धान और खाली बोरे सभी कुछ जल गया है. नुकसान का अभी आकलन नहीं किया जा सकता है. 

चीता संरक्षण के लिए मंदसौर में ऐतिहासिक कदम, प्रभास और पावक ने हासिल किया बड़ा मील का पत्थर

मंदसौर भारत के महत्त्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता की कहानी में एक और ऐतिहासिक पन्ना जुड़ गया है। दक्षिण अफ्रीका की धरती से आए दो चीता भाई प्रभास और पावक ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में अपना एक साल यानी 365 दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। तारीखों की नजर से देखें 3 साल का गौरवशाली सफर ​इन दोनों भाइयों का भारत में अब तक का सफर किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं रहा है: -​18 फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से उड़ान भरकर भारत की मिट्टी पर कदम रखा। -​2 साल (कूनो नेशनल पार्क): भारत की जलवायु, शिकार और वातावरण को समझने के लिए कूनो में लंबा समय बिताया। -​1 साल (गांधीसागर): आज गांधीसागर में इनका एक साल पूरा होना इस बात पर मुहर लगाता है कि यह अभयारण्य चीतों के लिए एक आदर्श और सुरक्षित घर है। भाईचारे और शिकार का अनूठा तालमेल ​​इनकी साझेदारी ही गांधीसागर में इनकी सफलता का सबसे बड़ा राज है। फील्ड टीम की निगरानी में इनके गठबंधन की कुछ ऐसी बारीकियाँ सामने आई हैं जो हैरान कर देने वाली हैं। -​शिकार की रणनीति: जब ये शिकार पर निकलते हैं तो दोनों के बीच एक मूक संवाद होता है। एक भाई शिकार का पीछा कर उसे थकाता है तो दूसरा सटीक घात लगाकर उसे दबोच लेता है। -​सुरक्षा का पहरा: भोजन करते समय ये कभी लापरवाह नहीं होते। जब एक शिकार खाता है, तो दूसरा मुस्तैद होकर चारों तरफ पहरा देता है। आराम करते समय भी दोनों अपनी पीठ जोड़कर विपरीत दिशाओं में मुँह करके बैठते हैं, ताकि 360-डिग्री सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। -संकट में साथ: टीम ने देखा है कि अगर एक भाई सुस्त महसूस करता है, तो दूसरा उसे छोड़कर ओझल नहीं होता। वह उसके इर्द-गिर्द ही रहता है, मानो उसे हिम्मत दे रहा हो। एलोग्रूमिंग (सामाजिक साफ़-सफ़ाई) उद्देश्य: यह सामाजिक संबंधों को मज़बूत करता है, विशेष रूप से नर चीतों के समूहों (भाई या करीबी नर साथी) और कभी-कभी माँ और शावकों के बीच। संदर्भ: यह अक्सर भोजन के बाद देखा जाता है, जिससे चेहरे जैसे कठिन स्थानों से खून और गंदगी को हटाने में मदद मिलती है। व्यवहार: इसमें दूसरे चीते को चाटना, कुतरना और रगड़ना शामिल है, जो एक आरामदायक और जुड़ाव भरा अनुभव हो सकता है। जुड़ी हुई आवाज़े: इन ग्रूमिंग सत्रों के दौरान अक्सर उनके 'पुर्राने' (Purring) की आवाज़ सुनी जा सकती है। ऑटोग्रूमिंग (स्वयं की साफ़-सफ़ाई) उद्देश्य: चीते अपने शरीर को साफ़ करने के लिए अपनी जीभ का उपयोग करते हैं, जो गंदगी और परजीवियों को हटाने और उनके फर (रौएं) के रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण है। प्रक्रिया: उनकी जीभ पर विशेष 'केराटिनाइज्ड पैपिला' (छोटी, खुरदरी, कंघी जैसी संरचनाएं) होती हैं, जो एक स्क्रबर की तरह काम करती हैं और गंदगी व ढीले बालों को हटाने में मदद करती हैं। बेहद जरूरी: यह ग्रूमिंग व्यवहार चीतों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और उनके समूहों में आपसी एकता बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक हैं।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री

fमहिला अधिकार के लिए सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिला आरक्षण पर विपक्ष के विश्वासघात के खिलाफ जन आक्रोश पदयात्रा में प्रदेश अध्यक्ष, दोनों उपमुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के नेता समेत पूरी सरकार के साथ शामिल हुए सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री  विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल, आक्रोशित महिलाएं दे रहीं सड़कों पर जवाब: सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के दोहरे चरित्र के विरुद्ध महिलाओं के जनाक्रोश को सीएम योगी ने दी आवाज तेज धूप भी नहीं रोक सकी आधी आबादी का आक्रोश, जनाक्रोश पदयात्रा में शामिल हुईं हजारों महिलाएं सपा-कांग्रेस की महिला-विरोधी राजनीति के खिलाफ राजधानी में सीएम योगी के नेतृत्व में उमड़ा जन-सैलाब आक्रोशित महिलाएं बोलीं, ‘सपा की पुरानी बीमारी-आधी आबादी से गद्दारी’ लखनऊ  नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लोकसभा में विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ ऐतिहासिक जनाक्रोश का साक्षी बना, जब महिला अधिकार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरे। उनके नेतृत्व में हजारों महिलाओं का हुजूम मुख्यमंत्री आवास से सिविल हॉस्पिटल होते हुए विधान भवन तक उमड़ पड़ा। इस जनाक्रोश पदयात्रा में सीएम योगी के साथ पूरा मंत्रिमंडल सड़क पर उतरा दिखाई दिया। यह कोई साधारण पदयात्रा या रैली नहीं थी, यह नारी सम्मान और उसके संवैधानिक अधिकारों पर हुए हमले का सीधा और बेहद तीखा जवाब था। विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं एवं लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, किंतु कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके सहित इंडी गठबंधन के दलों द्वारा इसे बाधित करने का प्रयास उनके अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी चेहरे  को उजागर करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इन दलों को अपनी नकारात्मक छवि सुधारने का अवसर दिया गया था, किंतु इन्होंने उसका दुरुपयोग करते हुए महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में देशभर में आधी आबादी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक ढंग से अपना आक्रोश प्रकट कर रही है। लखनऊ में प्रचंड गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के प्रति व्यापक जनसमर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश का एक-एक नागरिक आधी आबादी की इस न्यायोचित मांग के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने व्यापक परिवर्तन देखा है, जिसमें ‘महिला, गरीब, युवा और किसान’ इन चार जातियों को केंद्र में रखकर नीतियों का निर्माण किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश ने विकास और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित किए हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। स्वच्छ भारत मिशन केवल स्वच्छता का अभियान नहीं, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा का सशक्त माध्यम है, वहीं उज्ज्वला योजना केवल ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और स्वावलंबन को सुदृढ़ करने का माध्यम है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवारों को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने का सशक्त आधार बन रही हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, घरौनी वितरण जैसे प्रयासों ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ने का कार्य किया है। डबल इंजन की सरकार लगातार कार्य कर रही है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के दल हर योजना का विरोध करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला है और यह व्यवस्था वर्ष 2029 तक लागू हो जाए, इसको लेकर प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी ने सभी को आश्वस्त भी किया, इसके बावजूद इन विपक्षी दलों का जो आचरण रहा है, वह नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है। इसी कारण आज देशभर की महिलाएं इन दलों के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा युवा संबंधी अन्य योजनाएं इस दिशा में प्रभावी माध्यम बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने आक्रोश पदयात्रा में बड़ी संख्या में सहभागिता के लिए सभी महिलाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। तेज धूप भी नहीं रोक सकी संकल्प, हाथों में तख्तियां-होंठों पर प्रतिकार पूर्वाह्न लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री आवास से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा के समय भी चुभने वाली तेज धूप थी,  लेकिन महिलाओं का आक्रोश उससे कहीं अधिक धधक रहा था। हाथों में विपक्ष की कुत्सित राजनीति की निंदा करते हुए स्लोगन लिखी हुईं तख्तियां और ‘बहन- बेटियों का अपमान-नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, महिला अधिकारों पर वार-सपा-कांग्रेस जिम्मेदार, कांग्रेस का हाथ-नारी शक्ति के खिलाफ, नारी के सम्मान में-एनडीए मैदान में’ जैसे गूंजते नारों के साथ यह रैली विपक्ष की कायरता और राजनीतिक स्वार्थ को बेनकाब करती हुई आगे बढ़ी। हर कदम पर महिलाओं का हुजूम साफ संदेश दे रहा था- आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों पर कोई समझौता नहीं, कोई चुप्पी नहीं, कोई माफी नहीं। जनाक्रोश पदयात्रा में हजारों महिलाओं की सहभागिता ने साबित किया कि आधी आबादी इस मुद्दे पर खामोश नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पदयात्रा में केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक और सहयोगी दलों के नेता सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे। राजधानी लखनऊ के लिए यह एक अभूतपूर्व दृश्य था। रैली के दौरान पूरे मार्ग पर अनुशासन और उत्साह का अद्वितीय संगम देखने को मिला। युवा, वृद्ध, छात्राएं और कामकाजी महिलाएं, हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक सामाजिक … Read more

नेपाल में नई सरकार ने सैलरी सिस्टम में किया बड़ा बदलाव, कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

काठमांडू  नेपाल सरकार ने एक बड़ा और अलग फैसला लिया है, जिसके तहत अब सरकारी कर्मचारियों को हर महीने की बजाय हर 15 दिन में सैलरी दी जाएगी। Nepal में यह पहली बार होगा जब सैलरी का भुगतान महीने में दो बार (फोर्टनाइटली) किया जाएगा। यह फैसला 17 अप्रैल को वित्त मंत्रालय स्तर पर लिया गया और इसे लागू करने के लिए संबंधित सरकारी विभागों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यवस्था पूरी तरह से कब से लागू होगी। सरकार का मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, अगर कर्मचारियों को बार-बार पैसे मिलेंगे तो वे नियमित रूप से खर्च करेंगे, जिससे बाजार में पैसा तेजी से घूमेगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। दुनिया के ज्यादातर देशों में, खासकर दक्षिण एशिया में, सरकारी कर्मचारियों को मासिक सैलरी ही दी जाती है। India, Pakistan, Bangladesh, Bhutan, Sri Lanka और Maldives में अभी भी महीने में एक बार सैलरी देने की परंपरा है। हालांकि, इस नए फैसले को लागू करने में कुछ कानूनी अड़चनें आ सकती हैं। नेपाल के मौजूदा कानून के अनुसार सरकारी कर्मचारियों को हर महीने के अंत में सैलरी देने का प्रावधान है। इसलिए इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए कानून में बदलाव करना पड़ सकता है।  फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रूप से सैलरी हर 15 दिन में देना संभव है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा। सरकार इस पर विचार कर रही है कि अध्यादेश (Ordinance) लाकर इसे जल्दी लागू किया जाए। कुल मिलाकर, नेपाल का यह फैसला आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।